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April 05, 2026
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शौर्यपथ

शौर्यपथ

        टिप्स ट्रिक्स / शौर्यपथ /गणेश चतुर्थी धूम-धाम से मनाए जाने वाले त्योहारों में से एक है जो 10 दिनों तक चलने वाले गणपति महोत्सव की शुरुआत का प्रतीक है, इसे 'विनायक चतुर्थी' भी कहा जाता है। इस त्योहार पूरे उत्साह के साथ मनाया जाता है और सुंदर गणपति की सजावट की जाती है। शानदार पंडालों से लेकर सुंदर गणपति फूलों की सजावट तक, गणेश चतुर्थी का त्योहार पूरे भारत में धूमधाम से मनाया जाता है। वहीं घर पर गणेश चतुर्थी की सजावट को भी लोग अच्छे से करने की कोशिश करते हैं। यहां हम बता रहे हैं कुछ डेकोरेशन आइडियाज, देखें-
गणपति पर कैसे सजाएं घर
1) ईको फ्रेंडली गणपति डेकोरेशन
गणपति डेकोरेशन आइडियाज की लिस्ट में इको-फ्रेंडली जाना कोई नया नाम नहीं है। आज के समय में यह एक ये जरूरत बन गई है। गणपति पर फूलों की सजावट सबसे अच्छा और सबसे पसंदीदा सजावट ऑप्शन है। फूलों की थीम गणपति की सजावट को एक अलग रूप दे सकती है और इसे सुंदर बना सकती है। कागज के पंखे भी गणेश चतुर्थी के लिए एक डेकोरेशन आइडिया है। कागज के पंखे बनाना बहुत आसान है, और आप विभिन्न रंगों और आकारों के साथ इसे बना सकते हैं। इन्हें आकर्षक दिखाने के लिए, आप शीशे चिपका सकते हैं या कागज के पंखों पर चमकीले रंगों का इस्तेमाल कर सकते हैं।
2) रंगीन पेपर के साथ गणेश चतुर्थी की सजावट
रंगीन कागजों के साथ सजावट की चीजें बनाना कभी भी ट्रेंड से बाहर नहीं जाता है। आप फूलों, कागज के पंखे, माला, दीवार के हैंगिंग आदि जैसे सजावटी सामान बनाने के लिए अलग-अलग रंगों में फ्लोरोसेंट पेपर या ग्लिटर शीट चुन सकते हैं। आप गणेश की मूर्ति के दोनों ओर कागज के फूल रख सकते हैं। आप तितलियों और छतरियों जैसे कुछ डिजाइन भी बना सकते हैं।
3) गुब्बारों के साथ गणपति सजावट
गुब्बारों का इस्तेमाल करके गणपति की सजावट की जा सकती है। घर पर सजावट के लिए, गुब्बारा थीम को चुना जा सकता है। आप कई गुब्बारों को मिवला कर एक फूल बना सकते हैं या पूरी दीवार को गुब्बारों से ढक सकते हैं।
4) सिंपल डेकोरेशन के लिए
अगर आपके पास हैवी डेकोरेशन करने का समय नहीं है या आप बहुत क्रिएटिव नहीं हैं, तो चिंता न करें। सिंपल गणपति सजावट के लिए आप आप अलग-अलग आकार में छोटे-छोटे तैयार मंडप या गणपति पंडाल ले सकते हैं। ये तैयार गणपति मंडप आमतौर पर थर्माकोल शीट और फूलों से बने होते हैं। मूर्ति को आकर्षण का केंद्र बनाने के लिए आप कुछ और सामान जैसे स्ट्रिंग लाइट, स्पॉटलाइट और फैंसी लालटेन जोड़ सकते हैं।

