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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।
राजनांदगांव। शौर्यपथ / खेती-किसानी में कीटनाशकों का उपयोग फसलों को कीटों से बचाने के लिए किया जाता है, लेकिन इनके छिड़काव के दौरान बरती गई लापरवाही किसान के स्वास्थ्य पर भारी पड़ सकती है। मेडिकल कॉलेज राजनांदगांव के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. प्रकाश खुटे ने किसानों से कीटनाशकों का उपयोग करते समय सुरक्षा संबंधी सावधानियों का अनिवार्य रूप से पालन करने की अपील की है।
डॉ. खुटे ने बताया कि कीटनाशक रसायनों के संपर्क में आने से शरीर पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए किसी भी कीटनाशक का इस्तेमाल करने से पहले उसके लेबल पर दिए गए निर्देशों को अच्छी तरह समझना चाहिए। छिड़काव के समय किसान दस्ताने, मास्क अथवा उपयुक्त रेस्पिरेटर, पूरे शरीर को ढंकने वाले कपड़े और जूते जरूर पहनें, ताकि रसायन सीधे शरीर के संपर्क में न आए।
उन्होंने कहा कि कीटनाशक का छिड़काव करते समय हवा की दिशा का विशेष ध्यान रखना चाहिए। तेज हवा चलने पर स्प्रे करने से बचना चाहिए, क्योंकि रसायन के शरीर और चेहरे तक पहुंचने की आशंका बढ़ जाती है। कीटनाशकों को हाथ से सीधे छूने के बजाय उचित उपकरणों का इस्तेमाल करें और इन्हें हमेशा भोजन तथा पीने के पानी से अलग सुरक्षित स्थान पर रखें।
डॉ. खुटे ने कहा कि कीटनाशक के खाली डिब्बे या बोतल का घरेलू उपयोग कभी नहीं करना चाहिए। छिड़काव के दौरान खाना-पीना, धूम्रपान या तंबाकू-गुटखा का सेवन भी पूरी तरह से टालना चाहिए। कीटनाशक का इस्तेमाल पूरा होने के बाद हाथ-मुंह को साबुन और पानी से अच्छी तरह धोने तथा पहने हुए कपड़े बदलने की सलाह भी उन्होंने दी।
उन्होंने किसानों को कीटनाशक विषाक्तता के संभावित लक्षणों के प्रति भी जागरूक रहने को कहा। चक्कर आना, उल्टी, अत्यधिक पसीना आना, सांस लेने में परेशानी, आंखों में जलन, कमजोरी या बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेने की जरूरत है।
डॉ. खुटे ने कहा कि कीटनाशकों का सुरक्षित इस्तेमाल केवल फसल की सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह किसान और उसके परिवार के स्वास्थ्य से भी जुड़ा हुआ है। फसल को बचाना जरूरी है, लेकिन खेती करने वाले किसान की सेहत की सुरक्षा उससे भी अधिक महत्वपूर्ण है। थोड़ी सी सावधानी बरतकर कीटनाशकों से होने वाले स्वास्थ्य संबंधी खतरों को काफी हद तक टाला जा सकता है।
सुकमा, शौर्यपथ। जिले के कोंटा ब्लॉक में जगदलपुर की टीम एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ब्लॉक शिक्षा अधिकारी को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है।
जानकारी के अनुसार, कोंटा विकासखंड शिक्षा कार्यालय में पदस्थ खंड शिक्षा अधिकारी चंद्र कुमार यारदा पर एक महिला कर्मचारी से एरियर्स की राशि निकलवाने के एवज में रिश्वत मांगने का आरोप है। महिला कर्मचारी ने इसकी शिकायत जगदलपुर की टीम एंटी करप्शन ब्यूरो से की थी।
शिकायत के सत्यापन के बाद जगदलपुर की ACB की टीम ने योजना के तहत कार्रवाई की। बताया जा रहा है कि जैसे ही महिला कर्मचारी ने अधिकारी को 10 हजार रुपये की रिश्वत दी, मौके पर पहुंची ACB की टीम ने चंद्र कुमार यारदा को रिश्वत की रकम के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
ACB की टीम द्वारा आरोपी अधिकारी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। इस कार्रवाई के बाद सरकारी कार्यालयों में भ्रष्टाचार को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं।
गदा चौक–सुपेला चौक पर विकास की बहस में उलझा जनहित; संडे मार्केट हटाने के बजाय फ्लाईओवर का सवाल क्यों?
भिलाई। वैशाली नगर विधानसभा क्षेत्र में गदा चौक से सुपेला चौक के बीच प्रस्तावित फ्लाईओवर अब महज सड़क और यातायात का मुद्दा नहीं रह गया है। करीब 72 करोड़ रुपये की लागत वाले इस प्रोजेक्ट को लेकर जनप्रतिनिधियों के बीच राजनीतिक बहस और सोशल मीडिया पर समर्थकों की खींचतान ने इसे एक बड़े सवाल में बदल दिया है—क्या फ्लाईओवर वास्तव में क्षेत्र की यातायात समस्या का स्थायी समाधान है या फिर मौजूदा समस्या के मूल कारण को नजरअंदाज कर महंगा समाधान तलाशा जा रहा है?
विधायक रिकेश सेन की ओर से फ्लाईओवर को लेकर सोशल मीडिया पर सवाल उठाए जा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर, इसे लेकर विरोध करने वालों का तर्क है कि इतने बड़े सरकारी निवेश से पहले यह देखा जाना चाहिए कि जिस मार्ग पर यातायात का दबाव पैदा हो रहा है, उसकी बड़ी वजह क्या है।
एक रास्ता, कई इलाकों की परेशानी
गदा चौक–सुपेला चौक के बीच का मार्ग हाउसिंग बोर्ड, वैशाली नगर, शांति नगर, कोहका, कुरुद और कैलाश नगर सहित कई इलाकों के लोगों के आवागमन का महत्वपूर्ण रास्ता है। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस मार्ग पर लगने वाले संडे मार्केट के कारण कई बार यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित होती है।
सबसे गंभीर सवाल आपातकालीन सेवाओं को लेकर उठता है। स्थानीय दावों के मुताबिक बाजार के दौरान फायर ब्रिगेड, एंबुलेंस और शव वाहन तक के लिए रास्ता बाधित हो जाता है। यदि ऐसा है तो यह केवल ट्रैफिक जाम का विषय नहीं, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़ा प्रश्न है।
फ्लाईओवर से सवाल खत्म होगा या समस्या का स्वरूप बदलेगा?
फ्लाईओवर बनने से निश्चित रूप से मुख्य मार्ग पर यातायात को सुगमता मिल सकती है। लेकिन करीब एक किलोमीटर के इस मार्ग पर वर्षों से कारोबार कर रहे व्यापारियों की चिंता भी कम महत्वपूर्ण नहीं है।
फ्लाईओवर निर्माण और उसके बाद यातायात के स्वरूप में बदलाव से स्थानीय दुकानदारों के व्यापार पर असर पड़ सकता है। सवाल यह है कि यदि किसी बड़े प्रोजेक्ट के कारण स्थानीय व्यापार प्रभावित होता है तो उसकी भरपाई कौन करेगा?
