
CONTECT NO. - 8962936808
EMAIL ID - shouryapath12@gmail.com
Address - SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का किया स्वागत
सुप्रीम कोर्ट के फैसले से आदिवासी संस्कृति, परम्परा का होगा संरक्षण - उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा
रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा ग्राम सभाओं के पक्ष में दिए गए निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय का यह निर्णय संविधान की भावना, आदिवासी संस्कृति एवं परंपराओं की संरक्षण तथा पेसा कानून के प्रावधानों की पुनः पुष्टि करता है। छत्तीसगढ़ सरकार ग्राम सभाओं के अधिकारों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
हमारी सरकार ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के माध्यम से इस प्रकरण में सशक्त पक्ष रखा और न्यायालय ने यह स्पष्ट किया कि परंपराओं एवं सामाजिक संरचना के संरक्षण हेतु ग्राम सभाएं वैधानिक अधिकारों का प्रयोग कर सकती हैं। यह निर्णय आदिवासी स्वशासन की अवधारणा को सुदृढ़ करने वाला है। राज्य सरकार ग्राम सभाओं के संवैधानिक अधिकारों के संरक्षण और जनजातीय अस्मिता की रक्षा हेतु निरंतर कार्य करती रहेगी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार आदिवासी संस्कृति के संरक्षण के लिए पांचवीं अनुसूची के क्षेत्र हेतु पेसा नियमों को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए कार्य भी कर रही है।
उल्लेखनीय है कि कांकेर जिले के अनेक ग्राम पंचायतों ने गांवों में बाहरी धर्म प्रचारकों के प्रवेश निषेध संबंधी बोर्ड लगाए थे। उक्त निर्णय के विरुद्ध संबंधित पक्षों द्वारा छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई थी। हाई कोर्ट ने अपने निर्णय में कहा कि परंपराओं के संरक्षण के लिए पेसा कानून के अंतर्गत ग्राम सभाएं ऐसे निर्णय लेने के अधिकार रखती हैं। हाई कोर्ट के निर्णय के विरुद्ध अपील सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई थी। 16 फरवरी 2026 के निर्णय में सुप्रीम कोर्ट ने अपील खारिज करने के साथ स्पष्ट किया कि पेसा कानून के अंतर्गत ग्राम सभाएं अपने सामाजिक-सांस्कृतिक संरक्षण से जुड़े विषयों पर निर्णय ले सकती हैं। यह निर्णय आदिवासी स्वशासन, ग्राम स्वायत्तता और परंपरागत अधिकारों की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में कुपोषण दूर करने और महिला सशक्तिकरण के लिए रेडी-टू-ईट फूड निर्माण का काम महिला स्व-सहायता समूहों को सौंपते हुए 6 जिलों में पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया है। इस पहल के तहत रायगढ़, बस्तर, दंतेवाड़ा, बलौदाबाजार, कोरबा, और सूरजपुर जिलों में आंगनबाड़ियों के लिए पौष्टिक आहार निर्माण का कार्य महिला समूहों को मिला है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य सरकार ने आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए पूरक पोषण आहार (रेडी टू ईट) के निर्माण और वितरण का कार्य महिला स्वसहायता समूहों को सौंपने का फैसला किया। राज्य के 6 जिले के 42 महिला स्व-सहायता समूहों को रेडी टू ईट के निर्माण और वितरण का कार्य सौंपा गया है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण और कुपोषण मुक्ति के इस मिशन को प्रथम चरण में प्रदेश के 6 जिलों - बस्तर, दंतेवाड़ा, बलौदाबाजार, कोरबा, रायगढ़ एवं सूरजपुर में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया जा रहा है। वहीं रायगढ़ प्रदेश का पहला जिला बन गया है, जहां महिला समूहों ने ‘रेडी-टू-ईट’ उत्पादन प्रारंभ किया है। यह पहल महिलाओं की आर्थिक समृद्धि और बच्चों के स्वास्थ्यकृदोनों को नई दिशा प्रदान करेगी। महिला एवं बाल विकास विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार कोरबा-10 स्व-सहायता समूह को रेडी-टू-ईट निमाण का कार्य सौंपा जा चुका है। इसी प्रकार रायगढ़-10 स्व-सहायता समूह, सूरजपुर और बलौदाबाजार-भाठापारा जिला में 7-7 स्व- सहायता समूह को, बस्तर जिले में 6 स्व-सहायता समूह और दंतेवाड़ा में 2 महिला स्व-सहायता समूह को रेडी-टू-ईट निमाण का कार्य सौंपा जा चुका है। इन स्व-सहायता समूहों के द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए पूरक पोषण आहार (रेडी टू ईट) का निर्माण और वितरण का कार्य किया जा रहा है।
महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि इन समूहों की बहनें अब आंगनबाड़ी के बच्चों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने के साथ-साथ इस कार्य से अपनी आमदनी भी बढ़ाएंगी, जिससे वे आर्थिक रूप से सशक्त बनेंगी। यह योजना महिलाओं को स्व-रोजगार के साथ-साथ सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में भी एक बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं धात्री माताओं के बेहतर स्वास्थ्य और पोषण सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण और परिणामोन्मुखी पहल है। उन्होंने कहा कि इस फैसले से बच्चों को पोषण युक्त आहार प्रदान कर राज्य के पोषण स्तर में सुधार लाने में भी यह योजना महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगी।
नई दिल्ली / एजेंसी /
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘सहकार से समृद्धि’ विज़न को आगे बढ़ाने की दिशा में 17 फरवरी 2026 को गुजरात के गांधीनगर स्थित महात्मा मंदिर में राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के सहकारिता मंत्रियों की उच्चस्तरीय मंथन बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह करेंगे। इसका उद्देश्य सहकारी क्षेत्र को अधिक सशक्त, पारदर्शी और सदस्य-केंद्रित बनाना है।
बैठक में सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के सहकारिता मंत्री तथा सचिव स्तर के वरिष्ठ अधिकारी भाग लेंगे। इस दौरान सहकारिता मंत्रालय की प्रमुख पहलों की समीक्षा, राज्यों के अनुभवों का आदान-प्रदान और भविष्य की साझा कार्ययोजना पर चर्चा होगी।
मंथन बैठक का प्रमुख फोकस ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने पर रहेगा। इसके तहत 2 लाख नई बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों (PACS), डेयरी एवं मत्स्य सहकारी समितियों की स्थापना की प्रगति पर विचार किया जाएगा। साथ ही विश्व की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना के अंतर्गत आधुनिक गोदामों के विस्तार से किसानों को बेहतर भंडारण और बाज़ार तक सीधी पहुंच देने पर चर्चा होगी।
बैठक में नेशनल कोऑपरेटिव एक्सपोर्ट लिमिटेड (NCEL), नेशनल कोऑपरेटिव ऑर्गेनिक लिमिटेड (NCOL) और भारतीय बीज सहकारी समिति लिमिटेड (BBSSL) जैसी राष्ट्रीय सहकारी संस्थाओं में राज्यों की भागीदारी पर भी विमर्श होगा, जिससे निर्यात, जैविक खेती और बीज आपूर्ति के क्षेत्र में सहकारिता की भूमिका सुदृढ़ हो सके।
इसके अलावा सहकारिता कानूनों में सुधार, 97वें संविधान संशोधन के अनुरूप मॉडल अधिनियम को अपनाने, सहकारी गन्ना मिलों की आर्थिक स्थिति सुधारने, डेयरी क्षेत्र में सस्टेनेबिलिटी, सहकारी बैंकों की मजबूती, सदस्यता विस्तार, डिजिटलीकरण, मानव संसाधन विकास और प्रशिक्षण जैसे विषयों पर भी चर्चा की जाएगी।
यह मंथन बैठक केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर सहकारिता को ग्रामीण समृद्धि, रोजगार और आत्मनिर्भरता का सशक्त माध्यम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।
20 से अधिक राष्ट्राध्यक्ष, 60 मंत्री और 500 वैश्विक एआई अग्रणी नई दिल्ली में एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के लिए एकत्रित हुए
नई दिल्ली /
राजधानी नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आज से इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 का भव्य शुभारंभ हो गया। यह शिखर सम्मेलन इसलिए ऐतिहासिक माना जा रहा है क्योंकि पहली बार कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) पर इस स्तर का वैश्विक सम्मेलन ग्लोबल साउथ में आयोजित किया जा रहा है। सम्मेलन का उद्देश्य समावेशी विकास, मजबूत सार्वजनिक प्रणालियों और सतत प्रगति के लिए एआई की भूमिका को वैश्विक दृष्टिकोण से परिभाषित करना है।
