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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।
कलेक्टर गोपाल वर्मा शिविर स्थल पर ग्रामीणों से किया सीधा संवाद
समाधान शिविर में ग्रमीणों को निराकरण की दी गई जानकारी
कवर्धा/शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशानुरूप शासन-प्रशासन अब आमजन की चौखट तक पहुंचकर समस्याओं का समाधान कर रहा है। सुशासन तिहार के अंतर्गत आज कबीरधाम जिले के सुदूर वनांचल ग्राम चिल्फी और पोलमी में समाधान शिविर का शुभारंभ किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया। कलेक्टर गोपाल वर्मा स्वयं शिविर स्थल पर पहुंचे और उन्होंने ग्रामीणों के साथ सीधा संवाद किया। शिविर का उद्देश्य जिले के अंतिम छोर पर बसे ग्रामवासियों तक शासन की योजनाओं और सेवाओं को पहुंचाना और उनकी समस्याओं का त्वरित निराकरण करना है। शिविर में उपस्थित विभागीय अधिकारियों द्वारा ग्रामीणों को सुशासन तिहार में पूर्व में दिए गए आवेदनों के निराकरण की जानकारी प्रदान की गई। साथ ही, शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं को लेकर ग्रामीणों से संवाद स्थापित किया गया, जिससे उनकी आवश्यकताओं और अपेक्षाओं को बेहतर तरीके से समझा जा सके।
कलेक्टर गोपाल वर्मा ने बताया कि सुशासन तिहार के अंतर्गत आज कबीरधाम जिले के सुदूर वनांचल ग्राम चिल्फी से समाधान शिविर प्रारंभ किया गया है। चिल्फी क्लस्टर अंतर्गत बोक्करखार, शंभूपीपर, चिल्फी, राजाढार, लूप, शिवानीकला, बहनाखोदरा, मुड़वाही, शीतलपानी एवं झलमला पंचायत के गांव शामिल है। इन गांवों से कुल 1408 आवेदन प्राप्त हुए है। सभी आवेदनों की जांच कर 1397 आवेदनों का निराकरण किया गया। शिविर के दौरान आवेदकों को उनकी समस्याओं के समाधान की जानकारी प्रदान की गई और उनके आवेदन की स्थिति के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। चिल्फी क्लस्टर के दूर-दराज गांवों के नागरिकों ने राज्य सरकार की इस पहल को खुले दिल से स्वीकार किया और उनकी समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सरकार को धन्यवाद दिया। ग्रामवासियों ने यह भी साझा किया कि पहले उन्हें अपनी समस्याओं के समाधान के लिए लंबा समय इंतजार करना पड़ता था, लेकिन अब सुशासन तिहार से उन्हें तत्काल मदद मिल रही है। ग्रामीणों ने इस कदम को एक बड़ी राहत और उनके जीवन में सुधार लाने वाला बताया। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओं अजय त्रिपाठी सहित जिला अधिकारी उपतिस्थत थे।
कलेक्टर गोपाल वर्मा ने समाधान शिविर में ग्रामीणों से आवेदन की स्थिति, समाधान की प्रक्रिया और योजनाओं के लाभ संबंधी जानकारी ली। कलेक्टर श्री वर्मा ने यह भी सुनिश्चित किया कि प्राप्त सभी आवेदनों का समयबद्ध और संतोषजनक समाधान हो, ताकि ग्रामीणों को शासन की योजनाओं का वास्तविक लाभ मिल सके। शिविर के दौरान ग्रामीणों द्वारा सुशासन तिहार के पहले चरण में दिए गए आवेदन की जानकारी अधिकारियों द्वारा आवेदक को दिया गया। इन आवेदनों में शिक्षा, स्वास्थ्य, राशन, पेंशन, मजदूरी भुगतान, वनाधिकार, श्रम कार्ड, भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना जैसी कई योजनाओं से जुड़ी आवेदन था। इसके साथ ही शिविर में ही ग्रामीणों ने विभागीय अधिकारियों को आवेदन दिया। जिसका मौके पर ही प्राथमिकता के आधार पर हल किया और कुछ मामलों को आवश्यक प्रक्रिया के तहत शीघ्र निराकरण का आश्वासन दिया।
कलेक्टर गोपाल वर्मा ने कहा कि सुशासन तिहार का उद्देश्य केवल शिकायतों का समाधान करना नहीं है, बल्कि यह ग्रामीणों को शासन की योजनाओं के प्रति जागरूक करने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का एक सशक्त माध्यम भी है। उन्होंने यह भी कहा कि जिले के प्रत्येक दूरस्थ गांव तक पहुंचकर शासन की सेवाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। शिविर में विशेष रूप से महिलाओं और बुजुर्गों की भागीदारी सराहनीय रही। महिलाओं ने स्वरोजगार, महिला सुरक्षा, पोषण आहार और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं पर चर्चा की। साथ ही, युवाओं ने स्वरोजगार, कौशल विकास एवं प्रशिक्षण योजनाओं की जानकारी प्राप्त की।
सुशासन तिहार के अंतर्गत आयोजित समाधान शिविर में ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपनी समस्याएं दर्ज कराईं और शासन द्वारा किए जा रहे त्वरित समाधान की सराहना की। सुशासन तिहार के तहत चल रही यह पहल यह सिद्ध कर रही है कि शासन-प्रशासन अब केवल कार्यालयों तक सीमित नहीं, बल्कि लोगों के बीच जाकर उनकी समस्याओं के समाधान हेतु सजग और सक्रिय है। शिविर में उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी प्रशासन की इस पहल की सराहना की और ग्रामीणों को आगे आकर इन योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया। सुशासन तिहार के अंतर्गत आयोजित समाधान शिविर में श्रम विभाग, महिला एवं बाल विकास, राजस्व, पंचायत, वन विभाग, पुलिस, कृषि, उद्यानिकी, पीएचई, स्वास्थ्य, क्रेडा सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
जिले के इन कलस्टर में किया जाएगा शिविर का आयोजन
सुशासन तिहार के अंतर्गत 6 मई को ग्राम पंचायत दलदली, कुई एवं दानीघठोली, 7 मई को मई ग्राम पंचायत धमकी एवं सरइसेत, 8 मई को ग्राम पंचायत मजगांव एवं नगर पंचायत पिपरिया। 9 मई को ग्राम पंचायत बाजार चारभाठा एवं देवसरा 10 मई को ग्राम पंचायत पनेका, 13 मई को ग्राम पंचायत रेंगाखारकला, उड़ियाकला, सोमनापुर नया एवं नगर पंचायत सहसपुर लोहारा में आयोजित होगा। 14 मई को ग्राम पंचायत भागुटोला 15 मई को ग्राम पंचायत खारा, मोहतरा खुर्द एवं नगर पंचायत बोड़ला, 16 मई को ग्राम पंचायत गुढा एवं बिडोरा, 17 मई को ग्राम पंचायत बैजलपुर एवं डोमसरा, 19 मई को ग्राम पंचायत बारदी, सिंघनपुरी जंगल एवं नगर पंचायत इंदौरी में आयोजित होगा। 20 मई को ग्राम पंचायत रैतापारा 21 मई को ग्राम पंचायत रवेली कुटकीपारा एवं नगर पंचायत पांडातराई। 22 मई को ग्राम पंचायत महराजपुर, हथमुडी एवं नगर पालिका पंडरिया, 23 मई को ग्राम पंचायत झलमला एवं नगर पालिका कवर्धा, 24 मई को ग्राम पंचायत कुसुमघटा, वीरेंद्रनगर एवं कोलेगांव, 26 मई को ग्राम पंचायत बिरकोना 27 मई को ग्राम पंचायत राजानवागांव, रणवीरपुर एवं प्राणखैरा, 28 मई को ग्राम पंचायत मरका, 29 मई को ग्राम पंचायत पोड़ी एवं 30 मई को ग्राम पंचायत दौजरी एवं सिंघनगढ़ क्लस्टर में शिविर का आयोजन किया जाएगा।
श्रम कार्ड बनाने से संबंधित आवेदनों का किया जा रहा त्वरित निराकरण
