August 08, 2026
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    धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
    क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

    दुर्ग/शौर्यपथ /महापौर महा-अभियान के अंतर्गत नगर पालिक निगम।महापौर श्रीमती अलका बाघमार ने निर्देश पर शहर में स्मार्ट सिटी के अनुरूप स्वच्छता कायम करने नगर निगम क्षेत्र में बडी नालियों एवं नालो में विशेष सफाई अभियान चलाने का कार्य जनहित में जनस्वास्थ्य सुरक्षा हेतु प्रतिदिन निरंतर प्रगति पर है।
    महापौर ने गली/ मोहल्ले के नालियों में सुगम निकास हेतु स्वच्छता कायम रखने नाले, नालियों में कचरा डालने वाले लोगो को समझाईश देकर व्यवस्था सुधारने जुर्माना करने की कार्यवाही के निर्देश दिए है।
    महापौर श्रीमती अलका बाघमार द्वारा स्वास्थ्य प्रभारी नीलेश अग्रवाल सहित एमआईसी सदस्य और अधिकारियों के साथ आज वार्ड क्रमांक 6 बैगा पारा सहित कायस्थ पारा सहित क्षेत्र के विभिन्न गलियों में घूमकर नालियों की सफाई के विशेष अभियान की प्रतिदिन माॅनिटरिंग  किया।
    इस अभियान में महापौर के साथ प्रभारी एमआईसी प्रभारी नीलेश अग्रवाल, देवनारायण चंद्राकर, नरेन्द्र बंजारे, ज्ञानेश्वर ताम्रकार, स्वास्थ्य अधिकारी धर्मेंद्र मिश्रा अभियंता विनोद मांझी, कर्मशाला प्रभारी शोएब अहमद, सहायक स्वास्थ्य अधिकारी पंकज चंद्रवंशी, चंडीशीतला मंडल अध्यक्ष कमलेश फेकर, हरीश चौहान, सुरेश भारती, रामलाल भट्ट, रजनीश श्रीवास्तव सहित अनेक कर्मचारीगण उपस्थित रहें।
    बैगा पारा क्षेत्र में महापौर महा  सफाई अभियान चलाकर बडी मात्रा में कचरा व गंदगी बाहर निकाली गई एवं उसका परिवहन करवाकर स्वच्छता कायम करते हुए बड़ी नालियों व छोटी नालियों में गंदे पानी की निकास व्यवस्था को सुगम बनाया गया। अभियान निरंतर जारी रहेगा।महापौर श्रीमती अलका बाघमार ने नागरिको से नगर निगम क्षेत्र में नालो, नालियों में कचरा, गंदगी ना डालने का आव्हान किया गया है एवं स्वच्छ शहर की परिकल्पना साकार करने सहभागी बनने का अनुरोध किया गया है।

    कोरिया /शौर्यपथ /छत्तीसगढ़ में चल रहे सुशासन तिहार के तहत जनसमस्याओं का त्वरित समाधान हो रहा है। इसी कड़ी में जिला मुख्यालय बैकुण्ठपुर के प्रेमाबाग स्थित देवराहा बाबा मेला परिसर के विकास कार्यों के लिए राशि स्वीकृति हुई है। अब इस क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण और हाईमास्क सोलर लाइट की स्थापना की जाएगी। इस कार्य के लिए प्रशासन ने 30 लाख 26 हजार रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है।
    ‘ओम देवराहा बाबा सेवा समिति प्रेमाबाग‘ के अध्यक्ष श्री शैलेष शिवहरे ने 9 अप्रैल को सुशासन तिहार में उक्त मांगों को लेकर आवेदन प्रस्तुत किया था। उन्होंने अपने आवेदन में बताया कि देवराहा बाबा मंदिर परिसर एक प्रमुख धार्मिक स्थल है, लेकिन वहां प्रकाश की समुचित व्यवस्था न होने से श्रद्धालुओं को असुविधा होती है। साथ ही वार्ड क्रमांक 17 स्थित गुरुद्वारा के पास कन्या स्कूल के समीप संकीर्ण पुलिया और गड्ढों के कारण दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि इस सम्बंध में वे पूर्व में भी आवेदन दिए थे।
    जिला प्रशासन ने इन मांगों को गंभीरता से लेते हुए तुरंत कार्यवाही की और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को कार्य एजेंसी नियुक्त किया गया। इस निर्णय के बाद स्थानीय लोगों ने खुशी व्यक्त किया है
        शिवहरे ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि, श्विष्णु जी के सुशासन ने जनभावनाओं का सम्मान किया है। वर्षों से लंबित मांगों को स्वीकृति मिलना हम सभी के लिए बड़ी राहत है।श् इस पहल से न सिर्फ क्षेत्र के धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों को नई पहचान मिलेगी, बल्कि सुरक्षा और सुविधाओं में भी बड़ा सुधार होगा।

