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दुर्ग / शौर्यपथ / जिला मुख्यालय के अधिकारियों के साथ कलेक्टर डाक्टर सर्वेश्वर नरेंद्र भूरे ने अपनी नजर ब्लॉक लेवल के ऑफिसर्स के कार्यों की मानिटरिंग पर भी रखी है। उन्होंने आज अपनी तीसरी ब्लॉक स्तरीय बैठक दुर्ग ब्लाक में ली। इससे पहले वे धमधा और पाटन ब्लॉक के अधिकारियों के साथ बैठक ले चुके हैं। बैठक में कलेक्टर ने स्पष्ट कर दिया कि वे जिला स्तर के अधिकारियों के कार्यों के साथ ही ब्लॉक लेवल ऑफिसर के कार्यों की भी नियमित मानिटरिंग करेंगे। परिणाममूलक कार्य नहीं हुए तो जिम्मेदारी तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि शासन की फ्लैगशिप योजनाएं सबसे अहम हैं। इसके क्रियान्वयन पर पूरी बारीकी से कार्य करें। इस मौके पर जिला पंचायत सीईओ सच्चिदानंद आलोक भी मौजूद थे।
इस दौरान उन्होंने शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल नरवा, गरूवा, घुरूवा, बाड़ी योजना के क्रियान्वयन की समीक्षा की। चिन्हांकित किये गए 61 गौठानों में संचालित गतिविधियों की जानकारी ली। उन्होंने गौठान की बुनियादी बातों को सबसे पहले बताया। उन्होंने कहा कि गौठान इसलिए निर्मित किए गए हैं कि अधिकतम पशुधन यहां पर रहे। इसलिए पहली आवश्यकता यह है कि पशुधन की अधिकतम उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। पशुओं की संख्या के मुताबिक उनके लिए चारेपानी की व्यवस्था सुनिश्चित करें। गौठान का काम रोजमर्रा का काम है इसलिए आपको नियमित रूप से इसका फीडबैक लेना होगा। इसके साथ ही नस्ल सुधार पर ध्यान देना भी अहम है। नस्लसुधार से पशुपालन लाभप्रद पेशे के रूप में बढ़ेगा और इससे ही कृषि के साथ पशुपालन पर जोर बढ़ेगा और इसके आर्थिक लाभ ग्रामीणों को मिल पाएंगे।
कलेक्टर ने कहा कि गौठान को रोजगार मूलक बनाया जाना है ताकि आर्थिक दृष्टिकोण से ग्रामीणों को मजबूत बनाया जा सके। गौठान में महिला स्वसहायता समूहों को अनेक गतिविधियों से जोड़कर रोजगार की उपलब्धता सुनिश्चित किया जाने का कार्य करें। गौठान में उत्पादित सामग्रियों की खरीदारी जिला पंचायत के माध्यम से की जाएगी। गौठान के बेहतर क्रियान्वयन व संचालन के लिए सभी गौठान के लिए गौठान समिति के गठन की जानकारी भी उन्होंने ली। उन्होंने कहा कि गौठान समिति को सक्रिय करें, इनके प्रभावी कार्य का बेहतर परिणाम गौठान को मिल सकेगा।
कलेक्टर ने गौठान के क्रियान्वयन से जुड़े विभिन्न विभाग कृषि पशुपालन मत्स्यपालन उद्यानिकी विभाग से कहा कि गौठान में विभागीय गतिविधियों का बेहतर संचालन करें। कृषि विभाग से कहा कि यहां निर्मित कंपोस्ट व वर्मी टैंक को भरने का कार्य करे। मत्स्य विभाग को गौठान में मत्स्य पालन के लिए कार्यक्रम तैयार कर इसके लिए कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। कम से कम दस गौठान में मुर्गी पालन हेतु शेड निर्माण किये जाने के निर्देश दिए। उद्यानिकी विभाग को सामुदायिक फलोद्यान लगाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने आज ब्लॉक स्तरीय विभागीय समीक्षा में विभागों में संचालित योजनाओं के क्रियान्वयन वित्तीय व भौतिक लक्ष्य को पूर्ण प्राप्ति की दिशा में प्रभावशाली पूर्वक कार्य कहा। विभागीय योजनाओं के सफलतापूर्वक क्रियान्वयन नही होने की दशा में अधिकारियों पर जवाबदेही तय करते हुए आवश्यक कार्यवाही की चेतावनी भी कलेक्टर ने दी।
