August 02, 2026
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    2007 टी-20 वर्ल्ड कप में मिसबाह नहीं, शाहिद अफरीदी का कैच लेते हुए सबसे ज्यादा दबाव में थे श्रीसंत

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    खेल / शौर्यपथ / भारतीय तेज गेंदबाज श्रीसंत ने अपने करियर में कई दिग्गज क्रिकेटरों को देखा है। वह उन कुछ चुनिंदा क्रिकेटरों में से एक हैं, जिन्होंने अपने देश के लिए टी-20 और वनडे विश्वकप दोनों जीते हैं। वह 2007 के टी-20 वर्ल्ड कप और 2011 के वनडे वर्ल्ड कप में भारतीय टीम का हिस्सा थे। टी-20 वर्ल्ड कप के दौरान भारत और पाकिस्तान के बीच हुए मैच में वह सेंटर में थे। इस मैच में श्रीसंत ने चार ओवर में 44 रन देकर सोहैल तनवीर का विकेट झटका था। श्रीसंत ने हाल ही में बताया कि 2007 के टी-20 वर्ल्ड कप के फाइनल मैच में उनका सबसे ज्यादा दबाव वाला लम्हा कौन-सा था।

    2007 टी-20 वर्ल्ड कप के भारत और पाकिस्तान के फाइनल मैच में उनकी गेंदबाजी से ज्यादा चर्चा उनकी फील्डिंग की हुई थी। खासतौर पर मिसबाह उल हक के उस कैच की, जिसकी वजह से भारतीय क्रिकेट टीम इंतिहास रच पाई। पाकिस्तान को चार गेंदों पर छह रन की जरूरत थी। मिसबाह ने शॉट खेला और श्रीसंत ने फाइन लेग पर शानदार कैच लपक कर टीम इंडिया की इतिहास रचने में मदद की।

    हालांकि कई लोग आज भी उस कैच को नहीं भूले हैं, लेकिन 37 वर्षीय श्रीसंत के मुताबिक मिसबाह के कैच से ज्यादा वह शाहिद अफरीदी के कैच के दौरान दबाव में थे। उस वाकये को याद करते हुए श्रीसंत ने क्रिकट्रेकर के साथ बातचीत में कहा कि इरफान पठान को पता था कि शाहिद अफरीदी गेंद को हवा में मारेंगे और पहले ही उन्होंने मुझसे कैच लेने के लिए तैयार रहने को कह दिया था।

    श्रीसंत ने बताया, ''मेरे लिए शाहिद अफरीदी का कैच ज्यादा मुश्किल था। इरफान पठान ने मुझसे कहा था कि अफरीदी जरूर सिक्स के लिए हिट करेंगे, बॉल लॉन्ग ऑफ के लिए आएगी और पहली ही गेंद में वह आउट हो जाएंगे। तू पकड़ लेना। उन्होंने पहले ही देख लिया था कि क्या होने वाला है।वह कई बार अफरीदी का विकेट ले चुके थे। किस्मत से गेंद हवा में ऊपर चली गई, और मैंने उसे पकड़ लिया।''

    श्रीसंत की तरह और भी कई हैं, जो आज भी मिसबाह के कैच को याद करते हैं। मिसबाह के कैच के बारे में श्रीसंत ने कहा कि जब गेंद मेरी तरफ आ रही थी, मैं सचमुच उस वक्त कैच के बारे में नहीं सोच रहा था, बल्कि मैं उन्हें दो रन लेने से रोकने की तरफ सोच रहा था।

    उन्होंने कहा, ''मिसबाह के विकेट के समय, मैं दाएं या बाएं डाइव कर गेंद को रोकने के बारे में सोच रहा था, ताकि मिसबाह दो रन न ले सकें। मैं गेंद को कैच करने के बारे में नहीं सोच रहा था। यहां तक कि धोनी भाई ने भी एक इंटरव्यू में कहा था कि मिसबाह का कैच भारतीय क्रिकेट के इतिहास में सबसे दबाव वाला कैच था। लेकिन मेरे लिए उस मैच में अफरीदी का कैच मेरे करियर का सबसे दबाव वाला कैच था।''

     

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