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April 05, 2026
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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

धमतरी /शौर्यपथ/

आगामी 17 दिसम्बर को छत्तीसगढ़ सरकार के तीन वर्ष पूरे होने जा रहे हैं। प्रदेश सरकार के गौरवमयी ढंग से तीन वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में राज्य सरकार द्वारा विविध कार्यक्रम व प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं। इसी क्रम में रन फ़ॉर सीजी प्राइड, स्लोगन प्रतियोगिता, फोटोग्राफी प्रतियोगिता एवं रील प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। इस संबंध में बताया गया कि रन फ़ॉर सीजी प्राइड दौड़ का आयोजन 14 दिसम्बर को आयोजित की जाएगी। इसमें शामिल होने की अंतिम पंजीयन तिथि 12 दिसम्बर है, तथा शेष तीन प्रतियोगिताओं की अंतिम तिथि 15 दिसम्बर है। इस साहित्यिक एवं अनूठे आयोजन में अपनी सहभागिता सुनिश्चित कर सकते हैं।  कार्यक्रम में शामिल होने वाले प्रतिभागियों को उक्त वेबसाइट में जाकर अपना नाम, पता, मोबाइल नंबर, उम्र आदि दर्ज करना होगा।

नगरीय निकाय निर्वाचन के दौरान प्रचार प्रसार पर निगरानी और विज्ञापनों के प्रमाणन हेतु जिलों में मीडिया प्रमाणन और अनुवीक्षण समिति गठित

रायपुर /शौर्यपथ/

टी व्ही चेनल, केबल टी व्ही चेनल, रेडियो (निजी एफएम रेडियो सहित), सिनेमा घर, समाचार पत्र, बल्क एसएमएस/वाईस मैसेज, सार्वजनिक स्थानों पर दृश्य एवं श्रव्य माध्यम से प्रचार प्रसार आदि राजनैतिक विज्ञापन के लिए एम.सी.एम.सी. का प्रमाणन अनिवार्य होगा। 

नगरीय निकाय निर्वाचन के प्रचार प्रसार पर निगरानी एवं विज्ञापनों के प्रमाणन के लिए जिला निर्वाचन अधिकारी की अध्यक्षता में समिति का गठन किया जाएगा।इसके सदस्य सचिव सम्बंधित जिले में पदस्थ जिला जनसंपर्क अधिकारी/उप संचालक/सहायक संचालक जनसंपर्क होंगे और सदस्य के रूप में कलेक्टर द्वारा मनोनीत जिले में प्रचलित प्रमुख समाचार पत्रों के संवाद दाताओं में से एक प्रतिनिधि सदस्य के रूप में शामिल होगा। दुर्ग,रायपुर,रायगढ़, कोरिया,सूरजपुर, राजनांदगांव,बिलासपुर,कांकेर,सुकमा, बीजापुर,महासमुंद, बेमेतरा, कोंडागांव, धमतरी में एमसीएमसी का गठन किया जा चुका है।

जिला स्तरीय समिति के अंतर्गत प्रिण्ट मीडिया, इलेक्ट्रानिक, सोशल मीडिया सेल का गठन किया जाएगा।जिसके माध्यम से प्रसारित किए गए विज्ञापन एवं समाचारों पर नजर रखी जाएगी। प्रिण्ट मीडिया के विज्ञापनों में पूर्व प्रमाणन की आवश्यकता नहीं है। परन्तु ई-पेपर में प्रकाशन के लिये विज्ञापनों का प्रमाणन आवश्यक होगा। इलेक्ट्रानिक मीडिया के लिए पूर्व प्रमाणन की आवश्यकता होगी, इसके लिए निर्धारित प्रपत्र में दो सीडी के साथ एमसीएमसी कमेटी के समक्ष 36 घंटे पहले नियत प्रारूप में आवेदन देना होगा। पेड न्यूज संज्ञान में आने पर मीडिया प्रमाणन समिति द्वारा परीक्षण कर निर्णय लिया जाएगा। पेड न्यूज और विज्ञापन का खर्च की गणना डीएव्हीपी की निर्धारित दर के अनुसार की जाएगी। कमेटी द्वारा प्रेक्षक और जिला निर्वाचन अधिकारी को प्रति दिन प्रतिवेदन दिया जाएगा। 

