
CONTECT NO. - 8962936808
EMAIL ID - shouryapath12@gmail.com
Address - SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
रायपुर / शौर्यपथ / प्रदेश में यूरिया की कमी की खबरों को कांग्रेस ने बेबुनियाद बताया है। प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि यूरिया की कमी की बाते एक भी किसान संगठन या किसान संघो ने नही कहा सिर्फ भाजपा नेता बयान दे रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी के नेता प्रदेश में यूरिया और खाद की कमी का झूठा वातावरण तैयार करने बयानबाजी कर रहे पिछले पंद्रह सालो से राज्य में पनप चुके उर्वरक माफिया को फायदा पहुचाया जा सके। भाजपा के पन्द्रह साल के राज में छत्तीसगढ़ में भाजपा नेताओं का एक बड़ा वर्ग खाद बीज उर्वरको की अफरातफरी में लगा हुआ था। राज्य में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद इस उर्वरक माफिया की दुकानदारी बन्द हो गयी है इसी लिए भाजपा के कुछ वरिष्ठ नेता यूरिया की कमी का बयान देकर बनावटी संकट का माहौल बना रहे ताकि किसान हड़बड़ी में सोसायटियो से यूरिया न लेकर भाजपाई माफिया से महंगे दाम में यूरिया खरीद लें।
प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता ने कहा कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार किसानों की हितैषी है इसलिये मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने समय रहते प्रदेश की सभी जिलों की सोसायटियों में मांग के अनुरूप यूरिया और खाद की उपलब्धता करवा दी है। देश के अनेक राज्यों में किसान यूरिया की कमी से जूझ रहे मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तरप्रदेश, तेलंगाना, आंध्रप्रदेश, हरियाणा में यूरिया की कमी को ले कर रोज बवाल हो रहा है।
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि राज्यो को यूरिया देना केंद्र का काम है पूरे देश मे यूरिया की सप्लाई सही नही हो रही तो उसके पीछे मोदी सरकार जबाबदेह है। प्रधानमंत्री मोदी ने आकाशवाणी से प्रसारित मन की बात कार्यक्रम में कहा था कि उनकी सरकार आजादी की 75 वी वर्षगांठ 2022 तक देश मे यूरिया की कमी आधा करने की दिशा में काम कर रही है। बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के केंद्र सरकार राज्यो में किसानी तक यूरिया की सप्लाई का कोटा अघोषित रूप से कम करना शुरू कर दिया है ताकि मोदी द्वारा घोषित यूरिया की खपत कम करने का लक्ष्य 2022 तक पूरा हो सके। कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ के किसानों से कहा कि वे फिक्र मत करे राज्य में किसान पुत्र भूपेश बघेल सत्ता में है उनके रहते छत्तीसगढ़ के किसानों का अहित नही हो सकता है।
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि राज्य के सरगुजा संभाग में जहाँ पर यूरिया संकट का जादा झूठा हल्ला मचाया गया था वहाँ की सोसायटियो में मांग के अनुरूप 18,825 एमटी यूरिया और 18,204 एमटी खाद का स्टॉक एक महीने पहले से पहुच गया है। कोविड के कारण सोशल डिस्टेंसिग का पालन होने सुनिश्चित करने लगवाई गयी, कुछ दुकानों की कतारों को संकट बता कर भाजपाइयों ने भ्रम फैलाने की कुचेस्टा किया है।
शौर्यपथ राजनीति / दुर्ग कांग्रेस की पहचान और केन्द्रीयकरण सालो से वोरा निवास से ही शुरू होती थी और वोरा निवास पर ही खत्म होती थी . कांग्रेस संगठन की बात करे तो दुर्ग में कांग्रेस से सम्बंधित हर फैसला पहले मोतीलाल वोरा और बाद में अरुण वोरा के फैसले पर निर्भर करता था किन्तु कल २३ अगस्त को मुख्यमंत्री बघेल के जन्मदिन पर दुर्ग कांग्रेस दो भागो में नजर आयी . दुर्ग की कांग्रेस की राजनीती में कल का दिन संभवतः ऐसा दिन था जिसमे अनेक स्थानों पर दुर्ग विधायक की अनुपस्थिति चर्चा का विषय रही चाहे वो संगठन द्वारा आयोजित कार्यक्रम की बात हो या मुख्यमंत्री को दिए जाने वाले बधाई सन्देश की बात हो कई स्थानों पर दुर्ग विधायक की अनदेखी शहर में चर्चा का विषय रही .
