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April 05, 2026
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शौर्यपथ

शौर्यपथ

कोण्डागांव / शौर्यपथ / जिला कौशल विकास प्राधिकरण कोण्डागांव द्वारा संकल्प परियोजना अंतर्गत 25 अगस्त 2022 को प्रातः 10:30 बजे से लाईवलीहुड कॉलेज भवन डोंगरीपारा कोण्डागांव में रोजगार मेला का आयोजन किया गया है। जिसमें निजी नियोजकों द्वारा कुल 943 पदों के लिए योग्य अभ्यर्थियों का चयन किया जायेगा। सहायक संचालक जिला कौशल विकास प्राधिकरण कोण्डागांव से मिली जानकारी के अनुसार उक्त रोजगार मेला में 6 नियोजकों द्वारा अपने प्रतिष्ठानों एवं फर्मों में रिक्त पदों के लिए योग्य अभ्यर्थियों का चयन किया जायेगा। जिसके तहत् दंतेश्वरी होण्डा कोण्डागांव में असिस्टेंट एवं फील्ड वर्कर, हेड टेक्नीशियन एवं कम्प्यूटर ऑपरेटर के कुल 11 पदों, कमाण्डों सिक्यूरिटी सर्विसेज रायपुर के द्वारा सिक्यूरिटी सुपरवाईजर के 30 तथा सिक्यूरिटी गार्ड के 50 पदों, कोंडानार गारमेंट फेक्ट्री के द्वारा सुपरवाईजर के 10, हेल्पर एवं ऑपरेटर के 160 पदों, प्रथम एजुकेशन फाउण्डेशन सुकमा द्वारा ट्रेनी ऑटोमेटिव टूव्हीलर एवं ट्रेनी ऑटोमेटिव फोरव्हीलर के तीस-तीस पदों तथा ट्रेनी इलेक्ट्रीकल के 30 एवं ट्रेनी इलेक्ट्रीकल के 30 एवं ट्रेनी हॉस्पीटालिटी के 40 पदों, अविनाश इंटरप्राईजेस द्वारा सिक्यूरिटी गार्ड के 100, होम हेल्थ केयर के 60 तथा ट्रेनी सिलाई के 200 पदों के लिए योग्य अभ्यर्थियों का चयन किया जायेगा। वहीं सीजा फाउण्डेशन रायपुर के द्वारा मोबिलाईजर, प्लेसमेंट कोआर्डीनर, साफ्ट स्किल ट्रेनर, इलेक्ट्रीशियन ट्रेनर, मेशन राजमिस्त्री ट्रेनर एवं रिटेल ट्रेनर प्रत्येक के दो-दो पदों तथा इलेक्ट्रीशियन, मेशन राजमिस्त्री एवं सेल्स प्रोफेशनल प्रत्येक के लिए साठ-साठ पदों हेतु पात्र अभ्यर्थियों का चयन किया जायेगा। सेल्स असिस्टेंट एवं फील्ड वर्कर एवं हेड टेक्नीशियन पद हेतु आयु 18 से 30 वर्ष के मध्य तथा शैक्षणिक योग्यता 12वीं उत्तीर्ण होना चाहिए। वहीं कम्प्यूटर ऑपरेटर पद के लिए आयु 18 से 30 वर्ष के बीच एवं शैक्षणिक योग्यता 12 वीं उत्तीर्ण सहित कम्प्यूटर में डिप्लोमाधारी होना चाहिए। इन पदों पर 3 वर्ष के अनुभव प्राप्त अभ्यर्थियों को प्राथमिकता दी जायेगी। सिक्यूरिटी सुपरवाईजर पद हेतु आयु 18 से 45 वर्ष के मध्य और शैक्षणिक योग्यता 12 वीं उत्तीर्ण तथा गार्ड के लिए निर्धारित मापदण्ड होना चाहिए। सिक्यूरिटी गार्ड पद हेतु आयु 18 से 30 वर्ष के मध्य तथ शैक्षणिक योग्यता 10 उत्तीर्ण एवं गार्ड के लिए निर्धारित मापदण्ड होना चाहिए। इन दोनों पदों के लिए 1 वर्ष के अनुभव प्राप्त अभ्याथियों को वरीयता दी जायेगी। कोंडानार गारमेंट फैक्ट्री के सुपरवाईजर पद के लिए शैक्षणिक योग्यता स्नात्तक तथा हेल्पर एवं ऑपरेटर