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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।
बिलासपुर / शौर्यपथ / सेवा सहकारी समितियों के बड़े घोटालों में एक नाम सेवा सहकारी समिति मल्हार का भी है। वर्ष 2013 में इस समिति में 4 करोड़ 76 लाख रुपये का घपला पाया गया था। मात्र एक आरोपी जेल गया और शेष 13 आरोपी फरार हो गए किन्तु पंजीयक सहकारी समिति की जांच हुई, जांच में पांच आरोपियों के खिलाफ प्रकरण चल रहा है जिसमे से मुख्य आरोपी जो जेल यात्रा कर चुका है लगातार अनुपस्तिथि है। साथ ही समिति का कम्प्यूटर ऑपरेटर भी उपस्थित नही होता है। शेष तीन आरोपी जांच कार्य मे अपना जवाब प्रस्तुत करते है, पूरा मामला मल्हार क्षेत्र के एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि की शह पर हुआ था, जिसे इस चुनाव में जनता ने नकार दिया। सहकारी समितियों की जांच तथा पंजीयक की जांच के तरीके अलग-अलग है और दोनों जांच को एक दूसरे से कोई लेना देना नही है, इस बात का लाभ आरोपियों को मिल जाता है। (फोटो धान की बोरी)
बिलासपुर / शौर्यपथ / एक तरफ जिला प्रशासन सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत बीपीएल को दो माह का राशन एक साथ दे रहा है और दूसरी ओर सरकार की योजना को बिलासपुर खाद्य नियंत्रक कार्यालय स्वयं ही पलीता लगा रहा है। विभागीय लोगों पर ग्रामीणों का भरोसा उठ गया है इसी का परिणाम है कि खाड़ा में चोरी का माल महिला स्व सहायता समूह ने पकड़ा और पुलिस के हवाले किया। पूरे मामले खाद्य नियंत्रक कार्यालय कही नजर नहीं आया। चावल तस्करी का पूरा मामला इन दिनों जिले में सुनियोजित तस्करी की तर्ज पर चल रहा है। यहां भी जिस चावल का घपला होना था वह 3 सितंबर को लाया जा चुका था। ग्रामीणों की माने तो चावल तस्करी में जिस ट्रेक्टर का उपयोग हो रहा है वह कांग्रेसी नेता रोशन जायसवाल का है। किंतु ट्रेक्टर पर जो नम्बर दर्ज है उसका मालिक एक आदिवासी है। कुल मिलाकर पीडीएस के क्षेत्र में तस्करों का बड़ा गिरोह काम कर रहा है जिसकी जड़े राइस मिल से होते हुए रेडी टू इट तक पहुचती है। इस प्रकरण में भी खाद्य निरीक्षक पति पत्नी दीवान एक विधानसभा में नियुक्त है और रात में तहसीलदार के बुलाने पर भी नही आये। पुलिस ने कुछ लोंगो को हिरासत में लेकर कोर्ट प्रस्तुत किया। खाद्य नियंत्रक ने बताया कि मामला अभी मेरे तक नही आया है।
बिलासपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ राज्य की कुल वर्ग किमी क्षेत्र पर में से बड़े क्षेत्र में कोयले को भंडार है, पानी है और जंगल है, इसलिए छत्तीसगढ़ में पिछले चार दशकों से कोयला खनन की गतिविधियां सतत जारी है। साथ ही विधुत उत्पादन कंपनियों ने भी अपनी इकाइयां स्थापित की। इनमें अब तक केंद्र एवं राज्य सरकार की मुख्य थी। किन्तु अब बदले हुए नियम के कारण कोल सेक्टर का पूर्णतः निजीकरण हो जाएगा। एसे में छत्तीसगढ़ के जंगल और किसान दोनों सीधे प्रभावित होंगे। किन्तु उदासीन जनप्रतिनिधित्व और जागरूकता की कमी के कारण छत्तीसगढ़ में प्रकृतिक संसाधनों की लूट खसोट को रोकना कठिन होगा और बड़ी शक्तिशाली निजी कंपनियों के सामने जनता लूटने के लिए मजबूर होगी। इस सब के बावजूद राज्य के भीतर राजनैतिक दल अथवा श्रमिक संगठन में से कोई भी आज आवाज उठाने तैयार नही है। भारत मे कुल सेक्टर ने निजीकरण भी देखा राष्ट्रीकरण भी देखा और फिर से निजीकरण को भी देखेगा। 