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May 23, 2026
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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

प्लास्टिक प्रदूषण के समाधान पर सफलता की कहानियां भेज सकते है आवेदक नारायणपुर,/ शौर्यपथ / राष्ट्रीय पर्यावरण स्वास्थ्य अनुसंधान संस्थान (आईसीएमआर- एनआईआरईएच), भोपाल विश्व पर्यावरण…

नारायणपुर,/ शौर्यपथ /

छत्तीसगढ़ शासन स्कूल शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार अनुसार नारायणपुर जिले में नवीन स्वीकृत स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय बेनुर एवं स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय ओरछा के लिए स्वीकृत शैक्षणिक एवं गैर शैक्षणिक पदो पर अस्थाई रूप से प्रतिनियुक्ति संविदा के माध्यम से भर्ती किया जाना है। इसके लिए 26 मई तक आवेदक अपना आवेदन जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से प्राप्त कर सकते है।
     राज्य शासन से प्राप्त स्वीकृत शैक्षणिक एवं गैर-शैक्षणिक पदों की पूर्ति के लिए प्रतिनियुक्ति, संविदा भर्ती हेतु योग्यताधारी आवेदकों से आवेदन पत्र आमंत्रित किया गया है। प्रतिनियुक्ति, संविदा भर्ती हेतु इच्छुक एवं पात्र आवेदक अपना आवेदन पत्र कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी, जिला नारायणपुर कलेक्ट्रेट बिल्डिंग कक्ष क्रमांक-74, पिन कोड - 494661 के पते पर स्पीड पोस्ट या पंजीकृत डाक के माध्यम से प्रेषित कर सकते है, या स्वयं आवेदक कार्यालयीन समय पर कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी, जिला नारायणपुर आवक-जावक शाखा में आवदेन जमा कर सकते है। आवेदन पत्र जमा करने की प्रारंभ तिथि 11 मई से 26 मई 2023 तक कार्यालयीन समय सायं 05:30 बजे तक होगी। समय के पश्चात् प्राप्त आवेदनों पर कोई विचार नहीं किया जावेगा। इस संबंध मे अधिक जानकारी हेतु आवेदक जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।

बेमेतरा / शौर्यपथ /

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत विभिन्न राष्ट्रीय कार्यक्रम में रिक्त संविदा पदों पर भर्ती किये जाने हेतु समस्त अर्हताधारी इच्छुक अभ्यर्थियों से 19 मई 2023 सायं 05ः00 बजे तक कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी बेमेतरा में पंजीकृत डाक/स्पीड पोस्ट के माध्यम से आवेदन पत्र आमंत्रित किया गया है। निर्धारित तिथि उपरांत एवं अन्य किसी माध्यम से प्राप्त आवेदन पत्रों पर कोई विचार नहीं किया जावेगा। आवेदन से संबंधित समस्त विस्तृत दिशा-निर्देश, पदों का विवरण,नियम, शर्त एवं आवेदन पत्र का प्रारूप कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी बेमेतरा के सूचना पटल तथा जिला बेमेतरा की आधिकारिक वेबसाईटhttps://bemetara.gov.in/पर अवलोकन कर सकते हैं।

मस्तूरी विधानसभा में भेंट मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने की घोषणा  
मस्तूरी विधानसभा को 96.99 करोड़ रुपए के विकास कार्यों की सौगात

      रायपुर / शौर्यपथ / मस्तूरी विधानसभा में भेंट मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने की घोषणा  मस्तूरी विधानसभा को 96.99 करोड़ रुपए के विकास कार्यों की सौगातमस्तूरी विधानसभा में भेंट मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने की घोषणामस्तूरी विधानसभा को 96.99 करोड़ रुपए के विकास कार्यों की सौगात दी . मुख्यमंत्री ने घोषणा करते हुए कहा कि बिलासपुर जिले के सीपत और मस्तूरी नगर पंचायत बनेंगे। पचपेड़ी में महाविद्यालय आरंभ होगा। इस दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन की स्थिति जानने हितग्राहियों से चर्चा की।
  मुख्यमंत्री ने मस्तूरी विधानसभा के लिए 96 करोड़ 99 लाख रुपए के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इसमें 22 करोड़ 47 लाख रुपए से अधिक राशि के 13 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं 74 करोड़ 51 लाख रुपए से अधिक राशि के 66 विकास कार्यों का भूमिपूजन शामिल है। भेंट-मुलाकात के दौरान राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष अटल श्रीवास्तव, अपेक्स बैंक के अध्यक्ष बैजनाथ चंद्राकर एवं अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

