February 05, 2026
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राजनीति

राजनीति (1178)

दुर्ग / शौर्यपथ / नगर निगम के पूर्व महापौर चंद्रिका चंद्राकर ने आज दुर्ग शहर विधायक अरुण वोरा पर कोविड 19 के तहत 14 दिनों के होम कवांराटाईन नियम का खुलेआम उलंघन करने व जिला प्रशासन द्वारा इस पर कोई ठोस कार्यवाही नहीं किए जाने पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि अब राज्य में कोरोना संक्रमण तेजी बढ़ रहा है तथा राज्य सरकार द्वारा कल से 8 दिनों लॉक डॉउन कर आम लोगों के लिए कड़ाई करने जा रही है तब वहीं देश के सबसे संक्रमित राज्य दिल्ली से लौटने के पश्चात नियमानुसार होम कवांराटाईन होने के बजाए विधायक महोदय द्वारा खुलेआम अपनी ही राज्य सरकार द्वारा बनाए गए नियम का धज्जियां उड़ाते हुए अपने स्वागत से लेकर भंडार गृह निगम अध्यक्ष पदभार लेने तक मुख्यमंत्री से लेकर मंत्रियों तक और यहां शहर में स्थानीय स्तर पर महापौर जनप्रतिनिधि व आम लोगों से प्रतिदिन संपर्क कर जिस प्रकार सत्ता का दुरुपयोग कर जन समान्य के स्वास्थ्य को खतरे में डालने का प्रयास किया है वह अत्यंत निंदाजनक है और इस पर कड़ी कारवाही होनी चाहिए ।
इस सम्बन्ध में प्रेस को जारी एक वक्तव्य में पूर्व महापौर चंद्रिका चंद्राकर ने आज विधायक वोरा पर तीखा हमला करते हुए कहा है कि जब से प्रदेश में भूपेश बघेल की कांग्रेस सरकार बनी है तब से दुर्ग विधायक निरंकुश हो गए है निगम से लेकर प्रशासन तक शहर के प्रत्येक कार्यों में अपनी दबदबा दिखाने व वाहवाही लूटने की राजनीति के चलते वे नियम कानून को भी ताक में रखने से परहेज़ नहीं कर रहे है जिसका ताजा उदारहरण आज जनता ने भी देख लिया है कि किस प्रकार वे अपने पद व प्रभाव का दुरुपयोग कर जनस्वास्थ्य को खतरे में डाल रही है एक तरफ जब पूरी दुनिया कोराना के वैश्विक महामारी से जूझ रहा है तथा अब प्रदेश में भी यह वायरस तेजी फैल रहा है तब प्रशासन द्वारा आम जनता पर सख्ती बरती जा रही है लेकिन सरकार में बैठे लोगों द्वारा जब नियम कानून तोड़ी जा रही हो तो उस पर आखे बन्द कर ली जाती है यह आम व खास में फर्क नहीं होनी चाहिए पूर्व महापौर ने आगे कहा कि देश की राजधानी दिल्ली इस समय सबसे ज्यादा कोरॉना संक्रमित राज्यो में से एक है यहां की भूपेश बघेल सरकार ने ही यह नियम बनाए है कि कोई भी व्यक्ति जब दूसरे राज्य से लौटेंगे तो उन्हें नियमतः 14 दिनों के लिए होम कवांराटाईन होना अनिवार्य है पर यहां विधायक महोदय ने तो सारे हदे पार कर दी है दिल्ली से लौटने के दूसरे दिन राज्य शासन में बेवरेज निगम अध्यक्ष बनने की खुशी में लोगो के स्वास्थ्य को भी दरकिनार कर अपने स्वागत कराने न केवल निगम कार्यालय में भीड़ इकट्ठा किया और महापौर सहित तमाम अधिकारी व जनप्रतिनिधि से मिले बल्कि राजधानी में मुख्य मंत्री से भी मिल आए और उनके घर पर खाद्य मंत्री तक पहुंच गए वहीं स्वास्थ्य विभाग द्वारा खानापूर्ति करते हुए 4 दिनों बाद घर के पिछले दरवाजे में होम कवारानिय का सूचना चस्पा करना और उसके बाद भी विधायक महोदय द्वारा राजधानी जाकर मंत्री व अपने समर्थकों की मौजूदगी में कार्यभार ग्रहण करना यह सरासर नियम कानून का धज्जियां उड़ाना है इस पर सरकार व प्रशासन को जवाब देना चाहिए कि जब वह लॉक डॉउन कर गरीबों से लेकर आम जन को घर से निकलने पर प्रतिबंधित कर रहे है तो नियम तोड़ कर खुलेआम घूमने वाले विधायक पर क्या कार्यवाही करेंगे यह आम व खास का भेदभाव बन्द करना चाहिए पूर्व महापौर चंद्रिका चंद्राकर ने जिला प्रशासन से मांग कि है कि वे कोरोना के मामले पर भेदभाव पूर्ण कार्यवाही बंद कर कोवीड 19 नियम का उलंघन करने वाले विधायक अरुण वोरा के खिलाफ कड़ी कार्यवाही करते हुए उनके संपर्क में आने वाले सभी राजनेताओं व जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों को भी होम कवांराटाईन करने की मांग की है।