कवर्धा/शौर्यपथ /मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सुशासनकारी नेतृत्व में पूरे प्रदेश में चल रहे सुशासन तिहार ने जनसेवा को नई गति और दिशा दी है। इस तिहार के पहले चरण में जिला कबीरधाम में प्राप्त आवेदनों का त्वरित निराकरण करते हुए विभागीय टीमें घर-घर जाकर श्रमिकों से संपर्क कर रही हैं और उन्हें योजनाओं से जोड़ने का कार्य कर रही हैं। श्रम विभाग द्वारा सुशासन तिहार के तहत प्राप्त श्रम कार्ड बनाने से संबंधित आवेदनों का त्वरित निराकरण किया जा रहा है। इन आवेदनों के तहत विभागीय अधिकारी आवेदकों के घर तक पहुंचकर उनके श्रम कार्ड बनाने की प्रक्रिया को सुनिश्चित कर रहे हैं।
जिला श्रम अधिकारी देवांगन ने बताया कि ग्राम अमरपुर (विकासखंड पण्डरिया), ग्राम बांधाटोला (विकासखंड सहसपुर लोहारा) एवं ग्राम विचारपुर (विकासखंड सहसपुर लोहारा) के निवासियों ने श्रम कार्ड बनाने की मांग की थी। इन आवेदनों पर त्वरित कार्यवाही करते हुए विभागीय अधिकारियों ने आवेदकों के घर जाकर श्रम कार्ड बनाए और उन्हें विभिन्न विभागीय योजनाओं की जानकारी भी प्रदान की।
शासन अब आमजन के और भी करीब पहुंच गया है, जहां जनता को कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ते, बल्कि शासन स्वयं उनके द्वार पर पहुंच रहा है। सुशासन तिहार की यह पहल मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की उस सोच को दर्शाती है, जिसमें हर नागरिक तक योजनाओं की पहुंच और लाभ को सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता है। ग्राम अमरपुर निवासी प्रताप राम साहू, श्रीमती मीना देवी और श्रीमती कामनी जोषी के साथ-साथ ग्राम बांधाटोला की आवेदिका आसीन पटेल एवं ग्राम विचारपुर की श्रीमती सतवंतीन धुर्वे द्वारा सुशासन तिहार के पहले चरण में श्रम कार्ड बनाने की अपील की गई थी, जिनका निराकरण सफलतापूर्वक किया गया। इस पहल के तहत विभागीय अधिकारी जिले में श्रमिकों को योजनाओं का लाभ दिलाने हेतु लगातार प्रयासरत हैं। इन प्रयासों से जिले के श्रमिकों को योजना का लाभ प्राप्त हो रहा है।
*142 साल बाद जांजगीर को मिला नवीन तहसील भवन
अंग्रेजी हुकूमत के समय 1883 में बना था यह तहसीली
नए तहसील कार्यालय से 54 गांवों के 24 पटवारी हल्कों के राजस्व मामलों का होगा निपटारा*
4.21 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित है नवीन तहसील भवन
सुशासन तिहार के तहत औचक दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री साय ने जांजगीरवासियों को दी बड़ी सौगात
रायपुर/शौर्यपथ / सुशासन तिहार , संवाद से समाधान के तहत औचक दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जांजगीरवासियों को नवीन तहसील कार्यालय भवन के रूप में एक बड़ी सौगात दी है। 142 वर्षों बाद जांजगीर के नागरिकों को एक नई सौगात मिली है। आज मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आकस्मिक दौरे के दौरान जिले में नव-निर्मित तहसील कार्यालय भवन का लोकार्पण किया। अंग्रेजी शासन काल में 1883 में बना पुराना तहसील कार्यालय अब इतिहास बन गया है, और उसकी जगह अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त नया भवन लोगों की सेवा में समर्पित किया गया है। यह नवीन तहसील भवन चार करोड़ 21 लाख की लागत से तैयार हुआ है।
मुख्यमंत्री साय ने इस मौके पर कहा कि “सरकार की प्राथमिकता है कि आमजन तक सेवाओं की सरल और सुगम पहुँच सुनिश्चित हो। यह नवीन तहसील कार्यालय इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।” उन्होंने यह भी बताया कि यह भवन इस क्षेत्र के 54 गांवों और 24 पटवारी हल्कों के नागरिकों को राजस्व से संबंधित सेवाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध करायी जाएगी।
नवीन तहसील कार्यालय में प्रशासनिक व न्यायिक कार्यों के बेहतर संचालन के लिए प्रमुख सेवाएं उपलब्ध हैं। इनमें
लोक सेवा केंद्र – जाति, निवास, आय प्रमाण पत्र जैसी अनेक सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसी प्रकार
आवक-जावक शाखा में दस्तावेजों का आगमन व प्रेषण,
नजीर शाखा मेंबन्यायालयीन दस्तावेजों का संधारण,
निर्वाचन शाखा में मतदाता सूची व निर्वाचन संबंधी कार्य,
कानूनगो शाखा में भूमि एवं राजस्व अभिलेखों का संधारण तथा मालजमादार कक्ष में राजस्व वसूली एवं आर्थिक प्रबंधन के कार्यो का संचालन किया जाएगा। साथ इस कार्यालय भवन में
अनुविभागीय अधिकारी राजस्व एवं न्यायलय अनुविभागीय दंडाधिकारी, तहसीलदार एवं
न्यायालय तहसीलदार कार्यपालिक दंडधिकारी , अतिरिक्त तहसीलदार एवं
न्यायालय अतिरिक्त तहसीलदार एवं कार्यपालिक दंडधिकारी
नायब तहसीलदार एवं
न्यायालय नायब तहसीलदार एवं कार्यपालिक दंडधिकारी के लिए सर्वसुविधायुक्त कक्ष तैयार किया गया हैं।
इस ऐतिहासिक अवसर पर वित्त मंत्री ओ पी चौधरी, पूर्व नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल, विधायक व्यास कश्यप, ज़िला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती सत्यकला मिरी, पूर्व विधायक सौरभ सिंह, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, सचिव पी दयानंद , नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रेखा देवा गदेवाल सहित जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे। / ओम
हमारा सौभाग्य है कि आज पहले दिन कोरबा के समाधान शिविर में आए और आप सभी से मिलने का अवसर मिला:मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने कहा आमनागरिको से मिलने,उनकी समस्याओं का निराकरण और योजनाओं की हकीकत जानने का माध्यम है सुशासन तिहार
कोरबा के पाली ब्लॉक के मदनपुर ग्राम में उतरा मुख्यमंत्री का उड़नखटोला, समाधान शिविर में हुए शामिल
समाधान शिविर के माध्यम से जनता के आवेदनों का निराकरण होने लगा
कोरबा /शौर्यपथ / सुशासन तिहार के अंतर्गत आज तीसरे चरण का आगाज हो गया। कोरबा जिले में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने समाधान शिविर में अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर ग्रामीणों में खुशियों का माहौल बना दिया। चिलचिलाती धूप की परवाह किए बगैर मुख्यमंत्री साय ने समाधान शिविर में जहाँ ग्रामीणों से संवाद किया वहीं मुख्यमंत्री ने समाधान पेटी में डाले गए आवेदनों की निराकरण की स्थिति भी जानी। उन्होंने सुशासन तिहार की सार्थकता को बताते हुए ग्रामीणों से उनके गाँव और गाँव की समस्या के बारे में जानकारी ली और कहा कि आज सुशासन तिहार के माध्यम से छत्तीसगढ़ की सरकार आपके गाँव में आई है। इसके माध्यम से सरकार योजनाओं का धरातल पर क्रियान्वयन की स्थिति भी जान रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सभी आपके सेवक है और और सुशासन तिहार की इस अवधि में प्रदेश में बिना किसी को बताए किसी भी स्थान पर जाएंगे और वस्तुस्थिति की जानकारी लेंगे। उन्होंने कहा कि यह हमारा सौभाग्य है कि आज तीसरे चरण के पहले दिन ऊर्जाधानी कोरबा आना हुआ और आप सभी से मिलना हुआ। मुख्यमंत्री ने सभी को सम्बोधित करते हुए अपील की कि सरकार आपकी सेवा के लिए हैं और जो भी समस्या है उसे चिट्ठी लिखकर जरूर बताएं। सरकार तत्पर है आपकी समस्याओं का निराकरण किया जाएगा।
