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चुनाव जिस भी प्रणाली से हो जीतेगी कांग्रेस ही
रायपुर/शौर्यपथ /नगरीय निकाय चुनाव ईवीएम से कराये जाने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि पूरे प्रदेश में भाजपा सरकार के खिलाफ वातावरण है। भाजपा को पता है कि बिना ईवीएम के वह कोई चुनाव नहीं जीत सकती है। पहले स्थानीय निकायों के चुनाव बैलेट पेपर से कराने की घोषणा उसके बाद यू-टर्न लेकर नगरीय निकायों के चुनाव ईवीएम से कराने का निर्णय बताता है कि भाजपा चुनाव से घबरा रही है। ईवीएम से चुनाव कराने का फैसला भाजपा प्रबंध समिति की बैठक के बाद आया मतलब बैठक में मंथन हुआ कि भाजपा चुनाव नहीं जीत सकती इसीलिये ईवीएम से चुनाव कराने का निर्णय ले लिया गया।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि जिन राज्यों में ईवीएम से चुनाव में भाजपा की जीत हुई थी उन्हीं राज्यों में कुछ महिनों के अंदर बैलेट पेपर से हुये स्थानीय निकाय के चुनावों में भाजपा की बुरी तरह पराजय हुई थी। भाजपा यह जान रही है छत्तीसगढ़ में बैलेट पेपर से नगरीय निकाय के चुनाव में भाजपा नहीं जीतने वाली है। इसीलिये घोषणा के बाद भी ईवीएम से चुनाव कराने की तैयारी की जा रही है।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि जैसे जादूगर की जान तोते में रहती है, वैसे ही भाजपा की जान ईवीएम में बसती है। जब भी ईवीएम के खिलाफ कोई तार्किक तथ्य सामने आता है, कोई बयान आता है, भाजपाई तिलमिला जाते है तथा ईवीएम के खिलाफ बोलने वाले को राष्ट्रद्रोही साबित करने में लग जाते है। भाजपा बैलेट पेपर से चुनाव से डरती है
मुख्यमंत्री ने इंडियन वॉटर वर्क्स एसोसिएशन के अधिवेशन का किया शुभारंभ
देशभर के 400 जल विशेषज्ञ और अनुभवी इंजीनियर्स हो रहे शामिल
रायपुर /शौर्यपथ / पानी प्रकृति का अनमोल उपहार है, जिसे ईश्वर ने हमें बेमोल दिया है, लेकिन हमें इसका मोल समझना होगा। आज पूरा विश्व जल संकट से जूझ रहा है। देश-दुनिया के कई शहरों में भू जल स्तर में तेजी से गिरावट आ रही है। यदि समय रहते हम सचेत नहीं हुए तो जल संकट विकराल रूप धारण कर सकता है। हम सभी को पानी की एक-एक बूंद को सहेजना होगा। जल संरक्षण की जिम्मेदारी हम सबकी है। जल प्रबंधन आज समय की मांग है। हमें आने वाली पीढ़ियों के बेहतर जीवन के लिए जल के प्रबंधन, संरक्षण के साथ ही जल स्रोतों के संवर्धन पर विशेष ध्यान देना होगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इंडियन वाटर वर्क्स एसोसिएशन के 57वें वार्षिक अधिवेशन को संबोधित करते हुए यह बात कही।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वैश्विक जलवायु संकट के परिपेक्ष्य में जल संरक्षण और भी महत्वपूर्ण हो गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने जल संरक्षण के लिए जल जीवन मिशन, जल शक्ति अभियान, अमृत सरोवर, मिशन अमृत और एक पेड़ मां के नाम जैसे अभियान शुरू कर जल और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। मोदी जी ने प्रत्येक घर तक स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए हर घर नल से जल योजना शुरू की। हमारी सरकार ने छत्तीसगढ़ के ग्रामीण इलाकों में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए नल कनेक्शन प्रदान किया है, जिससे लोगों के घरों में साफ पानी पहुंचने से उनका स्वास्थ्य स्तर भी सुधरा है और ग्रामीणों के जीवन स्तर में भी सकारात्मक बदलाव आया है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इंडियन वॉटर एसोशिएसन की स्मारिका का विमोचन किया।
उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि देश भर से आए इंजीनियर्स, जल संरक्षण के विषय विशेषज्ञ जल संरक्षण के विषय में गहन विचार विमर्श करेंगे और जल संरक्षण के लिए रणनीति तैयार करने में योगदान देंगे।
उल्लेखनीय है कि इंडियन वॉटर एसोशिएसन की मेजबानी में दूसरी बार राजधानी रायपुर में 10 से 12 जनवरी तक आयोजित किए जा रहे इस अधिवेशन में जल-360 डिग्री की थीम रखी गई है। अधिवेशन में देश के 400 जल विशेषज्ञ और अनुभवी इंजीनियर शामिल हो रहे हैं। अधिवेशन में जल, अपशिष्ट जल उपचार और सतत प्रबंधन में नवीन टेक्नोलॉजी को शामिल करने पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
2030 तक 300 मिलियन टन स्टील उत्पादन का लक्ष्य पाने में छत्तीसगढ़ की होगी सबसे अहम भूमिका : मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने ऑल इंडिया स्टील कॉनक्लेव 2.0 को किया संबोधित
रायपुर/शौर्यपथ / विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए हम फौलादी इच्छाशक्ति के साथ काम कर रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 2030 तक 300 मिलियन टन स्टील उत्पादन का लक्ष्य रखा है और इस लक्ष्य को पाने में छत्तीसगढ़ की सबसे अहम भूमिका होगी। इसके लिए प्रदेश के प्रत्येक उद्यमी को छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा का ब्रांड एंबेसडर बनना होगा। प्रदेश के स्टील उद्योग को नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए हरसम्भव सहयोग हमारी सरकार प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज नवा रायपुर के मेफेयर लेक रिसॉर्ट में आयोजित ऑल इंडिया स्टील कॉनक्लेव 2.0 को संबोधित करते हुए यह बात कही।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ अपनी स्थापना का रजत जयंती वर्ष मना रहा है। हम विकसित छत्तीसगढ़ की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब मैं केंद्रीय राज्य मंत्री था तब स्टील इंडस्ट्री के प्रतिनिधियों से अक्सर मुलाकात होती रही है। श्री साय ने कहा कि 17 राज्यों से आए 1500 प्रतिनिधि यहां दो दिन स्टील उद्योग की चुनौतियों व नये अवसर पर मंथन करेंगे। मुझे विश्वास है कि यहां हुई चर्चा स्टील सेक्टर के साथ ही छत्तीसगढ़ और देश की तरक्की को नई दिशा देगी। उन्होंने कहा कि ऑल इंडिया स्टील कॉन्क्लेव 2.0 का आयोजन प्रदेश में स्टील उद्योग को तो प्रोत्साहित करेगा ही, एमएसएमई के लिए भी लाभकारी होगा। देशभर के उद्योग जगत के लोग छत्तीसगढ़ की इस विकास यात्रा में भागीदार होना चाहते हैं। छत्तीसगढ़ में अवसर के कई द्वार अभी और खुलेंगे। जल्द ही हम लिथियम जैसी ऊर्जा खनिज के सबसे बड़े केंद्र बनेंगे।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में स्टील उद्योग के लिए काफी अवसर हैं। हमारे पास स्टील इंडस्ट्री के लिए जरुरी खनिज जैसे लोहा ओर और कोयला के साथ ही बिजली पर्याप्त मात्रा में है। हम स्टील उत्पादन में देश में तीसरे स्थान पर हैं। हमें गर्व है कि हमारा प्रदेश देश की इकोनॉमी का पावर हाउस है। छत्तीसगढ़ ने अब ग्रीन स्टील की ओर भी कदम बढ़ा दिया है। उन्होंने कहा कि स्टील उद्योग में कई नवाचार हो रहे हैं। उत्पादन बढ़ाने के लिए आप लोग नई और एडवांस टेक्नोलॉजी