आदिवासी विरोधी रमन सरकार में 15 साल तक मंत्री रहे बृजमोहन अग्रवाल बताएं उस दौरान आदिवासियों पर हो रहे अत्याचार पर मौन क्यों थे?
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार असंगठित कर्मकार सामाजिक सुरक्षा योजना के जरिए कर रही है तेंदूपत्ता संग्राहको की हितों की रक्षा

रायपुर / शौर्यपथ / पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं विधायक बृजमोहन अग्रवाल के बयान पर कांग्रेस ने पलटवार किया प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि आदिवासी विरोधी रमन भाजपा शासनकाल में 15 साल तक मंत्री रहे बृजमोहन अग्रवाल बताये उस दौरान आदिवासियों पर हो रहे अत्याचार,आदिवासियों के कानूनी अधिकारों के हनन पर मौन क्यों थे?उनकी बोलती क्यो बंद थी?भाजपा नेता पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल को मोदी सरकार के द्वारा तेंदूपत्ता संग्राहको की बीमा योजना बंद करने पर सवाल जनजाति मामलों के राज्यमंत्री रेणुका सिंह से पूछना चाहिए? मोदी सरकार के द्वारा तेंदूपत्ता संग्राहको की बीमा योजना बंद करने पर जनजाति मामलों के राज्यमंत्री रेणुका सिंह,राज्यसभा सदस्य रामविचार नेताम,सांसद गोमती साय, सांसद मोहन मंडावी,सहित भाजपा के सांसद मौन क्यों हैं ?जीवन बीमा निगम के माध्यम से दो बीमा योजना संचालित होती रही आम आदमी बीमा योजना एवं प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना बीमा योजना की 50% राशि भारत सरकार 37.5% राशि राज्य सरकार और 12.5% राशि छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी वनोपज संघ के द्वारा वहन किया जाता था।बीमा योजना हेतु राज्य सरकार ने 2019-20 के लिए प्रीमियम राशि जमा करने के लिए ₹13.20करोड़ का प्रावधान बजट में रखा था लेकिन मोदी सरकार तेंदूपत्ता संग्राहको के बीमा प्रीमियम का 50%राशि जमा करने के बजाय बीमा योजना को ही बंद कर दिया।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि 15 साल के रमन भाजपा शासनकाल के दौरान भी अनुसूचित जाति जनजाति के हक अधिकार एवं पांचवी अनुसूची क्षेत्रों के मिले अधिकारों का हनन किया गया। आदिवासियों के जल जंगल जमीन को हथियाने के लिए निरंतर भाजपा शासनकाल में पांचवी अनुसूची क्षेत्रों को मिले कानूनी अधिकारों का हनन किया गया। उस दौरान भी वर्तमान भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय मौन थे और आज भी मोदी सरकार के द्वारा अनुसूचित जाति जनजाति वर्गों के हक अधिकार को खत्म किया जा रहा है तब भी मौन है?
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि बृजमोहन अग्रवाल 15 वर्ष रमन सिंह सरकार में मंत्री रहे और तब उन्हें आदिवासी हित की याद क्यों नहीं आई ? भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में वादा किया था कि हर आदिवासी परिवार को 10 लीटर दूध देने वाली जर्सी गाय दी जाएगी और और आदिवासी परिवार से एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाएगी । जब भाजपा सरकार ने यह वादे पूरे नहीं किये तब बृजमोहन अग्रवाल को आदिवासी हित की याद क्यों नहीं आई ? 15 वर्ष भाजपा शासनकाल में आदिवासियों पर जो अत्याचार हुए जिस तरीके से आदिवासियों की जमीनों की अफरा-तफरी की गई टाटा प्लांट बंद होने के बाद आदिवासियों की जमीन उनको वापस नहीं की गई मीना खलखो सारकेगुड़ा पेद्दागेलूर झलियामारी एडसमेटा जैसी घटनाओं में आदिवासियों की जान गई, उन पर अत्याचार किये गए तब बृजमोहन अग्रवाल खामोश रहे और अब कांग्रेस की सरकार पर आरोप लगाने के लिए झूठ का सहारा ले रहे हैं इससे ज्यादा दुखद और क्या हो सकता है ?मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार ने पूर्व के रमन सरकार के द्वारा जबरिया अधिग्रहित की गई 1700 आदिवासी परिवारों के 4000 एकड़ जमीन को लौट आने का ऐतिहासिक काम किया है। तेंदूपत्ता का मानक दर 2500 प्रति बोरा से बढ़ाकर ₹4000 प्रति मानक दर ने खरीदी हुआ। 35 से अधिक वनोपज को समर्थन मूल्य में खरीदने की गई । महामारी संकटकाल में देशभर में कुल 138 करोड़ की वनोपज की खरीदी हुई है। जिसमें छत्तीसगढ़ ने ही 112 करोड़ रुपए का वनोपज खरीदी हुई। भाजपा शासित राज्य मध्यप्रदेश में 81 लाख उत्तर प्रदेश में निरंक,गुजरात में एक करोड़ 73 लाख की वनोपज की खरीदी हुई है।