टी व्ही या टीव्ही चेनल पर प्रसारित राजनैतिक विज्ञापन समिति द्वारा प्रमाणित करने के बाद ही दिखाए जा सकेंगे। प्रमाणन मुख्यतः आदर्श आचरण सहिंता से जुड़ा हुआ कार्य है। सामाजिक समरसता को बिगाड़ने, तनाव बढाने देश के संविधान और कानून के विपरीत होने, नैतिकता सदाचार के विपरित, किसी की धार्मिक आस्था को ठेस पहुंचाने वाले विज्ञापनों के प्रकाशन की अनुमति नहीं दी जाएगी। चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के बाद से ही आचार संहिता भी लागू हो जाती है अतः टीव्ही केबल रेडियो ई-पेपर, सिनेमा घरो और सार्वजनिक स्थलों पर दृश्य श्रव्य माध्यम से बिना पूर्व प्रमाणन के कोई राजनैतिक विज्ञापन नहीं दिखाया जाएगा। प्रिण्ट मीडिया में प्रकाशित विज्ञापनो के पूर्व प्रमाणन की आवश्यकता नहीं है। लेकिन प्रकाशित राजनैतिक विज्ञापनों एवं समाचारों पर समिति निगरानी रखेगी।

रायपुर /शौर्यपथ/

छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा नगर पालिका परिषद बड़े बचेली के वार्ड क्रमांक 8 के संदर्भ में आदर्श आचरण संहिता को प्रभाव शून्य घोषित किया गया है ।उल्लेखनीय है कि नगर पालिका परिषद बड़े बचेली के वार्ड क्रमांक 8 में उप निर्वाचन 2021 संपन्न कराए जाने हेतु जारी निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार 27 नवंबर से 3 दिसंबर तक किसी भी अभ्यर्थी द्वारा नामांकन प्रस्तुत नहीं किया गया है। आयोग द्वारा इस आशय का पत्र कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा को जारी कर दिया गया है।इस प्रकार दंतेवाड़ा जिले हेतु नियुक्त सामान्य प्रेक्षक  दिनेश कुमार नाग अब रिजर्व प्रेक्षक रहेंगे।

 

मुख्यमंत्री ने प्रयास आवासीय विद्यालय के प्रतिभावान बच्चों को किया सम्मानित

विद्यार्थियों को लैपटाप के लिए 50-50 हजार रूपए के चैक प्रदान किए

रायपुर /शौर्यपथ/

मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने कहा है कि छत्तीसगढ़ के बच्चों में प्रतिभा की कमी नहीं है, जरूरत सिर्फ उनकी प्रतिभा को तराशने और उन्हें अच्छे अवसर प्रदान करने की है। मुख्यमंत्री आज महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी अमर शहीद वीर नारायण सिंह के शहादत दिवस पर अपने निवास कार्यालय में आयोजित स्वर्गीय राजीव गांधी बाल भविष्य सुरक्षा प्रयास आवासीय विद्यालय के प्रतिभावान विद्यार्थियों के प्रतिभा सम्मान समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के प्रारम्भ में शहीद वीर नारायण सिंह के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। समारोह में अनुसूचित जाति एवं जनजाति विकास मंत्री डॉ.प्रेमसाय सिंह टेकाम, उद्योग मंत्री  कवासी लखमा, संसदीय सचिव  द्वारिकाधीश यादव, विधायक  देवेंद्र यादव, आदिम जाति कल्याण विभाग के सचिव  डी.डी.सिंह, आयुक्त श्रीमती शम्मी आबिदी उपस्थित थीं।

