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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।
रायपुर /शौर्यपथ /
राज्यपाल अनुसुईया उइके 08 दिसंबर को बालोद जिले के राजाराव पठार में आयोजित वीर मेला एवं आदिवासी लोक कला महोत्सव में शामिल होंगी। राज्यपाल उइके रायपुर से दोपहर 12ः30 बजे सड़क मार्ग से रवाना होंगी और दोपहर 2ः30 बजे राजाराव पठार, जिला-बालोद पहुंचेंगी और वहां आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगी। इसके बाद राज्यपाल उइके दोपहर 3ः30 बजे राजाराव पठार से रायपुर के लिए रवाना होंगी।
हैवी वाहन चलाने का प्रशिक्षण पूरा करने वाले छात्रों को फैक्ट्रियों में नौकरी दिलाने में भी की जाएगी मदद
रायपुर /शौर्यपथ /
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 9 दिसम्बर को सबेरे 10.30 बजे ग्राम तेंदुआ नवा रायपुर अटल नगर में इंस्टीट्यूट ऑफ ड्राईविंग एण्ड ट्रैफिक रिसर्च छत्तीसगढ़ का लोकार्पण करेंगे। परिवहन मंत्री मोहम्मद अकबर इस कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। लोकसभा सांसद सुनील सोनी, कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे, संसदीय सचिव शिशुपाल सोरी और चन्द्रदेव राय तथा विधायक धनेन्द्र साहू कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।
इंस्टीट्यूट ऑफ ड्राईविंग एण्ड ट्रैफिक रिसर्च की स्थापना 17 करोड़ रूपए की लागत से ग्राम तेंदुआ में 20 एकड़ के विशाल भू-भाग पर की गई है। इस इंस्टीट्यूट में मारूति सुजुकी कंपनी के विशेषज्ञ प्रशिक्षकों द्वारा ड्राईविंग का प्रशिक्षण दिया जाएगा। सड़कों में परिवहन व्यवस्था सुरक्षित और सुचारु हो, हादसे कम से कम हो इस उद्देश्य से युवाओं को भारी वाहन और नॉन कमर्शियल वाहनों को चलाने की गुणवत्ता पूर्ण ट्रेनिंग न्यूनतम दरों पर दी जाएगी तथा ट्रैफिक नियमों से उन्हें अवगत कराया जाएगा। नवा रायपुर के प्राकृतिक सौन्दर्य के बीच स्थित इस इंस्टीट्यूट प्रशिक्षण की सभी मॉडर्न सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है।
इंस्टीट्यूट में ट्रक, बस जैसे बड़े वाहनों को चलाने के लिए 30 दिन की ट्रेनिंग तथा नॉन कमर्शियल वाहनों को चलाने के लिए 21 दिन की ट्रेनिंग दी जाएगी। इस इंस्टीट्यूट में ट्रेनिंग के लिए 5 स्मार्ट क्लास रूम बनाए गए है , जहां एक साथ लगभग 250 लोगों को ट्रेनिंग दी जा सकती है। प्रशिक्षणार्थियों को ट्रैफिक नियमों तथा अन्य रोड सेफ्टी मैनुअल्स से अवगत कराया जाएगा। ट्रेनिंग पूरी करने के बाद छात्रों को लायसेंस तुरंत बनाकर दिया जाएगा। इसके साथ ही हैवी वाहन चलाने वालों को प्रदेश भर के फैक्ट्रियों में नौकरी दिलाने में सहायता की जाएगी।
प्रशिक्षणार्थियों को इंस्टीट्यूट में अत्याधुनिक तकनीकों से युक्त सिम्युलेटर के माध्यम से ट्रेनिंग दी जाएगी। लाईट मोटर व्हीकल के लिए एलएमव्ही सिम्युलेटर तथा हैवी मोटर व्हीकल के लिए एचएमवी सिम्युलेटर की सुविधा इंस्टीट्यूट में उपलब्ध है। ड्रायविंग के वक्त आने वाली कठिन परिस्थितियों जैसे बारिश, ऑधी, तूफान इत्यादि से रूबरू कराने के लिए रियल टाईम सिम्युलेटर भी स्थापित किया गया है।
इंस्टीट्यूट में वाहन के टेक्निकल एक्सपेक्ट को समझााने के लिए टेक्निकल लैब मौजूद है, जहां इंजन, ब्रेक तथा अन्य पार्ट्स की वर्किंग को लाइव मॉडल के द्वारा समझाया जाएगा। यह आवासीय इंस्टीट्यूट है, जहां छत्तीसगढ़ के युवा सर्व सुविधा युक्त हॉस्टल में रहकर ट्रेनिंग ले सकेंगे। इंस्टीट्यूट में राज्य के दूरदराज से युवा ट्रेनिंग के लिए उत्सुकता दिखा रहे हैं।
इंस्टीट्यूट में एक साथ 80 छात्रों के ठहरने की व्यवस्था की गयी है और उन्हें उत्तम आहार मिल सके उसके लिए कैंटीन भी बनाया गया है।