सुशासन तिहार के तीसरे चरण के पहले दिन पाली ब्लॉक के ग्राम मदनपुर समाधान शिविर में मुख्यमंत्री साय शामिल हुए। मुख्यमंत्री साय ने ग्रामीणों को सम्बोधित करते हुए कहा कि आप सभी के आशीर्वाद से हमारी सरकार बनी और डेढ़ वर्ष पूरे कर लिए हैं। इस अवधि में हमारी सरकार ने मोदी की गारंटी के तहत किए गए हर वादे को पूरा किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने शपथ लेते ही अगले दिन से प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति दी। किसानों का वादा पूरा किया। 31 सौ रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान की खरीदी और 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदी का निर्णय लिया। दो वर्ष बकाया धान बोनस भी दी। 70 लाख से अधिक महिलाओं को महतारी वन्दन योजना की राशि उनके खाते में देकर आर्थिक समृद्धि का द्वार खोला। मुख्यमंत्री ने कहा कि तेंदूपत्ता संग्रहण करने वाले हितग्राहियों के हित में निर्णय लेते हुए प्रति मानक बोरा की राशि 4 हजार से 5500 रुपये किया गया। इसके साथ ही रामलला दर्शन योजना प्रारंभ कर 22 हजार हितग्राहियों को दर्शन कराया है। उन्होंने बताया कि हमारी सरकार ने बड़े-बुजुर्गों की इच्छाओं को पूरा करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री तीर्थ योजना को पुनः प्रारंभ किया है। इस अवसर पर विधायक तुलेश्वर सिंह मरकाम, प्रेमचंद पटेल, मुख्य सचिव अमिताभ जैन,प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, सचिव मुख्यमंत्री पी दयानन्द, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ पवन सिंह आदि उपस्थित थे।
ग्रामीणों को बैंक नहीं जाना पड़ेगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने 24 अप्रैल से ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केंद्र प्रारंभ की है। इस योजना से सभी ग्राम पंचायत जुड़ेंगे और ग्रामीणों को गाँव में ही बैंक जैसी सुविधाएं उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि अटल डिजिटल सेवा केंद्र में किसी भी योजना के हितग्राहियों को राशि निकालने में सुविधा होगी। वही जाति, निवास सहित अन्य दस्तावेज भी मिल पाएंगे। अभी 1460 पंचायत में यह प्रारंभ की गई है। इससे ग्रामीणों को बैंक तक दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी।
नामांतरण होगा आसान
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी सरकार भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के साथ कार्यवाही भी कर रही है। डीएमएफ की राशि का दुरुपयोग करने वालों पर भी कार्यवाही की गई। उन्होंने बताया कि जमीन की रजिस्ट्री के साथ सरकार ने नामांतरण की प्रक्रिया प्रारंभ की है। इससे कोई अधिकारी नामान्तरण के नाम पर किसी को घुमा नहीं पायेगा। एक घण्टे से कम समय में नामांतरण हो जाएगा। उन्होंने कहा कि मोदी की गारंटी को पूरा करने वाली यह सरकार सुशासन की दिशा में कार्य कर रही है।
हर पात्र और जरूरतमन्द को मिलेगा पीएम आवास
मुख्यमंत्री साय ने बताया कि आने वाले दिनों में केंद्रीय पंचायत मंत्री शिवराज सिंह छत्तीसगढ़ आएंगे। इस दौरान लाखों पीएम आवास की स्वीकृति प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी सभी गरीबों को पक्का आवास देना चाहते हैं। अब पीएम आवास के लिए नियमों को शिथिल किया गया है। पाँच एकड़ असिंचित और ढाई एकड़ सिंचित भूमि वाले, दोपहिया वाहन वाले, 15 हजार रुपए मासिक आमदनी वाले हितग्राहियों को भी आवास उपलब्ध हो सकेगा। इसके लिए सर्वे भी हुए हैं। उन्होंने कहा कि शिविर में अनेक मांग आई है। उज्ज्वला योजना के लिए भारत सरकार से बातचीत कर इन मांगों को भी पूरा किया जाएगा।
पीएम ने छत्तीसगढ़ के विकास के लिए बहुत पैसा दिया
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने छत्तीसगढ़ के विकास के लिए बहुत पैसा दिया। यह डबल इंजन की सरकार है। पैसों की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कोरबा में अनेक बड़े कार्य स्वीकृत होने की बात कहते हुए कोरबा से पेंड्रा,धरमजयगढ़ रेललाइन से क्षेत्र का विकास होने की बात कही।
मुख्यमंत्री का धन्यवाद, प्रथम दिवस में कोरबा आएं-मंत्री लखन लाल देवांगन
समाधान शिविर में पहुँचे उद्योग, वाणिज्य और श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से प्रदेश के कोने-कोने में शिविर का आयोजन कर आवेदन लिए गए। इस बहाने लोगो से न सिर्फ मुलाकात होगी। उनकी समस्याओं का निराकरण भी होगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जी अचानक से किसी भी जगह जाएंगे। हमें भी मालूम नहीं था कि वे यहाँ आएंगे। यह सौभाग्य है कि सुशासन तिहार के पहले दिन वे कोरबा जिले के मदनपुर आये। इसके लिए मुख्यमंत्री जी को धन्यवाद। उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में हमारी सरकार धूप छांव की परवाह नहीं करती। हम सभी जमीन से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि यह पहली बार है कि सरकार बनने के कुछ दिनों के भीतर ही मोदी की गारंटी को पूरा किया गया है।
शिकायतों का किया वाचन, कलेक्टर ने डीएमएफ से मांग पूरा करने की बात कही
कलेक्टर अजीत वसंत ने कहा कि जिले में 1 लाख 78 हजार 418 आवेदन प्राप्त हुए। ग्राम मदनपुर के क्लस्टर में कुल 3769 आवेदन आये,जिसमे से 29 शिकायत से सम्बंधित है। सभी आवेदन का निराकरण किया गया है। उन्होंने आवेदन की प्रकृति के विषय में बताते हुए कहा कि विकास कार्यों से सम्बंधित माँग को पूरा करने के लिए डीएमएफ से भी सहयोग किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सुशासन तिहार के संबंध में सभी जानकारी प्रदान की गई थी। समाधान शिविर में एसडीएम पाली सुश्री सीमा पात्रे ने शिकायतों का वाचन किया।
शासन की योजनाओं से जीवन में आया बदलाव
समाधान शिविर में पीएम आवास, महतारी वंदन योजना, पीएम सम्मान निधि के किसानों ने योजना का लाभ उठाकर जीवन में आए बदलाव को बयां किया। पीएम आवास की हितग्राही श्रीमती राजनंदिनी डोंगरे ने बताया कि पहले वे मिट्टी के घर में रहते थे। पक्का मकान बनने से बारिश के दिनों में होने वाली चिंताएं अब नहीं रहती। पक्का घर का सपना पूरा हो गया है। महतारी वंदन योजना की हितग्राही श्रीमती रमाबाई पैकरा ने बताया कि उन्हें अब तक 15 किस्त मिला है। इस राशि का उपयोग उन्होंने अपनी दोनों बेटियों के नाम पर सुकन्या समृद्धि योजना में किया है ताकि भविष्य में इस राशि का उपयोग बेटियों की पढ़ाई के लिए हो सके। किसान कन्हैया लाल ने बताया कि उन्होंने सुशासन तिहार में अपनी जमीन को ऑनलाइन करने आवेदन दिया था। आज मालूम हुआ कि उनका रिकार्ड ऑनलाइन हो गया है। इसका प्रमाण पत्र भी मिला है। उन्होंने बताया कि उन्हें पीएम सम्मान निधि अंतर्गत भी राशि मिलती है। किसान ने सुशासन तिहार के आयोजन की सराहना भी की।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सक्ती जिले के करिगांव में अचानक पहुँचकर ग्रामवासियों को किया आश्चर्यचकित
मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर लिमगांव की बजाय सीधे करिगांव के समीप बन्दोरा गांव में उतरा
अचानक मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर खिले ग्रामीणों के चेहरे, हल्दी चावल का तिलक लगाकर महिलाओं ने किया स्वागत
रायपुर/शौर्यपथ /सुशासन तिहार 2025 के अंतर्गत मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज सक्ती जिले के करिगांव में अचानक पहुँचकर ग्रामवासियों को आश्चर्यचकित कर दिया। मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर लिमगांव की बजाय सीधे बन्दोरा गांव में उतरा, जिससे प्रशासनिक अमला कुछ समय के लिए असमंजस में पड़ गया। प्रशासन पहले से ही लिमगांव में मुख्यमंत्री की अगवानी की तैयारी में जुटा था, परन्तु मुख्यमंत्री के करिगांव पहुँचने से पूरी व्यवस्थाएं तत्काल वहाँ स्थानांतरित करनी पड़ीं।
करिगांव में पीपल के पेड़ के नीचे मुख्यमंत्री ने चौपाल लगाई और ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। मुख्यमंत्री खाट पर बैठकर सहज वातावरण में ग्रामीणों की समस्याएं सुनते रहे। ग्रामीणों और विशेषकर महिलाओं ने मुख्यमंत्री का स्वागत कमल का फूल भेंट कर किया। मुख्यमंत्री ने सभी की बातें ध्यानपूर्वक सुनीं और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सुशासन का अर्थ है सीधे जनता के बीच जाकर उनकी वास्तविक स्थिति को समझना और त्वरित समाधान देना। प्रशासनिक व्यवस्था तभी सफल मानी जाती है जब अंतिम व्यक्ति की बात सीधे शासन तक पहुँचे।
सक्ती जिले के करिगांव की रहने वाली दिलेश्वरी उस वक्त हैरान रह गई जब उसने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को अपने आंखों के सामने खड़ा देखा। मुख्यमंत्री ने दिलेश्वरी से महतारी वंदन योजना के बारे में पूछा । दिलेश्वरी ने कहा यह योजना उनकी आर्थिक जरूरतों को पूरा करने के लिए संबल का काम करती है।
दरअसल आज सुशासन तिहार के दौरान अचानक ही मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर सक्ती जिले के बंदोरा गांव में उतरा। यहां से मुख्यमंत्री पास के ही करिगांव पहुंचे और यहां पीपल के पेड़ के नीचे चौपाल लगाई। मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर ग्रामीणों ने पास के ही पैठू तालाब से कमल का फूल देकर स्वागत किया। इस दौरान ग्रामीण महिलाओं ने मुख्यमंत्री की आरती की और हल्दी चावल का तिलक लगाकर उनका स्वागत किया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने पीपल पेड़ के नीचे ही खाट पर बैठकर ग्रामीणों से बातचीत की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने ग्रामीणों से पीएम आवास योजना योजना, महतारी वंदन योजना, धान के बोनस, आयुष्मान योजना के बारे में ग्रामीणों से जानकारी लेते हुए उनकी समस्याओं के बारे में पूछा और उनका तत्काल समाधान भी किया। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री आवास योजना की प्रगति की जानकारी ली और ग्रामवासी सोनाई बाई के घर जाकर योजना के तहत निर्मित आवास का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से अपील करते हुए कहा कि गर्मी के दिनों में धान के अलावा दूसरी फसल भी लगाइए। इससे पानी की कम खपत होगी और बिजली बिल भी कम आयेगा जिससे किसानों को ज्यादा फायदा मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीणों के कल्याण और क्षेत्र के विकास के लिए वो पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं।
ग्रामीणों की मांग के आधार पर मुख्यमंत्री ने तुरंत ही करिगांव में नया पंचायत भवन बनाने, सप्ताह में एक दिन करिगांव में पटवारी कार्यालय का संचालन करने और गांव में स्थित नोनी मईया देवी मंदिर का सौंदर्यीकरण करने की घोषणा भी कर दी। मुख्यमंत्री ने ये भी कहा कि गांव में अवैध भूमि कब्जे की शिकायतों की जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई होगी।
इस दौरान मुख्य सचिव अमिताभ जैन, प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव पी दयानंद भी मुख्यमंत्री के साथ उपस्थित थे।
देश और दुनिया के विभिन्न शहरों में हो रहे उत्कृष्ट और अनुकरणीय कार्यों की भी दिखाई झलक
रायपुर/शौर्यपथ /उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने आज 'नगर सुराज संगम' में खुद प्रशिक्षण की कमान संभाली। नगरीय निकायों के नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों के लिए आयोजित प्रबोधन कार्यक्रम-सह-कार्यशाला के शुभारंभ सत्र को संबोधित करते हुए उन्होंने करीब 50 स्लाइड्स की पीपीटी के माध्यम से स्वयं शहरों के विकास का रोडमैप राज्य के 14 नगर निगमों के महापौरों, सभापतियों, एमआईसी सदस्यों, आयुक्तों और वरिष्ठ अभियंताओं से साझा किया। उन्होंने अपने सवा घंटे के संबोधन और पीपीटी प्रस्तुतिकरण के दौरान एक-एक स्लाइड्स की डिटेलिंग भी की।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कार्यशाला में पीपीटी प्रेजेंटेशन के माध्यम से अटल विश्वास पत्र के प्रमुख बिंदुओं, नगरीय निकायों की चुनौतियों, नागरिकों की अपेक्षाएं एवं निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी, स्वच्छता एवं साफ-सफाई, कचरा प्रबंधन, शहरी वानिकी, शहरी परिवहन, स्ट्रीट लाइटिंग, कर संग्रहण और सिटी डेव्हलपमेंट प्लान के विभिन्न आयामों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कोयंबटूर, चेन्नई, अहमदाबाद, इंदौर, पिंपरी चिंचवाड़ जैसे शहरों तथा गुजरात एवं तेलंगाना में स्थानीय निकायों द्वारा अलग-अलग क्षेत्रों में किए जा रहे अनुकरणीय कार्यों की झलक दिखाई। श्री साव ने अपने प्रेजेंटेशन के दौरान डेनमार्क, सिंगापुर, जर्मनी और जापान जैसे देशों में शहरी संसाधनों के मितव्ययतापूर्ण उपयोग तथा रिसाइक्लिंग-रियूज के लिए हो रहे नवाचारों के बारे में भी बताया।
11 मतों से विजयी होकर, पुष्पेंद्र अब संभालेंगे, यूनियन की कमान
स्थानीय पत्रकारों की एकजुटता और नेतृत्व परिवर्तन ने संगठन को दी नई दिशा
नारायणपुर /शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ जर्नलिस्ट यूनियन की नारायणपुर जिला इकाई में नई कार्यकारिणी के गठन के लिए शनिवार शाम को चुनाव संपन्न हुआ, बेनर्जी पैलेस में आयोजित इस बैठक में जिले भर से आए 23 पत्रकार सदस्यों ने सक्रिय भागीदारी दर्ज कराई, चार उम्मीदवारों के बीच मतदान कराया गया इस दौरान 11 वोटो से चुनाव जीतकर युवा पत्रकार पुष्पेंद्र सिंह ठाकुर को जिलाध्यक्ष चुने गए,चुनाव प्रक्रिया, चुनाव संचालक व यूनियन के संभाग अध्यक्ष अभिषेक बेनर्जी के मार्गदर्शन में संपन्न हुई,कार्यक्रम की शुरुआत में स्थानीय पत्रकारों ने जिले में पत्रकारिता की चुनौतियों, स्वतंत्रता और सुरक्षा के मुद्दों पर चर्चा की, सभी अध्यक्ष पद के दावेदारों ने अपना अपना पक्ष रखा.
