August 03, 2026
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    धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
    क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

    "शौर्यपथ : एक अखबार नहीं, एक बेटे का जीवित स्वरूप" समय का पहिया निरंतर चलता रहता है, लेकिन कुछ तिथियाँ, कुछ क्षण और कुछ स्मृतियाँ ऐसी होती हैं जो जीवन…

    संवाददाता – अजय देशमुख | गुंडरदेही
    भगवान महावीर स्वामी के जन्म कल्याणक महोत्सव के अवसर पर जैन श्री संघ गुंडरदेही द्वारा स्थानीय शारदा वाटिका में आयोजित भव्य समारोह श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक एकता का अद्भुत उदाहरण बनकर सामने आया। ‘जियो और जीने दो’ के संदेश को आत्मसात करते हुए आयोजित इस कार्यक्रम में समाज के सभी वर्गों की सहभागिता ने इसे एक यादगार उत्सव में परिवर्तित कर दिया।

    कार्यक्रम का शुभारंभ नन्हे-मुन्ने बच्चों की आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से हुआ, जिसने उपस्थित जनसमूह का मन मोह लिया। बहु मंडल की सदस्याओं ने मनोहारी नृत्य प्रस्तुत कर भगवान महावीर के उपदेशों को सजीव रूप में प्रस्तुत किया। इस दौरान समाज के वरिष्ठजनों की गरिमामयी उपस्थिति और उनके आशीर्वाद ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत कर दिया।

    इस आयोजन की सफलता में मातृशक्ति और युवा वर्ग की भूमिका विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। महिलाओं के समर्पण और युवाओं के सुव्यवस्थित प्रबंधन ने कार्यक्रम को अनुशासन, उत्साह और भव्यता का उत्कृष्ट स्वरूप प्रदान किया।

    महोत्सव में आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। कलंगपुर, सिकोसा और सिराभाठा श्री संघ के सदस्यों की सक्रिय सहभागिता ने आयोजन की शोभा को और बढ़ाया। जैन श्री संघ गुंडरदेही ने सभी आगंतुक संघों के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया।

    कार्यक्रम के दौरान जीव दया के भाव को साकार करते हुए श्रद्धालुओं ने जीव दया पेटी में ₹21,000 की राशि समर्पित की। संघ ने यह निर्णय लिया कि उक्त राशि श्री कृष्ण गौशाला को सेवा कार्य हेतु प्रदान की जाएगी, जो समाज के सेवा भाव का प्रेरणादायक उदाहरण है।
    समापन अवसर पर जैन श्री संघ गुंडरदेही ने सभी सहयोगियों, दानदाताओं एवं श्रद्धालुओं के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए भविष्य में भी इसी प्रकार धर्म और समाज सेवा के कार्यों को निरंतर आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि सामाजिक समरसता और सेवा के आदर्शों को भी सशक्त रूप से प्रस्तुत कर गया।

    शौर्यपथ, गुंडरदेही।
    गुंडरदेही क्षेत्र में एक वेब पोर्टल पर प्रकाशित और सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही कथित अवैध गतिविधियों की खबर जांच में भ्रामक साबित हुई है। खबर में दावा किया गया था कि थाना गुंडरदेही अंतर्गत ग्राम ओटेबंद में दारू, गांजा और सट्टे का कारोबार संचालित हो रहा है, जिसका आधार एक संदिग्ध वीडियो बताया जा रहा था।
    हालांकि, वायरल वीडियो में न तो व्यक्ति का चेहरा स्पष्ट है और न ही यह पुष्टि हो पाई कि वीडियो उक्त स्थान का ही है। वीडियो में केवल कुछ पत्तियों को दिखाया जा रहा है, जिससे किसी ठोस निष्कर्ष पर पहुंचना संभव नहीं है। इसके बावजूद वेब पोर्टल द्वारा बिना पुष्ट जानकारी के गंभीर आरोप प्रसारित कर दिए गए।
    मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी (टीआई) नवीन बोरकर ने तत्काल मौके पर पहुंचकर जांच की। जांच के दौरान न तो वहां शराब की कोई अवैध सामग्री मिली और न ही गांजा या सट्टा संचालन के कोई प्रमाण सामने आए। ग्रामीणों ने भी स्पष्ट रूप से बताया कि उक्त स्थान पर किसी प्रकार की अवैध गतिविधियां नहीं होती हैं।
    पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में फिलहाल ऐसी कोई गतिविधि नहीं पाई गई है, लेकिन भविष्य में यदि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि सामने आती है तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
    इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर बिना सत्यापन के सनसनीखेज खबरें प्रसारित करने वाले कुछ वेब पोर्टल्स की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासनिक और सामाजिक दृष्टि से संवेदनशील विषयों पर इस प्रकार की भ्रामक खबरें न केवल आमजन में भ्रम फैलाती हैं, बल्कि पुलिस और शासन की छवि को भी नुकसान पहुंचाने का प्रयास करती हैं।
    आवश्यक है कि मीडिया संस्थान जिम्मेदारी के साथ तथ्यों की पुष्टि कर ही खबरों का प्रकाशन करें, ताकि पत्रकारिता की विश्वसनीयता बनी रहे और समाज में सही एवं संतुलित जानकारी पहुंच सके।