ट्रेनिंग के साथ ही साथ इंस्टीट्यूट में छात्रों के मनोरंजन का भी ध्यान रखा गया है जिसके लिए टीवी रूम, प्ले एरिया तथा ज्ञानवर्धन के लिए एक लाईब्रेरी की व्यवस्था की गयी है। ट्रेनिंग के साथ ही साथ छात्रों के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए योगा रूम तथा मेडिकल रूम भी बनाए गए है। इंस्टीट्यूट में मीटिंग के लिए मीटिंग रूम, कॉन्फ्रेंस हेतु वातानुकुलित कॉन्फ्रेंस रूम तथा सभी कार्य सुचारू रूप से हो उसके लिए एडमिन रूम बनाए गए है। इंस्टीट्यूट में एक विशाल वातानुकूलित ऑडिटोरियम भी बनाया गया है। इंस्टीट्यूट में ट्रेनिंग के लिए अलग-अलग तरह के ट्रैक बनाए गए हैं, जिसमें अलग-अलग तरह की परिस्थितियों में युवा बेहतर ड्रायविंग सीख सकें। आईडीटीआर में आठ आकृति वाले ट्रैक, ग्रेडीयंट, रिवर्स पार्किंग, लेन चेंजिंग्स का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
भिलाई / शौर्यपथ /
वार्ड क्रमांक 69 से कांग्रेस प्रत्याशी कोमल टंडन मैदान में है वही भाजपा से इस वार्ड में श्याम मालेकर मैदान में है तथा एक निर्दलीय प्रत्याशी भी चुनावी मैदान में है . नाम वापसी के दिन लगभग 6- 7 प्रत्याशियों ने अपना नाम वापस लिया जिसमे अधिकतर कांग्रेसी समर्थक थे . कांग्रेसी समर्थको को साधने में और एक मत हो कर चुनाव लडऩे के लिए राजी करने में संगठन और कोमल टंडन की मेहनत आखिर रंग लाये . एक ओर कोमल टंडन जहाँ वार्ड 69 के मूल निवासी है वही भाजपा ने इस वार्ड से हेलीकाप्टर प्रत्याशी उतार कर वार्ड के भाजपा कार्य करतो को नाराज कर दिया . .
बता दे कि लगातार इस वार्ड में कांग्रेस का वर्चस्व रहा है ऐसी स्थिति में भाजपा ने बाहरी प्रत्याशी ला कर मैदान में उतार कर एक तरह से कांग्रेस को वाकोवर दे दिया है . बावजूद इसके गरीब परिवार से सम्बंधित और कांग्रेस के जमीनी कार्य कर्ता को टिकिट मिलने पर वार्ड के कांग्रेसी कार्य कर्ता काफी खुश है . कांग्रेस संगठन ने जिस तरह से जमीनी कार्यकर्ता को मौका दिया इससे अन्य कार्य कर्ता भी अपने उज्जवल भविष्य की कांग्रेस के साथ कामना करते हुए वार्ड प्रत्याशी कोमल टंडन के साथ चुनाव अप्रचार अभियान में जुट गए है .
अगर आर्थिक स्थिति की बात करे तो कोमल टंडन के पास चुनाव लडऩे व प्रचार के लिए भी धन नहीं किन्तु साथ अच्छे मित्र है जिनके सहयोग से कांग्रेस का यह प्र्रत्याशी आज खर्चीले चुनावी जंग में विश्वकी सबसे बड़ी पार्टी से चुनावी जंग लड़ रही है और इस कार्य में वार्ड की जनता और साथियो का भरपूर सहयोग मिल रहा है .
कोमल टंडन कहते है कि मैं जनता की आवाज बनकर चुनाव लड रहा हूं। वार्ड की जनता ही मेरा परिवार है . वार्ड कि जनता का आशीर्वाद मेरे साथ है जीत कांग्रेस की ही होगी .
108 फिट की ऊंचाई पर भगवा ध्वजारोहण
कवर्धा / शौर्यपथ / कवर्धा ज्योतिष पीठाधीश्वर एवं द्वारका शारदा पीठाधीश्वर जगद्गुरु शङ्कराचार्य स्वामी श्री स्वरूपानन्द सरस्वती जी महाराज के शिष्य प्रतिनिधि दण्डी स्वामी श्री अविमुक्तेश्वरानन्द सरस्वती जी ज्योतिर्मठ बद्रिकाश्रम का छत्तीसगढ़ आगमन हो रहा है । उक्ताशय की जानकारी देते हुए शङ्कराचार्य जन कल्याण न्यास के प्रबंध ट्रस्टी चन्द्रप्रकाश उपाध्याय एवं शङ्कराचार्य जन कल्याण न्यास के मिडिया प्रभारी पण्डित देव दत्त दुबे ने बताया कि स्वामी जी 09 दिसम्बर से 11 दिसम्बर तक कवर्धा प्रवास पर रहेंगे, इस दौरान दर्शन, दीक्षा,गोष्ठी, प्रवचन देंगे , 09 दिसम्बर को दण्डी स्वामी अविमुक्तेश्वरानन्द सरस्वती जी महाराज ,शांम 05:20 बजे बेंगलुरु से इंडिगो की विमान से प्रस्थान कर 07:15 बजे रायपुर पहुंचेंगे, रायपुर विमानतल से निकलकर स्वामी जी 09:30 बजे रात्रि कवर्धा पहुंचकर "शंकर भवनम" शांतिदीप कॉलोनी में रात्रि विश्राम करेंगे ।
