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लामकन्हार में ‘मन की बात’ की 138वीं कड़ी का सामूहिक श्रवण; मुनगा अभियान की प्रधानमंत्री ने की सराहना, गांव को मिले 85 लाख के विकास कार्य
रायपुर । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कांकेर जिले के अंतागढ़ विकासखंड के ग्राम लामकन्हार स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 138वीं कड़ी का श्रवण किया। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री द्वारा छत्तीसगढ़ के ‘हर घर मुनगा-घर-घर मुनगा’ अभियान का उल्लेख किए जाने पर मुख्यमंत्री ने इसे प्रदेशवासियों के लिए गौरव का विषय बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ‘मन की बात’ के माध्यम से देशभर में जनभागीदारी से हो रहे सकारात्मक बदलावों और स्थानीय नवाचारों को राष्ट्रीय मंच प्रदान करते हैं। छत्तीसगढ़ के प्रयासों का उल्लेख प्रदेशवासियों के परिश्रम और सहभागिता का सम्मान है।
मुनगा अभियान को जनभागीदारी से जोड़ने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘हर घर मुनगा-घर-घर मुनगा’ अभियान कुपोषण के खिलाफ छत्तीसगढ़ की जनभागीदारी आधारित पहल है। मुनगा सहज उपलब्ध होने के साथ आयरन सहित अनेक पोषक तत्वों का स्रोत है। उन्होंने ग्रामीणों और विद्यार्थियों से घरों में मुनगा का पौधा लगाने तथा इसके पोषण लाभों के प्रति लोगों को जागरूक करने का आह्वान किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने ‘मन की बात’ में पोषण, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, नशामुक्ति, खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन, सांस्कृतिक विरासत और ‘वोकल फॉर लोकल’ सहित विभिन्न विषयों पर संवाद किया। उन्होंने सितंबर को पोषण माह के रूप में रेखांकित करते हुए छत्तीसगढ़ के मुनगा अभियान की भी चर्चा की।
छत्तीसगढ़ के नवाचारों को लगातार मिल रही राष्ट्रीय पहचान
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘मन की बात’ में छत्तीसगढ़ के जनभागीदारी आधारित प्रयासों का लगातार उल्लेख प्रदेश के लिए गौरव की बात है। इससे पहले बस्तर पंडुम, बस्तर ओलंपिक, मल्हार के ऐतिहासिक ताम्रपत्र और कोरिया के 5 प्रतिशत जल संचय मॉडल की भी प्रधानमंत्री द्वारा सराहना की जा चुकी है।
उन्होंने बताया कि कोरिया मॉडल में किसान अपने खेत के पांच प्रतिशत हिस्से में जल संचयन की व्यवस्था करते हैं, जिससे सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध होने के साथ भूजल स्तर बढ़ाने में मदद मिलती है।
नक्सल प्रभावित क्षेत्र अब विकास की नई राह पर
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर के साथ कांकेर का यह क्षेत्र भी लंबे समय तक नक्सलवाद से प्रभावित रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह की दृढ़ इच्छाशक्ति, सुरक्षा बलों के साहस और स्थानीय जनता के सहयोग से छत्तीसगढ़ नक्सलवाद से मुक्ति की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में कभी भय और असुरक्षा का वातावरण था, वहां अब शांति, विश्वास और विकास का वातावरण बन रहा है। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल, संचार और रोजगार जैसी सुविधाओं का विस्तार दूरस्थ अंचलों तक किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य विकास का लाभ अंतिम गांव और अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है।
लामकन्हार को 85 लाख रुपए के विकास कार्यों की सौगात