रागी की फसल ले रहे किसान, बताया काफी लाभ हो रहा-
   मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा मिलेट मिशन को प्रोत्साहित किये जाने के जमीनी असर नजर आने लगे हैं। देवदत्त साहू ने बताया कि इस बार दो एकड़ में रागी लगाया है। उम्मीद है कि पचास से साठ हजार रुपए का फायदा मिल जाएगा। इसमें लागत भी कम है और 90 दिन की फसल है। पानी भी कम लगता है। मुझे तो इसकी खेती अच्छी लगी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गर्मी की धान फसल में 110 से 120 दिन का समय लगता है। यह आपने अच्छा किया।

पहले नौकरी करता था, अब खेती के माध्यम से 4 लोगों को नौकरी दी है-
   किसान चंद्रप्रकाश कौशिक ने कहा कि पहले मैं खेती से दूर जा चुका था। कुछ कर्ज था। 2018 तक नौकरी करता था। जब कर्जमाफी हुई तो तीन लाख रुपए माफ हो गया। आपके निर्णयों से खेती काफी लाभप्रद हो गई है। सारी किश्तें मिल गई हैं। समय पर धान का पैसा मिल जाता है। पहले नौकरी करता था, अब चार लोगों को नौकरी दे रहा हूँ। मुख्यमंत्री ने पूछा कि बहु के लिए क्या लाए। श्री कौशिक ने कहा कि अभी साल भर ही हुआ है। मुख्यमंत्री ने पूछा कि शादी के लिए कर्ज लिया क्या। श्री कौशिक ने कहा कि नहीं, इसकी जरूरत ही नहीं पड़ी। मुख्यमंत्री ने खुशी जताते हुए कहा कि यह बहुत अच्छा हो रहा है। पहले शादी ब्याह जैसे मंगल आयोजनों के लिए किसानों को कर्ज लेना पड़ता था, अब खेती किसानी में लाभ होने लगा है इसलिए कर्ज भी नहीं लेना पड़ रहा है। श्री कौशिक ने बताया कि वो राजीव गांधी युवा मितान क्लब से भी जुड़े हैं। वे क्लब के अध्यक्ष हैं। जब पहली बार छत्तीसगढ़िया खेल कराए तो बच्चे खेल नहीं पा रहे थे। तब हम लोगों को लगा कि मुख्यमंत्री जी ग्रामीण खेलों को बढ़ाने के लिए कितना अच्छा काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि हम लोग सप्ताह में एक दिन क्लब के माध्यम से श्रमदान करते हैं।

कोविड आपदा में पिता नहीं रहे, स्वामी आत्मानंद स्कूल में पढ़ रही छात्रा ने बोर्ड परीक्षा में लाये 91 प्रतिशत अंक-
   मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर बोर्ड परीक्षाओं में उत्तीर्ण हुए छात्र-छात्राओं से चर्चा भी की। फलक पटेल ने बताया कि वो स्वामी आत्मानंद स्कूल में पढ़ती हैं। अभी 10वीं बोर्ड का नतीजा आया और इसमें 91 प्रतिशत अंक आये हैं। मैं डाक्टर बनना चाहती हूँ। मुख्यमंत्री ने माता-पिता के बारे में पूछा। फलक ने बताया कि मेरे पिता कोविड आपदा में नहीं रहे। महतारी दुलार योजना से मुझे स्वामी आत्मानंद स्कूल में एडमिशन मिला। मुख्यमंत्री ने फलक को अच्छे नंबरों के लिए बहुत बधाई दी। गरिमा यादव ने बताया कि उनके स्कूल में बहुत अच्छी पढ़ाई होती है।

दूध से ज्यादा कमा रहा हूँ गोबर में -
  उत्तरी विश्वकर्मा ने बताया कि उनका समूह वर्मी कंपोस्ट बनाने का काम करता है। उन्होंने ढाई लाख रुपए का वर्मी कंपोस्ट बेचा है। 70 हजार रुपए की आय केंचुआ बेचकर हुई है। बचत राशि हम सब लोगों ने बांट ली। साथ ही बचत की ही राशि का कुछ धन इकट्ठा कर भागवत कथा भी गाँव में कराई। निखिल जायसवाल ने बताया कि वे हर महीने 80 से 90 क्विंटल गोबर बेचता हूँ। इसके माध्यम से मैं 20 हजार रुपए तक महीने कमाता हूँ। दूध से ज्यादा कमाई तो मैं गोबर से कर रहा हूँ। वहीं मिथिलेश श्रीवास ने बताया कि सही समय पर बेरोजगारी भत्ता मिला है। अब वे खूब पढ़ाई करेंगे।