रोमांचक मुकाबले में, पुष्पेंद्र ने दर्ज कराई जीत
छत्तीसगढ़ जर्नलिस्ट यूनियन के जिलाध्यक्ष पद के लिए चारों दावेदार दिग्गज पत्रकार हैं, अंतिम समय तक यह बता पाना मुश्किल हो रहा था की बहुमत किसे प्राप्त होगा परंतु अंततः पुष्पेंद्र ने 11 मत पाकर जीत दर्ज कराया, चुनाव प्रक्रिया शहर के प्रतिष्ठित होटल बैनर्जी पैलेस मे शाम 7:00 बजे से 8:00 बजे तक शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक वातावरण में पूरी की गई।
स्थानीय पत्रकारों की भूमिका सराहनीय
चुनाव में नारायणपुर के ग्रामीण और शहरी अंचलों से जुड़े पत्रकारों की उपस्थिति उल्लेखनीय रही, अध्यक्ष पद के दावेदारों में डे नारायण बघेल, रोशन ठाकुर, हरिया सोनी, ग्रामीण पत्रकारों में संतनाथ उसेंडी, सुखमन कचलाम, दीनू बघेल, बोधन नाग, संतोष साहू ब्रिज मानिकपुरी शामिल रहे वही वरिष्ठ पत्रकारों मे चुनाव अधिकारी के रूप में संजय नंदी, कमलापति मिश्र,रवि साहू, तथा अविनाश देवांगन, आकाश जैन, किशोर आर्य, दिनेश रजक, अनुज जोशी, प्रीतेश जैन, मुकेश सिंह, नारायण बेनर्जी, तेनसिंह ठाकुर, सुरेश सोनी संगठन की मजबूती और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए एकजुट होकर काम करने का आह्वान किया। ग्रामीण क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने विशेष रूप से अपने क्षेत्रों में पत्रकारों को आ रही चुनौतियों को प्रमुखता से रखा, जिस पर नई कार्यकारिणी द्वारा ठोस पहल का आश्वासन दिया गया।
नवनिर्वाचित अध्यक्ष पुष्पेंद्र ठाकुर का संबोधन
चुनाव परिणाम के बाद अपने संबोधन में पुष्पेंद्र सिंह ठाकुर ने सभी सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे संगठन को निष्पक्ष, पारदर्शी और पत्रकार हितैषी दिशा में आगे ले जाने के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करेंगे। उन्होंने कहा, “यह सिर्फ मेरा नहीं, पूरे नारायणपुर पत्रकार समाज का दायित्व है कि हम मिलकर सच और समाज के हक की आवाज को आगे बढ़ाएं।”
संगठन की अगली योजना
संभाग अध्यक्ष अभिषेक बैनर्जी ने बताया कि आने वाले समय में जिले में पत्रकारों के लिए, पत्रकारों को अधिमान्यता प्राप्त करवाना, छत्तीसगढ़ जर्नलिस्ट यूनियन के लिए भवन, पत्रकार सुरक्षा कानून के लिए शासन स्तर पर यथासंभव प्रयत्न करना, पत्रकारों के लिए प्रशिक्षण, कानूनी सहायता और संवाद कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा साथ ही नए पत्रकारों को यूनियन से जोड़ने की पहल भी प्राथमिकता में रहेगी।
प्रदेश स्तर के पत्रकारों में दी बधाई
छत्तीसगढ़ जर्नलिस्ट यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष ईश्वर दुबे, प्रदेश महासचिव कुलवंत सलूजा, राष्ट्रीय महासचिव शिव शंकर सोनपिपरे, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष व्यास पाठक ने नवनियुक्त अध्यक्ष को बधाई दी
जिले में कुल 1 लाख 16 हजार 368 आवेदन प्राप्त हुए, अब तक 75.8 प्रतिशत आवेदनों का हुआ निराकरण
सुशासन तिहार अंतर्गत 46 ग्राम पंचायत सहित 7 नगरीय निकायों में आयोजित होगा समाधान शिविर
कवर्धा/शौर्यपथ /कलेक्टर गोपाल वर्मा ने आज जिला कार्यालय के सभाकक्ष में सुशासन तिहार 2025 के संबंध में पत्रकार-वार्ता ली। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार राज्य में सुशासन की स्थापना को लेकर लगातार प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। शासन-प्रशासन के हर स्तर पर यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि शासकीय कार्यों में पारदर्शिता आए, योजनाओं और कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन हो और इनका लाभ उन जरूरतमंद वर्गों तक समयबद्ध ढंग से पहुंचे, जिनके लिए योजनाएं बनाई गई हैं। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी की मंशा के अनुरूप राज्य में सुशासन तिहार-2025 का आयोजन किया जा रहा है। सुशासन तिहार का उद्देश्य आम जनता की समस्याओं का समयबद्ध समाधान, शासकीय योजनाओं की समीक्षा और निगरानी, विकास कार्यों में तेजी लाना और जनता, जनप्रतिनिधियों व सामाजिक संगठनों के साथ सीधा संवाद स्थापित करना है। सुशासन तिहार-2025 का आयोजन तीन चरणों में किया जा रहा है। पहला चरण 8 अप्रैल से 11 अप्रैल तक आयोजित हुआ। जिसमें आम जनता से उनकी समस्याओं और मांगों से संबंधित आवेदन प्राप्त किए गए हैं। आवेदन समाधान पेटी, शिविर और ऑनलाईन पोर्टल के माध्यम से लिए गए हैं। आवेदन प्राप्त करने के लिए समाधान पेटी की व्यवस्था जिला और विकासखण्ड मुख्यालय स्तर पर की गई थी। हाट बाजारों में भी आवेदनों का संग्रह किया गया है। कबीरधाम जिले में कुल 1 लाख 16 हजार 368 आवेदन प्राप्त हुए हैं। जिसमें मांग के संबंधित 1 लाख 14 हजार 273 एवं शिकायत से संबंधित 2 हजार 95 है। अब तक 75.8 प्रतिशत आवेदनों का निराकरण किया गया है। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ अजय कुमार त्रिपाठी, अपर कलेक्टर डॉ मोनिका कौड़ों, नरेंद्र पैकरा, विनय पोयम, सहायक जनसंपर्क अधिकारी गुलाब डड़सेना एवं अन्य अधिकारी व प्रिंट व मीडिया के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
कलेक्टर श्री वर्मा ने कहा कि सुशासन तिहार के दूसरे चरण में प्राप्त आवेदनों को स्कैन कर सॉफ्टवेयर में अपलोड कर संबंधित विभाग, जनपद और नगरीय निकाय के अधिकारियों को ऑनलाइन व भौतिक रूप से भेजकर उनके गुणवत्तापूर्ण निराकरण की कार्रवाई की जा रही है। मांग से संबंधित आवेदनों को बजट की उपलब्धता के आधार पर निराकृत किया जा रहा है। आवेदनों के निराकरण की गुणवत्ता की समीक्षा जिला और राज्य स्तर पर की जा रही है। तीसरे एवं अंतिम चरण की शुरूआत 5 मई 2025 से हो रही है, जो 30 मई 2025 तक चलेगी। इस दौरान जिले के 8 से 15 ग्राम पंचायतों के बीच एक समाधान शिविर का आयोजन किया जाएगा। नगरीय निकायों में भी शिविर लगाए जाएंगे। जिले में कुल 46 समाधान शिविर आयोजित किए जाएंगे। इसमें बोड़ला जनपद के अंतर्गत 9 ग्राम पंचायत, कवर्धा जनपद के अंतर्गत 11 ग्राम पंचायत, पंडरिया जनपद के अंतर्गत 10 और सहसपुर लोहारा अंतर्गत 9 ग्राम पंचायत और सभी 7 नगरीय निकाय में शिविर लगाया जाएगा। इन शिविरों में आवेदकों को उनके आवेदनों पर की गई विभागीय अधिकारियों द्वारा की गई कार्रवाई की जानकारी दी जाएगी। शिविरों में नए आवेदन भी लिए जाएंगे और जिन मामलों का समाधान वहीं संभव होगा, उनका मौके पर ही निराकरण किया जाएगा। विभागीय अधिकारी समाधान शिविरों में विभागों द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देंगे। साथ ही हितग्राहीमूलक योजनाओं के आवेदन पत्र व प्रपत्र भी उपलब्ध कराए जाएगें। समाधान शिविरों में विकासखंड एवं अनुभाग स्तर के सभी अधिकारी उपस्थित रहेंगे। जिला स्तर से भी कुछ अधिकारी उपस्थित रहेंगे। इसी तरह की व्यवस्था नगरीय निकायों के शिविरों में भी रहेगी।