उल्लेखनीय है कि वर्ष-2021 में प्रयास आवासीय विद्यालय के विद्यार्थियों में से आईआईटी में 27, एनआईटी एवं समकक्ष शैक्षणिक संस्थानों में 35, सीएस फाऊंडेशन में 5, क्लेट में दो, इंजीनियरिंग कॉलेज में 61 विद्यार्थी सफल हुए हैं। मुख्यमंत्री ने सम्मान समारोह में प्रतीक स्वरूप आईआईटी, एन.आई.टी. और समकक्ष शैक्षणिक संस्थान में प्रवेश प्राप्त करने वाले 10 विद्यार्थियों को लैपटॉप के लिए 50-50 हजार रुपए के चेक प्रदान किए। इस अवसर पर उन्होंने स्वर्गीय राजीव गांधी बाल भविष्य सुरक्षा प्रयास आवासीय विद्यालय के वर्ष 2021-22 के प्रगति प्रतिवेदन का विमोचन किया।

मुख्यमंत्री  बघेल ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रदेश के नक्सल प्रभावित और अनुसूचित क्षेत्रों के छात्रों को राष्ट्रीय स्तर के शैक्षणिक संस्थानों में अध्ययन के अच्छे अवसर प्रदान करने के लिए 200 सीटों के साथ वर्ष 2010 में प्रयास आवासीय विद्यालय प्रारंभ किए गए थे। आज प्रदेश में 9 प्रयास आवासीय विद्यालय संचालित हैं, जिनमें सीटों की संख्या बढ़कर 4000 हो गई है। सीटों की संख्या बढ़ने से अब अधिक विद्यार्थियों को अच्छे अवसर मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन विद्यालयों में मिले अच्छे अवसर का ही परिणाम है कि अब तक प्रयास आवासीय विद्यालयों से आईआईटी तथा समकक्ष संस्थानों में 97 विद्यार्थियों, एनआईटी तथा ट्रिपल आईटी के समकक्ष संस्थानों में 261, सीए, सीएस, सीएमए में 29, इंजीनियरिंग कॉलेजों में 833, मेडिकल कॉलेज में 39 और क्लेट के माध्यम से 3 विद्यार्थी सफलता प्राप्त कर चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रयास आवासीय विद्यालय के विद्यार्थी आज आईआईटी कानपुर, खड़गपुर, बीएचयू, भुवनेश्वर, आईएसएम धनबाद, मंडी, पटना, आईआईएसटी तिरूवंतपुरम आदि संस्थानों में अध्ययन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने इस वर्ष सफल हुए सभी विद्यार्थियों बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ये विद्यार्थी जिन क्षेत्र से आए हैं, वहां के बच्चों को भी पढ़ाई के लिए प्रेरित करें और जिस संस्थान में वे अध्ययनरत हैं, उसमें अच्छा स्थान प्राप्त कर प्रदेश और विद्यालय का नाम रौशन करें।

मुख्यमंत्री  बघेल ने इस अवसर पर वीर नारायण सिंह के दीन-दुखियों और गरीबों के लिए किये गए योगदान को याद करते हुए कहा है कि वीर नारायण सिंह छत्तीसगढ़ महतारी के सच्चे सपूत थे। शहीद वीर नारायण सिंह सोनाखान के जमींदार थे। वे लोगों के सुख-दुख में सदैव भागीदार रहते थे। वर्ष 1854-55 जब अकाल पड़ा उस समय उन्होंने कसडोल के मालगुजार से अनाज उधार लेकर प्रजा में बांटा। उन्होंने मालगुजार से कहा कि अगले बरस फसल आने पर अनाज लौटा दिया जाएगा, लेकिन उनकी शिकायत की गई और अंग्रेजों ने उनकी खोजबीन शुरू कर दी। सोनाखान, सराईपाली और बसना में उनकी अंग्रेजों से मुठभेड़ हुई, जिसमें अंग्रेजों को वापस लौटना पड़ा। बाद में मुखबिर की सूचना पर उन्हें गिरफ्तार कर रायपुर के जयस्तंभ चौक पर फांसी दे दी गई।