16 से 20 फरवरी 2026 तक चलने वाले इस पांच दिवसीय शिखर सम्मेलन में 20 से अधिक राष्ट्राध्यक्ष और सरकार प्रमुख, 60 से अधिक मंत्री एवं उपमंत्री, तथा 100 से अधिक सरकारी प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। इसके साथ ही, विश्वभर से 500 से अधिक सीईओ, तकनीकी विशेषज्ञ, शिक्षाविद, शोधकर्ता, स्टार्टअप संस्थापक और परोपकारी संगठनों के प्रतिनिधि इस मंच पर एकत्रित हुए हैं।
19 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शिखर सम्मेलन का उद्घाटन भाषण देंगे। उनका संबोधन वैश्विक सहयोग को सशक्त करने और जिम्मेदार, सुरक्षित एवं समावेशी एआई के लिए भारत के दृष्टिकोण को दिशा देने वाला होगा।
शिखर सम्मेलन का एक प्रमुख आकर्षण तीन वैश्विक प्रभाव चुनौतियाँ — एआई फॉर ऑल, एआई बाय हर और युवाआई हैं। इन पहलों के तहत दुनिया भर से 60 से अधिक देशों के 4,650 से ज्यादा आवेदन प्राप्त हुए, जो एआई नवाचार में भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका को दर्शाता है। बहुस्तरीय मूल्यांकन के बाद 70 शीर्ष टीमों को फाइनलिस्ट के रूप में चुना गया है, जो 16 और 17 फरवरी को भारत मंडपम एवं सुषमा स्वराज भवन में अपने समाधान प्रस्तुत करेंगी।
18 फरवरी को आईआईटी हैदराबाद के सहयोग से आयोजित एआई एवं इसके प्रभाव पर अनुसंधान संगोष्ठी शिखर सम्मेलन का प्रमुख अकादमिक मंच होगा। इसमें एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका से प्राप्त लगभग 250 शोध प्रस्तुतियों पर चर्चा की जाएगी। इस अवसर पर एस्टोनिया के राष्ट्रपति अलार कारिस, केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव तथा राज्य मंत्री जितिन प्रसाद की उपस्थिति प्रस्तावित है।
इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 जन, ग्रह और प्रगति के तीन मूल स्तंभों पर आधारित है और सात विषयगत कार्य समूहों के माध्यम से आर्थिक विकास, सामाजिक सशक्तिकरण, सुरक्षित एवं विश्वसनीय एआई, मानव पूंजी और वैश्विक सहयोग जैसे विषयों पर परिणाम-उन्मुख सिफारिशें प्रस्तुत करेगा। यह शिखर सम्मेलन भारत को वैश्विक एआई सहयोग का प्रमुख केंद्र बनाने और जिम्मेदार नवाचार को जनहित से जोड़ने की दिशा में एक निर्णायक पहल के रूप में देखा जा रहा है।
प्रख्यात कलाकार अरुण गोविल ने दी “सुनो श्री राम कहानी” की भावपूर्ण प्रस्तुति, मुख्यमंत्री से की आत्मीय भेंट
रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ के प्रयाग राजिम की पावन धरा पर आयोजित राजिम कुंभ कल्प 2026 में आस्था, संस्कृति और अध्यात्म का अद्भुत संगम देखने को मिला। त्रिवेणी संगम के पावन तट पर आयोजित सांस्कृतिक संध्या में सुप्रसिद्ध कलाकार एवं भगवान श्रीराम की भूमिका से जनमानस में विशेष पहचान रखने वाले अरुण गोविल ने “सुनो श्री राम कहानी” की भावपूर्ण प्रस्तुति दी, जिससे संपूर्ण परिसर भक्ति और श्रद्धा के दिव्य वातावरण से ओतप्रोत हो उठा।
इस अवसर पर अरुण गोविल ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आत्मीय भेंट की तथा राजिम कुंभ कल्प के भव्य आयोजन और उत्कृष्ट व्यवस्थाओं की सराहना की। मुख्यमंत्री साय ने उन्हें स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। श्री गोविल ने कहा कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत, जनआस्था और लोगों का आत्मीय स्नेह उनके लिए अविस्मरणीय अनुभव रहा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राजिम कुंभ कल्प केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी सनातन परंपरा, सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक चेतना का जीवंत उत्सव है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आस्था, संस्कृति और पर्यटन के संरक्षण-संवर्धन के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है तथा ऐसे आयोजनों के माध्यम से छत्तीसगढ़ की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर और सशक्त हो रही है।