यही वह बिंदु है जहां कुम्हारी और सोमनी जैसे क्षेत्रों का उदाहरण चर्चा में आता है। राष्ट्रीय राजमार्ग पर फ्लाईओवर और सड़क संरचना में बदलाव के बाद इन क्षेत्रों के पुराने व्यापारिक स्वरूप पर असर पड़ने की बात स्थानीय स्तर पर कही जाती रही है। हालांकि वहां बेहतर यातायात के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की सीमाएं अलग थीं, लेकिन गदा चौक–सुपेला चौक की परिस्थितियां उससे अलग होने का तर्क दिया जा रहा है।
‘सस्ती लोकप्रियता’ के आरोप पर भी सवाल
फ्लाईओवर को लेकर यदि किसी राजनीतिक नेता ने इसे ‘सस्ती लोकप्रियता’ बताया है, तो यह सवाल भी स्वाभाविक है कि क्या 72 करोड़ रुपये के प्रस्तावित प्रोजेक्ट का मूल्यांकन केवल राजनीतिक चश्मे से होना चाहिए?
वास्तविक सवाल यह होना चाहिए कि—
क्या इस फ्लाईओवर की जरूरत वैज्ञानिक यातायात अध्ययन से साबित होती है?
क्या संडे मार्केट को स्थानांतरित कर यातायात समस्या कम की जा सकती है?
क्या स्थानीय व्यापारियों पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव का सर्वे हुआ है?
और क्या 72 करोड़ रुपये खर्च करने से पहले कम लागत वाले विकल्पों पर गंभीरता से विचार किया गया है?
अगर बाजार अवैध है तो कार्रवाई कौन करेगा?
पूरे विवाद का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यही है।
यदि संडे मार्केट वास्तव में अनधिकृत या अवैध रूप से संचालित हो रहा है, तो सवाल केवल फ्लाईओवर का नहीं रह जाता। तब सवाल यह है कि प्रशासन उस बाजार को नियमित क्यों नहीं करता अथवा उसे किसी उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित क्यों नहीं करता?
एक ओर आपातकालीन वाहनों के रास्ते बाधित होने की शिकायतें हों और दूसरी ओर उसी बाजार के कारण करोड़ों रुपये की स्थायी सड़क परियोजना की आवश्यकता बताई जाए, तो प्रशासन से जवाबदेही तय होना स्वाभाविक है।
एक दिन लगने वाले बाजार की समस्या का समाधान बाजार को व्यवस्थित करना है या करोड़ों रुपये की स्थायी संरचना खड़ी करना—इस पर खुली और तथ्य आधारित बहस जरूरी है।
व्यापारियों की खुशी ने भी दिया अलग संदेश
फ्लाईओवर प्रोजेक्ट को हटाए जाने अथवा आगे न बढ़ने की खबर के बाद स्थानीय व्यापारियों द्वारा खुशी जताए जाने और सांसद विजय बघेल के प्रति आभार व्यक्त किए जाने की बात भी सामने आई है।
यह घटनाक्रम इस बात का संकेत माना जा सकता है कि स्थानीय व्यापारियों का एक वर्ग फ्लाईओवर को अपने व्यापार के लिए संभावित खतरे के रूप में देख रहा था।
यहीं से राजनीतिक बहस और तीखी हो गई है। एक ओर विधायक समर्थक इसे क्षेत्र की यातायात समस्या का समाधान मान रहे हैं, तो दूसरी ओर सांसद समर्थक व्यापारियों के हित और वैकल्पिक समाधान को प्राथमिकता देने की बात कर रहे हैं।
सोशल मीडिया बना राजनीतिक अखाड़ा
फिलहाल इस मुद्दे पर सबसे ज्यादा गर्मी सोशल मीडिया पर दिखाई दे रही है। विधायक रिकेश सेन के समर्थक फ्लाईओवर को विकास और यातायात समाधान से जोड़ रहे हैं, जबकि सांसद विजय बघेल के समर्थक इसे स्थानीय व्यापारियों के हित से जोड़कर देख रहे हैं।
लेकिन सवाल यह है कि क्या वैशाली नगर की जनता को दो जनप्रतिनिधियों के समर्थकों की सोशल मीडिया लड़ाई चाहिए या फिर समस्या का व्यावहारिक समाधान?
जनता के सामने विकल्प स्पष्ट होना चाहिए—
संडे मार्केट को व्यवस्थित किया जाए, उसका स्थान बदला जाए, यातायात व्यवस्था सुधारी जाए और यदि इसके बाद भी फ्लाईओवर आवश्यक साबित हो तो उसके निर्माण पर गंभीरता से विचार किया जाए।
जनप्रतिनिधियों से जनता का सीधा सवाल
राजनीति का उद्देश्य किसी प्रोजेक्ट को केवल अपनी उपलब्धि बताना या किसी दूसरे के प्रयास को ‘सस्ती लोकप्रियता’ बताना नहीं होना चाहिए।
यदि 72 करोड़ रुपये खर्च होने हैं तो उसका लाभ आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचना चाहिए। वहीं यदि उसी समस्या का समाधान कम खर्च में बाजार को स्थानांतरित कर, सड़क को व्यवस्थित कर और यातायात प्रबंधन सुधारकर हो सकता है तो करोड़ों रुपये खर्च करने से पहले उस विकल्प को भी परखा जाना चाहिए।
वैशाली नगर की जनता को फ्लाईओवर चाहिए या बेहतर यातायात व्यवस्था—यह सवाल अब सोशल मीडिया की बहस से आगे निकलकर विशेषज्ञों, व्यापारियों, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के सामने रखा जाना चाहिए।
क्योंकि सवाल किसी एक नेता की लोकप्रियता का नहीं, 72 करोड़ रुपये के सार्वजनिक धन और हजारों नागरिकों के भविष्य का है।
अब फैसला राजनीति नहीं, तथ्य करें—फ्लाईओवर जरूरी है तो कारण सामने आएं, और अगर संडे मार्केट समस्या की जड़ है तो पहले उस पर कार्रवाई क्यों नहीं?
