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April 05, 2026
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शौर्यपथ

शौर्यपथ

 खाना खजाना /शौर्यपथ /नॉनवेज लवर्स के लिए चिकन हमेशा उनकी फेवरेट चीजों में से एक होता है। चिकन की खासियत यह है कि आप इसे स्नैक्स से लेकर मेन कोर्स दोनों ही मौकों पर बड़ी आसानी से सर्व किया जा सकता है। ऐसे में अगर आप चिकन को बनाने के तरीके में थोड़ा बदलाव करके इसे एक अलग ही टेस्ट देना चाहते हैं तो ट्राई करें हैदराबादी ग्रीन चिकन की ये टेस्टी रेसिपी।  इस रेसिपी में चिकन को हर्ब से बने पेस्ट में मैरीनेट करके पकाया जाता है। तो आइए देर किस बात की जान लेते हैं कैसे बनाई जाती है ये टेस्टी चिकन रेसिपी हैदराबादी ग्रीन चिकन।
हैदराबादी ग्रीन चिकन बनाने के लिए सामग्री-
-6-7 चिकन के टुकड़े
-1 कप हरा धनिया
-1 कप पुदीना के पत्ते
-1 टेबल स्पून मेथी दाना
-2 हरी मिर्च
-5-6 काजू
-1/2 कप तेल
-1 तेज पत्ता
-1 इलायची
-2 टेबल स्पून अदरक-लहसुन का पेस्ट
-1 टी स्पून गरम मसाला
-1 टी स्पून लाल मिर्च पाउडर
-1 टी स्पून धनिया पाउडर
हैदराबादी ग्रीन चिकन बनाने की वि​धि-
हैदराबादी ग्रीन चिकन बनाने के लिए सबसे पहले एक ब्लेंडर में हरा धनिया, मेथी दाना, हरी मिर्च, पुदीना, काजू और दही डालकर उसका पेस्ट बना लें। अब इस पेस्ट को चिकन के टुकड़ों पर मैरिनेट करें। इसके बाद एक पैन में थोड़ा सा तेल, तेज पत्ता, दालचीनी, इलायची, अदरक और लहसुन डालें और मिलाएं, फिर इसमें कटे हुए प्याज़ डालें। जब प्याज भुन जाए तो इसमें मैरीनेट किया हुआ चिकन डालकर कुछ देर पकने दें। इसके बाद अब इसमें गरम मसाला, लाल मिर्च पाउडर, नमक, धनिया पाउडर और काली मिर्च डाल कर अच्छे से मिला लें। इसे थोड़ा सा पानी डालकर उबाल आने दें। लास्ट में हरी धनिया पत्ती से गार्निश कर सर्व करें।

 टिप्स ट्रिक्स / शौर्यपथ / शाम को चाय के साथ नाश्ते में अगर आप कुछ चटपटा खाना पसंद करते हैं तो ट्राई कर सकते हैं 10 मिनट में बनने वाली ये टेस्टी रेसिपी, मैगी भेल। इसके चटपटे स्वाद की वजह से आप चाहे तो इस रेसिपी को मैगी चाट का भी नाम दे सकते हैं। इस यूनिक स्नैक मैगी भेल को टमाटर, प्याज, हरी मिर्च, सेव, मसाला डालकर तैयार किया जाता है। तो देर किस बात की आइए जान लेते हैं कैसे बनाई जाती है मैगी भेल।
मैगी भेल बनाने का तरीका-
मैगी भेल बनाने के लिए सबसे पहले एक या दो पैकेट मैगी को दरदरा पीस लें। इसके बाद एक पैन में तेल गर्म करके मैगी को क्रिस्पी होने तक भूने और फिर उसे एक तरफ रख दें। अब एक बाउल में बारीक कटा प्याज, टमाटर, हरी मिर्च, धनिया और भुनी हुई मूंगफली डालकर नीबू का रस, चाट मसाला, मैगी मिला दें। अब इसमें थोड़ा सा शहद और थोड़ा सा सेव डालकर अच्छी तरह मिला लें। जरूरत अनुसार आप इसमें थोड़ा नमक भी डाल सकते हैं। इसके बाद इसमेंफ्रेश कटी हुई धनिया पत्ती और अनार के दाने डालकर गार्निश करके सर्व करें।