इस अवसर पर अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने कहा कि प्रयास आवासीय विद्यालय के विद्यार्थी प्रतियोगी परीक्षा के माध्यम से देश के प्रतिष्ठित संस्थानों आईआईटी, एनआईटी, सीए, सीएस, सीएमए, नेशनल लॉ कॉलेज और मेडिकल कॉलेज में प्रवेश प्राप्त करने में सफल हुए हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस विद्यालय से सफल होकर निकले विद्यार्थी आने वाले विद्यार्थियों के लिए सफलता का पथ प्रशस्त करने में प्रेरक का कार्य करेंगे। उन्होंने बताया कि प्रयास विद्यालय में विद्यार्थी नक्सल प्रभावित जिलों और अनुसूचित क्षेत्रों के स्कूलों में पढ़कर चयन द्वारा प्रवेश लेते हैं। ग्रामीण और आदिवासी अंचलों की पृष्ठ भूमि में पले-बढ़े विद्यार्थियों के लिए उत्कृष्ट कैरियर निर्माण के लिए यह विद्यालय एक बड़ा अवसर और मंच प्रदान करता है। मंत्री डॉ. टेकाम ने कहा कि इन विद्यालयों के विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा को निखारने के लिए राष्ट्रीय प्रतिभा खोज, विज्ञान पहेली, गणित एवं विज्ञान ओलम्पियाड जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में भाग लेकर सफलता प्राप्त की है।

अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण विभाग के सचिव  डी.डी.सिंह ने बताया कि वर्ष 2010 में नक्सल प्रभावित जिलों में अध्ययनरत प्रतिभाशाली बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए इन विद्यालयों की स्थापना की गई। योजना के प्रारंभ में सुदूर नक्सल प्रभावित 16 जिलों के हाई स्कूल उत्तीर्ण अनुसूचित जाति, जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों को कक्षा 11वीं और 12वीं स्कूली शिक्षा के साथ-साथ प्रदेश के ख्याति प्राप्त अखिल भारतीय स्तर की तकनीकी, चिकित्सा संस्थानों में प्रवेश दिलाने के उद्देश्य से इसका संचालन किया जा रहा था। वर्तमान में इस योजना का विस्तार करते हुए अब यह योजना नक्सल प्रभावित जिलों के साथ-साथ राज्य के समस्त अनुसूचित क्षेत्रों के स्कूलों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए भी लागू कर दी गई है। इस योजना का लाभ अब 21 जिलो  के अनुसूचित और उप योजना क्षेत्र के विद्यार्थियों को प्राप्त हो रहा है। आयुक्त  शम्मी आबिदी नेे बताया कि नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवार के बच्चों को इस विद्यालय में सीधे प्रवेश दिया जाता है। इन विद्यालयों से अधिक से अधिक विद्यार्थी प्रतियोगी परीक्षा में सफल हो। इसके लिए विचार मंथन के बाद रणनीति में परिवर्तन करते हुए शिक्षा सत्र 2021-22 से नव प्रवेशित विद्यार्थियों के लिए इन विद्यालयों को गणित, जीव विज्ञान और कॉमर्स इत्यादि पाठ्यक्रम के लिए विशेषीकृत किया गया है। प्रयास आवासीय विद्यालय से आईआईटी में प्रवेशित विद्यार्थी को 40 हजार रूपए प्रति विद्यार्थी प्रति वर्ष प्रोत्साहन स्वरूप और आईआईटी और एनआईटी में प्रवेशित विद्यार्थियों को लैपटाप या लैपटाप के लिए राशि प्रदान की जाती है।

 

नवा छत्तीसगढ़ और न्याय के तीन वर्ष पर होगी केंद्रित

रायपुर /शौर्यपथ/

मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल की मासिक रेडियोवार्ता लोकवाणी की 24वीं कड़ी का प्रसारण 12 दिसंबर रविवार को होगा। मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल लोकवाणी में इस बार नवा छत्तीसगढ़ और न्याय के तीन वर्ष विषय पर प्रदेशवासियों से बातचीत करेंगे। लोकवाणी का प्रसारण छत्तीसगढ़ स्थित आकाशवाणी के सभी केन्द्रों, एफ.एम. रेडियो और क्षेत्रीय समाचार चौनलों से सुबह 10.30 से 11 बजे तक होगा।

