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नई दिल्ली / शौर्यपथ / PM केयर्स फंड को NDRF में ट्रांसफर करने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा है. SC ने वरिष्ठ वकील दुष्यंत दवे को PM केयर्स फंड और NDRF को लेकर लिखित जवाब दाखिल करने की इजाज़त दी है.मामले में SC ने केंद्र की ओर से पेश SG से भी 3 दिन में लिखित नोट दाखिल करने को है. प्रवासी मजदूरों से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को सुनवाई हुई. जस्टिस भूषण ने कहा कि केंद्र सरकार को PM केयर फण्ड को NDRF में ट्रांसफर किया जा सकता है या नहीं, इस पर स्पष्ट जवाब दाखिल करना चाहिए.
सेंटर फॉर पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन की ओर से वकील प्रशांत भूषण द्वारा दायर जनहित याचिका के जवाब में, केंद्र ने हलफनामे में कहा है कि NDRF, जैसा कि आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 46 के तहत निर्धारित है, इसमें बिना किसी निजी योगदान के केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा किए गए बजटीय प्रावधानों के रूप में धनराशि शामिल है. दूसरी ओर पीएम केयर्स फंड एक ऐसा फंड है जो स्वैच्छिक दान को अच्छी तरह से स्वीकार करता है. यहां कई फंड हैं जो या तो पहले स्थापित किए गए हैं या अब विभिन्न राहत कार्यों को करने के लिए बनाए गए हैं. पीएम केयर्स एक ऐसा फंड है जो स्वैच्छिक दान के साथ है.DMA की धारा 46 के तहत निर्धारित फंड मौजूद है जिसे NDRF कहा जाता है.हलफनामे में कहा गया है कि वैधानिक निधि का अस्तित्व केवल पीएम केयर्स फंड की तरह अलग फंड के निर्माण पर रोक नहीं लगाएगा जो स्वैच्छिक दान की व्यवस्था प्रदान करता है.
SG तुषार मेहता ने कहा कि हम अलग से जैविक आपदा योजना का प्रबंधन करते हैं क्योंकि हम यह समझ नहीं सकते कि पहले से हमें क्या जैविक आपदा आ जाएगी. SG ने कहा कि जैसे ही हम कोरोना के बारे में सीखा है, हमारे पास एक कोरोना की महत्वाकांक्षा योजना है. अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि पहला मुद्दा खाद्य सुरक्षा का है और यदि SG इस पर गौर करेंगे तो इसका हल निकल जाएगा. केंद्र द्वारा प्रस्तुतियां इसके लिए वास्तविक संवितरण या आंकड़ों को उजागर नहीं करती हैं, इसके बाद स्वास्थ्य बीमा आता है और यह किसी भी रूप में उपलब्ध नहीं है. पंजीकरण प्रक्रिया शुरू होने के बाद 1.5 करोड़ प्रवासी श्रमिकों को बाहर रखा गया है, यह प्रक्रिया मजदूरों को लाभदायक योजनाओं से वंचित रखने के लिए विवश कर रही है. सुनवाई के दौरान दुष्यंत दवे ने कहा कि NDRF के खातों को CAG ऑडिट करता है लेकिन PM केयर्स के लिए निजी ऑडिटर है. उन्होंने कहा यह मुद्दा खिलाफ नहीं है सरकार को एक और विस्तृत हलफनामा दर्ज करने का निर्देश दिया जाना चाहिए.SG ने कहा कि पीएम केयर्स एक पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट है, यहां सिर्फ स्वैच्छिक दान करते हैं.
