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April 05, 2026
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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

तोमर ने शुक्रवार को नागपुर में एक कार्यक्रम में कृषि कानूनों (अब निरस्त) के बारे में बात करते हुए कहा कि सरकार एक "कदम पीछे" चली गई है और " फिर से आगे बढ़ेंगे". इस बारे में पूछे जाने पर उन्‍होंने कहा, "मैंने यह नहीं कहा."

 ग्वालियर /शौर्यपथ/

केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर  ने शनिवार को स्पष्ट किया कि केंद्र कृषि कानूनों को संशोधित रूप में फिर से पेश नहीं करेगा. केंद्रीय मंत्री की ओर से स्पष्टीकरण कांग्रेस  के उस आरोप के बाद आया है कि जिसमें उसने कहा था कि केंद्र पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों  के बाद संशोधन के साथ तीन कृषि कानूनों (जिन्‍हें अब निरस्त कर दिया गया है) को वापस लाने की योजना बना रहा है.

तोमर ने शुक्रवार को नागपुर में एक कार्यक्रम में कृषि कानूनों (अब निरस्त) के बारे में बात करते हुए कहा कि सरकार एक "कदम पीछे" चली गई है और " फिर से आगे बढ़ेंगे". इस बारे में पूछे जाने पर उन्‍होंने कहा, "मैंने यह नहीं कहा."

मंत्री ने कहा, "मैंने कहा था कि सरकार ने अच्छे (कृषि) कानून बनाए हैं. कुछ कारणों से हमने उन्हें वापस ले लिया. सरकार किसानों के कल्याण के लिए काम करना जारी रखेगी."

इससे पहले, नागपुर के कार्यक्रम के दौरान, तोमर ने कहा था: "हम कृषि कानून लाए. कुछ लोगों को यह पसंद नहीं आया लेकिन आजादी के 70 साल बाद यह एक बड़ा सुधार था जो नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में आगे बढ़ रहा था, लेकिन सरकार निराश नहीं है. हम एक कदम पीछे हटे और हम फिर से आगे बढ़ेंगे क्योंकि किसान भारत की रीढ़ हैं और अगर रीढ़ मजबूत हुई तो देश मजबूत होगा."

 कांग्रेस महासचिव रणदीप सुरजेवाला ने तोमर के बयान का हवाला देते हुए कहा कि केंद्र फिर से आगे बढ़ेगा. सुरजेवाला ने कहा, ''तोमर के बयान ने एक बार फिर केंद्र की तीनों किसान विरोधी कानूनों को वापस लाने की साजिश को उजागर किया है. यह स्पष्ट है कि पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव के बाद में केंद्र सरकार तीन काले कानूनों को एक नए रूप में वापस लाने की योजना बना रही है और यह वे पूंजीपतियों के दबाव में कर रहे हैं."

23 नवंबर से शुरू हुए संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान आवश्यक विधेयक पारित होने के बाद तीनों कृषि कानूनों को निरस्त कर दिया गया था.

 

 

शासकीय योजनाओं की छायाचित्र प्रदर्शनी और प्रचार सामग्रियों को खूब सराहा गया

डोंगेश्वर धाम में आयोजित कबीर सत्संग मेला और युवोदय कार्यक्रम के अवसर पर आयोजित छायाचित्र प्रदर्शनी में