कार्यक्रम में खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल, संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, महासमुंद सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, राजिम विधायक रोहित साहू सहित अनेक जनप्रतिनिधियों, संत-महात्माओं एवं श्रद्धालुओं की गरिमामयी उपस्थिति थी।
उल्लेखनीय है कि राजिम कुंभ कल्प 2026 के माध्यम से छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान, धार्मिक पर्यटन और आध्यात्मिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिल रही है। राज्य सरकार द्वारा आयोजित यह महोत्सव आस्था, संस्कृति और पर्यटन संवर्धन का सशक्त माध्यम बनकर उभर रहा है।
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्य सचिव विकासशील ने आज मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित बैठक में छत्तीसगढ़ नवा अंजोर विजन@ 2047 मॉनिटरिंग पोर्टल की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में राज्य शासन के विभिन्न विभागों के सचिव उपस्थित रहे।
मुख्य सचिव ने नवा अंजोर विजन@ 2047 के अंतर्गत निर्धारित इंडिकेटर्स की राज्य स्तरीय समीक्षा करते हुए सभी विभागीय सचिवों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने विभाग से संबंधित योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति, निर्धारित लक्ष्यों की नियतकालिक उपलब्धि तथा अद्यतन जानकारी मॉनिटरिंग पोर्टल में समय-समय पर दर्ज करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि पोर्टल के माध्यम से योजनाओं की प्रगति की प्रभावी निगरानी एवं मूल्यांकन संभव है, जिससे राज्य के विकास लक्ष्यों की प्राप्ति में गति आएगी।
मुख्य सचिव ने सभी विभागीय सचिवों को अपने विभागीय डैशबोर्ड पर ऑनलाइन प्रगति की नियमित समीक्षा करने तथा निर्धारित इंडिकेटर्स के अनुरूप कार्यों में तेजी लाने के निर्देश भी दिए। बैठक में विजन 2047 के लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति हेतु समन्वित एवं परिणामोन्मुख कार्यवाही पर विशेष जोर दिया गया।
रायपुर / /महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर भारतीय क्रिकेट टीम की ऐतिहासिक जीत पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेश एवं देशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज श्रीलंका के कोलंबो में खेले गए टी-20 विश्व कप मुकाबले में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पाकिस्तान को 61 रनों से पराजित कर राष्ट्र का मान बढ़ाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे जांबाज खिलाड़ियों ने संयम, रणनीति और उत्कृष्ट खेल भावना का परिचय देते हुए यादगार जीत दर्ज की। यह क्षण करोड़ों देशवासियों के लिए गर्व, उत्साह और उल्लास का अवसर है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने भारतीय टीम के सभी खिलाड़ियों को इस गौरवपूर्ण सफलता के लिए हार्दिक बधाई देते हुए आगामी मुकाबलों के लिए शुभकामनाएँ प्रेषित कीं।
रायपुर / शौर्यपथ /
रायपुर में कानून का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। माननीय न्यायालयों द्वारा हाल के दिनों में सुनाए गए दो अहम फैसलों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि नशा तस्करी और नाबालिगों के विरुद्ध अपराधों पर अब कोई नरमी नहीं बरती जाएगी। एक ओर जहाँ एनडीपीएस एक्ट के तहत गांजा तस्करों को 10-10 साल की सजा सुनाई गई है, वहीं दूसरी ओर नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में आरोपी को प्राकृतिक मृत्यु तक आजीवन कारावास की सख्त सजा दी गई है।
10 साल का कठोर कारावास: नशा तस्करों को कड़ा संदेश
विशेष न्यायाधीश (NDPS Act) के न्यायालय ने अक्टूबर 2021 के एक मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए थाना सिविल लाइन द्वारा गिरफ्तार किए गए दो नशा तस्करों को 10-10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