मुख्यमंत्री की घोषणाएं-
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर ग्राम पंचायत सीपत एवं मस्तूरी को नगर पंचायत बनाने के साथ ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सीपत को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनाने, ग्राम पंचायत पचपेड़ी में शासकीय महाविद्यालय खोलने की घोषणा की। साथ ही उन्होंने खम्हरिया में पुलिस चौकी स्थापना की स्वीकृति, मस्तूरी में संचालित अनुसूचित जाति कन्या प्री मेट्रिक एवं पोस्ट मेट्रिक छात्रावास में 50-50 सीटों की वृद्धि की घोषणा की। ग्राम जयरामनगर में स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल खोलने के साथ ही ग्राम पंचायत कुकदा की मिडिल स्कूल को हाई स्कूल में और धनिया और ग्राम महमंद के हाईस्कूल को हायर सेकेंडरी स्कूल में उन्नयन करने की घोषणा भी की। उन्होंने ग्राम पंचायत पेंड्री से खोरसी पहुंच मार्ग में पुल निर्माण सहित डामरीकरण, ग्राम सीपत में समेताभाठा से देवरहा मंदिर तक, सुखरीतालाब से सेमरिया बाबा आश्रम तक डब्ल्यूबीएम कराने, सीपत के नवाडीह चौक से पुराना दर्राभाठा रोड का डामरीकरण कराने की घोषणा भी की। ग्राम दर्राभाठा में स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण, ग्राम जांजी में खाद्य भवन निर्माण, ग्राम बेलटुकरी में सीसी रोड एवं मिनी स्टेडियम निर्माण, ग्राम देवरी में नये पंचायत भवन का निर्माण, मस्तूरी मुख्यालय में विश्रामगृह का निर्माण कराने के साथ ही कुटेला धाम का पर्यटन स्थल के रूप में विकास कराने का निर्णय भी लिया गया।

 नई दिल्ली / शौर्यपथ / दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में भारत का नाम आता है . अगले साल 2024 में लोकतंत्र के महापर्व पर एक बार फिर तीसरे मोर्चे की संभावनाए तलाशने की तैयारी शुरू हो चुकी है आधिकारिक टूर पर तो कही कोई बात नहीं की गयी किन्तु मुलाक़ात का दौरा शुरू हो चुका है . लोकसभा चुनाव से पहले सभी विपक्षी दलों को एकजुट करने के प्रयास में लगे बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने गुरुवार (11 मई) को शरद पवार और उद्धव ठाकरे से मुलाकात की. उनके साथ बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव भी मौजूद रहे. महाराष्ट्र के दिग्गज नेताओं से मिलने के बाद बिहार के सीएम  ने सत्तारुड बीजेपी के खिलाफ अधिक से अधिक विपक्षी दलों की एकजुटता का आह्वान किया है.
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने मुंबई में गुरुवार को पहले महाराष्ट्र के पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे से मुलाकात की. इस बैठक के बाद दोनों नेताओं ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की. ये मुलाकात ऐसे समय पर हुई जब सुप्रीम कोर्ट ने शिवसेना (शिंदे गुट) के 16 विधायकों की अयोग्यता के मामले पर फैसला सुनाया. जिसमें कोर्ट ने उद्धव को राहत देने से इनकार करते हुए पूर्व की स्थिति बहाल करने से मना कर दिया और कहा कि उद्धव ठाकरे ने फ्लोर टेस्ट का सामना नहीं किया और पहले ही इस्तीफा दे दिया था. वही सर्वोच्च न्यायालय ने इस मामले को सात जजों की बड़ी बेंच के पास भेज दिया. उद्धव ठाकरे ने कहा कि इस देश में प्रजातंत्र की रक्षा करना हमारा काम है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर मैं इस्तीफा नहीं देता तो शायद मैं फिर मुख्यमंत्री बन जाता. मैं मेरे लिए नहीं लड़ रहा, मेरी लड़ाई जनता के लिए, देश के लिए है. राजनीति में मतभेद होते रहते हैं, लेकिन हमारा एक मत यह है कि इस देश को बचाना है. अगर मुख्यमंत्री शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस में जरा भी नैतिकता होगी तो इस्तीफा देना चाहिए जैसे मैंने इस्तीफा दिया था. ठाकरे से मिलने के बाद नीतीश कुमार ने कहा कि हम चाहते हैं कि पूरे देश में अधिक से अधिक पार्टियां एकजुट हों, मिलकर हम सब लड़ेंगे. आज जो केंद्र में है वे देश के लिए कोई काम नहीं कर रहे हैं इसलिए देश के हित में हम सब मिलकर लड़ेंगे. अब ये तय होगा कि कब सबकी मीटिंग होगी. नीतीश कुमार ने कहा कि जब सभी एक साथ लड़ेंगे तो बीजेपी से मुकाबला होगा. विपक्षी दलों को अच्छी सफलता मिलेगी और देश सही दिशा में आगे बढ़ेगा. हमारा उद्देश्य एक ही है- देश हित में काम करना. कोई विवाद नहीं होना चाहिए और सभी को एकजुट रहना चाहिए. उद्धव ठाकरे से मुलाकात के बाद नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव एनसीपी चीफ शरद पवार से मिलने उनके आवास सिल्वर ओक पहुंचे. जहां शरद पवार की बेटी और एनसीपी सांसद सुप्रिया सुले ने उनका स्वागत किया.  ये पूछे जाने पर कि क्या शरद पवार विपक्षी गठबंधन का मुख्य चेहरा होंगे, बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि इससे ज्यादा खुशी की बात और कुछ नहीं होगी. मैंने उनसे कहा है कि उन्हें न केवल अपनी पार्टी के लिए बल्कि पूरे देश के लिए भी मजबूती से काम करना है. इस पर शरद पवार ने कहा कि अभी मिलकर काम करना होगा, चेहरे पर फैसला बाद में होगा. नीतीश कुमार ने कहा कि देश में बीजेपी जो कर रही है वो देश के हित में नहीं है इसलिए हम चाहते हैं कि सभी विपक्षी दल एक साथ हो इसके लिए हमने आज बातचीत की और सभी दलों से भी बातचीत हुई है, सबकी सहमति हो रही है. हम सब एक साथ बैठकर निर्णय लेंगे. आज बहुत अच्छी चर्चा हुई और अब देश के हित में सब कुछ होने जा रहा है. एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने सीएम कुमार की बात का समर्थन किया .
    गौरतलब है कि पिछले साल बीजेपी से नाता तोड़ एनडीए से अलग हुए नीतीश कुमार आगामी लोकसभा चुनावों में बीजेपी को हराने के लिए 'एकजुट विपक्ष' की अपनी मुहिम के तहत विभिन्न विपक्षी दलों के नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं. उन्होंने मंगलवार को भुवनेश्वर में ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक से भी मुलाकात की थी. हालाँकि मुख्यमंत्री पटनायक ने तीसरे मोर्चे की संभावना / सम्बन्ध से इनकार कर दिया है . आज पीएम मोदी से मुलाक़ात के बाद चर्चा में उन्होंने यह बात कही .