    दुर्ग। नगर पालिक निगम दुर्ग के वार्ड नंबर 38, मिलपारा में विकास के दावों की पोल खुल गई है। तीन-चार महीने पहले जिस 'आकांक्षा शौचालय' का उद्घाटन बड़े तामझाम और…

      रायपुर / शौर्यपथ / उत्तर छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग के लिए 30 मार्च 2026 एक ऐतिहासिक दिन बनने जा रहा है। माँ महामाया एयरपोर्ट, दरिमा (अंबिकापुर) से देश की राजधानी दिल्ली और पूर्वी भारत के प्रमुख शहर कोलकाता के लिए नियमित हवाई सेवा का शुभारंभ किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय प्रातः 10 बजे रायपुर से वर्चुअल माध्यम से इस सेवा का विधिवत शुभारंभ करेंगे। इस अवसर पर अंबिकापुर के पी.जी. कॉलेज ऑडिटोरियम में विशेष कार्यक्रम आयोजित होगा, जिसमें जनप्रतिनिधि, अधिकारी और आम नागरिक उपस्थित रहेंगे।

    नई हवाई सेवा के तहत एलायंस एयर द्वारा 72-सीटर एटीआर विमान संचालित किया जाएगा। दिल्ली के लिए सप्ताह में दो दिन—सोमवार और बुधवार—उड़ानें संचालित होंगी। सोमवार को फ्लाइट दिल्ली से बिलासपुर होते हुए अंबिकापुर पहुंचेगी और वहीं से वापस दिल्ली जाएगी। बुधवार को सीधी उड़ान दिल्ली से अंबिकापुर और फिर बिलासपुर होते हुए वापसी करेगी।

    इसी तरह कोलकाता के लिए भी सप्ताह में दो दिन—गुरुवार और शनिवार—उड़ानें उपलब्ध रहेंगी। शनिवार को फ्लाइट कोलकाता से बिलासपुर होते हुए अंबिकापुर पहुंचेगी, जबकि गुरुवार को सीधी उड़ान कोलकाता से अंबिकापुर और फिर बिलासपुर के रास्ते वापसी करेगी। इस शेड्यूल से यात्रियों को दोनों दिशाओं में बेहतर और नियमित कनेक्टिविटी मिलेगी।

    इस हवाई सेवा से सरगुजा संभाग सीधे दिल्ली और कोलकाता से जुड़ जाएगा, जिससे व्यापार, निवेश और पर्यटन को नया बल मिलेगा। क्षेत्र के प्राकृतिक और पर्यटन स्थल—जैसे मैनपाट, तातापानी और जलप्रपात—अब देश-विदेश के पर्यटकों के लिए अधिक सुलभ हो जाएंगे। साथ ही, स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय बाजार तक पहुंच मिलेगी और स्वास्थ्य सेवाओं में भी तेजी आएगी।

    गौरतलब है कि माँ महामाया एयरपोर्ट, दरिमा का विकास केंद्र सरकार की ‘उड़ान’ योजना के अंतर्गत किया गया है। वर्ष 1950 में निर्मित इस हवाई पट्टी का विस्तार कर रनवे को 1500 मीटर से बढ़ाकर 1800 मीटर किया गया है। लगभग 365 एकड़ में फैले इस एयरपोर्ट के विकास हेतु 48.25 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए, जिससे इसे डीजीसीए मानकों के अनुरूप आधुनिक रूप दिया गया है। टर्मिनल भवन का उन्नयन 72 यात्रियों की क्षमता के अनुरूप किया गया है तथा 100 वाहनों की पार्किंग और फोरलेन सड़क की सुविधा भी विकसित की गई है।