का उपयोग कर रहे हैं, इसके लिए आप सभी बधाई के पात्र हैं। आर्थिक विकास को गति देने के साथ हमें जलवायु परिवर्तन की चुनौती का भी समाधान करना होगा। ऐसे में अब पर्यावरण अनुकूल विकास के स्थायी उपाय करने होंगे। उन्होंने नई औद्योगिक नीति के जरिए 5 लाख नये रोजगार सृजन के लक्ष्य की बात दोहराई और कहा कि यह आप सभी के सहयोग से ही पूरा होगा। मुख्यमंत्री ने इस दौरान सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 और नई औद्योगिक नीति पर भी सरकार के विजन को साझा किया। सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 एक ऐसा नवाचारी प्लेटफॉर्म है जिसके जरिए राज्य में उद्योग, व्यवसाय और स्टार्टअप को एक पोर्टल पर तमाम सुविधाएं मिल रही हैं।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में हमारी सरकार ने निवेश के लिए अनुकूल औद्योगिक नीति तैयार की है और इससे प्रदेश में निवेश आकर्षित हो रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ वनाच्छादित प्रदेश है और यहां खनिज सम्पदा के विपुल भंडार मौजूद है। प्रदेश के विकास को गति देने की सभी संभावनाएं यहां मौजूद है। श्री देवांगन ने स्टील उद्योग को बढ़ावा देने के लिए शासन द्वारा लिए गए निर्णयों की जानकारी भी दी। उन्होंने कॉनक्लेव में मौजूद सभी उद्योगपतियों से आग्रह करते हुए कहा कि हमारी इस औद्योगिक नीति को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं, जिससे लोग इसका लाभ लें और प्रदेश की तरक्की में साझेदार बने।
सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश का सबसे तेजी से विकसित होता हुआ राज्य बन रहा है। प्रदेश में स्टील उद्योग के लिए अनुकूल अवस्थाएं मौजूद हैं। प्रदेश में पहले से ही अनेक उद्योग स्थापित हैं अब हमारी जिम्मेदारी है कि हम विकास के साथ ही पर्यावरण का भी ध्यान रखें। सीएसआर की सहायता से लोगों के जीवन को भी बेहतर बनाने का प्रयास करें।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, सचिव श्री राहुल भगत, उद्योग सचिव श्री रजत कुमार, ऑल इंडिया स्टील कॉनक्लेव 2.0 के चेयरमैन श्री रमेश अग्रवाल, छत्तीसगढ़ स्टील री रोलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री संजय त्रिपाठी, भिलाई स्टील प्लांट के सीईओ अजॉय कुमार चक्रवर्ती सहित सीएसआरए के पदाधिकारीगण और स्टील उद्योग से जुड़े उद्योगपति उपस्थित थे।
रायपुर//शौर्यपथ / प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार के द्वारा स्थानीय निकाय चुनाव में आरक्षण प्रावधानों किए गए दुर्भावना पूर्वक संशोधन के चलते अधिकांश जिला और जनपद पंचायतों में ओबीसी आरक्षण खत्म हो गया है। प्रदेश के 16 जिला पंचायत और 85 जनपदों में जहां पहले 25 प्रतिशत सीटें अन्य पिछड़ा वर्ग के उम्मीदवारों के लिए आरक्षित हुआ करती थी, अब अनुसूचित क्षेत्रों में ओबीसी आरक्षण लगभग खत्म हो गया है। पूर्व में ओबीसी के लिए आरक्षित ये सभी सीटें अब सामान्य घोषित हो चुकी है। साय सरकार के द्वारा आरक्षण प्रक्रिया के नियमों में किए गए दुर्भावना पूर्वक संशोधन के बाद अनुसूचित जिले और ब्लॉकों में जिला पंचायत सदस्य, जनपद सदस्य और पंचों का जो भी पद अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित था, वह अब सामान्य सीटे घोषित हो गई है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि बस्तर और सरगुजा संभाग में आरक्षित वर्ग को