भिलाई / शौर्यपथ / सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र की प्लेट मिल और यूनिवर्सल रेल मिल (यूआरएम) ने अगस्त 2026 में उत्पादन एवं प्रेषण के क्षेत्र में शानदार प्रदर्शन करते हुए कई नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। प्लेट मिल ने पांच नए रिकॉर्ड बनाए, जबकि यूआरएम ने पहली बार एक माह में 100 से अधिक श्वक्र (लॉन्ग रेल) रेक का प्रेषण कर ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है।
प्लेट मिल ने अगस्त में 1,25,214 टन उत्पादन किया, जो अगस्त 2025 के 1,20,448 टन के पिछले रिकॉर्ड से अधिक है। मिल ने डायरेक्ट प्रेषण में 85,101 टन,हाई टेंसाइल प्रेषण में 40,050 टन, दैनिक रोड प्रेषण में 1,699 टन एवं 52 ट्रॉलियों तथा कुल 1,28,159 टन प्रेषण का नया रिकॉर्ड बनाया।
यूआरएम ने पहली बार भेजे 102 लॉन्ग रेल रेक
यूआरएम ने अगस्त 2026 में 260 मीटर रेल पैनल के 102 श्वक्र रेक का प्रेषण कर पहली बार 100 रेक का आंकड़ा पार किया। इससे पहले जून और जुलाई 2026 में 94 श्वक्र रेक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज किया गया था। मई 2026 से यूआरएम लगातार चौथे माह निर्धारित क्षमता के अनुरूप प्राइम उत्पादन कर रहा है।
लॉन्ग रेल के कुल प्रेषण में भी बीएसपी ने सर्वकालिक रिकॉर्ड बनाया। अगस्त में संयंत्र से कुल 119 श्वक्र रेक भेजे गए, जो जून 2026 के 111 रेक के पिछले रिकॉर्ड से अधिक है। खास बात यह है कि अब केवल यूआरएम से ही एक माह में 100 से अधिक लॉन्ग रेल रेक का प्रेषण संभव हुआ है।
टीम भावना और परिचालन उत्कृष्टता को मिली सराहना
उपलब्धियों के अवसर पर निदेशक प्रभारी, बीएसपी चित्तरंजन महापात्र ने प्लेट मिल एवं यूआरएम का दौरा कर दोनों टीमों को बधाई दी। उन्होंने अधिकारियों एवं कार्मिकों के समर्पण, टीम भावना और उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना करते हुए भविष्य में भी नए कीर्तिमान स्थापित करने का विश्वास जताया।
प्लेट मिल और यूआरएम की उपलब्धियां संयंत्र में उच्च उत्पादकता, परिचालन दक्षता, मूल्यवर्धित उत्पादों, डिजिटलीकरण एवं ऑटोमेशन को बढ़ावा देने के प्रयासों को मजबूती देती हैं। साथ ही यह प्रदर्शन सेल के महत्वाकांक्षी 'रूद्बह्यह्यद्बशठ्ठ 10्य ष्टह्म् क्कक्चञ्जÓ लक्ष्य की दिशा में भिलाई इस्पात संयंत्र के योगदान को भी सुदृढ़ करता है।
सत्यनारायण राठौर ने ली समीक्षा बैठक,
निर्माण कार्य समय पर पूर्ण करने के दिए निर्देश
दुर्ग / शौर्यपथ / संभाग आयुक्त सत्यनारायण राठौर ने संभागीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर शिक्षा व्यवस्था, नशा विरोधी अभियान, निर्माण कार्य, जलाशयों में जलभराव और प्राथमिक सहकारी समितियों के गठन की समीक्षा की।
उन्होंने स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था बेहतर बनाने और विद्यार्थियों की शिकायतों का निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निलंबित शिक्षकों को आरोप पत्र जारी कर विभागीय जांच शुरू करने तथा नियमानुसार सेवा में बहाल शिक्षकों की विद्यार्थियों की संख्या के आधार पर स्कूलों में पदस्थापना करने कहा। शिक्षकों को विद्यार्थियों और ग्रामीणों के साथ अनुशासित एवं बेहतर व्यवहार के लिए समझाइश देने के निर्देश भी दिए।
उच्च शिक्षा विभाग को स्कूलों एवं कॉलेजों में नशे के खिलाफ जनजागरूकता अभियान लगातार जारी रखने तथा युवाओं को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने कहा गया। सीजीएमएससी एवं अन्य निर्माण एजेंसियों को स्वीकृत और प्रगतिरत कार्य निर्धारित समयसीमा में पूर्ण कर संबंधित विभागों को हस्तांतरित करने के निर्देश दिए गए।
समीक्षा में क्रेडा ने बताया कि सौर सुजला योजना का लक्ष्य पूर्ण हो चुका है और विभिन्न स्थानों पर 1300 सौर लैम्प लगाए गए हैं। जल संसाधन विभाग के अनुसार खपरी और मटियामोती जलाशय 100 प्रतिशत, जबकि तांदुला, खरखरा और मोहड़ सहित अन्य जलाशयों में 80 से 85 प्रतिशत जलभराव है।
संयुक्त आयुक्त सहकारिता ने बताया कि शासन की मंशा के अनुरूप ग्राम पंचायतों में प्राथमिक सहकारी समितियां गठित की जा रही हैं। अब तक मत्स्य, दुग्ध एवं वनोपज से संबंधित 1330 नवीन समितियां गठित हो चुकी हैं। बैठक में उपायुक्त (राजस्व) पदुम लाल यादव, उपायुक्त (विकास) संतोष ठाकुर सहित विभिन्न विभागों के संभाग स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
जांजगीर-चांपा / शौर्यपथ / नैला स्थित मेसर्स बालाजी कृषि के खिलाफ कृषि विभाग ने कार्रवाई करते हुए उसका कीटनाशी अनुज्ञप्ति (लाइसेंस) आगामी आदेश तक निलंबित कर दिया है। 20 अगस्त 2026 को राज्य एवं जिला स्तरीय कीटनाशक निरीक्षकों द्वारा प्रतिष्ठान के विक्रय एवं भंडार परिसर का औचक निरीक्षण किया गया था।
निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठान में बिना स्रोत प्रमाण पत्र की अनुमति के विभिन्न कीटनाशक कंपनियों के उत्पादों का विक्रय किया जाना पाया गया। विभाग ने संबंधित कंपनियों के उत्पादों की बिक्री तत्काल प्रतिबंधित करते हुए उन्हें जब्त करने की कार्रवाई की। निरीक्षण के बाद जारी नोटिस के जवाब में भी प्रतिष्ठान द्वारा सभी बिंदुओं पर पूर्ण दस्तावेजों के साथ जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया।
निर्धारित समयावधि में समाधानकारक जवाब प्राप्त नहीं होने पर उप संचालक कृषि द्वारा कीटनाशक अधिनियम 1968, कीटनाशक नियम 1971 एवं कीटनाशक आदेश 1986 के प्रावधानों के तहत बालाजी कृषि का कीटनाशी लाइसेंस आगामी आदेश तक निलंबित कर दिया गया।
उप संचालक कृषि ने स्पष्ट किया कि जिले के सभी निजी कृषि केंद्रों का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। बिना लाइसेंस अथवा बिना वैध स्रोत प्रमाण पत्र के कीटनाशकों की बिक्री तथा नियमों के उल्लंघन की स्थिति में आगे भी नियमानुसार कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
33/11 केवी के 5 एमवीए क्षमता वाले सबस्टेशन का मंत्री लखनलाल देवांगन ने किया भूमिपूजन, शहरी-ग्रामीण क्षेत्रों में सुधरेगी बिजली आपूर्ति