2013 में यूपीए जिसका नेतृत्व कांग्रेस के पास था ने पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकार और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 पारित हुआ । यह एक ऐसा कानून है जो किसान के पक्ष में है और पंचायत को मजबूत करता है। इसके अतिरिक्त देश में भूमि अधिग्रहण के 13 और कानून है जो सड़क, नहर, रेल, टावर, टावर लाइन लगाने के लिए उपयोग में लाये जाते है। इन सबके के साथ 1957 के कानून कोल बियरिंग एरिया अधिग्रहण एयर विकास अधिनियम पर चर्चा जरूरी है जो कि छत्तीसगढ़ में कोई नही करता। विकास अधोसंरचना निर्माण जरूरी है, पर सहभागिता और पारदर्शिता के साथ। साथ मे मानवतावाद जिसमे मानववाद के साथ जिसमे पशुपक्षी जल चर भी जुड़े। तभी सच्चे अर्थों में जल, जंगल और जमीन का सही उपयोग होगा। 2013 का कानून 1957 के कानून को समाप्त नही करता अब सवाल यह है कि 1957 का कानून केंद्र सरकार की कंपनी के हित में भूमि अधिग्रहण के लिए था अब इसी कानून से निजी कंपनियों के लिए जमीन का अधिग्रहण होगा। जानकारी यह कहती है कि छत्तीसगढ़ में 40 कोल ब्लॉक के लिए 60000 हेक्टर अथवा एक लाख 50 हजार एकड़ जमीन का अधिग्रहण होगा, और छत्तीसगढ़ के 150 आदिवासी बाहुल्य गांव सीधे प्रभावित होंगे। इतनी बड़ी विप्पलवपारी योजना के लागू होने के बाद छत्तीसगढ़ का गठन का उद्देश्य ही समाप्त हो जाता है।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / खैरागढ़ क्षेत्र में अवैध शराब के विक्रय और परिवहन की रोकथाम को लेकर जालबांधा पुलिस के अभियान में गातापार जंगल थाने में पदस्थ आरक्षक सहित दो अन्य आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपितों से 42 पव्वा देशी शराब और वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल सीजी 08 एएन 4507 जप्त कर आबकारी एक्ट की धारा 34/2 के तहत कारवाई कर जेल भेज दिया है। इधर एसपी डी. श्रवण ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपित आरक्षक को सस्पेंड कर दिया है। पुलिस ने बताया कि जालबांधा चौकी प्रभारी हेमवंत चंद्राकर के साथ सिपाहियों ने रंगकठेरा गॉव से पहले केकराजबोड़ रोड मोड़ पर नाकाबंदी कर रात साढ़े दस बजे तेज गति से आती मोटर साइकिल को रोककर तलाशी ली, तो उसमे सवार उत्तम पिता नारायण वर्मा 55 साल रंगकठेरा, महेश पिता राजू यादव 26 साल किल्लापारा खैरागढ़ और आरक्षक रूपेश पिता जगदीश भोई 36 साल भोथलडीह सरायपाली के पास से बैग में देशी शराब 42 पाव कीमत लगभग 33 सौ 60 रूपए जप्त किया। वही वारदात मे प्रयुक्त मोटरसाइकिल की भी जप्ती बनाकर तीनों आरोपितों के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 34/2 के तहत कारवाई करते हुए जेल भेज दिया है।
आरोपित रूपेश भोई गातापार जंगल थाने में पदस्थ पुलिस जवान है। जिसका कुछ दिन पहले ही शहर से हटाकर गातापार जंगल थाने में पोस्टिंग की गई है और वो बीते कई दिनों से गैरहाजिर चल रहा था। पुलिस जवान के शराब तस्करी में लिप्त होने की जानकारी सामने आने से विभाग में खलबली मच गई है। पता चला है कि उक्त जवान शराब का आदी था और बीते कई दिनों से इसी लत के चलते थाने से गायब था। देर रात जालबांधा चौकी पुलिस की कारवाई मे उसके सपड़ाने से पुलिस से होश उड़ गए, लेकिन अपराध रोकने की दिशा में तत्परता दिखाते हुए पुलिस ने बिना लाग.लपेट के कार्रवाई कर यह साबित कर दिया है कि अपराध करने वाला चाहे उनके ही विभाग का क्यों ना हो उनकी नजरों और कारवाई से ज्यादा दिन बच नहीं पाएगा।
० कलेक्टर ने कोविड-19 की रोकथाम के संबंध में किए जा रहे कार्यों की दी जानकारी
० राज्य शासन द्वारा होम आईसोलेशन एवं समय-समय पर दी जा रही मदद की जानकारी दी
० नई दिल्ली की टीम ने कोविड-19 के सैम्पल टेस्टिंग की संख्या बढ़ाने के लिए कहा
० नई दिल्ली की टीम ने राजनांदगांव जिले के नागरिकों की उदारता की सराहना की, कहा किसी भी अन्य जिले में ऐसा नहीं देखा
० दानदाताओं द्वारा प्राप्त एक करोड़ 30 लाख रूपए की राशि का उपयोग मेडिकल कॉलेज के लिए किया जा रहा