       सेहत /शौर्यपथ /मोबाइल और लैपटॉप ने भले ही रोजमर्रा के कार्यों को आसान बना दिया हो लेकिन इसके अत्यधिक प्रयोग ने चिंता में डाल दिया है। ज्यादा मोबाइल का प्रयोग करने वाले लगभग 80 फीसदी लोग न्यूरॉलजिया (नसों के दर्द) का शिकार हो चुके हैं। यह खुलासा जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के ऑर्थोपेडिक और एनेस्थीसिया विभाग की स्टडी में हुआ है। शोध में170 मरीजों को लिया गया, जिनमें 13 से 17 साल के किशोर और 22 से 49 साल के युवा रहे। ऐसे मरीजों के हाथों और कोहनी में असहनीय दर्द की शिकायतें रहीं।
न्यूरॉलजिया के लक्षण-
कोरोना काल के दौरान पिछले दो साल से लैपटॉप और मोबाइल का प्रयोग लगभग दस गुना बढ़ गया है। वर्क फ्रॉम होम का चलन भी काफी बढ़ गया। इसका अत्यधिक प्रयोग करने वालों की गर्दन से लेकर कोहनी-पंजे तक दर्द शुरू हो गया। कंधे में सुन्नता का अहसास होने लगा। बड़ी संख्या में ऐसी दिक्कतों को लेकर डॉक्टरों के पास भीड़ पहुंचने लगी, जिसके बाद डॉक्टरों ने रिसर्च शुरू की। ऐसे मरीजों को पहले पेन किलर और अन्य दवाएं दी गईं। इसके बावजूद एक महीने तक दर्द खत्म नहीं हुआ। सभी का एमआरआई और सीटी स्कैन कराया गया तो पता चला कि मोबाइल और लैपटॉप में घंटों काम करने से गर्दन की डिस्क बल्ज की वजह से विभिन्न नर्व रूटों पर दबाव पाया गया।
सबसे ज्यादा दबाव गर्दन की सी 5-6, सी 6-7 की नर्व रूटों पर मिला। अहम बात है कि मोबाइल का ज्यादा इस्तेमाल करने वाले लोगों के कंधों और कोहनी में पीड़ा का ग्राफ हर दिन बढ़ा मिला। 80 फीसदी में न्यूरॉलजिया की बीमारी सामने आई। डॉक्टरों के मुताबिक जब पॉश्चर बदलने और मोबाइल-लैपटॉप के इस्तेमाल पर कुछ पाबंदी की गई तो नसों की लोकेशन भी कुछ ठीक पाई गई।
युवतियां-महिलाएं भी पीड़ित
अध्ययन में 37 फीसदी में गंभीर सर्वाइकल डिजेनेरेटिव डिस्क और सर्वाइकल डिस्क प्रोलैप्स बीमारी भी मिली।70 फीसदी युवा और छह फीसदी किशोरों के अलावा 11 फीसदी युवतियां-महिलाएं भी इसी बीमारी से पीड़ित मिलीं। स्टडी में यह भी सामने आया कि कई रोगी गर्दन के दर्द या जकड़न से प्रभावित थे, जिनमें टेक्स्ट नेक सिंड्रोम मिला।
डॉ. प्रग्नेश कुमार, (सहायक प्रोफेसर हड्डी रोग विभाग जीएसवीएम) कहते हैं कि मोबाइल और लैपटॉप का अत्यधिक प्रयोग करने के कारण सीधे या टेढ़े बैठने पर गर्दन के ऊपर पांच किलो का वजन पड़ता है, जो वयस्क के सिर के वजन के बराबर है पर जैसे-जैसे गर्दन को आगे की तरफ झुकाया जाता है यह वजन कई गुना तक बढ़ जाता है। मोबाइल पर सिर झुकाकर अधिक देर तक काम करने से गर्दन की हड्डियों पर अप्राकृतिक दबाब पड़ता है जिसके कारण आसपास की मांसपेशियां थकान महसूस करती हैं। कभी-कभी सिर दर्द, कंधे में दर्द,जबड़े में दर्द या सर्वाइकल स्पांडिलाइटिस जैसे लक्षण भी मिल जाते हैं। गर्दन के पीछे की तरफ उभार भी हो जाता है।
वहीं डॉ. चंद्रशेखर, (प्रोफेसर एनेस्थीसिया एंड हेड पेन क्लीनिक जीएसवीएम) का कहना है कि हर दिन न्यूरॉलजिया के दस रोगी आ रहे हैं। अधिकांश की समस्या गर्दन की डिस्क सी 5-6, 6-7 में है पर हर कोई समझ नहीं पा रहा है। लोगों को अलर्ट होना होगा क्योंकि लंबे समय तक यह बीमारी दूसरी समस्याएं पैदा करेगी।
लोगों को दिए यह सुझाव-
- अगर मोबाइल की पोजिशन आंखों के स्तर पर लाई जाए तो दर्द कम किया जा सकता है।
- नियमित व्यायाम करने से गर्दन और कमर के दर्द से बचा जा सकता है।
- लैपटॉप के प्रयोग में पोजिशन ऐसी रखें कि गर्दन और कमर एक लाइन में और सीधी रहें। बीच-बीच में उठकर टहलें जरूर।