मुख्यमंत्री बघेल के जन्मदिन को यादगार बनाने के लिए दुर्ग कांग्रेस ने इस बार गौठान से लेकर अस्पताल तक जगह जगह विभन्न आयोजन किये किन्तु किसी भी आयोजन में कांग्रेस के दुर्ग विधायक की उपस्थिति नहीं थी जो राजनितिक हलको में चर्चा का विषय रही . यहाँ तक की दुर्ग कांग्रेस के अध्यक्ष भी इन कार्यक्रमों से नदारद रहे .
बता दे कि मुख्यमंत्री बघेल की सबसे महत्तवपूर्ण योजना नरवा , गरवा , घुरवा , बाड़ी है इस योजना के लिए प्रदेश का हर कांग्रेसी अपने अपने स्तर से प्रयास कर रहा है . कल का दिन इसी योजना को मजबूत करने के लिए जिले सहित प्रदेश के हर मुख्यालय में गौठान में मुख्यमंत्री बघेल का जन्मदिन मनाया गया . दुर्ग में यह कार्यक्रम पुलगांव स्थित गौठान में आयोजित हुआ आयोजन सुबह १० से दोपहर १२.३० बजे तक चला . इस कार्यक्रम में दुर्ग शहर के सभी कांग्रेसी नेता पहुंचे जिसमे से राजेन्द्र साहू , लक्ष्मण चंद्राकर , पूर्व विधायक प्रतिमा चंद्राकर , पूर्व विधायक प्रदीप चौबे , पूर्व महापौर आर.एन. वर्मा , छाया महापौर नीलू ठाकुर , युवा कांग्रेस से पूर्व जिला पंचायत सदस्य जयंत देशमुख , एन एस यु आई के सोनू साहू , निगम के सभापति राजेश यादव सहित दो तीन पार्षदों को छोड़ सभी पार्षद सहित कई कांग्रेसी पहुंचे किन्तु दुर्ग संगठन के मुखिया अध्यक्ष गया पटेल नदारद रहे वही दुर्ग विधायक अरुण वोरा भी नहीं दिखे जबकि गौठान से कुछ दुरी पर वृद्धा आश्रम में इनकी उपस्थिति की बात सुनी जा रही थी . वही पुलगांव चौक पर एनएसयुआई द्वारा निशुल्क मास्क व सेनेटाइसर के वितारह व मुख्यमंत्री के जन्मदिन के अवसर पर मिठाई वितरण के कार्यक्रम में भी विधायक वोरा और अध्यक्ष गया पटेल की अनुपस्थिति चर्चा का विषय रही तो युवा कांग्रेस के द्वारा ३६५ यूनिट रक्तदान का आयोजन युवा कांग्रेस के तत्वाधान में रखा गया था . इस आयोजन में भी दुर्ग के सभी कांग्रेसी युवाओ का हौसलाअफजाई करने उपस्थित हुए किन्तु इस कार्यक्रम में भी दुर्ग विधायक और दुर्ग कांग्रेस के अध्यक्ष की अनुपस्थित चर्चा का विषय रही .
पोस्टर वार की जंग भी मुख्यमंत्री बघेल के जन्मदिन पर असर कर गयी ऐसे कई पोस्टर शहर में लगे जिसमे दुर्ग विधायक और अध्यक्ष के फोटो नदारद थे जो कि शायद दुर्ग के कांग्रेस राजनीती के इतिहास में पहली बार हुआ .जबकि इन पोस्टरों में भिलाई विधायक , गुन्डरदेहि विधायक सही निगम सभापति को जगह मिली किन्तु दुर्ग विधायक वोरा , महापौर बाकलीवाल को जगह नहीं दी गयी .
