August 20, 2026
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    धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
    क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

    रायपुर / शौर्यपथ / कांग्रेस ने कहा कि पूर्ववर्ती भाजपा सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं पर थोड़ा भी ध्यान दिया होता , स्वास्थ्य के क्षेत्र में कुछ व्यवस्थाएं की होती कोरोना काल मे राज्य की स्वास्थ्य सुविधाओं को सुधारने में इतनी मशक्कत नही करनी पड़ती ।प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि दुनिया देश के साथ प्रदेश में आई महामारी के समय पूर्ववर्ती रमन सरकार के कुशासन अदूरर्दशिता और स्वास्थ्य सुविधाओं के दिशा में पन्द्रह साल तक ध्यान नही देने के कारण महामारी से निपटने में ज्यादा परेशानियां खड़ी हो रही हैं।
    जो काम पिछले पंद्रह सालो में नही किये गए उनको पांच महीनों में किया गया ।
    प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि रमन सिंह ने अपने पन्द्रह साल के शासन काल मे राज्य की स्वास्थ्य व्यस्था को बर्बाद करके रख दिया था ।प्रदेश जिला अस्पतालों से ले कर उपस्वास्थ्य केंद्रों तक चिकित्सको और पैरा मेडिकल स्टाफ की भर्तियां नही की गई थी ।रमन राज में सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों के पचहत्तर फीसदी पद खाली थे ।राज्य के मेडिकल कालेजों तक मे रमन सिंह विशेषज्ञ चिकित्सको की नियुक्तियां नही कर पाये थे । मेडिकल कालेजों में मान्यता रिनिवल के लिए जब भी एम सीआई की टीम के दौरा होता था रायपुर मेडिकल कालेज से डॉक्टरों को दूसरे मेडिकल कालेजों में भेज कर मान्यता की औपचारिकताएं पूरी करवाई जाती थी ।यह प्रक्रिया एक बार नही हर साल करवाई जाती थी ।लेकिन मेडिकल कालेजो स्थाई डॉक्टरों की नियुक्तियों के कभी ठोस प्रयास नही किये गए।
    प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता ने कहा कि रमन सरकार की उसी लापरवाही का नतीजा आज प्रदेश की जनता और नई सरकार को भुगतना पड़ रहा है ।अचानक आये वैश्विक महामारी कोरोना के समय सरकार चिकित्सको और मेडिकल स्टाफ की भर्ती में लगी हुई है ।प्रदेश में 4500 मेडिकल स्टाफ और डॉक्टरों की प्रक्रिया तीव्र गति से चल रही है ।
    राज्य के स्वास्थ्य व्यवस्था को दोयम दर्जे का बनाने वाले रमन सिंह जब स्वास्थ्य व्यस्था पर बयान देते है तब वे कोरोना के संकट में जूझ रही प्रदेश की जनता के जले पर नमक छिड़कने का काम करते है ।बस्तर सरगुजा सहित राज्य के सभी दूरस्थ क्षेत्रो में रमन सरकार ने स्वास्थ्य केंद्रों में कमीशन खोरी की नीयत से भवन तो बना दिया था लेकिन कभी डॉक्टरों ,कंपाउंडरों नर्सो की नियक्ति और इलाज की व्यस्था के लिए कोई ठोस कदम नही उठाया।