दुर्ग । शौर्यपथ । छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री राजेंद्र साहू ने गोधन न्याय योजना को लेकर भाजपा नेताओं की बयानबाजी का तीखा जवाब दिया है। राजेंद्र ने कहा कि वर्षों से राजनीति करने के बावजूद कई भाजपा नेताओं की समझ विकसित नहीं हो पाई है। भाजपा नेताओं को योग और ध्यान करना चाहिए ताकि उनकी समझ विकसित हो सके। राजेंद्र ने कहा कि पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर सहित अन्य भाजपा नेताओं का ऊलजलूल बयान छत्तीसगढ़ की जनता और गौमाता का अपमान है। राजेंद्र ने कहा कि हमारे पुरखों ने हरियर छत्तीसगढ़, खुशहाल छत्तीसगढ़, सुग्घर छत्तीसगढ़ और समृद्ध छत्तीसगढ़ का सपना देखा था। भूपेश सरकार ने नरवा, गरूवा, घुरवा अऊ बारी योजना के बाद किसान न्याय योजना लागू कर उन सपनों को पूरा करने की दिशा में एक बड़ा कदम आगे बढ़ाया है। गोबर खरीदने के निर्णय से भूमिहीन और पशुपालकों को रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। इस योजना से गांव आत्मनिर्भर बनेंगे। अनाज का उत्पादन भी बढ़ेगा। राजेंद्र ने तीखे लहजे में कहा कि गौमाता की रक्षा का ढोंग करने वाले भाजपा नेता गोधन न्याय योजना को लेकर ऊलजलूल बयान दे रहे हैं। 15 साल तक रमन सरकार के कार्यकाल में गौरक्षा के नाम पर सिर्फ भ्रष्टाचार हुआ। सच ये है कि भाजपा सरकार में गौशाला के नाम पर चारा घोटाला किया गया। इसमें भारी भ्रष्टाचार हुआ। सैकड़ों गायों की मौत भूख से हो गई। भूपेश सरकार ने गौठान बनाकर गौमाता के चारे-पानी की बेहतर व्यवस्था की है। भाजपा नेताओं पर आरोप लगाते हुए राजेंद्र ने कहा कि पूर्ववर्ती भाजपा सरकार ने उन्हीं योजनाओं को लागू किया, जिसमें उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने के साथ बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार की संभावनाएं थी। रतनजोत के बीज से डीजल बनाने की योजना में करोड़ों रुपए खर्च कर एक लीटर भी डीजल नहीं बना। मोबाइल वितरण योजना से अंबानी की कंपनी को लाभ पहुंचाया गया। उन्होंने कहा कि भूपेश सरकार ने किसानों का कर्ज माफ करने के अलावा 25 सौ रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी, हाफ बिजली बिल जैसी योजनाएं लागू की है और अब गोबर खरीदने की योजना से किसानों और आम जनता को सीधा लाभ मिलेगा। बड़े उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने में माहिर भाजपा नेता जनहितैषी योजनाओं को पचा नहीं पा रहे हैं, क्योंकि यह योजना शुद्ध रूप से ग्रामीणों, युवाओं और महिलाओं को लाभ देने वाली योजना है। राजेंद्र ने कहा कि गोधन न्याय योजना की तुलना शराब दुकान से करना भाजपा नेताओं की ऊलजलूल बयानबाजी का नमूना है। भाजपा नेताओं का यह बयान उनकी विकृत मानसिकता को दर्शाता है। छत्तीसगढ़ की जनता इसे बर्दाश्त नहीं करेगी। -0-

रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ स्टेट वेयरहाउसिंग कार्पोरेशन के नवनियुक्त चेयरमेन अरूण वोरा ने आज पदभार ग्रहण कर लिया। नई राजधानी स्थित कार्पोरेशन के कार्यालय में खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने उन्हें पदभार सौंपा। गौरतलब है कि कार्पोरेशन के चेयरमेन का पद अभी तक भगत संभाल रहे थे। आज उनकी मौजूदगी में वोरा ने कार्पोरेशन के चेयरमेन का पदभार ग्रहण किया।
इस मौके पर भगत ने कहा कि वरिष्ठ विधायक अरूण वोरा की सादगी, सीधे सरल स्वभाव और ईमानदार छवि के सभी कायल हैं। स्टेट वेयरहाउसिंग कार्पोरेशन के चेयरमेन की जिम्मेदारी वोरा को दी गई है। कार्पोरेशन में काम करने की काफी संभावनाएं हैं। वोरा अपने अनुभव के कारण कार्पोरेशन के कार्यों को विस्तार देने के साथ ही आय के श्रोत विकसित कर लाभ बढ़ाने में सफल होंगे। उन्होंने वोरा को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि कार्पोरेशन के कार्यों के विस्तार के लिए हरसंभव सहयोग किया जाएगा।
पदभार ग्रहण के दौरान विभागीय अफसरों, कर्मचारियों को संबोधित करते हुए वोरा ने सबसे पहले चेयरमेन पद पर नियुक्ति के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को धन्यवाद देते हुए कहा कि वे मुख्यमंत्री के भरोसे पर खरा उतरने हरसंभव प्रयास करेंगे। वोरा ने कहा कि कार्पोरेशन में तीन बिंदुओं पर फोकस करना होगा। पहला कार्य क्षमता के विकास का होगा, जिसमें गोडाउन की स्टोरेज क्षमता बढ़ाने नए गोडाउन निर्माण करना जरूरी है। आधुनिक तकनीक और उच्च गुणवत्ता के साथ स्टोरेज क्वालिटी रखने पर ध्यान केंद्रित करना होगा, ताकि गोडाउन में रखी सामग्री को होने वाले नुकसान का प्रतिशत शून्य करें ताकि अन्न सहित अन्य किसी भी सामग्री की बर्बादी न हो। इसके अलावा कार्पोरेशन के फायदे को और बढ़ाने पर केंद्रित किया जाएगा।
पदभार ग्रहण करने के दौरान कार्पोरेशन के निवर्तमान एमडी एलेक्स पाल ने कहा कि 2019-20 में कार्पोरेशन को कुल 170 करोड़ का लाभ हुआ। पूरे प्रदेश में 1450 स्थानों पर गोडाउन बनाने सहित 14 करोड़ की लागत से लैब का निर्माण करने की योजना पर भी आगामी दिनों में काम शुरू किया जाएगा जिससे रेडी टू ईट फूड एवं दुग्ध उत्पादों का लैब टेस्ट राज्य में ही संभव हो सकेगा। इस मौके पर कार्पोरेशन के एमडी नीलेश क्षीरसागर, महाप्रबंधक डॉ. कन्नौजे सहित विभागीय अधिकारी, कर्मचारी मौजूद थे।
बाद में वोरा ने कार्पोरेशन के कार्यालय भवन के सभी सेक्शन का कामकाज देखा। सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के कक्ष में जाकर मुलाकात की और परिचय लेने के साथ ही बेहतर कार्यशैली से काम करने की नसीहत दी। पदभार ग्रहण करते समय खाद्य निगम के नवनियुक्त अध्यक्ष गुरप्रीत बाम्बरा, विधायक मोतीलाल देवांगन, दुर्ग के महापौर धीरज बाकलीवाल, सीजू एंथोनी, प्रदेश युकां अध्यक्ष कोको पाढ़ी, संदीप वोरा, सुमीत वोरा, अंशुल पांडेय, आयुष शर्मा सहित अन्य लोग मौजूद थे।

कोविड-19 के तहत क्वारांटाईन किए गए विधायक वोरा के संपर्क में आने वाले नेताओं जनप्रतिनिधियों व कर्मचारियों को भी होम क्वांराटाईन किए जाने को लेकर भाजयुमो ने जिलाधीश व स्वास्थ्य अधिकारी को ज्ञापन सौंपा..

    दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्ग शहर के विधायक अरुण वोरा कुछ दिनों पूर्व दिल्ली प्रवास पर थे और उनके दिल्ली से वापसी आने पर कोविड-19 के नियमों के तहत उन्हें होम क्वांराटाईन होना था पर उनके द्वारा नियमों को ताक में रखकर नगर निगम के अधिकारी कर्मचारियों महापौर और तो और प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की उन सभी मिलने वाले वरिष्ठ नेताओं जनप्रतिनिधि महापौर को होम क्वांराटाईन किए जाने को लेकर तथा विधायक निवास के पीछे दरवाजे पर गुपचुप तरीके से चस्पा की गई कवरिंटी न सूचना पर जिला अध्यक्ष दिनेश देवांगन के नेतृत्व में दुर्ग जिलाधीश एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के नाम ज्ञापन सौंपा गया कड़ी आपत्ति दर्ज कराते हुए मांग की गई कि जनता स्वास्थ्य से लापरवाही ना हो इसके लिए संपर्क में आए नेताओ व अधिकारियों सहित सभी को जल्द से जल्द क्वांराटाईन किया जाए इस दौरान जिला भाजयुमो मंत्री राहुल दीवान,प्रचार मंत्री राजा महोबिया,गौरव शर्मा,मंडल अध्यक्ष तेखन सिन्हा सहित उपस्थित कार्यकर्ताओं ने विधायक के खिलाफ जोरदार नारेबाजी किया।