शहर में यही चर्चा दिन भर चलती रही की क्या दुर्ग के विधायक इन आयोजन से स्वयं को दूर रखे हुए थे या फिर उन्हें इसके लिए आमंत्रित नहीं किया गया था और शहर कांग्रेस के अध्यक्ष की अनुपस्थिति में हुए इन आयोजनों का सूत्रधार कौन है या फिर शहर कांग्रेस अध्यक्ष सिर्फ एक रबर स्टाम्प की तरह है . कारण जो भी रहा हो किन्तु मुख्यमंत्री के जन्मदिन पर दुर्ग कांग्रेस में एक दुसरे केंद्र का भी आगाज हो ही गया . कांग्रेसी चाहे कितना भी बात को सँभालने की कोशिश करे और तरह तरह के बातो से मामले को भूलने की कोशिश करे किन्तु एक तरफ विधायक गुट और दूसरी तरफ अन्य कांग्रेसी नेता है इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता .
दुर्ग / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ में आज कांग्रेसियों द्वारा छत्तीसगढ़ के मुखिया का जन्मदिन जिले में स्थित गौठानो में मनाया गया जहा सभी कांग्रेसियों ने अपनी अपनी सामर्थ्य के अनुसार गौठान की रखरखाव , चारा , शेड निर्माण आदि का सहयोग दिया . दुर्ग जिला मुख्यालय में भी आज कांग्रेस के नेताओ द्वारा मुख्यमंत्री बघेल का जन्म दिन पुलगांव स्थित गोठान में मनाया गया जहा गोधन के लिए चारा की व्यवस्था आदि की गयी . दुर्ग के वरिष्ठ कांग्रेसी सहित काफी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता सुबह से ही पुलगांव स्थित गौठान में पहुँचाने लगे . दुर्ग कांग्रेस के नेता पूर्व विधायक प्रदीप चौबे , लक्ष्मण चंद्राकर , पूर्व विधायक प्रतिमा चंद्राकर , राजेन्द्र साहू , मुकेश चंद्राकर , सभापति राजेश यादव सहित युवा कांग्रेस , महिला कांग्रेस सहित निगम के पार्षद भी उपस्थित रहे .
मिडिया से चर्चा करते हुए कांग्रेस नेता राजेन्द्र साहू ने बताया कि इस बार जिले सहित पुरे प्रदेश में कांग्रेस कार्यकर्ताओ ने मुख्यमंत्री का जन्मदिन को यादगार बनाने के लिए क्षेत्र के गौठान का चयन किया और गौठान में यथाशक्ति सभी ने दान किया . वही एनएसयुआई ने जहाँ २००० रूपये का चेक सहित ८ क्विंटल सुखा चारा दिया तो युवा कांग्रेस द्वारा रक्तदान किया गया . मिडिया से चर्चा के दौरान पूछे गए सवाल जिसमे भाजपा की राष्ट्रिय महासचिव डॉ. सरोज पाण्डेय द्वारा छत्तीसगढ़ में यूपी के किसानो का पोस्टर लगाने की बात पर राजेन्द्र साहू ने कहा कि अगर सरोज पाण्डेय जी ऐसा सोंचती है तो ये दुर्भाग्यपूर्ण है क्योकि किसी भी भाजपा शासित प्रदेश में किसानो को २५ सौ रूपये के समर्थन मूल्य पर चावल का क्रय नहीं किया जा रहा है . क्योकि छत्तीसगढ़ के किसान खुशहाल है ,समृद्ध छत्तीसगढ़ , सुघड़ छत्तीसगढ़ है इसलिए छत्तीसगढ़ के किसानो का फोटो यूपी वाले लगायेंगे .