राजनांदगांव / शौर्यपथ / स्वास्थ्य मंत्रालय भारत शासन से आए टीम के डिप्टी डायरेक्टर एनसीडीपी नई दिल्ली के डॉ. अनुभव श्रीवास्तव, आईसीएमआर नई दिल्ली के डॉ. अभिनव, सफदरजंग हॉस्पिटल नई दिल्ली की प्रोफेसर डॉ. गीता यादव एवं स्वास्थ्य संचालनालय रायपुर के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. नेतराम बेक ने कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा एवं पुलिस अधीक्षक दाउलुरी श्रवण से कलेक्टोरेट सभाकक्ष में कोविड-19 के संबंध में चर्चा की। कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा ने कहा कि कोविड-19 संक्रमण से मरीज बढ़ने के कारण नगर पालिक निगम राजनांदगांव क्षेत्र को कंटेंटमेंट जोन घोषित किया गया है तथा आपातकालीन सेवाएं आरंभ है। छत्तीसगढ़ शासन की ओर से होम आईसोलेशन की अनुमति दी गई है और इसके लिए दिशा-निर्देश दिए गए हैं। असिम्टमेटिक होने पर भी हाइ रिस्क के डायबिटिज, ब्लडपे्रशर एवं अन्य गंभीर बीमारी के मरीजों एवं बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओें को होम आईसोलेट नहीं करना है। उन्होंने बताया कि राजनांदगांव अंतर्राज्यीय सीमा महाराष्ट्र एवं मध्यप्रदेश से लगा हुआ है। जिसकी वजह से ज्यादा आवागमन होने से मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई। बागनदी बार्डर पर बड़ी संख्या में छत्तीसगढ़, ओड़िशा, पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखण्ड के श्रमिकों को राज्य शासन की मदद से बस की व्यवस्था कर उनके गंतव्य स्थल तक पहुंचाया गया। उन्होंने बताया कि राज्य शासन की ओर से कोविड-19 के लिए समय-समय पर मदद की जा रही है। उन्होंने राजनांदगांव जिले में दान दाताओं द्वारा प्राप्त एक करोड़ 30 लाख रूपए की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस दान की राशि का उपयोग कोविड-19 मेडिकल कॉलेज के लिए किया जा रहा है। नई दिल्ली से आई टीम ने राजनांदगांव जिले के नागरिकों की प्रशंसा करते हुए कहा कि यहां के लोग उदार एवं दयालु है और हमने किसी भी जिले में ऐसा नहीं देखा।
कलेक्टर वर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि यह जिले के लिए सौभाग्य की बात रही कि कोविड-19 हॉस्पिटल की अधोसंरचना समय पर पूर्ण हुई। जिससे इस कठिन समय में बड़ी मदद मिली। कोविड-19 हॉस्पिटल में शीघ्र ही 400 बेड करने का कार्य किया जाएगा। उन्होंने बताया कि यहां के समाज सेवी संस्थानों द्वारा कोविड-19 सेन्टर के रूप में सहयोग प्रदान किया जा रहा है। उदयाचल एवं महाजनबाड़ी में निःशुल्क सेवाएं प्रदान की जा रही है। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन की ओर से नर्स एवं स्टॉफ को भोजन की व्यवस्था की जा रही है। लॉकडाउन के समय में भी बच्चों को टेक होम राशन दिया गया। पुलिस अधीक्षक डी श्रवण ने बताया कि कोविड-19 संक्रमण के प्रति जागरूकता लाने के लिए ऑपरेशन मास्क स्ट्रीट प्रारंभ किया गया है। जिसके तहत लोगों को जागरूक किया जा रहा है और व्यापारियों को भी यह समझाया जा रहा है कि मास्क लगाकर आने वाले ग्राहकों को ही सामग्री प्रदान करें। जिससे लोग मास्क लगाने को अपने जीवन शैली में अपना सके।
नई दिल्ली से आई टीम ने कहा कि कोविड-19 के सैम्पल टेस्टिंग और बढ़ाएं। इसके साथ ही गंभीर केस के लिए आईसीयू की संख्या भी बढ़ाएं। उन्होंने बताया कि उदयाचल कोविड-19 केयर सेन्टर का निरीक्षण किया गया। वहां मरीजों की सतत मॉनिटरिंग करते रहें। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथलेश चौधरी ने बताया कि उदयाचल कोविड-19 केयर सेन्टर में मल्टीपर्पस मेडिकल वर्कर की ड्यूटी लगाई गई है। जैसे ही मरीजों में कोरोना के लक्षण प्रकट होंगे उन्हें कोविड-19 हॉस्पिटल में भर्ती किया जाएगा। टीम ने स्वच्छता पर ध्यान देने तथा मरीजों के लिए यलो बैग देने को कहा। टीम के सदस्यों ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों विशेषकर आदिवासी क्षेत्रों में कोविड-19 की जागरूकता के लिए प्रयास करें। इस अवसर पर अपर कलेक्टर सीएल मारकण्डेय, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथलेश चौधरी, एसडीएम राजनांदगांव मुकेश रावटे, डीपीएम गिरीश कुर्रे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / राष्ट्रीय पोषण माह के अंतर्गत राजनांदगांव जिले में जागरूकता से संबंधित विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। पोषण माह एक सितंबर से शुरू हो चुका है, जो 30 सितंबर तक मनाया जाएगा। इस दौरान गर्भवती, धात्री महिलाओं व शिशुओं के बेहतर स्वास्थ्य के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। साथ ही गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य परामर्श के साथ ही टीकाकरण भी किया जा रहा है।
पोषण माह के अंतर्गत जिले के डोंगरगांव व मानपुर परियोजना अंतर्गत कई गांवों में कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान रामपुर सेक्टर के संबलपुर और मरेठा नवागांव की मितानिन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व पर्यवेक्षक की टीम ने हितग्राहियों को पोषण से संबंधित विभिन्न जानकारी देने हेतु गृह भ्रमण किया। साथ ही महिलाओं व बच्चों को पोषण से संबंधित अहम जानकारी भी दी गई।
पोषण माह कार्यक्रम के दौरान यहां स्थानीय फलों व सब्जियों की प्रदर्शनी लगाकर हितग्राहियों को इसके फायदे बताए गए। दिघवाड़ी सेक्टर में महिलाओं को बताया गया कि पपीता में विटामिन-सी तथा मुनगा भाजी में आयरन होता है, इसलिए महिलाओं को आहार के रूप में पपीता और मुनगा भाजी का सेवन जरूर करना चाहिए। इस पर महिलाओं ने बताया कि मुनगा भाजी या पपीता तो वे आमतौर पर खाती ही हैं, लेकिन सेहत के लिए यह इतना ज्यादा फायदेमंद हैए यह बात उन्हें अब पता चली है।
इसी तरह डोंगरगांव परियोजना के ग्राम ओड़ारबांध में पोषण दिवस मनाया गया। इस अवसर पर यहां पर हाथ धुलाई एवं स्वच्छता कॉर्नर, स्वास्थ्य जांच कॉर्नरए परिवार नियोजन कॉर्नर व पोषण कॉर्नर बनाकर निर्धारित सेवाओं से हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया। हाथ धुलाई कॉर्नर में आंगनबाड़ी सहायिका ललिता ने सभी हितग्राहियों का पानी और साबुन से हाथ धुलाया। उन्होंने हाथ धुलाई के विभिन्न चरणों का प्रदर्शन भी किया और बताया कि हाथ धोना सेहत के लिए अच्छा होता है। इससे खाने-पीने के दौरान कीटाणु शरीर में नहीं पहुंच पाते। स्वास्थ्य जांच कार्नर में एएनएम ने गर्भवती माताओं की जांच की। इस दौरान बच्चों का टीकाकरण कर आवश्यक दवा उपलब्ध कराई गई। परिवार नियोजन कॉर्नर में मितानिन दीदी द्वारा परिवार नियोजन हेतु आवश्यक साधनों को रखा गया। पोषण कॉर्नर में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा स्थानीय तौर पर उपलब्ध मौसमी हरी सब्जियोंए फलों, रेडी-टू ईट-फूड के विभिन्न व्यंजन रखकर इसके फायदे बताए।
इस संबंध में महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी रेणु प्रकाश ने बताया कि राष्ट्रीय पोषण माह को जिले में एक जन आंदोलन के रूप में मनाया जा रहा है। विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं और शिशुओं के अच्छे स्वास्थ्य के लिए विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जा रहा है। महिलाओं और शिशुओं का स्वास्थ्य जांचकर पोषण के लिए उन्हें सजग किया जा रहा है। गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं, 6 माह से ज्यादा उम्र के बच्चों की देखभाल या स्तनपान के साथ ही छोटे बच्चों के पूरक आहार के बारे में विस्तृत जानकारी दी जा रही है।
मुनगा के फायदे...