    कांग्रेस प्रवक्ता ने राज्य की जनता से कहा कि घबराने की आवस्यकता नही कांग्रेस सरकार ने कोरोना महामारी से निपटने पर्याप्त इंतजाम कर लिए है ।सभी का इलाज हो सभी को दवाइया मिल सके अस्पतालों में सुविधाएं मिल सके इसके लिये सरकार प्रतिबद्ध है ।सरकारी से ले कर निजी क्षेत्रों में कोरोना से इलाज के व्यापक इंतजाम किए गए है कोविड सेंटर बनाये गए है ।और सुविधाएं जुटाने के प्रयास जारी है।

    भिलाई / शौर्यपथ / बीएसपी एंसीलरी इंडस्ट्रीज एसोसिएशन की आज 9 सितंबर को एसोसिएशन कार्यालय बीईडब्ल्यू में बैठक हुई। जिसमें एसोसिएशन के चुनाव कराए जाने पर पदाधिकारियों में आम सहमति बनी। चुनाव संपन्न कराने के लिए कुछ नियम बनाए गए जिसके तहत मेंबरशिप की पात्रता के लिए एक हजार रूपये की राशि तय की गई। यह राशि 10 अक्टूबर तक एसोसिएशन के एसबीआई एकाउंट में जमा करना होगा।
    बैठक में चुनाव कराए जाने को लेकर कुछ अन्य नियम व शर्तें भी बनाई गई, जिसमें किसी प्रकार का बदलाव नहीं किया जा सकेगा। बैठक में एसोसिएशन के अध्यक्ष अरविंदर सिंह खुराना, महासचिव व्यास प्रसाद शुक्ला, कोषाध्यक्ष विजय अग्रवाल, उपाध्यक्ष राजेश खंडेलवाल एवं राम कुमार बंसल, सचिवद्वय देशराज यादव एवं टी रामास्वामी, संरक्षकद्वय चमन लाल बंसल एवं के के जैन सहित अन्य उपस्थित थे।
    पदाधिकारियों ने बताया कि चुनाव को लेकर जो नियम बनाए गए उसमें प्रमुख है एसोसिएशन की मेंबरशिप लेना। पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बीएसपी द्वारा घोषित एंसीलरी के संचालक ही मेंबरशिप के पात्र होंगे। मेंबरशिप के लिए एक हजार रू। की राशि तय की गई जो अकाउंटपेई चेक के द्वारा एसबीआई बैंक में एसोसिएशन के एकाउंट में जमा की जानी है। यह राशि कैश, एनइएफटी, आरटीजीएस,ऑनलाइन।मोबाइल ट्रांसफर या किस अन्य माध्यम द्वारा स्वीकार नहीं की जाएगी। एसबीआई बैंक द्वारा 10 अक्टूबर को जारी लिस्ट के आधार पर जिसकी राशि एकाउंट में आ गई होगी उसी आधार पर सदस्यता सूची बनाई जाएगी। पदाधिकारियों ने बताया कि पात्र मेंबरशिप की सूची 15 अक्टूबर तक जारी कर दी जाएगी। साथ ही मेंबरशिप की यह सूची 20 अक्टूबर को चुनाव अधिकारी को सौंप दी जाएगी। चुनाव कार्यक्रम में अब किसी प्रकार का बदलाव नहीं किया जाएगा।

    दुर्ग / शौर्यपथ / जिले में कोरोना संक्रमण की स्थिति को देखते हुए कलेक्टर दुर्ग डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे के मार्गदर्शन में पॉजिटिव मरीजों की सतत कॉउंसलिंग तथा नागरिकों की सुविधा के लिए एक कंट्रोल रूम की स्थापना की गई है। कंट्रोल रूम में प्रतिदिन सामान्य नागरिकों ,कोविड हॉस्पिटल में एडमिट मरीजों, होम आइसोलेशन में रह रहे पॉजिटिव मरीजों तथा सम्बन्धित मरीजों के परिजनों से बात की जा रही है, स्वास्थ्य सम्बन्धित हालचाल