अर्थदंड: दोनों दोषियों पर 1-1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
डिफॉल्ट सजा: जुर्माना अदा न करने की स्थिति में अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
मामले की पृष्ठभूमि: रायपुर पुलिस ने अक्टूबर 2021 में विशेष चेकिंग अभियान के दौरान भारी मात्रा में गांजे के साथ दोनों तस्करों को गिरफ्तार किया था। एनडीपीएस एक्ट की विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज कर सशक्त अभियोजन प्रस्तुत किया गया।
यह फैसला रायपुर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा चलाए जा रहे “निजात अभियान” की प्रभावशीलता को दर्शाता है, जिसमें न केवल नए मामलों में कार्रवाई की जा रही है, बल्कि पुराने मामलों में भी प्रभावी पैरवी कर अपराधियों को अधिकतम सजा दिलाई जा रही है।
उल्लेखनीय है कि हाल ही में एक अन्य मामले में उड़ीसा से गांजा तस्करी करने वाले आरोपियों को भी रायपुर की विशेष अदालत ने 10 साल की सजा सुनाई है।
नाबालिग से दुष्कर्म: आरोपी को उम्रकैद, न्याय की सख्त नजीर
रायपुर के पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र में नाबालिग से दुष्कर्म के जघन्य मामले में माननीय विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) ने आरोपी को दोषी करार देते हुए “प्राकृतिक मृत्यु तक” आजीवन कारावास की कठोर सजा सुनाई है।
अर्थदंड व क्षतिपूर्ति: न्यायालय ने पीड़िता को क्षतिपूर्ति राशि प्रदान करने का भी आदेश दिया है।
साक्ष्य: अभियोजन पक्ष ने डीएनए जांच सहित वैज्ञानिक साक्ष्य और पीड़िता के सशक्त बयानों के आधार पर अपराध सिद्ध किया।
कानूनी धाराएं: पॉक्सो एक्ट एवं दुष्कर्म से संबंधित गंभीर धाराओं के तहत आरोपी को दोषी ठहराया गया।
यह फैसला बच्चों के विरुद्ध अपराधों में शून्य सहनशीलता की नीति को दर्शाता है। इसी तरह के एक अन्य मामले में रायपुर की खरोरा पुलिस द्वारा गिरफ्तार आरोपी हेमंत बंजारे को भी नाबालिग से दुष्कर्म के जुर्म में उम्रकैद की सजा सुनाई जा चुकी है।
कानून का स्पष्ट संदेश
लगातार आ रहे इन फैसलों से यह स्पष्ट है कि रायपुर पुलिस की सख्त कार्रवाई और अभियोजन की मजबूती के चलते अब अपराधियों के लिए नशा तस्करी और बच्चों के विरुद्ध अपराध करना भारी पड़ रहा है। न्यायालयों के इन कठोर निर्णयों ने समाज में विश्वास और अपराधियों में भय का वातावरण स्थापित किया है।
नारायणपुर / शौर्यपथ
छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में सुरक्षा बलों को नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी सफलता हाथ लगी है। 15 फरवरी 2026 को प्राप्त जानकारी के अनुसार, नारायणपुर पुलिस और आईटीबीपी (29वीं वाहिनी) की संयुक्त टीम ने थाना ओरछा क्षेत्र के अंतर्गत खोड़पार (गोमागल) के घने जंगलों में नक्सलियों द्वारा छिपाए गए एक बड़े डंप को ध्वस्त कर दिया।
बड़ी वारदात की तैयारी थी नाकाम
सुरक्षा बलों के अनुसार, सर्चिंग ऑपरेशन के दौरान बरामद सामग्री नक्सलियों द्वारा किसी बड़ी हिंसक घटना को अंजाम देने के उद्देश्य से छिपाकर रखी गई थी।
बरामद सामग्री का विवरण
ऑपरेशन के दौरान निम्नलिखित सामग्री जब्त की गई हथियार:
12 बोर रायफल, सिंगल शॉट रायफल और कई भरमार बंदूकें
विस्फोटक एवं सैन्य उपकरण:
भारी मात्रा में कारतूस
BGL (बैरल ग्रेनेड लॉन्चर) सेल
मैगजीन
LMG नाइट साइट
IED (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) निर्माण में प्रयुक्त उपकरण
यह कार्रवाई ओरछा थाना क्षेत्र के दुर्गम पहाड़ी और घने वन क्षेत्रों में की गई, जहाँ नक्सली लंबे समय से ठिकाने बनाकर सक्रिय थे।
‘मिशन मार्च 2026’ का असर
यह सफलता छत्तीसगढ़ शासन के ‘मिशन मार्च 2026’ के तहत की जा रही उन कार्रवाइयों का हिस्सा है, जिनका लक्ष्य 31 मार्च 2026 तक राज्य को नक्सल मुक्त बनाना है।
हालिया अन्य बड़ी सफलताएँ
नारायणपुर जिले में हाल के दिनों में लगातार नक्सल विरोधी सफलताएँ दर्ज की गई हैं—