ऐसा माना जाता है कि मुनगा की 100 ग्राम पत्तियों में 5 गिलास दूध के बराबर कैल्शियम होता है। साथ ही एक नींबू की तुलना में इसमें 5 गुना ज्यादा विटामिन सी पाया जाता है। इसकी पत्तियों में कैल्शियम और विटामिन-सी के साथ ही प्रोटीन, पोटैशियम, आयरन, मैग्नीशियम और विटामिन-बी कॉम्पेक्स की भरपूर मात्रा मिलती है। गर्भावस्था दौरान मुनगा फल या इसकी फूलों की सब्जी का सेवन महिलाओं और शिशु के लिए काफी फायदेमंद हो सकता है।
पपीते में विटामिन-सी
वैज्ञानिक शोधों से पता चला है कि कच्चे पपीते में विटामिन-सी 40 से 90 मि.ग्रा. अधपके पपीते में 50 से 90 मि.ग्रा. और पके पपीते में 60 से 140 मि.ग्रा. होता है। इसमें शर्करा और विटामिन-सी मई से अक्टूबर महीने तक अधिक होता है। पपीते में विटामिन बी1 व बी2 भी कुछ मात्रा में होता है।
रायपुर / शौर्यपथ / कांग्रेस ने देश भर में बढ़ रहे कोरोना के प्रकोप से निपटने में केंद्र सरकार को विफल और उदासीन बताया है।प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि मोदी सरकार अपने संघीय दायित्वों के निर्वहन में पूरी तरह नाकाम साबित हो रही है ।कोरोना वैश्विक महामारी है ।यह महामारी पूरी दुनिया के साथ भारत मे फैली है ।इस वैश्विक महामारी से निपटने में शुरुआती दौर को छोड़ दिया जाय तो केंद्र सरकार राज्यो पर जबाबदारी डाल कर खुद पल्ला झाड़ चुकी है ।केंद्र सरकार ने संकट के समय देश की जनता को अकेले छोड़ दिया राज्य सरकार अकेले के दम पर इस महामारी से लड़ रही हैं। दुनिया के दूसरे देशों अमेरिका,ब्रिटेन ,फ्रांस,ब्राजील ,जर्मनी आदि ने इस महामारी से एक राष्ट्र के तौर पर सामना किया और सफल भी हो रहे भारत मे मोदी सरकार ने इस लड़ाई राज्यो में बांट दिया एक राष्ट्रीय आपदा के तौर पर लड़ाई शुरू ही नही की गई।
कांग्रेस प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि दुर्भाग्य पूर्ण है कि छत्तीसगढ़ के 9 भाजपाई सांसद भी राज्य की जनता के प्रति अपने कर्तब्य को भूल गए है ।केंद्र सरकार से कोरोना की लड़ाई में राज्य को मदद दिलवाने में कोई दिलचस्पी नही ले रहे । आपदा काल मे देश महामारी नियंत्रण अधिनियम लागू है ऐसे में महामारी से निपटने की पूरी जबाबदारी संघीय सरकार की है।केंद्र अपनी जिम्मेदारी से भाग रहा है ।कोरोना के मरीजो का मुफ्त इलाज करवाने की पूरी जबाबदेही केंद्र सरकार की बनती है ।केंद्र सरकार देश भर में कोरोना मरीजो के इलाज और उसके टेस्ट दवाइयों आदि के खर्च की पूरी व्यवस्था करवाये।इलाज की मॉनिटरिंग करवाये लेकिन मोदी सरकार कुछ नही कर रही है।
कांग्रेस प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि आज देश मे 43 लाख से अधिक मरीज हो चुके है ।रोज लगभग एक लाख मरीज बढ़ रहे है ।अभी तक कोविड के प्रकोप से भारत मे 73 हजार लोगों की जाने जा चुकी है इन सबके बावजूद मोदी सरकार बेफिक्र बनी हुई है ।जब देश मे मात्र 5000 मरीज थे तब तो लॉक डाउन और कोरोना से बचाव के लिए प्रधानमंत्री सहित पूरी केंद्र सर चिंतित होने का ढोंग कर रही थी ।आज बिगड़ते हालात और बढ़ते केस के बीच केंद्र सरकार अन लॉक के नियम जारी कर कौन कौन से संस्थान कब कैसे खुलेंगे ।सिनेमा घर माल मल्टीप्लेक्स जिम क्लब कैसे फिर शुरू हो मोदी सरकार इसके लिए एडवायजरी जारी करने में व्यस्त है।
कांग्रेस प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि मोदी सरकार को कोविड से देश के जनता की बचाव की कोई फिक्र नही है देश भर की राज्य सरकारे अकेले जूझ रही है मोदी सरकार इस संकट के समय शुतुरमुर्ग के समान समस्या से भाग रही है।
