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May 23, 2026
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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

रायपुर/ शौर्यपथ । मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन ने आज देवेंद्रनगर के मतदान केंद्र पहुँच कर सपरिवार अपने मताधिकार का प्रयोग किया। श्री जैन के साथ उनकी धर्मपत्नी ऋतु जैन एवं सुपुत्री अदिति जैन ने भी वोट डाला। मुख्य सचिव श्री जैन ने सभी मतदाताओं से अपने मताधिकार का प्रयोग करने का अनुरोध किया।

रायपुर/ शौर्यपथ । जनसंपर्क एवं परिवहन आयुक्त श्री दीपांशु काबरा ने आज सपरिवार अपने मताधिकार का प्रयोग किया। जनसंपर्क आयुक्त श्री दीपांशु काबरा के साथ उनकी धर्मपत्नी श्रीमती रचना काबरा ने भी वोट डालकर अपने मताधिकार का प्रयोग किया। उन्होंने सभी मतदाताओं से अपने मताधिकार का प्रयोग करने की अपील की।

रायपुर। शौर्यपथ । जनसंपर्क सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने आज सपरिवार अपने मताधिकार का प्रयोग किया। जनसंपर्क सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी के साथ उनकी धर्मपत्नी श्रीमती गार्गी परदेशी ने भी वोट डालकर अपने मताधिकार का प्रयोग किया। उन्होंने सभी मतदाताओं से अपने मताधिकार का प्रयोग करने की अपील की।

रायपुर। शौर्यपथ। राज्यपाल श्री विश्वभूषण हरिचंदन एवं प्रथम महिला श्रीमती सुप्रभा हरिचंदन ने आज सिहावा भवन सिविल लाईन्स स्थित आदर्श मतदान केंद्र पहुंच कर अपने मताधिकार का प्रयोग किया। 

राज्यपाल श्री हरिचंदन ने प्रदेश के सभी मतदाताओं से अपने मताधिकार का प्रयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सभी नागरिकों का कर्तव्य है कि वे अपने मताधिकार का प्रयोग करें। मतदान के बाद राज्यपाल ने सेल्फी जोन में फोटो भी खिंचाई।

   दुर्ग । शौर्यपथ । छत्तीसगढ़ में मतदान के दूसरे चरण में 70 सीटों पर हो रहे मतदान की पोल खुली । दुर्ग कलेक्टर के द्वारा किए सर्वे और निर्देश की मतदान केंद्रों में दिखी अनियमितता बुजुर्ग,दिव्यांग मतदान करने व्यवस्था को लेकर होते रहे परेशान

      छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में शुक्रवार को 70 सीटों पर हो रहे मतदान में बुजुर्ग दिव्यांग लोगों को दी जाने वाली सुविधाओं की पोल खोलकर रख दी दुर्ग विधानसभा शहर क्षेत्र में कई जगहो के मतदान केंद्रों में मतदाताओं की उत्सुकता देखते ही बनी लोग बड़े ही उत्साह के साथ अपना कीमती वोट करने मतदान केंद्र तक पहुंच रहे थे इसी तारतम्य में शहरी क्षेत्र के मतदान केंद्रों में दिव्यांगो के लिए कोई व्यवस्था नजर नहीं आई ना तो पोलिंग बूथ पर व्हील चेयर मिला और ना ही बुजुर्गो को बूथ क्रमांक तक पहुंचाने वाला मिला बस मतदान करने पहुंच बुजुर्ग इधर उधर भटकते नजर आए । 

   गौर तलब है की पूर्व में कुछ दिनों पहले दुर्ग कलेक्टर के द्वारा सर्वे करवाया गया था जिसमें बुजुर्ग सिटीजन लोगो को अपने घर से मतदान का प्रयोग कराने योजना बनाई गई वही जिला प्रशासन इस बड़ी लापरवाही के चलते अधिकांश मतदान केंद्रों में बुजुर्ग और दिव्यांगो को परेशानी का सामना करना पड़ा।

तकिया पारा स्थित बूथ में दिव्यांग मतदाता को व्हील चेयर नही मिला किंतु मत की कीमत को समझते हुए दिव्यांग को मतदान हेतु  भाई ने अपने रक्षाबंधन का कर्तव्य निभाते हुए अपनी बहन को मतदान के लिए अपनी बाइक में बैठकर बाइक को स्कूल के अंदर में ले जाकर अपनी गोदी में लेकर वोट देने की अहम भूमिका निभाई