जगदलपुर /शौर्यपथ/

संभागायुक्त  जी.आर. चुरेंद्र के निर्देशानुसार कोष लेखा एवं पेंशन कार्यालय द्वारा बस्तर संभाग आयुक्त कार्यालय में 20 से 24 दिसम्बर 2021 तक पेंशन निराकरण सप्ताह आयोजित किया जा रहा है।  चुरेंद्र ने पत्र के माध्यम से संभाग के सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए है कि शासकीय सेवकों के पेंशन प्रकरणों को उनकी सेवानिवृति की तिथि से 24 माह पूर्व तैयारी प्रारंभ करने तथा सेवानिवृति तिथि के 03 माह पूर्व पेंशन प्रकरण को संबंधित संभागीय संयुक्त संचालक कोष लेखा एवं पेंशन को भेजें। साथ ही उन्होंने कहा कि पेंशन प्रकरणों के त्वारित निराकरण के उद्देश्य से वित्त निर्देशों के अनुसार विभिन्न स्तरों पर कार्यवाही हेतु समय सीमा निर्धारित की गई है। अपने जिला में सेवानिवृत होने वाले शासकीय सेवको के पेंशन प्रकरणों को नियमानुसार पूर्ण कर आयोजित किये जाने वाले पेंशन निराकरण सप्ताह में प्रस्तुत करने हेतु संबंधित कार्यालय प्रमुखों को निर्देशित करें तथा समय-सीमा की बैठक में इसके निराकरण की स्थिति की समीक्षा नियमित रूप से करें।

 

जगदलपुर /शौर्यपथ/

जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती सुमन एक्का के मार्गदर्शन मे 11 दिसम्बर को ‘‘नेशनल लोक अदालत’’ का आयोजन किया जा रहा है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जगदलपुर के सचिव गीता बृज ने बताया कि 11 दिसम्बर 2021 को आयोजित ‘‘नेशनल लोक अदालत’’ की तैयारियों के अन्तर्गत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जगदलपुर द्वारा पक्षकारों के मध्य सुलह द्वारा विवादों के समाधान हेतु माननीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश सहित सभी न्यायाधीशगण की कुल 07 खण्डपीठ एवं परिवार न्यायालय की 01 खण्डपीठ, स्थायी लोक अदालत की 01 खण्डपीठ, श्रम न्यायालय की 01 खण्डपीठ सहित कुल 10 खण्डपीठों का गठन किया गया है । जिसमें व्यवहार न्यायालय, दांडिक न्यायालय, परिवार न्यायालय, सभी विशेष न्यायालय, श्रम न्यायालय, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के क्षेत्राधिकार के अंतर्गत आने वाले दीवानी, फौजदारी एवं दावा प्रकरणों के अतिरिक्त नगरपालिका नगरनिगम, विद्युत वितरण कम्पनी, बैंकिंग संस्थाओं के प्रस्तुत, लंबित एवं प्री-लिटिगेशन संबंधित उपयुक्त मामलों आवेदनों, विवादों का सुलह समझौता एवं राजीनामा के जरिए अधिक से अधिक संख्या में निराकरण किया जाना जाएगा साथ ही साथ राजस्व न्यायालयों द्वारा उक्त दिवस को राजस्व प्रकरणों का निराकरण भी किया जाएगा । 

11 दिसम्बर, 2021 को आयोजित ‘‘नेशनल लोक अदालत’’ में पक्षकारों के मध्य सुलह समझौता एवं राजीनामा के आधार पर उनके मध्य उत्पन्न विवादों का समाधान किया जाएगा। जिसमें अधिक से अधिक नागरिक लाभान्वित होकर अपने मामलों का निराकरण करा सकेंगे। आयोजित ‘‘नेशनल लोक अदालत’’ में व्यवहार न्यायालय, दांडिक न्यायालय, परिवार न्यायालय, सभी विशेष न्यायालय, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण, के क्षेत्राधिकार के अंतर्गत लगभग 700 लंबित प्रकरण तथा प्री-लिटिगेशन से संबंधित 1573 प्रकरण रखे गये हैं। जिन पक्षकारों के लंबित मामलें आयोजित नेशनल लोक अदालत में नहीं रखे जा सकें हैं यदि वे अपने मामलों को सुलह समझौता के आधार पर निराकृत कराना चाहते हैं तो वे स्वतः उपस्थित होकर अपने मामलों को आयोजित नेशनल लोक अदालत में आवेदन प्रस्तुत कर अपने प्रकरण को निराकृत करवा सकते हैं। 