रायपुर / शौर्यपथ / कोरबा जिले के बालको क्षेत्र से लगे ग्राम पंचायत जामबहार में बिजली आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ी पहल हुई है। उद्योग, वाणिज्य, श्रम एवं आबकारी मंत्री श्री लखनलाल देवांगन ने मंगलवार को 3.40 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले 33/11 केवी, 5 एमवीए क्षमता के विद्युत सबस्टेशन का विधिवत भूमिपूजन किया। नए सबस्टेशन के अस्तित्व में आने से क्षेत्र में बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता बेहतर होगी और आसपास के मौजूदा सबस्टेशनों पर पड़ने वाला दबाव भी कम होगा।
रूमगरा से जामबहार तक सुधरेगी विद्युत व्यवस्था
मंत्री देवांगन ने कहा कि नए सबस्टेशन का लाभ कोरबा के शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों को मिलेगा। शहरी क्षेत्र में रूमगरा, बेलगिरी बस्ती, मदरसा मोहल्ला, हवाई पट्टी, खान मोहल्ला और जोगियाडेरा सहित अन्य बस्तियों में विद्युत आपूर्ति अधिक सुचारू होगी।
वहीं ग्रामीण क्षेत्र के जामबहार, रोकबहरी, सोनपुरी, परसाबातेल और चुहिया में भी बिजली की उपलब्धता और आपूर्ति व्यवस्था में सुधार आएगा। इस परियोजना से 4,500 से अधिक बिजली उपभोक्ता सीधे लाभान्वित होंगे।
हर घर तक बिजली और सौर ऊर्जा पर जोर
भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री देवांगन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशा प्रदेश के प्रत्येक घर तक पर्याप्त और गुणवत्तापूर्ण बिजली पहुंचाने की है। उन्होंने ग्रामीणों से सरकार की ‘प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना’ और ‘बिजली बिल समाधान योजना’ का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की।
जनप्रतिनिधियों ने बताया विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह और जिला पंचायत सदस्य रेणुका राठिया ने नए सबस्टेशन की स्वीकृति और भूमिपूजन को क्षेत्र के विकास के लिए महत्वपूर्ण कदम बताते हुए मंत्री देवांगन के प्रयासों की सराहना की।
इस अवसर पर जनप्रतिनिधि रफीक मेमन, निगम पार्षद नरेंद्र देवांगन, सीमा कंवर, जामबहार सरपंच उपन सिंह कंवर सहित बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता, कार्यपालन अभियंता एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
मुख्य सचिव विकासशील ने जुलाई की रैंकिंग में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को दिए प्रशंसा पत्र, विभागाध्यक्ष और जिला कार्यालय भी सम्मानित
रायपुर / शौर्यपथ / सरकारी कामकाज में तेजी, पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा देने के लिए छत्तीसगढ़ शासन लगातार डिजिटल कार्यप्रणाली को मजबूत कर रहा है। इसी दिशा में मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर में आयोजित मासिक सम्मान कार्यक्रम में मुख्य सचिव श्री विकासशील ने जुलाई माह में ई-ऑफिस के माध्यम से नस्तियों के त्वरित एवं प्रभावी निराकरण तथा कार्यालयीन समयबद्ध उपस्थिति में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों को प्रशंसा पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।
ई-ऑफिस में विभागीय प्रदर्शन के आधार पर लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को प्रथम, आदिम जाति विकास विभाग को द्वितीय और ग्रामोद्योग विभाग को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। मुख्य सचिव ने सम्मानित अधिकारियों-कर्मचारियों को बधाई देते हुए अपेक्षा की कि ई-ऑफिस में इसी तरह लगातार बेहतर प्रदर्शन किया जाए।
उन्होंने अधिकारियों-कर्मचारियों को आई-गॉट (iGOT) पर प्रत्येक माह विभागीय आवश्यकता के अनुरूप कम से कम 3 से 4 कोर्स अनिवार्य रूप से करने के लिए भी प्रेरित किया। प्रदेश स्तर पर आई-गॉट में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों को भी प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया गया।
ई-ऑफिस रैंकिंग में इन अधिकारियों-कर्मचारियों का रहा उत्कृष्ट प्रदर्शन
संयुक्त सचिव से कनिष्ठ सचिवालय सहायक श्रेणी की ई-ऑफिस रैंकिंग में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अपर सचिव श्री सच्चिदानंद आलोक प्रथम, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की संयुक्त सचिव श्रीमती जयश्री जैन द्वितीय तथा आदिम जाति विकास विभाग के संयुक्त सचिव श्री भूपेन्द्र कुमार राजपूत तृतीय स्थान पर रहे।
उप सचिव श्रेणी में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के श्री दूरदेशी राम सोन्टापर प्रथम, श्रम विभाग के श्री विपुल कुमार गुप्ता द्वितीय तथा सामान्य प्रशासन विभाग कक्ष-8 की श्रीमती ऋतु वर्मा तृतीय रहीं। अवर सचिव श्रेणी में गृह विभाग के श्री पूरन लाल साहू प्रथम, सामान्य प्रशासन विभाग कक्ष-1 के श्री कैलाश कुमार नेताम द्वितीय तथा लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की श्रीमती दिव्या वैष्णव तृतीय रहीं।
अनुभाग अधिकारी श्रेणी में लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के श्री वीरेन्द्र कुमार प्रथम, श्री जीवन लाल नेताम द्वितीय तथा वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के श्री योगेन्द्र कुमार साहू तृतीय स्थान पर रहे। सहायक अनुभाग अधिकारी श्रेणी में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के श्री मोहम्मद शाहिर अंसारी प्रथम, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की श्रीमती प्रिया बागड़े द्वितीय तथा सामान्य प्रशासन विभाग कक्ष-4 के श्री जलेश राम तृतीय रहे।
वरिष्ठ सचिवालय सहायक श्रेणी में लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के श्री मुकेश राम प्रधान प्रथम, अनुसूचित जाति विकास विभाग के श्री गौरव कुमार राय द्वितीय तथा श्रीमती अंजू दत्ता तृतीय स्थान पर रहीं। कनिष्ठ सचिवालय सहायक श्रेणी में लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के श्री प्रभु सिंह राठिया प्रथम, खाद्य विभाग के श्री संदीप कुमार तारम द्वितीय तथा नगरीय प्रशासन विभाग के श्री उमेश यादव तृतीय रहे।