इससे पहले, सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल (SG) तुषार मेहता ने कहा कि एक करोड़ से ज़्यादा प्रवासी मज़दूरों को शिफ्ट किया गया है. अब सवाल राज्य सरकारों की स्कीम का है और राज्य किस तरह प्रवासी मज़दूरों की मदद करते है
. SG ने यह भी कहा कि अब प्रवासी मज़दूरों के लिए किसी स्पेशल ट्रेन की ज़रूरत नही है, अब रेगुलर ट्रेन ही चल रही हैं. उन्होंने कहा कि प्रवासी मज़दूरों के लिए एक यूनिफार्म प्लान नही है, जो स्कीम मुंबई में काम करेगी वह कर्नाटक में काम नहीं करेगी. सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि एक समय था जब केंद्र सरकार की ओर से ₹1 भेजा जाता था और जनता के पास 15 पैसे पहुंचते थे जबकि आज ₹1 भेजा जाता है और पूरे 1 रुपए जरूरतमंद के पास पहुंचते हैं. वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने विरोध करते हुए कहा कि सॉलिसिटर जनरल इस मसले पर कोर्ट में राजनीति कर रहे हैं.
मामले में वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि देश मे प्रवासी मज़दूरों के लिए एक नेशनल प्लान, राज्य योजना और जिला योजना की ज़रूरत है, जहां आपदा प्रबंधन अधिनियम के प्रावधानों का पालन नहीं किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि प्रवासी मज़दूरों के लिए भोजन, आवास, आवास सुविधाओं के लिए न्यूनतम मानदंड क्या है?कुछ नहीं है. इसका सामान्य दिशानिर्देशों से कोई लेना देना नहीं है. उन्होंने कहा कि शौचालय या पानी की गुणवत्ता की संख्या का तो न्यूनतम स्तर भी नहीं है. इसके जवाब में SG तुषार मेहता ने कहा कि राष्ट्रीय योजना 2019 में बनाई गई थी, इसमें COVID 19 नहीं है लेकिन कोरोना एक जैविक आपदा है, हमारी राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन योजना भी है.
नई दिल्ली /शौर्यपथ / दिल्ली के डिफेंस कॉलोनी इलाके में एक लुटेरे के ऑटो में सवारी बनकर बैठने और तमंचे की नोंक पर पैसे छीनने का मामला सामने आया है. दरअसल, एक लुटेरा ऑटो में सवारी बनकर बैठा, फिर उसने ऑटो वाले के पीछे से पिस्टल लगाकर कहा जो है मुझे दे दे नहीं तो गोली मार दूंगा. ऑटो वाले की जेब से कुल मिलाकर 85 रुपये ही निकले. इस पर लुटेरे ने ऑटो वाले को कम पैसे लेकर चलने पर डांटते हुए कहा कि मुझे जहां से बिठाया था, वहीं वापस छोड़ दो.
ऑटो वाला जब छोड़ने गया तो आगे पुलिस मिल गई और शोर मचाने पर आरोपी लुटेरे को पकड़ लिया. उसे पास से ऑटो रिक्शा वाले से लिए 85 रुपये भी निकले. आरोपी कोटला मुबारकपुर का रहने वाला दमन अरोरा है, जो पेशे से मेडिकल रिप्रेजेन्टेटिव है, पुलिस के मुताबिक, दमन को इस पेशे में फिलहाल उसके हिसाब से पैसा नहीं मिल पा रहा था तो उसने लूट शुरू कर दी.
पुलिस के मुताबिक, 26 जुलाई को वो बाइक से एंड्रयूज गंज बस स्टॉप तक अपनी बाइक से आया, फिर वहां से वो एक ऑटो में सवारी बनकर बैठ गया और डिफेंस कॉलोनी में उसने पिस्टल लगाकर ऑटो वाले को लूट लिया, लेकिन ऑटो वाले कि जेब से महज 85 रुपये निकलने पर वो निराश हो गया और उसने ऑटो वाले से कहा कि उसे वापस एंड्रयूज गंज बस स्टॉप पर छोड़ दे.
जब ऑटो वाला अमर सिंह बस स्टॉप के नज़दीक पहुँचा तो उसे पेट्रोलिंग करते हुए पुलिसकर्मी मिल गए. अमर ने शोर मचा दिया और दमन ऑटो से उतरकर 200 मीटर तक दौड़ा लेकिन उसे पकड़ लिया गया. उसके पास से लूट के 85 रुपये भी बरामद हो गए और देशी कट्टा भी मिला.
