
CONTECT NO. - 8962936808
EMAIL ID - shouryapath12@gmail.com
Address - SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
Google Analytics —— Meta Pixel
दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्ग निगम के महापौर बाकलीवाल की पहल व विधायक वोरा के दिशानिर्देश में शहर के बीमार और दुर्घटना ग्रस्त मवेशियों की बेहतर ईलाज के लिए जल्द से जल्द टिचिंग वेटनरी हॉस्पिटल प्रारंभ किया जा रहा है। इस वेटेनरी हॉस्पिटल के प्रारंभ होने से शहर सहित गौठान में रहने वाले मवेशियों को बेहतर इलाज की सुविधा मिल सकेगी . महापौर धीरज बाकलीवा द्वारा छत्तीसगढ़ कामधेनु विश्वविद्यालय पशु चिकित्सा एवं पशुपालन महाविद्यालय के डाक्टरों से आज विशेष चर्चा किये।
चर्चा के दौरान महापौर बाकलीवाल ने डाक्टरों को बताया कि माननीय विधायक जी की मंशा है कि शहर के मवेशियों को बेहतर चिकित्सा सुविधा प्राप्त हो । उन्होनें बताया शहर में पकड़े जाने वाले आवारा मवेशियों के साथ ही दुर्घटना ग्रस्त होने वाले मवेशियों की अकाल मौत हो जा रही है। निगम द्वारा एैसे मवेशियों की सूचना पर निगम अमला उसे उठाती है। उन्होनें कहा शहर में बीमार मवेशी और दुर्घटना ग्रस्त मवेशी किसी बीमारी या अन्य कारण से न मरे इसके लिए व्यवस्था किया जाना है।
उन्होंने यह भी बताया कि नगर निगम द्वारा चार स्थानों पर गौठान स्थापित किया जा रहा हैं जहॉ अधिक संख्या में मवेशी एकत्र होगें। मवेशियों की स्वास्थ्य सुरक्षा को किसी भी प्रकार से तकलीफ ना हो इसकी तैयारी पहले से किया जाना आवश्यक है।
चर्चा के दौरान डाक्टरों ने जानकारी देते हुये बताया कि महिला समृद्धि बाजू से पशु चिकित्सा एवं पशु पालन महाविद्यालय की ओर टिचिंग वेटनरी हास्पीटल शीघ्र ही शुरु किया जा रहा है। जहॉ मवेशियों की शल्य क्रिया एवं बांझपन, के अलावा एक्सरे, ईसीजी जांच, पेशाब जांच, आंख, कान आदि की जांच, अन्य होने वाली बिमारियों की जांच कर उसका निदान किया जावेगा।
यह कार्य पशु चिकित्सा एवं पशु पालन महाविद्यालय के सर्जरी, मेडिसीन, गायनेकोलाजी के विशेषज्ञों द्वारा की जाएगी। तथा छत्तीसगढ़ कामधेनु विश्वविद्यालय अंजोरा के अधीन संचालित किया जावेगा ।
मुख्यमंत्री ने सपरिवार कौशल्या माता मंदिर में पूजा अर्चना कर प्रदेश की सुख समृद्धि की कामना की , छत्तीसगढ़ सरकार ने राम वन गमन पर्यटन परिपथ में प्रस्तावित 09 स्थलों के विकास के लिए बनाया है 137.45 करोड़ का कान्सेप्ट प्लान ,चंदखुरी मंदिर के सामने बायपास सड़क की स्वीकृति: राष्ट्रीयकृत बैंक की शाखा भी खुलेगी , पर्यटकों की सुविधा के लिए स्थलों में पेयजल, शौचालय, विद्युतीकरण, रेस्टोरेंट, पहुंच मार्ग बनाये जाएंगे , मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर में लगाया बेल का पौधा
रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ में राजधानी रायपुर के समीप माता कौशल्या की जन्मभूमि चंदखुरी में शीघ्र ही भव्य मंदिर का निर्माण शुरू हो जाएगा। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज धर्मपत्नी श्रीमती मुक्तेश्वरी बघेल और परिवार के सदस्यों के साथ चंदखुरी पहुंचकर वहां स्थित माता कौशल्या के प्राचीन मंदिर में पूजा-अर्चना की और प्रदेश की खुशहाली और समृद्धि की कामना की। उन्होंने मंदिर के सौन्दर्यीकरण और परिसर के विकास के लिए तैयार परियोजना की विस्तृत जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि मंदिर के सौन्दर्यीकरण के दौरान मंदिर के मूलस्वरूप को यथावत रखते हुए यहां आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधाओं का विशेष रूप से ध्यान रखा जाए।