     ब्यूटी टिप्स /शौर्यपथ /चावल दुनिया भर में खाए जाने वाले सबसे पसंंदीदा अनाज में से एक है। यह फोलेट, फोर्टिफाइड और बी-विटामिन से भरपूर होता है। इसे खाने के कई फायदे हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि हेल्थ के लिए फायदों के अलावा चावल बालों की सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद है। आप अगर चावल से घर पर ही हेयर स्पा करना चाहते हैं, तो इसके स्टेप्स बहुत आसान है। यह स्पा आपको महीने में एक बार जरूर करना चाहिए।
बालों को धोएं
स्पा करने के लिए सबसे पहले एक माइल्ड शैम्पू से बालों को धो लें। इससे आपके बालों से जितनी भी धूल-मिट्टी होगी, वो साफ हो जाएगी। याद रखें कि आपको कंडीशनर का इस्तेमाल नहीं करना है।
हेयर मसाज
हेयर मसाज करने के लिए सबसे पहले आपको चावल का पानी लेकर एक स्प्रे बोतल में भरना है। इसके बाद इसे स्कैल्प और हेयर लेंथ तक स्प्रे कर लें। आपको हल्के हाथों से स्कैल्प पर मसाज करना है।
हेयर मास्क
हेयर मास्क बनाने के लिए सबसे पहले दो चम्मच दही, एक चम्मच चावल का बारीक पीसा आटा, एक चम्मच एलोवेरा जेल और एक विटामिन ई की कैप्सूल डालकर मिला लें। इसे अच्छी तरह बालों में लगा लें। 20 मिनट तक लगा रहने दें।
ऑयलिंग
हम 20 मिनट बाद आप इसे नॉर्मल पानी से धो लें। याद रखें आपको शैम्पू नहीं लगाना है। अब आप ऑलिव ऑयल को लेकर इसे बालों की जड़ों तक लगा लें। 15 मिनट ऐसे ही रखें।
हेयर वॉश
अब आपको ऑयल रिमूव करने के लिए अच्छी तरह बालों को माइल्ड शैम्पू से धोना है। याद रखें कि कंडीशनर का इस्तेमाल न करें। आपके बाल इस थेरेपी से स्ट्रॉन्ग होंगे और शाइनी नजर आएंगे।

संयंत्र के निदेषक प्रभारी अनिर्बान दासगुप्ता ने किया शुभारम्भ

स्कीन बैंक से गंभीर रूप से जले मरीजों को मिलेगा नया जीवन

भिलाई। शौर्यपथ । भिलाई इस्पात संयंत्र ने इस्पात बिरादरी को उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए सदैव ही सकारात्मक प्रयास किया है। इसी क्रम में बीएसपी के मुख्य चिकित्सालय के एडवांस बर्न केयर डिपार्टमेंट में छत्तीसगढ़ व सेल का पहला स्कीन बैंक का शुभारम्भ किया गया। इसके अतिरिक्त छत्तीसगढ़ में कैडेवरिक टिशु ट्रांसप्लांट का भी जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय एवं अनुसंधान केंद्र पहला संस्थान बना।

निदेशक प्रभारी दासगुप्ता ने किया उद्घाटन

आजादी का अमृत महोत्सव के पावन अवसर पर जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय एवं अनुसंधान केंद्र में स्थापित स्कीन बैंक का शुभारंभ भिलाई इस्पात संयंत्र के निदेशक प्रभारी श्री अनिर्बान दासगुप्ता ने किया। इस प्रकार भिलाई बिरादरी को चिकित्सकीय क्षेत्र में नई सुविधा उपलब्ध कराया गया है। इस अवसर पर संयंत्र के कार्यपालक निदेषक प्रभारी कार्मिक एवं प्रषासन, के के सिंह, कार्यपालक निदेषक सामग्री प्रबंधन ए के भट्टा, कार्यपालक निदेषक वक्र्स अंजनी कुमार, कार्यपालक निदेशक खदान, तपन सूत्रधार, कार्यपालक निदेषक कार्मिक एवं प्रषासन, एम एम गद्रे, कार्यपालक निदेशक परियोजनाएं, एस मुखोपाध्याय, कार्यकारी कार्यपालक निदेशक वित्त एवं लेखा, डी एन करन तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारी प्रभारी चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएँ डॉ एम रविन्द्रनाथ, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ प्रमोद बिनायके सहित बर्न यूनिट के एडीशनल सीएमओ डॉ उदय कुमार, डिप्टी सीएमओ डॉ अनिरूद्ध मेने भी विषेष रूप से उपस्थित थे। इसके अतिरिक्त अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सकों व चिकित्सा बिरादरी के अन्य सदस्य भी मौजूद रहे।

स्किन बैंक के स्थापना हेतु नई मषीनें व प्रशिक्षित स्टॉफ

स्किन बैंक को शुरू करने के लिए जरूरी जगह ,आवश्यक मशीनें और प्रशिक्षित स्टाफ की आवश्यकता होती है भिलाई के स्किन बैंक को शुरू करने के लिए एडवांस बर्न केयर डिपार्टमेंट में जगह निर्धारित की गई और आवश्यक मशीनें जैसे इलेक्ट्रिकल डर्मेटोम, स्किन मैशर, बायोसेफ्टी केबिनेट और फ्रीजर,इनक्यूबेटर आदि उपलब्ध कराए गए जिसमें उच्च प्रबंधन ने अपना त्वरित सहयोग किया। भिलाई इस्पात संयंत्र के बर्न विभाग के 6 स्टाफ मुंबई स्थित नेशनल बर्न सेंटर के स्किन बैंक में प्रषिक्षित किया गया। यह प्रषिक्षित स्टाफ भिलाई में स्किन बैंक प्रारंभ करने में सहायक सिद्ध होंगे। आवश्यक दस्तावेज तथा स्किन निकालने की सहमति से लेकर दूसरे मरीज को स्किन लगाने तक की पूरी प्रक्रिया का मैन्युअल बनाया गया है।