सहायक ग्रेड-2 श्रेणी में आदिम जाति विकास विभाग के श्री शेष नारायण साहू प्रथम, डाटा एंट्री ऑपरेटर श्रेणी में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की श्रीमती माया देवांगन द्वितीय तथा सहायक ग्रेड श्रेणी में विधि एवं विधायी कार्य विभाग के श्री तरूण कुमार धृतलहरे तृतीय स्थान पर सम्मानित हुए।
समयबद्ध उपस्थिति में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन
अटेंडेंस रैंकिंग में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों में श्री अनिल तिर्की, सुश्री आराधना साहू, श्री आशिष कुमार शर्मा, श्री आशुतोष वर्मा, श्री अश्वनी कुमार भतपहरी, श्री भागेश कुमार ध्रुव, श्री भूपेन्द्र सिंह राजपूत, श्रीमती दिव्या वैष्णव, श्रीमती हेमिन बाघे, श्री किशोर कुमार, श्री लोक नारायण शर्मा, श्रीमती मंजूषा राजपूत, श्री मेलू राम ध्रुव, श्री मिर्जा मुस्कान बेग, श्री मुकेश कुमार शाकार, श्री नरेश कुमार बाघमार, श्री पवन कुमार साहू, श्रीमती पुष्पांजली गजभिये, श्री राज कुमार सोरी, श्री राजेश सिंह राणा, सुश्री राखी सिदार, श्री रमाकांत, सुश्री रूपाली तिवारी, श्री शिवचरण राठौर, श्रीमती सुधा शेंडे, श्री तरूण कुमार धृतलहरे और श्री विवेक सोनी शामिल रहे।
तीन माह की रैंकिंग में भी विभागों ने बनाई जगह
तीन माह की ई-ऑफिस रैंकिंग में आदिम जाति विकास विभाग के संयुक्त सचिव श्री भूपेन्द्र कुमार राजपूत प्रथम, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अपर सचिव श्री सच्चिदानंद आलोक द्वितीय और वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की संयुक्त सचिव श्रीमती जयश्री जैन तृतीय स्थान पर रहीं।
तीन माह की अटेंडेंस रैंकिंग में उच्च शिक्षा विभाग के सहायक अनुभाग अधिकारी श्री लोक नारायण शर्मा प्रथम, सामान्य प्रशासन विभाग के भृत्य श्री राज कुमार सोरी द्वितीय तथा वरिष्ठ सचिवालय सहायक श्री मेलू राम ध्रुव तृतीय स्थान पर रहे।
तीन माह की विभागीय रैंकिंग में लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग प्रथम, गृह विभाग द्वितीय तथा वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग तृतीय स्थान पर रहा।
विभागाध्यक्ष और जिला कार्यालय भी सम्मानित
ई-ऑफिस रैंकिंग में विभागाध्यक्ष स्तर पर उच्च शिक्षा विभाग की आयुक्त सुश्री रीता यादव प्रथम, आदिम जाति विकास विभाग के आयुक्त श्री डी. राहुल वेंकट द्वितीय और उच्च शिक्षा विभाग के अपर संचालक श्री जॉन तिग्गा तृतीय स्थान पर रहे। चिकित्सा शिक्षा विभाग के सहायक ग्रेड-3 श्री वेद प्रकाश देवांगन चौथे तथा लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के डाटा एंट्री ऑपरेटर श्री पीताम्बर प्रसाद पांचवें स्थान पर रहे।
ई-ऑफिस जिला कार्यालय रैंकिंग में रायपुर की सहायक परियोजना अधिकारी सुश्री अनिता जैन प्रथम, सक्ती जिला कार्यालय की सहायक सह डाटा एंट्री ऑपरेटर सुश्री नंदनी सोनी द्वितीय और रायपुर जिले के नोडल अधिकारी श्री पंकज कुमार शर्मा तृतीय स्थान पर रहे। सक्ती के ई-जिला तकनीकी प्रबंधक श्री तुलसी देवांगन चौथे तथा कबीरधाम के अधीक्षक श्री राजेन्द्र सिंह धुर्वे पांचवें स्थान पर रहे।
आई-गॉट में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन
आई-गॉट रैंकिंग में आयुक्त कार्यालय बिलासपुर के चौकीदार श्री गौतम कुमार देवांगन प्रथम, जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय बलौदाबाजार के व्याख्याता श्री प्रेम नारायण नायक द्वितीय तथा पुलिस अधीक्षक कार्यालय बालोद के आरक्षक श्री दिनेश कुमार तृतीय स्थान पर रहे।
मुख्य सचिव ने कहा कि डिजिटल कार्यप्रणाली और समयबद्ध उपस्थिति में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों का सम्मान अन्य कर्मचारियों को भी बेहतर कार्य के लिए प्रेरित करेगा। उन्होंने सभी विभागों से ई-ऑफिस और आई-गॉट सहित डिजिटल माध्यमों का प्रभावी उपयोग करते हुए शासकीय कार्यों के त्वरित निराकरण की अपेक्षा की।
राष्ट्रीय तकनीकी वस्त्र मिशन के तहत शिक्षा, प्रशिक्षण, कौशल विकास से लेकर बाजार और अनुसंधान तक पर होगा फोकस
रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ में तकनीकी वस्त्र (टेक्निकल टेक्सटाइल) क्षेत्र को नई दिशा देने की तैयारी शुरू हो गई है। मुख्य सचिव श्री विकासशील ने राष्ट्रीय तकनीकी वस्त्र मिशन के तहत ग्रामोद्योग विभाग एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों को प्रदेश में टेक्निकल टेक्सटाइल उद्योग की संभावनाओं को चिन्हित करते हुए व्यापक और ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में रोजगार, उद्यमिता और औद्योगिक विकास की व्यापक संभावनाएं हैं, इसलिए शिक्षा, प्रशिक्षण और कौशल विकास को उद्योग की जरूरतों से जोड़कर आगे बढ़ाया जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि तकनीकी वस्त्र क्षेत्र के लिए आवश्यक मानव संसाधन तैयार करने में प्रदेश के शैक्षणिक एवं तकनीकी शिक्षण संस्थानों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। इसके लिए विश्वविद्यालयों, तकनीकी संस्थानों और कौशल विकास से जुड़े संस्थानों से आवश्यक सहयोग लेकर प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण की व्यवस्था विकसित की जाए, ताकि प्रदेश के युवाओं को इस उभरते क्षेत्र में रोजगार और स्वरोजगार के अवसर मिल सकें।
एग्रो से मेडिकल और स्मार्ट टेक्सटाइल तक संभावनाओं पर मंथन
बैठक में ग्रामोद्योग विभाग के अधिकारियों ने राष्ट्रीय तकनीकी वस्त्र मिशन के तहत शिक्षा, प्रशिक्षण, कौशल विकास, बाजार विकास, अनुसंधान, नवाचार एवं विकास से संबंधित विस्तृत प्रस्तुतिकरण दिया। इस दौरान प्रदेश में तकनीकी वस्त्र क्षेत्र के विभिन्न संभावित क्षेत्रों पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में एग्रो टेक्सटाइल, मेडिकल टेक्सटाइल, कंस्ट्रक्शन टेक्सटाइल, स्मार्ट टेक्सटाइल तथा स्पोर्ट्स, होम एवं क्लॉथ टेक्सटाइल जैसे क्षेत्रों में संभावनाओं पर व्यापक विचार-विमर्श किया गया। अधिकारियों और विशेषज्ञों ने इन क्षेत्रों में प्रदेश की मौजूदा क्षमताओं, संभावित बाजार, तकनीकी आवश्यकताओं और कौशल विकास की जरूरतों पर भी चर्चा की।