तकिया पारा निवासी भाई  इरफान कुरैशी ने बहन आफरीन बानो को मतदान करवाया । 

दुर्ग। शौर्यपथ । दुर्ग शहर से कांग्रेस प्रत्याशी अरुण द्वारा एक तरफ मुख्यमंत्री की योजनाओं का सहारा लेकर चुनावी जंग में उतरे हैं वहीं मुख्यमंत्री की योजनाओं में खुलकर भ्रष्टाचार पर आंख मूंदे बैठे हैं । राजीव युवा मितान क्लब में हो रहा है भ्रष्टाचार में विधायक पुत्र सुमित वोरा की संलिप्तता अब दुर्ग शहर में चर्चा का विषय बन गई है जिसमें विवेक मिश्रा के कंधे पर बंदूक रखकर सारा घोटाला होता नजर आ रहा है । सुमित वोरा के हस्तक्षेप की जानकारी दुर्ग शहर विधायक को ना हो ऐसा होना मुमकिन नहीं इसके बावजूद भ्रष्टाचार को अंजाम दे दिया गया और राजीव युवा मितान क्लब के लाखों रुपए का आहरण हो गया  । हो सकता है चुनावी खर्चे में भी इसी राशि का उपयोग कर दिया गया हो या जांच का विषय है जो आज नहीं तो कल होगी ही क्योंकि यह पैसा सरकार का है और सरकार को इस पैसे का हिसाब प्रत्येक क्लब को देना ही होगा अब एक नया मामला आया है जिसमें विधायक के साथ प्रचार प्रसार कर रही धनश्री स्व सहायता समूह की अध्यक्ष सरस्वती साहू जो बस स्टैंड स्थित रैन बसेरा संचालित करती थी किंतु अनियमिता के चलते नगर पालिका निगम द्वारा दो महीने पहले ही उनकी निविदा रद्द कर दी बावजूद इसके विधायक वोरा के संरक्षण में अभी तक अवैधानिक रूप से रैन बसेरा पर कब्जा किए हुए हैं क्या ऐसे भ्रष्टाचारियों का साथ देने वाले कांग्रेस प्रत्याशी अरुण वोरा को आम जनता अपना नया विधायक चुनेगी क्या भ्रष्टाचार पर आम जनता मुहर लगाएगी । 

आम जनता को अब यह सोचना होगा कि भ्रष्टाचारियों का साथ देने वाले शासन की योजनाओं में अनियमितता करने वाले और अपरोक्ष रूप से संरक्षण देने वाले व्यक्ति को शहर का विधायक होना चाहिए या साफ छवि वाले व्यक्ति को शहर का प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए ।