        शौर्यपथ /एक ताजा रिसर्च के मुताबिक, ओमीक्रोन से संक्रमित करीब पचास फीसदी लोगों को यह पता ही नहीं होता कि वह संक्रमित हैं। वह अनजाने में दूसरों को वायरस बांट रहे होते हैं। इस रिसर्च के नतीजे जामा नेटवर्क ओपन में प्रकाशित हुआ है। अध्ययन के अनुसार, अधिकतर टीकाकरण वाले लोगों में अपेक्षाकृत हल्के लक्षण या बिल्कुल लक्षण नहीं दिखते।
210 लोगों पर अध्ययन
सिनाई हार्ट इंस्टीट्यूट में इंस्टीट्यूट फॉर रिसर्च ऑन हेल्दी एजिंग के निदेशक डॉ. सुसान चेंग ने कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय और एबॉट लैब के अपने सहयोगियों के साथ मिल 210 रोगियों पर अध्ययन किया। इन लोगों ने एंटीबॉडी परीक्षण के लिए कम से कम दो रक्त के नमूने दिए थे। इन नमूनों से पता चला कि कई लोगों को खुद के संक्रमण होने के बारे में जानकारी नहीं थी।
रैपिड टेस्ट किट से बढ़ी जागरूकता
आंकड़ों से पता चला है कि इस साल बड़े स्तर पर घर पर रैपिड टेस्ट किट उपलब्ध होने के बाद लोगों में जागरुकता बढ़ी है। रिपोर्ट के मुताबिक, 75 फीसदी लोग जनवरी और फरवरी में खुद के संक्रमित होने से अनजान थे। वहीं मई में 56 फीसदी लोगों को नहीं पता था कि वे संक्रमित हैं। इससे यह तो साफ-साफ नजर आता है कि लोग जागरूक हो रहे हैं मगर अब भी यह तथ्य चिंताजनक है कि आधे से अधिक लोगों को यह पता नहीं होता कि वह संक्रमित हैं।
लोग कई बार हो रहे संक्रमित
अध्ययन के अनुसार, ओमिक्रॉन के सबवेरिएंट्स से लोग न केवल एक बार बल्कि कई बार संक्रमित हो रहे हैं। इसलिए सार्वजनिक स्थान पर जाने वाले लोगों को रैपिड टेस्ट करते रहना चाहिए। चेंग का कहना है कि वह वर्तमान में यह बेहतर ढंग से समझने के लिए पुन: संक्रमण का अध्ययन कर रहे हैं।

कोंडागांव/ शौर्यपथ / दक्षिण कोंडागांव वनमण्डल के वन परिक्षेत्र माकड़ी अंतर्गत माकड़ी परिसर में मुखबिर से प्राप्त सुचना के आधार पर वनमण्डलाधिकारी के निर्देशन एवं उपवनमण्डलाधिकारी के मार्गदर्शन में दिनांक 21/08/2022 को परिक्षेत्र सहायक माकड़ी के नेतृत्व में वन परिक्षेत्र और उड़नदस्ता दल की संयुक्त टीम ने राम पांडे पिता सुकराम पांडे जाति कलार के ग्राम माकड़ी स्थित मकान में छापेमार की कार्यवाही की गयी। छापे की कार्यवाही में राम पांडे के मकान से अवैध रूप से भण्डारित की गयी सागौन, साल और बीजा के 76 नग चिरान लगभग 0.996 घन मीटर बरामद कर जप्ती की कार्यवाही की गयी। आरोपी के विरुद्ध वन अपराध प्रकरण दर्ज कर जाँच की जा रही है।