पूछा जा रहा है तथा सभी लोगों को आवश्यक समस्त जानकारी दी जा रही है। टेलीकॉलिंग की इस प्रक्रिया में कुल 40 नर्स होम आइसोलेशन के मरीजों की एवं शिक्षा विभाग के कुल 40 स्टाफ सम्बन्धित मरीजों के परिजनों तथा सामान्य नागरिकों की कॉउंसलिंग कर रहे हैं। कॉउंसलिंग के दौरान सम्बन्धित नागरिकों से कंट्रोल रूम की जानकारी, फीवर क्लीनिक की जानकारी, मेडिकल किट की उपलब्धतता, ऑक्सिजन का स्तर, ब्लड प्रेशर का स्तर , कोविड हॉस्पिटल व्यवस्था की स्थिति , भोजन की उपलब्धतता एवं गुणवत्ता , सामान्य स्वास्थ्य की स्थिति, घर तथा परिसर में साफ सफाई की व्यवस्था, आयुर्वेद काढा की जानकारी तथा मनोवैज्ञानिक अभिप्रेरण से सम्बंधित निरन्तर बातचीत की जा रही है। कलेक्टर ने जिले के सभी नागरिकों से कॉउंसलिंग की इस प्रक्रिया में अपना सहयोग देने तथा किसी भी प्रकार की जानकारी नहीं छुपाने की अपील की है।

    दुर्ग / शौर्यपथ / महापौर परिषद के एमआईसी प्रभारियों ने आज संयुक्त विज्ञप्ति जारी कर नेताप्रतिपक्ष अजय वर्मा के आरोपों का जवाब देते हुये कहा कि पूर्व शहरी सरकार की अनुभव हीनता और अयोग्यता का ही खामियाजा वर्तमान शहरी सरकार भुगत रही है। उनके द्वारा किये भ्रष्ट कार्य और अनयिमितता के कारण शहर की जनता आज परेशान और त्राहि-त्राहि हो रही है। एमआईसी प्रभारी दीपक साहू, हमीद खोखर, संजय कोहले ने नेताप्रतिपक्ष और भाजपा पार्षद दल द्वारा महापौर धीरज बाकलीवाल के ऊपर लगाये आरोप को भाजपा पार्षद की कुंठित मानसिकता की राजनीति बताया।
    एमआईसी प्रभारियों ने कहा जब कोरोना संक्रमण शहर में निरंतर बढ़ रहा है एैसे समय में वास्तविकता यह है कि नेताप्रतिपक्ष अजय वर्मा, तथा भाजपा के पार्षद, सांसद एवं भाजपा के कार्यकर्ता अपने-अपने घरों में दुबक कर बैठे हुये हैं। उन्हें यह नहीं पता कि शहर में लगातार मौतें हो रही है एैसे समय में हमारे महापौर जो स्वयं कोरोना संक्रमण से ग्रसित हो चुके थे वे ठीक होकर पुन: शहर की स्वच्छता और विकास कार्यो में जुट गये हैं । भाजपाई केवल राजनीति कर रहे हैं।
    एमआईसी प्रभारी दीपक साहू ने कहा कि महापौर धीरज बाकलीवाल लगातार शहर का भ्रमण कर आम जनता को कोरोना संक्रमण से बचने और उससे सावधानी रखने तथा उसका उपाय करने की सलाह दे रहें हैं, इसके लिए उनके मार्गदर्शन में निगम के समस्त 60 वार्डो में दो-दो सीकर के माध्यम से पार्षदों के सहयोग से वार्डो को सेनेटाईजिंग की जा रही है। 300-300 लीटर की सेनेटाईजर मशीन से वार्डो में सेनेटाईजर किया जा रहा है। आज प्रत्येक वार्ड में संक्रमण मिल रहे हैं बावजूद निगम का अमला उन क्षेत्रों में दवाई का छिड़काव कर बचाव के उपाय बता रहे हैं। उन्होनें नेताप्रतिप़क्ष के आरोपों को निराधार बताते हुये एमआईसी प्रभारी ने कहा कि भाजपा शासन काल के समय निर्मित पुष्पवाटिका निर्माण में भारी भ्रष्टाचार किया गया था जिसके बाद उसका संधारण तक करने पूर्व शहरी सरकार भूल गया है स्थिति यह हो गई कि आज शहर की जनता को मनोरंजक वातवरण से वंचित हो गये।