विशेषज्ञ संस्थानों के सहयोग से तैयार होगी रणनीति
बैठक में ग्रामोद्योग विभाग के सचिव श्री राजेश सिंह राणा सहित उद्योग एवं वाणिज्य, तकनीकी शिक्षा, एनआईटी, कौशल विकास, उच्च शिक्षा एवं विश्वविद्यालयों के तकनीकी विशेषज्ञों ने भाग लिया। विशेषज्ञों ने तकनीकी वस्त्र क्षेत्र के विकास के लिए उपलब्ध संसाधनों और संस्थागत क्षमताओं का बेहतर उपयोग करने पर अपने सुझाव दिए।
सरकार का जोर ऐसी कार्ययोजना तैयार करने पर है, जिसके माध्यम से तकनीकी शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार, कौशल विकास और बाजार को एक साथ जोड़कर छत्तीसगढ़ को तकनीकी वस्त्र क्षेत्र में नई पहचान दिलाई जा सके।
स्वसहायता समूह से जुड़कर बदली जिंदगी; किराना दुकान और मुर्गी व्यवसाय से सालाना आय पहुंची 2 से 2.5 लाख रुपये तक
रायपुर / शौर्यपथ / सरकारी योजनाओं का सही उपयोग और मेहनत का जज्बा किसी भी परिवार की आर्थिक तस्वीर बदल सकता है। मरवाही विकासखंड की ग्राम पंचायत गुदुमदेवरी की श्रीमती सीता मरावी इसकी प्रेरक मिसाल बनकर सामने आई हैं। कभी सीमित आमदनी में परिवार का भरण-पोषण करने वाली सीता मरावी ने स्वसहायता समूह से जुड़कर स्वरोजगार की राह पकड़ी और आज ‘लखपति दीदी’ बनकर न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन गई हैं।
25 हजार से किराना दुकान, 50 हजार से शुरू किया मुर्गी व्यवसाय
सीता मरावी वंदना महिला स्वसहायता समूह से जुड़ीं। समूह से प्राप्त सहयोग ने उन्हें अपने पैरों पर खड़े होने का अवसर दिया। बैंक लोन, सीआईएफ एवं आरएफ के माध्यम से प्राप्त 25 हजार रुपये की राशि से उन्होंने गांव में किराना दुकान शुरू की। व्यवसाय को आगे बढ़ाने के बाद समूह के संकुल से 50 हजार रुपये की अतिरिक्त राशि प्राप्त कर उन्होंने मुर्गी व्यवसाय भी प्रारंभ किया।
दोनों व्यवसायों को उन्होंने मेहनत, लगन और बेहतर प्रबंधन के साथ आगे बढ़ाया। इसका परिणाम यह रहा कि उनकी वार्षिक आय अब लगभग 2 से 2.5 लाख रुपये तक पहुंच गई है। बढ़ी हुई आय ने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूती देने के साथ सीता के भीतर आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास की नई ऊर्जा भी पैदा की।
समूह से मिला सहयोग बना जिंदगी का टर्निंग पॉइंट
सीता मरावी बताती हैं कि महिला स्वसहायता समूह से जुड़ना उनके जीवन का महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ। समूह से मिले आर्थिक सहयोग, मार्गदर्शन और स्वरोजगार के अवसर ने उन्हें अपनी क्षमता पहचानने का मौका दिया। आज वह स्वयं आर्थिक रूप से सक्षम हैं और अपने गांव की दूसरी महिलाओं को भी आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर रही हैं।
सीता को महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त की राशि भी प्राप्त हो चुकी है। विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से मिले सहयोग को उन्होंने अपनी मेहनत और सूझबूझ के साथ जोड़कर आर्थिक सशक्तिकरण की राह बनाई है।
‘मेहनत करें तो योजनाएं बनती हैं सहारा’
सीता मरावी के लिए ‘लखपति दीदी’ बनना केवल आय बढ़ने की कहानी नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की नई पहचान है। किराना दुकान और मुर्गी व्यवसाय के माध्यम से उन्होंने यह साबित किया है कि यदि महिलाओं को आर्थिक सहयोग, सही मार्गदर्शन और अवसर मिले तो वे अपने परिवार की आर्थिक स्थिति बदलने के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत कर सकती हैं।
अपने जीवन में आए इस सकारात्मक बदलाव के लिए श्रीमती सीता मरावी ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद दिया है। उन्होंने कहा कि स्वसहायता समूह और शासन की योजनाओं से मिले सहयोग ने उन्हें आगे बढ़ने का रास्ता दिया, जिसे उन्होंने अपनी मेहनत से सफलता में बदला।
18वें स्थापना दिवस पर कैडेटों ने दिखाई प्रतिभा और छत्तीसगढ़ी संस्कृति की झलक; पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने किया प्रतिभाओं का सम्मान
रायपुर / शौर्यपथ / सैनिक स्कूल अंबिकापुर ने अपनी गौरवशाली यात्रा के 18 वर्ष पूरे कर लिए। इस अवसर पर विद्यालय का 18वां स्थापना दिवस समारोह हर्षोल्लास और गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया। समारोह में कैडेटों ने अपनी प्रतिभा, अनुशासन और सांस्कृतिक विरासत का शानदार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने विद्यालय की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि सैनिक स्कूल विद्यार्थियों में अनुशासन, समर्पण और राष्ट्रसेवा की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
समारोह की शुरुआत मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों के आगमन पर गार्ड ऑफ ऑनर से हुई। पुष्पगुच्छ से स्वागत के बाद दीप प्रज्ज्वलन किया गया और विद्यालय की 18 वर्षों की यात्रा के प्रतीक रूप में अतिथियों ने केक काटकर स्थापना दिवस मनाया। इस अवसर पर सरगुजा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक श्री दीपक कुमार झा, कलेक्टर श्री अजीत वसंत, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री राजेश कुमार अग्रवाल सहित प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
18 वर्षों की उपलब्धियों का प्रस्तुत हुआ रिपोर्ट कार्ड
विद्यालय के प्राचार्य कर्नल राजेश बैंदा ने सत्र 2025-26 की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए शैक्षणिक उपलब्धियों, खेलकूद, सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों और विभिन्न क्षेत्रों में कैडेटों के उत्कृष्ट प्रदर्शन की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विद्यालय ने शिक्षा के साथ-साथ कैडेटों के व्यक्तित्व विकास और नेतृत्व क्षमता निर्माण पर भी निरंतर जोर दिया है।
समारोह में कैडेटों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। स्वागत गीत के साथ छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति पर आधारित लोकनृत्य, प्रेरणादायक मूक अभिनय, देशभक्ति से ओतप्रोत समूहगान और भगवान श्रीराम के जीवन एवं आदर्शों पर आधारित प्रस्तुति ने उपस्थित दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया।