10 दिसम्बर को प्रात: दर्शन, दीक्षा, गोष्ठी पश्चात प्रात: 08:30 बजे से 09:30 बजे तक कवर्धा नगर के ग्रामदेव, ग्रामदेवी और अन्य मंदिरो से देवदर्शन पश्चात 9:45 से 10:45 तक छत्तीसगढ़ के सभी रियासत के राजाओ से चर्चा करेंगे, 11:00 बजे श्री जानकी रमण प्रभु देवालय से भव्य कलश यात्रा निकाली जायेगी जो नगर के विभिन्न मार्गों से होते हुए 01:00 बजे लोहारा नाका के पास पहुंचेगी जहाँ 108 फीट के स्तंभ में भगवा ध्वजारोहण का कार्य सम्पन्न होगा । दोपहर 02:00 बजे से पी जी कालेज मैदान में स्वामी अविमुक्तेश्वरानन्द सरस्वती जी धर्मसभा को संबोधित करेंगे, जिसमें अनेकों अखाड़ों के संत, महात्मा, ब्रम्हचारी सहित अनेकों रियासत के राजा गण उपस्थित रहेंगे ।
शांम 06:00 बजे "शंकर भवनम" शांतिदीप कॉलोनी पहुँचकर संध्या पूजन पश्चात रात्रि विश्राम करेंगे । यात्रा के दौरान श्री शङ्कराचार्य जन कल्याण न्यास के मिडिया प्रभारी पण्डित देव दत्त दुबे मोबाईल नंबर 8085074455 के साथ स्वामी जी के साथ रहेंगे । 11 दिसम्बर को प्रात: 9:00 बजे शंकर भवनम् कवर्धा से तेंदुभाठा हेतु (कवर्धा, बम्हनी, रामपुर, थानखम्हरिया होकर) प्रस्थान करेंगे , तेंदुभाठा में मनीष भट्ट के निवास में पादुका पुजन, प्रवचन पश्चात 03:00 बजे रायपुर विमानतल हेतु प्रस्थान कर शांम को इंडिगो के विमान से स्वामी जी बेंगलुरु हेतु प्रस्थान करेंगे ।
संजय दत्त सुपरहिट फिल्म केजीएफ के चैप्टर 2 में अधीरा का किरदार निभाने जा रहे हैं. फिल्म में उनका अंदाज सबकी जुबान पर है, और अब उन्होंने अधीरा के लिए डबिंग पूरी कर ली है.
नई दिल्ली /शौर्यपथ /
संजय दत्त के लिए यह प्रोजेक्ट्स और शूटिंग के साथ एक व्यस्त साल रहा है. आगामी रिलीज के रूप में 'केजीएफ चैप्टर 2', 'तुलसीदास जूनियर' और 'शमशेरा' सहित तीन बड़ी फिल्मों के साथ-साथ अभिनेता अब अपनी 'केजीएफ चैप्टर 2' के लिए अधीरा के रूप में सेट पर वापस आ गए हैं. अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर साझा करते हुए, संजय दत्त ने हाल ही में 'केजीएफ चैप्टर 2' के सेट से कुछ दमदार तस्वीरें शेयर की थीं जिसमें उन्हें बहुप्रतीक्षित फिल्म में अपनी भूमिका 'अधीरा' के लिए डब करते देखा गया था. पोस्ट में वह लिखते हैं, 'अधीरा दोबारा एक्शन में! केजीएफ चैप्टर 2 के लिए डबिंग सेशन पूरा हो चुका है और यह अब 14 अप्रैल, 2022 को आपके नजदीकी सिनेमाघरों पर रिलीज के लिए तैयार है.'
संजय ने इससे पहले फिल्म के कुछ पोस्टर लॉन्च किए थे जिसने पहले ही दर्शकों को फिल्म के प्रति उत्साहित कर दिया है. उनके किरदार को लेकर काफी उम्मीदें हैं और प्रशंसक उन्हें फिल्म में अधीरा के रूप में देखने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. वर्क फ्रंट पर, संजय दत्त के पास उनकी आगामी परियोजनाओं के हिस्से के रूप में 'तुलसीदास जूनियर', 'शमशेरा' और बहुप्रतीक्षित 'केजीएफ चैप्टर 2' है. इस तरह संजय दत्त के फैन्स को उनकी इन फिल्मों का बहुत ही बेसब्री से इंतजार है.
पीएम ने कहा, 'जब गरीब-शोषित-वंचित की चिंता करने वाली सरकार होती है, तो वो परिश्रम भी करती है, परिणाम भी लाकर दिखाती है. '
गोरखपुर /शौर्यपथ /
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को यूपी के गोरखपुर में एम्स और खाद कारखाने का लोकार्पण किया. इस मौके पर अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'जब डबल इंजन की सरकार होती है, तो डबल तेजी से काम भी होता है. जब नेक नीयत से काम होता है, तो आपदाएं भी अवरोध नहीं बन पातीं. पहले की सरकारों ने अपराधियों को संरक्षण देकर यूपी का नाम बदनाम कर दिया था.आज माफिया जेल में हैं और निवेशक दिल खोल कर यूपी में निवेश कर रहे हैं.यही डबल इंजन का डबल विकास है, इसलिए डबल इंजन की सरकार पर यूपी को विश्वास है.' पीएम ने कहा, 'जब गरीब-शोषित-वंचित की चिंता करने वाली सरकार होती है, तो वो परिश्रम भी करती है, परिणाम भी लाकर दिखाती है.'