    जिला स्तर पर मनरेगा योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर हुआ जागरूकता कार्यक्रम
    अम्बिकापुर /शौर्यपथ /जिला स्तर पर महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत प्रत्येक माह की 7 तारीख को मनाए जाने वाले रोजगार दिवस का आयोजन जिले की सभी ग्राम पंचायतों एवं मनरेगा कार्यस्थलों पर किया गया।
     इस अवसर पर निर्माण कार्यों में लगे श्रमिकों को मनरेगा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियों से अवगत कराया गया। अधिकारियों द्वारा बताया गया कि 1 अप्रैल 2025 से मनरेगा की मजदूरी दर बढ़ाकर ₹261 प्रतिदिन कर दी गई है, जिससे श्रमिकों को आर्थिक रूप से और अधिक सशक्त बनाया जा सके।
     इसके अतिरिक्त मनरेगा जॉब कार्ड में नए सदस्यों के नाम जोड़ने की प्रक्रिया के बारे में भी विस्तार से बताया गया। श्रमिकों को जानकारी दी गई कि प्रत्येक पात्र परिवार को 100 दिनों का रोजगार देने का लक्ष्य निर्धारित है, और सभी को इस दिशा में प्रेरित किया गया।
     प्रोजेक्ट उन्नति के अंतर्गत विभिन्न व्यवसायिक ट्रेडों में दिए जाने वाले निशुल्क प्रशिक्षण की जानकारी दी गई, जिससे श्रमिक अपने कौशल का विकास कर वैकल्पिक आजीविका के अवसर प्राप्त कर सकें।
     इस दौरान श्रमिकों को जन मनरेगा मोबाइल एप्लिकेशन के बारे में भी जानकारी दी गई, जिसके माध्यम से वे कार्य की स्थिति, भुगतान, जॉब कार्ड की जानकारी आदि सीधे अपने मोबाइल पर प्राप्त कर सकते हैं। एंड्रॉयड मोबाइल रखने वाले श्रमिकों को एप के उपयोग हेतु प्रोत्साहित किया गया।
     रोजगार दिवस के आयोजन ने श्रमिकों में योजना के प्रति जागरूकता बढ़ाई और उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में प्रोत्साहित किया।