कलेक्टर श्री वर्मा ने कहा कि सुशासन तिहार के तीसरे चरण के दौरान मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्रीगण, मंत्रीगण, मुख्य सचिव, प्रभारी सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी कुछ समाधान शिविरों में शामिल होंगे और आम जनता से सीधा संवाद करेंगे। मुख्यमंत्री विकास कार्यों और योजनाओं का औचक निरीक्षण भी करेंगे और योजनाओं के जमीनी लाभ के बारे में फीडबैक लेंगे। मुख्यमंत्री जिला मुख्यालय पर अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक भी करेंगे। जिसमें शिविरों में प्राप्त आवेदनों के निराकरण की स्थिति, विभिन्न योजनाओं की प्रगति और आगामी कार्ययोजना पर चर्चा की जाएगी। मुख्यमंत्री अपने प्रवास के दौरान प्रेस वार्ता को संबोधित करेंगे और विभिन्न संगठनों एवं नागरिकों से भेंट भी करेंगे। कलेक्टर ने पत्रकार साथियों से सुशासन तिहार 2025 अंतर्गत आयोजित समाधान शिविरों के प्रचार-प्रसार में सहभागी बनने की अपील की, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों लाभ ले सकें।
जिले के 39 जनपद पंचायत और 7 नगरीय निकायों में आयोजित होगा समाधान शिविर
कलेक्टर श्री वर्मा ने बताया कि 5 मई से सुशासन तिहार समाधान शिविर का आयोजन किया जाएगा। इसके अंतर्गत 5 मई को चिल्फी, पोलमी 6 मई को धमकी, दानी घाटोली, 7 मई को तरेगांव जंगल, सरईसेत, मजगांव 8 मई को मजगांव, 9 मई को चारभाठा, देवसरा 13 मई को पनेका, रेगाखारकला, उडियाकला, सोमनापुर नया 14 मई को भागुटोला, 15 मई को खारा,मोहतरा खुर्द 16 मई को गुढ़ा, बिड़ौरा 17 मई को बैजलपुर, डोमसरा 19 मई को बारदी, सिंघनपुरी जंगल 20 मई को रेतपारा, 21 मई को रवेली, कुटकीपारा 22 मई को महाराजपुर, हाथमुड़ी 23 मई को झलमला 24 मई को कुसुमघट, वीरेंद्रनगर, कोलेगांव 26 मई को बिरकोना 27 मई को राजानवागांव, रणवीरपुर, प्राणखैरा 28 मई को मरका 29 मई को पोड़ी और 30 मई को दोजरी और सिंघनगढ़ में शिविर आयोजित होगी। इसके साथ ही 8 मई को नगर पंचायत पिपरिया, 13 मई को नगर पंचायत सहसपुर लोहारा, 15 मई को नगर पंचायत बोड़ला, 19 मई को नगर पंचायत इंदौरी, 21 मई को नगर पंचायत पांडा तराई, 22 मई को नगर पालिका पंडरिया, 23 मई को नगर पालिका कवर्धा में सुशासन समाधान शिविर लगाया जाएगा।
बैठक आयुक्त ने कहा,सुशासन तिहार के तृतीय चरण में समाधान शिविरो का हो सफल आयोजन,
दुर्ग/शौर्यपथ /नगर पालिक निगम आयुक्त सुमित अग्रवाल ने सुशासन तिहार 2025 की तैयारियों के संबंध में सफल आयोजन बनाने के लिए आवश्यक बैठक लेकर अधिकारियों को निर्देश दिए।बैठक समीक्षा करते हुए आयुक्त ने कहा कि सुशासन तिहार के अंतर्गत दुर्ग नगर निगम में तृतीय चरण मं समाधान शिविरों का आयोजन बेहतर ढंग से सफलपूर्वक संपन्न हो, यह सुनिश्चित किया जाए।आवेदनों का निराकरण गुणवत्तापूर्वक हो। शिकायते संबंधी आवेदनों को प्राथमिकता के साथ निराकरण किया जाए। उन्होंने नोडल अधिकारियों से आवेदन निराकरण के संबंध में जानकारी ली।
नगर पालिक निगम सीमा क्षेत्र अंतर्गत आवेदनों का समाधान करने 5 मई से इन वार्डो में शिविर लगेंगे।
दिनांक 5 मई को वार्ड क्र. 7 तिलक उ.मा.वि शिक्षक नगर वार्ड,क्रमांक,1,2,3,4,5,6,7,8,9,10,11,30,31 एवं 56 के लिए सुशासन तिहार 2025 के तृतीय चरण के लिए समाधान शिविर का आयोजन किया जाएगा।
दिनांक 14 मई,वार्ड क्र. 23 स्वामी आत्मानंद उ.मा.वि दीपक नगर वार्ड क्रमांक 23,24,25,26,47,48,59 और 60 के नागरिको के लिए समाधान शिविर आयोजन किया जाएगा।
शेष बचे वार्ड में 16 मई वार्ड- 52 बोरसी स्कूल,
21 मई जेआरडी स्कूल वार्ड- 39
23 मई कुशाभाऊ ठाकरे भवन वार्ड -20
27 मई मानस भवन रविशंकर स्टेडियम वार्ड- 29,समाधान शिविरो का 5 मई से 31 मई तक आयोजन किया जाएगा।जन संपर्क/राजू बक्शी
कलेक्टर चतुर्वेदी ने रायगढ़ एवं पुसौर विकासखंड के जलाशय मरम्मत एवं निर्माण कार्यों का किया निरीक्षण
रायगढ़/शौर्यपथ /कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने आज जल संसाधन संभाग रायगढ़ अंतर्गत रायगढ़ एवं पुसौर के विभिन्न जलाशय जीर्णोद्धार एवं जलद्वार निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया।
इस दौरान कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने जल संसाधन संभाग रायगढ़ के सियारपाली जलाशय के गहरीकरण-मरम्मत एवं नहर लाईनिग कार्य का निरीक्षण किया। यहां उन्होंने अधिकारियों से काम की प्रगति के बारे में जानकारी ली। उन्होंने ठेकेदार को काम तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए। कलेक्टर चतुर्वेदी ने बड़े हल्दी के जलाशय का गहरीकरण मरम्मत, बासनपाली, बाघाडोला, मनसाटार एवं सिहा के जलाशय के जीर्णोद्वार कार्य का भी निरीक्षण किया। उन्होंने सभी ठेकेदारों से निर्माण कार्यों के प्रगति की जानकारी लेते हुए जून से पूर्व हेड स्लुस निर्माण, वेस्ट वियर मरम्मत व निर्माण कार्यों को प्राथमिकता से पूर्ण करने के निर्देश दिए। ताकि बारिश के दौरान जलाशयों में बेहतर जल संचय हो एवं इसका लाभ किसानों को मिल सके। मौके पर उन्होंने ग्रामीणों से चर्चा करते हुए कार्यों को यथाशीघ्र पूर्ण कराने की बात कही।
निरीक्षण के दौरान कार्यपालन अभियंता होमेश नायक, एसडीओ श्री दुर्गेश नायक, एई श्री विमलेश बिस्वाल, श्री विक्रम गुप्ता, सीईओ जनपद रायगढ़ राजेश साहू, सीईओ जनपद पुसौर श्री अभिषेक बनर्जी सहित जनप्रतिनिधि व ग्रामीण जन उपस्थित रहे।
7.78 करोड़ की लागत से 6 जलाशयों का हो रहा कायाकल्प
रायगढ़ और पुसौर विकासखंड के 6 जलाशयों का 7.78 करोड़ की लागत से जीर्णोद्धार का काम किया जा रहा है। वित्त मंत्री श्री ओ.पी.चौधरी ने बीते दिनों इन कार्यों का भूमिपूजन किया था। जिसके पश्चात जीर्णोद्धार का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। इनमें 1.25 करोड़ लागत से बड़े हल्दी जलाशय का जीर्णोद्धार, 1.48 करोड़ लागत से बाघाडोला जलाशय के जलद्वार निर्माण एवं मुख्य बांध का मरम्मत कार्य, 1.45 करोड़ से बासनपाली जलाशय का जीर्णोद्धार, 1.02 करोड़ से मंसाटार जलाशय का जीर्णोद्धार, 97 लाख से सिहा जलाशय का जलद्वार निर्माण और बांध मरम्मत कार्य तथा 1.59 करोड़ लागत से सियारपाली जलाशय का जीर्णोद्धार कार्य शामिल है। इन जलाशयों के अंतर्गत कुल 498.44 हेक्टेयर सिंचित रकबा आता है।
मेसर्स रैक बैंक के एआई डाटा सेंटर का होगा शिलान्यास
रायपुर/शौर्यपथ /मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 3 मई को नवा रायपुर में आयोजित कार्यक्रम में पंजीयन (रजिस्ट्री) विभाग की नवाचार आधारित 10 नवीन सुविधाओं का शुभारंभ और मेसर्स रैक बैंक द्वारा प्रस्तावित अत्याधुनिक एआई डाटा सेंटर का शिलान्यास भी करेंगे। यह कार्यक्रम राज्य के डिजिटल बुनियादी ढ़ांचे को सुदृढ़ बनाने और आम नागरिकों को पारदर्शी, सरल तथा तकनीकी सुलभ सेवाएं प्रदान करने की दिशा में बेहद महत्वपूर्ण कदम होगा।