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ सरकार राम वन गमन पथ पर पडऩे वाले महत्वपूर्ण स्थलों को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित कर रही है। इसकी शुरूआत चंदखुरी स्थित माता कौशल्या के मंदिर के सौंदर्यीकरण कार्य के बीते 22 दिसम्बर को भूमि-पूजन के साथ कर दी गई है। भव्य मंदिर की निर्माण की कार्ययोजना में परिसर में विद्युतीकरण, तालाब का सौंदर्यीकरण, घाट निर्माण, पार्किंग, परिक्रमा पथ का विकास आदि कार्य शामिल किए गए हैं।
मुख्यमंत्री बघेल ने कहा है कि छत्तीसगढ़ भगवान राम का ननिहाल है। यहां कण-कण में भगवान राम बसे हुए है। भगवान राम ने वनवास का बहुत सा समय यहां व्यतीत किए हैं। छत्तीसगढ़ सरकार भगवान राम के वन गमन मार्ग को पर्यटन परिपथ के रूप में विकसित कर रही है ताकि इन स्थलों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति मिल सके। श्री बघेल ने कहा कि चंदखुरी में 15 करोड़ की लागत से सौन्दर्यीकरण का कार्य कराया जाएगा। उन्होंने इस अवसर पर यहां तालाब के बीच से होकर गुजरने वाले पुल की मजबूती के साथ ही यहां परिक्रमा पथ, सर्वसुविधायुक्त धर्मशाला और शौचालय बनाने कहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सौन्दर्यीकरण कार्य का भूमिपूजन हो गया है यहां अगस्त के तीसरे सप्ताह से निर्माण कार्य प्रारंभ हो जाएगा।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर ग्रामीणों की मांग पर मंदिर के पास से बायपास सड़क की स्वीकृति प्रदान करते हुए आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए। वहीं ग्राम वासियों की सहुलियत को देखते हुए चंदखुरी में राष्ट्रीयकृत बैंक की शाखा खोलने के निर्देश जिला अधिकारियों को दिए है। श्री बघेल ने इस अवसर पर मंदिर परिसर पर बेल और उनकी धर्मपत्नी ने महुआ का पौधा भी रोपा। इसके साथ ही परिसर में आवंला, पीपल, अमरूद और करंज आदि के पौधे भी लगाए गए। मुख्यमंत्री ने इन रौपे गए पौधों पर सेरीखेड़ी महिला समूह द्वारा बांस से बनाए जा रहे ट्री-गार्डो का लगवाया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर ग्रामीणजनों से गौठान और गोधन न्याय योजना सहित गांव में उपलब्ध अन्य सुविधाओं की चर्चा की। इस अवसर पर नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया, जनपद पंचायत आरंग के अध्यक्ष खिलेश देवांगन, ग्राम पंचायत चंदखुरी की सरपंच श्रीमती मालती धीवर और कौशल्या माता समिति के अध्यक्ष देवेन्द्र वर्मा और ग्रामीणजन उपस्थित थे।
दुर्ग / शौर्यपथ / 22 अगस्त से गणेश उत्सव प्रारंभ हो रहा है . हिन्दू धर्म में गणेश उत्सव बड़ी धूम धाम से मनाया जाता है गली मोहल्ले में झांकिया इस पर्व की विशेषता होती है किन्तु इस बार वैश्विक महामारी कोरोना के चलते यह उत्सव भी फीका ही मनाया जाएगा . गणेश उत्सव के लिए जिला प्रशासन द्वारा आवश्यक दिशा निर्देश जारी कर दिए है ताकि उत्सव में भीड़ की वजह से कोरोना का संक्रमण ना बढे .