   नई दिल्ली / शौर्यपथ / केरल के कोझिकोड ट्रेन में हुई आगजनी की घटना को लेकर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने गुरुवार (11 मई) को दिल्ली के शाहीन बाग के साथ-साथ आसपास के 10 इलाकों में तलाशी अभियान चलाया है. एनआईए के सर्च ऑपरेशन में आरोपी शाहरुख सैफी और अलग-अलग संदिग्धों की संपत्तियां शामिल हैं.
   इस मामले पर एनआईए का कहना है, “एजेंसी की जांच में अभी तक पता चला है कि आरोपी शाहरुख सैफी, जाकिर नाइक, पाकिस्तान के तारिक जमील, इसरार अहमद और तैमूर अहमद सहित विभिन्न कट्टरपंथी इस्लामिक उपदेशों का फॉलोअर रहा है. गुरुवार की तलाशी में मोबाइल फोन, लैपटॉप और हार्ड डिस्क सहित डिजिटल उपकरण जब्त किए हैं. मामले में आगे की जांच जारी है.”
शोरनूर रेलवे स्टेशन पर किए सबूत इकट्ठे
   इससे पहले शनिवार (06 मई) को एनआईए की एक टीम ने शोरनूर रेलवे स्टेशन का दौरा करके सबूत इकट्ठे किए थे. जांच टीम आरोपी शाहरुख सैफी को प्लेटफॉर्म नंबर 4 पर लेकर गई थी, जहां पर उसने केरल पहुंचने पर आराम किया था. साथ ही उस रास्ते का भी मुआयना किया जिस रास्ते से वो स्टेशन से बाहर निकला था. इसके अलावा टीम ने उस पेट्रोल पंप का भी दौरा किया जहां से सैफी ने पेट्रोल खरीदा था. इसके बाद रविवार (7 मई) को एनआईए की टीम आरोपियों को कोझिकोड के इलाथुर और कन्नूर ले गई.
जांच में और क्या पता चला?
  जांच में पता चला कि 31 मार्च को आरोपी दिल्ली से जनसंपर्क क्रांति एक्सप्रेस में सवार हुआ. वो 2 अप्रैल को शोरनूर रेलवे स्टेशन पहुंचा. इसके बाद पेट्रोल पंप से पेट्रोल खरीदकर अलप्पुझा-कन्नूर एक्जीक्यूटिव एक्सप्रेस में सवार हुआ. जब ट्रेन इलाथुर के पास कोरापुझा पुल को पार कर रही थी तभी उसने यात्रियों पर ईंधन उड़ेल दिया और आग लगा दी. इस घटना में 9 लोग जल गए थे, जबकि इलाथुर के पास पटरियों से एक महिला, एक बच्चे और एक पुरुष के शव बरामद हुए थे. घटना के बाद आरोपी फरार हो गया था और बाद में महाराष्ट्र के रत्नागिरि से गिरफ्तार हुआ.( एजेंसी )