पंजीयन के साथ ही स्किन डोनेशन हेतु जागरूकता कार्यक्रम प्रारंभ

स्किन बैंक को प्रारंभ करने की अनुमति प्रदान करने के साथ ही सोटो रायपुर से रजिस्ट्रेशन नंबर जारी कर दिया गया है जो 5 वर्षों के लिए मान्य होगा। इस प्रकार बीएसपी के मुख्य चिकित्सालय में स्थापित स्किन बैंक छत्तीसगढ़ का पहला स्किन बैंक बन गया है। इसके स्थापना के साथ ही बीएसपी अस्पताल ने स्किन डोनेशन के प्रति लोगों को जागरूक करने का कार्य प्रारंभ कर दिया है। जिससे लोग स्कीन बैंक को स्किन डोनेशन करें और गंभीर मरीजों के जीवनरक्षा में अपना योगदान दें।

गंभीर रूप से जले हुए मरीजों को मिलेगा जीवनदान

बर्न यूनिट के एडीषनल सीएमओ डॉ उदय कुमार ने बताया कि आने वाले समय में बीएसपी का स्कीन बैंक गंभीर रूप से जले मरीजों के लिये वरदान साबित होगा। इस स्कीन बैंक से गंभीर किस्म से तथा अत्यधिक जले मरीजों को जीवन दान मिल सकेगा। मरीज की या उनके रिश्तेदारों की सहमति के पश्चात ही मरीज की पैर या पीठ की चमड़ी की ऊपरी परत इलेक्ट्रिकल डर्मेटोम के द्वारा निकाली जाती है तथा निकाली गई जगह पर प्रॉपर बैंडेज किया जाता है निकाली गई चमड़ी को 50 प्रतिषत ग्लिसरॉल में लेकर स्किन बैंक में इनक्यूबेटर में स्टोर किया जाता है तथा कुछ आवश्यक जांच भी की जाती है जरूरी जांच की रिपोर्ट आने के पश्चात बायोसेफ्टी केबिनेट में स्किन मेंशर द्वारा स्किन पर छोटे-छोटे छेद बनाए जाते हैं जिससे ग्लिसरोल तथा एंटीबायोटिक सॉल्यूशन उसमें अंदर तक जाए और स्किन में कोई संक्रमण ना हो इस प्रक्रिया के पश्चात प्रॉपर लेबल जिसमें नाम रजिस्ट्रेशन नंबर के साथ फ्रीजर में 85 प्रतिषत ग्लिसरॉल में स्टोर किया जाता है इस स्किन को लगभग 5 वर्षों तक 4 डिग्री सेंटीग्रेड पर रख सकते हैं।

कोंडागांव । शौर्यपथ । प्रतिवर्ष की भांति वीर बलिदानी शूरवीर राजा गुरु बालक दास गुरु जी का जयंती जिले के अंतर्गत आने वाले सभी ग्रामों में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।जिसमें मुख्य रूप से कोंडागांव,केशकाल, कुसमा, लंजोड़ा,गारका आदि ग्राम शामिल है। परमपूज्य गुरु घासीदास जी के द्वितीय पुत्र गुरु बालक दास जी थे।गुरु बालक दास जी समाजिक कुरीतियों को दूर कर समाज को सही दिशा देने में लगे थे।जिसके लिए राजमहन्त, महन्त, दीवान,भंडारी,साटिदार आदि समाजिक पद बनाकर एक सामाजिक व्यवस्था बनाए।गुरु जी रामत के रूप में गाड़ी, घोड़ा, हाथी के साथ अपने महंतो दीवान को लेकर निकलते थे।समाज सुधार के साथ सामाजिक न्याय भी करते थे।इस अवसर पर समाज के समाज प्रमुखों द्वारा सभी जगहों पर गुरु बालकदास जी के जीवनी पर सन्देश पठन और मंगल पंथी भजन कर जैत खाम में पालो (स्वेत झंडा) चढ़ाया गया।इस अवसर पर सतनामी समाज के सम्भागीय अध्यक्ष धँसराज टण्डन,जिलाध्यक्ष सानू मार्कण्डेय, जिला संरक्षक आर .के.बंजारे,लखमू टण्डन,उदयलाल मार्कण्डेय,आशाराम मार्कण्डेय, मन्नूलाल चतुर्वेदी,मनोज कुर्रे जिला सचिव एवं संभागीय सलाहकार एल.एन. सोनवानी,जिला सयोंजक एवं संभागीय सलाहकार जयकिशन मार्कण्डेय ग्राम कुसमा से भुवनलाल मार्कण्डेय,जगीन डाहरे ,सुरेश बेर संभागीय सलाहकार लंजोड़ा योगेंद्र चतुर्वेदी , धर्मेंद्र चतुर्वेदी, चन्द्रेश चतुर्वेदी गोलू कोशले, दुर्गाप्रसाद गहरवार ,महात्मागांधी वार्ड पंघार इकाई के अध्यक्ष नारायण जिला सलाहकार नारायण बंजारे व उपाध्यक्ष ललित टंडन,जिला पंथी प्रभारी विशाल बंजारे,वरिष्ठ कार्यकर्ता व पंथी प्रशिक्षक नरेश मारकंडे,मीडिया प्रभारी मुकेश मार्कण्डेय ,साथीदार गोलू कुर्रे ,वरिष्ठ कार्यकर्ता गजेंद्र कुर्रे, लखेश बेर आशीष कुर्रे प्रफुल्ल बांधे ,बादल बांधे महिला कार्यकर्ता से पंचवती मार्कण्डेय,अनिता बंजारे, सुनीता बंजारे, जिसमें महिलाएं बच्चे एवं समस्त कार्यकर्ता समाज उपस्थित होकर कार्यक्रम को सफल किये