दुर्ग। शौर्यपथ । दुर्ग शहर में हो रहे विधानसभा चुनाव में एक ओर जहां राजनीतिक पार्टियों जीत के लिए प्रयास कर रही है वहीं एक ऐसा प्रत्याशी भी है जो कभी शहर के व्याप्त कचरा को साफ करने में अपनी अहम भूमिका निभाता था और राजनीति के क्षेत्र में जुड़कर समाज के हित के लिए कार्य करते हुए आज समाज के निचले तबकों को एक मुकाम देने की कोशिश में उनका प्रतिनिधित्व करने के लिए जी जान से मेहनत कर रहा है हम बात कर रहे हैं यहां ध्रुव लंगूर सोनी की शहर की जनता ध्रुव लंगूर सोनी को अच्छे से जानती और पहचानती है आज जहां लोग यह बताने में शर्माते हैं कि हम छोटा-मोटा काम कर रहे हैं वही निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में दावेदारी कर शहर के लिए कुछ कर गुजरने की मनसा के तहत चुनावी मैदान में उतरे ध्रुव लंगूर सोनी का कहना है कि मेरा उद्देश्य समाज को साफ रखना है और इस काम के लिए मैंने कभी कोई शर्म नहीं की एक समय ऐसा भी था जब मैं शहर के सड़कों को नालियों को साफ करने में भी अपने आप को गर्व महसूस करता था कि मैं शहर को साफ कर रहा हूं ताकि समाज साफ सुथरे माहौल में रहे वहीं आज राजनीति में परिवारवाद और स्वार्थ की राजनीति को देखते हुए चुनावी मैदान में सिर्फ इसलिए उतरा हूं कि शहर में शहर की राजनीति में जो स्वार्थ की गंदी राजनीति व्याप्त है परिवारवाद की गंदी राजनीति व्याप्त है जिसके कारण संभाग एवम जिला मुख्यालय होने के बाद भी दुर्ग शहर आज विकास के मामले में कई शहरों से पिछड़ा है ऐसे दुर्ग विधानसभा क्षेत्र में स्वार्थ की राजनीति करने वालों के सामने धन-बल वालों के सामने अपनी एक कोशिश के तहत आज समाज के लोगों से अपील कर रहा हूं कि समाज में अगर विकास चाहिए तो परिवारवाद और स्वार्थ की राजनीति से अलग होते हुए एक स्वच्छ राजनीति का होना जरूरी है मेरा कर्म साफ करना है चाहे वह शहर की गंदगी हो या राजनीति की कुछ ऐसे ही बातो को आधार मानते हुए ध्रुव लंगूर सोनी छत्तीसगढ़ महतारी का बेटा बनकर आज चुनाव मैदान में है और अपने आप को एक सफाई करने वाले के रूप में बताते हुए गर्व महसूस करते हैं बता दें कि ध्रुव सोनी उत्कल समाज से आते हैं और छत्तीसगढ़ मूल निवासी के उत्थान  के पक्षधर है । लंगूर सोनी ऐसे समाज से आते है जिनकी दुर्ग विधानसभा क्षेत्र में 15000 से ज्यादा की जनसंख्या है और शहर के साफ सफाई की जिम्मेदारी इन्हीं लोगों पर टिकी हुई है और अब राजनीति में भी सफाई के उद्देश्य से मूल छत्तीसगढ़िया समाज के आशीर्वाद से लंगूर सोनी इस चुनाव में एक बड़ा फेर बदल कर सकते हैं।

   कभी कट्टर कांग्रेसी रहे लंगूर सोनी आज परिवारवाद की राजनीति के खिलाफ चुनावी जंग में उतरकर राजनीतिक पार्टियों को आईना दिखाने के लिए प्रयासरत हैं चुनाव का परिणाम क्या होगा यह तो भविष्य की बात है किंतु एक ऐसी कोशिश की राह में लंगूर सोनी अकेले आगे बढ़े और उनका कारवां बढ़ता ही जा रहा है निचले तबकों में लंगूर सोनी का एक अलग ही वर्चस्व है और अब उनकी अपील समाज के सभी वर्गों से स्वच्छ और सभ्य राजनीति के दृष्टिकोण से एक बड़े बदलाव की दिशा में एक सार्थक कदम के रूप में शहर में चर्चा का विषय है परिणाम जो भी हो पर लंगूर सोनी के चुनावी मैदान में उतरने से राजनीतिक पार्टियों में कहीं ना कहीं अंदरुनी डर का माहौल नजर आ रहा है ।

दुर्ग । शौर्यपथ। एक समय ऐसा था कि दुर्ग शहर में स्वर्गीय मोतीलाल वोरा का नाम बड़े सम्मान के साथ लिया जाता था किंतु वर्तमान स्थिति ऐसी हो गई की दुर्ग शहर के प्रमुख चौक में स्वर्गीय मोतीलाल वोरा की मूर्ति लगे एवं शहर के अन्य स्थानों में स्थापित शहीदों की मूर्ति की उपेक्षा के कारण शहर की जनता इसका सारा दोष विधायक प्रत्याशी अरुण वोरा पर लगा रही है । 