ऽ पन्द्रह साल सरकार में रहने के दौरान तो रमन सिंह और भारतीय जनता पार्टी ने छत्तीसगढ़ी तीज त्योहार और संस्कृति की लगातार उपेक्षा की ऽ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के द्वारा छत्तीसगढ़ी तीज त्योहारों और संस्कृति की पहचान और सम्मान किया जा रहा रायपुर / शौर्यपथ / 15 वर्ष तक मुख्यमंत्री रहे रमन सिंह द्वारा तिजहारिन मन ला चिट्ठी पतरी पर प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि यह कांग्रेस सरकार और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की बड़ी सफलता है कि जो लोग पन्द्रह सालों तक छत्तीसगढ़ और छत्तीसगढ़ी अस्मिता को भूल गये थे वे लोग भी बढ़ चढ़ कर राज्य के तीज त्योहारों को मनाने का प्रदर्शन करने को मजबूर हो गये है। यही तो है गढ़बों नवा छत्तीसगढ़ का साकार रूप। यही है पुरखों के सपनों का छत्तीसगढ़। इसीलिये पुरखों ने पृथक छत्तीसगढ़ राज्य के लिये लड़ाई लड़ी। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने पूछा है कि 15 साल तक रमन सिंह को तीजा की छुट्ठी देने की समझ क्यों नहीं आई? मुख्यमंत्री पद पर रहते हुये कभी तीजा की चिट्ठी लिखी नहीं लिखी। 15 साल तक छत्तीसगढ़ की लोक परंपरा, संस्कृति रीति रिवाजों, तीज-त्योहारों की अवहेलना करने के बाद अब सत्ता से हटने के बाद रमन सिंह जी को चिट्ठी लिखने की सुध आई है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि सत्ता से हटने के बाद रमन सिंह को छत्तीसगढ़ के तीज त्योहार की सुध राजनैतिक जरूरतों से ही सही, कम से कम आई तो। पन्द्रह साल सरकार में रहने के दौरान तो रमन सिंह और भारतीय जनता पार्टी ने छत्तीसगढ़ी तीज त्योहार और संस्कृति की लगातार उपेक्षा की। राज्य में कांग्रेस सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के द्वारा छत्तीसगढ़ी तीज त्योहारों और संस्कृति की पहचान और सम्मान किया जा रहा है। कांग्रेस सरकार ने छत्तीसगढ़ के प्रमुख त्योहारों हरेली, तीजा, माता कर्मा जयंती, छठ पूजा, आदिवासी दिवस पर सार्वजनिक अवकाश घोषित किया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मुख्यमंत्री निवास में उत्साहपूर्वक छत्तीसगढ़ के लोक पर्व मना कर यह स्पष्ट संदेश दे दिया कि छत्तीसगढ़ राज्य बनने की वास्तविक सार्थकता राज्य के मिट्टी की खुशबु को सहेजने में ही है। छत्तीसगढ़ के पारंपरिक त्योहारों को गौरव के साथ मनाने की जो शुरुआत राज्य बनने के बाद हो जानी चाहिए थी वह भूपेश बघेल के मुख्यमंत्री बनने के बाद शुरू हुआ। यह साबित हो गया है कि कांग्रेस सरकार की प्राथमिकता राज्य की आर्थिक सामाजिक उन्नति के साथ राज्य की संस्कृति को बढ़ावा देना है।
रायपुर / शौर्यपथ / पूर्व मंत्री एवं विधायक बृजमोहन अग्रवाल के बयान पर कांग्रेस ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल के मुख्यमंत्री निवास में हुई तीजा पोला तिहार के आयोजन पर टीका टिप्पणी से भाजपा के छत्तीसगढ़ विरोधी चाल चरित्र उजागर हुआ।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल मुख्यमंत्री निवास में छत्तीसगढ़ के तीज त्यौहार परंपरा संस्कृति का आयोजन करते है।त्योहारों में आम जनता के साथ सरकार की सहभागिता सुनिििश्चत करते है तो भाजपा नेताओं के पेट में दर्द क्यों होता है?15 साल के रमन शासन काल के दौरान छत्तीसगढ़ की कला संस्कृति परम्परा विलुप्तप्राय होने की कगार पर खड़ी थी। 15 साल मेंं रमन भाजपा ने छत्तीसगढ़ में हरेली,हरितालिका तीज,कर्मा जयंती,विश्वआदिवासी दिवस के दिन अवकाश नही दिए।