सेहत / शौर्यपथ / डायबिटीज के मरीजों के लिए एक अच्छी खबर आई है। शोधकर्ताओं ने डायबिटीज को मात देने के लिए एक नई चिकित्सीय रणनीति विकसित की है। इससे न सिर्फ मरीजों में डायबिटीज को नियंत्रित किया जा सकेगा बल्कि उसे पनपने से भी रोका जा सकेगा।
शोधकर्ताओं ने कहा, अग्नाशय की कोशिकाओं में विटामिन डी रिसेप्टर (वीडीआर) का स्तर संतुलित बनाए रखकर डायबिटीज को विकसित होने से रोका जा सकता है। साथ ही इस रोग के विकास के कारण होने वाली अग्नाशय कोशिकाओं की क्षति को भी रोका जा सकता है। बता दें कि अग्नाशय की कोशिकाएं इंसुलिन को संश्लेषित और स्रावित करती हैं।
यह अध्ययन ऑटोनोमा डी बार्सिलोना यूनिवर्सिटी में साइबर्स एरिया ऑफ डायबिटीज एंड एसोसिएटेड मेटाबॉलिक डिजीज के शोधकर्ताओं द्वारा किया गया है। शोधकर्ताओं ने कहा, विटामिन डी की कमी से दोनों प्रकार के टाइप 1 और टाइप 2 डायबिटीज के पनपने का अधिक खतरा रहता है। विटामिन डी रिसेप्टर जीन में बदलाव होने से इस बीमारी का मजबूत संबंध है। हालांकि, डायबिटीज के विकास में इस विटामिन रिसेप्टर की विशिष्ट भागीदारी का कारण अब तक पता नहीं चला है।
चूहों पर किया अध्ययन
यह नया अध्ययन चूहों पर किया गया। इसमें उनके व्यवहार का विश्लेषण करके डायबिटीज के विकास में अग्नाशय कोशिकाओं की वीडीआर द्वारा निभाई गई भूमिका को समझने का प्रयास किया गया। शोधकर्ताओं ने टाइप 1 और टाइप 2 डायबिटीज से ग्रस्त चूहों के अग्नाशय में कम वीडीआर देखा। इसके साथ ही उन्होंने यह भी देखा कि डायबिटीज ग्रस्त चूहों की बी कोशिकाओं में वीडीआर का स्तर बढ़ाने से इस बीमारी की रोकथाम हुई।
शोधकर्ताओं ने कहा कि वीडीआर के सही स्तर डायबिटीज के खतरे को कम कर सकता है। शोधकर्ता एलबा कैसलस ने कहा, इन परिणामों से पता चलता है कि डायबिटीज को विकसित होने से रोकने और बी कोशिकाओं को क्षति से बचाने के लिए वीडीआर के स्तर को संतुलित बनाए रखना आवश्यक हो सकता है।
लाइफस्टाइल / शौर्यपथ / घरों में कैद रहने और लॉकडाउन में सीमित हुई जीवन की स्वतंत्रता ने अच्छी बौद्धिक क्षमता (आईक्यू) के बच्चों को भी बिगड़ैल बना दिया है। समय से काउंसिलिंग और माता-पिता ने ध्यान न दिया तो आने वाले समय में इनकी परेशानियां बढ़ सकती हैं।
मनोवैज्ञानिकों की संस्था साइकोलॉजिकल टेस्टिंग एंड काउंसिलिंग सेंटर (पीटीसीसी) ने लॉकडाउन से अब तक आए ऐसे 200 मेधावियों के व्यवहार में हुए परिवर्तन का अध्ययन किया है जिनका आईक्यू 120 या इसके ऊपर था। इनमें केवल 10 फीसदी खुद अपनी समस्या लेकर आए थे जबकि 90 प्रतिशत मामलों में माता-पिता साथ लाए।
तेजी से बढ़ रही विनाशकारी सोच-
संस्था के निदेशक और सेवानिवृत्त मंडलीय मनोवैज्ञानिक डॉ. एल.के. सिंह के मुताबिक, उच्च बौद्धिक क्षमता वाले 60 फीसदी बच्चों की सोच डेस्ट्रक्टिव (हानिकारक, विनाशकारी) पाई गई। ये अपने माता-पिता का कहना ही नहीं मान रहे हैं। छोटी-छोटी बातों पर झगड़ा और मारपीट पर उतारू हो जाते हैं। दोपहर 12 बजे या बाद तक सोते रहते हैं। इनके पास से मोबाइल कोई नहीं हटा सकता। इसके बाद केवल नेट सर्फिंग करते हैं। गलत चीजें सीखते हैं।