पद हेतु 8वीं उत्तीर्ण होना चाहिए। इन तीनों पद के लिए आयु सीमा 18 से 30 वर्ष के मध्य होना चाहिए। ट्रेनी ऑटोमेटिव फोरव्हीलर, ट्रेनी इलेक्ट्रीकल एवं ट्रेनी हॉस्पीटालिटी पद के लिए शैक्षणिक योग्यता 8वीं उत्तीर्ण तथा आयु सीमा 18 से 30 वर्ष के मध्य होना चाहिए। अविनाश इंटरप्राईजेस के सिक्यूरिटी गार्ड एवं होम हेल्थ केयर पद हेतु शैक्षणिक योग्यता 10वीं उत्तीर्ण तथा ट्रेनी सिलाई के लिए शैक्षणिक अहर्ता 5वीं उत्तीर्ण होना चाहिए। इन तीनों पदों हेतु आयु सीमा 18 से 45 वर्ष के माध्य होना चाहिए। सीजा फाउण्डेशन रायपुर के मोविलाईर, इलेक्ट्रीशियन मेसन राजमिस्त्री एवं सेल्स प्रोफेशनल पद के लिए शैक्षणिक योग्यता 10वीं उत्तीर्ण, प्लेसमेंट कोआर्डीनेटर पद हेतु स्नात्तक, साफ्ट स्क्लि ट्रेनर पद के लिए स्नात्तक एवं पोस्ट ग्रेजुएट तथा एक वर्ष का अनुभव और इलेक्ट्रीकल ट्रेनर, रिटेल ट्रेनर एवं मेशन राजमिस्त्री ट्रेनर पद के लिए सम्बन्धित ट्रेड में आईटीआई प्रशिक्षित और संबन्धित क्षेत्र में 4 वर्ष का अनुभव होना चाहिए। इन सभी पदों के लिए आयु सीमा 18 से 45 वर्ष के माध्य होना चाहिए। दंतेश्वरी होण्डा कोण्डागांव, कोण्डानार गारमेंट फेक्ट्री तथा सीजा फाउण्डेशन रायुपर के पदों हेतु हेतु कार्य स्थल कोण्डगांव निर्धारित है। वहीं कमाण्डो सिक्यूरिटी सर्विसेज रायपुर के पदों के लिए कर्य स्थ्ल रायपुर, अविनाश इंटरप्राईजेस के पदों हेतु कार्य स्थल संपूर्ण भारत तथा प्रथम एजुकेशन फाउण्डेशन सुकमा के पदों हेतु कार्य स्थल छत्तीसगढ़ राज्य एवं अन्य प्रदेश नियत है। उक्त सभी पदों पर कार्य करने के ईच्छुक योग्य अभ्यर्थी अपने बॉयोडाटा एवं शैक्षणिक योग्यता सम्बन्धी प्रमाण पत्र और अन्य दस्तावेजों के साथ 25 अगस्त 2022 को प्रातः 10:30 लाईवलीहुड कॉलेज डोंगरीपारा कोण्डागांव में उपस्थित होकर रोजगार मेला मे शामिल हो सकते है। उक्त रोजगार मेला संबन्धी विस्तृत जानकारी जिले के वेबसाईट www.kondagaon.gov.in  पर लॉगिन कर देखी जा सकती है।

रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में स्वर्गीय श्री वामनराव लाखे की पुण्यतिथि पर उनके छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया है। श्री बघेल ने स्वतंत्रता संग्राम और सहकारिता के क्षेत्र में श्री लाखे के अमूल्य योगदान को याद किया। छत्तीसगढ़ में सहकारिता के माध्यम से श्री लाखे ने किसानों सहित लाखों लोगों के आर्थिक विकास की मजबूत आधारशिला रखी। उन्होंने छत्तीसगढ़ में सहकारिता की नींव रखते हुए रायपुर में सहकारी बैंक की स्थापना की। राष्ट्रीय स्वतंत्रता संग्राम के दौरान उन्होंने छत्तीसगढ़ में जन-जागरण के लिए अपना अमूल्य योगदान दिया। खादी के प्रचार-प्रसार के साथ शिक्षा के विकास के लिए भी वे सक्रिय रहे। वे आजीवन सहकारी संगठनों की मजबूती के लिए लगे रहे। उनके प्रयासों का ही परिणाम है कि आज सहकारिता के माध्यम से लाखों लोगों के रोजगार और आगे बढ़ने का सपना सच हो रहा है।