पंजीयन विभाग द्वारा आम नागरिकों की सुविधा, पारदर्शिता और दस्तावेजों की सुरक्षा के उद्देश्य से पंजीयन प्रणाली को पूरी तरह डिजिटल और सरल बनाया गया है। इन सुविधाओं में आधार आधारित प्रमाणीकरण, ऑनलाइन सर्च एवं डाउनलोड, कैशलेस भुगतान, डिजीलॉकर, व्हाट्सएप नोटिफिकेशन, घर बैठे रजिस्ट्री, डिजीडॉक्यूमेंट, स्वतः नामांतरण जैसी तकनीकी सेवाएं शामिल हैं। इन सुविधाओं से रजिस्ट्री प्रक्रिया, पेपरलेस सुरक्षित और नागरिकों के लिए सहज हो सकेगी। अब आम नागरिक रजिस्ट्री से जुड़ी सेवाएं घर बैठे प्राप्त कर सकेंगे, जिससे समय, श्रम और धन की बचत होगी।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री साय द्वारा जिस एआई डाटा सेंटर का शिलान्यास किया जाएगा, वह नवा रायपुर के सेक्टर 22 में विशेष आर्थिक क्षेत्र के रूप में स्थापित किया जा रहा है। प्रथम चरण में 5 मेगावॉट क्षमता का यह केंद्र पर्यावरण संरक्षण मानकों का पालन करते हुए सौर ऊर्जा आधारित होगा तथा भविष्य में इसकी क्षमता 150 मेगावॉट तक विस्तार की जा सकेगी। लगभग 1000 करोड़ के निवेश वाली इस परियोजना से 500 से अधिक लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। यह इकाई राज्य की औद्योगिक नीति वर्ष 2024-30 के तहत एंकर यूनिट के रूप में विकसित होगी। इसके साथ ही राज्य में आईटी, आईटीईएस, इलेक्ट्रॉनिक्स और डेटा सेवाओं से जुड़े एक नए इको-सिस्टम के विकास की नींव रखी जाएगी।
छत्तीसगढ़ के विशेष आग्रह पर केंद्र सरकार ने ऐसे परिवारों के लिए स्वीकृत किए हैं 15 हजार आवास
कुल दस करोड़ रुपए आज हितग्राहियों के खातों में अंतरित, प्रथम किस्त के रूप में 2500 परिवारों को जारी किए गए 40-40 हजार रुपए
मुख्यमंत्री ने विभिन्न जिलों से वर्चुअली जुड़े हितग्राहियों से बात भी की, आवास निर्माण के लिए पहली किस्त मिलने पर दी बधाई
रायपुर/शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल हिंसा से प्रभावित 2500 परिवारों के बैंक खातों में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की पहली किस्त की राशि अंतरित की। उन्होंने मंत्रालय में वर्चुअली आयोजित कार्यक्रम में आवास निर्माण की पहली किस्त प्रति परिवार 40-40 हजार रुपए के मान से कुल दस करोड़ रुपए हितग्राहियों के खातों में अंतरित किए। छत्तीसगढ़ के विशेष आग्रह पर केंद्र सरकार द्वारा राज्य के आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों के लिए 15 हजार आवास स्वीकृत किए गए हैं। उप मुख्यमंत्री तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
मुख्यमंत्री साय ने विभिन्न जिलों से मंत्रालय से वर्चुअली बड़ी संख्या में जुड़े हितग्राहियों को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य शासन ने केंद्र सरकार से विशेष आग्रह कर आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों के लिए जो प्रधानमंत्री आवास योजना की पात्रता की शर्तों में नहीं आ पा रहे थे, उनके लिए 15 हजार आवास स्वीकृत कराया है। उन्होंने इसके लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी, केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने संवेदनशीलता और गंभीरता से हमारे निवेदन को मंजूरी दी और वंचित परिवारों के लिए भी आवास की व्यवस्था की।
साय ने नक्सल प्रभावित दूरस्थ वनांचलों के लिए स्वीकृत इस विशेष परियोजना के हितग्राहियों की हौसला अफजाई करते हुए अच्छा मकान बनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि इसमें सरकार हर तरह की मदद करेगी। मुख्यमंत्री ने नक्सली हिंसा के शिकार परिवारों से आत्मीयता से बातकर उनका हाल-चाल पूछा। उन्होंने घर-परिवार और उनके व्यवसाय की जानकारी ली। बातचीत के दौरान विभिन्न जिला मुख्यालयों से जुड़े हितग्राहियों ने पक्का आवास मिलने पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को धन्यवाद दिया।
उप मुख्यमंत्री तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा ने भी हितग्राहियों को ऑनलाइन संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक है। आज 2500 ऐसे परिवारों को जो नक्सलवाद छोड़कर मुख्य धारा में लौट आए हैं या नक्सल हिंसा से पीड़ित हैं, उनके पक्के आवासों के निर्माण के लिए 40-40 हजार रुपए की पहली किस्त जारी की गई है। ये ऐसे परिवार हैं जो प्रधानमंत्री आवास योजना की पात्रता में नहीं आ पा रहे थे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में विभाग ने विशेष प्रयास कर भारत सरकार से ये आवास मंजूर कराए हैं। श्री शर्मा ने कहा कि राज्य में नक्सलवाद को समाप्त करने का अभियान अब अंतिम चरण में है। बस्तर के लोगों के मन से अब आतंक का डर हट जाना चाहिए। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे मुख्य धारा में आएं। बस्तर की शांति और विकास के लिए यह जरूरी है। उन्होंने विशेष परियोजना के तहत हितग्राहियों के चिन्हांकन और इसे अमलीजामा पहनाने के लिए विभागीय अधिकारियों की पीठ थपथपाई और उन्हें धन्यवाद दिया।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह ने कार्यक्रम में राज्य में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के क्रियान्वयन की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आवास निर्माण के लक्ष्यों को तेजी से पूरा किया जा रहा है। योजना के अगले चरण के लिए हितग्राहियों के सर्वेक्षण का काम भी तेजी से चल रहा है। मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, सचिव पी. दयानंद, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव भीम सिंह तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के संचालक श्री तारन प्रकाश सिन्हा सहित वरिष्ठ विभागीय अधिकारी भी राशि अंतरण कार्यक्रम में मौजूद थे।
सुकमा के सर्वाधिक 809 आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल प्रभावित परिवारों को मिली आवास की पहली किस्त, बीजापुर के 594 और नारायणपुर के 316 परिवार शामिल
प्रधानमंत्री आवास योजना में विशेष परियोजना के तहत आज जिन 2500 आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल प्रभावित परिवारों के खातों में आवास निर्माण के लिए राशि अंतरित की गई, उनमें सर्वाधिक 809 परिवार सुकमा जिले के हैं। बीजापुर जिले के ऐसे 594, नारायणपुर के 316, बस्तर के 202, दंतेवाड़ा के 180, कोंडागांव के 166 और कांकेर के 138 परिवारों को आवास निर्माण के लिए राशि जारी की गई है।
- कलेक्टर ने स्कूलों एवं शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण एवं विभिन्न योजनाओं के संबंध में शिक्षा विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर कार्यों की समीक्षा की
- कलेक्टर ने आगामी शैक्षणिक सत्र में बोर्ड परीक्षा के परिणाम सुधार हेतु विशेष प्रयास करने के दिए निर्देश
- स्मार्ट क्लासेस का होना चाहिए सही उपयोग
- स्कूलों की रैंकिंग के संबंध में दिए निर्देश
- पढ़ाई में पिछड़ रहे क्षेत्रों में विशेष तौर पर कार्य करने की आवश्यकता
- युक्तियुक्तकरण एवं अन्य योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए दिए आवश्यक निर्देश
- जरूरतमंद बच्चों को शिक्षा के अधिकार के तहत अधिक से अधिक लाभान्वित करने की आवश्यकता
- श्रवण बाधित बच्चों के बैरा टेस्ट के माध्यम से बच्चों को उच्च गुणवत्ता के श्रवण यंत्र उपलब्ध कराने के दिए निर्देश
- दृष्टि बाधित बच्चों के लिए पावर वाले चश्मा प्रदाय करने के लिए कहा
- सभी स्कूलों में अधोसंरचना, उपलब्ध सुविधाओं, साफ-सफाई की समीक्षा की