     इस अवसर पर भाजयुमो जिला अध्यक्ष दिनेश देवांगन ने कहा कि कोविड-19 के तहत केंद्र एवं राज्य शासन के द्वारा लागू किए गए नियमों के तहत किसी भी दूसरे राज्य से विशेषकर संक्रमित क्षेत्र से आए व्यक्ति को लौटने के पश्चात 14 दिनों का होम क्वॉरेंटाइन किए जाने का का प्रावधान है किंतु इस मामले में दुर्ग शहर विधायक अरुण वोरा द्वारा देश के सबसे ज्यादा कोरोना संक्रमित राज्य दिल्ली प्रवास से लौटने के पश्चात एक राज्य सरकार के जिम्मेदार जनप्रतिनिधि होने के बावजूद इस नियम का पालन नहीं किया बल्कि 15 जुलाई की रात्रि दिल्ली से वापसी के बाद दूसरे दिन राज्य शासन में भंडार निगम के अध्यक्ष नियुक्त होने पर नगर निगम दुर्ग कार्यालय पहुंचकर अपने स्वागत समारोह में शामिल हुए इसमें महापौर धीरज बाकलीवाल सहित कांग्रेस पार्षदों व कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ इकट्ठा हुई थी जिस की उपस्थिति में विधायक अरुण वोरा द्वारा बधाई स्वीकार किया गया इस अवसर पर निगम के कमिश्नर से लेकर कई अधिकारी भी शामिल हुए थे क्योंकि बाद में इस मामले पर मीडिया व अन्य लोगों की व्यापक प्रतिक्रिया सामने आने पर जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा कल 20 जुलाई को विधायक महोदय को होम क्वॉरेंटाइन कर तथा सूचना घर के पीछे के दरवाजे पर चस्पा किया गया किंतु इसके पूर्व विधायक वोरा द्वारा ना केवल निगम कार्यालय के भीड़ में शामिल हुए थे बल्कि इस बीच उन्से खाद्य मंत्री अमरजीत सिंह घर पर मिल चुके हैं तथा विधायक महोदय द्वारा स्वयं रायपुर जाकर मुख्यमंत्री जी से भी मुलाकात कर चुके हैं जिसे भी होम क्वांराटाईन किया जाना चाहिए ऐसे में विधायक अरुण वोरा के घर के पिछले दरवाजे पर होम क्वॉरेंटाइन का सूचना चस्पा किया जाना सिर्फ और सिर्फ लीपापोती व खानापूर्ति जैसा है ऐसी स्थिति में जिला भारतीय जनता युवा मोर्चा यह मांग करती है कि कोरोनावायरस संक्रमण के बढ़ते दौर के मामले को देखते हुए नियमानुसार ऐतिहातन के तौर पर विधायक वोरा के संपर्क में रहने वाले जितने भी जनप्रतिनिधि नेताओं तथा कार्यकर्ताओं व अधिकारियों द्वारा प्रत्यक्ष मुलाकात के हैं उन्हें भी चिन्हित कर क्वॉरेंटाइन किया जाना चाहिए ताकि संक्रमण का चैन तोड़ने में सहायता मिल सके।
ज्ञापन सौंपने के दौरान स्कच्छता प्रकल्प संयोजक अनुपम मिश्रा, पटरी पार सिकोला भाठा मंडल अध्यक्ष तेखन सिन्हा महामंत्री विनीत ताम्रकार बंटी चौहान शुभम साहू दीपक सिन्हा,ज्वाला मरकाम, हरीश देवांगन रवि यादव विश्वजीत देशमुख सोनू देवांगन सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