दुर्ग। शौर्यपथ।जैनम होम डेकोर के संचालक अतुल  जैन(37) के जन्मदिन के अवसर पर पुरे परिवार ने देहदान की घोषणा कर वसीयत नवदृष्टि फाउंडेशन के राज आढ़तिया,कुलवंत भाटिय,रितेश जैन,राजेश पारख,हरमन दुलाई,जितेंद्र करिया,विकास जायसवाल को सौंपी

अतुल की माताजी शोभना जैन ने कहा बहुत समय से मन में देहदान करने की इच्छा थी आज पुत्र के जन्मदिन को शुभ घडी मानते हुए हमने यह निर्णय लिया ताकि अतुल का जन्मदिन सार्थक हो सके

अतुल जैन, उनके पिता श्री अशोक जैन (६५),मां शोभना जैन (६२) पत्नी सुरभि जैन ने अपने देहदान की घोषणा की देहदान हेतु अतुल की बहन प्रीति आदित्य लुंकड ने सहमति दी, अतुल ने कहा मुझे यह जन्मदिन ताउम्र याद रहेगा आज हमारे परिवार ने मेरी माँ से प्रेरणा ले अपने जन्मदिन को यादगार बनाया

नवदृष्टि फाउंडेशन के राजेश परख ने कहा जैन परिवार का निर्णय स्वागत योग्य है एवं अभी समाज को नेत्रदान व् देहदान हेतु अधिक जागरूक होने की जरुरत है जिसके लिए हमारी संस्था लगातार अभियान चला रही है,हरमन दुलाई ने जानकारी दी कि अभी भी मेडिकल की पढ़ाई कर रहे छात्रों हेतु केडेवर की भारी कमी है जिस से भविष्य के डाक्टरों को रिसर्च करने में असुविधा होती है लगातार देहदान से स्थिति सामान्य होगी

देहदान की जानकारी हेतु संस्था के सदस्यों से 9300565695/9589334586 पर सम्पर्क कर जानकारी व् सहायता ली जा सकती है

नवदृष्टि फाउंडेशन की ओर से अनिल बल्लेवार ,कुलवंत भाटिया,राज आढ़तिया,प्रवीण तिवारी,मुकेश आढ़तिया, हरमन दुलई,,किरण भंडारी, रितेश जैन,जितेंद्र हासवानी,सत्येंद्र राजपूत,सुरेश जैन,राजेश परख,पियूष मालवीय,विकास जायसवाल मुकेश राठी,प्रभु दयाल उजाला, प्रमोद बाघ ,सूरज साहू संतोष राजपुरोहित,चेतन जैन ,यतीन्द्र चावड़ा, नत्थू अग्रवाल, खुर्शीद अहमद, आकाश मसीह, वीरेंद्र पाली, प्रफुल्ल जोशी, ,दीपक बंसल ने जैन परिवार को  देहदान का निर्णय लेने साधुवाद दिया व् अतुल को जन्मदिन की शुभकामनाएं दी

मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए किसानों से की बातचीत
किसान न्याय योजना से मिले लाभ की ली जानकारी