 नई दिल्ली / शौर्यपथ /  ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने गुरुवार (11 मई) को दिल्ली में पीएम मोदी से मुलाकात करने के बाद लोकसभा चुनाव को लेकर बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि जहां तक मेरा संबंध है, तीसरे मोर्चे की कोई संभावना नहीं है.
नवीन पटनायक ने कहा कि मैंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से ओडिशा की मांग के बारे में चर्चा की. मैंने उनसे श्री जगन्नाथ अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के बारे में बात की जिसे हम पुरी में स्थापित करना चाहते हैं, एयरपोर्ट पर सीमा चिन्हित किया गया है. भुवनेश्वर में अभी काफी ट्रैफिक हो रहा है तो हम वहां का विस्तार करना चाहते हैं, प्रधानमंत्री ने मदद करने का आश्वासन दिया है.
नीतीश कुमार से भी की थी मुलाकात
  ओडिशा के मुख्यमंत्री चार दिवसीय दौरे पर बुधवार शाम राष्ट्रीय राजधानी पहुंचे थे. नवीन पटनायक ने इससे पहले राष्ट्रपति चुनाव से एक महीने पूर्व 30 मई, 2022 को मोदी से मुलाकात की थी. गौरतलब है कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार लोकसभा चुनाव से पहले सभी विपक्षी दलों को एकजुट करने का प्रयास कर रहे हैं.
एक घंटे तक हुई थी दोनों नेताओं की बातचीत
  इसी के तहत नीतीश कुमार ने मंगलवार को मुख्यमंत्री नवीन पटनायक से मुलाकात की थी. दोनों के बीच करीब एक घंटे तक बातचीत हुई थी. दोनों मुख्यमंत्रियों ने दावा किया था कि बैठक के दौरान अगले साल लोकसभा चुनाव के लिए जद (यू) और बीजू जनता दल (बीजद) के बीच किसी भी राजनीतिक गठबंधन बनाने पर कोई चर्चा नहीं हुई.
नवीन पटनायक ने क्या कहा था?
    पटनायक ने कहा था कि आज किसी भी गठबंधन पर कोई चर्चा नहीं हुई. मुझे खुशी है कि नीतीश जी भुवनेश्वर आए. जब ​हम अटल बिहारी वाजपेयी के मंत्रिमंडल में थे, तब से पुराने दोस्त और सहयोगी हैं. पटनायक ने कहा कि ओडिशा सरकार भगवान जगन्नाथ के दर्शन के लिये आने वाले पर्यटकों की सुविधाओं के निर्माण को लेकर बिहार सरकार को मुफ्त में 1.5 एकड़ जमीन मुहैया कराएगी.

   नई दिल्ली / शौर्यपथ / सुप्रीम कोर्ट ने शिवसेना (शिंदे गुट) के 16 विधायकों की अयोग्यता के मामले में गुरुवार (11 मई) को फैसला सुनाया. कोर्ट ने पूर्व की स्थिति बहाल करने से इनकार करते हुए कहा कि उद्धव ठाकरे ने बहुमत साबित करने से पहले इस्तीफा दे दिया था इसलिए यथास्थिति को बहाल नहीं किया जा सकता है. अब इस मामले पर कांग्रेसकी ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई है. 

कांग्रेस के राज्यसभा सांसद जयराम रमेश ने ट्वीट किया, "आज महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे और एमवीए सरकार को गिराने के संबंध में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि- पहला राज्यपाल ने जो किया अवैध थे. दूसरा स्पीकर के फैसले भी अवैध थे. तीसरा व्हिप नियुक्त करना भी अवैध था. मेरे वरिष्ठ सहयोगी अभिषेक सिंघवी के शब्दों में, शिंदे-फडणवीस शासन के पास सत्ता पर रहने का क्या नैतिक अधिकार बचा है? मुंबई में डबल इंजन सरकार तीन गुना अवैध है." 

सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि सदन में बहुमत साबित करने के लिए राज्यपाल का उद्धव ठाकरे को बुलाना उचित नहीं था क्योंकि उनके पास मौजूद सामग्री से इस निष्कर्ष पर पहुंचने का कोई कारण नहीं था कि ठाकरे सदन में बहुमत खो चुके हैं. 

सात जजों की पीठ के पास भेजा मामला

कोर्ट ने आगे कहा कि चूंकि उद्धव ठाकरे ने विश्वास मत का सामना किए बिना इस्तीफा दे दिया था, इसलिए राज्यपाल ने सदन में सबसे बड़े दल भारतीय जनता पार्टी के कहने पर सरकार बनाने के लिए शिंदे को आमंत्रित करके सही किया. कोर्ट ने साथ ही ये भी कहा कि शिंदे गुट के भरत गोगावाले को शिवसेना का व्हिप नियुक्त करने का विधानसभा अध्यक्ष का फैसला अवैध था. कोर्ट ने इस मामले को सात जजों की बेंच के पास भेज दिया है.

   नई दिल्ली / शौर्यपथ / भारतीय टीवी शोज में से एक ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ आज भी टीआरपी लिस्ट में टॉप पर रहता है. शो के प्रोड्यूसर असित मोदी आए दिन सुर्खियों में रहते हैं. इस बार उनके चर्चा में रहने का कारण शॉकिंग है. दरअसल, शो में मिसेज रोशन सिंह सोढ़ी का किरदार निभाने वाली जेनिफर मिस्त्री बंसीवाला ने असित मोदी पर सेक्सुअल हैरेसमेंट का आरोप लगाया है. साथ ही जेनिफर मिस्त्री ने शो छोड़ दिया है.

जेनिफर ने असित मोदी पर लगाया गंभीर आरोप

जी हां, ईटाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, जेनिफर ने असित मोदी के खिलाफ सिर्फ सेक्सुअल हैरेसमेंट का आरोप ही नहीं लगाया है, बल्कि उनके खिलाफ केस भी फाइल किया है. असित मोदी के अलावा जेनिफर ने प्रोजेक्ट हेड सोहिल रमानी और एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर जतिन बजाज के खिलाफ भी केस फाइल किया है.

2 महीने से शूटिंग नहीं कर रही थीं जेनिफर

 

रिपोर्ट्स के मुताबिक, जेनिफर पिछले 2 महीने से ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ के लिए शूटिंग नहीं कर रही थीं. आखिरी बार उन्होंने 7 मार्च को शूटिंग की थी. दावा किया जा रहा है कि सोहिल और जतिन बजाज ने उनकी इंसल्ट की थी, इसकी वजह से वह सेट से चली गई थीं.

जेनिफर ने कंफर्म की खबर

ईटाइम्स संग बातचीत में जेनिफर ने कहा, “हां, मैंने शो छोड़ दिया है. मैंने अपना लास्ट एपिसोड 6 मार्च को शूट किया था. मैं सेट छोड़ना पड़ा, क्योंकि मुझे मिस्टर सोहिल और जतिन ने ह्यूमिलिएट और अपमानित किया था. 7 मार्च को मेरी मैरिज एनिवर्सरी थी और होली भी थी. मुझे सोहिल रमानी ने चार बार सेट से बाहर जाने के लिए कहा और एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर ने मेरी कार रोकने की कोशिश की और मुझे सेट छोड़ने की परमीशन नहीं दे रहे थे.”

जेनिफर के साथ सेट पर हुई बदसलूकी!

जेनिफर ने आगे बताया, “मैंने उनसे कहा कि मैंने उनके लिए 15 सालों तक काम किया है और वे मुझे फोर्सफुली रोक नहीं सकते हैं. जब मैं छोड़ रही थी तो सोहिल मुझे धमकी दे रहे थे. मैंने असित मोदी, सोहिल रमानी और जतिन बजाज के खिलाफ सेक्सुअल हैरेसमेंट का केस फाइल किया.” जेनिफर ने कहा कि उन्होंने TMKOC की टीम से सिर्फ 2 घंटे का ब्रेक लिया था, क्योंकि उनकी मैरिज एनिवर्सरी पर उनकी बेटी ने कुछ अरेंजमेंट्स कर रखे थे, लेकिन टीम नहीं मानी.