रमन सिंह के मुख्यमंत्री रहते मुख्यमंत्री निवास में कभी छत्तीसगढ़ के हरेली तीजा पोला, गोधन पूजा का आयोजन नही हुआ।रमन सरकार के के दौरान उनके मंत्री और भाजपा के नेता पंडाल लगाकर दीनदयाल की कथा सुनने में मग्न थे ,सत्ता रहते रमन भाजपा मजदूर किसान छात्र महिलाओं की व्यथा सुनते परेशानी का निराकरण करते,चुनाव में किये वादा को पूरा करते,युवाओं की भावना को समझते,आदिवासी वर्ग को उनका कानूनी अधिकार देते तो विधानसभा चुनाव में भाजपा15 सीटों में नही सिमटती। भाजपा के नेता निरन्तर रोका छेका,गोबर खरीदी,का भी विरोध कर रहे है।
छत्तीसगढ़ी को 8वी अनुसूची में शामिल किए जाने की मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मांग का रमन विरोध कर रहे रायपुर / शौर्यपथ/ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा छत्तीसगढ़ी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल किए जाने के लिए प्रधानमंत्री को लिखे गए पत्र का रमन सिंह द्वारा विरोध किये जाने को कांग्रेस ने रमन का छत्तीसगढ़ी विरोधी चरित्र बताया है। प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि रमन सिंह छत्तीसगढ़ी भाषा और संस्कृति से इतनी नफरत क्यो करते हैं ? इसी छत्तीसगढ़ के वे पन्द्रह साल मुख्यमंत्री रहे है। छत्तीसगढ़ी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने के लिए उन्होंने कभी कोई सार्थक और ठोस पहल नही किया। रमन चाहते तो तो अपने शासन के पन्द्रह सालो में केंद्र सरकार पर इस हेतु दबाव बना सकते थे लेकिन कुछ नही किया। यह रमन और भाजपा की छत्तीसगढ़ की भाषा और संस्कृति के प्रति दुराव को जताता है। कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि आज जब मुख्यमंत्री भूपेश बघेल छत्तीसगढ़ी भाषा को देश की अधिकृत भाषाओं के बीच प्रतिष्ठा दिलवाने प्रधानमंत्री को पत्र लिख रहे तो इसमें भी रमन सिंह को पीड़ा हो रही वे इस पत्र का विरोध कर रहे जबकि चाहिए तो यह था कि जिस छत्तीसगढ़ की जनता ने उन्हें तीन बार का मुख्यमंत्री बनाया उस छत्तीसगढ़ी भाषा को उसका सम्मान दिलाने वे भी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पत्र के समर्थन में प्रधानमंत्री को पत्र लिखते। यहाँ रमन सिंह की दलीय दुर्भावना छत्तीसगढ़ी भाषा और संस्कृति के ऊपर हावी हो गयी। कांग्रेस प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि रमन सिंह भाजपा के वरिष्ठ नेता है सम्भवतः उन्होंने अपने ही केंद्र सरकार की शिक्षा नीति का अध्ययन नही किया है। नई शिक्षा नीति में स्थानीय मातृ भाषा में अध्ययन पर जोर दिया गया है। जब छत्तीसगढ़ी भाषा देश की मान्यता प्राप्त संविधान की आठवीं अनुसूची के भाषाओं में शामिल ही नही रहेगी तब ऐसी स्थिति में छत्तीसगढ़ी माध्यम में पढ़ाई का प्रश्न ही नही उठता। कांग्रेस प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ की भाषा संस्कृति तीज त्योहार को बढ़ावा दिया जा रहा उनका संरक्षण किया जा रहा है। रमनराज के पन्द्रह सालो में छत्तीसगढ़ की भाषा संस्कृति तीज त्योहार सब को हासिये में डाल दिया गया था। रमन सिंह को इसी बात की पीड़ा है कि जो वे दबाते रहे कांग्रेस की सरकार भूपेश बघेल उसी छत्तीसगढ़ी पहचान को प्रश्रय क्यां दे रहे?