    रायपुर / शौर्यपथ /  मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कहा है कि प्रदेश के किसानों ने राजीव गांधी किसान न्याय योजना पर विश्वास व्यक्त किया है। छत्तीसगढ़ के किसानों को इस योजना का लाभ मिलता रहेगा। योजना बंद नहीं होगी। मुख्यमंत्री ने आज किसान न्याय योजना और गोधन न्याय योजना के तहत राशि अंतरण के कार्यक्रम के दौरान विभिन्न जिलों के किसानों से वर्चुअल माध्यम से हुई चर्चा के बाद यह बात कही।
किसानों ने मुख्यमंत्री से यह आग्रह किया था कि राजीव गांधी किसान न्याय योजना से उन्हें आर्थिक लाभ हो रहा है। यह योजना चलती रहनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत इनपुट सब्सिडी के रूप में धान उत्पादक किसानों को 9 हजार रूपए प्रति एकड़, सुगंधित धान तथा खरीफ की अन्य फसल लेने वाले किसानों को 10 हजार रूपए प्रति एकड़ और वृक्षारोपण करने वाले किसानों को 3 वर्ष तक 10 हजार प्रति एकड़ के मान से राशि दी जाएगी। इस योजना का किसानों को अधिक-से-अधिक संख्या में लाभ लेना चाहिए। किसानों ने कहा कि बीज निगम में पंजीयन कराने के बाद सुगंधित धान बेचने पर उन्हें अच्छा फायदा हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दंतेवाड़ा जिले के धान एवं अन्य फसल लेने वाले किसान सर्वश्री श्याम लाल यादव और सुगंधित धान की खेती करने वाले राम नाग, दुर्ग जिले के पाटन के धान की खेती करने वाले किसान योगेश साहू और महेन्द्र कुमार वर्मा, बेमेतरा में धान की खेती करने वाले बहाल राम वर्मा और ऋषि वर्मा तथा राजनांदगांव के सुगंधित धान की खेती करने वाले राजकुमार और संजय से बात की। दंतेवाड़ा के किसान श्री श्याम लाल यादव ने कहा कि वे 20 एकड़ में खेती करते हैं। धान, मक्का, कोदो और रागी की फसल लेते हैं। राजीव गांधी किसान न्याय योजना के जरिए 45 हजार रूपए प्राप्त हुए हैं, उन्हें 18 लाख रूपए का वर्मी कम्पोस्ट बेचा है और मछली बेचकर 3 लाख 20 हजार रूपए की कमाई की है। श्याम लाल गौठान समिति के अध्यक्ष भी हैं। उन्होंने बताया कि गौठान में वर्मी कम्पोस्ट के साथ मुर्गी पालन, बकरी पालन, मछली पालन, मशरूम और सब्जी की खेती समूहों द्वारा की जा रही है।
दंतेवाड़ा के ही श्री नाग ने बताया कि वे तीन एकड़ में सुगंधित धान की खेती करते हैं। बेमेतरा के श्री बहाल राम वर्मा ने बताया कि उन्हें किसान न्याय योजना में पहली और दूसरी किश्त में दो बार 36 हजार 500 रूपए की राशि मिली है। उन्होंने बताया कि खेती के लिए ट्रेक्टर और अपने कॉलेज जाने वाले बेटे के लिए स्कूटी खरीदा है। अनेक किसानों ने बताया कि वे पहले से ही वर्मी कम्पोस्ट का उत्पादन कर उसका उपयोग खेती में कर रहे हैं। दुर्ग जिले के योगेश साहू ने बताया कि 27 एकड़ में वे सब्जी की खेती कर रहे है, इसमें 56 हजार रूपए का फायदा हुआ है। 8 एकड़ में वे जैविक खेती कर और भाटा-तोराई, ब्रोकली की फसल ले रहे हैं। सी-मार्ट में भाटा की कीमत 50 रूपए प्रति किलो मिल रही है। उन्होंने यह भी बताया कि वर्मी कम्पोस्ट के लिए उन्होंने सर्टिफिकेशन कराया है, उनके पास 30 देशी गाय हैं। वे गो-मूत्र एकत्रकर वे कीटनाशक भी तैयार करते हैं। दुर्ग पाटन के ही श्री महेन्द्र वर्मा ने बताया कि 14 एकड़ में खेती करते हैं और उन्हें दोनों किश्तों में हर बार 31 हजार 500 रूपए मिले हैं। मोहन लाल यादव 30 एकड़ में खेती करते हैं, इस बार 8 एकड़ में हाईब्रिड टमाटर लगा रहे हैं। राजनांदगांव के श्री राजकुमार साहू ने बताया कि वे इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा विकसित सुगंधित धान सीजी-देवभोग की खेती किए हैं, जिसमें 22 से 23 क्विंटल का उत्पादन हुआ। बीज निगम में उन्होंने पंजीयन कराया था, जिससे उन्हें 44 हजार 700 रूपए मिले हैं। श्री संजय कुमार वैष्णव ने बताया कि उन्होंने 5 एकड़ में सुगंधित धान बासमती की खेती की। 70 क्विंटल धान बेचा और उन्हें दो लाख 10 हजार रूपए की राशि मिली।
अयोध्या में 1200 एकड़ में बोया गया है सुगंधित धान ‘सीजी-देवभोग‘
    मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान बताया कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर द्वारा विकसित की गई सुगंधित धान की किस्म ‘सीजी-देवभोग‘ अयोध्या में 1200 एकड़ में बोया गया है। कृषि विश्वविद्यालय की सफलता पर मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों को बधाई और शुभकामनाएं दीं।