भिलाई / शौर्यपथ / पूरा विश्व कोरोना कोविड.19 से जूझ रहा है। इस संकटकाल में कई ऐसे योद्धा हैं जो चुपचाप अपने कार्यों में डटे हुए हैं। ऐसे ही कर्म योद्धाओं में शामिल हैं विद्युतए पानी और दूरभाष जैसी अनिवार्य आवश्यकताओं की पूर्ति करने वाले लोग। ऐसे ही एक समर्पित कर्मवीरों की टीम ने अपने प्रयासों से शहर को सुकुन बख्शा है। इस्पात नगरी को निर्बाध विद्युत आपूर्ति करने वाली भिलाई इस्पात संयंत्र के नगर सेवाएँ विभाग के विद्युत अनुभाग के अधिकारियों और कार्मिकों की टीम जिसने इस चुनौती भरे समय में अपनी ओर से कोई कसर नहीं छोड़ी है। इन्होंने इस दौरान और बेहतर सुविधा देने का प्रयास किया ताकि लोग घर में सुकुन से रह सकें। इन्होंने चुनौती को अवसर में बदल दिया। इन कर्मवीरों को सलाम।
ज्ञातव्य हो कि टाउनशिप का विद्युत नेटवर्क बेहद विस्तृत है। यह 13 सेक्टरों में बंटा भिलाई जिसमें लगभग 300 किलोमीटर से अधिक की एल टी लाईन और लगभग 170 किलोमीटर से अधिक की एच टी लाईन है। 30,000 से अधिक आवासों और 5,000 हजार से अधिक व्यावसायिक संस्थानों की बिजली की देखभाल 24 घंटे और साल भर करनी होती है। कोई त्यौहार और कोई छुट्टी नहीं। जब सभी त्यौहारों का आनंद उठाते हैं तब विद्युत आपूर्ति के इन योद्धाओं को जूझना होता है। काफी पुरानी व्यवस्थाए लाईन और सिस्टम जिसमें अभी भी कुछ पुराने उपकरण लगे हैं। एक बार खराब होने पर स्पेयर्स मिलना कठिन हो जाता है। लगभग 220 सब स्टेशन और लगभग 240 से अधिक ट्रांसफारमर की नियमित देखभाल और निर्बाध विद्युत आपूर्ति की चुनौती। हर व्यक्ति 10 मिनट भी बिना विद्युत के व्याकुल हो उठता है। ऐसे लोगों को घरों में रखना और उनकी आवश्यकता की शत.प्रतिशत पूर्ति करना निश्चित ही एक कठिन कार्य है। कोरोना के संकटकाल और बारिश के आगमन ने विद्युत अनुभाग के समक्ष अनेक चुनौतियाँ खड़ी कर रही है। इन चुनौतियों से निपटने हेतु विद्युत अनुभाग ने अपनी एक कारगर रणनीति बनाई है। आज हमने शहर के इन प्रतिबद्ध योद्धाओं से बातचीत की।
भिलाई इस्पात संयंत्र के विद्युत अनुभाग के प्रभारी महाप्रबंधक विद्युत दिनेश कुमार ने बताया कि उनकी टीम ने कोरोना की चुनौती और लाकडाउन के समय पर उत्कृष्ट सेवा प्रदान करने में कोई कोर.कसर नहीं छोड़ा। हमने हर चुनौती को अवसर में बदला है। इस संबंध में दिनेश कुमार ने आगे कहा कि जैसा कि सभी इस कोरोना के संबंध में सतर्क और जागरूक हैं। वैसे ही मैं और मेरी टीम ने भी पूरी सर्तकता रखी। जैसे.जैसे सूचना मिलती उसके हिसाब से हम भी स्टेप उठाते रहे। सरकार और प्रबंधन के दिशानिर्देशों के पालन का पूरा ध्यान रखा गया। प्रारंभ में कुछ परेशानी हुई। आने.जाने की तकलीफए स्वयं की सेफ्टी और मास्क आदि को लेकर किन्तु धीरे.धीरे सभी दिक्कतें दूर हो गई। सभी का पूरा सहयोग रहा। न्यूनतम मैन पावर में भी हमारी टीम ने बेहतर काम कर दिखाया है।
इस लाकडाउन के दौरान सभी कार्य सामान्य दिनों की तुलना में बेहतर तरीके से संपन्न हुए। यह सब टीम के सदस्यों का सहयोगए उत्साह और समर्पण की वजह से हुआ है। श्री दिनेश कुमार ने बताया कि हमारी टीम ने इस चुनौती भरे समय को भी एक अवसर के रूप लिया और कई अच्छे काम भी कर डालें। कल पर काम नहीं छोड़ा और कोई शिकायत का अवसर भी नहीं दिया। हमारा पूरा ध्यान हास्पिटल और पम्प हाउस पर भी रहा। पानी की आपूर्ति के दौरान पावर कट की जिम्मेदारी का बखूबी निर्वहन किया। कहीं कोई अनहोनी न हो और सब कुछ बेहतर और सामान्य रूप में संचालित होता रहे इसके लिये हम हमेशा सर्तक रहे। बारिश के मौसम को देखते हुए हमने विद्युत लाइन को बाधित करने वाले पेड़ों की डंगालों की कटाई प्रारंभ कर दी है। इसके अतिरिक्त टाउनशिप के सड़कों की लाईटों को बेहतर बनाने हेतु एलईडी लाईट लगाये जा रहे हैं। साथ ही जहाँ लो.वोल्टेज की समस्या है वहाँ पर नये सब.स्टेशनों की स्थापना की जा रही है।