कंटेन्मेंट जोन में मूर्ति स्थापना की अनुमति नहीं होगी, यदि पूजा की अवधि के दौरान भी उपरोक्त क्षेत्र कंटेन्मेंट क्षेत्र घोषित हो जाता है तो तत्काल पूजा समाप्त करनी होगी।मूर्ति स्थापना के दौरान, विसर्जन के समय अथवा विसर्जन के पश्चात् किसी भी प्रकार के भोज, भंडारा, जगराता अथवा सांस्कृतिक कार्यक्रम करने की अनुमति नहीं होगी।मूर्ति स्थापना के समय, स्थापना के दौरान , विसर्जन के समय अथवा विसर्जन के पश्चात किसी भी प्रकार के वाद्ययंत्र, ध्वनि विस्तारक यंत्र, डी.जे. बजाने की अनुमति नहीं होगी। मूर्ति स्थापना एवं विसर्जन के दौरान प्रसाद, चरणामृत या कोई भी खाद्य एवं पेय पदार्थ वितरण की अनुमति नहीं होगी। मूर्ति विसर्जन के लिए एक से अधिक वाहन की अनुमति नहीं होगी। मूर्ति विसर्जन के लिए पिकअप, टाटाएस(छोटा हाथी ) से बड़े वाहन का उपयोग प्रतिबंधित होगा।मूर्ति विसर्जन के वाहन में किसी भी प्रकार के अतिरिक्त साज-सज्जा, झांकी की अनुमति नहीं होगी।
विसर्जन में 4 से अधिक नहीं जा सकेंगे
मूर्ति विसर्जन के लिए 4 से अधिक व्यक्ति नहीं जा सकेंगे एवं वे मूर्ति के वाहन में ही बैठेंगे। पृथक से वाहन ले जाने की अनुमति नहीं होगी।मूर्ति विसर्जन के लिए प्रयुक्त वाहन पंडाल से लेकर विसर्जन स्थल तक रास्ते में कहीं रोकने की अनुमति नहीं होगी। विसर्जन के लिए नगर निगम द्वारा निर्धारित रूट मार्ग, तिथि एवं समय का पालन करना होगा। शहर के व्यस्त मार्गो से मूर्ति विसर्जन वाहन ले जाने की अनुमति नहीं होगी। सामान्य रूप से सभी वाहन रिंग रोड के माध्यम से ही गुजरेंगे।विसर्जन के मार्ग में कहीं भी स्वागत, भंडारा, प्रसाद वितरण पंडाल लगाने की अनुमति नहीं होगी।सूर्यास्त के पश्चात एवं सूर्योदय के पहले मूर्ति विसर्जन के किसी भी प्रक्रिया की अनुमति नहीं होगी।
7 दिवस पूर्व नगर निगम को देना होगा आवेदन- उपरोक्त शर्तो के साथ घरों में मूर्ति स्थापित करने की अनुमति होगी। यदि घर से बाहर मूर्ति स्थापित किया जाता है तो कम से कम 7 दिवस पूर्व नगर निगम के संबंधित जोन कार्यालय में निर्धारित शपथपत्र मय आवेदन देना होगा एवं अनुमति प्राप्त होने के उपरांत ही मूर्ति स्थापित करने की अनुमति होगी।
इन सभी शर्तो के अतिरिक्त भारत सरकार, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के आदेश 04 जून 2020 के अंतर्गत जारी एस.ओ.पी का पालन अनिवार्य रूप से किया जाना होगा।यह निर्देश तत्काल प्रभावशील होगा तथा निर्देश के उल्लंघन करने पर ऐपीडेमिक डिसीज एक्ट एवं विधि अनुकूल नियमानुसार अन्य धाराओं के तहत् कठोर कार्यवाही किया जाएगा।
शासन के निर्देशानुसार इस बार गणेश उत्सव में निम्न दिशा निर्देश जारी किये गए है ..