सोनपुर क्षेत्र: फरवरी 2026 की शुरुआत में नक्सलियों की हथियार फैक्ट्री के डंप से लगभग 1000 किलो एल्युमीनियम और हथियार निर्माण के उपकरण बरामद।
ओएंगर क्षेत्र: 13 फरवरी को आईटीबीपी और पुलिस ने पहाड़ी इलाके से भारी विस्फोटक जखीरा बरामद कर बड़ी साजिश को विफल किया।
नक्सली प्रतीकों पर प्रहार: कुतुल क्षेत्र के फरजा गांव में नक्सलियों द्वारा बनाए गए स्मारक को बुलडोजर से ध्वस्त कर उनकी उपस्थिति के प्रतीकों को समाप्त किया गया।
सप्लाई चेन पर सीधा प्रहार
अधिकारियों का कहना है कि इन लगातार कार्रवाइयों से नक्सलियों की हथियार और विस्फोटक सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हुई है। साथ ही, क्षेत्र में सुरक्षा का वातावरण मजबूत होने से विकास कार्यों को भी गति मिल रही है।
राजनांदगांव।/शौर्यपथ /शंकरपुर कब्रिस्तान क्षेत्र में अवैध हथियारों के साथ सात आरोपियों की गिरफ्तारी के चर्चित प्रकरण में उल्लेखनीय एवं त्वरित कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम को पुलिस अधीक्षक, जिला-राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) द्वारा नगद पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया है।
गौरतलब है कि 12 फरवरी 2026 को मुखबिर सूचना पर कोतवाली थाना, चौकी चिखली एवं सायबर सेल की संयुक्त टीम ने घेराबंदी कर शिवम सिन्हा उर्फ चार्ली सहित कुल सात आरोपियों को गिरफ्तार किया था। प्रारंभिक कार्रवाई में पिस्टल, देशी कट्टा एवं जिंदा कारतूस बरामद किए गए थे। आगे की विवेचना में अंतर्राज्यीय स्तर पर हथियार खरीदी-बिक्री से जुड़े तथ्य सामने आए, जिस पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर अतिरिक्त हथियार जप्त किए।
सभी आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। इस पूरी कार्रवाई को सफलतापूर्वक अंजाम देने वाली टीम की लगन, सतर्कता, साहस और समन्वय की सराहना करते हुए पुलिस अधीक्षक द्वारा निम्न अधिकारी एवं कर्मचारियों को नगद पुरस्कार से पुरस्कृत किया गया—
0 उनि. कैलाशचंद्र मरईप्रभारी चौकी चिखली
0 उनि. नरेश बंजारे, सायबर सेल
0 सउनि. विनोद कुमार वर्मा, चौकी चिखली
0 प्रधान आरक्षक बसंत राव, सायबर सेल
0 प्रधान आरक्षक अरुण कुमार नेताम, चौकी चिखली
0 प्रधान आरक्षक कुंदन सिंह उइके, चौकी चिखली
0 आरक्षक चंद्रकपूर आयाम, चौकी चिखली
0 आरक्षक गोपाल पैकरा, चौकी चिखली
0 आरक्षक किशोर कुमार मार्बल, चौकी चिखली
0 आरक्षक आदित्य सोलंकी, चौकी चिखली
0 आरक्षक सुनील बैरागी, चौकी चिखली
0 आरक्षक तामेश्वर भूआर्य, चौकी चिखली
0आरक्षक परिवेश वर्मा, सायबर सेल
0 आरक्षक प्रख्यात जैन, सायबर सेल
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि जिले में अवैध हथियारों के विरुद्ध सख्त अभियान लगातार जारी रहेगा। अपराध एवं असामाजिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए इस प्रकार की त्वरित और प्रभावी कार्रवाई आवश्यक है। उन्होंने टीम भावना से कार्य करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि भविष्य में भी उत्कृष्ट कार्य करने वालों को प्रोत्साहित किया जाता रहेगा। जिले में हुई इस कार्रवाई से आमजन में सुरक्षा का विश्वास मजबूत हुआ है तथा असामाजिक तत्वों को स्पष्ट संदेश गया है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित है।
रायपुर/सिक्किम - पत्र सूचना कार्यालय , भारत सरकार, रायपुर के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के पत्रकारों का एक 12 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल सिक्किम के सात दिवसीय अध्ययन प्रवास पर रवाना हो रहा है । इस विशेष प्रेस टूर का उद्देश्य सिक्किम में केंद्र सरकार द्वारा संचालित महत्वाकांक्षी परियोजनाओं, बुनियादी ढांचे के विकास और सामरिक महत्व के कार्यों का प्रत्यक्ष अवलोकन करना है । 15 से 21 फरवरी तक चलने वाले इस दौरे के दौरान मीडिया टीम सिक्किम की भौगोलिक चुनौतियों के बीच हो रहे इंजीनियरिंग नवाचारों और "विकसित भारत 2047" के लक्ष्यों की दिशा में हो रही प्रगति का दस्तावेजीकरण करेगी ।