       सेहत टिप्स / शौर्यपथ /नींद न सिर्फ आपकी हेल्थ के लिए जरूरी है बल्कि यह आपकी स्किन केयर और एंटी एजिंग के लिए भी जरूरी है। ऐसे में सुकून भरी नींद का बहुत महत्व होता है। हालांकि, कभी-कभी नींद से उठने के बाद गर्दन और कंधों में दर्द की शिकायत होती है। आपके साथ भी अगर ऐसा होता है, तो आपको अपने सोने के तरीके पर ध्यान देना चाहिए। साथ ही सुबह होने वाले गर्दन और कंधे के दर्द के इलाज के लिए योग का सहारा लेना चाहिए। योग किसी भी प्रकार के स्ट्रेस को रोकता है लेकिन शरीर को तीव्र शारीरिक गतिविधि प्रदान करता है, जो सक्रिय रहने और चलते रहने में मदद करता है।
सोने का सही तरीका
सिर को आराम देने के लिए सपाट तकिए का इस्तेमाल करें और पीठ के बल लेटते समय गर्दन  को सहारा देने के लिए नेक रोल का इस्तेमाल करना सबसे अच्छा है। हार्ड या ऊंचे तकिए से बचना हमेशा बेहतर होता है क्योंकि यह नींद के दौरान गर्दन को फ्लेक्स रख सकता है जिसके कारण उठने के बाद अकड़न और दर्द होता है।
कैट एंड काओ पोज
इस योग मुद्रा को बनाने के लिए कलाइयां कंधों के नीचे हों और घुटने कूल्हों के नीचे हों। चारों पर समान रूप से संतुलन बनाए रखें। ऊपर देखते समय श्वास अंदर लें और पेट को नीचे फर्श की ओर आने दें। सांस छोड़ते हुए ठुड्डी को छाती से लगाए और नाभि को रीढ़ की ओर खींचे। इस आसन को रिपीट करें।
मुद्रा गर्दन और कंधों को मजबूत और फैलाती है।
चाइल्ड पोज
इस योग मुद्रा के लिए एड़ियों के बल बैठें, आगे की ओर झुकें और माथा को चटाई पर नीचे करें। हथेलियों को नीचे की ओर रखते हुए बाजुओं को आगे की ओर तानें। अपने सीने को जांंघों के पास लाकर दबाएं।  कुछ सेकंड के लिए स्थिति को पकड़ें और छोड़ें। यह पीठ और रीढ़ को आराम देता है और साथ ही कंधों पर तनाव को कम करता है।
लेग्स अप द वॉल पोज
इस आसन को करना भी बेहद आसान है। इसे करने के लिए पीठ के बल दीवार के पास लेट जाएं। हिप्स दीवार को छूने चाहिए। पैरों को दीवार से सटाकर ऊपर उठाएं और बाजुओं को बगल में टिकाएं। गहरी सांस लें और एक या दो मिनट के लिए इस स्थिति में रहें। यह गर्दन और कंधों को आराम देता है और पीठ दर्द में मदद करता है।


       खेल /शौर्यपथ /भारत ने जिम्बाब्वे को दूसरे वनडे में 5 विकेट से धूल चटाकर तीन मैच की सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली है। इस धमाकेदार परफॉर्मेंस के बाद टीम इंडिया पाकिस्तान के वर्ल्ड रिकॉर्ड के बेहद करीब पहुंच गया है। दरअसल, यह रिकॉर्ड है जिम्बाब्वे के खिलाफ सबसे ज्यादा वनडे मुकाबले जीतने का। भारत अब जिम्बाब्वे के खिलाफ 50 ओवर फॉर्मेट में सबसे ज्यादा जीत दर्ज करने के मामले में पाकिस्तान के बाद दूसरे पायदान पर हैं। दोनों टीमों के बीच अब सिर्फ एक ही जीत का फर्क रह गया है। बता दें, हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले गए दूसरे वनडे मैच में जिम्बाब्वे ने पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत के सामने 162 रनों का लक्ष्य रखा था। इस स्कोर को टीम इंडिया ने 25.4 ओवर में ही चेज कर लिया।