मूर्ति की ऊंचाई एवं चौड़ाई 4&4 फिट से अधिक नही होना चाहिए।
मूर्ति स्थापना वाले पंडाल का आकार 15&15 फिट से अधिक नही होना चाहिए।
पंडाल के सामने कम से कम 5000 वर्ग फिट की खुली जगह हो।
पंडाल एवं सामने 5000 वर्ग फिट की खुली जगह में कोई भी सड़क अथवा गली का हिस्सा प्रभावित न हो ।
पंडाल के सामने दर्शकों के बैठने हेतु पृथक से पंडाल नही होना चाहिऐ।
दर्शकों एवं आयोजकों के बैठने हेतु कुर्सी नहीं लगाये जायेंगे ।
किसी भी प्रकार एक समय में मंडप एवं सामने मिलाकर 20 व्यक्ति से अधिक नही होना चाहिए।
मूर्ति स्थापित करने वाले व्यक्ति अथवा समिति एक रजिस्टर संधारित करेंगी, जिसमें दर्शन हेतु आने वाले सभी व्यक्तियों का नाम पता एवं मोबाईल नम्बर दर्ज किया जाएगा। ताकि उनमें से कोई भी कोरोना संक्रमित होने पर कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग किया जा सके।
मूर्ति दर्शन अथवा पूजा में शामिल होने वाला कोई भी व्यक्ति बिना मास्क के नहीं जाएगा। ऐसा पाये जाने पर संबंधित एवं समिति के विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही किया जाएगा।
मूर्ति स्थापित करने वाले व्यक्ति अथवा समिति द्वारा सेनेटाईजर, थर्मल स्क्रीनिंग, आक्सीमीटर, हैण्डवाश एवं क्यू मैनेजमेंट सिस्टम की व्यवस्था की जाएगी।
थर्मल स्क्रीनिंग में बुखार पाये जाने अथवा कोरोना से संक्रमित सामान्य या विशेष लक्षण पाये जाने पर पंडाल में प्रवेश नहीं देने की जिम्मेदारी समिति का होगा।
व्यक्ति अथवा समिति द्वारा फिजिकल डिस्टेंसिंग आगमन एवं प्रस्थान की पृथक से व्यवस्था बास-बल्ली से बेरिकेटिंग कराया जाएगा।
संक्रमित होने पर समिति को देना होगा इलाज का पूरा खर्च
यदि कोई व्यक्ति जो मूर्ति स्थापना स्थल पर जाने के कारण संक्रमित हो जाता है तो ईलाज का संपूर्ण खर्च मूर्ति स्थापना करने वाला व्यक्ति अथवा समिति द्वारा किया जाएगा।
रायपुर / शौर्यपथ / भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य विजय जयसिंघानी ने कहा कि 29,30 जुलाई को ही क्यों किराना दुकानों को छूट दी जा रही है, जबकि 1, 2 अगस्त को भी छूट दी जानी चाहिए। क्योंकि राजधानी, रायपुर व प्रदेश भर में रक्षाबंधन त्यौहार को मनाया जाता है, एवं किसी भी नागरिक को कोई असुविधा न हो इसके लिए नई गाइडलाइन बनाकर रक्षाबंधन पर्व के चलते 1 व 2 अगस्त को छूट देना अति आवश्यक है।
साथ ही उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि किसी प्रकार की छूट का दुरुपयोग न करें, मात्र अपने त्योहारों के लिए आवश्यक सामग्री का क्रय करने के बाद तत्काल अपने घरों में लौटकर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें, क्योंकि हमारी सावधानी ही हमारी सुरक्षा है।