धमतरी /शौर्यपथ/

जिले के धमतरी विकासखण्ड स्थित डोंगेश्वर धाम

जिले के धमतरी विकासखण्ड स्थित डोंगेश्वर धाम, देवपुर में 25 एवं 26 दिसम्बर को दो दिवसीय कबीर सत्संग मेला एवं युवोदय कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इसमें आज ज़िला जनसंपर्क विभाग द्वारा प्रदेश सरकार की तीन वर्षों की उपलब्धियों पर आधारित छायाचित्र प्रदर्शनी लगाई गई। प्रदर्शनी का अवलोकन करने पहुंचे कंडेल नवागांव के 50 वर्षीय  मोतीराम साहू ने बताया कि शासन की विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते छायाचित्र काफी रोचक हैं। इससे आम लोगों को योजनाओं की अच्छी जानकारी मिल रही है। लोगों को प्रदर्शनी स्थल में आते देख वे खुद को रोक नहीं पाये और खुद भी यहां पहुंच गए। यहां बिजली बिल हाफ योजना, समर्थन मूल्य पर 52 प्रकार के वनोपज खरीदी, जल जीवन मिशन, जन स्वास्थ्य के लिए बड़े कदम इत्यादि को और करीब से देखा और समझा।  साहू आगे बताते हैं कि इस साल समर्थन मूल्य में उन्होंने 30 क्विंटल मोटा धान गत 22 दिसंबर को धान उपार्जन केंद्र भोथली में बेचा है और उन्हें धान बेचने में किसी तरह की दिक्कत नहीं आई। उन्होंने कहा कि धान विक्रय के आठ दिन पहले ही टोकन कट गया था। व्यवस्थित धान खरीदी के लिए वे प्रदेश के मुखिया  भूपेश बघेल का साधुवाद भी करते हैं।

इसी तरह देवपुर के 61 वर्षीय  आत्माराम ध्रुव भी पेशे से कृषक हैं। प्रदर्शनी का अवलोकन कर उन्होंने विभागीय योजनाओं की जानकारी को सराहा। खास तौर पर मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना, छत्तीसगढ़ मॉडल जन सशक्तिकरण से आर्थिक विकास, धनवंतरी योजना। उन्होंने बताया कि चालू खरीफ विपणन वर्ष में अभी 15 दिसंबर को कंडेल उपार्जन केंद्र में समर्थन मूल्य पर 24 क्विंटल धान बेचा। इसकी राशि भी उनके खाते में आ गई हैं। उन्हें भी पहले से टोकन कट जाने से धान बेचने में कोई असुविधा नहीं हुई। वे खुश हैं कि प्रदेश सरकार की बेहतरीन व्यवस्था की वजह से किसानों को समितियों में धान बेचने में कोई तकलीफ नहीं हो रही। इस मौके पर भालूकोन्हा के  कुमार दास, ढीमरटिकुर के  गोपाल राम, डोमा के  दुलारू राम, कंडेल नवागांव के  आसकरण, डांडेसरा के  शिव कुमार साहू, दरगहन के  पुनुराम, अंगारा की  दिव्या साहू इत्यादि ने भी जनसंपर्क विभाग की छायाचित्र प्रदर्शनी को काफी सराहा। गौरतलब है कि कार्यक्रम स्थल में 12 विभागों द्वारा प्रदर्शनी लगाई गई है। इनमें पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, यातायात पुलिस, लीड बैंक, रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र, समाज कल्याण, कौशल विकास, महिला एवं बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, पशुधन विकास, जनसंपर्क और उद्यानिकी विभाग शामिल हैं।

 

रायपुर /शौर्यपथ/  

मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल डोंगेश्वर धाम पहुँचे

 मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज धमतरी जिले के डोंगेश्वर धाम देवपुर में आयोजित परख कबीर सत्संग मेला एवं युवोदय कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने यहाँ सत्संग भवन सह ध्यान कक्ष, मनन वाटिका का भूमिपूजन और सदगुरु अभिलाष साहेब वाचनालय का लोकार्पण किया।

इस मौके पर संत निष्ठा साहेब बाराबंकी, सिहावा विधायक डॉ लक्ष्मी अग्रवाल, छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष  गिरीश देवांगन, दुग्ध महासंघ के अध्यक्ष  विपिन साहू, नान के अध्यक्ष  राम गोपाल अग्रवाल, नगर निगम के महापौर  विजय देवांगन,  शरद लोहाना, पूर्व विधायक  गुरुमुख सिंह होरा, जिला पंचायत के उपाध्यक्ष  निशु चंद्राकर, संतगण, गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

 

राजनाथ ने कहा कि एयर स्ट्राइक में भी हमने कामयाबी हासिल की थी, हमने यह संदेश दे दिया कि अगर कोई हमपर बुरी नजर उठाकर देखेगा तो हम सीमा पार करके भी कार्रवाई कर सकते हैं, यह भारत की ताकत है.