इस तरह संभव है सुधार-
माता-पिता को चाहिए कि वह बच्चों के बीच ज्यादा से ज्यादा समय बिताएं। इनकी मनोरंजन में हिस्सेदारी बढ़ाएं। वीडियो गेम्स की जगह सीरियल देखने को कहें। इनका उत्साहवर्धन करते रहें। कोरोना से डराएं नहीं, बल्कि कहें कि जल्द खत्म हो जाएगा। दोस्तों के पास जाने की छूट दें। दोस्तों को आने से न रोकें। इन पर निगाह रखें। खुद रिश्तेदारों या परिचितों के यहां साथ लेकर जाएं। मौका मिलने पर मोबाइल की हिस्ट्री में झांकते रहें। यदि बच्चा अकेलेपन में जीना जा रहा है तो यह एक संकेत है। इसे भांपते ही मनोवैज्ञानिकों के पास ले जाएं और उसकी काउंसिलिंग कराएं।
फैक्टस-
- 200 बच्चों पर मनोवैज्ञानिक अध्ययन, आईक्यू लेवल 120 पार मिला।
-20 फीसदी बच्चों में मानसिक तनाव ज्यादा पाया गया।
-10 फीसदी ने इस दौरान अपने को और बेहतर बनाया।
-10 फीसदी में सुधार की उम्मीद कम, अपने मन की ही करेंगे।
धर्म संसार / शौर्यपथ /पेड़-पौधों में देवताओं का वास माना गया है। घर में पौधे रोपने से कई तरह के संकटों से मुक्ति मिलती है। वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में लगाए गए पौधे भी हमारे जीवन पर प्रभाव डालते हैं। आइए जानते हैं कि किन पौधों को घर में लगाने से सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है।
घर की छत पर गमले में तुलसी का पौधा लगाने से वास्तु दोष दूर हो जाते हैं। माना जाता है कि जिस स्थान पर तुलसी का पौधा होता है वहां भगवान विष्णु का वास होता है। घर में मनी प्लांट लगाना शुभ होता है। इसे रोपने से दांपत्य जीवन में मधुरता आती है। रसोई घर के अंदर गमलों में पुदीना, धनिया, पालक और हरी मिर्च के पौधे लगाए जा सकते हैं। हल्दी का पौधा लगाने से नकारात्मक ऊर्जा दूर रहती है। चंपा, चमेली, रात की रानी आदि को घर के बाहर लगाएं। घर में नकली पौधे नहीं लगाने चाहिए। घर की किसी दीवार पर पीपल उग आए तो उसे पूजा कर हटाते हुए गमले में लगा देना चाहिए। पीपल के पौधे की जड़ काटने की गलती न करें। पौधे की पूजा करने के बाद इसे गमले में लगाकर किसी मंदिर में रख आएं। घर में कांटेदार पौधा नहीं लगाना चाहिए। गुलाब जैसे पौधे लगाए जा सकते हैं लेकिन इसे छत पर रखें। केले का पौधा घर में लगाने से कई समस्याएं दूर होती हैं। घर के मुख्य द्वार पर केले के पौधे को न लगाएं। घर के पिछले हिस्से में लगाएं। केले के पौधे के आसपास साफ-सफाई रखें। केले के तने में लाल धागा बांधकर रखें। ऐसे पौधे जिनको काटने या छीलने पर सफेद द्रव्य निकलते हैं उनसे नकारात्मक ऊर्जा पैदा होती है। इस प्रकार के पौधे घर में नहीं लगाने चाहिए।