लोक अदालत लोगों को शीघ्र एवं सस्ता न्याय सुलभ कराने का एक सशक्त माध्यम तथा विवादों को आपसी समझौते के द्वारा सुलझाने के लिये एक वैकल्पिक मंच है। लोक अदालत में न्यायालय में लंबित या विवाद पूर्व प्रकरणों का आपसी समझाईस एवं सुलह के आधार पर सौहार्दपूर्ण वातावरण में निराकरण कराया जाता है। उक्त संबंध में यह भी विदित हो कि आयोजित नेशनल लोक अदालत में समझौता के माध्यम से प्रकरण के निराकरण में विवाद का अंत हो जाता है जिससे समय एवं धन की बचत होती है। न्यायालयों में प्रकरण के निराकरण पश्चात् भी मामलों का पूर्णतया अंत नहीं हो पाता जबकि लोक अदालत के माध्यम से निराकृत प्रकरणों का पूर्णतया अंत हो जाता है। लोक अदालत की प्रक्रिया बेहद सरल एवं सस्ती है। लोक अदालतों के माध्यम से मामले अंतिम रूप से निराकरण होते हैं। लोक अदालत से निराकृत मामलों में कोई अपील नहीं होती है तथा पक्षकारों द्वारा दिये गये न्याय शुल्क भी वापस किये जाते हैं।
उपरोक्त आयोजित नेशनल लोक अदालत में अधिक से अधिक नागरिक लाभान्वित होकर उनके मामलों का निराकरण हो सके इस हेतु जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जगदलपुर द्वारा विषयानुसार प्रकरणों के पक्षकारों तथा सभी बैंकों के क्षेत्रीय प्रबंधकों, विद्युत विभाग, बी.एस.एन.एल. एवं नगरपालिका निगम, के अधिकारियों के साथ समय-समय पर बैठक आयोजित कर उन्हें आयोजित होने वाले नेशनल लोक अदालत में उपस्थित रहने का अनुरोध किया गया है। जिससे जिला बस्तर के निवासी अधिक से अधिक लाभान्वित हो और उन्हें शीघ्र और सस्ता न्याय सुलह हो सके।

भारतीय क्रिकेट टीम के 59 वर्षीय पूर्व मुख्य कोच रवि शास्त्री ने रोहित शर्मा के व्‍हाइट बॉल क्रिकेट में पूर्ण रूप से कप्तान बनाए जानें के बाद अपना विचार साझा किया है.

नई दिल्ली /शौर्यपथ/

भारतीय क्रिकेट टीम  के 59 वर्षीय पूर्व मुख्य कोच रवि शास्त्री  ने रोहित शर्मा  के व्‍हाइट बॉल क्रिकेट में पूर्ण रूप से कप्तान बनाए जानें के बाद अपना विचार साझा किया है. दरअसल हाल ही में भारतीय चयनकर्ताओं ने व्‍हाइट बॉल क्रिकेट की पूर्ण कमान रोहित शर्मा के हाथों में सौपीं है. शर्मा से पहले देश की क्रिकेट के तीनों प्रारूपों में अगुवाई 33 वर्षीय स्टार बल्लेबाज विराट कोहली किया करते थे. लेकिन अब वनडे और T20I इंटरनेशनल प्रारूप की कमान रोहित शर्मा के हाथों में दे दी गई है. वहीं टेस्ट क्रिकेट में बतौर कप्तान विराट कोहली अपने पद पर बनें रहेंगे.

