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रायपुर /शौर्यपथ /महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े रायपुर के एक निजी स्कूल के सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं और विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न परीक्षाओं में उत्तीर्ण मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि आज के बच्चे कल के भविष्य हैं। ऐसे आयोजन से बच्चों का उत्साहवर्धन होता है। इस तरह का आयोजन विद्यार्थियों के संपूर्ण व्यक्तित्व विकास में सहायक सिद्ध होता है। मंच पर सबके सामने प्रस्तुति देने से बच्चों के अंदर की झिझक दूर होती है व रचनात्मकता एवं आत्मविश्वास बढ़ता है। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा जीवन का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो हमें ज्ञान, कौशल और आत्मविश्वास प्रदान करती है। शिक्षा के बिना जीवन अधूरा है, क्योंकि यह हमें अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने और अपने सपनों को साकार करने में मदद करती है। शिक्षा से हमें न केवल ज्ञान प्राप्त होता है बल्कि यह हमें सोंच, समझ और विश्लेषण करने की क्षमता को भी बढ़ाती है। यह हमें अपने जीवन में आने वाली चुनौतियों का सामना करने में मदद करती है। इस अवसर पर विद्यार्थीगण, उनके अभिभावक और विद्यालय परिवार के सदस्यगण उपस्थित थे।
रायपुर /शौर्यपथ /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने विश्व के महान गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन की 22 दिसंबर को जयंती पर उन्हें नमन किया है। मुख्यमंत्री ने श्री रामानुजन को याद करते हुए कहा कि रामानुजन जी आधुनिक काल में न केवल भारत बल्कि विश्व के महानतम गणितज्ञों में से एक थे, जिन्होंने गणित के विभिन्न क्षेत्रों में अपना योगदान दिया। उनके जन्मदिन को ‘राष्ट्रीय गणित दिवस’ के रूप में मनाया जाता है। श्री साय ने कहा कि गणित के महान जादूगर श्रीनिवास रामानुजन को गणित के क्षेत्र में अतुलनीय योगदान के लिए हमेशा याद किया जाएगा ।
उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव नेशनल होम्योपैथी सेमिनार में शामिल हुए
तात्कालिक और लम्बे समय तक मिल सकता है होम्योपैथी का लाभ: स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल
रायपुर /शौर्यपथ /सैकड़ो किताबें पढ़ने से जो ज्ञान नहीं मिल पाता वो विशेषज्ञों के वक्तव्य से मिल जाता है। जिन्होंने अपनी पूरी ज़िंदगी चिकित्सा के क्षेत्र को समर्पित कर दिया, रोगों को समझने में अपना बहुमूल्य समय दिया और रोगियों के उपचार में जिनका जीवन व्यतीत हुआ, सेमिनार के जरिए उनका अनुभव सुनने को मिलता है। लोगों के बीच भ्रांति है कि होम्योपैथी जल्दी असर नहीं करती, लेकिन ऐसा नहीं है। होम्योपैथी लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाकर रोगों को ठीक करने में सक्षम है। होम्योपैथी में बिना साइड इफेक्ट के सस्ते में अच्छा इलाज उपलब्ध है। बस हमें इसे प्रचारित करने की आवश्यकता है। उक्त बाते मेडिकल स्टूडेंट्स को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव ने राजधानी रायपुर के सिंधु पैलेस में होम्योपैथी रिसर्च एवं डेवलपमेंट एसोसिएशन द्वारा आयोजित नेशनल होम्योपैथी सेमिनार में कही। इस अवसर पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल उपस्थित थे।
उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ माता कौशल्या की धरती और भगवान राम का ननिहाल है। यहां की संस्कृति और परंपरा की अलग पहचान है और सांस्कृतिक, पौराणिक और ऐतिहासिक रूप से छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति का उल्लेख मिलता है। श्री साव ने कहा कि देश के अच्छे रिसर्च एवं मेडिकल संस्थान का अध्ययन करके हम छत्तीसगढ़ में भी होम्योपैथी का एक अच्छा मेडिकल कॉलेज और रिसर्च सेंटर छत्तीसगढ़ में स्थापित करने का मजबूत प्रयास करेंगे।
स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने सेमिनार को सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं का विकास और विस्तार हमारा उद्देश्य है। होम्योपैथी चिकित्सा के बारे में लोगों के मन में एक धारणा बनी हुई है, लोग जान एलोपैथी के इलाज से थक जाते हैं तब वह होम्योपैथी की ओर आते हैं। होम्योपैथी, नैचुरोपैथी, एलोपैथी सभी के बीच होम्योपैथी का अपना महत्व है। हमें होम्योपैथी का तात्कालिक और लम्बे समय तक लाभ मिल सकता है। इस अवसर पर श्री पवन साय, डॉ सुनील कुमार दास, डॉ विजय शंकर मिश्रा, डॉ संजय शुक्ला, आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. प्रदीप के. पात्रा, डॉ. जेपी शर्मा, डॉ. सुशील हरीरमानी, डॉ. धीरेंद्र तिवारी सहित एशोसिएसन के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।
श्री साव डागा महाविद्यालय के वार्षिक उत्सव में हुए शामिल
रायपुर/शौर्यपथ /अपनी मंजिल तय करते वक्त खुद को किसी सीमा में न बांधें, आत्मविश्वास के साथ शत प्रतिशत मेहनत करें। जो युवा आत्मविश्वास और उत्साह से भरा होता है वही सफल होता है और इतिहास बनाता है। असफलता से कभी निराश नहीं होना चाहिए, प्रयत्न करने से सफलता अवश्य मिलती है। उक्त बातें उपमुख्यमंत्री श्री अरूण साव ने डागा कन्या महाविद्यालय के वार्षिक उत्सव में कही।
उप मुख्यमंत्री श्री साव आज राजधानी रायपुर के कचहरी चौक स्थित श्रीमती प्रमिला गोकुलदास डागा कन्या महाविद्यालय के वार्षिकोत्सव समारोह में शामिल हुए। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि शैक्षणिक संस्थानों के लिए वार्षिक उत्सव का विशेष महत्व होता है। कार्यक्रम के आयोजन से विद्यार्थियों के अंदर छुपी हुई विभिन्न प्रकार की प्रतिभाओं के प्रदर्शन का अवसर मिलता है एवं उनमें आत्मविश्वास की वृद्वि होती है।
इस दौरान कार्यकम की अध्यक्षता राष्ट्रीय विद्यालय समिति के अध्यक्ष श्री अजय तिवारी ने की। महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. संगीता घई के द्वारा वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम में सांस्कृतिक कार्यक्रम के जरिये छात्राओं के द्वारा एक से बढ़कर एक नृत्य की प्रस्तुति देकर दर्शकों का मन मोह लिया।
कार्यक्रम में उपाध्यक्ष श्री गोवर्धन दास डागा मदन लाल तालेडा, सचिव श्री अनिल कुमार गुप्ता, कोषाध्यक्ष श्री राज किशोर नत्थानी, श्री देवीचंद श्रीमाल, श्री रूपचंद श्रीमाल, श्री सुरेश शुक्ला, डागा महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. संगीता घई के साथ अन्य प्राध्यापकगण के अलावा कॉलेज की छात्राएं उपस्थित थी।
वर्ष 2024-25 के लिए 805 करोड़ 71 लाख 74 हजार 286 रूपए का द्वितीय अनुपूरक बजट पारित
छत्तीसगढ़ के बजट का आकार बढ़कर हुआ 1 लाख 55 हजार 580 करोड़ रूपए
राज्य में 30 हजार करोड़ रूपए के सड़क निर्माण का कार्य आगे बढ़ रहा
रायपुर /शौर्यपथ /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की सरकार का द्वितीय अनुपूरक बजट विधानसभा में पारित हुआ। वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी द्वारा वर्ष 2024-25 के लिए प्रस्तुत किए गए 805 करोड़ 71 लाख 74 हजार 286 रूपए का द्वितीय अनुपूरक बजट आज विधानसभा में पारित किया गया। आज पारित हुए अनुपूरक बजट को मिलाकर चालू वित्तीय वर्ष 2024-25 में राज्य के बजट का आकार कुल 01 लाख 55 हजार 580 करोड़ रूपए का हो गया है। इसमें मुख्य बजट के रूप में पारित 1 लाख 47 हजार 446 करोड़, प्रथम अनुपूरक बजट में 7 हजार 329 करोड़ रूपए और द्वितीय अनुपूरक बजट का 805 करोड़ 71 लाख 74 हजार 286 रूपए शामिल है।
वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने अनुपूरक बजट पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता मोदी की गारंटी पर भरोसा करती है। सरकार बनने के 12 दिनों बाद ही मोदी की गारंटी के अनुरूप सरकार ने 12 लाख से अधिक किसानों को दो साल के बकाया बोनस राशि 3716 करोड़ रूपए का भुगतान किया। शपथ ग्रहण के अगले ही दिन कैबिनेट की बैठक में राज्य के 18 लाख गरीब परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत आवास देने का निर्णय लिया गया। इस निर्णय को अमल में लाते हुए 8 लाख हितग्राहियों को आवास निर्माण के लिए पहली किस्त जारी की जा चुकी है। श्री चौधरी ने कहा कि वर्ष 2003 में छत्तीसगढ़ में 5 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी होती थी। हमारी सरकार ने खरीफ वर्ष 2023 में रिकार्ड 145 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की है। कृषक उन्नति योजना के माध्यम से किसानों को 13 हजार 320 करोड़ रूपए भुगतान किया गया है। उन्होंने कहा कि दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषक मजदूर योजना के अंतर्गत हितग्राहियों को राशि का भुगतान सरकार जल्द करेगी।
वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने अनुपूरक बजट पर चर्चा के जवाब में कहा कि हम लोग सरकार बनने के तीसरे महीने से ही महिलाओं को महतारी वंदन योजना का लाभ दे रहे हैं। यह योजना राज्य की महिलाओं के सामाजिक सशक्तिकरण का नया अध्याय लिखेगी। इस योजना की लाभार्थी महिलाओं को ग्रामीण विकास बैंक द्वारा महतारी सशक्तीकरण योजना के माध्यम से 9 प्रतिशत ब्याज पर 25 हजार रूपए का लोन दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वनांचलों में तेन्दूपत्ता संग्राहकों का मानदेय 4000 रूपए प्रति मानक बोरा से बढ़ाकर 5500 रूपए किया गया है। राज्य के साढ़े 12 लाख परिवारों को इसका लाभ मिल रहा है। तेन्दूपत्ता संग्राहकों को राजमोहिनी देवी तेन्दूपत्ता सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत बीमा का लाभ मिल रहा है। उनके लिए चरण पादुका योजना दोबारा शुरू कर रहे हैं।
मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि राज्य शासन तेज आर्थिक और सुधारवादी विकास के लिए प्रतिबद्ध है। छत्तीसगढ़ स्थापना के 25वें वर्ष को अटल निर्माण वर्ष के रूप मनाया जाएगा। इसके तहत अधोसंरचना विकास के कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। सड़क, पुल, अस्पतालों और रेल लाईनों में पूंजीगत व्यय के लिए पर्याप्त राशि प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य में 30 हजार करोड़ रूपए के सड़कों का काम आगे बढ़ रहा है। इनमें 4 राष्ट्रीय राजमार्गों को फोरलेन करने के साथ ही रायपुर के सरोना चौक, तेलीबांधा चौक और धनेली में फ्लाई ओवर के निर्माण शामिल है। श्री चौधरी ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के अधोसंरचना की मजबूती के लिए भी हम पर्याप्त राशि दे रहे हैं। गीदम, कबीरधाम, जांजगीर-चांपा और मनेन्द्रगढ़ में 4 नए मेडिकल कॉलेजों के लिए 1280 करोड़ रूपए की स्वीकृति दी गई है। रायपुर मेडिकल कॉलेज के लिए 232 करोड़, सिम्स बिलासपुर के लिए 700 करोड़ और अम्बिकापुर मेडिकल कॉलेज के लिए 109 करोड़ रूपए मंजूर किए गए हैं।