इस प्रतिनिधिमंडल में छत्तीसगढ़ के प्रमुख मीडिया संस्थानों के 10 वरिष्ठ पत्रकार और पीआईबी रायपुर के एक अधिकारी व एक कर्मचारी शामिल हैं । दल का नेतृत्व सहायक निदेशक श्री सुदीप्त कर और यंग प्रोफेशनल श्री पुरुषोत्तम झा कर रहे हैं । पत्रकारों की सूची में एएनआई से संदीप प्रधान, पीटीआई से टिकेश्वर पटेल, दैनिक भास्कर से प्रमोद कुमार साहू, अमृत संदेश से संजीव कुमार वर्मा, और विस्तार न्यूज से अभिषेक तिवारी शामिल हैं । इसके साथ ही दण्डकारण्य समाचार के टीनकेश्वर तिवारी, दैनिक विश्व परिवार के हरि शंकर सोनी, समवेत शिखर के शंकर चंद्राकर, अमन पथ के रमेश पांडे और बीएसटीवी के अविनाश चंद्रवंशी भी इस अध्ययन यात्रा का हिस्सा हैं ।
यात्रा के विस्तृत कार्यक्रम के अनुसार, मीडिया टीम सिक्किम की पहली रेल लिंक परियोजना 'सेवोक-रंगपो रेलवे लाइन' का साइट विजिट करेगी, जो अपनी जटिल सुरंग निर्माण कला के लिए जानी जाती है । दल द्वारा सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण नाथू ला दर्रा, बाबा मंदिर और त्सोमगो झील का भी दौरा किया जाएगा, जहाँ सीमा सड़क संगठन (BRO) द्वारा किए जा रहे बुनियादी ढांचा कार्यों को कवर किया जाएगा । इसके अलावा, आईटीबीपी (ITBP) द्वारा 'थेगु' में विकसित 'वाइब्रेंट विलेज', पेलिंग का प्रसिद्ध स्काईवॉक और भारतीय वनस्पति सर्वेक्षण (BSI) के केंद्रों का भी भ्रमण किया जाएगा । प्रवास के दौरान मीडिया टीम सिक्किम के माननीय राज्यपाल और मुख्यमंत्री से भी औपचारिक भेंट करेगी, जिसमें राज्य के विकास में केंद्र-राज्य सहयोग पर चर्चा प्रस्तावित है ।
रायगढ़ में महापौर जीवर्धन चौहान से भेंट के दौरान मुख्यमंत्री ने किया जनादेश का स्मरण
रायगढ़ / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि पिछले वर्ष आज ही के दिन राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के सभी 10 नगर निगमों में प्राप्त ऐतिहासिक जनादेश जनता के अटूट विश्वास का प्रमाण है। यह परिणाम सुशासन, पारदर्शिता और विकास के प्रति जनता की स्पष्ट आस्था की अभिव्यक्ति है।
मुख्यमंत्री श्री साय आज रायगढ़ प्रवास के दौरान महापौर श्री जीवर्धन चौहान से भेंट कर एक वर्ष पूर्व इसी तिथि को मिले जनादेश को स्मरण कर रहे थे। उन्होंने कहा कि एक साधारण चाय विक्रेता से महापौर तक की श्री चौहान की यात्रा लोकतंत्र की वास्तविक शक्ति और जनता के आशीर्वाद का जीवंत उदाहरण है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार नगरीय निकाय चुनावों में किए गए प्रत्येक वादे को पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ धरातल पर उतार रही है। स्वच्छता, पेयजल, सड़कों, स्ट्रीट लाइट तथा अन्य नागरिक सुविधाओं के विस्तार में निरंतर और ठोस प्रगति हो रही है।उन्होंने कहा कि नगरीय क्षेत्रों में सुशासन की स्थापना, आधुनिक सुविधाओं का विस्तार तथा आम नागरिकों को सरल, सुलभ और पारदर्शी सेवाएँ उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता है। राज्य सरकार ने शहरी विकास को जन-विश्वास और जन-भागीदारी से जोड़ते हुए योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष बल दिया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में हमारी सरकार में नगरीय विकास के क्षेत्र में आवास, स्वच्छता, जल आपूर्ति, सीवरेज, हरित सार्वजनिक परिवहन, डिजिटल सेवाओं तथा आधारभूत अधोसंरचना के विस्तार में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल हुई हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत बड़ी संख्या में आवास पूर्ण किए गए हैं और नए लक्ष्यों पर तेजी से कार्य जारी है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, गार्बेज फ्री सिटी रेटिंग तथा राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कारों के माध्यम से प्रदेश के नगरीय निकायों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। मिशन अमृत 2.0 के जरिए जल प्रदाय एवं सीवेज परियोजनाओं को नई गति मिली है। वहीं, पीएम ई-बस सेवा के माध्यम से शहरों में आधुनिक एवं पर्यावरण-अनुकूल सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा दिया गया है। 15वें वित्त आयोग तथा मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना के माध्यम से नगरीय अधोसंरचना को सुदृढ़ किया गया है।
उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए नालंदा परिसर जैसे आधुनिक अध्ययन केंद्रों का विस्तार किया जा रहा है। साथ ही “मोर संगवारी सेवा” और विभिन्न ई-गवर्नेंस प्लेटफॉर्म के माध्यम से नागरिकों को घर बैठे सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। इन समन्वित प्रयासों से नगरीय क्षेत्रों में सुशासन, पारदर्शिता और जनसुविधाओं का दायरा निरंतर सशक्त हो रहा है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सभी महापौरों एवं नगरीय निकाय प्रतिनिधियों को बधाई देते हुए कहा कि जनता का विश्वास ही हमारी सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने कहा कि विकास, विश्वास और जवाबदेही के इस संकल्प को हम और अधिक मजबूत करते हुए प्रदेश के शहरों को समृद्ध, आधुनिक और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सतत कार्य करते रहेंगे।
बिलासपुर। जिले में अवैध नशे के कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने हेतु पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के अंतर्गत बेलगहना चौकी क्षेत्र में निर्णायक कार्रवाई की गई है। पुलिस टीम ने सुनियोजित तलाशी अभियान के दौरान 300 ग्राम गांजा के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार कर कानून के समक्ष प्रस्तुत किया है।
प्राप्त प्रशासनिक जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान देवचरण वैष्णव (50 वर्ष), निवासी ग्राम कोंचरा के रूप में हुई है। पुलिस द्वारा विधिवत तलाशी लेने पर आरोपी के घर से कुल 300 ग्राम गांजा बरामद किया गया। इसके अतिरिक्त नशीले पदार्थ की तौल में प्रयुक्त होने वाला तराजू एवं बाट भी जब्त किया गया है। बरामद मादक पदार्थ एवं उपकरणों की अनुमानित बाजार कीमत लगभग 16,000 रुपये आंकी गई है।
आरोपी के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी पूर्व में भी एनडीपीएस एक्ट के प्रकरणों में संलिप्त रहा है तथा नशे के अवैध व्यापार से उसका पुराना आपराधिक संबंध रहा है।
विशेष नशा विरोधी अभियान के तहत सतत कार्रवाई
जिले में संचालित विशेष नशा विरोधी अभियान के तहत अवैध शराब, गांजा एवं अन्य मादक पदार्थों के भंडारण, परिवहन एवं विक्रय में लिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध निरंतर कार्रवाई की जा रही है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि युवाओं को नशे की गिरफ्त से मुक्त रखने तथा समाज को सुरक्षित वातावरण प्रदान करने के उद्देश्य से यह अभियान सतत जारी रहेगा।
अधिकारियों ने आमजन से अपील की है कि क्षेत्र में किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि या अवैध नशे के कारोबार की सूचना तत्काल पुलिस को दें, ताकि त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
अपराधियों को स्पष्ट संदेश
बेलगहना क्षेत्र में की गई इस कार्रवाई से नशा तस्करों एवं अवैध कारोबार से जुड़े तत्वों में हड़कंप की स्थिति उत्पन्न हुई है। पुलिस प्रशासन ने दोहराया है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने एवं मादक पदार्थों के अवैध नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए सभी थाना क्षेत्रों में सघन निगरानी रखी जा रही है।
यह कार्रवाई न केवल विधि के प्रभावी क्रियान्वयन का प्रमाण है, बल्कि आम नागरिकों में सुरक्षा एवं विश्वास की भावना को भी सुदृढ़ करती है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में नशे के अवैध कारोबारियों को किसी भी प्रकार की छूट नहीं दी जाएगी और भविष्य में भी इसी प्रकार की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