    प्रभारी ने कहा कि वर्तमान में निगम के मार्गो में डबल ईसीएलई लाईट को संधारित किया जा रहा है। यह भाजपा का ही देन है जिसने अपने कार्यकाल में एक निजी कंपनी को ठेका देकर उसका भुगतान रायपुर से निर्धारित कराये थे। इसका ही परिणाम है कि आज उस कंपनी के कर्मचारी धरने पर बैठे हुये हैं। उन्होनें कहा दुर्ग निगम में दोनों पार्टी के वार्ड पार्षदों के सहयोग और सहमति से सर्वे कराया गया है। जिसके कारण भाजपा का ठेकेदार आज काम बंद कर दिया है।
    जल प्रभारी ने भी भाजपा पार्षद दल के आरोप को बेबुनियाद बताते हुये कहा कि नगर निगम भाजपा की सरकार थी उस समय से भाजपा की शहरी सरकार को पीएचई द्वारा फेस 2 के तहत् बिछाये गये पाइप लाईन में खामिया क्यों नजर नहीं आया। उस समय भारी अनियमितता कर शहर में पाइप लाईन बिछा कर छोड़ दिया गया। उस समय क्यों विरोध नहीं किया गया। 24 एमएलडी प्लांट का निर्माण भाजपा सरकार के समय ही किया गया था घटिया स्तर का निर्माण कर आज शहर की जनता को परेशानी में डाल दिया गया है और आज वर्तमान शहरी सरकार व महापौर पर आरोप लगा रहे हैं । वर्तमान शहरी सरकार उनके बिगाड़े गये कार्यो को सुधार रहा है इसलिए अब उनके पेट में दर्द हो रहा है।
    निगम के अधिकारी कर्मचारी इस संक्रमण काल में भी अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुये शहर हित में कार्य कर रहे हैं। 20 साल तक भाजपा सत्ता में रही इनके कार्यकाल में ही फिल्टर प्लांट बने तो फिर पेयजल सप्लाई की खराब स्थिति के लिए नई परिषद कैसे जिम्मेदार हो सकता है। एमआईसी प्रभारियों ने बिना नाम लिये कहा कि भाजपा के तीन महापौरों में एक डाक्टर थे एक गृहणी थी और एक अनुभवहीन राजनीति कर महापौर बने थे। इन बातों को भी ध्यान रखकर राजनीति किया जाना चाहिए। अर्नगल बातें और आरोप नहीं लगाना चाहिए।

    दुर्ग / शौर्यपथ / महापौर धीरज बाकलीवाल द्वारा आज महिला समृद्धि बाजार में सब्जी व्यवसायियों और आम नागरिकों को इम्यूनिटी बढ़ाने आयुष मंत्रालय से प्राप्त आयुष क्वाथ का वितरण किया गया । इस दौरान निगम एमआईसी प्रभारी दीपक साहू, ऋषभ जैन, संजय कोहले, भोला महोबिया, मनदीप सिंह भाटिया, पार्षद सुश्री श्रद्धा सोनी, एवं आयुष मंत्रालय विभाग की डाक्टर टिकेश्वरी व अन्य उपस्थित थे।