धर्म संसार /शौर्यपथ / शास्त्रों में बताया गया है कि भक्ति-पूजा के लिए कोई समय निर्धारित नहीं है। यानी ईश्वर का स्मरण या उनकी पूजा अराधना जब चाहे की जा सकती है। हालांकि ऐसी मान्यता है कि भगवान की पूजा के लिए समय का ख्याल करना बेहद जरूरी होता है। खास तौर पर जब हम रात में भगवान की पूजा करते हैं, तो कुछ बातों का विशेष ख्याल रखना चाहिए। रात में पूजा के दौरान इन बातों का ध्यान रखने से पूजा फलदायी होती है। जानिए रात में की गई पूजा में किन बातों का रखना चाहिए ध्यान।
शंख बजाना सही या गलत
ऐसी मान्यता है कि रात में पूजा के समय शंख नहीं बजाना चाहिए। माना जाता है कि सूरज अस्त होने के बाद देवी-देवता सोने के लिए चले जाते हैं। ऐसे में सूर्यास्त के बाद शंख बजाने से निद्रा में बाधा आती है। इसलिए रात में पूजा के दौरान शंख बजाना अशुभ माना गया है। हालांकि दीवाली और जन्माष्टमी जैसी कुछ अवसरों पर शंख बजाना अशुभ नहीं माना गया है।
न करें सूर्य भगवान की पूजा
सूर्य भगवान को दिन का देवता माना जाता है। इसलिए रात्रि की पूजा में भगवान सूर्य की पूजा करना वर्जित माना गया है।
तुलसी का प्रयोग
ऐसी मान्यता है कि तुलसी के पत्ते के बिना पूजा अधूरी होती है। लेकिन रात में कभी भी तुलसी का पत्ता नहीं तोड़ना चाहिए। माना जाता है कि तुलसी माता नाराज हो जाती हैं। इसलिए सूर्यास्त से पहले ही तुलसी का पत्ता तोड़कर रख लेना चाहिए।
दूर्वा का इस्तेमाल
हिंदू पुराणों के मुताबिक, रात में वनस्पतियों को तोड़ना अशुभ होता है। लेकिन गणेश जी को दूर्वा प्रिय है। ऐसे में सूर्यास्त से पहले दूर्वा को तोड़कर रख लेना चाहिए।
लाइफस्टाइल / शौर्यपथ / जीवन में सफलता हासिल करने के लिए व्यक्ति के भीतर मेहनत और लगन के साथ आत्मविश्वास का गुण भी मौजूद होना बेहद जरूरी होता है। आत्मविश्वास के बिना व्यक्ति का जीवन ऐसे फूल की तरह होता है जिसमें खुशबू नहीं होती है। दुनियाभर में मौजूद सभी सफल व्यक्तियों में आत्मविश्वास का यह गुण देखा जा सकता है। आइए जानते हैं सफलता पाने और आत्मविश्वास बढ़ाने के क्या हैं वो 5 सक्सेस मंत्र।
नकारात्मक विचारों से रहें दूर-
नकारात्मक विचार व्यक्ति को हमेशा आगे बढ़ने से रोकते हैं। जीवन में आगे बढ़ने के लिए हमेशा खुद पर विश्वास रखते हुए चुनौती भरे कामों को भी करने के लिए आगे बढ़ें। ऐसे लोग और विचार जो मन में किसी भी तरह की नेगेटिविटी को जन्म देते हैं उनसे दूर रहें।
अपने हुनर को पहचानें-
खुद पर विश्वास और अपने हुनर को पहचानते हुए जीवन में मिलने वाली हर चुनौती को स्वीकार करते हुए अपने लक्ष्य की तरफ आगे बढ़ते जाएं।
कंफर्ट जोन से निकलें बाहर-
अक्सर जब व्यक्ति को कोई नया काम सौंप दिया जाता है तो वो थोड़ा घबरा जाता है। लेकिन आप चुनौतियां स्वीकार करना सीखें और जीवन में आगे बढ़ें। जैसे ही आप कुछ नया करना शुरू करेंगे आपके अंदर आत्मविश्वास दिखने लगेगा।
फैसले लेने में ज्यादा देर न करें-
आज के समय में जब जिंदगी बेहद व्यस्त हो गई है तो लोगों को अच्छे अवसरों के लिए सोचने समझने के लिए मौके और समय बेहद कम मिलता है। इसलिए सफलता पाने के लिए जल्द से जल्द सही फैसले लेने की क्षमता को खुद के भीतर विकसित करें। जब आप गंभीर फैसले लेने लगेंगे तो वहीं से आप में आत्मविश्वास आना भी शुरू हो जाएगा।