बड़ा नुकसान है सरगुजा संभाग के पांच जिले अंबिकापुर, बलरामपुर, सूरजपुर, कोरिया, मनेंद्रगढ,़ चिरमिरी, भरतपुर सोनहत, बस्तर के 7 जिले बस्तर, कांकेर, कोंडागांव, दंतेवाडा, नारायणपुर, सुकमा, बीजापुर सहित मानपुर मोहला, जशपुर, गैरोला पेंड्रा मरवाही, और कोरबा जिले में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए कुछ बचा ही नहीं है। इस सरकार के द्वारा स्थानीय निकाय (त्रिस्तरीय पंचायत और नगरीय निकाय) चुनाव में आरक्षण के प्रावधानों में जो षडयंत्र पूर्वक ओबीसी विरोधी परिवर्तन किया है उसके परिणाम सामने हैं। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2025 के लिए जिला पंचायत, जनपद पंचायत, सरपंच और पांचों के आरक्षण में ओबीसी के हक और अधिकारों में बड़ी डकैती इस सरकार ने की है। त्रिस्तरीय पंचायत राज संस्थाओं में रायपुर जिला पंचायत में 16 क्षेत्रों में से केवल 4 ओबीसी के लिए आरक्षित है। बिलासपुर जिले में सदस्यों के 17 में से केवल एक क्षेत्र क्रमांक 1 में ओबीसी महिला के लिए आरक्षित है, ओबीसी पुरुष के लिए 17 में से एक भी सीट आरक्षित नहीं है। इसी तरह बिलासपुर जिले के चार जनपद पंचायत में दो जनपद पंचायत अध्यक्ष के पद अनुसूचित जाति महिला, एक अनारक्षित महिला और एक जनपद अध्यक्ष का पद अनारक्षित मुक्त रखा गया है। ओबीसी के लिए बिलासपुर जिले के अंतर्गत चार जनपद पंचायतों में से एक भी जनपद पंचायत अध्यक्ष का पद ओबीसी के लिये आरक्षित नहीं है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार के बदनियति से चलते अन्य पिछड़ा वर्ग के उम्मीदवार चुनाव लड़ने से वंचित हो गए हैं। स्थानीय निकाय चुनाव में आरक्षण के संदर्भ में साय सरकार ने जो दुर्भावना पूर्वक संशोधन किया है वह ओबीसी वर्ग के साथ अन्याय है, अत्याचार है। बस्तर, सरगुजा और बिलासपुर संभाग में ओबीसी वर्ग के लिए कुछ बचा ही नहीं जबकि यहां बड़ी आबादी ओबीसी वर्ग की है, भाजपा सरकार ने दुर्भावना पूर्वक संशोधन करके पिछड़ा वर्ग के प्रतिभागियों के अधिकार को कुचल दिया है।
योजना के लिए 202.84 करोड़ रुपए मंजूर
लोरमी, मुंगेली, तखतपुर की बरसों पुरानी मांग होगी पूरी, 17 हजार परिवारों को मिलेगा लाभ
छत्तीसगढ़ की पहली योजना जिसमें तीन नगरीय निकायों को मिलेगा पेयजल
लोरमी, मुंगेली और तखतपुर के लिए मील का पत्थर साबित होगी योजना - उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव
रायपुर/शौर्यपथ /मिशन अमृत 2.0 के तहत तीन शहरों लोरमी, मुंगेली और तखतपुर में पेयजल के लिए खुड़िया जलाशय का पानी पहुंचाया जाएगा। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) ने इसके लिए 202 करोड़ 84 लाख रुपए स्वीकृत किए हैं। यह छत्तीसगढ़ की पहली ऐसी योजना होगी जिसमें एक साथ तीन नगरीय निकायों को शुद्ध पेयजल की आपूर्ति होगी। तीनों शहरों के कुल 17 हजार परिवारों को इसका लाभ मिलेगा।
उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव की पहल पर क्षेत्रवासियों की यह बहुप्रतीक्षित मांग पूरी हो रही है। उनके निर्देश पर लोरमी, मुंगेली और तखतपुर के लिए रॉ-वाटर तथा लोरमी शहर के लिए जल शोधन एवं वितरण व्यवस्था के लिए सुडा ने केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के मिशन अमृत 2.0 के अंतर्गत इस योजना की मंजूरी दी है। इस योजना से लोरमी नगर पालिका के नागरिकों को 24x7 शुद्ध पेयजल की आपूर्ति की जाएगी। योजना को साकार करने पूरे नगर में विस्तृत एवं वृहद सर्वे जलप्रदाय सर्वे विशेषज्ञ एजेंसी द्वारा किया गया है।
उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने बताया कि लोरमी, मुंगेली और तखतपुर के लोगों की बहुत पुरानी मांग थी कि उनके शहर के लिए शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। इस योजना से उनकी बरसों पुरानी मांग पूरी होने जा रही है। शुद्ध पेयजल प्रत्येक नागरिक का अधिकार है। इसे उपलब्ध कराना नगरीय निकायों का दायित्व भी है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजना मिशन अमृत 2.0 के तहत यह योजना स्वीकृत की गई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह योजना लोरमी नगर के लिए मील का पत्थर साबित होगी। साथ ही मुंगेली और तखतपुर में भी इससे पेयजल आपूर्ति की समस्या खत्म हो जाएगी।
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने योजना के बारे में बताया कि खुड़िया जलाशय से लोरमी, मुंगेली और तखतपुर को रॉ-वाटर देने के लिए 75 किलोमीटर की पाइपलाइन बिछाई जाएगी। लोरमी में पेयजल आर्वधन के लिए 8.5 एमएलडी क्षमता का जल शोधन संयंत्र स्थापित किया जाएगा। लोरमी शहर में शुद्ध पेयजल प्रदान करने के लिए आठ किलोमीटर पाइपलाइन बिछाई जाएगी। साथ ही हर घर तक नल से जल पहुंचाने के लिए 80 किलोमीटर वितरण लाइन भी बिछाई जाएगी। योजना के तहत तीन नए उच्च स्तरीय जलागार का भी निर्माण किया जाएगा।
लोरमी, मुंगेली और तखतपुर शहर में पानी पहुंचाने के लिए लोरमी विकासखंड के खुड़िया जलाशय से पंप के द्वारा पानी जलाशय से तीन किलोमीटर दूर कारीडोंगरी लाया जाएगा, जहां निर्मित जलागार में जल को एकत्रित किया जाएगा। जलागार से पानी गुरूत्वाकर्षण पद्धति (ग्रेविटी सिस्टम) से कुल 70 किलोमीटर की दूरी तय कर लोरमी, मुंगेली और तखतपुर पहुंचेगा, जहां से पेयजल की आपूर्ति की जाएगी। इस पद्धति में किसी भी प्रकार की मशीनरी का उपयोग नहीं किया जाएगा। इससे मशीनों एवं अन्य यंत्रों की खरीदी, बिजली बिल एवं मशीनों के रखरखाव पर होने वाला व्यय बचेगा। तीनों शहरों में जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए अत्याधुनिक स्कॉडा पद्धति से पेयजल व्यवस्था की मॉनीटरिंग की जाएगी।
वार्ड में भर्ती मरीजों के ब्लड सैम्पल को वार्ड बॉय लेकर जाएगा पैथोलॉजी लैब, रिपोर्ट कलेक्ट कर सीधे पहुंचायेगा वार्डों में
मरीज के परिजनों को मिलेगी बड़ी राहत, अटेंडर को ब्लड सैंपल लेकर नहीं जाना पड़ेगा पैथोलॉजी लैब
रायपुर/शौर्यपथ /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में गुणवत्तायुक्त स्वास्थ्य सुविधाओं का लगातार विस्तार हो रहा है। इसी क्रम में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के निर्देश पर डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय के विभिन्न वार्डों में भर्ती मरीज के परिजनों को खून की जांच कराने के लिए सैंपल लेकर पैथोलॉजी लैब नहीं जाना पड़ेगा। अस्पताल में भर्ती अंतः रोगी मरीजों के लिए प्रबंधन ने बड़ा फैसला लिया है। अब वार्ड में भर्ती सभी मरीजों के पैथोलॉजिकल जांच के लिए उनका ब्लड सैंपल वार्ड में एकत्रित कर वार्ड बॉय द्वारा पैथोलैब तक पहुंचाया जाएगा और जांच पश्चात् ब्लड रिपोर्ट एकत्रित करके उसे संबंधित वार्ड में ऑन ड्यूटी नर्स को दिया जाएगा। अम्बेडकर अस्पताल अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर ने बताया कि प्रारंभिक तौर पर मेडिसिन मेल वार्ड क्र. 8 एवं 9 तथा मेडिसिन फीमेल वार्ड क्रं. 10 एवं 11 में भर्ती मरीजों के लिए यह व्यवस्था शुरू की गई है। धीरे-धीरे सभी वार्डों में सैंपल कलेक्शन सिस्टम की यह व्यवस्था लागू हो जाने के बाद मरीजों को सबसे बड़ी राहत मिलेगी और उनके अटेंडर को भी जांच के लिए ब्लड सैंपल को लेकर पैथोलॉजी लैब तक नहीं जाना पड़ेगा। रिपोर्ट भी उनको समय पर मिल जायेगा।