यह भारत की जिम्बाब्वे के खिलाफ वनडे क्रिकेट में 53वीं जीत है। वहीं इस टीम को सबसे ज्यादा बार पाकिस्तान ने धोया है। पाकिस्तान ने जिम्बाब्वे को 54 बार इस फॉर्मेट में मात दी है। अगर सीरीज के आखिरी मुकाबले में टीम इंडिया मेजबानों को धूल चटाती है तो वह पाकिस्तान की बराबरी कर लेगी। बता दें, इस सूची में तीसरे पायदान पर बांग्लादेश 51 जीत के साथ मौजूद है।
जिम्बाब्वे के खिलाफ सबसे अधिक वनडे मैच जीतने वाली टीम-
पाकिस्तान - 54
भारत - 53*
बांग्लादेश - 51
श्रीलंका - 46
बात भारत बनाम जिम्बाब्वे दूसरे वनडे की करें तो टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी जिम्बाब्वे की टीम के बल्लेबाजों ने दूसरे वनडे में भी निराश किया। टीम 38.1 ओवर में 161 रन पर ही ढेर हो गई। इसके जवाब में भारत ने 5 विकेट खोकर 25.4 ओवर में 167 रन बनाकर ये मैच अपने नाम किया।
162 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को पहला झटका कप्तान केएल राहुल के रूप में लगा। कप्तान केएल राहुल ने अगले सप्ताह शुरू हो रहे एशिया कप से पहले बल्लेबाजी अभ्यास के लिये शिखर धवन के साथ पारी की शुरूआत की लेकिन दूसरे ही ओवर में पांच गेंद में एक रन बनाकर विक्टर एनयुची की गेंद पर एलबीडब्ल्यू आउट हो गए, जिसके बाद धवन और गिल के बीच दूसरे विकेट के लिए 29 गेंद में 42 रन की तेजतर्रार साझेदारी हुई।
हालांकि धवन 21 गेंद में 33 रन बनाकर आउट हो गए। इसके ईशान किशन और गिल के बीच तीसरे विकेट के लिए 36 रन की साझेदारी हुई, लेकिन किशन सिर्फ 6 रन बनाकर बोल्ड हो गए। गिल भी कुछ देर बाद 34 गेंद में 33 रन बनाकर आउट हुए।
दीपक हुड्डा और संजू सैमसन के बीच पांचवें विकेट के लिए 58 गेंद में 56 रन की साझेदारी हुई। हुड्डा 36 गेंद में 25 रन बनाकर आउट हुए।इसके बाद संजू सैमसन ने 26वें ओवर में छक्का लगाकर भारत को जीत दिलाई। सैमसन ने 39 गेंद में 43 रन बनाए। इस दौरान 3 चौके और 4 छक्के लगाए।

      मनोरंजन / शौर्यपथ / विजय देवराकोंडा और अनन्या पांडे की अपकमिंग फिल्म Liger लगातार सुर्खियों में बनी हुई है। फिल्म का गाना 'आफत' रिलीज के साथ ही वायरल हो गया, लेकिन इसी बीच सोशल मीडिया पर हैश टैग #BoycottLiger भी ट्रेंड करने लगा जिसके बाद मेकर्स में चिंता की लहर साफ दिखाई पड़ी। बता दें कि पिछले कुछ दिनों में तमाम बॉलीवुड फिल्मों को बायकॉट किया गया है जिसके बाद फिल्मों के बिजनेस पर इसका असर साफ देखने को मिला।
क्या है बायकॉट करने की वजह?