मुख्यमंत्री ने ग्राम लामकन्हार में कुल 85 लाख रुपए के विकास कार्यों की घोषणा की। इसमें शीतला मंदिर के पास सामुदायिक भवन के लिए 15 लाख रुपए, प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला भवन के लिए 37 लाख रुपए, छोटे पारा में सीसी रोड के लिए 18 लाख रुपए तथा एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में पुस्तकालय एवं प्रयोगशाला के लिए 15 लाख रुपए शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दूरस्थ एवं जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा और बुनियादी अधोसंरचना को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है।
‘एक पेड़ मां के नाम’ के तहत लगाया अमरूद का पौधा
‘मन की बात’ के बाद मुख्यमंत्री ने एकलव्य विद्यालय परिसर में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत अमरूद का पौधा लगाया। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनके संरक्षण की अपील की।
कार्यक्रम में सांसद श्री भोजराज नाग, अंतागढ़ विधायक श्री विक्रम उसेंडी, जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी-कर्मचारी, स्कूली छात्र-छात्राएं और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
नई दिल्ली । छत्तीसगढ़ के जनजातीय कल्याण विभाग को जनजातीय विरासत के संरक्षण एवं वनाधिकारों की निरंतर सुरक्षा के क्षेत्र में किए गए अभिनव कार्यों के लिए प्रतिष्ठित SKOCH Award से सम्मानित किया गया। इस उपलब्धि के लिए तत्कालीन टीम लीडर एवं प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, IAS को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया, जिन्होंने इस दोनों परियोजना के संबंध में SKOCH Award की तीन स्तरीय प्रस्तुतीकरण प्रक्रिया में भाग लेते हुए Jury के समक्ष प्रस्तुतीकरण किया और jury एवं पब्लिक वोटिंग से विभाग के प्रयासों का चयन हुआ। इस अवसर पर परियोजना से जुड़े अन्य विभागीय अधिकारी श्री बी के राजपूत, संयुक्त सचिव एवं श्रीकांत शुक्ला, ओएसडी उपस्थित रहे
विभाग को यह सम्मान दो महत्वपूर्ण पहलों ‘AADI VIRASAT’ और ‘मोर वनाधिकार, मोर उत्तराधिकार’ के लिए प्रदान किया गया। इन पहलों का चयन तीन स्तरों पर हुए प्रस्तुतीकरण एवं मूल्यांकन तथा Public Voting की प्रक्रिया के उपरांत किया गया।
‘AADI VIRASAT’ के तहत दो संग्रहालय यथा शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय का निर्माण किया गया है, जिसका उद्घाटन माननीय प्रधानमंत्री जी के द्वारा नवंबर 2025 को किया गया साथ ही राज्य का पहला जनजातीय संग्रहालय का भी निर्माण किया गया है, जिसका उद्घाटन माननीय मुख्यमंत्री जी के द्वारा मई 2025 में किया गयाl जनजातीय इतिहास, वीरता एवं जीवंत संस्कृति को डिजिटल तकनीक, AR/VR एवं immersive experiences के माध्यम से एकीकृत कर नई पीढ़ी से जोड़ने का अभिनव प्रयास किया गया है।
वहीं, ‘मोर वनाधिकार, मोर उत्तराधिकार’ के माध्यम से वनाधिकार को केवल एक बार प्राप्त अधिकार न मानकर पीढ़ी-दर-पीढ़ी सुरक्षित रहने वाली सतत व्यवस्था के रूप में विकसित किया गया है, जिसमें उत्तराधिकार, अभिलेखों के अद्यतन तथा हितग्राहियों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया है।
इस उपलब्धि पर माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी एवं आदिम जाति विकास विभाग के कैबिनेट मंत्री श्री रामविचार नेताम जी ने विभागीय अधिकारियों एवं पूरी टीम को शुभकामनाएं एवं बधाई दी तथा इसे छत्तीसगढ़ के जनजातीय समुदायों की विरासत एवं अधिकारों के संरक्षण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की राष्ट्रीय पहचान बताया।
यह सम्मान छत्तीसगढ़ में जनजातीय गौरव, विरासत संरक्षण एवं अधिकार-आधारित सुशासन के क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों को मिली राष्ट्रीय पहचान है।