    रायपुर /शौर्यपथ /प्रदेश सरकार द्वारा राज्य की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाकर उन्हें हर तरह से सबल एवं सक्षम बनाने हेतु शुरू की गई महतारी वंदन योजना राज्य के महिलाओं के लिए हर तरह से उपयोगी एवं अत्यंत लाभप्रद सिद्ध हो रही है। राज्य की महिलाएं इस योजना से प्रतिमाह मिलने वाली राशि का उपयोग इलाज, घरेलु कार्य एवं अन्य जरूरी कार्यों के लिए करने के साथ-साथ अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा-दीक्षा दिलाने में भी कर रहीं है। राज्य शासन की यह महत्वाकांक्षी योजना बालोद जिले के आदिवासी बहुल डौण्डी विकासखण्ड के ग्राम खलारी की ग्रामीण महिला श्रीमती मंजूलता एवं ग्राम बनगांव निवासी श्रीमती सविता टेकाम के लिए मुश्किल वक्त का सहारा बन गई है। महतारी वंदन योजना के अंतर्गत इन दोनों महिलाओं को प्रतिमाह मिलने वाली राशि का उपयोग उनके बच्चों के उच्च शिक्षा के अध्ययन के लिए शुल्क जमा करने में मददगार साबित होकर यह योजना उनके बच्चों को शिक्षा-दीक्षा दिलाने की दिशा में संजीवनी साबित हो रहा है। इन दोनों महिलाओं ने बताया कि महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्रतिमाह मिलने वाली राशि उनके बच्चों के पढ़ाई-लिखाई के लिए बहुत बड़ा सहारा बन गई है।
    राज्य शासन की इस योजना की सराहना करते हुए ग्राम खल्लारी निवासी श्रीमती मंजूलता ने कहा कि महतारी वंदन योजना से प्रतिमाह मिलने वाली राशि मेरे लिए हर तरह से उपयोगी साबित हो रहा है। उन्हांेने कहा कि वे बहुत ही साधारण ग्रामीण परिवार की घरेलू महिला है। वे एवं उनके परिवार थोड़ी बहुत खेती-किसानी एवं मेहनत-मजदूरी कर अपना जीवन-यापन करती हैं। उन्होंने बताया कि उनका लड़का देवेन्द्र कुमार शासकीय महाविद्यालय कांकेर में बीएससी द्वितीय वर्ष का विद्यार्थी है। परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नही होने के कारण महतारी वंदन योजना से प्रतिमाह राशि प्राप्त होने के पहले अपने बच्चों के पढ़ाई-लिखाई के लिए राशि प्रबंध करने में बहुत कठिनाई होती थी। वे और उनका परिवार बहुत मुश्किल से अपने बच्चों की पढ़ाई-लिखाई के लिए पैसे का प्रबंध कर पाते थे। लेकिन अब प्रतिमाह महतारी वंदन योजना अंतर्गत उनके खाते में 01 हजार रुपये की राशि जमा होने से उनके बच्चे के पढ़ाई-लिखाई के लिए राशि का प्रबंध करने के लिए किसी प्रकार की कठिनाई नही होती है। इस तरह से महतारी वंदन योजना लागू होने से उनके एवं उनके परिवार की बहुत बड़ी चिंता दूर हुई है। आज वे एवं उनके परिवार तथा उनके बच्चे बहुत ही प्रसन्नचित है।
    इसी तरह राज्य शासन की इस योजना की सराहना डौण्डी विकासखण्ड के ग्राम बनगांव श्रीमती सविता टेकाम ने भी की है। उन्होंने कहा कि खेती-किसानी एवं मेहनत-मजदूरी का कार्य ही उनके परिवार के जीविकोपार्जन का आधार है। खराब आर्थिक स्थिति के बावजूद उन्हें और उनके बच्चों में पढ़ाई-लिखाई के प्रति उन्हें अपार लगाव है। लेकिन घर की आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण बच्चों की पढ़ाई के लिए राशि का प्रबंध करने के लिए बहुत ही कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है। वर्तमान में महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्रतिमाह मिलने वाली राशि उनके बच्चों पढ़ाई-लिखाई के लिए सहारा बन कर मेरे एवं मेरे परिवार के सपनों को पंख देने एवं संबल प्रदान करने का कार्य कर रहा है। इस योजना से मिले राशि का उपयोग अपनी पुत्री कुमारी सुधा टेकाम के हेल्थ केयर प्रशिक्षण के शुल्क जमा करने मंे किया है। इस तरह से यह योजना मेेरी पुत्री सुधा के पढ़ाई-लिखाई के लिए वरदान साबित होकर उनके सपने को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इन दोनों महिलाओं ने राज्य सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना की भूरी-भूरी सराहना करते हुए अपने जैसे अनेक जरूरतमंद महिलाओं के लिए मुश्किल वक्त का सहारा बताया है। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को हृदय से धन्यवाद देते हुए उनके प्रति आभार व्यक्त किया है।

    रायपुर/शौर्यपथ /प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना  के तहत राज्य में बन रही ग्रामीण सड़कों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए अब तृतीय स्तर का निरीक्षण किया जाएगा। इस क्रम में राष्ट्रीय गुणवत्ता समीक्षक मई माह में राज्य के विभिन्न जिलों का दौरा करेंगे।
    छत्तीसगढ़ ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण के मुख्य अभियंता एवं राज्य गुणवत्ता समन्वयक ने जानकारी दी कि राष्ट्रीय ग्रामीण अवसंरचना विकास एजेंसी नई दिल्ली द्वारा जारी निरीक्षण कार्यक्रम के अनुसार राष्ट्रीय गुणवत्ता समीक्षक श्री पंकज बकाया  द्वारा मई माह में राज्य के दंतेवाड़ा और बीजापुर जिलो निर्माण कार्याे का समीक्षा किया जायेगा। उन्होंने बताया कि श्री पंकज बकाया का मोबाइल नंबर 9415110411 एवं ई-मेल आई.डीThis email address is being protected from spambots. You need JavaScript enabled to view it. है।

