August 21, 2026
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    रायपुर

    रायपुर (6098)

    मुख्यमंत्री श्री साय ने बस्तर जिला पत्रकार संघ के शपथ ग्रहण समारोह को किया संबोधित
       रायपुर /शौर्यपथ/इस वर्ष जब मैं नये साल में अखबार पढ़ रहा था तो समाचारपत्रों के मुख्य पृष्ठ में बस्तर सुर्खियों में था। यह सुर्खियां किसी माओवादी हिंसा को लेकर नहीं थी, यह सुर्खियां बस्तर में पहुंचे विकास के उजाले को लेकर थी। बस्तर से माओवादी आतंक अब सिमट गया है। बस्तर की पहचान अब बदल गई है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बस्तर जिला पत्रकार संघ के नव निर्वाचित पदाधिकारियों के शपथ ग्रहण समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि बस्तर की अपनी चुनौतियां है और इस चुनौती भरे माहौल में पत्रकारिता करना भी चुनौतीपूर्ण कार्य है। बस्तर में आम जनता के उम्मीदों, विचारों और समस्याओं का आइना बनकर शासन-प्रशासन के समक्ष प्रस्तुत करने के आप सभी के प्रयासों को नमन है।
    उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में पत्रकारिता के उच्च आदर्शों का पालन कर सरकार के अच्छे काम की जानकारी जनता को दें तथा कमियों को भी बताएं। वनमंत्री श्री केदार कश्यप  ने कहा कि पत्रकारिता के नए आयाम स्थापित करने में बस्तर के पत्रकारों कीे महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
    कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री साय ने बस्तर जिला पत्रकार संघ के नव निर्वाचित पदाधिकारियों को शपथ दिलाई और पदाधिकारियों को नये दायित्व के निर्वहन के साथ ही नववर्ष के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी। कार्यक्रम में बस्तर जिला पत्रकार संघ के अध्यक्ष श्री मनीष गुप्ता ने स्वागत उद्बोधन दिया। इस अवसर पर खेल मंत्री श्री टंकराम वर्मा सहित बड़ी संख्या में पत्रकारगण उपस्थित थे।

    मेडिकल कालेज रायपुर एवं चिकित्सालय परिसर में सुरक्षा व्यवस्था हेतु 12 गार्ड एवं 10  बंदूकधारी सुरक्षा कर्मियों की हुई तैनाती
      रायपुर /शौर्यपथ /छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर करने के उद्देश्य से पं. जवाहर लाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय रायपुर में गुणवत्ता पूर्ण चिकित्सा शिक्षा के लिए एक साथ 18 चिकित्सा शिक्षकों की संविदा नियुक्ति की गई है। उल्लेखनीय है कि मेडिकल कालेज रायपुर में पहली बार एक साथ इतने संविदा चिकित्सा शिक्षकों की नियुक्ति की गई है।  डॉ. रूमी कुमार, सहायक प्राध्यापक प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग, डॉ. हर्षिता भाटिया सहायक प्राध्यापक रेडिएशन अंकोलॉजी, डॉ. कमलकांत साहू, सहायक प्राध्यापक फॉरेंसिक मेडिसीन, डॉ. स्निग्धा कुमारी सहायक प्राध्यापक (कार्डियक निश्चेतना) सीटीव्हीएस विभाग, डॉ. रचना रिची पांडेय सहायक प्राध्यापक (अंकोनिश्चेतना) रेडियोथेरेपी विभाग, डॉ. अविनाश बंजारे (अंकोनिश्चेतना) रेडियोथेरेपी विभग, डॉ. श्रूती तूरकर सहायक प्राध्यापक (एनेस्थिसिया) क्रिटिकल केयर, डॉ. संध्या वर्मा सीनियर रेसीडेंट पैथोलॉजी, डॉ. रेबिना यादव सीनियर रेसीडेंट पैथोलॉजी विभाग, डॉ. प्रिंशी चौधरी सीनियर रेसीडेंट नेत्र रोग, डॉ. पियूषी साव सीनियर रेसीडेंट नेत्र रोग, डॉ. सुरभि चौबे सीनियर रेसीडेंट ईएनटी, डॉ. पारूल राठी सीनियर रेसीडेंट ईएनटी, डॉ. शुभांगन मिश्रा सीनियर रेसीडेंट प्रसूति एवं स्त्री रोग, डॉ. नील पसरीजा सीनियर रेसीडेंट अस्थि रोग, विनय मिश्रा रजिस्ट्रार मेडिकल फिजिक्स, अनजुम मिश्रा रजिस्ट्रार मेडिकल फिजिक्स, अनुराग संचय कालकुलेवर रजिस्ट्रार मेडिकल फिजिक्स की चिकित्सा शिक्षक के रूप में संविदा नियुक्ति की गई है।