दुर्ग / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से लंदन कामनवेल्थ गेम्स तलवार बाजी  में 3 कांस्य पदक विजेता वेदिका ख़ुशी रावना   ने  सौजन्य भेंट किया। मुख्यमंत्री जी ने  पदक हाथ में लेकर वेदिका ख़ुशी रावना को आशीर्वाद के संग पूरे परिवार को  बधाई दी और उज्जवल भविष्य कि शुभकामनाएँ दी इस सौजन्य भेंट के दौरान ओएस डी श्री मनीष बंछोर, कांग्रेस नेता, श्री राजेन्द्र साहू, पूर्व पार्षद संजय सिंह,श्री सुरेश देवांगन, श्री सरोज यादव, गुरदीप सिंह भाटिया, शीशिर झा, हैप्पी कपूर, धर्मेन्द्र देशमुख, के. किशोर ,वेदिका के माता/पिता  गौरीशंकर रावना, कृतिका रावना , उपस्थित थे!
 

प्राचार्य को कारण बताओ नोटिस जारी करने के दिए निर्देश
 जिले के स्वामी आत्मानंद स्कूलों में शासन की मंशानुसार गुणवत्ता लाने कलेक्टर सतत् निरीक्षण कर रहे

धमतरी / शौर्यपथ / प्रदेश के बच्चों में उच्च स्तरीय शिक्षा प्रदान करने सरकार द्वारा स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं। योजना के तहत जिले में स्थापित किए गए स्कूलों में शासन की मंशानुरूप गुणवत्ता लाने कलेक्टर श्री पी एस एल्मा द्वारा सतत् दौरा कर शिक्षा विभाग के अमले को आवश्यक दिशानिर्देश दिए जा रहे हैं। इसी क्रम में कलेक्टर ने शनिवार 20 अगस्त को दोपहर ढाई से विकासखंड मुख्यालय कुरूद और मगरलोड स्थित स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूलों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने कुरूद स्थित स्वामी आत्मानंद स्कूल के मुआयना के दौरान अव्यवस्थित कक्षा, शाला प्रांगण की दुर्दशा और शौचालयों में गंदगी और अस्वच्छता का आलम देख  स्कूल के प्राचार्य पर बेहद नाराजगी जताई। यहां तक कि शौचालयों के आसपास भारी दुर्गंध भी फैल रही थी। इसके अलावा मुआयना के दौरान पूरे स्कूल परिसर में उग आए खरपतवार और घास को देख कलेक्टर ने प्राचार्य को तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी श्री आरएन मिश्र को दिए। साथ ही अगले प्रवास के दौरान स्थिति में सुधार नहीं मिलने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के लिए श्री मिश्र को सख्त लहजे में निर्देशित किया।
   इसके बाद कलेक्टर ने शाम 4.00 बजे मगरलोड भैसमुंडी के स्वामी आत्मानंद स्कूल का आकस्मिक निरीक्षण किया। उन्होंने इस दौरान भवन निर्माण कार्य शीघ्रता से और गुणवत्तापूर्वक पूरा करने के निर्देश संबंधित निर्माण एजेंसी को दिए। साथ ही प्रस्तावित निर्माण कार्यों को जल्द पूरा करने के लिए अमले में वृद्धि करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर के साथ स्कूल शिक्षा विभाग का अमला मौजूद रहा।