सबसे ज्यादा वर्मी कंपोस्ट उपयोग करने वाले किसानों का राज्योत्सव में  किया जाएगा सम्मानित: मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल
किसानों की खुशहाली राज्य सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि
पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्री राजीव गांधी की जयंती पर  राजीव गांधी किसान न्याय योजना की दूसरी किश्त के रूप में किसानों  को 1745 करोड़ रूपए का भुगतान
गोधन न्याय योजना के हितग्राहियों को 5.24 करोड़ रूपए का भुगतान  
राजीव गांधी किसान न्याय योजना में किसानों को अब तक  किया गया 14,665 करोड़ रूपए का भुगतान
गोबर विक्रेताओं को अब तक 158.24 करोड़ रूपए का भुगतान

  रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कहा है कि सबसे ज्यादा वर्मी कंपोस्ट का उपयोग करने वाले किसानों को राज्योत्सव के अवसर पर सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसानों की खुशहाली राज्य सरकार के लिए सबसे बड़ी उपलब्धि है। मुख्यमंत्री ने आज यहां अपने निवास कार्यालय में देश के पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय श्री राजीव गांधी की जयंती ‘सद्भावना दिवस‘ के अवसर पर राजीव गांधी किसान न्याय योजना की दूसरी किश्त और गोधन न्याय योजना के हितग्राहियों के खाते में 1750.24 करोड़ रूपए अंतरित किए।
मुख्यमंत्री ने इस कार्यक्रम में राजीव गांधी किसान न्याय योजना की दूसरी किश्त के रूप में किसानों के खातों में 1745 करोड़ रूपए और गोधन न्याय योजना के हितग्राहियों गोबर विक्रेताओं, महिला स्व-सहायता समूहों और गौठान समितियों के खातों में 5 करोड़ 24 लाख रूपए की राशि का अंतरण किया।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि किसानों की कर्जमाफी और समर्थन मूल्य के साथ इनपुट सब्सिडी देने से हमारे किसान ऋण के बोझ से उबरकर अब स्वावलंबी बन गए हैं और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को सुधारने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। प्रदेश के 26 लाख से अधिक किसानों के चेहरों पर अब खुशी दिखाई दे रही है। श्री बघेल ने इस कार्यक्रम के लिए श्री राहुल गांधी द्वारा भेजे गए शुभकामना संदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि सांसद श्री राहुल गांधी यह चाहते थे कि लोगों के जेब में पैसा पहुंचे और उनकी आर्थिक स्थिति सुधरे। राज्य सरकार ने अपनी योजनाओं के माध्यम से यह कार्य किया है। उन्होंने कहा कि राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत इनपुट सब्सिडी के रूप में धान उत्पादक किसानों को 9 हजार रूपए प्रति एकड़, सुगंधित धान तथा खरीफ की अन्य फसल लेने वाले किसानों को 10 हजार रूपए प्रति एकड़ और वृक्षारोपण करने वाले किसानों को 3 वर्ष तक 10 हजार प्रति एकड़ के मान से राशि दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने स्वर्गीय श्री राजीव गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि जब भी आधुनिक भारत के विकास की बात होगी, तो उनमें प्रमुख नाम स्वर्गीय श्री राजीव गांधी जी का होगा। राजीव जी का सबसे बड़ा योगदान यह है कि उन्होंने हर नागरिक के जीवन की जटिलताओं को न्यूनतम् करने के लिए काम किया। चाहे वे जटिलताएं प्रशासनिक कामकाज से संबंधित रही हों, चाहे नागरिक सुविधाओं से, या फिर आर्थिक विकास से संबंधित हो। भारत में टेलीकॉम, कम्प्यूटर, साइंस एंड टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में हुए विकास के लिए हम उनके योगदान को याद करते हैं।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों को अधिकार संपन्न बनाने के लिए राजीव जी द्वारा की गई पहल को आगे बढ़ाते हुए हमारे नेता श्री राहुल गांधी जी ने न्यूनतम आय योजना का विचार सामने रखा था। इसी योजना को हम न्याय योजना के रूप में भी जानते हैं।