  इसमें कोई शक वाली बात नहीं की स्वर्गीय मोतीलाल वोरा एक कुशल राजनीति के थे और पूरे देश में उनका मान सम्मान था किंतु इस मान सम्मान को प्रदर्शित करने के फेर में स्वर्गीय मोतीलाल वोरा के पुत्र और दुर्ग शहर के विधायक अरुण द्वारा शहर के चाक चौराहा पर लगे उन शहीदों की मूर्तियों की उपेक्षा का आरोप लगने लगा जिन्होंने भारत की आजादी में अपना महत्वपूर्ण योग दान दिया था जिन्होंने भारत के नवनिर्माण में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया था आज शहर भर में विधायक अरुण वोरा अपनी उपलब्धि के रूप में राजेंद्र प्रसाद चौक में स्थापित स्वर्गीय मोतीलाल वोरा की मूर्ति का फोटो डालते हैं तब उन्हें यह याद नहीं रहता की पटेल चौक में अखंड भारत के निर्माण में आम भूमिका निभाने वाले सरदार वल्लभभाई पटेल की मूर्ति अभी भी अपेक्षित एक कोने में रखी हुई है वही भारत की आजादी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले राष्ट्रपति महात्मा गांधी की मूर्ति भी उपेक्षा का शिकार हुई है । ग्रीन चौक में भारत के वीर सपूतों जिन्होंने अपने जीवन की आहुति भारत की स्वतंत्रता के लिए दी वह भी अपेक्षित है और अपने सही सम्मान की तलाश में है ऐसे में शहर की जनता में चर्चा का विषय है कि क्या विधायक वोरा की नजर में सिर्फ उनके बाबूजी ही सर्वोत्तम है और भारत के वीर सपूत महान स्वतंत्रता सेनानी की का कोई औचित्य नहीं आज स्वर्गीय मोतीलाल वोरा भी जिन्होंने वीर सपूतों का सम्मान ताउम्र किया उन्हें भी कहीं ना कहीं पीड़ा हो रही होगी आज कांग्रेस प्रत्याशी अरुण वोरा के पास दुर्ग शहर में अपनी स्वयं की उपलब्धि बताने के लिए खास कुछ नजर नहीं आ रहा है ऐसे में बाबूजी नहीं है इसलिए आप मुझे वोट दो और बाबूजी का सम्मान करो की राजनीति करते हुए वोट की अपील कर रहे हैं क्या आम जनता सिर्फ सहज और सरल व्यवहार देखकर दुर्ग के विकास की धीमी गति के जिम्मेदार कांग्रेस प्रत्याशी अरुण वोरा को अपना मत देगी 17 नवंबर को मतदान की तारीख है और 3 दिसंबर को परिणाम आने वाले हैं अब परिणाम ही बताया कि शहर की जनता किसे अपना आशीर्वाद मत के रूप में देती है ।

दुर्ग। शौर्यपथ । दुर्ग जिले का एक ऐसा विधानसभा क्षेत्र जहां पर सोशल मीडिया में कांग्रेस प्रत्याशी बड़ा दबंग है भाजपा प्रत्याशी बड़ा दबंग या देवेन्द्र यादव बडा दबंग है का वार काफी चर्चा का विषय है सोशल मीडिया में दोनों ही प्रत्याशियों के समर्थक एक दूसरे को बड़ा दबंग कहने की होड़ में यह भूल गए की सोशल मीडिया में वायरल हो रही खबरों का असर आम जनता पर भी पड़ता है और अब हम जनता यह सोच में पड़ गई है कि दोनों ही प्रत्याशी दबंग हैं तो इसमें बड़ा दबंग कौन और छोटा दबंग कौन इस प्रकार की परिपाटी से दोनों ही प्रत्याशियों के समर्थक एक दूसरे प्रत्याशी पर उंगली तो उठा रहे हैं किंतु उनको यह नहीं मालूम की एक उंगली सामने वाले के ऊपर उठने से चार उंगली खुद उनके ऊपर भी उठ रही है आज जहां दुर्ग विधानसभा क्षेत्र में ,दुर्ग ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में ,अहिवारा विधानसभा क्षेत्र में, प्रत्याशी अपने कार्यों की बदौलत आम जनता से वोट मांग रहे हैं वही भिलाई नगर विधानसभा क्षेत्र में आरोप प्रत्यारोप का दौर इस कदर बढ़ गया है कि एक दूसरे पर मीम बनाना  आरोप लगाना ही प्राथमिकता नजर आ रही है ऐसा प्रतीत हो रहा है कि भिलाई नगर विधानसभा क्षेत्र में चुनाव नहीं जंग हो रहा है और सोशल मीडिया के इस जंगी वार को भिलाई नगर की जनता देख रही है और इस सोच में पड़ गई है कि क्या हम प्रत्याशी के रूप में एक दबंग को चुन रहे हैं । 