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज़ादी के बाद से इस सदी की शुरुआत तक देश में सिर्फ एक एम्स था. अटल जी ने 6 और एम्स स्वीकृत किए थे,बीते 7 वर्षों में 16 नए एम्स बनाने पर देशभर में काम चल रहा है.हमारा लक्ष्य ये है कि देश के हर जिले में कम से कम एक मेडिकल कॉलेज जरूर हो. उन्होंने कहा, '5 साल पहले मैं यहां एम्स और खाद कारखाने का शिलान्यास करने आया था.आज इन दोनों का एक साथ लोकार्पण करने का सौभाग्य भी आपने मुझे ही दिया है.ICMR के रीजनल मेडिकल रिसर्च सेंटर को भी आज अपनी नई बिल्डिंग मिली है. इसके लिए मैं यूपी के लोगों को बधाई देता हूं.' पीएम मोदी ने कहा कि हमने यूरिया का गलत इस्तेमाल रोका, यूरिया की 100% नीम कोटिंग की. हमने करोड़ों किसानों को soil health card दिए ताकि उन्हें पता चल सके उनके खेत को किस तरह की खाद की जरूरत है. हमने यूरिया के उत्पादन को बढ़ाने पर जोर दिया। बंद पड़े fertilizer plants को फिर से खोलने पर ताकत लगाई.आज हमारी सरकार ने सरकारी गोदाम गरीबों के लिए खोल दिए हैं और योगी जी हर घर अन्न पहुंचाने में जुटे हैं.इसका लाभ यूपी के लगभग 15 करोड़ लोगों को हो रहा है. हाल ही में पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना को, होली से आगे तक के लिए बढ़ा दिया गया है.
प्रधानमंत्री ने कहा, 'पहले की दो सरकारों ने 10 साल में जितना भुगतान गन्ना किसानों को किया था लगभग उतना योगी जी की सरकार ने अपने साढ़े 4 साल में किया है. मैं आज योगी जी सरकार की इस बात के लिए सराहना करूंगा कि उन्होंने गन्ना किसानों के लिए बीते सालों में अभूतपूर्व काम किया है. गन्ना किसानों के लिए लाभकारी मूल्य, हाल में साढ़े 3 सौ रुपए तक बढ़ाया गया है. ' मंच से ही समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए पीएम ने कहा कि आज पूरा यूपी भली-भांती जानता है कि लाल टोपी वालों को लाल बत्ती से मतलब रहा है, आपकी दुख-तकलीफों से नहीं. लाल टोपी वालों को सत्ता चाहिए, घोटालों के लिए, अपनी तिजोरी भरने के लिए, अवैध कब्जों के लिए, माफियाओं को खुली छूट देने के लिए. लाल टोपी वालों को सरकार बनानी है, आतंकवादियों पर मेहरबानी दिखाने के लिए, आतंकियों को जेल से छुड़ाने के लिए. इसलिए, याद रखिए, लाल टोपी वाले यूपी के लिए रेड अलर्ट हैं यानी कि खतरे की घंटी.
पिछले पंजाब विधानसभा चुनाव में कैप्टन अमरिंदर सिंह ने हर घर नौकरी का वादा करते हुए एक कार्ड जारी किया था.
नई दिल्ली /शौर्यपथ /
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह पर हमला बोला है. पंजाब में अगले साल की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले केजरीवाल ने अमरिंदर सिंह को आड़े हाथों लेते हुए कहा, 'आज से सराय खास गांव से महिलाओं को 1000 रूपए देने का रजिस्ट्रेशन चालू हो रहा है. सरकार बनने के बाद इन सभी महिलाओं को 1000 दिया जाएगा. ये कैप्टन का कार्ड नहीं केजरीवाल की गारंटी है. इसे कैप्टन का कार्ड मत समझना. मैं झूठ नहीं बोलता, जो कहता हूं वो करता हूं.'
पंजाब के करतारपुर में महिलाओं को 1000 देने के चुनावी वादे के लिए आम आदमी पार्टी के मुखिया ने आज रजिस्ट्रेशन लॉन्च किया. इस मौके पर केजरीवाल ने कहा, "हमारे पंजाब की महिलाएं बहुत मेहनती हैं, हमारे देश की महिलाएं बहुत मेहनती हैं. वे पूरा घर संभालती हैं, बहुत सी महिलाएं बाहर भी काम करती हैं खेतों में भी काम करती हैं, दफ्तर भी जाती हैं. बेटियां मन लगाकर पढ़ती हैं और घर का काम भी करती हैं और यह कहते हैं कि 1000 देने से हमारी महिलाएं कामचोर हो जाएंगी. तुमने हजारों करोड़ों अरबों रुपए डकार लिए तुम आलसी नहीं हुए, तुम घर नहीं बैठे, अभी और डकार रहे हो, हमारी महिलाएं हजार रुपए लेने से आलसी कैसे हो जाएंगी?"