    रायपुर / शौर्यपथ / प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि राजस्थान में लोकतंत्र की सरेआम हत्या के प्रयासों में भाजपा का खुला खेल जग-जाहिर तो हो ही गया था। आज भाजपा ने अपनी प्रेस वार्ता में स्वीकार भी लिया कि खरीद फरोख्त तो हुई है, लोकतंत्र की हत्या भी हुई है, संविधान को कुचला भी गया है, भाजपा को आपत्ति इस बात की है कि रिकॉर्डिंग क्यों हुई? उन्हें इस बात की शिकायत है कि जब यह सब हो रहा था तो उसकी रिकॉर्डिंग क्यों हो रही थी। यानी की चोर मान रहा है कि वह चोरी कर रहा है, मात्र यह जानना चाहता है कि जब वह चोरी कर रहा था तो वहां कैमरा क्यों लगा हुआ था। हत्या का आरोपी यह कहे कि जिस गवाह ने मुझे हत्या करते हुए देखा और पुलिस को सूचित किया, उसने मेरे कमरे में झांक कर मेरी निजता की स्वतंत्रता को भंग किया।
    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि भाजपा का चरित्र ही सत्तालोलुप्ता है। 2013 के विधानसभा चुनाव के दौरान छत्तीसगढ़ में झीरम घटी राजनीतिक षड़यंत्र हत्याकांड हुआ। अंतागढ़ उपचुनाव में रमन भाजपा चुनाव हारने के डर से उपचुनाव में खरीद फरोख्त की। निर्दलीय उम्मीदवारों की नाम वापस लेने डराया धमकाया गया। झूठे मामलों में फंसाने की धमकी दी। कांग्रेस के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी को होटल में नजरबंद करने की कोशिश तक की गयी। होटल की लाईट बंद कर दी गई। दरअसल भाजपा के चरित्र में ही लोकतंत्र के विपरीत कार्य कर सत्ता प्राप्त करना है।
सवाल ये है कि कांग्रेस के किसी विधायक ने ये आरोप नहीं लगाया कि उनका फ़ोन टैप किया गया। आरोप कौन लगा रहा है? आरोप लगा रहा है भाजपा का राष्ट्रीय प्रवक्ता ! आरोप लगा रही है भाजपा की केंद्रीय इकाई ! ज़ाहिर है उन्हें भय है कि जाँच के बाद सारा षड्यंत्र सामने आएगा। और ऊपर के नेतृत्व से बहुत सारे तार जुड़े होने के प्रमाण सामने आएँगे इसलिए भाजपा अपने ऊपर लगे लोकतंत्र की हत्या के गंभीर आरोपों का जवाब देने के बजाय उल्टा आरोप लगा कर बचना चाह रही है।
    आज यह स्पष्ट हो गया है कि चोर डरा भी हुआ है। चोर को यह भी पता है कि इस प्रकरण में न केवल एक केन्द्रीय मंत्री, बल्कि उस मंत्री के ऊपर के भी कई नेता फंसने वाले हैं। शुक्रवार रात और शनिवार को भाजपा को बेनकाब करते हुए कुछ तथाकथित ऑडीओ टेप सामने आए। तत्पश्चात कुछ लोगों के विरूद्ध मुकदमा दर्ज हुआ एवं एसओजी की टीम मानेसर के उस होटल में पहुंची जहां मनोहर लाल खट्टर की पुलिस के कब्जे में कांग्रेस के कुछ विधायक बंद हैं।
इतिहास में यह पहली बार हुआ है कि जांच रोकने के लिए भाजपा खुलकर अपने सरकारी अमले का दुरूपयोग करते हुए मैदान में आ गई। कांग्रेस के उन विधायकों का वॉयस सैंपल नहीं लेने नहीं दिया गया, जिनकी आवाज़ इन तथाकथित आडियो टेप में सुनाई दे रही है। उन विधायकों के साथ-साथ बाकी विधायकों को भी पिछले दरवाज़े से निकाल कर गायब करवा दिया गया। यह भाजपा की तड़ीपार संस्कृति है।
आखिर क्या कारण है कि सचिन पायलट जी को राजस्थान पुलिस से ज्यादा भरोसा हरियाणा पुलिस पर है ? आखिर क्या कारण है कि एक तरफ तो आप अदालत में भी कह रहे हैं कि आप कांग्रेस में हैं, और दूसरी तरफ आप भाजपा के संरक्षण में हरियाणा में बैठे हैं ? आखिर क्या कारण है कि एक तरफ तो भाजपा संबंधित नामी-गिरामी वकील कोर्ट में साबित कर रहे हैं कि यह विधायक कांग्रेस में हैं, और दूसरी तरफ भाजपा के संरक्षण में वॉयस सैंपल देने से बचकर पिछले दरवाजे से निकल जाते हो ? सुनने में आया है कि अब इन विधायकों को भाजपा शासित कर्नाटक में ले जाने के प्रयास हो रहे हैं। आखिर क्या कारण है कि जिन विधायकों पर कोई एफआईआर दर्ज नहीं हुई, उन्हें क्यों भाजपा के संरक्षण में गायब करवा गया ?
         राजनीतिक प्रतिद्वंदियों को फोन टेप करना तो दूर, साधारण नागरिकों तक पर स्नूपिंग की गई आम नागरिको के फोन टेप करके उनकी निजता भंग की जा रही है। नीतीश कुमार जी ने ‘हैबिचुअल टेपर’ तक बीजेपी को कहा। ऐसे लोग जब पूछते हैं कि टेपिंग कैसे हुई, क्यों हुई, क्या हुआ? अरे भाजपा तो सत्ता में बने रहने और सत्ता हथियाने के लिए आज तक क्या करती आई है?
        महाराष्ट्र हो, कर्नाटक हो, बंगाल हो, जहाँ ममता जी ने भी ये आरोप लगाए हैं कि उनके स्वयं फोन टेप हो रहे है। अनिल देशमुख जी ने भी, कईयों ने आरोप लगाए हैं, तो लगातार आरोप लगते आए हैं जिस पार्टी पर, वो आज शराफत में सामने आकर कह रही है कि फोन कैसे टेप होते हैं, रिकोर्डिंग कैसे आती है और ये कहने के चक्कर में गलती उनसे ऐसी हो गई कि आज स्वयं स्वीकर कर लिया आज कि हां, चोरी भी कर ली, हत्या भी कल ली, पर आपको कैसे मालूम पड़ा? आपने जो टेपिंग की, जो भी रिकोर्डिंग आई है, ये किसने की है? ये कानूनी है या गैर कानूनी है? अरे जो आपने किया क्या वो कानूनी है? पहले तो उस पर जवाब दीजिए संबित पात्रा जी या जो भी उनके नेता प्रेस वार्ता में हैं? बड़ी रोचक और रहस्यमय बात ये है कि जिन विधायकों पर ये आरोप है, वो ये नहीं कह रहे हैं कि उनका फोन टेप हुआ है, कह कौन रहा है जो दिल्ली से भाजपा के प्रवक्ता। भाजपा के नेता घबराए हुए हैं। जैसा मैंने आपको कहा कि अभी तो एक केन्द्रीय मंत्री है, इनको डर है कि चोर की दाड़ी में तिनका तो होता ही है। अब इनको ये भय है कि ऊपर के भी लोग फंसेगे, जिन-जिनका इसमें योगदान रहा है, भूमिका रही है। जो घबराहट है, उस घबराहट से गलतियां होती हैं, गलतियां वो करने लगे हैं, सामने दिखनी लगी हैं।
       आज से एक साल पहले राम माधव जी ने एक चैनल को इंट्रव्यू के वक्त कहा था कि भले हम चुनाव हार जाएं, हमारे पास अमित शाह हैं, बड़े गर्व से कहते हैं। ’ऑपरेशन लोट्स’ का नाम भी इन्होंने ही दिया था। तो जो पार्टी या जो समूह, मैं ये शब्द इस्तेमाल करना चाहूंगा, बेशर्मी से जो ये कहता है कि हां, मैं लोकतंत्र का हत्यारा हूं; हां, हमारे पास अमित शाह हैं, जो लोकतंत्र की हत्या करते हैं; ऑपरेशन लोट्स नए-नए नाम देते हैं और हैरानी की बात है कि ऐसे व्यक्ति को चाणक्य का दर्जा दे देते हैं। अब चाणक्य का अपमान इसी देश में होना था, पिछले 6 साल में, ये तो हैरानी की बात है। जिस व्यक्ति को गर्व है कि चुनाव हारने के बाद भी हारता नहीं है, क्योंकि वो पैसे खर्च करके, प्रलोभन देकर, डरा धमका कर, एजेंसियों का दुरुपयोग करके सत्ता पर किसी ना किसी तरह काबिज हो जाएगा और उस बात को सैलिब्रेट किया जाए, उस बात की तारीफ हो जाए। यह लोकतंत्र के लिये घातक है।