    इस संबंध में महापौर ने बताया कि प्रदेश में कोरोना का संक्रमण निरंतर बढ़ते जा रहा है इसे देखते हुये मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के मार्गदर्शन में आयुष मंत्रालय के माध्यम से प्रदेश के आम जनों को कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए इम्यूनिटी बढ़ाने नि:शुल्क आयुष क्वाथ काढ़ा उपलब्ध कराया जा रहा है। महापौर ने कहा शहर की आम जनता को अपनी सेवा प्रदान करने वाले सब्जी दुकानदारों जो कोरोना काल में भी सेवा दे रहे हैं उन्हें आयुष क्वाथ का वितरण किया गया । उन्होनें बताया जो संक्रमित है या नहीं है सभी को यह क्वाथ केवल आधा चम्मच सुबह-शाम खाली पेट लेना है। इससे काढ़ा पीने वाले व्यक्ति की इम्यूनिटी सिस्टम स्ट्रांग रहेगा, वह व्यक्ति संक्रमण के प्रभाव में नहीं आयेगा। उन्होनें बताया आयुष क्वाथ को आधा चम्मच लेकर एक गिलास पानी में उबाल लें, पानी एक कप बच जाए तो उसे छान कर पीये। काढ़ा में गुड़, मुन्नका, और नींबू का रस मिलाकर भी पी सकते हैं। काढ़ा पीने वाला हर व्यक्ति का इम्यूनिटी सिस्टम अधिक होगा और वह संक्रमण से बचेगा। नगर पालिक निगम दुर्ग क्षेत्र के समस्त वार्डो में भी इस आयुष क्वाथ को वितरण करने की व्यवस्था की जाएगी।

    दुर्ग / शौर्यपथ / महापौर धीरज बाकलीवाल द्वारा आज निगम के स्वास्थ्य विभाग सफाई अमला कर्मचारियों को सफाई संसाधन सामग्री के तहत् डस्टबीन और हाथ ठेला का वितरण किया गया। इस दौरान स्वास्थ्य प्रभारी हमीद खोखर, राजस्व प्रभारी ऋषभ जैन, जलकार्य प्रभारी संजय कोहले, विद्युत यांत्रिकी प्रभारी भोला महोबिया, शिक्षा प्रभारी मनदीप सिंह भाटिया, पार्षद सुश्री श्रद्धा सोनी, श्रीमती उषा ठाकुर, सतीश देवांगन, कांशाीराम रात्रे तथा स्वास्थ्य अधिकारी दुर्गेश गुप्ता व अन्य उपस्थित थे।
    उल्लेखनीय है कि महापौर व आयुक्त द्वारा लगभग 120 नग डस्टबीन और हाथ ठेला की व्यवस्था की गई है। आयुक्त बर्मन ने बताया सफाई संसाधन के अभाव में वार्डो के अंदर सफाई कार्य प्रभावित हो रही थी ।
    आम जनता भी सफाई संबंधी शिकायत कर रहे थे। महापौर एवं आयुक्त ने स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देशित कर कहा जिन वार्डो समस्या अधिक हो वहॉ दो-दो डस्टबीन और हाथठेला दिया जाये। बाकी सभी वार्डो में एक-एक डस्टबीन देवें ताकि सड़क सफाई करने वाली महिला कामगार और नाली सफाई करने वाले पुरुष कामगार को काम करने में सुविधा हो और वह वार्ड की अच्छी तरह से सफाई कर सके। उन्होनें सभी वार्ड के सुपरवाईजरों को निर्देशित कर कहा वार्डो की अच्छी सफाई कर सेनेटाईजिंग अवश्य करायें। ब्लीचिंग, चूना और दवाई कर छिड़काव भी बराबर करवायें।