दुर्ग / शौर्यपथ / चिकित्सा क्षेत्र एक पवित्र और पूजनीय के रूप में आम जनता के लिए स्थापित किया जाता है किन्तु वर्तमान में चिकित्सा क्षेत्र में कुछ ऐसे लोगो की मनमानी चल रही है जिसके कारण सेवा भाव से चिकित्सीय कार्य में लगे लोगो पर भी कभी कभी ऊँगली उठ जाती है सिर्फ चाँद लोगो के कारण कई लोगो को संदेह की नजर से देखा जाता है ऐसे ही एक मामले में एनएसयूआई ने शहर के बीएम शाह हास्पिटल एवं रिसर्च सेंटर के खिलाफ कलेक्टर दुर्ग से शिकायत की है। संगठन के जिला अध्यक्ष आदित्य सिंह ने आरोप लगाया कि बीएम शाह हास्पिटल की करतूत चैरिटेबल ट्रस्ट की मूल भावना के विपरीत होने से आम लोगों को लाभ के बजाए नुकसान उठाना पड़ रहा है। एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष आदित्य सिंह के नेतृत्व में आज कलेक्टर डॉ सर्वेश्वर नरेन्द्र भूरे को एक ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में एनएसयूआई ने आरोप लगाया है कि शास्त्री नगर कान्ट्रेक्टर कालोनी सुपेला में स्थित बीएम शाह हास्पिटल एवं रिसर्च सेंटर द्वारा इलाज के नाम पर मनमानी की जा रही है। यह हास्पिटल श्री भानजी मोनजी शाह चैरिटेबल ट्रस्ट के द्वारा संचालित है। लेकिन यहां पर चैरिटेबल ट्रस्ट की मूल भावना की बेखौफ अंदाज में धज्जियां उड़ाई जा रही है।
आमजनों से इलाज के पूर्व ही अनुचित तरीके से अग्रिम राशि जमा कराने का दबाव डाला जाता है और इंकार किए जाने पर मरीज को वापस ले जाने का जवाब देकर चिकित्सकीय सेवा का अपमान किया जाना आम बात है। सरकारी योजनाओं के तहत भर्ती मरीजों के परिजनों से भी इलाज के बाद भारी भरकम राशि की मांग हास्पिटल प्रबंधन द्वारा की जाती है। कभी-कभी मरीज की मौत होने पर लाखों का बिल जमा करने के बाद भी शव देने की हास्पिटल प्रबंधन की जिद से मानवता शर्मसार होती है। जिलाध्यक्ष आदित्य सिंह ने कलेक्टर दुर्ग से बीएम शाह हास्पिटल प्रबंधन द्वारा आमजनों को दिए जा रहे अनुचित बिल की जांच करते हुए कड़ी कार्यवाही किए जाने की मांग की है। ज्ञापन सौंपने के दौरान शरद मिश्रा और जे संजीव, आसिफ खान उपस्थित थे।
अहिवारा / शौर्यपथ / अहिवारा नगर पालिका चुनाव के समय में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के चुनाव मेेंं क्रॉस वोटिंग करने का आरोप लगा था और जांच में सही पाया गया। नगर कांग्रेस कमेटी अहिवारा के अध्यक्ष अनिल श्रीवास्तव ने छत्तीसगढ़ शासन के कैबिनेट मंत्री जगतगुरु गुरु रूद्रकुमार को चुनाव के बाद क्षेत्र में अध्यक्ष न बनने और उपाध्यक्ष न बनने पर समीक्षा की और जिन्होंने अंजाम दिया कैबिनेट मंत्री जगतगुरु रूद्र कुमार के द्वारा नगर कांग्रेस कमेटी अहिवारा के अध्यक्ष अनिल श्रीवास्तव ने अपने लेटर पैड में 3 पार्षदों के नाम लिखे गए वार्ड नंबर 8 हेमंत साहू, वार्ड नंबर 9 दुलारी भुवन साहू, वार्ड नंबर 10 स्टालिन समुएल इन सभी को निष्कासित करने के लिए मंत्री के समक्ष दस्तावेज