    मुख्यमंत्री श्री बघेल ने आज के इस कार्यक्रम में राजीव गांधी किसान न्याय योजना के अंतर्गत खरीफ सीजन 2021 के लिए 26 लाख 21 हजार 352 पंजीकृत किसानों के बैंक खातों में इनपुट सब्सिडी की द्वितीय किश्त 1745 करोड़ रुपये ऑनलाईन माध्यम से अंतरित की। इसी तरह गोधन न्याय योजना के अंतर्गत पशुपालक ग्रामीणों, गौठान समितियों और महिला समूहों को कुल 5 करोड़ 24 लाख रुपए का भुगतान किया गया। इससे पूर्व 21 मई 2022 को राज्य के किसानों को इस योजना की प्रथम किश्त के रूप में 1745 रूपए का भुगतान किया गया था। आज द्वितीय किस्त के भुगतान की गई राशि को मिलाकर किसानों को राजीव गांधी किसान न्याय योजना के शुरू होने के बाद से अब तक 14 हजार 665 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया है। इस योजना में खरीफ 2019 में 18.43 लाख किसानों को 4 किश्तों में इनपुट सब्सिडी के रूप में 5627 करोड़ रूपए का भुगतान किया गया। इसी प्रकार खरीफ वर्ष 2020 के 20.59 लाख किसानों को 5553 करोड़ रूपए की इनपुट सब्सिडी दी गई। किसानों को फसल लागत मूल्य कम करने, उत्पादकता बढ़ाने, फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए इनपुट सब्सिडी की यह राशि दी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने गोधन न्याय योजना के अंतर्गत गोबर विक्रेताओं को 2.64 करोड़ रूपए तथा गौठान समितियों तथा स्व-सहायता समूह को 2.60 करोड़ रूपए का भुगतान किया गया।
गोबर बेचने वाले ग्रामीणों को गोधन न्याय योजना शुरू होने के बाद से अब तक 158.24 करोड़ रूपए का भुगतान किया जा चुका है। इसी तरह गौठान समितियों तथा स्व-सहायता समूह को अब तक 154.02 करोड़ रूपए का भुगतान किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में फर्टिलाइजर की गिनी चुनी फैक्ट्रियां हैं, इस मामले में छत्तीसगढ़ काफी आगे बढ़ गया है, यहां गांव-गांव में गौठानों में वर्मी कम्पोस्ट के उत्पादन से उर्वरक की फैक्ट्री प्रारंभ हो गई है। वर्मी कम्पोस्ट के उपयोग से भूमि की गुणवत्ता और उर्वरता बढ़ रही है। हमारे कृषि उत्पाद जहरीले तत्वों से मुक्त हो रहे हैं। राज्य जैविक खेती की ओर बढ़ रहा है। आने वाले समय में गौठानों में बिजली भी बनाई जाएगी। गोबर से पेंट भी बनाया जा रहा है।
     कृषि मंत्री श्री रविन्द्र चौबे ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि राजीव गांधी किसान न्याय योजना और गोधन न्याय योजना से छत्तीसगढ़ की इकॉनामी में सुधार हुआ है। बैंकों का किसानों के प्रति विश्वास बढ़ा है। उन्होंने कहा कि इस योजना से पिछले तीन सालों से किसानों की संख्या 8 लाख बढ़ी है। गांवों में खेतों का बिकना रूका है। किसान अब खेत खरीद रहे हैं। इन योजनाओं का प्रारंभ होना क्रांतिकारी कदम है।
इस अवसर पर कृषि मंत्री श्री रविन्द्र चौबे, आदिम जाति विकास मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भेंड़िया, उद्योग मंत्री श्री कवासी लखमा, उच्च शिक्षा मंत्री श्री उमेश पटेल, संसदीय सचिव श्री शिशुपाल सोरी, मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री प्रदीप शर्मा, छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री रामगोपाल अग्रवाल, छत्तीसगढ़ राज्य खनिज विकास निगम के अध्यक्ष श्री गिरीश देवांगन, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव श्री सुब्रत साहू, कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ. कमलप्रीत सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, गोधन न्याय योजना के नोडल अधिकारी डॉ. अय्याज फकीर भाई तम्बोली, संचालक पशुधन श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी, संचालक उद्यानिकी श्री माथेश्वरन वी., सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से स्वास्थ्य मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव तथा प्रदेश के विभिन्न जिलों से किसान और अधिकारी भी जुड़े।