     स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश पर कार्डयो वैस्कुलर एवं थोरेसिक सर्जरी विभाग में बाईपास सर्जरी प्रारंभ करने हेतु  3 परफ्युजनिस्ट एवं 3 फिजिशियन असिस्टेंट की संविदा आधार पर नियुक्ति की प्रक्रिया जारी है। इसके साथ ही डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय रायपुर में 57 वार्ड ब्वाय एवं 17 स्वीपर सहित कुल 74 सफाई कर्मियों की नियुक्ति भी की गयी है।
    मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय राज्य में गुणवत्तायुक्त चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार पहल कर रहे हैं। इसके साथ ही मरीज एवं उनके परिजनों की सुरक्षा के लिए भी मुख्यमंत्री श्री साय संवेदनशीलता के साथ निर्णय ले रहे हैं। इन निर्णयों से अस्पताल में सुरक्षा की स्थिति मजबूत होने के साथ ही स्वास्थ्य सुविधाओं की बेहतरी एवं चिकित्सा छात्रों के पठन-पाठन में सुधार भी देखा जा रहा है। इसी कड़ी में स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल के निर्देश पर मेडिकल कालेज एवं चिकित्सालय परिसर में सुरक्षा व्यवस्था के सुदृढीकरण हेतु 12 गार्ड एवं 10  गनमैन की भी तैनाती की गई है।
    उल्लेखनीय है कि मेडिकल कालेज और अस्पतालों की सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल पर स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने शीघ्र ही बंदूकधारी सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की बात कही थी।

    राष्ट्रीय एकता को मिलेगी मजबूती और विभिन्न राज्यों के बीच बढ़ेगा आर्थिक एवं सांस्कृतिक आदानप्रदान - मुख्यमंत्री
    यूनिटी मॉल से स्थानीय उत्पादों और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
      रायपुर/शौर्यपथ / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा राज्य में ओडीओपी (वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट) मॉडल को प्रोत्साहित करने एवं स्थानीय उत्पादों के विक्रय को बढ़ावा देने के लिए यूनिटी मॉल की स्थापना की जा रही है।
     यूनिटी मॉल की स्थापना से स्थानीय हस्तशिल्पियों, बुनकरों और स्वयं सहायता समूहों को प्रोत्साहन मिलेगा और नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। मॉल में उत्पादों का प्रदर्शन एवं विक्रय होने से हस्तशिल्पियों को प्रोत्साहन मिलेगा तथा राज्य के छोटे उद्यमियों, शिल्पकारों एवं बुनकरों को लाभ मिलेगा। यह स्थानीय उत्पादों के प्रमोशन एवं विक्रय के लिए ‘‘वन स्टॉप मार्केट प्लेस’’ के रूप में कार्य करेगा।
        मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यूनिटी मॉल राज्य के गरीबों, युवाओं, अन्नदाताओं, और नारी शक्ति के विकास के लिए एक क्रांतिकारी कदम है। यह राज्य की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन को भी बढ़ावा देगा। साथ ही यह मेक इन इंडिया और राष्ट्रीय एकता को भी प्रोत्साहित करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश वासियों के विकास के साथ राष्ट्रीय एकीकरण एवं मेक इन इण्डिया जैसे महत्वपूर्ण विषयों को अपनी प्राथमिकता मानती है। राज्य में स्थापित किये जाने वाले यूनिटी मॉल में अन्य सभी राज्यों के महत्वपूर्ण स्थानीय उत्पादों का भी प्रदर्शन एवं विक्रय किया जाएगा। इससे राष्ट्रीय एकता को मजबूती मिलेगी और विभिन्न राज्यों के बीच आर्थिक एवं सांस्कृतिक आदान-प्रदान बढ़ेगा।
              मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि हस्तशिल्पियों, बुनकरों, स्वयं सहायता समूहों एवं स्थानीय लोगों को प्रोत्साहित करने तथा स्थानीय स्तर पर नवीन रोजगार सृजन करने स्वस्थ इकोसिस्टम तैयार करने की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार के इस रिफॉर्म के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर केन्द्र सरकार द्वारा पूर्ण सहयोग दिया जा रहा है। राज्य में यूनिटी मॉल की स्थापना के लिए केंद्र सरकार ने 200 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है, जिसमें से 100 करोड़ रुपये राज्य को कैपेक्स (पूंजीगत व्यय) के तहत अग्रिम रूप में प्रदान किए गए हैं।
        वित्त मंत्री श्री ओ पी चौधरी ने कहा कि यूनिटी मॉल में स्थानीय हस्तशिल्प उत्पादों के साथ-साथ फूडकोर्ट्स में स्थानीय व्यंजनों को भी विक्रय के लिए उपलब्ध कराया जायेगा। यूनिटी मॉल के माध्यम से प्रत्येक जिले के विशेष उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने की योजना है। यूनिटी मॉल की स्थापना का दायित्व रायपुर विकास प्राधिकरण को सौंपा गया है। यूनिटी मॉल से न केवल राज्य के स्थानीय कारीगरों की आय में वृद्धि होगी, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार का यह प्रयास छत्तीसगढ़ में एक सशक्त और स्थायी इकोसिस्टम का निर्माण करेेगा, जो ग्रामीण क्षेत्रों में विकास और शहरी बाजारों तक उत्पादों की पहुंच में मददगार होगा।

       रायपुर/शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ स्टेट पाॅवर कंपनीज मुख्यालय में नववर्ष 2025 के अवसर पर अध्यक्ष डाॅ.रोहित यादव ने वरिष्ठ अधिकारियों सहित समस्त आगन्तुकों से बधाइयों तथा शुभकामनाओं का आदान-प्रदान किया। डाॅ.यादव ने सभी के ऊर्जावान और प्रकाशवान भविष्य के लिए शुभेच्छाएं व्यक्त की।
    सर्वप्रथम प्रबंध निदेशक (जनरेशन) कंपनी श्री एस.के.कटियार, प्रबंध निदेशक (ट्रांसमिशन) कंपनी श्री राजेश कुमार शुक्ला, प्रबंध निदेशक (डिस्ट्रीब्यूशन) कंपनी श्री भीमसिंह कंवर ने पुष्पगुच्छ भेंट कर डाॅ. यादव का अभिवादन किया। अभियंता संघ के महासचिव श्री मनोज वर्मा ने अपने प्रतिनिधि मंडल के साथ कंपनी अध्यक्ष से भेंट की। इसी तरह विभिन्न अधिकारी-कर्मचारी संगठनों द्वारा भी कंपनी अध्यक्ष तथा प्रबंध निदेशकों से भी भेंट कर शुभकामनाओं का आदान-प्रदान किया गया। समस्त अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए भी अध्यक्ष कक्ष खुला था। विभिन्न कार्यालयों में पहंुच कर लोग एक-दूसरे को नये वर्ष की शुभकामनाएं प्रदान करते रहें। डाॅ. यादव ने इस अवसर पर कंपनी कर्मियों को उत्तम स्वास्थ्य और सुखद भविष्य की शुभकामनाएं दी। उन्होंने उत्पादन, पारेषण तथा वितरण तीनों कंपनियों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को ऊर्जावान और प्रकाशवान भविष्य के लिए शुभेच्छाएं प्रदान की। डंगनिया स्थित मुख्यालय परिसर में समस्त विभागाध्यक्ष कार्यालयों में नववर्ष मिलन का सिलसिला चलता रहा।