    इस नई हवाई सेवा को सरगुजा के विकास की उड़ान के रूप में देखा जा रहा है, जो क्षेत्र को राष्ट्रीय मानचित्र पर नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

      रायपुर / शौर्यपथ / सीमित संसाधनों के बीच बड़े सपने देखने वाली जशपुर जिले के इचकेला की बेटियों ने क्रिकेट के मैदान में ऐसा प्रदर्शन किया कि आज वे जिले ही नहीं, पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणा बन गई हैं। उनकी इसी उपलब्धि पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शनिवार को जशपुर नगर के मल्टीपरपज इंडोर बास्केटबॉल स्टेडियम में उनसे मुलाकात कर उन्हें क्रिकेट किट प्रदान की और उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
    ग्राम इचकेला के शासकीय प्री-मैट्रिक कन्या छात्रावास की 16 बालिका खिलाड़ियों ने क्रिकेट में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए जिले को राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है। मुख्यमंत्री ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी मेहनत, अनुशासन और लगन ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया है और वे आगे भी इसी तरह राज्य और देश का नाम रोशन करती रहें।
    इचकेला एमसीसी एक क्रिकेट अकादमी के रूप में उभरकर सामने आई है, जहां से वर्तमान में 40 बालिकाएं नियमित रूप से क्रिकेट का प्रशिक्षण ले रही हैं। इनमें से 17 खिलाड़ी अंडर-17 और अंडर-19 वर्ग में राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में छत्तीसगढ़ टीम का प्रतिनिधित्व कर रही हैं और बोर्ड मैचों में लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं।
    वर्ष 2025 में सरगुजा संभाग ने 25 वर्षों बाद राज्य स्तरीय अंडर-17 क्रिकेट प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक हासिल किया। इस ऐतिहासिक जीत में इचकेला एमसीसी की भूमिका निर्णायक रही। विजेता टीम के 11 खिलाड़ियों में से 9 खिलाड़ी इसी अकादमी की थीं। वहीं अंडर-19 वर्ग में भी सरगुजा संभाग ने रजत पदक जीता, जिसमें 11 में से 8 खिलाड़ी इचकेला एमसीसी से थीं। रायगढ़ में आयोजित वर्ष 2025 के इंटर-स्टेट क्रिकेट टूर्नामेंट में देशभर की टीमों के बीच इचकेला की बेटियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान हासिल किया। अब तक इस समूह की 11 खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेकर जिले और राज्य का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। इन उपलब्धियों के पीछे कोच श्री संतोष शंकर सोनी और श्रीमती पंडरी बाई का समर्पण और मार्गदर्शन प्रमुख रहा है।इचकेला की बेटियों की सफलता इस बात का सबूत है कि अगर मन में जुनून हो और सही मार्गदर्शन मिले तो संसाधनों की कमी भी सफलता के रास्ते में बाधा नहीं बनती।

      जश्ग्पुर । शौर्यपथ ।
    छत्तीसगढ़ के जशपुर नगर पालिका क्षेत्र में कर भुगतान व्यवस्था को पूरी तरह डिजिटल और सरल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने ‘डिजिटल डोर सुविधा’ का शुभारंभ करते हुए नागरिकों को घर बैठे क्यूआर कोड के माध्यम से टैक्स भुगतान की सुविधा प्रदान की।

    इस पहल के तहत एचडीएफसी बैंक द्वारा नगर पालिका जशपुर के प्रत्येक घर के लिए यूनिक क्यूआर कोड तैयार किया गया है, जिसे घर-घर चस्पा किया जा रहा है। इस क्यूआर कोड में संबंधित मकान मालिक का नाम, मकान नंबर, मोबाइल नंबर और बकाया कर की पूरी जानकारी दर्ज रहेगी। नागरिक इस कोड को स्कैन कर आसानी से अपनी देय राशि देख सकेंगे और डेबिट कार्ड, नेट बैंकिंग अथवा अन्य डिजिटल माध्यमों से सुरक्षित भुगतान कर पाएंगे। भुगतान के तुरंत बाद डिजिटल रसीद भी उपलब्ध होगी।