    दुर्ग / शौर्यपथ / राज्य शासन द्वारा कोविड -19 के टेस्टिंग पद्धति में संशोधन किया गया है, जिसके अनुसार  प्राइमरी कांटेक्ट में समस्त  लक्षण  वाले कांटेक्ट की जांच होना चाहिए और समस्त बिना लक्षण वाले उच्च जोखिम वर्ग में आने वाले प्राइमरी कॉन्टैक्ट जैसे 65 वर्ष से अधिक आयु वर्ग, इम्युनो-कंप्रोमाइस्ड एवं को-मोरबीडाइटीज ग्रस्त जैसे डायबिटीज, उच्च रक्तचाप, कैंसर, किडनी रोग, सिकल सेल इत्यादि से प्रभावित व्यक्ति एवं गर्भवती महिलाओं की जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। गाइडलाइन में इन्फ्लूएंजा लाइक इलनेस (आई.एल.आई) अर्थात बुखार, सर्दी-खांसी अथवा सांस में तकलीफ वाले मरीज एवं सीवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी इंफेक्शन (एस.ए.आर.आई.)जैसे निमोनिया एवं श्वांस रोगी आदि तथा कोविड-19 के लक्षण  वाले जैसे मुंह में स्वाद न आना, सुगंध ना आना, उल्टी या पतले दस्त होना एवं मांसपेशियों में दर्द वाले व्यक्तियों  की जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा दूसरे उच्च जोखिम वर्ग में आने वाले 65 वर्ष से अधिक आयु वर्ग, इम्युनो- कंप्रोमाइस्ड (रोग प्रतिरोधक क्षमता में कमी) एवं को-मोरबीडाइटीज ग्रस्त जैसे डायबिटीज, उच्च रक्तचाप, कैंसर, किडनी रोग, सिकल सेल इत्यादि से प्रभावित व्यक्ति और गर्भवती महिलाओं की भी जांच की जानी चाहिए। गाइडलाइन में यह भी निर्देश दिए गए हैं कि यदि किट के परिणाम लक्ष्णाात्मक रोगी के नेगेटिव हैं, तो ऐसे सभी रोगियों का आवश्यक रूप से आरटी-पीसीआर अथवा ट्रू नॉट परीक्षण किया जाए। 

    दुर्ग / शौर्यपथ / प्रायवेट स्कूलों के द्वारा मांग जा रही फीस को लेकर पूरे प्रदेश में पालकों द्वारा विरोध किया जा रहा है और…

    भिलाई / शौर्यपथ / कोरोना वायरस के संक्रमण के रोकथाम एवं नियंत्रण के तहत घर से बाहर निकलने वाले सभी व्यक्तियों को मास्क लगाना तथा सोशल डिस्टेंस का पालन अनिवार्य रूप से किया जाना है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ निगम प्रशासन सख्त कार्यवाही कर रहा है।
    निगमायुक्त ऋतुराज रघुवंशी के निर्देश पर आज निगम के कर्मचारियों ने विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण किया। निगम के सभी जोन के राजस्व विभाग की टीम सार्वजनिक स्थान पर मास्क से मुंह को कवर किए बिना निकलने वाले व्यक्तियों पर अर्थदंड की कार्यवाही की! निगम की टीम ने बाजार क्षेत्र, दुकानों व ग्राहकों का भी निरीक्षण किया। लोगों के अधिक आवागमन वाले चौक चौराहो का निरीक्षण करते हुए कार्यवाही की गई! आज निगम के विभिन्न क्षेत्रों मे 27 लोगों से 13100 रुपए अर्थदंड वसूला गया! निगम की टीम ने शहर में घूम-घूम कर निरीक्षण करते हुए बिना मास्क लगाए घूमने वालों तथा सार्वजनिक स्थानों पर सोशल डिस्टेंस का उल्लंघन करने वालों पर अर्थदंड की कार्यवाही किए। निगम के जोन क्रमांक 1 की टीम ने 14 लोगों पर कार्यवाही करते हुए 3700 रुपए जुर्माना वसूल किया, जोन क्रमांक 3 मदर टैरेसा नगर क्षेत्र में टीम ने कार्यवाही करते हुए 8 लोगों से 8700 रुपए जुर्माना वसूल किया, जोन क्रमांक 4 वीर शिवाजी नगर की टीम ने 7 लोगों से 700 रुपए जुर्माना वसूल किया!