    बता दें कि दोनों ही प्रत्याशी के ऊपर ऐसा कोई भी मामला कानूनी रूप से दर्ज नहीं जिस पर उन्हें किसी प्रकार की सजा भारतीय संविधान के अनुसार मिली हो राजनीतिक क्षेत्र में उतरने से कानूनी मामले दर्ज होते हैं किंतु न्यायालय में के द्वारा उन्हें किसी भी प्रकार की सजा का कोई उल्लेख नहीं है मामले दर्ज होना और सजा होना दोनों जुदा मामला है इस मामले में दोनों ही प्रत्याशी की छवि कानूनी रूप से स्वच्छ है और सार्वजनिक जीवन में भी दबंगई जैसी हरकत कभी नजर नहीं आई । परंतु आरोप प्रत्यारोप का दौरा इस चुनावी जंग में एक अलग रूप ही लेता नजर आ रहा है दोनों ही प्रत्याशियों के समर्थक अपने-अपने नेताओं के लिए प्रतिबद्ध है और दोनों ही नेताओं की अपनी अपनी अलग उपलब्धि है इसमें कोई दो राय नहीं ।  अब देखना यह है कि आम जनता दोनों प्रत्याशियों में से किसे अपना मत रूपी आशीर्वाद 17 नवंबर को देती है । 

दुर्ग। शौर्यपथ । वैशाली नगर विधानसभा क्षेत्र जो कभी बीजेपी का गढ़ था अब वर्तमान में यह सीट भाजपा के हाथ से जाती हुई नजर आ रही है और इसका सबसे बड़ा कारण है रिकेश सेन का भाजपा प्रत्याशी होना । 

जब से भारतीय जनता पार्टी ने राकेश सिंह को वैशाली नगर का प्रत्याशी घोषित किया है तभी से ही विकेट्स इन के विरुद्ध भारतीय जनता पार्टी के जमीन स्तर के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन चालू कर दिया स्थिति यहां तक पहुंच गई कि भारतीय जनता पार्टी के दो बड़े नेता श्रीमती संगीता केतन शाह एवं जेपी यादव नीडल चुनावी जंग में उतर गए वहीं कई समाचार चैनलों द्वारा जब रिकेश सेन के पुराने वार्ड में कार्यों की चर्चा की गई तो वार्ड वासी भाजपा प्रत्याशी सेन के बारे में अपनी धारणा सही नहीं रखते हुए दोसा रोपण करते नजर आए । वहीं कुछ लोगों ने उनके पैसे के लेनदेन के बारे में भी आरोप लगाते हुए कहा कि पैसे के मामले में उनकी छवि सही नहीं है किसी से पैसा लेकर वापस नहीं करने क्योंकि पुरानी आदत है दल बदल कर चुनाव लड़ने के कारण भी उनकी छवि वैशाली नगर में कोई खास नहीं है स्थिति यहां तक पहुंच गई थी कि एक बार उनके द्वारा टिकट नहीं मिलने पर आत्महत्या की कोशिश भी की गई थी वह भी उनके लिए इस चुनाव में नकारात्मक दृष्टिकोण दिख रहा है । 

वहीं दूसरी तरफ भिलाई के कांग्रेस जिला अध्यक्ष मुकेश चंद्राकर एक साफ छवि के प्रत्याशी के रूप में आम जनता के बीच जा रहे हैं सीएम बघेल के करीबी होने का फायदा भी मुकेश चंद्राकर को मिलता हुआ नजर आ रहा है वैशाली नगर विधानसभा क्षेत्र में निष्क्रिय भाजपा विधायक के कारण विकास कार्यों में जो धीमी गति थी वह गति बढ़ाने के लिए मुकेश चंद्राकर द्वारा आम जनता से मतदान की अपील का असर अच्छा नजर आ रहा है और वैशाली नगर विधानसभा क्षेत्र एक बार फिर भाजपा के हाथ से निकलकर कांग्रेस के कब्जे में जाता हुआ दिख रहा है । 

 रिकेश सेन की पिछले दिनों हुई वायरल वीडियो जिसमें उनके द्वारा भाजपा के केंद्रीय नेताओं के बारे में की गई टिप्पणी के कारण भाजपा कार्यकर्ता भी उनसे नाराज दिख रहे हैं स्थिति तो यहां तक नजर आ रही है कि भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ-साथ चुनावी कमान संभालने वाले वैशाली नगर के कई बड़े नेता भी अब रिकेश सेन के विरोध में आवाज बुलंद तो नहीं कर रहे किंतु अंदरूनी असहमति के कारण नुकसान भाजपा को ही हो रहा है ।

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