    अच्छे अंक लाने पर मुख्यमंत्री ने किया सम्मानित
    अंतिम छोर का गांव, जहां बढ़ रही शिक्षा के प्रति जागरूकता
    मध्यप्रदेश की सीमा से लगे माथमौर में मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर उतरा
    रायपुर/शौर्यपथ /राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र और विशेष पिछड़ी जनजाति समूह के बच्चों में अब शिक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ रही है। इसकी बानगी राज्य के अंतिम छोर पर बसे एक गांव में संचालित स्कूल से सामने आई है। छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश की सीमा से लगे गांव कुवांरपुर स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की बैगा समुदाय की छात्रा कंगना बैगा ने हाई स्कूल सर्टिफिकेट परीक्षा (10वीं) में 83.67 प्रतिशत अंक प्राप्त कर स्कूल में टॉप किया है।
    कंगना बैगा की इस उपलब्धि पर न केवल उनके परिजन और स्कूल प्रशासन बल्कि पूरा गांव गर्वित है और परिणाम के बाद से जश्न मना रहा है।
    इस बीच सुशासन तिहार-2025 की कड़ी में औचक निरीक्षण के लिए मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एम.सी.बी.) जिले के भरतपुर विकासखंड अंतर्गत माथमौर गांव पहुंचे। जैसे ही बच्चों को यह जानकारी मिली कि मुख्यमंत्री उनके गांव आए हैं, वे अपनी सफलता की खुशी साझा करने के लिए उनसे मिलने पहुंच गए।
    मुख्यमंत्री साय ने आत्मीयता और वात्सल्य के साथ बच्चों से मुलाकात की। उन्होंने अभिभावक के रूप में संवाद करते हुए उनकी शिक्षा और भविष्य की योजनाओं के बारे में पूछा।
    गौरतलब है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर राज्य में सुशासन तिहार का आयोजन किया जा रहा है। इसके तीसरे चरण में समाधान शिविरों के माध्यम से प्रदेशवासियों की समस्याओं, मांगों और शिकायतों के निराकरण की जानकारी दी जा रही है। कई स्थानों पर स्वयं मुख्यमंत्री पहुंचकर आमजन से सीधा संवाद कर रहे हैं। इसी क्रम में मुख्यमंत्री साय सुदूर अंचलों में शासकीय योजनाओं की जमीनी हकीकत जानने के लिए आकस्मिक दौरे कर रहे हैं।
    मुख्यमंत्री के आज माथमौर गांव आने की खबर मिलते ही ग्रामीणों के साथ कई विद्यार्थी भी प्रदेश के मुखिया से मिलने पहुंचे। इस दौरान शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, कुवांरपुर में पढ़ने वाली 10वीं की टॉपर छात्रा कंगना बैगा (83.67%), मीनाक्षी शुक्ला (82.83%) तथा 12वीं के विद्यार्थी विद्यासागर तिवारी, सचिन कुमार बांधे और कु. शशि सिंह को मुख्यमंत्री ने पेन देकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री  साय ने विद्यार्थियों से भविष्य की शिक्षा और करियर संबंधी योजनाओं पर संवाद किया।
    उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जहां राज्य में जनकल्याणकारी योजनाओं का क्रियान्वयन सुनिश्चित कर रहे हैं, वहीं शिक्षा के प्रसार पर भी विशेष ध्यान दे रहे हैं। इसी का सकारात्मक परिणाम है कि अब सुदूर वनांचल क्षेत्रों के बच्चे परीक्षाओं में प्रवीण्य सूची में स्थान पा रहे हैं।
    उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के द्वारा  7 मई को छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल के  हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी परीक्षाओं का परिणाम घोषित किया गया था।