डीजीएम ए के चैहान जो विद्युत विभाग में प्लानिंग और एयर कंडीशन देखते हैं उन्होंने कहा कि स्पेयर्स की कमी है इसके बावजूद हमने हर समस्या से निपटने का प्रयास किया है। पुराना सिस्टम और कार्मिकों की औसत आयु अधिक होने के बावजूद हमारी टीम ने बेहतर रिजल्ट दिये हैं।
भिलाई / शौर्यपथ / ट्रांस्पोर्ट नगर की स्थिति दिन प्रतिदिन बद से बद्तर होते जा रही है, लेकिन लागातार मांग करने और ध्यान आकषर््िात कराने के बाद भी भिलाई तीन चरोदा निगम इस ओर ध्यान नही दे रही है। यहां के सड़कों में बड़े बडे गड्ढे होने के कारण यहां अब तक चार चार लोगों की जान जा चुकी है। यहां गाडिय़ों से आना जाना तो दूर पैदल चलना ष्भी अब मुश्किल हो गया है। इसके कारण ट्रांसपोर्ट नगर वासी भारी दहशत में है 30 वर्षों से ट्रांसपोर्ट नगर को लेकर बार-बार सरकार का ध्यान आकर्षित किया गया लेकिन ट्रांसपोर्ट नगर की सूरत नही बदली। मुख्यमंत्री द्वारा घोषित की गई राशि आज भी सरकारी प्रक्रिया में है लेकिन फिलहाल बड़े-बड़े गड्ढों को लेकर गाडिय़ों के टायर फटने, एक्सल व कमानी पट्टा टूटने की समस्या से हर गाड़ी मालिक को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है अब ट्रांसपोर्ट नगर की स्थिति ऐसी है की आप पैदल भी नहीं जा सकते जबकि यहां गड्ढों के चलते चार चार मौतें हो चुकी है।
दिन प्रतिदिन लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है, ट्रांसपोर्टर उनके प्रति नाराज़ है जिन्होंने बिना विकास किए ट्रांसपोर्ट नगर को लाठी के बल पर पावर हाउस तीन दर्शन मंदिर से विकास जल्द करने का झांसा देकर यहां भेज दिया गया तथा दूसरी नाराजगी नगर निगम भिलाई चरोदा से है। जिनको सिर्फ भूभाटक, संपत्ति कर चाहिए, कुछ गढों को फिलिंग कर दे ताकि कुछ राहत मिल सके और बरसात निकल जाए लेकिन इनके पास रोने के सिवाय कुछ नही है जबकि मुख्यमंत्री के क्षेत्र में ट्रांसपोर्ट नगर है। ट्रांस्पोर्ट नगर के नाराज सभी ट्रांस्पोर्टरों ने निर्णय लिया है कि ट्रांस्पोर्ट नगर की सड़कों सहित अन्य अव्यवस्थाओं के विरोध में अब ट्रांसपोर्ट नगरवासी आगामी बुधवार 24 जून को शारिरिक दूरी को ध्यान में रखते हुए नगर निगम भिलाई चरोदा के सामने एक दिवसीय धरना देंगे।
उक्त जानकारी देते हुए ट्रांस्पोर्टर प्रभुनाथ बैठा ने देते हुए बताया कि ट्रांस्पोर्ट नगर के सभी ट्रांस्पोर्टरों छत्तीसगढ़ ट्रक ट्रेलर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के प्रमुख संरक्षक इंदरजीत सिंह छोटू, प्रांतीय अध्यक्ष सुखचैन सिंह सुखा, प्रभुनाथ बैठा, बलजिंदर सिंह, पंकज सेठी, जसवंत सिंह, सुरजीत सिंह ,सीता सिंह, इंदरजीत सिंह सैनी, गुरप्रीत सिंह धींगरा ,अरुण कुमार बैठा, गोपी अरोरा ,भजन सिंह, जगजीत सिंह लाडी ,मलकीत सिंग, हरनेक सिंह ने सार्वजनिक रूप से फैसला लिया गया है। नगर निगम के सामने 24 जून को दिये जाने वाले धरने में शासन के गाईडलाईन और सोशल डिस्टेंसिंग को ध्यान में रखकर मात्र 11 आदमी को ही सम्मिलित किया जाएगा तथा इस धरने में मांग की जाएगी कि तत्काल गड्ढों को फिलिंग करे या जमा की गई भूभाटक और संपत्ति कर को वापिस करे।
दुर्ग / शौर्यपथ / केन्द्रीय जेल में उस समय हड़कंप मच गया जब हत्या के आरोप में जेल में बंद एक कैदी ने वीरवार की सुबह 8 बजे के करीब जेल में फांसी लगाकर आत्महत्या कर लिया। बताया जा रहा है कि अस्पताल की दिवाल के बने रौशनदान के रॉड में कपड़े का फंदा बनाकर कैदी ने फांसी लगाई है। आनन फानन में इसकी सूचना पद्मनाभपुर चौकी पुलिस को दी गई।