लखनऊ /शौर्यपथ/

 रक्षा मंत्री  राजनाथ सिंह  रविवार को लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल निर्माण इकाई का शिलान्यास किया. इस मौके पर उन्होंने कहा कि हम ब्रह्मोस इसलिए बनाना चाहते हैं ताकि दुनिया का कोई देश भारत पर बुरी नजर उठाकर देखने की जुर्रत न कर सके. रक्षामंत्री सिंह ने रक्षा प्रौद्योगिकी एवं परीक्षण केंद्र तथा ब्रह्मोस विनिर्माण केंद्र के शिलान्यास के बाद आयोजित सभा को संबोधित करते हुए कहा, ''हम ब्रह्मोस मिसाइल बना रहे हैं, रक्षा के दूसरे उपकरण और हथियार बना रहे हैं तो दुनिया के किसी देश पर आक्रमण करने के लिए नहीं बना रहे हैं.''

सिंह ने कहा, '' हम तो हिंदुस्तान की धरती पर ब्रह्मोस इसलिए बनाना चाहते हैं कि भारत के पास कम से कम ऐसी ताकत हो कि दुनिया का कोई देश भारत की तरफ बुरी नजर उठाकर देखने की जुर्रत न करे.'' पाकिस्तान का नाम लिए बिना उन्होंने कहा, ''मैं उरी और पुलवामा की घटना की आपको याद दिलाना चाहता हूं, एक हमारा पड़ोसी देश है ...जिससे पुलवामा में जिस प्रकार की आतंकवादी वारदात को अंजाम दिया, उसके बाद हमारे प्रधानमंत्री ने फैसला लिया और हमने उस देश की धरती पर जाकर आतंकवादियों का सफाया किया.''

राजनाथ ने जोर देकर कहा कि एयर स्ट्राइक में भी हमने कामयाबी हासिल की थी, हमने यह संदेश दे दिया कि अगर कोई हमपर बुरी नजर उठाकर देखेगा तो हम सीमा पार करके भी कार्रवाई कर सकते हैं, यह भारत की ताकत है. रक्षा मंत्री ने रक्षा परियोजनाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा, ''आज दोनों इकाइयों का यहां शिलान्यास हो रहा है.यह हमारे देश की सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण है. साथ ही रक्षा उत्पादन इकाई क्षेत्र में उत्तर प्रदेश को एक विशेष स्थान बनाने में यह कामयाब होगा.'' उन्होंने कहा, ''इनसे यहां के लोगों को रोजगार भी हासिल होगा और उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में एक नया अध्याय जुड़ जाएगा.''राजनाथ सिंह ने रक्षा वैज्ञानिकों और अभियंताओं को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया और कहा, ''मैने कल्पना नहीं की थी कि छह आठ, दस माह में भी भूमि अधिग्रहण हो पाएगा लेकिन मुख्यमंत्री जी ने डेढ़ माह में इस परियोजना के लिए दो सौ एकड़ जमीन उपलब्ध कराई है.''

उन्होंने माफियाओं के दमन के लिए योगी की तारीफ करते हुए कहा कि ''हर काम में योगी जी दरियादिली दिखाते, लेकिन एक काम में कंजूसी करते हैं, ये माफियाओं के मामले में जरा भी रियायत नहीं देते. सभी जगह बुलडोजर चल रहे हैं, इस समय बल्‍ले बल्‍ले है लेकिन अपराधियों की नहीं बल्कि बुलडोजर वालों की है. इसी का परिणाम है कि भारत के ही नहीं दुनिया के निवेशक उत्तर प्रदेश में अपना पैसा निवेश करने आ रहे हैं.''