भाजपा को बचाने की होड़ में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने नहीं किये ध्वजारोहण
सूर्योदय से पहले निकले नागपुर से और दोपहर 2 बजे पहुंचे रायपुर
50 बरस तक आरएसएस के मुख्यालय में नहीं फहरता था तिरंगा
आज भी तिरंगा को लेकर आरएसएस की मनोदशा ठीक नहीं
भाजपा में मची पद पाने संघी नेता और गैर संघी नेताओ की बीच सिर्फफुटव्वल में
भाजपा में संघी नेताओ को पद दिलाने आये है मोहन भगवत
आर एस एस के संरक्षण में मोदी सरकार सरकारी कंपनियों का कर रही है निजीकरण
रायपुर / शौयापथ / प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को छत्तीसगढ़ की जनता को बताना चाहिए उन्होंने आजादी वर्षगाँठ के पवित्र पावन अवसर पर तिंरगा कहा फहराये?50 साल तक तो आरएसएस मुख्यालय में तिरंगा फहरता नही था?क्या आरएसएस प्रमुख ने उसी परम्परा को कायम रखा है इसलिए बिना ध्वजारोहण किये सूर्योदय से पहले नागपुर से रायपुर के लिए निकल पड़े? कैसे राष्ट्रवादी है आरएसएस प्रमुख जो आजादी पर्व में ध्वजारोहण नही किये? राष्ट्रगान नही गाये, भारत माता की जयकारा नही लगाये?
जहाँ पूरा देश जश्ने आजादी में सरोबार था बच्चे बूढ़े माता बहने स्वतंत्रता दिवस के पावन पर्व पर पूरा राष्ट्र तिरंगा को सलामी दे रहा था ध्वजारोहण कर रहा था।पूरा राष्ट्र देश भक्ति के उत्सव में सरोबार था बच्चा-बच्चा तिरंगा लेकर घूम रहा था बेटियां तिरंगा को रंगों जरिये अपने माथे पर बिदियाँ की तरह उकेरी हुई थी।सरकारी और गैर सरकारी संस्थानों,धार्मिक संस्थानों,समाजिक संस्थान घर घर मे तिरंगा लहराया जा रहा था।ऐसे समय आरएसएस प्रमुख छत्तीसगढ़ भाजपा में संघियो को कब्जा कराने के होड़ में राष्ट्रीय पर्व को भूल गए ?
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि सत्ता परिवर्तन के बाद छत्तीसगढ़ भाजपा में कार्यकर्ताओं और नेताओं के बीच सिरफुटौव्वल की स्थिति है। भाजपा में बड़े नेताओं की गुटबाजी चरम सीमा पर है ही अब भाजपा में संघी नेता और गैरसंघी नेताओ के बीच तलवारें खिंची हुई है। जहां एक ओर संघ अपने लोगों को भाजपा में बड़े पद दिलाकर भाजपा में कब्जा कराने जुटा है। वहीं दूसरी ओर गैर संघी कार्यकर्ता और नेता जो सीधे भाजपा से जुड़े हुए हैं जिसमें अल्पसंख्यक वर्ग है आदिवासी समाज है पिछड़ा वर्ग है जिसके आरक्षण का विरोध निरंतर आर एस एस करते रही है ऐसे लोग संगठन में आर एस एस की भूमिका नहीं चाहते और संघ के विचारधारा से परे हटकर छत्तीसगढ़ के हित और सेवा के लिये काम करना चाहते हैं। गैरसंघी भाजपा नेता संघ की चाटुकारिता संघ की चमचागिरी और संघ के रीति नीति सिद्धांतों को नहीं मानते हैं।संघ की दादागिरी से भाजपा को मुक्त रखना चाहते है।ऐसे में भाजपा में पद पाने संघी और गैर संघीयो की लड़ाई में संघियो को समर्थन करने और गैर संधियों को आंख दिखाने के लिए संघ प्रमुख मोहन भागवत छत्तीसगढ़ पहुचे है
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि आरएसएस के संरक्षण में चलने वाली मोदी भाजपा की सरकार देश के महारत्न मिनी रत्न नवरत्न कंपनियों का निजीकरण कर रही है रेलवे स्टेशन प्लेटफार्म एयरपोर्ट सहित सैकड़ों की तादात में आजादी के बाद बने देश के सरकारी उपक्रमों को बेचने जा रही है दुर्भाग्य की बात है आर एस एस जो राष्ट्रवाद का नारा लगाती है उनके संरक्षण में देश के संस्थानों को बेचा जा रहा है। धनंजय ठाकुर ने मोहन भागवत से पूछा मोहन भागवत स्पष्ट करें केंद्र की मोदी सरकार के सरकारी कम्पनियों बैंकों, बीमा कंपनियों रेलवे,विमानन कम्पनियों के निजीकरण की नीतियों का समर्थन कर रहे हैं कि विरोध कर रहे हैं? विरोध कर रहे है तो सरकारी कम्पनियों के निजीकरण के विरोध में मोहन भागवत सड़को पर उतरकर आंदोलन कब करेंगे?