ऐसे में अब हैशटैग #BoycottLiger पर ट्वीट करने वाले यूजर्स Liger को बायकॉट करने के अलग-अलग कारण बता रहे हैं। एक यूजर ने इस फिल्म को बायकॉट करने के पीछे इसमें करण जौहर का प्रोडक्शन हाउस होना बताया तो वहीं दूसरे ने कहा कि विजय देवराकोंडा ने बॉलीवुड एक्ट्रेस के साथ काम किया है।
मुझे बायकॉट का कोई डर नहीं है
अब इस पूरे मामले को लेकर विजय देवराकोंडा का रिएक्शन आ गया है। द इंडियन एक्सप्रेस के साथ बातचीत में विजय देवराकोंडा ने कहा कि उन्हें बायकॉट को लेकर कोई परवाह नहीं है। उन्होंने कहा, 'मुझे कोई डर नहीं है क्योंकि मैंने इस फिल्म को बनाने में अपना दिल और रूह लगाई है।'
मैंने देश के लिए बहुत कुछ किया है
विजय देवराकोंडा ने कहा, 'जब आप सही होते हैं तब आपको किसी को सुनने की जरूरत नहीं है।' विजय देवराकोंडा ने कहा कि वह सभी इसी देश से हैं और जानते हैं कि उन्होंने इस देश के लिए क्या कुछ किया है। विजय ने कहा कि वह उन लोगों में से नहीं है जो बस अपने कंप्यूटर के सामने बैठकर किसी के खिलाफ ट्वीट किए जा रहे हैं।

सेहत /शौर्यपथ / पैरों में दर्द वह दर्द है जो अचानक से शुरू हो सकता है। ये दर्द आपके लिए असुविधा का कारण बनता है। गंभीर पैर दर्द शारीरिक परेशानी, चोटों और दुर्घटनाओं के कारण हो सकता है जबकि मामूली दर्द तीव्र शारीरिक कसरत करने के कारण हो सकता है। मामूली पैर का दर्द आराम से ठीक हो जाता है लेकिन ज्यादा दर्द में घरेलू उपचार का सहारा लिया जा सकता है।
पैरों के दर्द से छुटकारा पाने का घरेलू तरीका
1) आइस पैक का करें इस्तेमाल-  कसरत या चोटों के बाद ब्लड के फ्लो को कम करके एक ठंडा पैक सूजन को कम करता है। दर्द से राहत पाने के लिए एक तौलिये में दो बर्फ के टुकड़े लपेटकर प्रभावित जगह पर लगाएं। इसे कम से कम 10 से 15 मिनट तक करें और पूरे दिन में कुछ बार दोहराएं।
2) खूब सारा पानी पीएं- डिहाइड्रेशन के करण भी पैरों में दर्द हो सकता है। इससे छुटकारा पाने के लिए खूब सारा पानी पीएं। मिनरल वाटर पीना और भी बेहतर है क्योंकि इसमें कई फायदेमंद इलेक्ट्रोलाइट्स होते हैं। कैफीन और अल्कोहल को छोड़ दें क्योंकि वे इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन और डिहाइड्रेशन का कारण बनते हैं।
3) पैरों को करें मूव- काम पर बैठा रहने के कारण परेशानी हो सकती है। अगर आप ब्लड सर्कुलेशन को इम्प्रूव, दर्द कम, और क्रेम्प को कम करना चाहते हैं तो हल्की फुलकी एक्सरसाइज करना शुरू करें। पैरों और जॉइंट पेन के लिए आप इस घरेलू तरीके को अपना सकते हैं।
4) योगासन करें ट्राई- योगा आपके लिए थेरेपी की तरह काम कर सकती है। इसके अलावा बॉडी में ब्लॉकेज हटाकर ये एनर्जी को बढ़ा सकता है। बॉडी डिटॉक्स करने, फटाफट ठीक होने के लिए आप योगा की मदद ले सकते हैं। बस इसके लिए आपको सही एक्सरसाइज करने की जरूरत होती है।