       रायपुर/शौर्यपथ /वन पारिस्थितिकी तंत्र सेवाओं को ग्रीन जीडीपी के साथ जोड़ने की पहल शुरू करने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बन गया है।  इस पहल  के द्वारा पारिस्थितिकी तंत्र सेवाओं के व्यापक मूल्य को मापकर छत्तीसगढ़ के सतत विकास में रेखांकित किया जाएगा।
       मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 विज़न और सतत विकास लक्ष्यों के अनुरूप विज़न डॉक्यूमेंट तैयार कर रही है, जिसमें वन विभाग द्वारा संचालित पारिस्थितिकी तंत्र सेवाओं के मूल्यांकन की अवधारणा सम्मिलित की गई है। यह समग्र दृष्टिकोण राज्य में पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक प्रगति के बीच संतुलन बनाए रखने की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है, जिससे आने वाली पीढ़ियों के लिए सतत और समृद्ध भविष्य सुनिश्चित हो सके। वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि पारिस्थितिकी तंत्र सेवाओं का मूल्यांकन न केवल बजटीय योजना को अधिक सुव्यवस्थित बनाएगा, बल्कि भविष्य की रणनीतियों को दिशा प्रदान करेगा, धन आवंटन को अधिक प्रभावी बनाएगा और वानिकी विकास के प्रयासों को सशक्त करेगा। यह प्रक्रिया सतत विकास और संसाधनों के बेहतर प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
       उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राज्य मे संयुक्त वन प्रबंधन कार्यक्रम ने स्थानीय समुदायों को और अधिक सशक्त बनाया है। गुरु घासीदास, कांगेर घाटी और इंद्रावती जैसे राष्ट्रीय उद्यानों के साथ, छत्तीसगढ़ में प्रकृति आधारित पर्यटन के लिए असीम संभावनाएं हैं। स्थानीय निवासियों को जंगल सफारी, नेचर ट्रेल्स और इको-कैंपिंग जैसी सुविधाओं के प्रबंधन में सक्रिय रूप से शामिल किया जा रहा है, जिससे न केवल सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा मिला है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को भी सशक्त किया गया है। छत्तीसगढ़ का 44 प्रतिशत भू-भाग वन क्षेत्र से आच्छादित है। यह राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए एक मजबूत आधार हैं और लाखों लोगों की आजीविका में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ये वन विभिन्न प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष लाभ प्रदान करते हैं। वनों से प्राप्त होने वाले अन्य महत्वपूर्ण अमूर्त लाभ अक्सर उपेक्षित रहते हैं और उनका उचित मूल्यांकन नहीं हो पाता। इनमें जलवायु संतुलन बनाए रखने के लिए कार्बन अवशोषण, कृषि के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण परागण, पोषक तत्वों का चक्रण, मृदा उर्वरता में सुधार और जैव विविधता संरक्षण जैसी सेवाएं शामिल हैं। वनों का बाढ़ और रोग नियंत्रण, जल प्रवाह का प्रबंधन और वेक्टर जनित रोगों के जोखिम को कम करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका है।