व्‍हाइट बॉल क्रिकेट में शर्मा के पूर्ण रूप से कप्तान बनने के बाद पूर्व कोच ने अपने विचार साझा किए हैं. दरअसल उन्होंने 'द वीक' को दिए अपने एक इंटरव्यू में शर्मा के बारे में बात करते हुए कहा कि शर्मा अभिभूत नहीं हैं. वह अन्य लोगों को प्रभावित करने के बारे में नहीं सोचते. वह हमेशा वही करते हैं, जो टीम के लिए अच्छा होता है. वह टीम में मौजूद प्रत्येक खिलाड़ी का इस्तमाल करना जानते हैं.

 बता दें रोहित शर्मा ने अबतक 30 इंटरनेशनल मुकाबलों में भारतीय टीम की अगुवाई की है. इस दौरान बतौर कप्तान उनका रिकॉर्ड काफी बेहतरीन रहा है. उन्होंने देश के लिए वनडे प्रारूप में अबतक बतौर कप्तान 10 मैच खेले हैं. इस दौरान टीम को आठ मुकाबलों में जीत मिली है, जबकि महज दो मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा है.

इसके अलावा उन्होंने T20 इंटरनेशनल क्रिकेट में देश की 22 मुकाबलों में अगुवाई की है. इस दौरान टीम को 18 मुकाबलों में जीत जबकि महज चार मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा है. शर्मा की अगुवाई में हाल ही में भारतीय टीम ने न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन मैचों की T20I श्रृंखला खेली थी. इस दौरान रोहित सेना ने विपक्षी टीम को 3-0 से मात देते हुए श्रृंखला पर अपना कब्जा जमाया था.

 

 

 

भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंजन गोगोई के हाल ही में लॉन्च संस्मरणों में अयोध्या बेंच के अन्य न्यायाधीशों के साथ दिल्ली के लक्जरी होटल में डिनर के वक्त की एक तस्वीर है.

नई दिल्ली /शौर्यपथ/

भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंजन गोगोई के हाल ही में लॉन्च संस्मरणों में अयोध्या बेंच के अन्य न्यायाधीशों के साथ दिल्ली के लक्जरी होटल में डिनर के वक्त की एक तस्वीर है. इस तस्वीर का कैप्शन है 'सेलिब्रेटिंग द लैंडमार्क अयोध्या वर्डिक्ट'. अपनी किताब में, मुख्य न्यायाधीश गोगोई कहते हैं: "फैसले सुनाने वाली शाम को मैं न्यायाधीशों को डिनर के लिए ताज मानसिंह होटल ले गया. हमने चाइनीज खाना खाया और वहां की सबसे अच्छी वाइन की एक बोतल शेयर की."

अयोध्या विवाद के रूप में एक विवादास्पद मुद्दे पर फैसले का जश्न मनाना उचित था? न्यायमूर्ति गोगोई ने इस बात से इनकार किया कि डिनर एक जश्न था." उन्होंने सवाल के जवाब में सवाल पूछा कि जब आप कभी दोस्तों के साथ डिनर के लिए जाते हैं, तो आपको बाहर का खाना चखने का मन नहीं करता है?"

यह पूछे जाने पर कि क्या यह असंवेदनशील नहीं होगा, खासकर उन लोगों के लिए जो शायद फैसला हार चुके हैं. उन्होंने इसे खारिज कर दिया. उन्होंने कहा, "इनमें से सभी न्यायाधीश ने काम किया और चार महीने (अयोध्या फैसले पर) काम किया है. हम सभी ने इतनी मेहनत की, हमने सोचा कि हम एक ब्रेक लेंगे. क्या हमने कुछ ऐसा किया है जो उचित नहीं है?"

साक्षात्कार न्यायमूर्ति गोगोई की आत्मकथा को लेकर था, जिसका शीर्षक "जस्टिस फॉर द जज" है. इसमें कोर्ट की एक महिला स्टाफ द्वारा न्यायमूर्ति गोगोई के खिलाफ लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों की सुनवाई की अध्यक्षता करने के उनके फैसले के बारे में भी है.