राजनांदगांव/शौर्यपथ /कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आज आगामी शैक्षणिक सत्र के लिए कार्ययोजना, बच्चों की शैक्षणिक गुणवत्ता के लिए मंथली टेस्ट, स्कूलों एवं शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण एवं विभिन्न योजनाओं के संबंध में शिक्षा विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर कार्यों की समीक्षा की। कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने कहा कि बच्चों के पढ़ाई की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। ऐसे बच्चे जो पढ़ाई में कमजोर है, उन पर ध्यान देते हुए कार्य करने की जरूरत है। बच्चों की पढ़ाई की निरंतरता बनी रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आगामी शैक्षणिक सत्र में बच्चों की गुणवत्तायुक्त पढ़ाई के लिए कार्ययोजना बनाकर प्रभावी क्रियान्वयन की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि पढ़ाई में पिछड़ रहे क्षेत्रों में विशेष तौर पर कार्य करने की आवश्यकता है। कलेक्टर ने आगामी शैक्षणिक सत्र में बोर्ड परीक्षा का परिणाम सुधार हेतु प्रतिमाह यूनिट टेस्ट करवाने, कमजोर विद्यार्थियों का चिन्हांकन, स्टडी मटेरियरल उपलब्ध कराने तथा इस संबंध में व्यापक कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने जिले में सभी आवश्यक निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने कहा। उन्होंने नवाचार तथा अच्छे सुझाव भी आपस में साझा करने कहा। उन्होंने कहा कि जिले में स्मार्ट टीवी के माध्यम से शिक्षा प्रदान की जा रही है, जिसके अच्छे परिणाम प्राप्त हो रहे है। संपर्क डिवाईस के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की दिशा में कार्य करें और स्मार्ट टीवी का सही उपयोग करें। बच्चों को कैरियर काउंसलिंग के साथ ही अच्छी पढ़ाई करने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने सभी स्कूलों में अधोसंरचना, उपलब्ध सुविधाओं, साफ-सफाई एवं शौचालय के संबंध में जानकारी ली। स्कूलों में फर्नीचर एवं अन्य सामग्री के रख-रखाव के संबंध में भी निर्देश दिए। कलेक्टर ने आगामी शैक्षणिक सत्र में बोर्ड परीक्षा के परिणाम सुधार हेतु विशेष प्रयास करने के लिए निर्देश दिए।
कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने स्कूलों एवं शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया दो चरणों में संपन्न की जाएगी, जिसमें प्रथम चरण में स्कूलों का युक्तियुक्तकरण किया जाएगा और दूसरे चरण में शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण किया जाएगा। शालाओं का युक्तियुक्तकरण के तहत एक ही परिसर में संचालित प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक, हाई स्कूल एवं हायर सेकेण्डरी स्कूलों का समायोजन किया जायेगा। उन्होंने 7 मई तक समायोजित होने वाली शालाओं का प्रस्ताव विकासखड स्तरीय समिति द्वारा जिला स्तरीय समिति को प्रेषित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद बच्चों को शिक्षा के अधिकार के तहत अधिक से अधिक लाभान्वित करने की आवश्यक है। उन्होंने बच्चों के नि:शुल्क पाठ्यपुस्तक वितरण, गणवेश वितरण, मध्यान्ह भोजन, सायकल वितरण के संबंध में जानकारी ली। कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने कहा कि समग्र शिक्षा के तहत विभिन्न विद्यालयों में चल रहे निर्माण कार्य को गुणवत्तापूर्ण एवं समय-सीमा में कार्य पूर्ण कराने के लिए निरीक्षण करने निर्देशित किया। उन्होंने कोविड से मृत्यु हुए पालकों के बच्चों को महतारी दुलार योजना के तहत छात्रवृत्ति प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के गृह भेंट करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने श्रवण बाधित बच्चों के कान की सुनने की क्षमता का बैरा टेस्ट के माध्यम से वास्तविक परीक्षण करवाकर बच्चों को उच्च गुणवत्ता के श्रवण यंत्र उपलब्ध कराने एवं दृष्टि बाधित बच्चों के लिए पावर वाले चश्मा प्रदाय करने के निर्देश दिए।
जिला पंचायत सीईओ सुश्री सुरूचि सिंह ने कहा कि शिक्षा के अधिकार के तहत जरूरतमंद बच्चों को लाभान्वित करने की जरूरत है। स्कूल से ड्राप आऊट बच्चों को चिन्हांकित कर उनकी काउंसलिंग करने की आवश्यकता है। बच्चों के सीखने की क्षमता पर ध्यान देते हुए तकनीक के माध्यम से बेहतर परिणाम प्राप्त करने की दिशा में कार्य करने की आवश्यकता है। जिला शिक्षा अधिकारी श्री प्रवास कुमार बघेल ने स्कूलों एवं शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण के संबंध में जानकारी दी तथा समग्र शिक्षा, स्कूल में स्मार्ट टीवी, उपलब्ध अन्य सुविधाएं, निर्माणाधीन स्कूल, नि:शुल्क पाठ्यपुस्तक, गणवेश, मध्यान्ह भोजन, सायकल वितरण के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कक्षा 10वीं एवं 12वीं के बच्चों के कैरियर काउंसलिंग के लिए कार्य करेंगे, जिससे उनकी पढ़ाई हो सकेंगी। उन्होंने शिक्षा के अधिकार के संबंध में जानकारी दी। बैठक में नगर पालिक निगम आयुक्त अतुल विश्वकर्मा, एसडीएम राजनांदगांव खेमलाल वर्मा, एसडीएम डोंगरगढ़ मनोज मरकाम, एसडीएम डोंगरगांव श्रीकांत कोर्राम, सहायक संचालक शिक्षा आदित्य खरे, बी संगीता राव, डीएमसी सतीश ब्यौहरे, एडीपीओ पीआर झाड़े, एपीसी मो. रफीक अंसारी, आदर्श वासनिक, विकासखंड शिक्षा अधिकारी डीआर देवांगन, प्रशांत चिर्वतकर, आर एल पात्रे, श्री विरेंद्र कौर गरचा, बीआरसी भगत सिंह ठाकुर, पीडी साहू, अरविंद रत्नाकर, इनायत अली सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
रायपुर/शौर्यपथ /छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा महतारी वंदन योजना के अंतर्गत आज एक तारीख को माह मई 2025 की पंद्रहवीं किश्त का भुगतान जारी कर दिया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा प्रदेश की 69.32 लाख से अधिक महिलाओं को कुल 648.38 करोड़ रुपये की सहायता राशि उनके बैंक खाते में अंतरित की गई।
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए इस योजना की शुरुआत मार्च 2024 में की गई थी। अब तक लगातार 15 माहों में 9788.78 करोड़ रुपये की राशि प्रदेश की महिलाओं को प्रदाय की जा चुकी है। योजना के अंतर्गत 21 से 60 वर्ष आयु वर्ग की विवाहित, विधवा, तलाकशुदा एवं परित्यक्ता महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रूपए की सहायता राशि प्रदान की जाती है।
आधार कार्ड अपडेट कराने की अपील
महिला एवं बाल विकास विभाग ने हितग्राही महिलाओं से अपील की है कि वह अपना आधार कार्ड अपडेट कराएं, ताकि राशि के भुगतान में किसी भी प्रकार की दिक्कत न हो। ज्ञात हो कि आधार कार्ड को हर 10 वर्षों में अपडेट करना अनिवार्य है। कई हितग्राहियों का भुगतान आधार इनएक्टिव होने के कारण निरस्त किया गया है। ऐसे हितग्राहियों को आधार केंद्र में जाकर पहचान एवं निवास प्रमाण-पत्र के साथ आधार अपडेट कराना आवश्यक है, ताकि आगामी किश्त का भुगतान सुनिश्चित हो सके।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