साथ ही केजरीवाल ने कहा, 'आप चिंता मत करो आज से पूरे पंजाब के अंदर रजिस्ट्रेशन चालू है, मैं पूरे पंजाब की महिलाओं से विनती करना चाहता हूं, उनके इलाके में हमारे कार्यकर्ता आएंगे रजिस्ट्रेशन करने के लिए, ज्यादा से ज्यादा संख्या में रजिस्ट्रेशन करवाएं. जो जो महिलाएं 1000 रुपये चाहती हैं वह सब रजिस्ट्रेशन करवाएं. अगले कुछ दिनों में लाखों महिलाओं का पूरे पंजाब के अंदर रजिस्ट्रेशन होने वाला है."
इस स्कीम के लिए बजट के बारे में केजरीवाल ने कहा, "यह लोग मुझसे पूछ रहे हैं कि पैसा कहां से आएगा? मैं आज आपको हिसाब दे देता हूं कि पैसा कहां से आएगा. अगर यह कांग्रेसी या चन्नी साहब आए तो उनको बता देना कि पैसा कहां से आएगा. चन्नी साहब के हलके में परसों अवैध रेत चोरी करते हुए लोग पकड़े गए हैं. उनके हलके में रेत चोरी हो रही है. ऐसा तो नहीं हो सकता कि चन्नी साहब को नहीं पता कि चोरी हो रही है. पता तो होगा. पैसा भी ऊपर तक जाता होगा. पंजाब के अंदर 20,000 करोड़ रुपए की रेत चोरी हो रही है. जितनी रेत चोरी हो रही है, इसमें सारे बड़े-बड़े मंत्री विधायक सब शामिल हैं. आम आदमी पार्टी की सरकार आएगी तो यह रेत चोरी बंद करेंगे, रेत चोरों को जेल भेजेंगे. 20,000 करोड़ रुपए बचाएंगे और यह जो हजार हजार रुपए आपको दे रहा हूं इसका 10,000 करोड़ रुपए में ही काम चल जाएगा. तो रेत चोरी रोकने से ही आपका काम हो जाएगा."
सपा प्रमुख ने कहा कि यूपी में आज हर कोई असुरक्षित महसूस कर रहा, नौजवानों की नौकरी छीनी जा रही है.यूपी की जनता बदलाव चाहती है. रालोद के साथ अपने गठबंधन के बारे में उन्होंने कहा कि यह बदलाव का गठबंधन है. सीएम योगी पर निशाना साधते हुए सपा प्रमुख ने कहा कि जो पलायन की बात कर रहे, वे खुद पलायन करके आए है.
मेरठ /शौर्यपथ /
देश के किसान और नौजवान आज परेशान हैं और जिस तरह से आज के समय हालात बन रहे हैं, उसे देखते हुए यूपी में बदलाव तय नजर आ रहा है. यह बात समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव . सपा प्रमुख अखिलेश और रालोद प्रमुख जयंत चौधरी ने गठजोड़ के बाद मेरठ में एक संयुक्त रैली के दौरान से बातचीत की. सपा प्रमुख ने कहा कि यूपी में आज हर कोई असुरक्षित महसूस कर रहा, नौजवानों की नौकरी छीनी जा रही है.यूपी की जनता विधानसभा चुनाव ममें बदलाव चाहती है. रालोद के साथ अपने गठबंधन के बारे में उन्होंने कहा कि यह बदलाव का गठबंधन है. सीएम योगी पर निशाना साधते हुए सपा प्रमुख ने कहा कि जो पलायन की बात कर रहे, वे खुद पलायन करके आए है.
बातचीत के दौरान अखिलेश ने भारतीय जनता पार्टी के विकास के दावे पर तंज कसा.सपा प्रमुख ने कहा कि बीजेपी का विकास यह है कि नारियल फोड़ो तो सड़क टूट जाती है. गौरतलब है कि हाल ही में ऐसा वाकया हाल ही में पश्चिमी यूपी के बिजनौर में हुआ, जहां मुख्य अतिथि बीजेपी विधायक सुचि मौसम चौधरी को नवनिर्मित सड़क का उद्घाटन करना था. सड़क को चालू करने के लिए उन्हें नारियल फोड़ना था. लेकिन सड़क पर नारियल को जब उन्होंने पटका तो नारियल तो नहीं फूटा मगर सड़क की गिट्टियां उछलकर दूर जा गिरीं. नई सड़क का ऐसा हश्र देखकर वहां खड़े सारे नेता और जनता अवाक रह गई. हालांकि बाद में बीजेपी एमएलए ने कहा, 'दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी. डीएम ने मुझे इस बारे में आश्वस्त किया है. '
इस सवाल पर कि बीजेपी कहती है कि अबकी 350 पार, अखिलेश ने कहा कि जो नाराजगी इस समय बीजेपी को लेकर किसानों और नौजवानों में है, हो सकता है कि 400 सीटें भी बीजेपी हार जाए. यादव ने सत्ताधारी पार्टी की राजनीति को नफरत की राजनीति करार दिया. यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के पीएम से मिलने के लिए जाने और मथुरा को लेकर उनके ( केशव प्रसाद मौर्य के) बयान पर अखिलेश ने कहा कि मौर्या को पीएम से तब मिलने जाना चाहिए था जब उनके नाम की तख्ती सीएम ने उखाड़ दी थी. यह पूछे जाने पर कि सपा गठबंधन के सत्ता में आने पर वे अपने आप को डिप्टी सीएम के तौर पर देख रहे हैं, रालोद के जयंत चौधरी ने कहा, 'मैंने इस कारण से सपा के साथ गठबंधन नहीं किया है. उन्होंने 70 लाख नौकरियों के वादे को पूरा करने में नाकामी को लेकर बीजेपी पर 'वार' किया. उन्होंने कहा कि लोग हमारे साथ हैं.