विदित हो कि 1340 बेड के अम्बेडकर अस्पताल में रोजाना 950 से भी अधिक मरीज भर्ती रहते हैं। वहीं प्रतिदिन लगभग 260 नये मरीज अतः रोगी विभाग (आईपीडी) में भर्ती होते है। यहाँ विभिन्न विभागों के बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) में आने वाले मरीजों की संख्या प्रतिदिन लगभग दो से ढाई हजार रहती है। ओपीडी के अलावा इमरजेंसी में आने वाले मरीजों के लिए सप्ताह के सातों दिन चौबीस घंटे खून जांच एवं रेडियोलॉजी जांच की व्यवस्था रहती है।
परिजनों से भेंट कर भावुक हुए मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने कहा - नक्सलियों द्वारा किया गया कायराना हमला न केवल हमारे जवानों पर, बल्कि लोकतंत्र और शांति के मूल्यों पर भी प्रहार
किसी भी हाल में हिंसा और आतंक को सहन नहीं किया जाएगा, नक्सलियों के खात्मे के लिए अभियान निरंतर रहेगा जारी - मुख्यमंत्री
रायपुर/शौर्यपथ /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज दंतेवाड़ा के कारली पुलिस लाइन में सोमवार को बीजापुर जिले के कुटरू-बेदरे मार्ग पर ग्राम अंबेली में आईडी ब्लास्ट में शहीद जवानों एवं वाहन चालक के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। उन्होंने शहीद जवानों के परिजनों से मुलाकात कर शोक संवेदना व्यक्त की और उन्हें ढाढस बंधाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर कदम पर राज्य सरकार उनके साथ है।
उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री श्री विजय शर्मा, वन मंत्री एवं प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप, बस्तर सांसद श्री महेश कश्यप, विधायक दंतेवाड़ा श्री चैतराम अटामी, विधायक बीजापुर श्री विक्रम मण्डावी, पूर्व सांसद श्री दीपक बैज, पूर्व विधायक श्रीमती देवती कर्मा सहित डीजीपी श्री अशोक जुनेजा, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, एडीजीपी श्री विवेकानंद सिन्हा, कमिश्नर बस्तर श्री डोमन सिंह, आईजी बस्तर रेंज श्री सुंदरराज पी., डीआईजी द्वय श्री कमलोचन कश्यप एवं श्री अमित काम्बले, कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी, पुलिस अधीक्षक श्री गौरव राय सहित पुलिस एवं सीआरपीएफ के अधिकारी तथा अन्य जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्य नागरिकों द्वारा शहीद जवानों एवं वाहन चालक के पार्थिव शव पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई।
मुख्यमंत्री श्री साय सहित उपमुख्यमंत्री एवं वन मंत्री ने शहीद जवान बामन सोढ़ी के पार्थिव शरीर को कंधा देकर उनके गृह ग्राम के लिए रवाना किया। साथ ही अन्य शहीद जवानों एवं वाहन चालक के पार्थिव शव को उनके गृह ग्राम रवाना किया गया।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि बीजापुर के कुटरू क्षेत्र में नक्सलियों द्वारा किया गया कायराना हमला न केवल हमारे जवानों पर, बल्कि लोकतंत्र और शांति के मूल्यों पर प्रहार है। जवानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। नक्सलियों के खात्मे के लिए अभियान निरंतर जारी रहेंगे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि किसी भी हाल में हिंसा और आतंक को सहन नहीं किया जाएगा। हमारी सरकार बस्तर संभाग में शांति स्थापित करने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है और मार्च 2026 तक प्रदेश में नक्सलवाद समाप्त होकर ही रहेगा।