// एक आना देकर बारह आना का हिसाब पूछने की आदत है भाजपा की
// पीएम केयर फंड को छत्तीसगढ़ से 600 करोड़ से अधिक फंड में मिला मोदी सरकार ने छत्तीसगढ़ दिया मात्र 13 करोड़
// कोरोना महामारी संकटकाल में भाजपा नेता सिर्फ कोरी, झूठी और गुमराह करने वाली बयानबाजी करते रहे मदद के नाम पर कुछ भी नहीं

    रायपुर / / शौर्यपथ / प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि एक आना देकर बारह आना की हिसाब पूछने की आदत भाजपा की है। कोरोना महामारी संकटकाल में राज्य सरकार के द्वारा किए गए उपायों में सहयोग करने के बजाय भाजपा के नेता हिसाब किताब में जुटे हुए हैं। सवाल पूछने से पहले भाजपा नेता अजय चंद्राकर को छत्तीसगढ़ की जनता को बताना चाहिए कि महामारी संकटकाल में भाजपा का क्या योगदान है ? प्रवासी मजदूरों के लिए शुरू की गई प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना में छत्तीसगढ़ को बाहर करने पर भाजपा के सांसद मौन क्यों हैं? पीएम केयर्स फंड में छत्तीसगढ़ से 600 करोड़ से अधिक की राशि जमा हुई और छत्तीसगढ़ को मात्र 13 करोड़ ही क्यो दिया गया?
ठाकुर ने कहा कि पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर लगातार झूठ का सहारा लेकर छत्तीसगढ़ सरकार के अच्छे काम पर दाग लगाने की कोशिश कर रहे है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कोरोना महामारी लॉकडाउन के कारण बंद पड़ी राज्य के आर्थिक गतिविधियों को शुरू करने के लिए व्यापारी, किसान, मजदूरों, महिलाओं को, छात्रों को मदद करने के लिए 30 हजार करोड़ की राहत पैकेज मांगे है। केन्द्र सरकार ने कितना दिया 13 करोड़ रू. पीएम केयर फंड से सिर्फ देने वाली केन्द्र सरकार की पार्टी भाजपा, राज्य की अच्छा काम करने वाली कांग्रेस सरकार पर सवाल उठाती है। राज्य की सरकार ने 75 करोड़ रू. की राशि कोरोना से लड़ने के लिये जारी की, 33 करोड़ की राशि और जारी की जा रही है, लेकिन कोरोना से लड़ाई की लागत भी समझनी चाहिये एक हजार टेस्ट प्रतिदिन हो तो उसकी लागत 10 लाख रू. होती है। 30 करोड़ रू. प्रतिमाह सिर्फ एक हजार टेस्ट प्रतिदिन का खर्चा है। इतने बड़े खर्च राज्य सरकार अपने संसाधनों से उठा रही है। केन्द्र की भाजपा सरकार ने पीएम केयर के हाल ही के आंकड़े के मुताबिक 73800 करोड़ से अधिक के कलेक्शन में से छत्तीसगढ़ को सिर्फ 13 करोड़ की राशि दी। यह बड़े दुख की बात है कि अजय चंद्राकर जैसे नेता इस पर सवाल उठाते है।
धनंजय सिंह ठाकुर सवाल करते हुए कहा कि अजय चंद्राकर बतायें कि 13 करोड़ की पीएम केयर फंड से केन्द्रीय मदद के अतिरिक्त केन्द्र सरकार ने अपने मद से कोरोना के लिये कितना और क्या काम किया? अजय चंद्राकर को प्रधानमंत्री से सवाल पूछना चाहिये कि छत्तीसगढ़ से जितना पैसा पीएम केयर फंड में गया, क्या उतना फंड भी केन्द्र ने छत्तीसगढ़ को दिया है?

भिलाई / शौर्यपथ /  अखिल भारतीय असंगठित कामगार मजदूर कांग्रेस के प्रदेश सचिव नितिश कश्यप व उनके प्रतिनिधि मंडल ने सुश्री नीता लोधी को छत्तीसगढ़ राज्य अंत व्यवसाय विकास निगम के उपाध्यक्ष बनने पर उन्हें बधाई दी।  इसी तरह दुर्ग विधायक अरुण वोरा को स्टेट वेयर हाउस कार्पोरेशन के अध्यक्ष बनने पर बधाई दी है। कश्यप ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य सरकार के नायक भूपेश बघेल मुख्यमंत्री द्वारा एक बहुत ही अच्छी सोच के साथ जो संसदीय सचिव व निगम मंडल में जनप्रतिनिधियों को स्थान दे रहे हैं, इससे कांग्रेस में मजबूती होगी एवं काँंग्रेस के कार्यकर्ता और भी ज्यादा उत्साह और लगन के साथ मजबूती से अपने अपने क्षेत्रों पर कार्य करेंगे, तथा छत्तीसगढ़ के मुखिया की योजनाओं की जमकारी व उससे होने वाले लाभ छत्तीसगढ़ की जनता तक कोने कोने तक पहुँचा सकें। इस बधाईं मुलाकात में विशेष रुप से रमेश शिववंशी, दिनेश पटेल, राजेंद्र रजक, मोहन रामटेके, अमनदीप पहुंँचे थे।