       इसके अतिरिक्त, वनों से जल पुनर्भरण और शुद्धिकरण होता है, शुद्ध ऑक्सीजन प्रदान कर वायु गुणवत्ता में सुधार होता है, और सुंदर प्राकृतिक दृश्य तथा जैव विविधता-समृद्ध क्षेत्रों के माध्यम से मनोरंजन के साथ-साथ भावनात्मक संतुष्टि भी प्रदान होती है। इन वनों का गहरा आध्यात्मिक और धार्मिक महत्व भी है, क्योंकि पवित्र स्थलों और देवगुड़ी जैसे क्षेत्रों के माध्यम से ये आदिवासी विरासत और परंपराओं को संरक्षित रखते हैं। इसके अलावा छत्तीसगढ़ के वन अनेक नदियों का उद्गम स्थल हैं, जो सतत जल प्रवाह, जलग्रहण क्षेत्र संरक्षण और कृषि तथा आजीविका के लिए आवश्यक जैविक पदार्थ से मृदा को समृद्ध करने में सहायक हैं। इन प्रत्यक्ष लाभों का राज्य की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) पर व्यापक आर्थिक प्रभाव पड़ता है। ये सभी लाभ ग्रामीण उद्योगों और आजीविका को प्रोत्साहित करते हैं और राज्य के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान करते हैं।

      वित्तीय प्रबंधन प्रणाली के लिए छत्तीसगढ़ सरकार के रिफॉर्म की केंद्र सरकार ने की सराहना
      रायपुर /शौर्यपथ / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साथ के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और दक्षता लाने के लिए आईटी आधारित वित्तीय प्रबंधन प्रणाली को लागू कर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। केंद्र सरकार ने इस डिजिटल सुधार की सराहना करते हुए राज्य को 250 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) के रूप में प्रदान की है।
    छत्तीसगढ़ राज्य ने केंद्र प्रवर्तित योजनाओं के वित्तीय प्रबंधन के लिए "जस्ट इन टाइम" (जेआईटी) मॉडल और एसएनए स्पर्श प्रणाली को अपनाया है। यह प्रणाली वित्तीय प्रवाह को कुशल बनाते हुए निधियों के वितरण, ट्रैकिंग और भुगतान को आसान बनाती है। इसके तहत राज्य सरकार ने केंद्र की निधि को आरबीआई के ई-कुबेर नेटवर्क और राज्य की निधि को वित्तीय प्रबंधन एवं सूचना प्रणाली (एफएमआईएस) के माध्यम से समेकित किया है। इस पहल से निधि के सही समय पर उपयोग और वास्तविक समय में व्यय की रिपोर्टिंग भी सुनिश्चित हुई है।
    इस सुधार के तहत स्मार्ट भुगतान  एल्गोरिथम का उपयोग किया गया है, जिससे भुगतान ट्रिगर नियमों के आधार पर वास्तविक समय में किया जाता है। इससे सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (पीएफएमएस) के परिणाम बेहतर हुए हैं। साथ ही, राज्य में डिजिटल प्लेटफॉर्म और पोर्टल्स का निर्माण कर आम जनता को सरकारी योजनाओं का लाभ तेजी से और पारदर्शी तरीके से पहुंचाया जा रहा है।
    छत्तीसगढ़ सरकार ने डिजिटल इंडिया और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) को बढ़ावा देने के लिए अपने तकनीक आधारित सुधारों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रासंगिक बनाया है। राज्य की अधोसंरचना परियोजनाओं और इन्फ्रास्ट्रक्चर इकोसिस्टम को इस प्रोत्साहन राशि से और अधिक मजबूती मिलेगी।
    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि तकनीक आधारित सुधार और सुशासन ही छत्तीसगढ़ के आर्थिक विकास का मूलमंत्र है। यह उपलब्धि न केवल प्रशासनिक दक्षता का प्रमाण है, बल्कि जनता के प्रति हमारी सरकार के सुशासन के संकल्प का प्रमाण है। छत्तीसगढ़ सरकार का यह प्रयास न केवल राज्य को तकनीकी रूप से सशक्त बनाएगा, बल्कि अन्य राज्यों के लिए भी एक प्रेरणा बनेगा।
    उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ सरकार प्रशासनिक कार्यों में तेजी लाने आईटी के प्रयोग को बढ़ावा दे रही है, इसी के तहत् केन्द्र प्रवर्तित योजनाओं के लिए राशि जारी करने, वितरित करने एवं निधियों की ट्रैकिंग करने तथा बेहतर नकद प्रबंधन के लिए राज्य शासन द्वारा एसएनए स्पर्श के अंतर्गत जेआईटी (जस्ट इन टाईम) मॉडल को अपनाया गया है। इसके माध्यम से केन्द्र प्रवर्तित योजनाओं के लिए नवीन सिस्टम के माध्यम से कार्य किया जा रहा है जिसका उद्देश्य केन्द्र और राज्य की समेकित निधि से राशि को उचित समय पर प्राप्त कर कुशल भुगतान प्रसंस्करण पर ध्यान केन्द्रित करते हुए निधि के उपयोग को अनुकूलित करना एवं व्यय की वास्तविक समय रिपोर्टिंग की सुविधा प्रदान करना है। इसमें केन्द्र प्रवर्तित योजना के राज्य की हिस्से की राशि एफएमआईएस (वित्तीय प्रबंधन एवं सूचना प्रणाली) तथा केन्द्र के हिस्से की राशि आरबीआई के ई-कुबेर नेटवर्क के माध्यम से जारी की जाती है, जिससे रियल टाईम फण्ड यूटिलाईजेशन किया जा रहा है।
    केन्द्र प्रवर्तित योजनाओं के लिए कुशल निधि प्रवाह प्रणाली के साथ भुगतान सह लेखा नेटवर्क की स्थापना कर सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली की सुविधा प्रदान करने के लिए जस्ट इन टाईम के माध्यम से "सही समय पर" राशि हस्तांतरण की प्रक्रिया अपनायी गई है। इसमें स्मार्ट भुगतान के तहत एल्गोरिदम के माध्यम से ट्रिगर नियमों पर आधारित वास्तविक समय में कुशल भुगतान किया जा रहा है जिससे सार्वजनिक क्षेत्र में वित्तीय प्रबंधन परिणामों को बेहतर बनाने में मदद मिली है।
    छत्तीसगढ़ शासन केन्द्र सरकार के डिजिटल इण्डिया पहल को मजबूत करने हेतु प्रतिबद्ध है। बेहतर नकद प्रबंधन एवं सार्वजनिक वित्त प्रबंधन प्रणाली (पीएफएमएस) के लिए जस्ट इन टाईम मॉडल डिजिटल इण्डिया एवं डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) को सहयोग प्रदान करता है। "तकनीक आधारित रिफॉर्म और सुशासन तीव्र आर्थिक विकास" वित्तीय वर्ष 2024-25 के बजट वक्तव्य में शामिल स्ट्रैटेजिक स्तंभों में से एक है। केन्द्र प्रवर्तित योजनाओं के लिए वित्तीय प्रबंधन प्रणाली अपनाने हेतु किये गये इस रिफॉर्म के लिए भारत सरकार द्वारा भी पूर्ण सहयोग दिया जा रहा है। इस रिफॉर्म के लिए राज्य को भारत सरकार से 250 करोड़ प्रोत्साहन राशि पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) के लिए प्रदान की है। इसके अतिरिक्त 250 करोड़ प्रोत्साहन राशि प्राप्त होना संभावित है। इस राशि का उपयोग राज्य के अधोसंरचना निर्माण परियोजनाओं में इन्फ्रास्ट्रक्चर इकोसिस्टम को मजबूत बनाने हेतु किया जा रहा है।

    स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल के निर्देश पर रायगढ़ मेडिकल कालेज चिकित्सालय के सुविधाओं में किया गया विस्तार
    आयुष्मान योजना कक्ष का विस्तार, आईपीडी मरीजों  के लिए अलग से पर्ची कटवाने की आवश्यकता नहीं, फीडबैक के लिए लगाई गयी सुझाव पेटी