कोंडागांव / शौर्यपथ /  भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस कमेटी निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के दिशानिर्देश पर कोंडागांव जिला/ब्लॉक/शहर कांग्रेस के नेतृत्व में मंहगाई के खिलाफ नुक्कड़ सभा हल्लाबोल कार्यक्रम कोंडागांव बाजार स्थल में रखा गया जहां पर जिला पंचायत सदस्य श्रीमती रमिला मरकाम, जिला कांग्रेस प्रवक्ता शिल्पा देवांगन, मंडी बोर्ड के उपाध्यक्ष बिरस साहू,जिला कांग्रेस महामंत्री गीतेश गाँधी, जिला कांग्रेस अध्यक्ष झूमूकलाल दिवान ने अपने व्यक्तव्य में केंद्र सरकार कों जमकर कोसा और बताया की किस तरह झुठ बोलकर सत्ता हासिल करने में महारथ हासिल की है भाजपा चुनाव के पहले कहती कुछ और है चुनाव जीत जाने के बाद करती कुछ और है यूपीये सरकार के दौरान तत्कालीन विपक्ष में बैठी भाजपा कों मंहगाई दिखती थी उस दौर ने मंहगाई डायन हुआ करती थी पर आज मंहगाई डार्लिंग हो गयी है।हल्लाबोल कार्यक्रम में मौजूद पीसीसी प्रमुख मोहन मरकाम ने कहा भाजपा जुमलेबाजों की पार्टी है आज की मंहगाई में घर चलाना मुश्किल हो गया है माननीय नरेंद्र मोदी जी को मंहगाई का पता नहीं चलता माननीया निर्मला सीतारमण जी कों पता नहीं चलता क्या पता उनका परिवार इस मंहगाई से खुश हो पर देश की जनता आज की इस बढ़ती मंहगाई को बर्दास्त नहीं कर सकती कांग्रेस की सरकार में रसोई गैस का दाम 410 रुपए था आज 1150,खाद्य तेल सरसों तेल हमारी सरकार में 70 रुपए थी आज 215 रुपए है पेट्रोल 57 डीजल 40 रुपए में मिला करता था आज 105 रुपए लीटर हो गए हैं मिट्टी तेल मिल नहीं रहा जनता को क्या मोदी जी इसी अच्छे दिन लाने की बात कह रहे थे चुनावी रैलियों अगर यहीं हैं अच्छे दिन तो हमें पुराने दिन लौटा दो मोदी जी देश की जनता आपके अच्छे दिन कों सहन नहीं कर पा रही है मंहगाई से जान जा रही है अगर आपसे देश नहीं सम्भल रहा तो आप स्तीफा दे दो मोदी जी देश चलाना आपके बस की बात नहीं ज़ब से केंद्र में भाजपा की सरकार बैठी है जीडीपी लगातार गिरती जा रही है क्या यहीं है आपकी उपलब्धि आप कहते हैं .70 सालों में कांग्रेस ने क्या किया आप आज जिन चीजों कों बेच रहे हैं उन सभी चीजों कों बनाने वाली सरकार कांग्रेस की सरकार है इसके साथ ही केंद्र सरकार कों आड़े हांथों लेते हुए जमकर कोसा व बाजार परिसर में घूम घूम कर केंद्र सरकार के खिलाफ कांग्रेस के शासन काल व आज भाजपा के कार्यकाल में मंहगाई दर में तुलनात्मक पॉम्पलेट बाजार स्थल पे घूमकर सभी लोगों कों बांटा साथ ही
मोदी सरकार की जन विरोधी नीतियों के खिलाफ आज महंगाई चौपाल के माध्यम से जनता ने किया प्रस्ताव पारित किया जिसमें जनता के माध्यम से केंद्र की मोदी सरकार से मांग किया गया है कि

पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क की दर को घटाकर 2014 से पहले की तरह दरों,क्रमशः 9.20₹ और 3.20₹ प्रति लीटर पर लाया जाए ताकि पेट्रोल-डीजल सस्ते हो सके....

पीएनजी और सीएनजी की कीमतों को कम करने व रसोई गैस के घरेलू सिलेंडर रिफिल को ₹500 में उपलब्ध कराने की मांग करते हैं....

केंद्र की मोदी सरकार के हिटलरशाही नीतियों के खिलाफ पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस सहित अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में बढ़ती हुई महगांई के विरोध में कांग्रेसियों ने हाट बाज़ारो में पहुंच चर्चा कर हल्ला बोला....