आत्मविश्वासी लोगों को बनाएं अपना साथी-
अगर आपने ऐसे लोगों को अपना दोस्त बनाया हुआ है जिनमें आत्मविश्वासी नहीं हैं तो आप जीवन में कभी भी सफल नहीं हो सकते हैं। सफलता पाने के लिए ऐसे लोगों से मिलना शुरू करें जो आपको अपने कामों से प्रभावित करने वाले हों।
शौर्यपथ / सपने तो हर कोई देखता है। चाहे वह खुली आंखों से हो या फिर नींद में। कभी-कभी कोई सपना सुहाना होता है, जो अपनी अच्छी याद छोड़ जाता है। वहीं कुछ सपने ऐसे होते हैं जो कुछ बुरी यादें छोड़ जाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि हर सपने का कोई न कोई अर्थ जरूर होता है। कुछ सपने ऐसे होते हैं, जिन्हें स्वप्नशास्त्र में शुभ माना गया है। आइए जानते हैं ऐसे ही कुछ सपनों के बारे में और उनका अर्थ-
1. कमल का फूल, हाथी, बंदर, गाय और हंस का स्वप्न शुभ माना गया है। कहते हैं कि इस तरह के सपने धन संपत्ति या संतान का सुख के सूचक हैं।
2. अगर किसी व्यक्ति की मौत का सपना दिखाई दे, तो समझना चाहिए कि उस शख्स पर आया हुआ कोई संकट टल गया है। इस तरह का स्वप्न आयु वृद्धि का सूचक भी माना गया है।
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3. सपने में खुद को घोड़े पर चढ़ते हुए देखना शुभ माना गया है। कहते हैं कि इस तरह के स्वप्न व्यापार या नौकरी में लाभ होने का संकेत मिलता है।
4. स्वप्न में खुद का चेहरा शीशे में देखना शुभ माना गया है। माना जाता है कि आपकी लव लाइफ में प्यार और मिठास और बढ़ती है। अगर इस तरह का सपना कोई लड़की देखती है, तो समझना चाहिए कि उसे जल्द ही जीवनसाथी मिलने वाला है।
5. सपने में काले बादल के साथ बारिश दिखाई देना शुभ माना गया है। माना जाता है कि आपने जिन चीजों में निवेश किया है, उसमें लाभ होने वाला है।
6. सपने में खान-पान का देखना भी शुभ माना गया है। कहते हैं कि इस तरह से स्वप्न समृद्धि और धन का संकेत देते हैं। इसके साथ ही यह स्थान परिवर्तन का भी सूचक है।
मनोरंजन / शौर्यपथ / कन्नड़ सुपरस्टार यश की धमाकेदार फिल्म केजीएफ चैप्टर 2 को लेकर जब से ऐलान हुआ था इस फिल्म के फैन अपनी नजरें गड़ाए बैठे हैं कि इस फिल्म की रिलीज डेट का फाईनल ऐलान कब होगा। हालांकि इसी बीच फिल्म के मेकर्स ने एक अपने फैंस को एक बड़ी खुशखबरी दी है। जी हां! रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर के एक्सेल एंटरटेनमेंट सहित निर्माताओं ने घोषणा करते हुए कहा है कि एक्टर संजय दत्त के जन्मदिन पर यानि 29 जुलाई, 2020 को फिल्म के विलेन 'अधीरा' का लुक रिलीज किया जाएगा। इस घोषणा के साथ साझा किए गए पोस्टर में "29 जुलाई को सुबह 10 बजे क्रूरता का अनावरण" लिखा गया है।