रायपुर / शौर्यपथ/ भाजपा नेताओं के द्वारा राज्य सरकार के कोविड-19 नियंत्रण करने के उपायों में कमियां निकाल कर सुझाव देने की जा रही अवसरवादिता की ओछी राजनीति पर कांग्रेस ने प्रतिक्रिया व्यक्त की । प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सरकार कोविड-19 महामारी के रोकथाम एवं इलाज के लिए केंद्र सरकार से तय मापदंडों का पालन कर रही है। छत्तीसगढ़ी और देश के समस्त राज्यों में भी केंद्र सरकार से तय कोविड-19 के मापदंडों का ही पालन किया जा रहा है।ऐसे में भाजपा के नेता राज्य सरकार के उपायों में कमियां निकाल कर सुझाव देने का दिखावा करने की अवसरवादिता की ओछी राजनीति करना बंद करे।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने भाजपा नेताओं से पूछा क्या मोदी सरकार के द्वारा कोविड-19 से बचाव एवं ईलाज के लिए तय किए गये मापदंडों में कुछ कमी है?क्या राज्य सरकार को मोदी सरकार के कोविड 19 के बचाव के उपायों पर अमल नही करना चाहिए?क्या भाजपा नेताओं के पास मोदी सरकार के द्वारा देशभर के लिए तय की गई कोविड 19 के बचाव के मापदंड से बेहतर उपाय है? भाजपा नेता इन उपायों को मोदी सरकार को क्यो नही देते? कोरोना महामारी काल में लॉक डाउन वन से लेकर अनलॉक तक में क्या खुलेगा क्या बंद रहेगा ये तो केंद्र सरकार तय कर रही है।राज्य सरकार उसका पालन कर रही है।ऐसे में भाजपा के नेता सहयोग करने बजाये बस स्तरहीन राजनीति है।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सरकार के 19 महीने के कार्यकाल के बाद छत्तीसगढ़ में भाजपा नेता मुद्दों के दिवालियापन के दौर से गुजर रहे है।कोरोना आपदा काल में भी भाजपानेता लगातार राजनीति करने के अवसर तलाश रही है।छत्तीसगढ़ में 30 डेडीकेटेड हॉस्पिटल में 3385 बिस्तर,178 कोविड-केयर में 21500 बिस्तर,आईसीयू, वेंटिलेटर टेस्टलैब और एंबुलेंस आरटीपीसीआर टेस्ट,रैपिड टेस्ट,ऑक्सीमीटर, पॉजिटिव पाये गये मरीजो के लिए आवश्यक दवाईयां खाने पीने का प्रबंध किया गया है।इसके अलावा रायपुर जिला में 10 हजार अतिरिक्त बेड और दुर्ग रायगढ़ बिलासपुर राजनंदगांव में दो-दो हजार अतिरिक्त बेड की व्यवस्था की जा चुकी है।
राजनांदगांव / शौर्यपथ /कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी टोपेश्वर वर्मा ने आदेश जारी किया है कि कोरोना संक्रमित व्यक्ति की मृत्यु होने पर उसका अंतिम संस्कार उसी गांव के निर्धारित मुक्तिधाम में किया जाएगा, जिस गांव का वह निवासी है। आदेश में कहा गया है कि मृतक व्यक्ति नगरीय निकाय क्षेत्र के निवासी होने पर उनके वार्ड के लिए पूर्व निर्धारित मुक्तिधाम में ही अंतिम संस्कार किया जाएगा। कोविड-19 संक्रमित व्यक्ति की मृत्यु होने की स्थिति में उसके पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार शासन द्वारा जारी प्रोटोकॉल के अनुसार किया जाएगा।
राजनांदगांव नगर पालिक निगम क्षेत्र के कोविड-19 संक्रमित व्यक्ति की मृत्यु होने पर वार्ड क्रमांक 1, 2 एवं 3 के लिए वार्ड नंबर 1 बजरंगपुर नवागांव सेनीटेशन पार्क रोड मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार किया जाएगा। इसी तरह वार्ड नंबर 4 एवं 10 के लिए वार्ड नंबर 4 पुराना ढाबा मुक्तिधाम, वार्ड नंबर 5, 6, 11, 12, 13 के लिए वार्ड नंबर 5 चिखली मुक्तिधाम, वार्ड नंबर 1 से 13 के लिए वार्ड नंबर 7 मोतीपुर रामनगर कब्रस्तान, वार्ड नंबर 7, 8, 16, 17, 18 के लिए वार्ड नंबर 8 मोतीपुर ढाबा रोड मुक्तिधाम, वार्ड नंबर 9, 10 के लिए वार्ड नंबर 9 शंकरपुर नाला के पास मुक्तिधाम, वार्ड नंबर 20, 21 के लिए वार्ड नंबर 20 पेण्ड्री आईएचएसडीपी मुक्तिधाम, वार्ड नंबर 22 के लिए वार्ड नंबर 22 रेवाडीह मुक्तिधाम, वार्ड नंबर 1 से 51 के लिए वार्ड नंबर 23 इसाई कब्रस्तान