हम कीटनाशकों, उर्वरको,कृषि उपकरणों और बीजों पर जीएसटी से पूर्ण छूट की मांग करते है....

एक तरफ देश की गरीब जनता महंगाई की मार झेल रही है दूसरी तरफ बेरोजगारी बढ़ रही है बहोत हुई महंगाई की मार, बस करो मोदी सरकार, कांग्रेस का आंदोलन प्रदर्शन निरन्तर अपने उफान पर...

केंद्र की कार्पोरेट समर्थक भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार को केवल उद्योगपतियों व उनके कंपनियों के फायदे की चिंता, आम आदमी के परेशानी से कोई लेना-देना नहीं....

एक तरफ देश में करोड़ों शिक्षित युवा बेरोजगारी का दंश झेल रहे हैं व दूसरी तरफ केंद्र सरकार के कई विभागों में करीब 10 लाख पद खाली पड़े हैं....

हमारी मांग है कि सरकार जल्द से जल्द महंगाई कम करने के अपने वादों को पूरा करें, साथ ही रोजगार को लेकर युवाओं से किए वादे भी निभाए और बेरोजगारों के लिए रोजगार का प्रबंध करें।आज के नुक्कड़ सभा हल्लाबोल कार्यक्रम में पीसीसी अध्यक्ष मोहन मरकाम, जिला कांग्रेस अध्यक्ष झूमूकलाल दिवान,जिला महामंत्री गीतेश गाँधी,मंडी बोर्ड उपाध्यक्ष बिरस साहू,शाकंभरी बोर्ड सदस्य अनुराग पटेल, महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुखबती मरकाम,शहर महिला कांग्रेस अध्यक्ष तबस्सुम बानो,विधायक प्रतिनिधि बुधराम नेताम,ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष भारत देवांगन,मिडिया विभाग प्रमुख रितेश पटेल,कपिल चोपड़ा,अमित गुप्ता,प्रवक्ता शिल्पा देवांगन, प्रीति भदौरिया,मंडल अध्यक्ष ब्रिज सोढ़ी, संजय करन,नंदू दिवान,मंछा भारती, सुकुमार सहा, सुकमु कोर्राम लखमू कोर्राम, सर्वेश सेठिया, गीतेश बघेल सहित जनप्रतिनिधियों के साथ क्षेत्र के कार्यकर्ता पदाधिकारी भारी संख्या में मौजूद रहे।

मेरे भाई के साथ संगनीधाट जाने वाले उसके दोस्तों से भी करे कड़ाई से पूछताछ-सुमन चौधरी
लापता देवेन्द्र के परिजन इस मामले को लेकर मिले गृहमंत्री से तो ताम्रध्वज ने अधिकारियों को दिये उचित निर्देश