    नई व्यवस्था के तहत नागरिकों को अब जल कर, संपत्ति कर और दुकान कर जमा करने के लिए नगर पालिका कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। यह प्रणाली डी.डी.एन नंबर, मोबाइल नंबर या प्रॉपर्टी आईडी के माध्यम से भी भुगतान की सुविधा देती है, जिससे प्रक्रिया और अधिक सुविधाजनक हो गई है।

    नगर पालिका जशपुर में लागू प्रॉपर्टी टैक्स इंफॉर्मेशन सिस्टम एक आधुनिक आईसीटी आधारित व्यवस्था है, जिसके अंतर्गत वर्तमान में लगभग 4600 आवासीय, व्यावसायिक और औद्योगिक संपत्तियों को शामिल किया गया है। इस डिजिटल प्रणाली से न केवल राजस्व संग्रहण में तेजी आएगी, बल्कि पारदर्शिता और प्रशासनिक दक्षता भी बढ़ेगी।

    इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, नगर पालिका उपाध्यक्ष यश प्रताप सिंह जूदेव,कृष्णा राय, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, नगर पालिका अधिकारी योगेश्वर उपाध्याय तथा एचडीएफसी बैंक के रीजनल मैनेजर सराफत अली और शाखा प्रबंधक दीपक दास सहित कई जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे। इस पहल को नगरीय प्रशासन के डिजिटलीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है, जो भविष्य में अन्य नगर निकायों के लिए भी मॉडल साबित हो सकता है।

       जगदलपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक धरोहर के केंद्र बस्तर में सोमवार से खेलों का एक नया इतिहास लिखा जाने वाला है। 'खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026' के प्रथम संस्करण के तहत रायपुर में हुए भव्य उद्घाटन के बाद अब खेल प्रेमियों की नजरें जगदलपुर के धरमपुरा स्थित क्रीड़ा परिसर पर टिकी हैं, जहाँ 30 मार्च से एथलेटिक्स की रोमांचक स्पर्धाएं शुरू होने जा रही हैं। इस आयोजन का शुभंकर 'मोर वीर' जनजातीय युवाओं के अदम्य साहस और ऊर्जा का प्रतिनिधित्व कर रहा है। केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया के मुख्य आतिथ्य और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में शुरू हुआ यह महाकुंभ अब अपने सबसे प्रतीक्षित चरण में प्रवेश कर रहा है, जिसमें देश के 27 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लगभग 443 प्रतिभावान खिलाड़ी अपनी खेल प्रतिभा का लोहा मनवाएंगे।
    बस्तर में आयोजित होने वाली एथलेटिक्स स्पर्धाओं में कुल 17 विधाएं शामिल हैं, जिनमें 100 मीटर की फर्राटा दौड़ से लेकर 10,000 मीटर की लंबी दूरी की रेस, हर्डल्स, रिले रेस, और ऊँची व लंबी कूद जैसी श्रेणियाँ आकर्षण का केंद्र रहेंगी। पहले ही दिन डिस्कस थ्रो, लॉन्ग जंप और 110 मीटर हर्डल्स जैसे फाइनल मुकाबले देखने को मिलेंगे। शाम होते-होते 400 मीटर और रिले रेस के रोमांच के बीच विजेता खिलाड़ियों को पदक प्रदान किए जाएंगे। इस पूरे आयोजन के दौरान एथलेटिक्स में कुल 102 पदकों के लिए खिलाड़ी पसीना बहाएंगे, जिनमें छत्तीसगढ़ के 33 स्थानीय खिलाड़ी भी राज्य का मान बढ़ाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
    प्रशासनिक स्तर पर इस आयोजन को 'खेलो इंडिया' के अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप भव्य बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी गई है। खेल एवं युवा कल्याण विभाग और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में खिलाड़ियों के आवास के लिए शहर के 13 प्रमुख होटलों को चिन्हित किया गया है, जबकि उनके आवागमन के लिए एसी वाहनों की सुविधा सुनिश्चित की गई है। सुरक्षा, चिकित्सा और अग्निशमन की पुख्ता व्यवस्था के साथ-साथ पर्यटन विभाग द्वारा आगंतुक खिलाड़ियों और ऑफिशियल्स को बस्तर के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों का भ्रमण भी कराया जाएगा, ताकि वे खेल के साथ-साथ यहाँ के प्राकृतिक सौंदर्य और अनूठी संस्कृति से भी रूबरू हो सकें। भारतीय खेल प्राधिकरण के मार्गदर्शन में आयोजित यह स्पर्धा न केवल जनजातीय प्रतिभाओं को एक राष्ट्रीय मंच प्रदान करेगी, बल्कि बस्तर की वैश्विक छवि को एक खेल गंतव्य के रूप में भी स्थापित करेगी।