मौके पर पहुंची पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है। फिलहाल आत्महत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है। वहीं बंदी द्वारा फांसी लगाए जाने के बाद जेल के भीतर सुरक्षा व्यवस्था की पोल खुल गई है। हालांकि जेल में फांसी लगाकर आत्महत्या करने का यह कोई पहले मामला नही है, इससे पहले भी यहां कई लोग फांसी लगाकर आत्महत्या कर चुके हैं। हालंाकि यह अंदेश जताया जा रहा है कि उसका स्वास्थ्य खराब होने के कारण उसने आत्महत्या की होगी, क्योंकि उसका तबियत कुछ दिनों से खराब था उसको अस्पताल में भी भर्ती कराया गया था और अभी भी वह पूर्ण रूप से ठीक नही हुआ था। हांलांकि आत्हत्या का कोई कारण सामने नही आया है।
पद्मनाभपुर चौकी प्रभारी ने बताया कि हत्या के मामले में सजायाफ्ता बंदी ने फांसी लगाकर की आत्महत्या कर ली। घटना आज सुबह 8 बजे की है। मृतक बंदी का नाम दिवाकर योगी आत्मज करन लाल योगी (23) है। यह परपौड़ी जिला बेमेतरा का निवासी था। चौकी प्रभारी ने बताया कि मृतक दिवाकर योगी को हत्या के मामले में 28 जून 2019 को आजीवन कारावास की सजा हुई थी। सजा सुनाये जाने क बाद उसे बेमेतरा से दुर्ग सेंट्रल जेल में शिफ्ट किया गया था तब से यह सेंट्रल जेल दुर्ग में सजा काट रहा था। आज सुबह अचानक हुई घटना से जेल प्रशासन भी सकते में हैं। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है।
गृहमंत्री साहू ने दिए जाँच के आदेश ..
केन्द्रीय जेल दुर्ग में कैदी द्वारा आत्महत्या की खबर लगते ही प्रदेश के गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू ने मामले की जाँच के विभागीय आदेश जरी किये वही घटना पर एएसपी झा ने कहा कि मामले में मार्ग कायम कर लिया गया है और आदेश अनुसार जाँच की जाएगी एवं आत्महत्या के कारणों का पता लगाया जायेगा .
जांजगीर-चांपा / शौर्यपथ / रोका-छेका कार्यक्रम के तहत शुक्रवार 19 जून को जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री तीर्थराज अग्रवाल जनपद पंचायत नवागढ़ की ग्राम पंचायत खोखरा की गौठान में पहुंचे। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि रोका-छेका ही यह परंपरा गांव में प्राचीन समय से चली आ रही है। आज इस परंपरा के तहत ही तय किया जा रहा है कि पशुपालक अपने मवेशियों को घर में रखे या गौठान में भेजे। इससे फसल की बुआई के समय किसानों को खुले घूमने वाले मवेशियों से नुकसान नहीं होगा। इसलिए कोई भी अपने पशुओं को खुले में नहीं छोड़ंेगे। ग्रामीणों ने रोको-छेका कार्यक्रम के दौरान ही शपथ लेते हुए कहा कि वे अपने पशुओं को गौठान में ही भेजेंगे और किसानों की फसल को नुकसान होने से बचाएंगे।
जिपं सीईओ ने कहा कि राज्य शासन की मंशानुरूप एनजीजीबी के तहत गौठान बनाए गए हैं। इन गौठानों में रोका-छेका परंपरा के अनुसार ही पशुपालक अपने मवेशियों को भेजे। उन्होंने बताया कि खोखरा आने के पूर्व कलेक्टर श्री यशवंत कुमार के साथ जनपद पंचायत अकलतरा की ग्राम पंचायत खटोला में रोका-छेका कार्यक्रम के तहत ग्रामीणों से मुलाकात की। जिपं सीईओ ने ग्राम पंचायत खोखरा में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए समूह की महिलाओं से कहा कि आजीविका संवर्धन की दिशा में बेहतर कार्य करें, उन्हें हरसंभव प्रशिक्षण एवं राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से जोड़कर लाभ दिलाया जाएगा। गौठान में काम करते हुए बेहतर रोजगार के अवसर प्राप्त कर सकते हैं। लॉकडाउन की