जयंत यादव ने कहा कि किसानों के साथ पिछले एक साल में सरकार ने खराब व्यवहार किया है. लखीमपुर में किसानों को कुचला गया, उसके दोषी अभी भी सरकार में शामिल हैं. भले ही कानून वापस ले लिए गए हों लेकिन आंदोलनकारी यह जानते हैं कि यह उनकी जीत है. शीट शेयरिंग के बारे में पूछे गए सवाल पर जयंत ने कहा, 'क्या पता हमारा आपस में तय हो, 403 पर लड़ेगे.' अखिलेश ने भी कहा, 'यह बड़ा इश्यु नहीं है, हमारी बातचीत हो चुकी है. हमारे बीच सहमति बन गई है और सीटों को बंटवारे को लेकर कोई बड़ी बात नहीं है.' पिछले चुनाव के दौरान बड़ी पार्टियों के साथ गठबंधन और मौजूदा समय में छोटी पार्टियों के साथ गठबंधन की रणनीति के सवाल पर अखिलेश ने कहा कि पहले के जो गठबंधन हुए, उसमें इस तरह के बदलाव का उत्साह नहीं था. किसान तब सरकार से इतना नाराज नहीं था, उसकी उम्मीद बाकी थी लेकिन जिस तरह किसान कानून आए, हर बार किसानों को अपमानित होना पड़ा. ये बड़े सवाल है जो पहले नहीं थी. नौजवानों को उम्मीद थी कि डबल इंजन की सरकार उनके बारे में सोचेगी लेकिन ऐसा हुआ नहीं.
4 लाख 20 हजार 620 हेक्टेयर में हो चुकी है दलहन फसलों की बोनी
रायपुर /शौर्यपथ /
राज्य में रबी सीजन की अन्य फसलों के साथ-साथ दलहनी फसलों की बुआई तेजी से जारी है। राज्य में इस साल रबी सीजन में 8 लाख 73 हजार 430 हेक्टेयर में दलहनी फसलों की बोनी के लक्ष्य के विरूद्ध अब तक 4 लाख 20 हजार 620 हेक्टेयर में विभिन्न प्रकार की दलहनी फसलों की बोनी की जा चुकी है, जिसमें सर्वाधिक 2 लाख 28 हजार 340 हेक्टेयर रकबा तिवड़ा की बोनी का शामिल है।
कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार राज्य में अब तक चना की बोनी एक लाख 31 हजार 970 हेक्टेयर में, मटर की 17 हजार 510 हेक्टेयर में, मसूर की 12 हजार 380 हेक्टेयर में, मूंग की 2 हजार 840 हेक्टेयर में, उड़द की 2 हजार 800 हेक्टेयर में, तिवड़ा की 2 लाख 28 हजार 340 हेक्टेयर में, कुल्थी की 16 हजार 880 हेक्टेयर में तथा अन्य दलहनी फसलों की 7 हजार 900 हेक्टेयर में बुआई हो चुकी है, जो कि इस साल बुआई के लक्ष्य का 48 प्रतिशत है।
व्यवस्थित धान उपार्जन के लिए सभी जरूरी सुविधाएं
किसानों ने जताया मुख्यमंत्री के प्रति आभार
धमतरी /शौर्यपथ /
धमतरी के पोटियाडीह धान उपार्जन केंद्र में तार फेंसिंग, रात में प्रकाश व्यवस्था, सुरक्षा के लिए चौकीदार, 25 हमाल, स्टेकिंग के लिए पर्याप्त बोरियाँ, बारदाने, धान की सुरक्षा के लिए तिरपाल इत्यादि व्यवस्थाओं के साथ एक दिसंबर से चालू खरीफ विपणन वर्ष में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी शुरू हो गई है। प्रदेश सरकार के निर्णय अनुसार किसानों की सुविधा के लिए जिले में इस साल खोले गए सात नए उपार्जन केंद्रों में से पोटियाडीह भी एक है, जहां समर्थन मूल्य पर किसानों से धान खरीदी सुचारू तरीके से की जा रही है। हटकेशर से लगभग आठ किलोमीटर दूर आमदी धान खरीदी केंद्र की जगह, पास में बने पोटियाडीह धान उपार्जन केन्द्र में अपना 40 किव्वटल धान बेचने पहुंचे 75 वर्षीय जेठूराम साहू काफी खुश नजर आए। उनका कहना है कि एक लंबे अरसे से किसानों को लंबी दूरी तय करते हुए आमदी तक जाना पड़ता था और काफी असुविधाओं को सहकर धान बेचना पड़ता था। मगर राज्य शासन से इस साल पोटियाडीह में नया उपार्जन केंद्र खोलने का आदेश मिलते ही किसानों ने राहत की सांस ली। वे इसके लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मुक्त कंठ से प्रशंसा भी करते हैं।