रिसाली निगम / शौर्यपथ / नगर निगम रिसाली के पुरैना, जोरातराई और डुंडेरा वार्डो मे आज गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने विकास कार्यो की झड़ी लगा दी। मंत्री ताम्रध्वज साहू नें इन वार्डोँ में लाखो रूपये के कार्यो का भूमिपूजन और लोकार्पण किया। गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू को कोरोना काल में अपने बीच पाकर क्षेत्र की जनता में उत्साह और उमंग का माहौल दिखा। आज गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने वार्ड पुरैना पहुंचकर डेढ़-डेढ़ लाख के दो मंचो का भूमि पूजन किया। वहीं वार्ड जोरातराई में 18 लाख से निर्मित उचित मूल्य के दुकान का लोकार्पण के पश्चात प्राथमिक एवं माध्यमिक स्कूल में डेढ़ लाख के मंच निर्माण का भूमिपूजन भी किया गया।
वार्ड डुंडेरा में गृहमंत्री साहू के निधि से सामुदायिक भवन के पास मंच व शेड निर्माण हेतु 2 लाख, सियान सदन निर्माण हेतु 2 लाख, गौठान निर्माण हेतु 23.69 लाख, कचरू नगर में मंच शेड निर्माण हेतु डेढ़ लाख व मुख्यमंत्री वार्ड कार्यालय में शेड निर्माण हेतु 1 लाख का भूमिपूजन कर क्षेत्र की जनता को 52.69 लाख की विकास कार्यो की सौगात दिये तथा इस दौरान गृहमंत्री ने क्षेत्र की जनता से कहा कि वार्ड के विकास के लिए आप स्वयं सुझाव दें आपके द्वारा दी गई सुझाव को ही पूरी महत्ता के साथ कार्य कराया जायेगा।
गृहमंत्री ने खुद जनता से पूछा वे ही बताएं कि उनके क्षेत्र में क्या विकास कार्य होना चाहिए जिससे कि क्षेत्र का विकास हो और सभी लोगों को मूलभूत सुविधाएं मिल सके। अधिकांश लोगो की मांग है कि क्षेत्र में नाली और सड़क निर्माण हो, इस पर गृहमंत्री साहू ने कहा कि सड़क और नाली बनाने के पहले वे वार्ड के हर गली, हर घर में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति हेतु नल कनेक्शन देंगे। पाइप लाइन बिझाने का कार्य पूर्ण होने के पश्चात आप जब चाहें सड़क और नाली निर्माण हेतु राशि तत्काल स्वीकृति दिला दी जायेगी। नाली निर्माण हेतु गृहमंत्री ने कहा कि जंहा जरूरत हो वहीं नाली निर्माण की मांग रखे नाली निर्माण हेतु महानगरों के तर्ज पर बारिश का पानी गली में न भरे और नालियों से बड़ी आसानी से पानी का सुगम निकासी हो सके। उक्त हेतु गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने रिसाली निगम के अधिकारियों को सड़क निर्माण हेतु सड़क के बीचो बीच भाग को 1 इंच उपर एवं दोनो किनारे के भाग को 1 इंच नीचे कर सड़क का निर्माण किये जाने का भी सुझाव दिया।
इसके लिए अतिशीघ्र कार्य योजना बनाकर क्रियान्वित करने के निर्देश दिये। सभी जगहों पर विकास कार्यो की अध्यक्षता प्रदेश कांग्रेस के महासचिव जितेंद्र साहू ने की। भूमि पूजन और लोकार्पण के दौरान प्रदेश कांग्रेस के महासचिव अरूण सिसोदिया, जिला पंचायत अध्यक्ष शालिनी यादव, जनपद अध्यक्ष देवेंद्र देशमुख, पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष हेमंत बंजारे, जिला कांग्रेस के भिलाई शहर अध्यक्ष तुलसी साहू, कांगे्रस के दुर्ग ग्रामीण ब्लाक अध्यक्ष नंद कुमार सेन, कांग्रेस के जिला सचिव राजेंद्र सिंग यादव, निगम क्षेत्र के कांग्रेस ब्लाक अध्यक्ष मुकुंद भाऊ, पूर्व अध्यक्ष जाकिर अहमद, उतई नगर पंचायत के अध्यक्ष डिकेन्द्र हिरवानी, रिसाली निगम के पूर्व पार्षदगण केशव बंछोर, गोविंद चतुर्वेदी, ममता बाग, नरेश कोठारी, चंद्रभान ठाकुर, एल्डरमेन तरूण बंजारे, संगीता सिंग, अपर कलेक्टर व रिसाली निगम आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे, निगम के नोडल अधिकारी रमाकांत साहू सहित रिसाली निगम के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे

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