पेश किए गए थे। उन्ही के अनुशंसा में जिला अध्यक्ष दुर्ग ग्रामीण निर्मल कोसरे के निर्देशानुसार वार्ड नंबर 10 पार्षद स्टालिन समुएल को निष्कासित पार्टी से 6 साल के लिए कर दिया गया है। आपको जानकारी हो 26 तारीख को स्टालिन जुआ के हाई प्रोफाइल में पकड़ा गए थे। यह जुआ और सट्टा कई सालों से संचालित करने में सम्मिलित थे। पकड़ आने के बाद इसमें आरोपित होने से कांग्रेस पार्टी की छवि धूमिल हुई। इस अनुशासनहीनता को देखते हुए जिला अध्यक्ष निर्मल कोसरे ने तत्परता दिखाते हुए आज इन्हें पार्टी से 6 साल के लिए निष्कासित कर दिए।
भिलाई / शौर्यपथ / महापौर व भिलाई नगर विधायक देवेन्द्र यादव ने कचांदुर स्थित चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कॉलेज में कोविड केयर सेंटर का जायजा लिया। निगम आयुक्त ऋतुराज रघुवंशी और सीएमएचओ गंभीर ठाकुर के साथ मेडिकल कॉलेज के लैब, आईसोलेशन वार्ड, मेल-फीमेल वार्ड, डॉफिंग एरिया का निरीक्षण किया। हर वार्ड में बेड, पंखा, वेंटीलेशन, हैंड वाश और सेनिटाइजर सहित अन्य व्यवस्थाओं को देखकर खुशी जाहिर की। चार दिनों में 900 बिस्तर सहित अन्य जरूरी सुविधाओं से युक्त कोविड केयर सेंटर तैयार करने के लिए जिला, निगम के अधिकारी/कर्मचारियों एवं स्वास्थ्य विभाग का आभार जताया। महापौर यादव ने कहा कि चार दिन पहले शनिवार को चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कॉलेज कचांदुर को कोविड केयर सेेंटर बनाने के लिए अधिकारियों से चर्चा की थी।
चार दिन बाद निगम प्रशासन की टीम ने मेडिकल कॉलेज के हर वार्ड को व्यवस्थित कर दिया। निगम के अधिकारी/कर्मचारियों ने कोरोना महामारी से लडऩे के लिए युद्ध स्तर पर कार्य किया। चार दिनों में 900 बिस्तर का सुविधायुक्त कोविड केयर सेंटर तैयार कर दिया। जबकि चार दिन पहले मेडिकल कॉलेज को कोविड केयर सेंटर बनाने के लिए चर्चा की थी तब मरीजों का बेहतर इलाज के लिए हर वार्ड की साफ-सफाई, बिजली और पानी की सप्लाई सहित सुरक्षा व्यवस्था की बात सामने आई थी। इतने कम समय में इसे पूरा कर पाना संभव नहीं लग रहा था। लेकिन आयुक्त रघुवंशी के मार्गदर्शन में हमारे कोरोना वारियर्स ने रात दिन काम कर न केवल हास्पिटल परिसर को साफ-सुथरा किया, बल्कि संक्रमित लोगों का बेहतर इलाज की पूरी व्यवस्था ही तैयार कर लिया। हर वार्ड में एक निश्चित दूरी पर बेड की व्यवस्थाएं की गई है। मरीजों के हाथ धोने के लिए हैंडवाश, सैनिटाइजर, सहित अन्य जरूरी व्यवस्था की गई है। इससे यहां मरीजों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होगी। निरीक्षण के दौरान उपायुक्त तरूणपाल लहरे, अधीक्षण अभियंता सत्येन्द्र सिंह, जोन-2 की आयुक्त पूजा पिल्ले, स्वास्थ्य अधिकारी धर्मेन्द्र मिश्रा, सहायक स्वास्थ्य अधिकारी जावेद अली सहित अन्य मौजूद रहे।