मुश्किल घड़ी में भी समूहों की महिलाओं ने विभिन्न गतिविधियों में कार्य करते हुए आय अर्जित की है। उन्होंने कहा कि कृषि विभाग की जनकल्याणकारी योजनाओं से किसानों को लाभान्वित किया जा रहा है, ताकि वे बेहतर धान एवं अन्य फसलों को उत्पादन कर सके। इस दौरान पशुपालन विभाग, कृषि विभाग के स्टाल लगाए गए थे। इसके अलावा समूह की महिलाओं के द्वारा बनाई गई सामग्री अगरबत्ती, जैविक खाद, फाइल कवर, साबुन आदि का प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम में एसडीएम श्रीमती मेनका प्रधान, गौठान नोडल अधिकारी एवं जनपद पंचायत सीईओ श्री मोहनीश देवांगन सहित सरपंच, जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। इस अवसर पर गौठान परिसर में पौधरोपण भी किया।
गौठानों में हुई जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों के साथ बैठक
जनपद पंचायत पामगढ़ की ग्राम पंचायत बरगांव में जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री राघवेन्द्र सिंह, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती शिवकुमारी रात्रे, जनपद अध्यक्ष राजकुमार पटेल, उपाध्यक्ष श्री मनीष चंदेल ने रोका-छेका कार्यक्रम में शामिल हुए। इसके अलावा जनपद पंचायत नवागढ़ की ग्राम पंचायत अमोरा आदर्श गौठान में नोडल अधिकारी श्री अभिमन्यु साहू, जिला पंचायत सदस्य श्री राजकुमार साहू, पूर्व जिला पंचायत सदस्य श्री दिनेश शर्मा, सरपंच सहित ग्रामीण शामिल हुए। इसके अलावा ग्राम पंचायत भुईगांव में गौठान में ही बैठक का आयोजन किया गया। इस दौरान ग्रामीणों से रोका-छेका के संबंध में विस्तार से चर्चा की गई। बम्हनीडीह ग्राम पंचायत लखाली में गौठान में कार्यक्रम के आयोजन के साथ ही पशु चिकित्सा विभाग द्वारा पशुओं का परीक्षण किया गया एवं बारिश के दौरान मवेशियों को किस तरह से सुरक्षित रखना है, इस संबंध में भी ग्रामीणों को जानकारी दी गई। गौठान पीथमपुर, कुलीपोटा, सरखों, खोखसा, गुचकुलिया, भोथिया, ओडेकेरा, बालपुर, कटारी, रेडा, सोनगुढ़ा, पिरदा, नवागांव सहित सभी जनपद पंचायत की गांव, गोठान में कार्यक्रम आयोजित किए गए।
मुंगेली / शौर्यपथ / पुरानी पेंशन बहाली मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीपी रावत के मार्गदर्शन अनुसार प्रदेश के समस्त शिक्षकों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा 21 जून को पुरानी पेंशन की बहाली की मांग हेतु देशव्यापी पोस्टर बैनर प्रदर्शन किया जाएगा। छग में पुरानी पेंशन की मांग के साथ स्थानीय आदेश का भी विरोध दर्ज किया जायेगा। जिसमें प्रदेश के समस्त कर्मचारियों का जुलाई माह में लगने वाले वार्षिक वेतनवृद्धि पर छग शासन द्वारा रोक लगाई गई है, उपरोक्त आदेश को वापस लेने की मांग भी इस प्रदर्शन में सम्मलित होगा।
पुरानी पेंशन बहाली मोर्चा छग के प्रदेश संयोजक संजय शर्मा, वीरेंद्र दुबे व उप- संयोजक संजय उपाध्याय ने बताया कि छग ने अभी तक केंद्रीय वेतनमान नही दिया है। इसके कारण शिक्षकों व अन्य कर्मचारियों के वेतन में भारी विसंगति व्याप्त है।