साढ़े चार साल की बच्ची को मृत समझकर खंडहर में फेंक दिया था आरोपी ने, अदालत में पीड़िता ने की पहचान
डीएनए, फोरेंसिक साक्ष्य, सीसीटीवी और मासूम की गवाही बनीं दोषसिद्धि का आधार; 13 हजार रुपए जुर्माना भी
दुर्ग / शौर्यपथ / साढ़े चार साल की मासूम बच्ची से दुष्कर्म करने और गला घोंटकर उसकी हत्या का प्रयास करने के मामले में विशेष पॉक्सो अदालत ने आरोपी धनेश्वर साहू उर्फ जनता (40) को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उतई थाना क्षेत्र के बंजारीपारा में 10 अप्रैल 2026 को हुई इस घटना में पुलिस की त्वरित जांच और समय पर चालान पेश किए जाने के बाद 153 दिन के भीतर अदालत का फैसला आया। सजा का आदेश 26 सितंबर को जारी किया गया।
पांच रुपए लेकर निकली थी मासूम, आरोपी बहला-फुसलाकर ले गया
पुलिस के मुताबिक 10 अप्रैल को दोपहर करीब 11:30 बजे बच्ची अपनी दादी से पांच रुपए लेकर घर के पास दुकान पर सामान लेने गई थी। इसी दौरान आरोपी उसे बहला-फुसलाकर अपने घर की छत पर ले गया। दुकान के पास लगे सीसीटीवी कैमरे में आरोपी के बच्ची को अपने साथ ले जाने की तस्वीरें सामने आईं।
आरोप है कि आरोपी ने बच्ची के साथ दुष्कर्म किया। उसके चिल्लाने पर कपड़े से मुंह दबाया और गला घोंटकर उसकी हत्या का प्रयास किया। बच्ची के बेहोश हो जाने पर आरोपी ने उसे मृत समझ लिया। इसके बाद साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से बच्ची को तकिया कवर और जूट की बोरी में बंद कर घर के पीछे स्थित खंडहर में फेंक दिया।
बोरे से बाहर निकला पैर, बच गई मासूम की जान
बच्ची के काफी देर तक घर नहीं लौटने पर परिजन और मोहल्ले के लोग उसकी तलाश में जुटे। इसी दौरान खंडहर में दो युवकों की नजर एक बोरे पर पड़ी, जिसमें से बच्ची का पैर बाहर निकला हुआ था। बोरा खोलने पर बच्ची गंभीर और लहूलुहान हालत में मिली। तत्काल उसे अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उपचार के बाद उसकी हालत में सुधार हुआ।
घटना की जानकारी फैलते ही स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने उतई थाने का घेराव कर आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। स्थिति नियंत्रित करने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा।
15 दिन में चालान, साक्ष्यों ने खोली वारदात की परतें
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज एवं अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपी धनेश्वर साहू को गिरफ्तार किया। उसके खिलाफ पॉक्सो एक्ट सहित संबंधित धाराओं में अपराध दर्ज किया गया। जांच पूरी कर पुलिस ने 25 अप्रैल 2026 को चालान न्यायालय में पेश कर दिया।
जांच के दौरान आरोपी के घर से बाल, तकिया कवर, जूट की बोरी, बच्ची के कपड़े तथा आरोपी के कपड़े बरामद किए गए। इनका फोरेंसिक परीक्षण और डीएनए मिलान कराया गया। चिकित्सकीय जांच में बच्ची के शरीर, जांघ और गले पर खरोंच के निशान, अंदरूनी चोट तथा अधिक रक्तस्राव की पुष्टि हुई।
अदालत में मासूम ने पहचाना आरोपी
मामले की सुनवाई के दौरान साढ़े चार साल की बच्ची ने अदालत में पर्दे के पीछे खड़े आरोपी को पहचान लिया और अपने साथ हुई घटना के संबंध में बयान दिया। सीसीटीवी फुटेज, डीएनए रिपोर्ट, चिकित्सकीय साक्ष्य और पीड़िता की गवाही सहित अन्य साक्ष्यों को अदालत ने महत्वपूर्ण माना।
विशेष पॉक्सो अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए अलग-अलग धाराओं में आजीवन कारावास के साथ 7 वर्ष, 10 वर्ष और 7 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा कुल 13 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना अदा नहीं करने पर अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।
आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, पॉक्सो एक्ट तथा एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं में कार्रवाई की गई थी।
त्वरित जांच से जल्द मिला न्याय
मामले में पुलिस द्वारा तेजी से जांच पूरी कर 15 दिन के भीतर चालान पेश किया गया और करीब पांच माह में अदालत से फैसला आया। यह प्रकरण बाल सुरक्षा और त्वरित न्याय की आवश्यकता को रेखांकित करता है। मासूम की पहचान और जीवन बचाने वाले स्थानीय युवकों की तत्परता से लेकर वैज्ञानिक साक्ष्यों और न्यायालय में हुई गवाही तक, पूरी कार्रवाई ने मामले को निर्णायक रूप से मजबूत किया।
महासमुंद / शौर्यपथ / ग्राम पंचायत हरनादादर के बूथ क्रमांक 94 एवं 95 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 138वें एपिसोड का सामूहिक श्रवण किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्थानीय कार्यकर्ता एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने विभिन्न सामाजिक एवं राष्ट्रीय विषयों पर अपने विचार साझा किए। उपस्थित लोगों ने राष्ट्र निर्माण में जनभागीदारी, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, युवाओं की भूमिका तथा समाजहित से जुड़े कार्यों पर चर्चा सुनी। ‘मन की बात’ के माध्यम से स्थानीय स्तर पर किए जा रहे सकारात्मक प्रयासों को प्रोत्साहन देने और जनभागीदारी को बढ़ावा देने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम में ग्राम पंचायत हरनादादर की सरपंच कोमल हीरादास टंडन, जूनवानी खुर्द के सरपंच जनक राम नायक, बूथ क्रमांक 94 के अध्यक्ष डीलेश्वर यादव तथा बूथ क्रमांक 95 के अध्यक्ष नेमीचंद चंद्राकर सहित बूथ सदस्य एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
इस अवसर पर यादराम साहू, शांति वैष्णव, पप्पू देवांगन, प्रीतम बरीहा, सोनाबाई पटेल, तोमन पटेल, प्रमिला बरीहा, देवकुमारी बरीहा, फलहार साहू, कुसुम ध्रुव, ओमप्रकाश ध्रुव, हितेश विभार, कमला बाई साहू, हीरादास टंडन, संतराम, खेमन पटेल, मंगलूराम मेहर सहित अन्य कार्यकर्ताओं की सहभागिता रही।
कबड्डी प्रतियोगिता और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में शामिल हुए जिला पंचायत उपाध्यक्ष
महासमुंद / शौर्यपथ / खल्लारी विधानसभा क्षेत्र एवं जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक-06 में शनिवार को आयोजित विभिन्न खेल एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में जिला पंचायत महासमुंद के उपाध्यक्ष भीखम सिंह ठाकुर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने ग्रामीण अंचल में आयोजित आयोजनों का शुभारंभ करते हुए खिलाड़ियों, कलाकारों और ग्रामीणों का उत्साहवर्धन किया।
वनांचल ग्राम टेंगराही (गुलझर) तथा ग्राम पंचायत भोथा (कोमाखान) में आयोजित रात्रिकालीन एक दिवसीय कबड्डी प्रतियोगिता का श्री ठाकुर ने पूजा-अर्चना, रिबन काटकर, खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर एवं टॉस कर शुभारंभ किया। उद्घाटन मुकाबला टेंगराही और गुलझर की टीमों के बीच हुआ।
खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि कबड्डी हमारी माटी और ग्रामीण जीवन से जुड़ा पारंपरिक खेल है। यह युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास, टीम भावना, संयम और नेतृत्व जैसे गुण विकसित करता है। उन्होंने खिलाड़ियों से खेल भावना के साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन करने का आह्वान किया।
इसके बाद नवाडीह-जूनवानी खुर्द में गणेश युवा समिति के तत्वावधान में आयोजित रात्रिकालीन सांस्कृतिक कार्यक्रम में भी श्री ठाकुर शामिल हुए। कका-भतीजा गम्मत नाच पार्टी सरायपाली-कोमाखान एवं रंजित चक्रधारी नाच पार्टी की प्रस्तुतियों के बीच उन्होंने भगवान श्री गणेश की पूजा-अर्चना कर क्षेत्रवासियों के सुख, शांति, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।