5) चलने से मिल सकती है मदद- पैरों के दर्द से आराम पाने के लिए आपको चलने से मदद मिल सकते हैं। ये सूजन को कम करता है, ब्लड सर्कुलेशन को बूस्ट करता है और शरीर से एंडोर्फिन रिलीज होता है। ऐसे में ये आपके मूड को बेहतर करता है और साथ आपको पैरों के दर्द से छुटकारा मिल सकता है।

  खाना खजाना /शौर्यपथ /कई लोग नाश्ते में स्टफ पराठा खाना पसंद करते हैं। अलग-अलग सब्जियों की फिलिंग के साथ इस पराठे को तैयार किया जा सकता है। आलू के पराठे काफी कॉमन हैं और हर घर में खूब बनाए भी जाते हैं। हालांकि हर घर में इसे बनाने का अलग तरीका है। हर कोई अलग रेसिपी के साथ इसे तैयार करता है। हम बता रहे हैं आलू के पराठे बनाने की एक अलग रेसिपी। इस तरीके से अलग आप पराठे बनाते हैं तो यकीन मानिए कि हर किसी को पराठों का स्वाद खूब पसंद आएगा। तो जानिए मसाला पीस कर किस तरह से बनाएं आलू के पराठे-
यूं करें तैयारी
आलू के पराठे बनाने के लिए सबसे पहले आलू को उबालने के लिए रख दें। और तब तक मसाला बनाने के लिए सबसे लहसुन की कुछ कलियों को छील कर एक तरफ रख लें। फिर हरी मिर्च और अदरक को भी धोकर एक साइड रखें। अब एक छोटा सा मिक्सचर जार लें और उसमें लहसुन की कलियां, अदरक का छोटा टुकड़ा, हरी मिर्च (अपने स्वाद के अनुसार ही लें या फिर चाहें तो स्किप कर सकते हैं।), नमक, लाल मिर्च पाउडर, सौंफ, गरम मसाला, खटाई, काली मिर्च पाउडर को डालें। सभी चीजों को अच्छे से ब्लेंड करें, जरूरत हो तो आप थोड़ा पानी डाल सकते हैं। मसाले का स्मूद पेस्ट तैयार करना है। अब आलू उबल गए होंगे, उन्हें भी एक बर्तन में निकाल कर छील लें।
आसानी से तैयार करें मसाला
आलू को अच्छे से मैश करें और उसमें पीसा हुआ मसाला मिलाएं। अच्छे से मिक्स करनें के बाद कुछ देर आलू को ठंडा होने के लिए छोड़ दें। ठंडा होने के बाद हरा धनिया से आलू को गार्निश करें और पराठे तैयार करें।

       सेहत टिप्स / शौर्यपथ /मां बनना एक खूबसूरत एहसास होता है। खासकर जब आप पहली बार मां बनने वाली हों। प्रेग्नेंसी के दौरान कई तरह की नसीहतें भी दी जाती हैं। जैसे केसर का दूध व नारियल पीने से बच्चा गोरा होगा वगैराह। इसी के साथ यह भी कहा जाता है कि इस दौरान संबंध बनाने से बच्चे को चोट लग सकती है, लेकिन क्या वाकई ऐसा होता है? यहां जानिए प्रेग्नेंसी के दौरान संबंध बनाने से जुड़े सवालों के बारे में।
प्रेग्नेंसी के दौरान संबंध बनाना सही या गलत?
     लोगों का मानना है कि प्रेग्नेंसी के दौरान संबंध बनाना नामुमकिन है, लेकिन ऐसा नहीं है। पेनिट्रेशन वजाइना में होता है और बच्चा यूटर्स में होता है और दोनों के बीच में सर्विक्स की लेयर होती है। ऐसे में बच्चे तक पहुंचने का सवाल ही नहीं होता। हालांकि अगर प्रेग्नेंसी में कॉम्पलिकेशन हैं और डॉक्टर ने संबंध बनाने से मना किया है तो आपको ऐसा करने से बचना चाहिए।  
क्या प्रेग्नेंसी में सेक्स ड्राइव में बदलाव कॉमन हैं?