विधायक ने चिकित्सकों का बढ़ाया हौसला
महापौर ने कोविड केयर सेंटर में चिकित्सक और पैरा मेडिकल स्टाफ का हौसला आफजाई किया। कोरोना पीडि़तों का बेहतर इलाज के लिए चिकित्सक और नर्सिंग स्टॉफ का आभार भी जताया। आगे भी कोरोना से महामारी से लडऩे के लिए इसी तरह से सेवाएं देने का आग्रह किया। सीएमएचओ डॉ ठाकुर और मेडिकल कॉलेज प्रबंधन से चिकित्सक, नर्सिंग स्टॉफ, लैब टेक्नीशियन की ड्यूटी चार्ट की जानकारी ली।
दुर्ग / शौर्यपथ / कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने आज कंचादुर स्थित चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कालेज हास्पिटल पहुंचकर यहां कोविड केयर सेंटर की व्यवस्था देखी। यहां शीघ्र ही कोविड मरीजों को रखा जाएगा। यहां पर कलेक्टर ने इमरजेंसी की स्थिति में आक्सीजन सपोर्ट एवं अन्य आवश्यक मेडिकल उपकरणों की व्यवस्था देखी। इसके अतिरिक्त पीपीई किट एवं अन्य कोविड संक्रमण से बचाने वाली सामग्री तथा दवाओं की स्थिति की जानकारी भी ली।
कलेक्टर ने यहां ड्यूटी करने वाले स्टाफ के रहने की व्यवस्था भी देखी। साथ ही मरीजों के भोजन के लिए की गई व्यवस्था एवं स्टाफ के भोजन के लिए की गई व्यवस्था की जानकारी ली। वे सभी वार्डों में गये। वहां टायलेट की स्थिति, वेंटीलेशन की स्थिति के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सभी वार्डों में बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित कर ली जाए। यहां नियुक्त किए गए हेल्थ स्टाफ से भी कलेक्टर ने बातचीत की। उन्होंने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. गंभीर सिंह ठाकुर से इनका शेड्यूल लिया। कलेक्टर ने पूरे अस्पताल में पर्याप्त संख्या में सफाई कर्मियों को रखने के निर्देश दिए। इस दौरान भिलाई नगर निगम आयुक्त ऋतुराज रघुवंशी भी थे। वे इस कोविड केयर सेंटर के नोडल अधिकारी भी हैं।
उन्होंने निगम अमले को चिन्हांकित स्थलों पर कैमरे लगाने, कोविड मरीजों की सुविधा के लिए इमरजेंसी अलार्मिंग सिस्टम आदि के लिए निर्देशित किया। सीएमएचओ ने बताया कि पूरी तैयारियां कर ली गई हैं। ड्यूटी आफिसर नियुक्त कर दिये गए हैं। स्टाफ के प्रशिक्षण का कार्य पूरा हो गया है। पूरी व्यवस्था पर लगातार मानिटरिंग की जा रही है।
दुर्ग / शौर्यपथ / नगर के गंजपारा मेनरोड निवासी एक युवा स्टील कारोबारी ने डेढ वर्ष पूर्व हुई मां की मौत का स्वयं को जिम्मेदार ठहराते हुए बीती रात अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। आत्महत्या की जानकारी तब मिली जब सुबह जब पति की आहट नहीं मिलने पर पत्नी ने देवर के साथ दरवाजा खोल कर देखा तो कमरे के अंदर उसका पति फंदे पर झूलता हुआ मिला। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर दुर्ग सीएसपी विवेक शुक्ला, सिटी कोतवाली थाना प्रभारी राजेश बागड़े टीम के साथ पहुंचे। मृतक के पास से सुसाइड नोट पुलिस को मिला है जिसमें खुद को उसने जिम्मेदार ठहराते हुए डेढ़ वर्ष पूर्व मां की मृत्यु के पश्चात डिप्रेशन में रहने का उल्लेख किया है।