    दुर्ग। शौर्यपथ विशेष दुर्ग नगर निगम की शहरी सरकार एक बार फिर सवालों के घेरे में है। इस बार मामला इंदिरा मार्केट की पार्किंग व्यवस्था से जुड़ा है, जहां निगम…

    जगदलपुर, शौर्यपथ। राज्य शासन की पशुधन संवर्धन एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की प्रतिबद्धता एक बार फिर जमीन पर नजर आई, जब पशुधन विकास विभाग द्वारा ग्राम पंचायत हल्बाकचोरा (शासन कचोरा) में शनिवार को भव्य पशु मेला सह पशु प्रदर्शनी का सफल आयोजन किया गया। इस आयोजन ने न केवल पशुपालकों को नई दिशा दी, बल्कि क्षेत्र में उन्नत पशुपालन के प्रति जागरूकता भी बढ़ाई।

    सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी कलचा बृजमोचन देवांगन ने बताया कि विभाग लगातार पशुपालकों को आधुनिक तकनीक, उन्नत नस्ल एवं वैज्ञानिक पद्धतियों से जोड़ने के लिए ऐसे आयोजनों को बढ़ावा दे रहा है, जिससे पशुपालकों की आय में वृद्धि हो सके।

    कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जनपद पंचायत अध्यक्ष पदलाम नाग रहे। उपाध्यक्ष पुरुषोत्तम बघेल, कृषि एवं पशुधन सभापति भूपेंद्र ठाकुर, जनपद सदस्य श्रुति शर्मा, सरपंच जयमनी कश्यप एवं उप सरपंच लोकनाथ बघेल की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन को और भव्य बनाया। कार्यक्रम की अध्यक्षता अपर उप संचालक डॉ. जे. तिग्गा ने की।

    कार्यक्रम का शुभारंभ मां शीतला मंदिर में दीप प्रज्वलित कर देवी के आशीर्वाद के साथ किया गया, जिससे पूरे आयोजन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार हुआ।

    मेले में दुधारू गाय, देसी भैंस वंश, बकरी-भेड़, बतख एवं कुक्कुट वंश के साथ-साथ असील प्रजाति और हरियाणा नस्ल के बैलों की आकर्षक प्रदर्शनी ने सभी का मन मोह लिया। पशुपालकों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपने श्रेष्ठ पशुओं का प्रदर्शन किया।

    विशेष रूप से कृत्रिम गर्भाधान से उत्पन्न उत्कृष्ट दुधारू पशु, उन्नत नस्ल के बकरों (जमुनापारी) एवं बेहतर कुक्कुट वंश के पक्षियों को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार देकर पशुपालकों को प्रशस्ति पत्र के साथ सम्मानित किया गया। इससे पशुपालकों में नई ऊर्जा और प्रतिस्पर्धा की भावना देखने को मिली।

    कार्यक्रम के सफल संचालन में डॉ. गीतिका ध्रुव, डॉ. योगेश देवांगन, डॉ. नंदकिशोर मांझी, डॉ. अभिषेक तिर्की, डॉ. सिन्हा सहित अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों का सराहनीय योगदान रहा। साथ ही कामधेनु विश्वविद्यालय जगदलपुर के प्रशिक्षु विद्यार्थी, प्राचार्य एवं स्टाफ की सक्रिय सहभागिता ने कार्यक्रम को और समृद्ध बनाया।

    ग्रामीणों एवं पशुपालकों ने राज्य सरकार एवं पशुधन विकास विभाग के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं।

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