किसानों को 6 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि तीन किस्तों में देने वाले भाजपा नेता एकमुश्त भुगतान का ज्ञान न दें दुर्ग । शौर्यपथ । किसान न्याय योजना की राशि एक साथ देने से संबंधित प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णु देव साय के बयान को कांग्रेस ने हास्यास्पद करार दिया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री राजेंद्र साहू ने कहा कि मोदी सरकार किसानों को 6 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि और कोरोना संकट काल में गरीब जनधन खाताधारकों को महज 15 सौ रुपए की राशि 3 किस्तों में दे रही है। साय में हिम्मत है तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से किसानों और गरीबों को एकमुश्त भुगतान कराएं। राशि भुगतान को लेकर साय समेत भाजपा नेताओं को ज्ञान देने की जरूरत नहीं है। राजेंद्र ने कहा कि विष्णु देव साय केंद्रीय इस्पात मंत्री रह चुके हैं। केंद्र में अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए वे मोदी सरकार से धान के समर्थन मूल्य में मात्र 53 रुपए की बढ़ाकर 1868 रुपए करने की बजाय सीधे 25 सौ रुपए प्रति क्विंटल करने की मांग करें। साय को मोदी सरकार से श्रमिक कल्याण रोजगार योजना को छत्तीसगढ़ में लागू करने की मांग भी करना चाहिए। राजेंद्र ने साय पर हमला बोलते हुए कहा कि उन्हें प्रदेश की कांग्रेस सरकार से 18 माह का हिसाब मांगने की बजाय 15 साल के रमन सरकार और 6 साल के मोदी सरकार के कार्यों का हिसाब मांगना चाहिए। मोदी और रमन सिंह ने कितने वादे पूरे किए? इसका हिसाब साय को मांगना चाहिए। किसानों के धान का बोनस हजम करने वाले, रतनजोत से डीजल बनाने के नाम पर घोटाला, मोबाइल बांटकर घोटालेबाजी करने वाले भाजपा नेताओं को भूपेश सरकार से हिसाब मांगने से पहले अपने काले कारनामों का हिसाब देना चाहिए। राजेंद्र ने कहा कि भूपेश बघेल सरकार ने किसानों का कर्जा माफ किया है। धान की खरीदी 25 सौ रुपए प्रति क्विंटल की दर से की गई है। गोधन न्याय योजना के माध्यम से पशुधन की रक्षा करने के साथ ही पशुपालकों की आय बढ़ाने के साथ पशुधन का संरक्षण कर रही है। भाजपा के 15 साल के शासनकाल के दौरान हर योजना में सिर्फ भ्रष्टाचार हुआ है। दूसरी ओर, भूपेश सरकार ने सरकार की योजनाओं का पैसा सीधे किसानों, गरीबों और आदिवासियों के बैंक खाते में डाला है। साय को हिसाब पूछना है तो 15 साल तक रमन सरकार के भ्रष्टाचार का हिसाब मांगे। कांग्रेस सरकार को नसीहत देने की जरूरत नहीं है।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