नगर पुलिस अधीक्षक विवेक शुक्ला ने बताया कि मृतक आनंद राठी, उम्र 38 साल द्वारा आत्महत्या करने की आज सुबह सूचना मिली थी । आनंद राठी और उनके परिवार का माहेश्वरी स्टील के नाम से बड़ा कारोबार है। मृतक की पत्नी के अलावा घर में दो बच्ची और छोटे भाई का भी परिवार रहता है। परिजनों ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से वे काफी परेशान थे। अंग्रेजी में लिखे सुसाइड नोट में मृतक ने अपने आत्महत्या के लिए खुद को जिम्मेदार बताया है। इस मामले में किसी को भी दोषी करार नहीं दिया है। साथ ही डेढ़ वर्ष पूर्व मां की मृत्यु के पश्चात डिप्रेशन में रहने का भी उल्लेख मृतक द्वारा सुसाइडल नोट में किया गया है। फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर विवेचना प्रारंभ कर दी है।
भिलाई / शौर्यपथ / ईदुलअजहा के लिए लाये गये फरीदनगर में एक डेढ क्विलंटल का बकरा बाहुबलि सुल्तान लोगों के लिए कौतूहल बना हुआ है। इस बकरा को देखने के लिए यतीमखाना चौक के पास लालबहादुर (इम्तियाज) के घर के सामने हुजूम लग रहा है और लोग फोटो खींच रहे हैं तथा उसके साथ विडियो बना रहे है। बकरा मालिक पूरी सोशल डिस्टेंसिंग रखते हुए लोगों को दिखा रहे हैं। इस बकरा को खरीदने के लिए भी कई लोग आ चुके है, लेकिन बकरा के मालिक लालबहादुर ने स्पष्ट कह दिया है कि मैं इस बकरा को नही बेचूंगा। इस बकरा के मालिक ने बताया कि इस बकरा की जानकारी मिलने पर पंजाब के अंतिम छोर पाक के पास से मंगाया हूं। ये बकरा तोंतापरी और जमनापाली का क्रास बीट है,और इसकी प्रजाति लुप्त होने के कगार पर है। इसके कान ही डेढ़ डेढ फीट के है और इसकी लंबाई करीब दस फीट की है। इसके सर का बाल भी बहुत बड़े बडे है और इसके बाल उसके नाक तक बढ़ा हुआ है, तथा केवल आंख खुली है। यह देखने में भी बहुत आकर्षक लग रहा है।
इस बकरे को नही करायेंगे कुर्बानी, रखेंगे पालकर
बकरे के मालिक लालबहादुर और उनके बड़े भाई इश्तखार ने बताया कि यह बकरा बाहुबलि सुल्तान कुर्बानी के लिए पंजाब से मंगाये थे लेकिन इस प्रजाति के विलुप्त होने की स्थिति को देखते हुए हम लोगों ने निर्णय लिया है कि अब इसको कुर्बानी नही करायेंगे क्योंकि अन्य बहुत सारे लोग भी यह मांग कर रहे हैं कि इसकी कुर्बानी नही कराकर इसको पालकर रखे, इसलिए इस भारी भरकम बकरे की जगह अब दूसरा बकरा कुर्बानी करायेंगे और इस बकरा को पाल कर रखेंगे ताकि ये बकरा अन्य लोगों के भी काम आ सके और इसकी प्रजाति यहां बढ़े। जैसे जैसे लोगों की जानकारी मिल रही है लोग इससे क्रासबीट के लिए अनुरोध कर रहे है।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