उन्होंने प्रसिद्ध मंदिरों के जीर्णोद्धार के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों की भी प्रशंसा की.उत्तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि लखनऊ में ही अब ब्रह्मोस मिसाइल बनेगी और नये नये अनुसंधान यहां पर होंगे और भारत को रक्षा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिलेगी.उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और हमेशा दुनिया को मैत्री और शांति का संदेश दिया है लेकिन हमारी मैत्री, करुणा का संदेश मानवता के कल्याण को ध्‍यान में रखकर है. इसका मतलब नहीं कि हम अपने देश की 135 करोड़ जनता की सुरक्षा पर किसी भी प्रकार की आंच आने दें.

 योगी ने कहा कि विगत साढ़े सात वर्ष के अंदर केंद्र सरकार द्वारा किये गये ऑपरेशन को देखा होगा और हर व्‍यक्ति इस बात को मानता है कि ये नया भारत है, छेड़ता नहीं है लेकिन अगर कोई छेड़ता है तो उसे छोड़ता भी नहीं है. मुख्यमंत्री ने कहा, '' ब्रह्मोस का उत्पादन लखनऊ में हो तो लखनऊ अब केवल इस बात के लिए नहीं होगा कि 'मुस्कुराइये आप लखनऊ में हैं' बल्कि लखनऊ अब दुश्मन देश के लिए दहाड़ने की बात भी कर सकता है. यहां बनने वाली मिसाइल न केवल रक्षा आवश्यकताओं की पूर्ति का माध्यम बनेगी बल्कि भारत की सुरक्षा पंक्ति को और सुदृढ़ करने और युवाओं के रोजगार के लिए भी एक बेहतरीन माध्‍यम बनेगी.'' कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री और क्षेत्रीय सांसद कौशल किशोर तथा राज्‍य सरकार के कई मंत्री और विधायक तथा रक्षा सचिव मौजूद थे.

 

 

 

 

 

उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए महिला-केंद्रित घोषणाओं की संख्या बढ़ गई है. कांग्रेस, जो पिछले कई चुनावों में राज्य में बेहतर प्रदर्शन नहीं कर पा रही है, ने लिंग समानता का मुद्दा उठाते हुए चुनावों में महिलाओं को 40 फीसदी टिकट देने का ऐलान किया है.

नई दिल्ली /शौर्यपथ/

  कांग्रेस  महासचिव और उत्तर प्रदेश प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा  की महिला-केंद्रित "लड़की हूं, लड़ सकती हूं" अभियान का उत्तर प्रदेश में एक बड़ा असर देखने को मिला है. राज्य सरकार के आदेश की अवहेलना करते हुए आज हजारों महिलाओं ने झांसी और लखनऊ में आयोजित कांग्रेस की मैराथन दौड़ में भाग लिया. इस मैराथन में युवतियों की लंबी कतार सड़कों पर दौड़ती दिखी.

कांग्रेस द्वारा इस मैराथन दौड़ का वीडियो ट्विटर और अन्य सोशल मीडिया पर शेयर किया गया है. वीडियो में दिख रहा है कि लखनऊ और झांसी में मैराथन दौड़ में बड़ी भीड़ उमड़ी है, जबकि जिला प्रशासन ने ओमिक्रॉन स्ट्रेन के बढ़ते मामलों का हवाला देते हुए मैराथन के लिए अनुमति देने से इनकार कर दिया था.

प्रशासन के इनकार के बाद झांसी में पुलिस ने उन्हें आगे नहीं बढ़ने दिया लेकिन लड़कियों ने भी घर लौटने से इनकार कर दिया और दौड़ में शरीक होकर मानीं.