    भिलाईं / शौर्यपथ / भिलाई इस्पात संयंत्र पीएचडी के उप महाप्रबंधक के.के.यादव ने कहा कि, बड़ी चिन्ता की बात है कि, इतनी कोशिशों के बावजूद कोरोना से मरने वालों की संख्या कम होने का नाम नहीं ले रही है। उन्होंने कहा कि, इतनी मौत क्यों हो रही है कोविड मरीजों की, छत्तीसगढ़ में कोरोना मरीजों की रिकव्हरी रेट मात्र 52 प्रतिशत जो कि, काफी कम है व अति चिंतनीय विषय है। रिकव्हरी रेट दिखा रहा है कि, ट्रीटमेंट व कोविद सेन्टर में एसओपी व डब्लुएचओ के गाईडलाइन्स के तहत मरीजों का इलाज नही हो रहा है, इस से अचानक मरीजों के मौत में इजाफा हो गया है। प्रतिदिन कोरोना संक्रमण के मृत्यु के मामले में दुर्ग जिला दिल्ली से भी आगे निकल गया है। यदि कोई मरीज कोविद हॉस्पिटल में भर्ती हो रहा है तो सर्वप्रथम उसके अन्य बिमारियों का हिस्ट्री रखना जरूरी है जैसे शुगर, ब्लड प्रेशर, हार्ट, किडनी इत्यादि, कोविद इलाज के साथ साथ इन सभी बिमारियों का इलाज भी करना है, 100 प्रतिशत कोविद हॉस्पिटल के बेड हेतु ऑक्सीजन सिलेंडर की व्यवस्था होना चाहिए, कुछ बेड्स में वेंटीलेटर का इंतज़ाम होनी चाहिए, प्रतिदिन डॉक्टर्स की उपस्थित हो, तभी मौत रुक पायेगा, सभी मौतों की डेथ ऑडिट रिपोर्ट बनाया जाना अनिवार्य होना चाहिए, मरीजों के मौत को छत्तीसगढ़ में दो पार्ट में विभाजित किया गया है पहला कोविड डेथ तथा दूसरा एसोसिएटेड को-मॉर्बीडिटी, इसका मतलब साफ है कि, आपके पास मरीजंों का कोविड के अलावा दूसरे बीमारिओं का भी हिस्ट्री है तो उसका इलाज भी किया जाना जरूरी है। तभी मरीजों के मौत को रोका जा सकेगा। कोरोना संक्रमितों को दिया जा रहा मेडिसिन्स का रिव्यु होना चाहिए कि, दवा का कॉम्बिनेशन सही दिया जा रहा है या नहीं, ईसीजी का इंतज़ाम होना चाहिए। जिन हॉस्पिटल्स में इलाज के लिए सहमति दिया गया है, वहांँ भी मेडिकल टीम को निरीक्षण करने चाहिए। जांँच अधिक से अधिक हो। पॉजिटिव मरीजो का मैपिंग होना चाहिए।
    अस्पताल के सभी कोविद वार्ड व आईसीयू में एचईपीए फिल्टर तथा लेमिनार फ्लो इक्वीपमेंट लगाए ताकि वार्ड में उपस्थित डॉक्टर कोविद इन्फेक्शन का शिकार ना हो। उपरोक्त इक्विपमेंट लगाने से भीतर व बाहर में उपस्थित डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ सभी सुरक्षित रहेंगे। कोविड हेतु बेहतर दवाईयांँ जैसे आईवरमेक्टिन 12एमजी तथा फेबिफ्लु जो कि, थोड़े महंगे है जान बचाती है, का उपयोग कोविड मरीजों के लिए किया जाना बेहतर होगा विशेषेगय डॉक्टर्स से कन्फर्म कर ले।
    अभी कई लोगों के मौत के उपरांत भी कोरोना टेस्ट पॉजिटिव आ रहा है। ऐसे केसेस में भी मृत व्यक्तियो के कॉन्ट्रैक्ट पर्सन की ट्रेसिंग किया जाना जरूरी है। ऐसा देखा गया है अभी मौत 30 से 50 वर्षो के लोगो का भी हो रहा है। कम इम्युनिटी पावर वाले लोगों की मौत हो जा रहा है। सावधान रहें, बेवजह बाहर नही निकले, मास्क लगाए, सैनिटाइजिंग करे, साबुन से हाथ धोते रहे, हल्दी दूध पिये, निम्बू पानी पिये, फल खाएं।

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