      दुर्ग / शौर्यपथ / 
       सीएम साय के सुशासन तिहार की पहल से कई जिन्दगिया बदल रही है सुशासन की दिशा में हुई इस पहल ने कई लोगो की जिन्दगी में परिवर्तन लाये उन्ही में से एक दुर्ग जिले के एश्वर्य सिंह भी है .ऐश्वर्य सिंह अरसनारा गांव का एक मेहनती किसान, वर्षों से खेती कर रहे हैं। लेकिन एक छोटी सी चीज़ फटी-पुरानी ऋण पुस्तिका, उनकी परेशानियों का कारण बन गई थी। बैंक के काम बार-बार अटकते और सरकारी योजनाओं का लाभ भी समय पर नहीं मिल पाता था।
      ऐश्वर्य ने बताया कि मेरी पुरानी ऋण पुस्तिका इतनी खराब हो चुकी थी कि पन्ने अलग हो जाते थे, हस्ताक्षर और खाते की जानकारी तक पढ़ना मुश्किल था। बैंक में कई बार लौटाया गया। फिर आया साल 2025 और साथ आया सुशासन तिहार। सुशासन तिहार अंतर्गत समाधान शिविर सिरसाखुर्द में ऐश्वर्य ने सबसे पहले आवेदन किया। आवेदन पर त्वरित कार्यवाही करते हुए संयुक्त कलेक्टर हरवंश मिरी एवं नायब तहसीलदार सुश्री ज्योत्सना कलिहारी ने उन्हें नई, साफ-सुथरी, व्यवस्थित ऋण पुस्तिका प्रदान की। जब  ऐश्वर्य ने नई ऋण पुस्तिका हाथ में ली, तो उसे लगा जैसे उसकी पहचान लौट आई हो। अब मेरी ज़मीन की स्थिति भी स्पष्ट है। यह सिर्फ कागज़ नहीं है, ये मेरी मेहनत और हक की पहचान है। इससे अब मुझे सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से मिलने लगेगा। अन्य किसानों ने भी पुस्तिका नवीनीकरण कराया। ऐश्वर्य ने कहा कि सरकार की तरफ से मिला ये एक छोटा-सा कागज़ नहीं, बल्कि किसानों की पहचान है।

    गाइडलाईन के अनुरूप स्कूलों व शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण करने के दिए निर्देश
    मुंगेली/शौर्यपथ / शासन के निर्देशानुसार जिले के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दिलाने के लिए स्कूलों एवं शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण के संबंध में जिला कलेक्टोरेट स्थित मनियारी सभाकक्ष में बैठक का आयोजन किया गया। कलेक्टर कुन्दन कुमार ने विकासखण्डवार युक्तियुक्तकरण हेतु चिन्हांकित शालाओं की जानकारी ली और भौतिक सत्यापन करते हुए निर्धारित समय में प्रक्रिया को पूर्ण करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने शालाओं में शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण को लेकर विस्तार से चर्चा की। कलेक्टर ने सभी विकासखंड स्तर पर शालाओं का सर्वे करने और शिक्षकों की आवश्यकता से अधिकता या कमी वाले विद्यालयों की सूची तैयार करने निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सूची के आधार पर शिक्षकों का समायोजन पारदर्शी और न्याय संगत तरीके से किया जाएगा।
    कलेक्टर ने स्कूलों में समर कैम्प चलाने के निर्देश
       कलेक्टर ने स्कूलों में गर्मी के मौसम में समर कैम्प चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों को शिक्षा के साथ खेलकूद सहित विभिन्न गतिविधियों से जोड़ा जाए, ताकि उनका शारीरिक एवं मानसिक विकास हो सके। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने हेतु कक्षावार, विषयवार एवं पाठ्यक्रमवार समय-सारिणी निर्धारित करने के निर्देश दिए, ताकि सभी स्कूलों में एक समान पढ़ाई हो सके। इसके साथ ही जिले के विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षा की मेरिट सूची में स्थान दिलाने हेतु विशेष अभियान चलाने हेतु उत्कृष्ट शिक्षकों का चयन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्कूलों में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले, इसके लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा। उन्होंने जिले में शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए सभी अधिकारियों को अपने दायित्वों एवं कर्तव्यों का गंभीरतापूर्वक निर्वहन करने के लिए प्रोत्साहित किया।
           जिला पंचायत सीईओ प्रभाकर पाण्डेय ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र में 01 किलोमीटर से कम दूरी तथा 10 बच्चों से कम दर्ज संख्या के विद्यालय, शहरी क्षेत्र में 500 मीटर से कम दूरी तथा 30 बच्चों से कम दर्ज संख्या के विद्यालय, एक ही परिसर में स्थित स्कूलों, एकल शिक्षकीय एवं शिक्षक विहीन स्कूलों और समायोजन तथा अन्य स्कूलों से प्राप्त अतिशेष शिक्षकों की सूची के आधार युक्तियुक्तकरण किया जाएगा। इसके लिए जिला स्तरीय एवं विकासखण्ण्ड स्तरीय समिति का गठन किया गया है। इस अवसर पर अतिरिक्त कलेक्टर श्रीमती निष्ठा पाण्डेय तिवारी, अपर कलेक्टर जी. एल. यादव, तीनों अनुविभागों के एसडीएम, डिप्टी कलेक्टर  अजय शतरंज, जिला शिक्षा अधिकारी  सी.के. घृतलहरे, डीएमसी अजयनाथ, मुंगेली बीईओ डॉ. प्रतिभा मण्डलोई, पथरिया बीईओ  पी. एस. बेदी, लोरमी बीईओ डी. एस. राजपूत, सभी एबीईओ, बीआरसी सहित स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख अधिकारी मौजूद रहे।