गौशाला पिंजरा पोल के पास, वार्ड नंबर 14,15, 19, 23, 24, 25, 26, 28, 29, 30, 37, 38,39, 40, 41, 48 के लिए वार्ड नंबर 31 लखोली मठपारा रोड मुक्तिधाम (मुख्य मुक्तिधाम), वार्ड नंबर 1 से 51 के लिए वार्ड नंबर 31 मुस्लिम (मुख्य कब्रस्तान), वार्ड नंबर 1 से 51 के लिए वार्ड नंबर 31 इसाई (मुख्य कब्रस्तान), वार्ड नंबर 1 से 51 के लिए वार्ड नंबर 31 बोहरा (मुख्य कब्रस्तान), वार्ड नंबर 31, 32, 33, 35, 36 के लिए वार्ड नंबर 33 बैगापारा एसएलआरएम सेन्टर के पास मुक्तिधाम, वार्ड 34 के लिए वार्ड नंबर 34 कन्हारपुरी जंगलेशर रोड मुक्तिधाम, वार्ड नंबर 34 के लिए वार्ड नंबर 34 कन्हारपुरी मुस्लिम कब्रस्तान, वार्ड नंबर 42, 43, 44, 45, 46 के लिए वार्ड नंबर 45 कौरिनभाठा गोकुल नगर एसएलआर सेन्टर के पास, वार्ड नंबर 47 के लिए वार्ड नंबर 47 मोहारा शिवनाथ नदी के किनारे मुक्तिधाम, वार्ड नंबर 49 के लिए वार्ड नंबर 49 मोहड़ आक्सीजोन के पास मुक्तिधाम, वार्ड नंबर 50 के लिए वार्ड नंबर 50 सिंगदई इटभ_ा के पास नदी के किनारे के पास मुक्तिधाम तथा वार्ड नंबर 51 के लिए वार्ड नंबर 51 हल्दी गौठान के पास मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार के लिए चयन किया गया है।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / राज्य शासन के निर्देशानुसार एवं कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा के आदेश पर जिले में आंगनबाड़ी केन्द्रों का संचालन 15 सितम्बर से आरंभ किया जाना है। जिसके लिए आंगनबाड़ी केन्द्रों में साफ-सफाई एवं सेनेटाईजेशन का कार्य किया जा रहा है। आंगनबाड़ी केन्द्रों के माध्यम से दोपहर का पोषण आहार पहले की तरह गरम भोजन के रूप में प्रदाय किया जाएगा एवं आंगनबाड़ी केन्द्रों में आयोजित होने वाले स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस का संचालन किया जाएगा। दो माह का सूखा राशन (टीएचआर) पहले ही वितरण किया जा चुका था, इसलिए 15 सितम्बर से आंगनबाड़ी केन्द्रों का संचालन किया जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि कोविड-19 के कारण 14 मार्च 2020 से आंगनबाड़ी केन्द्रों का संचालन बंद रखते हुए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा हितग्राहियों के घर पहुंचाकर सूखा राशन प्रदाय किया जा रहा है। बच्चों के पोषण स्तर को बनाये रखने एवं स्वास्थ्य सुविधा के लिए वर्तमान व्यवस्था प्रभावी नहीं है अर्थात् इस वर्तमान व्यवस्था में कुपोषण के स्तर में कमी लाने में कठिनाई होगी। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वे चरण-4 में जिले में कुपोषण की दर 36 प्रतिशत (कम वजन) रही है। अंतर्राष्ट्रीय एजेंसिया - विश्व स्वास्थ्य संगठन, यूनिसेफ जैसी संस्थाओं का मानना है कि कोविड-19 के कारण कुपोषण में बढ़ोतरी हो सकती है। कुपोषण की रोकथाम के लिए कारगर कदम उठाये जाने की आवश्यकता है। चूंकि स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी सुविधा अति आवश्यक है, छत्तीसगढ़ में आंगनबाड़ी केन्द्रों में स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस तथा गरम भोजन प्रारंभ करने के लिए मुख्यमंत्री से अनुमोदन प्राप्त किया गया है।
सभी आंगनबाड़ी केन्द्र खोले जाएंगे पर जो कंटेनमेंट जोन में आते हो अथवा जिला प्रशासन द्वारा बंद रखने का निर्णय लिया गया है उन क्षेत्रों में केन्द्र संचालित नहीं होगा। 5 सिम्बर से 14 सितम्बर के मध्य केन्द्र प्रारंभ करने के पूर्व भवन का सेनिटाईजेशन किया जाएगा एवं केन्द्र के खोलने के बाद कोविड-19 के प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
भोजन तैयार करने हेतु निर्देश -