पुरानी पेंशन बहाली मोर्चा के जिला संयोजक बलराज सिंह एवम जिला संयोजक दीपक वेंताल ने बताया कि पुरानी पेंशन, वार्षिक वेतनवृद्धि कटौती आदेश वापसी, वेतन विसंगति दूर करने मांग का यह पोस्टर प्रत्येक शिक्षक और कर्मचारी अधिकारी 21 जून को समस्त सोशल मीडिया, प्रिंट व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में भेज कर अपनी मांग को बुलंद करेंगे। साथ ही संगठन स्तर पर ज्ञापन भी सौंपा जाएगा। जिले के समस्त शिक्षकों से अपील किया गया है कि अपनी इन मांगों को 21 जून को मुखर कर इस देशव्यापी प्रदर्शन में सम्मलित होकर अपनी आवाज बुलंद करें। अशोक मिश्रा,विजय यादव,उमेश कश्यप,बलदाऊ साहू,पोषण साहू ,गौकरण डिंडोले,सुनील वाधवानी, संतोष यादव,खूबचंद सिंह क्षत्री,जिलाराम यादव,उमेश साहू,नरेंद्र तिवारी, पी के बंजारे,राधेश्याम राय, पी के दिवाकर,मोहन कश्यप,घनश्याम देवांगन,ब्रजेश्वर मिश्रा,राजेश गबेल, नारायण शुक्ला, अजय सिंह ठाकुर,दुर्गेश देवांगन,ऋषि क्षत्रिय,मयूर लाल पुष्कर,रमेश अंनत,रामेश्वर राव,अभिषेक तिवारी,अखिलेश शर्मा,सुशील जांगड़े,हरीश मंडावी,सत्येंद्र पटेल,राजेन्द्र नेताम सहित समस्त शिक्षक साथियो ने सरकार से फैसले वापस लेने का आग्रह किया है। व् पुरानी पेंशन बहाल करने की बात कही है।
दुर्ग / शौर्यपथ / राहुल गाँधी जी के जन्मदिन उत्सव न कर के प्रत्येक जिले में रक्तदान शिविर का आयोजन भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन छःग के प्रदेश NSUI अध्यक्ष आकाश शर्मा के निर्देशानुसार आज रक्तदान के कार्यक्रम का आयोजन कर रक्तदान किए कोरोना के इस संकट काल में रक्त की अतिआवश्यकता हैं। ज्यादातर ब्लड बैंक रक्त के अभाव के कारण आवश्यक आपूर्ति नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में दुर्ग जिला NSUI द्वारा जिला,विधानसभा पदाधिकारियों के संयुक्त नेतृत्व में चंदूलाल चंद्राकर हॉस्पिटल नेहरू नगर में 10 यूनिट ब्लड डोनेट किया गया NSUI कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस नेता गांधी के जन्मदिन के अवसर पर रक्तदान करके कांग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के पचासवें जन्मदिन के रक्तदान किया राहुल गांधी जी पार्टी के भीतर सबसे लोकप्रिय युवा नेता हैं और एनएसयूआई का सबसे अधिक जुड़ाव राहुल गांधी जी के साथ है, समय-समय पर राहुल जी युवा कार्यकर्ताओं को पार्टी के भीतर कई बड़े अवसर देते रहते हैं, जिसका उदाहरण छत्तीसगढ़ में भी है।
सोनू साहू ने कहा कि हमारा साथ हमारे नेता राहुल गांधी के साथ हैं वो एन एस यु आई से बहुत प्यार करते हैं और उनके कारण ही आज आम युवा भी पार्टी के भीतर बड़े बड़े पदों पर है जिसका उदाहरण भिलाई के युवा महापौर/विधायक श्री देवेंद्र यादव जी है जो एनएसयूआई से छात्र राजनीति से दुर्ग जिला अध्यक्ष, प्रदेश अध्यक्ष, राष्ट्रीय सचिव जैसे विभिन्न पदों में रहकर वर्तमान समय मे आज विधायक,महापौर हैं आज हम उनके जन्मदिन पर रक्तदान करके उनकी ओर अपने कदम बढ़ा रहे हैं। प्रेम और निष्ठा को जाहिर कर रहे हैं हम सभी अंतिम सांस तक उनके साथ रहेंगे। राहुल गांधी जी जन्मदिन पर रक्तदान शिविर लगाने का मुख्य उद्देश्य देश में किसी की भी जान रक्त के अभाव में न जाएं इस अवसर पर प्रमुख रूप से दुर्ग जिला कार्यकारिणी अध्यक्ष गुरलीन सिंग,सोनू साहू,आकश यादव,शुभम झा,संदीप साव,पलाश, गुरमुख, प्रणय, अजय अमन दुबे, हरीश देवांगन, सूर्या, गोल्डी कोसरे प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
दुर्ग / शौर्यपथ / आज पूरे दुर्ग जिले के ग्रामीण अंचलों में पारंपरिक रोका छेका की रस्म निभाई गई। ग्राम पतोरा में भी इस रस्म का आयोजन हुआ और यह क्षण विशेष रूप से और भी खुशी में बदल गया क्योंकि पूजा के तुरंत पश्चात मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने वीडियो कॉल के माध्यम से यहां के ग्रामीणों से बातचीत की। मुख्यमंत्री ने सरपंच से पूछा कि गायों की पूजा हो गई। आप सभी ने क्या संकल्प ले लिया। आप लोगों के उत्साह को देखकर बहुत खुशी महसूस हो रही है। गौठान को आगे बढ़ाने के लिए गठित समिति के सदस्य सभी ग्रामीण जन उत्साह से जुटे दिख रहे हैं।