उन्होंने कहा, "मेरी किताब में एक वाक्य है, कि शायद पीठ में मेरी भागीदारी सही नहीं थी."

उन्होंने कहा कि यह फैसला उनकी प्रतिष्ठा को लेकर चिंता के चलते लिया गया है.

"सीजेआई (भारत के मुख्य न्यायाधीश) स्वर्ग से नहीं उतरते हैं. 40 साल की कड़ी मेहनत के बाद मिली प्रतिष्ठा को नष्ट करने की कोशिश की जाती है. इस स्थिति में आपको एक कॉल लेने की आवश्यकता होती है. इसमें कुछ गलत हो जाता है."

सुनवाई के अंत में, बेंच ने एक आदेश पारित किया जिसमें मीडिया को "जंगली और निंदनीय आरोपों" की रिपोर्ट करने से सावधान रहने के लिए कहा गया. जैसे कि जस्टिस गोगोई के खिलाफ आरोपों को शुरू में ही लिखना. हालांकि, इस पीठ का हिस्सा रहे न्यायमूर्ति गोगोई ने कहा कि इस आदेश का कोई प्रभाव नहीं पड़ा.

"आदेश घटना की रिपोर्टिंग में मीडिया को संयमित रहने के लिए दी गई एक तरह की सलाह थी... बेंच जो कहना चाह रही थी, वह यह है कि जो आरोप बेबुनियाद और निंदनीय हैं, उन्हें उचित सावधानी के साथ रिपोर्ट किया जाना चाहिए. बस इतना ही."

राज्यसभा में उनके विवादास्पद प्रवेश पर, न्यायाधीश ने अपनी आत्मकथा में लिखा है, कि उन्होंने "इसे स्वीकार करने से पहले नहीं सोचा," और उन्होंने कल्पना नहीं की थी कि यह आरोप लगाया जाएगा कि यह सीट राफेल और राम जन्मभूमि मामलों में "दिए गए निर्णयों के लिए एक प्रतिफल थी"." उन्होंने कहा कि वे इस प्रस्ताव को इसलिए स्वीकार कर लिए क्योंकि इससे उन्हें न्यायपालिका और उनके गृह राज्य असम की समस्याओं को उजागर करने का अवसर मिलेगा.

राज्यसभा के रिकॉर्ड बताते हैं कि संसद में उनकी 10 फीसदी से भी कम उपस्थिति है.

राज्यसभा में उनकी उपस्थिति के खराब रिकॉर्ड के बारे में जब उनसे पूछा गया तो उन्होंने कहा, "व्यक्तिगत रूप से मुझे वहां जाने में बहुत सहज महसूस नहीं हुआ. और महामारी चल रही है और आज भी मैं राज्यसभा में जाने में बहुत सहज महसूस नहीं कर रहा हूं ... हालांकि सामाजिक दूरी के मानदंड लागू किए गए हैं, लेकिन उनका पालन नहीं किया जा रहा है."

उन्होंने कहा, "मुद्दा यह है कि जब मुझे लगेगा कि राज्यसभा जाना चाहिए.. जब मुझे लगेगा कि जरूरी मामले हैं जिन पर मुझे बोलना चाहिए, मैं जाऊंगा... मैं एक मनोनीत सदस्य हूं. मैं किसी पार्टी के व्हिप द्वारा शासित नहीं हूं. मैं सदन का एक स्वतंत्र सदस्य हूं. मैं अपनी मर्जी से जाऊंगा और अपनी मर्जी से बाहर आऊंगा."


ऐसे आरोप भी लगे कि संसद की सीट राफेल और अयोध्या मामले जैसे मामलों में उनके फैसलों के लिए एक "इनाम" थी. इसपर उन्होंने कहा कि फैसले सिर्फ उनके नहीं थे बल्कि एक बेंच द्वारा पारित किए गए थे.

 

 राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव के छोटे बेटे तेजस्वी यादव शादी के बंधन में बंध चुके हैं. उनकी बहन रोहिणी यादव इस शादी में शामिल…

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