    भिलाई / शौर्यपथ / शारदापार केम्प 2 निवासी सुमन चौधरी ने आयोजित पत्रवार्ता में पुलिस एवं जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है उसका छोटा भाई देवेन्द्र चौधरी जो कि 15 अगस्त को संगनीघाट दो बाईक में चार मित्रों के साथ गया था लेकिन वह आज तक घर वापस नही लौटा वह कहां है और किन परिस्थितियों में उसे पुलिस व जिला प्रशासन खोजकर निकाले। ये मांग प्रदेश के गृहमंत्री ताम्रध्वज साहे से भी मिलकर सुमन और उसके परिजनों ने कही है। इसपर गृहमंत्री श्री साहू ने आईजी दुर्ग रेंज बी एन मीणा एवं एस पी डॉ. अभिषेक  पल्लव को स्पष्ट निर्देश दिये है कि दुर्ग और बेमेतरा पुलिस इस मामले में अपनी सक्रिया निभाते हुए देवेन्द्र चौधरी को खोजने में ततपरता दिखाये। पुन: एनडीआरएफ एवं मछुवारों की टीम लगाकर खोजबीन की जाये। एसपी डॉ. पल्लव ने परिजनों के सामने स्थिति को स्पष्ट करते हुए बताया कि गत दिवस शिवनाथ नदी में बाढ के हालात एवं पानी का बहाव अधिक था, उसमें एनडीआरएफ के जवानों व मछुवारों की जान भी खतरे में थी अब पानी का बहाव कम हुआ है, अब पुन: खोजबीन की प्रक्रिया फिर से शुरू की जा रही है। जल्द ही देवेन्द्र चौधरी को खोज निकालने का दावा दुर्ग पुलिस ने किया है। मंत्री श्री साहू ने परिजनों को आश्वस्त किया कि संगनीघाट में यदि कोई घटना दुर्घटना घटी है तो वह पीएम रिपोर्ट से स्पष्ट हो जायेगा कि ये किस कारण और किस वजह से ये हादसा या घटना हुई है। दुर्ग और बेमेतरा पुलिस इसपर अपनी पूरी तत्परता दिखाये।
  देवेन्द्र की बहन सुमन चौधरी ने आगे बताया कि मेरी प्रशासन से मांग है कि मेरा भाई जिंदा है या गुम हो गया है या अब इस दुनिया में नही है उसे स्पष्ट करें। निजामुद्दीन सहित जिन भी मित्रों के साथ मेरा भाई संगनीघाट गया था उससे पुलिस कड़ाई से पूछताछ कर वास्तविकता को सामने लाये। 15 अगस्त की शाम से मेरा भाई कहां गया इसके मैं और मेरा परिजन बहुत परेशान है। इस मामले को लेकर बेमेतरा और दुर्ग एसपी कलेक्टटर और धमधा एसडीएम के बराबर संपर्क में है लेकिन रिजल्ट शून्य है। एनडीआरएफ की टीम ने भी अपने हाथ खड़े कर दिये है। उनके अधिकारियों का कहना है कि हमारे पास मात्र 26 लोगों का ही स्टाफ है, इस मामले को लेकर परिजनों ने युवा विधायक देवेन्द्र यादव से भी गुहार लगाई, उनके फोन पर धमधा एसडीएम सक्रिय जरूर हुए लेकिन देवेन्द्र चौधरी का आजतक पता नही चल पाया। मेरा भाई बीएससी सेकण्डीयर का छात्र है, परिजनों ने दुर्ग और बेमेतरा पुलिस के सीमा विवाद क्षेत्र को लेकर भी गंभीर आरोप लगाये कि दोनो जिलों की पुलिस ये क्षेत्र मेरे अंडर में नही आता है कहकर पल्ला झाडऩे का काम कर रहे है।

दुर्ग / शौर्यपथ / स्कूली छात्रों को वनों के प्रति जागरूक करने एवं पेड़-पौधों के प्रति उनका लगाव बढ़ाने हेतु पाटन विकासखण्ड अंतर्गत स्कूलों में दुर्ग वनमण्डल, दुर्ग द्वारा वृक्षारोपण अभियान प्रारंभ किया गया है। इस अभियान के माध्यम से स्कूली छात्रों के द्वारा उनके स्कूल के कैंपस में वृक्षारोपण कराया जा रहा है। इससे छात्रों को पेड़-पौधों की जानकारी होगी एवं प्रकृति के प्रति उनका संबंध और घनिष्ठ होगा।
      इस अभियान के अंतर्गत पाटन विकासखण्ड अंतर्गत प्रत्येक स्कूल में आम, जाम, जामुन, अमरूद, बादाम, अशोक, कचनार, आंवला प्रजाति के 50-50 पौधें का रोपण किया जा रहा है। योजना अंतर्गत कुल 300 स्कूलों में 15000 पौधे रोपित किये जाने का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान दिनांक तक इस योजना अंतर्गत क्षेत्र के 22 प्राथमिक शालाओं, 13 पूर्व माध्यमिक शालाओं एवं 15 उच्चतर माध्यमिक शालाओं, इस तरह कुल 50 शासकीय शालाओं में वृक्षारोपण का कार्यक्रम पूर्ण किया जा चुका है तथा शेष शालाओं में यह कार्य अगस्त के अंत तक पूर्ण कर लिया जावेगा।
        क्षेत्र वन विहीन होने के कारण यहां हरित क्षेत्र बढ़ाने हेतु स्कूलों के साथ-साथ ग्राम चीचा में 3.00 हे. एवं अमलेश्वर में 4 हे. क्षेत्र में ब्लॉक वृक्षारोपण का कार्य प्रगतिरत है।
 

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