इसी तरह रत्नाबांधा के 73 वर्षीय किसान मोतीराम साहू कहते हैं कि प्रदेश सरकार का मुख्यमंत्री की अगुवाई में पोटियाडीह में धान उपार्जन केंद्र खोले जाने का फैसला सभी किसानों के लिए खुशियों भरा पैगाम लाया। अब हटकेशर, रत्नाबांधा, मुजगहन और पोटियाडीह के किसानों को आमदी खरीदी केंद्र जाने की जरूरत नहीं। केन्द्र खुलने से ना केवल फासला कम हुआ बल्कि यह केंद्र नया होने के बाद भी, सुव्यवस्थित धान खरीदी होने से किसानों में काफी संतोष है। अपने चार एकड़ के रकबे में उन्होंने फसल उगाई और केन्द्र में 30 किं्वटल धान को बिना किसी दिक्कत के समर्थन मूल्य पर बेचने और गत वर्ष राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत तीन किश्तों में राशि मिलने से भी वे काफी खुश हैं। इसी तरह मुजगहन के किसान अरूण कुमार सेन, जेठू साहू, हेमंत ध्रुव आदि भी उपार्जन केंद्र पोटियाडीह में खोले जाने से काफी प्रसन्न हैं। गौरतलब है कि इस केंद्र से पोटियाडीह के 666, मुजगहन के 642, हटकेशर के 209 और रत्नाबांधा के 36 किसानों के कुल 1149 हेक्टेयर रकबे में उपजे 43 हजार क्विटल धान को समर्थन मूल्य पर खरीदे जाने का अनुमान है। इस नए केंद्र के खुलने से क्षेत्र के किसान काफी खुश हैं।
गरियाबंद /शौर्यपथ /
गरियाबंद जिले में कानून व्यवस्था सुव्यवस्थित बनाये रखने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। कलेक्टर निलेशकुमार क्षीरसागर की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में पुलिस अधीक्षक जे.आर. ठाकुर, जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल, अपर कलेक्टर जे.आर. चौरसिया, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक चन्द्रेश कुमार ठाकुर और सभी एसडीएम सम्मिलित हुए। कलेक्टर क्षीरसागर ने अधिकारियों को जिले में बेहतर कानून व्यवस्था बनाये रखने के निर्देश दिये। उन्होंने धान खरीदी के दौरान उत्पन्न स्थिति पर विशेष नजर रखने, उपार्जन केन्द्रों में बेहतर व्यवस्था, किसान पंजीयन, धान बिक्री हेतु टोकन वितरण, बैंकों से किसानों को राशि भुगतान आदि के संबंध में किसी प्रकार की कमी होने पर प्रशासन के संज्ञान में लाने की बाते कही। उन्होंने कहा कि कोई भी सहकारी समिति प्रशासन के संज्ञान में लाये बिना धान खरीदी बंद नहीं कर सकती। उन्होंने हर ऐसी घटनाओं पर भी बारीकियों से नजर रखने कहा, जिससे जिले में कानून व्यवस्था की स्थिति निर्मित हो सकती है। पुलिस अधीक्षक ठाकुर ने अधिकारियों से सहयोग की अपेक्षा करते हुए जिले में बेहतर कार्य प्राणाली विकसित करने, निचले स्तर के अधिकारियों के मार्फत ही समस्या का समाधान होने पर बल दिया। बैठक में संयुक्त कलेक्टर ऋषा ठाकुर सहित समस्त विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
रायपुर /शौर्यपथ /
जल संसाधन विभाग मंत्रालय द्वारा बेमेतरा जिले के बेरला विकासखण्ड स्थित डोटू नाला पर हड़गांव-केचवई एनीकट कम रपटा निर्माण के लिए 2 करोड़ 38 लाख 44 हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति मुख्य अभियंता महानदी-गोदावरी कछार रायपुर को प्रदान की गई है। इस एनीकट कम रपटा के निर्माण से भू-जल संवर्धन, पेयजल के साथ-साथ कृषकों को आवगमन एवं स्वयं के साधन से 60 हेक्टेयर रकबे में सिंचाई सुविधा मिलेगी।
रायपुर /शौर्यपथ /
छत्तीसगढ़ के गांवों का सामाजिक ताना-बाना आज भी जीवंत है। गांव की सामाजिक संरचना में लोगों में परस्पर आपसी संबंध और भाईचारा अभी भी बना हुआ है। खेती किसानी और इनसे जुड़े काम में एक दूसरे की निर्भरता इन्हें आपस में जोड़े रखती है। गांव में कुम्हारी, बढ़ाईगिरी, लोहारी, चर्मशिल्प, तेलपेराई, धोबी जैसे कई व्यवसाय ग्रामीण जन-जीवन से सीधे जुड़े हैं।