श्री ठाकुर ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में होने वाले खेल एवं सांस्कृतिक आयोजन केवल मनोरंजन के साधन नहीं, बल्कि लोककला, परंपरा और सामाजिक एकता को जीवंत रखने के महत्वपूर्ण माध्यम हैं। ऐसे आयोजनों से युवाओं को प्रतिभा प्रदर्शन का अवसर मिलता है और नई पीढ़ी अपनी संस्कृति से जुड़ती है।
उन्होंने आयोजन समितियों, खिलाड़ियों, कलाकारों, युवाओं, मातृशक्ति एवं ग्रामीणों को सफल आयोजन के लिए बधाई देते हुए क्षेत्र में खेल, संस्कृति और सामाजिक सहभागिता से जुड़े कार्यक्रमों को निरंतर प्रोत्साहित करने की आवश्यकता बताई।
इस अवसर पर जनपद सदस्य तुलाराम ठाकुर, सरपंच बल्लाराम जगत, कैलाश ध्रुव, उपसरपंच बृज ठाकुर, पूर्व सरपंच नेहरू चक्रधारी, सरपंच श्रीमती गौरी मुकेश ठाकुर, जनक राम नायक, हरि यादव, ओम प्रकाश ध्रुव, हीरा साहू सहित आयोजन समिति के पदाधिकारी, युवा, मातृशक्ति, बुजुर्ग एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
जूनियर बालिका वर्ग में शानदार प्रदर्शन कर छत्तीसगढ़ का बढ़ाया गौरव
बस्तर / शौर्यपथ / लेह-लद्दाख के एन.डी.एस. इंडोर स्टेडियम में 19 से 21 सितंबर 2026 तक आयोजित 10वीं पेंचक सिलाट फेडरेशन कप 2026-27 में बस्तर की प्रतिभावान खिलाड़ी कुमारी कोमल ठाकुर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जूनियर बालिका वर्ग में स्वर्ण पदक हासिल किया। उनकी इस उपलब्धि से बस्तर सहित पूरे छत्तीसगढ़ के खेल जगत में हर्ष का माहौल है।
राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में देश के विभिन्न राज्यों के खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। कोमल ठाकुर ने प्रतियोगिता के दौरान अपने अनुशासन, तकनीकी दक्षता, आत्मविश्वास और उत्कृष्ट खेल कौशल का प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
कोमल की इस उल्लेखनीय सफलता पर बस्तर डिस्ट्रिक्ट पेंचक सिलाट एसोसिएशन सहित खेलप्रेमियों ने प्रसन्नता व्यक्त की है। उनकी उपलब्धि ने बस्तर की खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच पर नई पहचान दिलाई है।
इस अवसर पर इंडियन पेंचक सिलाट फेडरेशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) श्री मोहम्मद इकबाल, अध्यक्ष श्री किशोर यावले एवं सचिव श्री तारीख जरगर ने कुमारी कोमल ठाकुर को हार्दिक बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल खेल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
भक्ति और उल्लास के बीच दी भगवान गणेश को भावभीनी विदाई
कोंडागांव / शौर्यपथ / गणेश उत्सव के समापन अवसर पर जिले में विभिन्न गणेश समितियों द्वारा आयोजित विसर्जन कार्यक्रमों में कोंडागांव विधायक सुश्री लता उसेंडी शामिल हुईं। उन्होंने भगवान श्री गणेश की पूजा-अर्चना कर क्षेत्रवासियों के सुख, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।
विधायक लता उसेंडी ने गणेश समितियों के सदस्यों एवं श्रद्धालुओं से आत्मीय मुलाकात की और उनके उत्साह व भक्तिभाव की सराहना की। उन्होंने कहा कि गणेश उत्सव आपसी भाईचारे, सामाजिक समरसता और एकता का प्रतीक है। ऐसे आयोजन समाज को जोड़ने तथा क्षेत्र में सौहार्द की भावना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
विसर्जन कार्यक्रम में क्षेत्र के गणमान्य नागरिक, गणेश समितियों के सदस्य और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। श्रद्धालुओं ने भक्ति एवं उत्साह के साथ भगवान श्री गणेश को भावभीनी विदाई दी और अगले वर्ष उनके पुनः आगमन की कामना की।