जेनिफर पर लगाया ये आरोप

जेनिफर ने TMKOC पर आरोप लगाते हुए कहा कि तारक मेहता का उल्टा चश्मा का सेट एक बेहद पुरुष-रूढ़िवादी जगह है, क्योंकि सारे एजेस्टमेंट्स सिर्फ मेल एक्टर्स के लिए होते हैं, उनके लिए नहीं. इसके बाद सोहिल की तरफ से उन्हें नोटिस आया कि मैंने शूट छोड़ दिया, जिसकी वजह से उन्हें भारी नुकसान हुआ है. जेनिफर ने कहा, “4 अप्रैल को मैंने उन्हें व्हाट्सएप पर जवाब दिया कि मैं सेक्सुअल हैरेसमेंट का शिकार हुई थी और उन्होंने मुझे कहा कि मैं उनसे पैसे वसूलने की कोशिश कर रही थी.”

जेनिफर ने TMKOC की कास्ट को कहा ‘बंधुआ मजदूर’

जेनिफर ने कहा, “मैंने उस दिन फैसला किया, मुझे सार्वजनिक माफी चाहिए. मैंने असित मोदी, सोहिल रमानी और जतिन बजाज को नोटिस भेजा और सभी सरकारी अधिकारियों को मेल भी किया और एक रजिस्ट्री भी भेजी. मुझे इस मामले पर कोई जवाब नहीं मिला है लेकिन मुझे यकीन है कि वे इसे देख रहे होंगे और मामले की जांच कर रहे होंगे. तारक मेहता में हर व्यक्ति एक बंधुआ मजदूर है.”

जेनिफर मिस्त्री के ऊपर किए जाते थे गंदे कमेंट्स

जेनिफर ने बताया कि पहले भी सेट पर उनके साथ काफी कुछ हो गया था, जिसके बारे में वह नहीं बोल पाती थीं. एक्ट्रेस को प्रेग्नेंसी में काम से निकाल दिया गया था. इसके अलावा उन्होंने सोहिल पर आरोप लगाया कि उन्होंने कई बार एक्ट्रेस की हाफ सैलरी भी काटी. एक्ट्रेस ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, “लगातार मेंटल और सेक्सुअल हैरेसमेंट हो रहा था. कई बार उन्होंने मेरे साथ फ्लर्ट करने की कोशिश की. जब हम सिंगापुर में शूटिंग कर रहे थे और मेरी मैरिज एनिवर्सरी भी थी. रात में उन्होंने मुझसे कहा- अब तुम्हारी मैरिज एनिवर्सरी ओवर हो गई है तो कोई गिल्ट नहीं रहेगा तो आ जाओ मेरे रूम में दोनों विस्की पीते हैं.”

असित भी जेनिफर पर करते थे भद्दे कमेंट्स?

बकौल जेनिफर, “उन्होंने कई बार कमेंट्स किए हैं. एक बार तो उन्होंने ओपनली कमेंट्स और फ्लर्टिंग की और मेरे कुछ को-स्टार्स ने मेरे लिए चीजें संभालीं. एक बार उन्होंने मुझे सेक्सी कहा और मेरे गाल खींचे.” जेनिफर ने असित मोदी पर भी आरोप लगाते हुए कहा, “पहले असित मोदी भी मेरे ऊपर कई सेक्सुअल कमेंट्स करते थे. पहले मैं इन्हें काम खोने के डर से इग्नोर कर देती थी, लेकिन अब बहुत हुआ. अब मैं बर्दाश्त नहीं करूंगी.”

असित मोदी ने दिया रिएक्शन

टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक, असित मोदी से जब जेनिफर के आरोपों के बारे में पूछा गया तो प्रोड्यूसर ने कहा कि वह अभी मंदिर में हैं और बाद में बात करेंगे.  

प्रोडेक्शन हेड ने दिया रिएक्शन

प्रोडेक्शन हेड सोहिल रमानी ने जेनिफर मिस्त्री के आरोपों को खारिज किया है. इंडियन एक्सप्रेस संग बातचीत में सोहिल ने कहा, “यह सिर्फ घटिया पब्लिसिटी है. अगर इस तरह के हैरेसमेंट होते तो वह पहले ऑथोरिटीज के पास जाती है. हमारे प्रोडक्शन हाउस में महिलाओं से जुड़े सभी इश्यूज को लेकर एक कमेटी है और वह वहां भी शिकायत कर सकती थीं. हम सभी आरोपों का लीगल तरीके से जवाब देंगे और हम इस पर काम कर रहे हैं. यह केवल हमें, हमारे शो और हमारे प्रोडक्शन हाउस को बदनाम करने की चाल है.