भिलाई / शौर्यपथ /  पावर हाउस मारूती शोरूम के पास शुक्रवार को रात्रि सवा नौ बजे के आसपास रायपुर से दुर्ग की ओर आ रही पेट्रोल से भरी टैंकर में अचानक भयानक आग लग गई जिसके वहां भारी हड़कम्प मच गया और फोरलेन पर दोनों ओर लंबा जाम लग गया। चारों ओर आसपास आग की लपटे और इसका धुआं दूर तक दिखाई दे रही है। आग लगने के बाद आनन फानन में ड्रायवर ने कूद कर अपनी जान बचाई। आस पास टैंकर में बार बार धमाका हो रहा था, इससे वहां उपस्थित लोगों में भारी दहशत हो गया। आग लगने की सूचना मिलने बाद फायर बिग्रेड मौके पर तो पहुंचा लेकिन वह भी टैंकर तक पहुंचने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। आग के साथ बीच बीच में टैंकर से धमाके भी हो रहे थे। बताया जा रहा है कि टैंकर में ज्वलनशील पादार्थ लोड था। आग कैसे लगी इसकी जानकारी नहीं मिल पाई है। मौके पर छावनी थाने की पुलिस व यातायात विभाग के जवानों ने मोर्चा संभाला। दमकल कर्मियों ने आम बुझाना शुरू कर दिया है लेकिन समाचार लिखे जाने तक आग में काबू पाया नही जा सका है।

- शासन द्वारा गौमूत्र के महत्व एवं उपयोगिता को देखते हुए की जा रही गौमूत्र की खरीदी
- नेेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इर्फोमेंशन के अनुसार आयरन, कैल्शियम, फास्फोरस, कार्बोनिक एसिड, पोटाश सहित विभिन्न पोषक तत्व से भरपूर है गौमूत्र
- फसलों के लिए गौमूत्र है एक अच्छा ग्रोथ प्रमोटर
- गौमूत्र से बने जैविक कीटनाशक एवं फफूंदनाशक दवाई होगी उपयोगी


राजनांदगांव / शौर्यपथ / शासन द्वारा गौमूत्र के महत्व एवं उपयोगिता को देखते हुए प्रदेश भर में गौमूत्र की खरीदी की जा रही है। शासन की सुराजी गांव योजना के तहत व्यापक पैमाने पर वर्मी कम्पोस्ट का उत्पादन किया गया है। किसानों का रूझान जैविक खेती की ओर बढ़ा है। कलेक्टर श्री डोमन सिंह ने गौठानों में गौमूत्र की खरीदी प्राथमिकता से करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि गौमूत्र की खरीदी के दौरान गुणवत्ता की जांच करें और इसके लिए समूह की महिलाओं को प्रशिक्षित करते रहें।
वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. बीरबल राजपूत ने बताया कि गौमूत्र में बहुत अधिक औषधीय गुण होते हैं। नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इर्फोमेंशन के अनुसार गौमूत्र में आयरन, कैल्शियम, फास्फोरस, कार्बोनिक एसिड, पोटाश, नाइट्रोजन, अमोनिया, मैगनीज, सल्फर, फास्फेट, पोटेशियम, यूरिक एसिड, एमिनो एसिड सहित विभिन्न पोषक तत्व प्रचुर मात्रा में पाये जाते हैं। इसके अलावा इसमें पानी 95 प्रतिशत, यूरिया 2.5 प्रतिशत, एन्जाइम 2.5 प्रतिशत पाया जाता हैं। गौमूत्र एंटीऑक्सीडेंट गुण से भी भरपूर होता है। गौमूत्र का महत्व कृषि में अत्यंत महत्वपूर्ण है। बिना गौमूत्र व गोबर के प्राकृतिक एवं जैविक खेती संभव नहीं है। इसका फसलों में फफूंद नाशक दवाओं के रूप में भी उपयोग किया जाता है। साथ ही गौमूत्र फसलों में ग्रोथ प्रमोटर का कार्य भी करता है। बीजामृत, जीवामृत, घनामृत, संजीवक, पंचगव्य के अलावा गौमूत्र से जैविक कीटनाशक एवं फफूंदनाशक दवाई भी बनाई जाती है। नीमास्त्र, ब्रहामास्त्र, आग्नेयास्त्र, दशपर्णी अर्क, अमृतयानी उत्पाद है। गौमूत्र कैंसर से बचाव में मदद करता है। वजन घटाने के लिए उपयोगी होने के साथ ही मधुमेह की समस्या को खत्म करता है। लीवर संबंधित बीमारियों को दूर करता है तथा पेट दर्द की समस्या को दूर करता है। इसके अलावा किडनी स्टोन से राहत, थायराइड व आयोडीन की कमी में सुधार, एसिडिटी की समस्या को दूर करता है। शरीर में रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है। शरीर पर जख्म व घाव भरते हैं। कई त्वचा संबंधी बीमारियों को दूर करता है। बालो में एंटी हेयरफॉल, एंटी डैंड्रफ की समस्या को भी दूर करता है। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा गौमूत्र की खरीदी से इसके कई तरह के उत्पाद बनाये जा सकते हैं। जिससे जैविक खेती के साथ ही अन्य उत्पादों का भी लाभ जनसामान्य को मिलेगा।

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