विसर्जन के दौरान पूरा क्षेत्र “गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ” के जयघोष से गूंज उठा।
रिक्त पदों पर समयबद्ध भर्ती और बस्तर सहित दूरस्थ क्षेत्रों को प्राथमिकता देने की मांग
भिलाई / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ के पूर्व राज्यमंत्री बदरुद्दीन कुरैशी ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को पत्र लिखकर प्रदेश में बेरोजगारी की समस्या और विभिन्न सरकारी विभागों में रिक्त पदों को लेकर आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश का शिक्षित युवा डिग्री और हुनर लेकर रोजगार की तलाश में भटक रहा है, जबकि सरकारी विभागों में कर्मचारियों की आवश्यकता के बावजूद अनेक पद रिक्त हैं।
कुरैशी ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, राजस्व, पंचायत, नगरीय प्रशासन, महिला एवं बाल विकास, कृषि, वन, पुलिस, तकनीकी सहित अन्य विभागों में मानव संसाधन की जरूरत है। सरकार को विभागवार समीक्षा कर आवश्यक पदों पर भर्ती प्रक्रिया तेज करनी चाहिए। उनके अनुसार, सरकारी कार्यालयों में पर्याप्त कर्मचारी नहीं होने से आम जनता के काम प्रभावित होते हैं, वहीं बेरोजगार युवाओं को नौकरी की तलाश में वर्षों इंतजार करना पड़ता है।
पूर्व राज्यमंत्री ने विशेष रूप से बस्तर सहित दूरस्थ एवं आदिवासी अंचलों में रिक्त पदों को प्राथमिकता से भरने की मांग की। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में केवल स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र और सरकारी भवन होना पर्याप्त नहीं है, बल्कि शिक्षक, डॉक्टर, नर्स, स्वास्थ्यकर्मी, तकनीकी कर्मचारी और प्रशासनिक अमले की पर्याप्त उपलब्धता भी जरूरी है। उन्होंने योग्य स्थानीय युवाओं को इन क्षेत्रों में रोजगार के अवसर देने की बात कही।
कुरैशी ने कहा कि अनेक शिक्षित युवा केवल निर्धारित मेरिट सूची में स्थान नहीं बना पाने के कारण रोजगार से वंचित रह जाते हैं, जबकि उनके पास संबंधित क्षेत्र का कौशल, तकनीकी ज्ञान और व्यावहारिक दक्षता होती है। उन्होंने सरकार से सवाल करते हुए कहा कि जब प्रदेश को कर्मचारियों की जरूरत है और युवा रोजगार के लिए तैयार हैं, तो रिक्त पदों को भरने में देरी क्यों की जा रही है।
उन्होंने सरकार से रिक्त पदों को समयबद्ध तरीके से भरने, बस्तर सहित दूरस्थ क्षेत्रों में शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने तथा योग्य और हुनरमंद युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का आग्रह किया।
जिला चिकित्सालय में संकल्प वाचन, स्वास्थ्य परीक्षण और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और नशे से दूर रहने का संदेश
राजनांदगांव / शौर्यपथ / सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत जिला प्रशासन, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, समाज कल्याण विभाग तथा माय भारत के संयुक्त तत्वावधान में जिला चिकित्सालय राजनांदगांव के कांफ्रेंस हॉल में नशामुक्ति एवं वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें बड़ी संख्या में युवा, खिलाड़ी, विद्यार्थी, शिक्षक, प्रशिक्षक एवं माय भारत के स्वयंसेवक शामिल हुए।
भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के नशामुक्ति जनजागरूकता अभियान के तहत युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी दी गई। प्रतिभागियों ने नशामुक्ति के साथ वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल, सम्मान एवं उनके प्रति जिम्मेदारी निभाने का संकल्प लिया।