      प्रेग्नेंसी में सेक्स ड्राइव का बढऩा और घटना कॉमन है। कई प्रेग्नेंट महिलाओं को लगता है कि थकान, जी मिचलाना, पेशाब करने की बढ़त जैसी चीजें सेक्स कम को कम आनंददायक बनाती हैं। पहले ट्राइमेस्टर के दौरान ऐसा ज्यादा होता है। हालांकि दूसरी तिमाही के कारण ये कम हो जाता है। ऐसे में महिलाओं को लगता है कि उनकी सेक्स की इच्छा बढ़ गई है। तीसरे ट्राइमेस्टर के दौरान इच्छा आमतौर पर फिर से कम हो जाती है क्योंकि गर्भाश्य और भी बड़ा हो जाता है। और फिर से महिलओं को सेक्स की इच्छा कम हो जाती है।    
क्या प्रेग्नेंसी के दौरान सेक्स करने से हो सकता है मिसकैरेज?
प्रेग्नेंसी के दौरान सेक्स करने से मिसकैरेज नहीं होगा। रिपोट्र्स की मानें तो ज्यादातर मिसकैरेज इसलिए भी होते हैं क्योंकि भ्रूण सामान्य तरीके से ग्रो नहीं होता।  
प्रेग्नेंसी के दौरान सेक्स से कब बचना चाहिए?
एक्सपट्र्स की मानें तो जब आपकी योनि से खून आ रहा हो, एमन्योटिक फ्लूइड का रिसाव, सर्विक्स समय से पहले खुलने लगे, पहले प्रिमेच्योर डिलीवरी हुई हो, या प्लेसेंटा यूटर्स सर्विक्स को कवर करने लगे। इन सभी परेशानियों के दौरान आपको सेक्स से बचना चाहिए और डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।  

     आस्था / शौर्यपथ /हिंदू पंचांग के अनुसार हर साल भाद्रपद मास में शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि पर गणेश चतुर्थी मनाई जाती है। इस साल ये 31 अगस्त को गणेश चतुर्थी है। इसी दिन से 10 दिन का गणपति उत्सव मनाया जाता है। ऐसे में लोग घर में गणपति को विराजमान करते हैं। वैसे तो लोग बाजार में मिलने वाले गणपति लेकर आते हैं। लेकिन ये केमिकल से बने होते हैं तो वातावरण के लिए ये काफी खराब होते है। ऐसे में आप ईको फ्रेंडली मूर्ति बना सकते हैं। इस तरह की मूर्ती को आप बहुत आसानी से घर पर बना सकते हैं। यहां हम बता रहे हैं घर पर ईको फ्रेंडली गणपति की मूर्ति बनाने का तरीका।
मिट्टी से कैसे बनाएं गणपति
1) इसे बनाने के लिए चिकनी मिट्टी लें और इसमें पानी को अच्छी तरह मिलाकर आटा गूंथ लें और फिर आटे को टुकड़ों में बांट लें।
2) चार टुकड़ों में से एक लें, इसे चपटा करें और अपनी मूर्ति का आधार बनाएं। किनारों को चिकना करने के लिए एक स्केल का इस्तेमाल करें।
3) मूर्ति में गोल-गोल आकार का धड़ बनाएं और मूर्ति के शरीर और आधार को जोड़ने के लिए टूथपिक का इस्तेमाल करें। अगर टूथपिक नहीं है, तो दोनों को चिपकाने के लिए पानी की 2-3 बूंदों का इस्तेमाल करें।
4) मूर्ति के पैर, हाथ और सूंड बनाने के लिए चार लंबे रोल बनाएं। दो रोल लें, रोल के सिरे को बाहर की ओर चपटा करें और उन्हें मूर्ति के धड़ पर चिपका दें। एक रोल लें, इसे मूर्ति के चारों ओर पैरों के ठीक ऊपर लपेटें और एक भुजा को ऊपर की ओर चपटा करें ताकि यह आशीर्वाद की तरह दिखे।