   नई दिल्ली / शौर्यपथ / लंबे इंतजार के बाद आज (11 मई) सुप्रीम कोर्ट का महाराष्ट्र राजनीतिक संकट मामले को लेकर फैसला आ गया है. फैसले के बाद शिंदे गुट को बड़ी राहत मिली है. कोर्ट ने साफ शब्दों में कहा कि वह विधायकों की अयोग्यता पर फैसला नहीं लेगा. इसके लिए स्पीकर को जल्द फैसला लेने का आदेश दिया गया है. कोर्ट ने कहा कि उद्धव ठाकरे ने फ्लोर टेस्ट का सामना नहीं किया, ऐसे में उनको बहाल नहीं किया जा सकता है. 

  सुप्रीम कोर्ट ने आगे कहा कि व्हिप को पार्टी से अलग करना लोकतंत्र के हिसाब से सही नहीं होगा. पार्टी ही जनता से वोट मांगती है. सिर्फ विधायक तय नहीं कर सकते कि व्हिप कौन होगा. उद्धव ठाकरे को पार्टी विधायकों की बैठक में नेता माना गया था. 3 जुलाई को स्पीकर ने शिवसेना के नए व्हिप को मान्यता दे दी. इस तरह दो नेता और 2 व्हिप हो गए. स्पीकर को स्वतंत्र जांच कर फैसला लेना चाहिए था. गोगावले को व्हिप मान लेना गलत था क्योंकि इसकी नियुक्ति पार्टी करती है. इसके साथ ही पूरा मामला बड़ी बैंच के पास भेज दिया गया. 

राज्यपाल को लेकर क्या बोला सुप्रीम कोर्ट 

राज्यपाल को वो नहीं करना चाहिए जो ताकत संविधान ने उनको नहीं दी है. अगर सरकार और स्पीकर अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा टालने की कोशिश करें तो राज्यपाल फैसला ले सकते हैं. लेकिन इस मामले में विधायकों ने राज्यपाल को जो चिट्ठी लिखी, उसमें यह नहीं कहा कि वह MVA सरकार हटाना चाहते हैं. सिर्फ अपनी पार्टी के नेतृत्व पर सवाल उठाए. कोर्ट ने कहा कि किसी पार्टी में असंतोष फ्लोर टेस्ट का आधार नहीं होना चाहिए. राज्यपाल को जो भी प्रस्ताव मिले थे, वह स्पष्ट नहीं थे. यह पता नहीं था कि असंतुष्ट विधायक नई पार्टी बना रहे हैं या कहीं विलय कर रहे हैं. 

 

'अयोग्यता पर नहीं लेंगे फैसला'

सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि वह अयोग्यता पर फैसला नहीं लेगा. स्पीकर को इस मामले में जल्द फैसला लेने के आदेश दिए गए हैं. कोर्ट ने कहा कि पार्टी में बंटवारा अयोग्यता कार्रवाई से बचने का आधार नहीं हो सकती. उद्धव को दोबारा बहाल नहीं कर सकते. 

दरअसल, बीते साल एकनाथ शिंदे गुट की बगावत के बाद शिवसेना दो गुटों में बंट गई थी. उद्धव ठाकरे ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद तत्कालीन राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने एकनाथ शिंदे को सरकार बनाने के लिए बुलाया था. इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी. उद्धव ठाकरे गुट की ओर से 16 विधायकों की सदस्यता की वैधता को चुनौती दी गई थी, जिस पर आज फैसला आया है. 

फैसला सुनाने वाली जजों की बैंच 

  • शिंदे बनाम उद्धव मामले पर पांच जजों की बेंच में जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ के अलावा जस्टिस एमआर शाह, कृष्ण मुरारी, हिमा कोहली, पीएस नरसिम्हा शामिल हैं. कोर्ट ने इस मामले में 16 मार्च से 9 दिनों तक दलीलें सुनी थी, जिसके बाद क्रॉस-याचिकाओं के एक बैच पर अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था.
  • दरअसल, फरवरी महीने में चुनाव आयोग ने एकनाथ शिंदे गुट को असली शिवसेना माना और पार्टी का नाम और चिन्ह ‘धनुष और तीर’ शिंदे गुट को दिया था. वहीं, चुनाव आयोग के इस फैसले के खिलाफ उद्धव गुट सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था. कोर्ट ने इस मामले को 5 सदस्यीय संविधान पीठ को सौंप दिया था.
  • उद्धव ठाकरे ने सुप्रीम कोर्ट का रुख करते हुए कहा था कि एकनाथ शिंदे गुट के बागियों को किसी पार्टी में विलय करना चाहिए था लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया. ऐसे में बगावत करने वालों को अयोग्य घोषित किया जाए.

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