कांग्रेस द्वारा ट्विटर पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में एक महिला को यह कहते हुए सुना जा सकता है, "राज्य सरकार को तब कोई समस्या नहीं हुई, जब एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान कोविड प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया गया और वहां लाखों छात्र जुटाकर लैपटॉप वितरित किए गए थे, तो फिर अब क्यों दिक्कत हो रही है?"

कांग्रेस ने दोनों मैराथन में पहले तीन विजेताओं के लिए स्कूटी की घोषणा की है और चौथे से 25वें स्थान पर आने वालों को स्मार्टफोन देने का एलान किया गया है. अगले 100 को फिटनेस बैंड, जबकि अगली 1,000 महिलाओं को पदक दिया जाना है. पार्टी ने मैराथन प्रतिभागियों के लिए प्रवेश शुल्क नहीं लिया था.

उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए महिला-केंद्रित घोषणाओं की संख्या बढ़ गई है. कांग्रेस, जो पिछले कई चुनावों में राज्य में बेहतर प्रदर्शन नहीं कर पा रही है, ने लिंग समानता का मुद्दा उठाते हुए चुनावों में महिलाओं को 40 फीसदी टिकट देने का ऐलान किया है. कांग्रेस इसी बहाने हाथरस में दलित युवती से हुई गैंगरेप मामले और उन्नाव मामले के बहाने बीजेपी सरकार पर निशाना साध रही है.

 

 

 

 

 

 

स्वास्थ्य मंत्री के सुधाकर ने बताया कि 28 दिसंबर से रात 10 बजे से तड़के पांच बजे तक 10 दिन के लिए दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 लागू करके ‘‘रात्रिकालीन कर्फ्यू'' लगाया जाएगा

बेंगलुरु /शौर्यपथ/

 कर्नाटक सरकार  ने 28 दिसंबर से 10 दिन के लिए ‘‘रात्रिकालीन कर्फ्यू'' लगाने का फैसला किया है, जो रात 10 बजे से तड़के पांच बजे तक लागू रहेगा. राज्य के स्वास्थ्य मंत्री के सुधाकर ने रविवार को यह जानकारी दी. सरकार ने कोरोना वायरस के नए स्वरूप ओमीक्रोन के बढ़ते खतरे के बीच नववर्ष पर आयोजित होने वाले समारोहों पर भी कुछ प्रतिबंधों की घोषणा की है.

सुधाकर ने बताया कि 28 दिसंबर से रात 10 बजे से तड़के पांच बजे तक 10 दिन के लिए दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 लागू करके ‘‘रात्रिकालीन कर्फ्यू'' लगाया जाएगा. उन्होंने मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई की अध्यक्षता वाली मंत्रियों, अधिकारियों और कोविड तकनीकी सलाहकार समिति की उच्च स्तरीय बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा कि नववर्ष पर समारोह आयोजित करने और लोगों के एकत्र होने पर प्रतिबंध रहेगा.

 बोम्मई ने कहा, ‘‘बाहरी परिसरों पर खासकर डीजे का इस्तेमाल करने वाले उन समारोहों पर प्रतिबंध रहेगा, जिनमें बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना होगी.'' मंत्री ने कहा कि भोजनालयों, होटल, पब और रेस्तरां में परिसर की क्षमता के 50 प्रतिशत लोगों को ही बैठने की अनुमति होगी.

 

 

 

रायपुर /शौर्यपथ/

मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में महाधिवक्ता-कार्यालय द्वारा प्रकाशित छत्तीसगढ़ उच्च न्यायलय के वर्ष 2022 के कैलेंडर का विमोचन किया। इस अवसर पर महाधिवक्ता  सतीश चंद्र वर्मा भी उपस्थित थे महाधिवक्ता  वर्मा के प्रयासों से कैलेंडर प्रकाशन का यह द्वितीय वर्ष है। यह कैलेंडर सभी अधिवक्ताओं, कर्मचारियों व शासकीय विभागों के न्यायिक कार्यों हेतु काफ़ी सुविधाजनक रहा है।

 

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