       रायपुर /शौर्यपथ /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल पर शासकीय अस्पतालों में आम नागरिकों को मिलने वाली चिकित्सा सुविधाओं में लगातार विस्तार किया जा रहा है। स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल के निर्देश पर नए वर्ष की शुरूआत में ही चिकित्सा सुविधाओं की सभी लोगों को सुगम एवं सहज उपलब्धता सुनिश्चित हो सके, यह प्रयास किया जा रहा है। स्व.श्री लखीराम अग्रवाल स्मृति शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय संबद्ध संत बाबा गुरु घासीदास जी स्मृति शासकीय चिकित्सालय रायगढ़ में शहीद वीर नारायण सिंह आयुष्मान स्वास्थ्य योजना की सुविधा हेतु सभी तलों (फ़्लोर )में कक्ष का शुभारंभ 1 जनवरी 2025 को किया गया है।  वित्त मंत्री और रायगढ़ के स्थानीय विधायक श्री ओ. पी. चौधरी ने स्वास्थ्य सेवाओं की सुगम उपलब्धता हेतु किया जा रहे इस पहल का स्वागत किया है।
        मेडिकल कालेज रायगढ़ के अधिष्ठाता डॉ. विनित कु‌मार जैन एवं अस्पताल अधीक्षक डॉ. एम. के. मिंज के अनुसार इस सुविधा विस्तार से भर्ती मरीजों एवं उनके परिजनों को काफी सुविधा होगी।इससे अनावश्यक भीड़ एवं कतार का सामना नहीं करना पड़ेगा और समय की बचत होगी।  पूर्व में यह सुविधा सिर्फ एमआरडी के रजिस्ट्रेशन ओपीडी काऊंटर के समीप ही उपलब्ध थी। अस्पताल अधीक्षक डॉ. एम के मिंज के अनुसार आयुष्मान योजना कक्ष के विस्तार के साथ ही चिकित्सालय में अब ओपीडी , आईपीडी मरीज़ के जाँच के लिये अलग से जाँच पर्ची कटवाने की आवश्यकता नहीं हैं।  सभी जांच पूर्णतः निःशुल्क है।  ओपीडी की 10 रुपये की पंजीयन पर्ची एवं आईपीडी मरीज के लिये 85 रुपये की पर्ची के अलावा अलग से पर्ची कटवाने की आवश्यकता नहीं हैं।  इसके संबंध में आदेश भी जारी कर दिया गया है।
        इसके साथ ही एक नई पहल करते हुए चिकित्सालय में सुझाव एवं शिकायत पेटी (बॉक्स) की व्यवस्था की गई है । साथ ही वार्ड में भर्ती मरीज के इलाज के सम्बन्ध में प्रतिदिन  चिकित्सा सामाजिक कार्यकर्ता  और व्यावसायिक सलाहकार द्वारा  फीडबैक लिया जा रहा है। सुझाव एवं शिकायत पेटी में प्राप्त पत्र एवं फीडबैक को अस्पताल प्रबंधन द्वारा समिति में रख कर उसका निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा।

    स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने जारी किया आदेश
     ग्रामीण और शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा जिला अस्पतालों को मिले नए चिकित्सा अधिकारी व विशेषज्ञ चिकित्सक
      रायपुर/शौर्यपथ /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल पर राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने व स्वास्थ्य सेवाओं की प्रदायगी हेतु पर्याप्त मानव संसाधन की उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए  राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत संविदा पदों  पर विशेषज्ञ चिकित्सकों व चिकित्सा अधिकारियों की नियुक्ति की गई है।
          स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल के निर्देश पर चिकित्सकों की पदस्थापना की गई है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के आदेशानुसार राज्य के रायपुर संभाग के शासकीय अस्पतालों में 06 चिकित्सा अधिकारियों, बिलासपुर संभाग में 12 चिकित्सा अधिकारियों, सरगुजा संभाग में 05 चिकित्सा अधिकारियों, बस्तर संभाग में 06 चिकित्सा अधिकारियों के साथ दुर्ग संभाग में 06 चिकित्सा  अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, छत्तीसगढ़ द्वारा आज इन नवीन संविदा चिकित्सा अधिकारियों की पदस्थापना के आदेश जारी किए गए हैं। इन डॉक्टरों को संबंधित जिले के विभिन्न ग्रामीण और शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा जिला चिकित्सालयों में पदस्थ किया गया है। नवीन संविदा चिकित्सा अधिकारी  की पदस्थापना से त्वरित इलाज में तेजी आएगी और चिकित्सा सुविधाओं को बढ़ावा मिलेगा।