उल्लेखनीय है कि बीजापुर जिले के कुटरू क्षेत्र में नक्सलियों द्वारा किए गए आईईडी ब्लास्ट के चपेट में आने से डीआरजी के 8 जवान सहित एक वाहन चालक शहीद हो गए।
उप मुख्यमंत्री ने जिला ऑडिटोरियम एवं मनोविकास केंद्र का किया लोकार्पण
21 करोड़ से अधिक के विकास कार्यो का लोकार्पण-भूमिपूजन
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने एक करोड़ 85 लाख रुपए के नए विकास कार्यों की घोषणा की
रायपुर/शौर्यपथ /उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने आज जिला मुख्यालय बलौदाबाजार में नवनिर्मित जिला ऑडिटोरियम का लोकार्पण एवं विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण-भूमिपूजन किया। उन्होंने इस दौरान छह करोड़ 36 लाख रुपए की लागत से निर्मित जिला ऑडिटोरियम और नवीन कृषि उपज मंडी में संचालित होने वाले मनोविकास केंद्र के लोकार्पण सहित 21 करोड़ 29 लाख रुपए के 56 विकास कार्यो का भूमिपूजन व लोकार्पण किया। राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा और सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल भी लोकार्पण-भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल हुए।
उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने बलौदाबाजार में आज दो करोड़ रुपए के चार कार्यों का भूमिपूजन तथा 19 करोड़ 29 लाख रुपए के 52 कार्यो का लोकार्पण किया। उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मांग पर जिला ऑडिटोरियम का नाम बलौदाबाजार के पूर्व विधायक श्री सत्यनारायण केशरवानी के नाम पर करने जिला प्रशासन को राज्य शासन को प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए। श्री साव ने कार्यक्रम में बलौदाबाजार जिले के नगरीय निकायों में विकास कार्यों के लिए एक करोड़ 85 लाख रुपए देने की घोषणा की। उन्होंने ‘हम होंगे कामयाब’ कार्यक्रम के अंतर्गत 60 युवाओं को रोजगार पत्र, अंत्यवसायी विभाग के 359 हितग्राहियों को 35 लाख 90 हजार रुपए अनुदान सहायता राशि का चेक एवं ‘बिहान’ योजना की दस दीदियों को लखपति दीदी सम्म्मान पत्र प्रदान किया।
मुख्य अतिथि उप मुख्यमंत्री श्री साव ने लोकार्पण-भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश में डबल इंजन की सरकार लगातार विकास के काम कर रही है जिसका ध्येय छत्तीसगढ़ को देश का अव्वल प्रदेश बनाना है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के लोग ईमानदार हैं और मेहनत से आगे बढ़ रहे है। प्रदेश में खनिज एवं प्राकृतिक सम्पदा प्रचुर मात्रा में हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व मे हमारी सरकार हर क्षेत्र में विकास के काम तेजी से कर रही है। मोदी की गारंटी के तहत अधिकांश वादे पूरे किए गए हैं।
राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने कार्यक्रम में कहा कि जिला ऑडिटोरियम जिले के सांस्कृतिक, सामाजिक और आर्थिक विकास में मील का पत्थर साबित होगा। आज का दिन जिले के लिए ऐतिहासिक है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व मे प्रदेश में सभी क्षेत्रों में अच्छी प्रगति हो रही है। सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री गौरीशंकर अग्रवाल और पूर्व विधायक श्री शिवरतन शर्मा ने भी कार्यक्रम को सम्बोधित किया। कार्यक्रम में आज बीजापुर में आईईडी ब्लास्ट में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि भी दी गई। विधायक श्रीमती कविता प्राण लहरे, बलौदाबाजार नगर पालिका के अध्यक्ष श्री चित्तावर जायसवाल, जनपद पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती सुमन योगेश वर्मा, छत्तीसगढ़ महिला आयोग की सदस्य श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, कलेक्टर श्री दीपक सोनी, पुलिस अधीक्षक श्री विजय अग्रवाल, डीएफओ श्री मयंक अग्रवाल और जिला पंचायत की सीईओ सुश्री दिव्या अग्रवाल सहित जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में कार्यक्रम में मौजूद थे।
उपमुख्यमंत्री शर्मा ने केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से की मुलाकात
भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना स्वदेश दर्शन 2.0 में दो बड़ी योजनाओं के प्रस्ताव केंद्र को सौंपे गए
रायपुर / शौर्यपथ / उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से मुलाकात की। इस दौरान पर्यटन मंत्रालय, भारत सरकार के अतिरिक्त सचिव और छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक विवेक आचार्य उपस्थित थे। इस दौरान राज्य में पर्यटन विकास की दो बड़ी योजनाओं के प्रस्ताव के उपमुख्यमंत्री शर्मा ने केंद्रीय मंत्री को सौंपे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन और निर्देशानुसार स्वदेश दर्शन 2.0 योजना के तहत महाप्रभु वल्लभाचार्य यज्ञ कुंड परिसर, चंपारण्य के सौंदर्यीकरण और भोरमदेव कॉरिडोर जिला कबीरधाम की परियोजनाओं के लगभग 200 करोड़ रुपये के प्रस्ताव भारत सरकार को सौंपे गए।
इस प्रस्ताव में महाप्रभु वल्लभाचार्य यज्ञ कुंड परिसर, चंपारण्य में परिसर का सौंदर्यीकरण, प्रवेश द्वार, तालाब ब्यूटीफिकेशन, पार्किंग एरिया, महाप्रभु वल्लभाचार्य की भव्य प्रतिमा, म्यूजियम, कन्वेंशन सेंटर, भागवत कथा एवं प्रवचन हॉल, बच्चों के लिए गार्डन, कैफेटेरिया, सड़क निर्माण, लैंडस्कैपिंग, सोवेनियर शॉप, पेयजल और पब्लिक टॉयलेट जैसी बुनियादी सुविधाओं का विकास प्रस्तावित है।
भोरमदेव कॉरिडोर परियोजना के अंतर्गत भोरमदेव मंदिर परिसर का विकास, सौंदर्यीकरण, पर्यटक सूचना केंद्र, शिव प्लाजा, झील और सरोदा डैम का सौंदर्यीकरण, बच्चों के लिए पार्क, गेस्ट हाउस, लाइब्रेरी, म्यूजियम, भंडारा भवन, मेला ग्राउंड, प्रवेश द्वार और पार्किंग का निर्माण शामिल है। इसके अतिरिक्त छेरकी महल, मड़वा महल और रामचूआ मंदिर का सौंदर्यीकरण तथा जल क्रीड़ा के लिए घाट निर्माण का भी प्रस्ताव है।
केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने इन योजनाओं की सराहना करते हुए छत्तीसगढ़ सरकार को इनके क्रियान्वयन में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार राज्य की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहरों को संरक्षित कर उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इन परियोजनाओं के माध्यम से छत्तीसगढ़ पर्यटन को एक नई पहचान और दिशा मिलेगी।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