    रायपुर/शौर्यपथ /नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने रायगढ़ जिले के पुसौर नगर पंचायत में चार कार्यों के लिए पांच करोड़ 73 लाख 62 हजार रुपए मंजूर किए हैं। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद संचालनालय द्वारा अधोसंरचना मद से यह राशि स्वीकृत की गई है।
      नगरीय प्रशासन विभाग ने पुसौर नगर पंचायत में बोरीडीपा चौक से कॉलेज तक सड़क निर्माण के लिए चार करोड़ आठ लाख 58 हजार रुपए, वार्ड क्रमांक-15 में रानीसागर तालाब के सौंदर्याकरण के लिए 86 लाख 40 हजार रुपए, पशु चिकित्सालय से गांधी चौक तक सौंदर्याकरण के लिए 51 लाख 85 हजार रुपए तथा तीन आर.सी.सी. नालियों के निर्माण के लिए 26 लाख 79 हजार रुपए स्वीकृत किए हैं।

      रायपुर /शौर्यपथ /मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में हाई स्कूल और हायर सेकेण्डरी स्कूल परीक्षा 2025 के परिणाम जारी किए। उन्होंने माध्यमिक शिक्षा मंडल के वेबसाइट में परीक्षा परिणाम अपलोड किया। वर्ष 2025 की हाई स्कूल और हायर सेकेण्डरी स्कूल के परीक्षा में बालिकाओं ने अपना परचम लहराया है। 10वीं की परीक्षा में 80.70 प्रतिशत और 12वीं की परीक्षा में 84.67 प्रतिशत बालिकाओं ने सफलता प्राप्त की है। दोनों परिक्षाओं में बालकों का प्रतिशत क्रमशः 71.39 और 78.07 रहा है। 10वीं एवं 12वीं की प्रावीण्य सूची में कांकेर जिले के बच्चों ने प्रथम स्थान बनाया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सफल हुए विद्यार्थियों और उनके पालकों को बधाई दी है और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है। किन्ही कारणों से असफल रहने वाले विद्यार्थियों से मुख्यमंत्री ने कहा है कि वे फिर से दुगुनी मेहनत और दुगुनी लगन के साथ तैयारी करें और अगले परीक्षा में अवश्य सफल होंगे।
        छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित हाई स्कूल सर्टिफिकेट (10वीं) की मुख्य परीक्षा में कुल तीन लाख 23 हजार 94 परीक्षार्थी शामिल हुए थे। उनमें से एक लाख 45 हजार 141 बालक और एक लाख 77 हजार 953 बालिकाएं हैं। इनमें से कुल तीन लाख 21 हजार 299 परीक्षार्थियों के परिणाम घोषित किए गए। जिसमें कुल दो लाख 45 हजार 913 (कुल 76.53 प्रतिशत) परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए। इसी तरह हायर सेकेण्डरी स्कूल सर्टिफिकेट (12वीं) की परीक्षा में कुल दो लाख 38 हजार 626 परीक्षार्थी शामिल हुए। जिनमें से एक लाख एक हजार 184 बालक और एक लाख 37 हजार 442 बालिकाएं हैं। इनमें से कुल एक लाख 94 हजार 906 (81.87 प्रतिशत) परीक्षार्थी उत्तीर्ण रहे। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की वेबसाइट https:cg.results.nic.in तथा https:www.cgbse.nic.in पर परीक्षा परिणाम उपलब्ध है।  इस अवसर पर विधायक रायपुर (ग्रामीण) श्री मोतीलाल साहू, अपर मुख्य सचिव एवं माध्यमिक शिक्षा मंडल की अध्यक्ष श्रीमती रेणु जी पिल्ले, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. बसवराजु एस. माध्यमिक शिक्षा मंडल की सचिव श्रीमती पुष्पा साहू सहित माध्यमिक शिक्षा मंडल के अन्य सदस्य उपस्थित थे।

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