रोकाछेका की रस्म को मनाने के लिए आप लोग इतने मेहनत से काम कर रहे हैं। यह बहुत खुशी की बात है रोकाछेका हमारी ग्रामीण संस्कृति की महत्वपूर्ण परंपरा है। इस परंपरा को निभाने के लिए आप लोगों के द्वारा जो यत्न किया गया है। आप लोग इतने उत्साह से जुड़े हैं यह देखकर बहुत अच्छा लग रहा है। सरपंच श्रीमती अंजीता साहू ने मुख्यमंत्री को बताया कि आज हम लोगों ने सभी से मवेशियों को गौठान में ही रखने की शपथ लिवाई है। इसके लिए हम लोगों ने गौठान में पूरी तैयारी कर ली है। पैरा एकत्रित कर लिया है। पैरा काटने की मशीन भी हम लोगों ने रख ली है। मुख्यमंत्री ने कहा कि खरीफ फसल को बचाने के लिए रोकाछेका बहुत जरूरी परंपरा है। पहले गांव के सभी लोग ऐसे ही संकल्प लेते थे और उसके बाद फसल की रक्षा होती थी।
मुख्यमंत्री ने गांव के वरिष्ठ जनप्रतिनिधि अश्विनी साहू से भी चर्चा की। अश्विनी साहू ने बताया कि गांव में रोकाछेका के लिए दो.तीन दिनों से तैयारी की जा रही थी। सभी को रोकाछेका के दिन सामूहिक शपथ लेने के लिए प्रेरित किया गया है। सभी उत्साह से शपथ लेने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसके अलावा गौठान में भी खरीफ फसल के लिए मवेशियों को रखने के लिए आवश्यक तैयारियां कर ली गई है। श्री साहू ने गौठान की व्यवस्था के संबंध में भी जानकारी मुख्यमंत्री को दी। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर पहाटिया से भी बात की। उन्होंने कहा कि पहाटिया लोगों के अच्छे कार्य की वजह से ही गौठान आगे बढ़ रहा है।
शासन ने गौठान को बढ़ावा देने के लिए रोकाछेका के अवसर पर महत्वपूर्ण घोषणाएं भी की है। उन्होंने गांव वालों को खरीफ फसल की शुभकामनाएं भी दी। इस मौके पर कलेक्टर डॉ सर्वेश्वर नरेंद्र भूरे भी उपस्थित रहे। इस मौके पर मुख्यमंत्री के ओएसडी आशीष वर्मा, एसडीएम विनय पोयाम, सीईओ मनीष साहू सहित अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद थे।
दुर्ग। शौर्यपथ । दुर्ग निगम सालो से नुकसान में है निगम की अभी तक अपना कोई भवन नही है , बिजली बिल का लाखो का भुगतान बचा है । अभी तक 20 सालो से भाजपा का निगम में कब्ज़ा था और विपक्ष कांग्रेस द्वारा लगातार आरोप लगते रहे किन्तु विगत 6 माह से कांग्रेस की सरकार है किंतु सरकार बदलने के बाद भी अधिकारियों के काम करने की प्रणाली में कोई परिवर्तन नही आया । निगम के ज़िम्मेदार अधिकारी वर्तमान में भी ऐसे कई संसाधन की खरीददारी कर लेते है जिसका कोई उपयोग नही होता और रखे रखे ही ये लाखो के संसाधन खराब हो जाते है । ऐसा ही मामला हाल ही के महीने का है जिसमे निगम दुर्ग द्वारा लगभग 70 लाख की दो वैक्यूम मशीन मंगाई गई ताकि सड़क की धूल हटाई जा सके । महीने 15 दिन खूब चली उसके बाद 70 लाख की मशीन महीनों से बन्द है । एक बार फिर निगम प्रशासन ने 70 लाख की बर्बादी कर दी । बर्बादी इसलिए कह सकते है क्योंकि विगत 4 माह से गाड़ी अपनी जगह से हिली भी नही किन्तु कंपनी को वाहन का पूरा भुगतान हो गया ।
अधिकारियों में है दूरदर्शी की कमी या चल रहा कमीशन का खेल ..? दुर्ग निगम में पहले भी वैक्यूम मशीन असफल हुआ था बावजूद इसके निगम प्रशासन के अधिकारियों द्वारा आचार संहिता के दौरान वैक्यूम व्हीकल लाने के लिए जो कदम उठाया गया वह कई तरह के संदेहों को जन्म देता है । आखिर ऐसी क्या ज़रूरत आ पड़ी थी कि आनन फानन में 70 लाख की मशीन मगम ली गई जो आज महीनों से खड़ी है । वही चर्चा है कि इस खरीददारी में निगम के किसी अधिकारी का अपने रिश्तेदार को लाभ पहुंचाने की कोशिश की गई । चर्चा यह भी है कि जिस कम्पनी से वैक्यूम लिया गया उस कम्पनी में निगम के किसी अधिकारी का रिश्तेदार कार्य करता है और अपरोक्ष रूप से फायदा पहुंचाने के लिए ये सौदा किया गया जो कि जांच का विषय है ।