5) मूर्ति के लिए हथेली बनाएं। उस पर उंगलियों और अंगूठे को सावधानी से बनाएं। मिट्टी का एक और टुकड़ा लें और इसे एक गेंद के आकार में रोल करें और इसे शरीर के ऊपर रखें। वह मूर्ति का सिर है।
6) लंबे रोल का अंतिम टुकड़ा लें और इसे सिर के बीच में रखें। अपनी पसंद के आधार पर, सूंड को बनाएं। आप सूंड के सिरे को नुकीला लुक भी दे सकते हैं।
7) कान, आंख और लड्डू के लिए छोटे आकार के गोले बना लें। उनमें से सब के लिए पानी की 3-4 बूंदों का यूज करें और चिपका दें। कानों को चिपकाएं और उन्हें चपटा करें। आंखों को लगाएं और हाथ पर लड्डू रखें।
8) मूर्ति पर डिजाइन बनाएं। धोती बनाने के लिए मिट्टी की मूर्ति बनाने वाले औजारों का यूज करें। आप किसी एक कंधे पर स्टोल भी रख सकते हैं।
9) फाइनल टच दें और गणपति की मूर्ति को पत्तेदार कटोरे या किसी दूसरी चीज में रखें।

     गाइड /शौर्यपथ / आमतौर पर ऐसा होता है कि पेरेंट्स बच्चों को अनुशासन या मैनर्स सिखाने के चक्कर में उन पर प्रेशर डालने लगते हैं। यह बात सही है कि बच्चों को अच्छा इंसान बनाने के लिए उन्हें बहुत कुछ बचपन से ही सिखाना पड़ता है लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आप कुछ सिखाने के लिए बच्चों पर प्रेशर डालें या फिर हमेशा उन पर चिल्लाते रहें। कभी-कभी ऐसा भी होता है कि पेरेंट को पता नहीं चलता है कि वे बच्चों पर प्रेशर डाल रहे हैं। ऐसे में आपको खुद के बिहेवियर पर एक बार नजर जरूर रखनी चाहिए।
बच्चों को हमेशा घर के अंदर रखना
बच्चों को आउटडोर गेम्स खिलाना भी बेहद जरूरी है। आप बच्चों को बाहर खिलाएं और पार्क में जरूर ले जाएं। आप अगर बच्चों को घर से बाहर निकलते ही डांटने लग जाते हैं, तो इसका मतलब यह है कि आप बच्चे पर प्रेशर डाल रहे हैं कि वह बाहर कोई एक्टिविटी न करे और घर में ही रहे।
बच्चों पर हमेशा जीत का प्रेशर डालना
हर पेरेंट चाहता है कि उनके बच्चे हर फील्ड में आगे रहे। इसके लिए पेरेंट बच्चों को एक्टिविटी भी कराते हैं लेकिन अगर आप जीतने के लिए बच्चे को हर चीज कर गुजरने की सीख देते हैं, तो बच्चों को प्रेशर फील होने लग जाएगा। बच्चों को जीतने के साथ उन्हें हार को डील करना भी सिखाएं।
दूसरे बच्चों की तरह बनने के लिए कहना
हर बच्चे की क्वालिटी अलग होती है। ऐसे में बच्चों को कभी भी किसी और बच्चे की तरह बनने के लिए न कहें। बच्चे को कम्पेयर करने या दूसरे बच्चे को परफेक्ट बताने से कहीं न कहीं आपके बच्चे पर प्रेशर पड़ता है। बच्चों पर ऐसा प्रेशर न डालें।
परफेक्ट बनाने के लिए होड़
हर चीज को सीखने की उम्र होती है, आपको यह बात समझनी चाहिए। बच्चों को कभी भी परफेक्ट बनाने के लिए हर एक चीज सिखाने के पीछे न पड़े। कई पेरेंट बच्चों को 5-6 साल की उम्र में ही कई गेम्स, लैंग्वेज और कई एक्टिविटीज करा लेना चाहते हैं, जिससे बच्चा हमेशा प्रेशर में रहता है। उसकी नींद तक उड़ जाती है।

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