विद्यालय पत्रिका का विमोचन, ‘संस्कृत ऐप’ ने खींचा ध्यान
मुख्य अतिथि श्री राजेश अग्रवाल ने सत्र 2025-26 की विद्यालय पत्रिका का विमोचन किया। इस दौरान संस्कृत शिक्षक श्री सौरभ कुमार जैन के मार्गदर्शन में कैडेटों द्वारा तैयार किए गए अभिनव ‘संस्कृत ऐप’ का भी अवलोकन किया गया। अतिथियों ने कैडेटों की इस पहल की सराहना करते हुए इसे तकनीक के साथ शिक्षा और भारतीय भाषाओं को जोड़ने का सराहनीय प्रयास बताया।
शिक्षा, खेल और सह-पाठ्यक्रम में चमके कैडेट
समारोह में सत्र 2025-26 में शैक्षणिक, खेलकूद और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कैडेटों को सम्मानित किया गया। विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले हाउस को ट्रॉफियां प्रदान की गईं।
सर्वश्रेष्ठ सह-पाठ्यक्रम हाउस का सम्मान कटारी हाउस एवं अरिहंत हाउस को मिला। खेलकूद में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए भी कटारी हाउस एवं अरिहंत हाउस को सम्मानित किया गया। वहीं शैक्षणिक क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए अर्जुन सिंह हाउस एवं तेजस हाउस को सर्वश्रेष्ठ अकादमिक हाउस की ट्रॉफी प्रदान की गई।
विद्यालय के अधिकारियों, शिक्षकों, स्टाफ एवं जनरल कर्मचारियों को उत्कृष्ट कार्य, कर्तव्यनिष्ठा और सैनिक स्कूल के विकास में योगदान के लिए कमेंडेशन प्रदान कर सम्मानित किया गया।
‘अनुशासन को जीवन का हिस्सा बनाएं’
मुख्य अतिथि मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने सैनिक स्कूल अंबिकापुर की शैक्षणिक, खेलकूद और सह-पाठ्यक्रम उपलब्धियों की सराहना की। उन्होंने कैडेटों को अनुशासन को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने, निरंतर परिश्रम करने और समर्पण के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि सैनिक स्कूल केवल विद्यार्थियों को शिक्षा देने वाले संस्थान नहीं हैं, बल्कि यहां ऐसे व्यक्तित्व का निर्माण होता है, जिनमें अनुशासन, नेतृत्व, समर्पण और राष्ट्रसेवा की भावना मजबूत होती है। उन्होंने कैडेटों से इन मूल्यों को आत्मसात कर देश के गौरवशाली और जिम्मेदार नागरिक बनने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के उप-प्राचार्य लेफ्टिनेंट कर्नल डॉ. पी. श्रीनिवास ने मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथियों एवं उपस्थित गणमान्यजनों के प्रति आभार व्यक्त किया। राष्ट्रगान के साथ सैनिक स्कूल अंबिकापुर के 18वें स्थापना दिवस समारोह का गरिमापूर्ण समापन हुआ।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात कर लौटे प्रतिभावान विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से की सौजन्य भेंट; CWSN विद्यार्थी नुकेश को राष्ट्रपति ने बांधी राखी, छात्राओं के सुवा नृत्य की हुई सराहना
रायपुर / शौर्यपथ / राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात और संवाद का यादगार अनुभव लेकर लौटे छत्तीसगढ़ के प्रतिभावान विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने मंगलवार को मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में सौजन्य मुलाकात की। विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री के साथ राष्ट्रपति भवन की अपनी यात्रा, राष्ट्रपति से हुए आत्मीय संवाद और वहां मिले सम्मान के अनुभव साझा किए। मुख्यमंत्री श्री साय ने विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि राष्ट्रपति भवन में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करना पूरे प्रदेश के लिए गौरव की बात है। बच्चों ने अपनी प्रतिभा, आत्मविश्वास और सांस्कृतिक प्रस्तुति के माध्यम से छत्तीसगढ़ का मान बढ़ाया है।
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से आत्मीय बातचीत करते हुए उनकी यात्रा और राष्ट्रपति से मुलाकात के अनुभव जाने। विद्यार्थियों ने बताया कि राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु से मिलना उनके जीवन का अविस्मरणीय क्षण रहा। राष्ट्रपति ने बेहद सहज और आत्मीय वातावरण में उनसे बातचीत की तथा उनकी पढ़ाई, रुचियों और भविष्य के सपनों के बारे में जाना। विद्यार्थियों ने राष्ट्रपति भवन के भ्रमण और वहां बिताए विशेष पलों की यादें भी मुख्यमंत्री के साथ साझा कीं।
नुकेश को राष्ट्रपति ने खुद बांधी राखी
रक्षाबंधन के अवसर पर राष्ट्रपति भवन में हुई इस मुलाकात का सबसे भावुक और यादगार क्षण उस समय आया, जब राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने CWSN (Children with Special Needs) विद्यार्थी नुकेश कुमार वर्मा को स्वयं राखी बांधी। राष्ट्रपति का यह आत्मीय स्नेह नुकेश सहित वहां मौजूद सभी विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए जीवनभर संजोकर रखने वाली स्मृति बन गया।
राष्ट्रपति ने विद्यार्थियों की प्रतिभा की सराहना करते हुए उन्हें जीवन में निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। बच्चों के लिए यह मुलाकात केवल सम्मान का अवसर नहीं, बल्कि अपने सपनों को नई ऊंचाई देने वाला प्रेरणादायी अनुभव भी बनी।
राष्ट्रपति भवन में गूंजा छत्तीसगढ़ का सुवा नृत्य
राष्ट्रपति भवन में छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति की मनमोहक झलक भी देखने को मिली। छात्राओं ने प्रदेश के पारंपरिक सुवा नृत्य की आकर्षक प्रस्तुति दी। लोकगीत, संगीत और पारंपरिक भाव-भंगिमाओं से सजी प्रस्तुति ने राष्ट्रपति भवन के वातावरण को छत्तीसगढ़ी संस्कृति के रंग से भर दिया। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने प्रस्तुति की सराहना करते हुए प्रदेश की समृद्ध लोक परंपराओं की प्रशंसा की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह विशेष रूप से गौरव का विषय है कि प्रदेश के बच्चों ने राष्ट्रपति भवन जैसे प्रतिष्ठित मंच पर छत्तीसगढ़ की प्रतिभा के साथ-साथ उसकी सांस्कृतिक विरासत का भी परिचय कराया। उन्होंने कहा कि लोक संस्कृति हमारी पहचान और अमूल्य धरोहर है। जब नई पीढ़ी इसे आत्मसात कर राष्ट्रीय मंचों पर प्रस्तुत करती है तो हमारी परंपराओं को नई ऊर्जा और व्यापक पहचान मिलती है।