उप संचालक समाज कल्याण श्रीमती वैशाली मरडवार ने कहा कि युवाओं को नशाखोरी से व्यक्ति, परिवार और समाज को होने वाले नुकसान के प्रति जागरूक करना अभियान का प्रमुख उद्देश्य है। उन्होंने जिले एवं प्रदेश में संचालित नशामुक्ति केंद्रों की जानकारी देते हुए बताया कि राजनांदगांव में समाज कल्याण विभाग के माध्यम से अनुदानित समता जन कल्याण समिति द्वारा संचालित नशामुक्ति केंद्र से अब तक सैकड़ों लोग लाभान्वित हो चुके हैं।
कार्यक्रम में डॉ. विकास राठौर ने स्वस्थ जीवनशैली तथा डॉ. रूपा मानकर ने नशामुक्ति एवं नशे की लत से बाहर निकलने के उपायों की जानकारी दी। विशेषज्ञों ने युवाओं को नियमित व्यायाम, संतुलित आहार, सकारात्मक दिनचर्या अपनाने और नशे से पूरी तरह दूर रहने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान जिला चिकित्सालय के विषय विशेषज्ञ चिकित्सकों ने उपस्थित युवाओं का स्वास्थ्य परीक्षण भी किया। इस अवसर पर माय भारत के समन्वयक श्री शुभजीत सहित संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, युवा, खिलाड़ी, छात्र-छात्राएं, शिक्षक, प्रशिक्षक एवं कोच उपस्थित रहे।
जनपद पंचायत दुर्ग में कर्मचारी संगठनों ने तय की आंदोलन की रूपरेखा
— प्रांतीय महामंत्री विजय लहरे
दुर्ग / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के प्रांतीय आह्वान पर 30 सितंबर 2026 को प्रस्तावित एक दिवसीय ‘मोदी की गारंटी’ हड़ताल की तैयारियों को लेकर जनपद पंचायत दुर्ग के सभाकक्ष में संभाग स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रांतीय नेतृत्व सहित विभिन्न कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों ने भाग लेकर आंदोलन की रणनीति, तैयारियों और कार्यक्रम की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की।
बैठक में प्रांतीय संरक्षक पी. आर. यादव, प्रदेश समन्वयक जी. आर. चंद्रा, प्रांताध्यक्ष पवन शर्मा, वरिष्ठ प्रांतीय उपाध्यक्ष प्रदीप बाबा चौहान, प्रांतीय महामंत्री विजय लहरे एवं हिमाचल साहू तथा संभाग अध्यक्ष आनंद कुमार श्रीवास्तव प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
पदाधिकारियों ने कर्मचारी हितों से जुड़ी विभिन्न मांगों पर चर्चा करते हुए 30 सितंबर के प्रस्तावित आंदोलन में विभिन्न विभागों के कर्मचारियों की व्यापक सहभागिता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रांतीय आह्वान के तहत हड़ताल को सफल बनाने के लिए सभी विभागों और संबद्ध कर्मचारी संगठनों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करना होगा।
बैठक में दुर्ग जिला अध्यक्ष भानु प्रताप यादव, बालोद जिला अध्यक्ष गोविंद दास मानिकपुरी, आईटीआई कर्मचारी अधिकारी संघ के संभाग अध्यक्ष चंद्रकांत साहू, प्रांतीय सांस्कृतिक सचिव हितेंद्र कुमार साहू, जीएसटी कर्मचारी संघ प्रदेश संगठन के मनीष तिवारी, आदिवासी विकास विभाग छात्रावास अधीक्षक संघ के अनिल कुमार दुबे, कर्मचारी कांग्रेस अध्यक्ष अनुरूप साहू, पशु चिकित्सा क्षेत्र सहायक अधिकारी संघ के जिलाध्यक्ष सुरेश साहू, स्वास्थ्य विभाग कार्यकारी प्रांताध्यक्ष वी. एस. राव एवं जिला सचिव शिवदयाल घृत लहरे, शिक्षा विभाग संयोजक सुखेंद्र देवांगन एवं धर्मेंद्र देशमुख, लघु वेतन कर्मचारी संघ जिला अध्यक्ष मोतीराम खिलाड़ी, समाज कल्याण विभाग संयोजक जंत राम ठाकुर तथा आदिवासी विकास विभाग से संजय साहू एवं चतुर यादव सहित विभिन्न विभागों एवं संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे।
बैठक के अंत में विभिन्न विभागों से पहुंचे कर्मचारियों एवं पदाधिकारियों ने 30 सितंबर 2026 की प्रस्तावित ‘मोदी की गारंटी’ हड़ताल को सफल बनाने के लिए एकजुट होकर कार्य करने का संकल्प लिया।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