साप्ताहिक बाजार और पौनी पसारी परम्परा छत्तीसगढ़ी संस्कृति का अभिन्न अंग हैं। वर्तमान परिस्थिति में गांव में पौनी-पसारी की परम्परा भले ही कमजोर हुई हो, लेकिन आज भी यह मौजूद है। गांव में जब तक यह परम्परा सुदृढ रही, लोगों को अपने काम काज के लिए भटकना नहीं पड़ा। बदलती हुई परिस्थतियों में भी गांव के कमजोर तबकों को रोजगार दिलाने में पौनी पसारी व्यवस्था महत्वपूर्ण रही है इसलिए राज्य सरकार इस परम्परा को पुनर्जीवित कर रही है।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा हाल में ही गांवों में रहने वाले भूमिहीन मजदूरों और शिल्पियों के जीवन में उजियारा लाने के लिए दो महत्वपूर्ण फैसले किए गए हैं। ग्रामीण भूमिहीन मजदूरों और पौनी पसारी व्यवस्था से जुड़े लोगों को साल में 6 हजार रूपए की आर्थिक सहायता देने के लिए राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना और पौनी पसारी व्यवस्था से जुड़े व्यवसायों को मजबूत करने के लिए तेलघानी, चर्मशिल्प, लौहकर्म और रजककार बोर्ड का गठन करने का निर्णय लिया गया है। इन बोर्डो के गठन की अधिसूचना भी जारी हो चुकी है। इन दोनों योजनाओं का व्यापक असर ग्रामीण जनजीवन पर पड़ेगा। गांव में रोजगार और व्यवसाय के नए अवसर भी बढ़ेगे। इससे परम्परागत व्यवसाय से जुड़े लोगों को बड़ा सहारा मिलेगा।
छत्तीसगढ़ में दिसंबर 2018 में नई सरकार के गठन के बाद ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की पहल से ग्रामीण जन जीवन में नई चेतना आयी है। सुराजी गांव योजना से एक तरफ जहां खेती किसानी की ओर फिर से किसान अग्रसर हुए, वहीं न्याय योजनाओं से उनकी आर्थिक स्थिति और रहन सहन में काफी परिवर्तन आ रहा है। गांवों के गौठानों में गोधन न्याय योजना में खरीदे गए गोबर से महिला समूहों को वर्मीकम्पोस्ट और सुपर कम्पोस्ट तैयार करने में रोजगार दिया जा रहा है।
पौनी पसारी योजना में इन कार्यों से जुुड़े लोगों के लिए नगर-निगम, नगर पालिका और नगर पंचायतों में नए बाजार बनाए जा रहे हैं, जिससे इन लोगों को अपने काम-काज के लिए सुविधाजनक स्थान मिल सके। उन्हें अपने कारोबार के जरिए नियमित रूप से आमदनी मिल सके। इस योजना में असंगठित क्षेत्र के परंपरागत व्यवसायी एवं स्व-सहायता समूहांे की महिलाओं को सघन शहरी क्षेत्रों में व्यवसाय के लिए दस रूपए दैनिक शुल्क पर चबूतरा उपलब्ध कराने का प्रावधान है। इस योजना में लगभग 12000 स्थानीय बेरोजगारों व उनके परिवारजनों को उनके निवास के समीप ही स्थाई रोजगार मिल रहा है। योजना के तहत 261 पौनी पसारी बाजार स्वीकृत किए गए हैं। इनमें 58 पूर्ण कर लिए गए हैं तथा 107 निर्माणाधीन हैं।
राज्य सरकार द्वारा हाल में ही शुरू की गई राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना में भी भूमिहीन मजदूरों के साथ पौनी पसारी व्यवस्था से जुड़े लोगों को भी सालाना 6 हजार रूपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी। राज्य में इस योजना से 10 लाख से अधिक ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले भूमिहीन कृषि मजदूरों के साथ ही गांव के लोहार, नाई, धोबी, बढ़ई, चर्मशिल्प और पुरोहित का कार्य करने वाले लोगों को भी लाभ मिलेगा। आर्थिक सहायता को लेकर गांव-गांव में मजदूर वर्गों में खुशी का माहौल है। उन्हें अब अपने परिवार के भरण पोषण के लिए यह सहायता राशि काम आएगी। मजदूरों को आर्थिक सहायता देने की पहल देश में सबसे पहले छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा की गई है। इस योजना में मिलने वाली राशि से उन्हें नया संबल मिलेगा। जनता से सरकार का रिश्ता और मजबूत होगा।
औद्योगीकरण, शहरीकरण की मार झेल रहे तेलघानी, चर्मशिल्प, रजककार और लौह शिल्प व्यवसायों को बोर्डों के गठन से फिर से पुनर्जीवित करने में मदद मिलेगी। इन व्यवसायों से जुडे बोर्डो के माध्यम से शिल्पकारों को स्वरोजगार के लिए सहायता दी जाएगी। साथ ही उनके लिए बाजार की व्यवस्था, व्यवसायों को बढ़ाने और वेल्यूएडिशन के लिए आधुनिक उपकरणों की व्यवस्था की जाएगी। शिल्पियों को बैंकों के माध्यम से ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। रोजगार और व्यवसाय बढ़ने से इन शिल्पियों की आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। उनके काम काज की कार्यकुशलता में सुधार होगा और इन शिल्पियों के रोजगार को अधिक लाभदायक बनाने में मदद मिलेगी।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