‘बच्चों में प्रतिभा की कमी नहीं, अवसर मिलने की जरूरत’
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के बच्चों में प्रतिभा और संभावनाओं की कोई कमी नहीं है। उन्हें सही अवसर, प्रोत्साहन और मंच मिले तो वे देश-दुनिया में प्रदेश का नाम रोशन करने की क्षमता रखते हैं। ऐसे अवसर विद्यार्थियों का आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ उनके सपनों को नई दिशा देते हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों से पूरी लगन और मेहनत से पढ़ाई जारी रखने तथा जीवन में बड़े लक्ष्य निर्धारित कर उन्हें हासिल करने के लिए निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति से मिले प्रोत्साहन और यात्रा के अनुभव को विद्यार्थी अपने जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा बनाएं।
बस्तर से महासमुंद तक की प्रतिभाओं ने किया प्रतिनिधित्व
राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु से भेंट करने वाले विद्यार्थियों में नारायणपुर की राजवती पोयाम, सुकमा के हिमांशु ठाकुर, दुर्ग की पायल राजानी, महासमुंद की रागनी साहू, रायपुर के नुकेश कुमार वर्मा तथा महासमुंद के दुर्गेश साहू और डिगेश सेन शामिल रहे।
इस अवसर पर डॉ. मुक्ति बैस, राज्य नोडल अधिकारी, समग्र शिक्षा, रायपुर तथा श्री चंद्रशेखर मिथलेश, व्याख्याता (भौतिकी), शासकीय आशी बाई गोलछा उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, महासमुंद भी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि वे सपने बड़े रखें, आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें और अपनी उपलब्धियों से परिवार, छत्तीसगढ़ तथा देश को गौरवान्वित करें।
सर्व आदिवासी समाज ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के संरक्षण पर दिया जोर, महिला आयोग ने महिला अधिकारों और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दे उठाए
रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता (UCC) का प्रदेश की सामाजिक एवं सांस्कृतिक विविधता के अनुरूप प्रारूप तैयार करने की प्रक्रिया तेज हो गई है। इसी कड़ी में राजधानी रायपुर के न्यू सर्किट हाउस में मंगलवार को आयोजित परिचर्चा में बस्तर से सरगुजा तक के सामाजिक प्रतिनिधियों की आवाज समिति के सामने पहुंची। सर्व आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों, राज्य महिला आयोग और राज्य फिल्म विकास निगम के पदाधिकारियों ने विवाह, तलाक, भरण-पोषण, उत्तराधिकार, संपत्ति अधिकार और लिव-इन संबंध जैसे संवेदनशील विषयों पर अपने सुझाव रखे।
UCC समिति के सदस्य सेवानिवृत्त आईएएस श्री एम.के. राउत, वरिष्ठ अधिवक्ता श्री मोहन पवार, सेवानिवृत्त श्रीमती ज्योति रानी सिंह तथा सदस्य सचिव श्री श्याम धावड़े ने विभिन्न पक्षों को विस्तार से सुना। समिति की ओर से कहा गया कि संहिता तैयार करते समय छत्तीसगढ़ की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान, सामाजिक विविधता और स्थानीय परंपराओं को ध्यान में रखा जाएगा।
आदिवासी समाज बोला—परंपराओं और सांस्कृतिक पहचान की हो सुरक्षा
परिचर्चा में कंवर, गोंड, बैगा और उरांव सहित विभिन्न जनजातीय समुदायों के प्रतिनिधियों ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज की सदियों पुरानी रूढ़िगत प्रथाएं, रीति-रिवाज और सांस्कृतिक परंपराएं उसकी विशिष्ट पहचान हैं। इसलिए प्रस्तावित कानून में इन परंपराओं और सांस्कृतिक विशिष्टताओं के संरक्षण का पर्याप्त प्रावधान होना चाहिए।
प्रतिनिधियों ने इसके साथ ही विवाह पंजीयन, महिलाओं के संपत्ति अधिकार और लिव-इन रिलेशनशिप जैसे व्यावहारिक एवं वर्तमान सामाजिक परिस्थितियों से जुड़े विषयों पर भी समिति के समक्ष अपने सुझाव दिए। उनका जोर इस बात पर रहा कि समानता के उद्देश्य के साथ-साथ स्थानीय सामाजिक व्यवस्था और पारंपरिक संस्थाओं की वास्तविकताओं को भी समझा जाए।
महिला अधिकार और सामाजिक सुरक्षा पर भी जोर
राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू ने महिला अधिकारों और सामाजिक सुरक्षा के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने जनजातीय परंपराओं के संरक्षण के साथ सकारात्मक सामाजिक बदलाव की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने मुस्लिम महिलाओं के भरण-पोषण के अधिकार, राष्ट्रीय एकता को मजबूती देने तथा धर्म परिवर्तन पर रोक से जुड़े विषयों के संदर्भ में UCC की आवश्यकता पर अपने विचार रखे।
राज्य फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोककला और जनजातीय विरासत को संरक्षित रखने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि विवाह एवं संपत्ति अधिकारों में समानता समाज के अंतिम छोर पर खड़ी महिलाओं को अधिक कानूनी सुरक्षा और आत्मविश्वास प्रदान कर सकती है।
जनसंवाद के जरिए तैयार होगा प्रस्तावित प्रारूप
संविधान के अनुच्छेद 44 में राज्य के लिए नागरिकों के लिए समान नागरिक संहिता सुनिश्चित करने की दिशा में प्रयास करने का प्रावधान है। इसी संवैधानिक भावना के अनुरूप छत्तीसगढ़ में UCC समिति प्रदेशभर में व्यापक जनसंवाद कर रही है। प्रस्तावित संहिता के अंतर्गत विवाह एवं तलाक, भरण-पोषण, उत्तराधिकार एवं विरासत तथा लिव-इन संबंधों जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया जा रहा है।
समिति जिला स्तरीय फील्ड स्टडी, ऑनलाइन पोर्टल और प्रत्यक्ष बैठकों के माध्यम से आम नागरिकों, कानूनविदों, सामाजिक संगठनों और विभिन्न समुदायों के प्रतिनिधियों से सुझाव जुटा रही है। बस्तर से सरगुजा तक सामने आ रहे विभिन्न दृष्टिकोणों को एक मंच पर लाने की यह प्रक्रिया इस बात का संकेत है कि छत्तीसगढ़ में प्रस्तावित UCC के प्रारूप को स्थानीय सामाजिक विविधता, संवैधानिक मूल्यों और नागरिक अधिकारों के बीच संतुलन के आधार पर तैयार करने का प्रयास किया जा रहा है।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