महापौर व आयुक्त लेंगे मामले को संज्ञान या फ़ाइल दब जाएगी अंधेरी कोठरी में ? दुर्ग निगम के नवनियुक्त महापौर बाकलीवाल जिस तरह से शहर की व्यवस्था को दुरुस्त करने के साथ फिजुलखर्जी पर रोक लगाने व निगम की आय बढ़ाने का प्रयास कर रहे है दुर्ग की जनता को उम्मीद है कि मामले को संज्ञान में लेकर निष्पक्ष जांच की अनुशसा करेंगे और ये जानने का प्रयास करेंगे कि आखिर ऐसी क्या उपयोगिता आ पड़ी जो वैक्यूम मशीन की खरीददारी की गई ?
सागर । शौर्यपथ । बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के निधन के बाद उनके परिवार और फैंस पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. हर कोई जानना चाह रहा है कि उन्होंने ऐसा क्यों किया. इसी बीच एक मामला मध्य प्रदेश के सागर जिले से आया है, जिसने सबको चौंका दिया है. दरअसल, मध्य प्रदेश के सागर जिले में एक 20 साल की युवती ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. आश्चर्य की बात ये है कि फांसी लगाने के कुछ घंटे पहले ही उसने कहा था कि मैं भी सुशांत सिंह राजपूत की तरह ही फांसी लगा लूंगी. यह पूरा मामला सागर के खुरई का है. मृतक युवती के भाई ने बताया कि सुबह से ही उसकी बहन अपनी भाभी से मजाक में बोल रही थी कि वो भी सुशांत सिंह राजपूत की तरह फांसी लगा लेगी. कुछ घंटे बाद जब सभी लोग अपने-अपने काम में व्यस्त हो गए तब मौका पाते ही उसने छत पर जाकर घटना को अंजाम दे दिया. किसी को कुछ समझ नहीं आया कि उसने ऐसा क्यों कर लिया. घटना के बाद घर वाले सदमे में हैं. मृतक युवती के भाई ने यह भी बताया कि जब उसने फांसी लगाने के लिए कहा तो उसकी भाभी ने यह जवाब दिया कि तुम बहुत मुंह चला रही हो, हम मम्मी और आपके भैया से तुम्हारी शिकायत कर देंगे. इसके बाद युवती ने अपनी भाभी को बताया कि ऐसा कुछ नहीं है, वो सिर्फ मजाक कर रही है. इतना कहकर वह हंसकर वहां से चली गई. कुछ घंटों बाद जब सब इधर-उधर अपने काम में लगे थे तो वह चुपचाप ऊपर छत पर गई और वहां उसने फांसी लगा ली. युवती की मां और भाभी ने उसे देखा और घर वालों ने तत्काल डॉक्टर को बुलवाया. उसे अस्पताल लाया गया लेकिन वहां उसे मृत घोषित कर दिया गया. इस घटना की सूचना पुलिस को भी दी गई. सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची. खुरई थाना की एसआई सुरभि बिलथरे ने बताया कि अब्दुल हमीद वार्ड में रहने वाली एक महिला मृत अवस्था में पाई गई है. उसने फांसी लगा ली. उसके परिजनों ने भी यही बताया कि उसने फांसी लगाई है. फिलहाल जांच शुरू कर दी गई. पुलिस ने यह भी बताया कि मौके पर कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है. घर वालों का बयान भी दर्ज किया जाएगा. मृतक युवती के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है. आगे की जानकारी जांच के बाद जो परिणाम आएगा, उसी के आधार पर दी जाएगी. पिछले दिनों भी एक ऐसा ही मामला उत्तर प्रदेश के बरेली से आया था, जहां एक दसवीं कक्षा के छात्र ने सुशांत सिंह की आत्महत्या की खबर को टीवी पर देखने के बाद खुद भी फंदे से लटककर अपनी जान दे दी. छात्र ने अपने सुसाइड नोट में लिखा कि अभिनेता सुशांत सिंह आत्महत्या कर सकते हैं तो मैं क्यों नहीं.
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