गरम भोजन तैयार करने के दौरान खाद्य स्वच्छता हेतु दिशा-निर्देशों का पालन किया जाए। रसोइयां द्वारा मास्क का उपयोग किया जायें। बीमार होने की स्थिति में भोजन तैयार नहीं किया जायें। खाद्य पदार्थ की आपूर्ति के दौरान सावधानियां बरती जायें। बर्तन को साफ रखा जाये। कम से कम अथवा बिना संपर्क में आये भोजन परोसा जाये।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा ने आज एबीस ग्रुप द्वारा संचालित इंदामारा स्थित अजीज पब्लिक स्कूल में नि:शुल्क कोविड-19 सेन्टर का निरीक्षण किया। कलेक्टर श्री वर्मा ने कहा कि एबीस ग्रुप द्वारा कोरोना संक्रमण के कठिन दौर में लोगों की भलाई के लिए किया जा रहा यह सहयोग सराहनीय है। इस अवसर पर एबीस ग्रुप के प्रबंध निदेशक श्री बहादुर अली मौजूद थे। कलेक्टर ने कहा कि मरीजों को सीसीटीवी कैमरा एवं माइक के माध्यम से निर्देश दिया जाए। सेन्टर में जिन कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी वे पूरा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए कार्य करें। इस सेन्टर में केवल बिना लक्षण वाले मरीजों को रखा जाएगा। उन्होंने कोविड-19 सेन्टर की तारीफ करते हुए कहा कि शहर से दूर होने तथा आसपास के प्राकृतिक सौंदर्य से मरीजों को अच्छा वातावरण मिलेगा। उन्होंने मेडिकल स्टाफ के लिए बनाए रूम का भी निरीक्षण किया।
आईबी ग्रुप के डायरेक्टर अंजुम अल्वी ने बताया कि 250 बेड के इस सेन्टर में कोविड-19 के मरीजों को नि:शुल्क सेवा प्रदान की जाएगी। सेन्टर में नाश्ता, भोजन, पेयजल, सीसीटीवी कैमरा, माइक तथा मोबाईल चार्जिंग तथा सेनेटाईजर की नि:शुल्क व्यवस्था की गई है। मरीजों के लिए भोजन बनाने की व्यवस्था स्कूल किचन में ही की गई है। सेन्टर में 24 घंटे 2 एम्बुलेंस सेवा भी उपलब्ध रहेगी। जिससे आवश्यकता पडऩे पर मरीजों को मेडिकल कॉलेज में रेफर किया जा सके। निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथलेश चौधरी, एसडीएम राजनांदगांव श्री मुकेश रावटे उपस्थित थे। इस अवसर पर एबीस ग्रुप के एचआर प्रमुख अजीथ मणि, प्लांट मैनेजर पुष्पेन्द्र श्रीवास्तव, वेलनेस ऑफिसर दीपेश शेन्डे, अजीज पब्लिक स्कूल इंचार्ज सद्दाम रंगरेज, हाउसकिपिंग इंचार्ज गौरव मेश्राम उपस्थित थे।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी टोपेश्वर वर्मा ने नगर पालिक निगम क्षेत्र राजनांदगांव के अंतर्गत कृषि केन्द्रों को सुबह 7 बजे से शाम 4 बजे तक खोले जाने की अनुमति प्रदान की है। वर्तमान में कोविड-19 संक्रमण की बढ़ती संख्या को दृष्टिगत रखते हुए नगर पालिका निगम क्षेत्र राजनांदगांव को कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया है। साथ ही व्यवसायिक प्रतिष्ठानों को बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। किसानों द्वारा फसलों में अनेक प्रकार के कीट इत्यादि लगने से नुकसान होने की संभावना को देखते हुए कृषि केन्द्रों को खोले जाने की अनुमति देने के लिए निवेदन किया गया है।
जारी आदेश में कहा गया है कि कृषि केन्द्र में कृषि कार्य संबंधी सामग्री के अलावा अन्य कोई भी सामान विक्रय नहीं किया जाएगा। प्रतिष्ठानों पर सोशल डिस्टेंसिंग के पालन की जिम्मेदारी व्यवसायी की होगी। दुकानदार व ग्राहकों को मास्क का उपयोग एवं प्रतिदिन व्यवसायिक प्रतिष्ठान को सेनिटाईज किया जाना सुनिश्चित किया जाएगा। निर्देशों का पालन न करने अथवा समयावधि के बाद दुकान खुली पाए जाने पर संबंधित व्यवसायी के विरूद्ध आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 एवं दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 188 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