विशेषज्ञ चिकित्सकों (संविदा) के जारी आदेश में डॉ. अमिताभ लालजी साहू, जिला अस्पताल बेमेतरा, डॉ. क्षमा चोपड़ा, जिला अस्पताल कबीरधाम, डॉ. निकिता खेस, जिला अस्पताल जांजगीर, डॉ. अनु आनी जॉन, जिला अस्पताल मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, डॉ शोएब खान जिला अस्पताल पंडरी रायपुर, डॉ नील माधव गवेल, जिला अस्पताल रायगढ़ व डॉ महिमा निधि जॉर्ज शास. चिकित्सा महाविद्यालय जिला रायगढ़ में पदस्थापना की गई है।
    रायपुर संभाग हेतु चिकित्सा अधिकारी(संविदा) के जारी आदेश में डॉ भारती ठाकुर, डॉ. हरिश चौधरी, डॉ अजीत कुमार पटेल, डॉ. ओजस्वी गौतम, डॉ अनूप कुमार मेहर, डॉ. शिवेन्द्र सिंह मरई शामिल हैं।
     बिलासपुर संभाग हेतु जारी आदेश में  डॉ. ऋषा जोगी, डॉ अरशद आलम, डॉ जीनत शेख, डॉ प्रतीक्षा सिंह, डॉ. लता गुप्ता डॉ. प्रवीण कुमार, डॉ तेजस्विनी सोनी, डॉ. राजेश्वर प्रसाद कश्यप, डॉ. विरेन्द्र कुमार सार्वा, डॉ राजेन्द्र कुमार साहू, डॉ. सुयश आंचल, डॉ. अनुराग यादव, सरगुजा संभाग हेतु जारी आदेश में डॉ अभिषेक जायसवाल, डॉ. निहारिका कुशवाहा, डॉ. अंकिता बड़ा, डॉ आकांक्षा मिंज, डॉ. अनुराग सिंह यादव का नाम है।
    दुर्ग संभाग हेतु चिकित्सा अधिकारी(संविदा) के जारी आदेश में डॉ. प्रखर जंघेल, डॉ. मुकेश कुमार वर्मा, डॉ नेहा रामटेके, डॉ अस्मिन निशा, डॉ शेमोन सिंह ठाकुर, डॉ. सूर्य प्रताप सिंह ठाकुर हैं।
     बस्तर संभाग हेतु चिकित्सा अधिकारी(संविदा) के जारी आदेश में डॉ. प्रीति भवानी, डॉ. कविता नाग, डॉ. वैशाली साहू, डॉ. मेहुल पटेल, डॉ गिरधर गोपाल यादव व डॉ अतुल राज खटीक को पदस्थ किया गया है।

    पाठ्य पुस्तकों के वितरण कार्य की निगरानी ‘ऑनलाईन ट्रैकिंग एप’ के माध्यम से करने के निर्देश
       रायपुर/शौर्यपथ / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आगामी शिक्षा सत्र में राज्य के समस्त विद्यार्थियों को समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निःशुल्क पुस्तकों का वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश शिक्षा विभाग के अधिकारियों को दिए हैं। उन्होंने कहा है कि विद्यार्थियों को समय-सीमा में पाठ्य पुस्तकें प्राप्त हो सकें इसके लिए वितरण कार्य की निगरानी आनलाइन ट्रेकिंग ऐप के माध्यम से की जाए।
    मुख्यमंत्री ने आज मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम की कार्यकारिणी सभा की 89वीं बैठक में ये निर्देश दिए। इसी तरह उन्होंने निःशुल्क पाठ्यपुस्तकों के मुद्रण हेतु कव्हर पेपर एवं इनर पेपर क्रय एवं अन्य निविदाएं जेम पोर्टल के माध्यम से करने के निर्देश दिये।
    बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, मुख्यमंत्री के सचिव श्री मुकेश बंसल और श्री बसवराजु एस., पाठ्य पुस्तक निगम के प्रबंध संचालक श्री संजीव कुमार झा भी उपस्थित थे।

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