गौरतलब है कि इस फिल्म में सुपरस्टार संजय दत्त विलेन के किरदार में नजर आने वाले हैं जिनका नाम अधीरा है। केजीएफ में इस नाम को कई बार लिया गया था ,लेकिन चेहरा नहीं दिखाया गया था। बता दें कि हाल ही में, कुछ समय पहले अधीरा के लुक का स्केच खूब वायरल हुआ था और इसी के साथ प्रशंसकों का उत्साह अपने चरम पर था। वहीं निर्माताओं ने एक साल पहले केजीएफ चैप्टर 2 का पहला पोस्टर लॉन्च किया था, जिसमें रहस्यमयी अधीरा से परिचित करवाया गया था। अब फिल्म का पोस्टर सामने आते ही संजय दत्त के फैंस ट्विटर पर लगातार पोस्ट कर रहे हैं और देखते देखते संजय दत्त का नाम ट्विटर पर ट्रेंड कर रहा है।
आपको बता दें कि यश स्टारर इस फिल्म ने रिलीज होकर तगड़ा धमाका किया था और लोगों को फिल्म की कहानी और तगड़े एक्शन से चौंका डाला था। इस फिल्म के अगले पार्ट को लेकर काफी ज्यादा उत्सुकता इसलिए भी है कि फिल्म में कई बदलाव देखने को मिले हैं जो कि दमदार साबित होने वाले हैं। इस फिल्म में सुपरस्टार संजय दत्त और रवीना टंडन भी हैं। फिल्म में संजय दत्त विलेन का रोल प्ले करेंगे तो वहीं रवीना एक राजनेता का किरदार निभाएंगी। रवीना का रोल काफी धमाकेदार होने वाला है। इस फिल्म का निर्देशन प्रशांत नील ने किया है और उनके निर्देशन की काफी ज्यादा तारीफ पहली फिल्म में हो चुकी है।यह फिल्म कन्नड़, तमिल, तेलुगु, मलयालम और हिंदी में रिलीज होगी।
मनोरंजन / शौर्यपथ / अमिताभ बच्चन, अभिषेक, ऐश्वर्या और आराध्या नानावटी अस्पताल में कोरोना का इलाज करा रहे हैं। हालांकि इस बीच भी बिग बी सोशल मीडिया पर एक्टिव रहते हैं और फैन्स के साथ अपनी बातें शेयर करते रहते हैं। अब हाल ही में बिग बी ने अपनी ऐसी फोटो शेयर की है जिसे देखकर आपके भी चेहरे पर स्माइल आ जाएगी।
बिग बी ने अपनी एक फोटो शेयर की है जिस पर लाल लिपस्टिक से किस के निशान बने हुए हैं। इस फोटो को शेयर करने के साथ बिग बी का कैप्शन काफी अलग है। उन्होंने लिखा, 'दुश्मन बनाने के लिए जरूरी नही लड़ा जाए, आप थोड़े कामयाब हो जाओ तो वो खैरात में मिलेंगे'।
इससे पहले बिग बी ने बताया था अस्पताल में अपने ट्रीटमेंट का एक्सपीरियंस
बिग बी ने ब्लॉग लिखा था जिसमें उन्होंने बताया कि कोरोना का असर मेंटल हेल्थ पर पड़ता है। बिग बी ने लिखा था, रात के अंधेरे और एक ठंडे कमरे में मैं गाता हूं, सोने की कोशिश में आंखें बंद करता हूं। यहां आपके पास कोई नहीं होता। कई हफ्तों से किसी को नहीं देखा, जो डॉक्टर्स आपका इलाज कर रहे होते हैं वह भी पीपीई किट में होते हैं।
बिग बी ने आगे लिखा था कि 'क्या इसका असर मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ता है? साइकोलॉजिस्ट के मुताबिक इसका असर पड़ता है। यहां से निकलने के बाद भी मरीज डरे हुए रहते हैं। वो पब्लिक प्लेस पर जाने से डरते हैं। उन्हें लगता है कि लोग अब उनके साथ अलग तरह से बिहेव करेंगे। ऐसा बिहेव करेंगे जैसे आप अपने साथ बीमारी लेकर चल रहे हैं। इसे परियाह सिंड्रोम (छुआछूत का डर) कहते हैं। इससे लोग डिप्रेशन और अकेलेपन में जा रहे हैं।'
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