अनुपूरक बजट पर चर्चा का उत्तर देते हुए वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि हम वित्तीय अनुशासन के साथ सुधारवादी बजट लेकर आए हैं। तीसरे अनुपूरक बजट में प्रावधानित 806 करोड़ रूपए में से 508 करोड़ रूपए पूंजीगत व्यय के लिए और 298 करोड़ रूपए राजस्व व्यय के लिए है। इसमें राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के लिए 250 करोड़ रूपए, नगरीय निकायों में अधोसंरचना विकास के लिए 200 करोड़ रूपए और मुख्यमंत्री समग्र ग्रामीण विकास योजना के लिए 100 करोड़ रूपए का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है।
वित्त मंत्री श्री चौधरी ने बताया कि द्वितीय अनुपूरक बजट मेें घरेलू विमान सेवा (उड़ान योजना) के लिए 25 करोड़ रूपए, हस्तशिल्प उत्पादों को राजधानी रायपुर में एक जगह उपलब्ध कराने के लिए बनाए जा रहे यूनिटी मॉल के 19 करोड़ 50 लाख रूपए का प्रावधान किया गया है। बजट में चित्रोत्पला फिल्म सिटी, बस्तर ओलंपिक, नियद नेल्लानार, धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान, पीएम जनमन योजना और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन जैसी योजनाओं के लिए भी प्रमुखता से प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने बताया कि राज्य के युवाओं को जॉब-सीकर्स से जॉब-क्रिएटर्स बनाने और सिंगल विंडो क्लियरेंस सिस्टम के लिए नई औद्योगिक नीति में जोर दिया गया है।
छत्तीसगढ़ में आवासहीन परिवारों के लिए बड़ी पहल: 18 लाख परिवारों को पक्के मकान उपलब्ध कराने की प्रक्रिया तेज
प्रधानमंत्री आवास योजना: वित्त विभाग ने जारी की 2560 करोड़ की राशि
रायपुर/शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ सरकार ने अपने संकल्प पत्र में ‘मोदी की गारंटी‘ के अंतर्गत राज्य के 18 लाख आवासहीन परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत पक्के आवास प्रदान करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की थी।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में पहली मंत्रिपरिषद की बैठक में इस महत्वपूर्ण निर्णय पर मुहर लगी। छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत राज्य के 18 लाख आवासहीन परिवारों को पक्के मकान देने के अपने वादे को निभाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। वित्त विभाग ने केंद्र और राज्यांश मिलाकर 2,560 करोड़ रुपये की राशि हितग्राहियों को अंतरित करने के लिए जारी कर दी है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि हमारा लक्ष्य राज्य के सभी आवासहीन परिवारों को इस योजना के तहत पक्के मकान उपलब्ध कराना है। यह पहल केवल आवासीय सुविधा ही नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक उत्थान का भी एक साधन है।
अब तक 5,144 करोड़ रुपये की राशि जारी
वित्त विभाग से मिली जानकारी के अनुसार इस वित्तीय वर्ष में अब तक कुल 5,144 करोड़ रुपये की राशि जारी की जा चुकी है। पहली किश्त केंद्रांश 1,550.30 करोड़ रुपये, राज्यांश 1,033.70 करोड़ रुपये कुल 2,584 करोड़ रुपये और दूसरी किश्त केंद्रांश 1,535.40 करोड़ रुपये, राज्यांश 1,024.60 करोड़ रुपये कुल 2,560 करोड़ रुपये जारी की जा चुकी है। लाभार्थियों को राशि सीधे उनके खाते में शीघ्र पहुंचाई जाएगी, जिससे निर्माण कार्य में तेजी आएगी।
वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने बताया कि इस वित्तीय वर्ष में योजना के तहत तीसरी किश्त की राशि भारत सरकार से प्राप्त करने के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि उनके आवास का निर्माण शीघ्र पूर्ण हो सके।
दलहन, तिलहन और गेहूँ पर मंडी शुल्क और कृषक कल्याण शुल्क में पूर्णतः छूट
आम जनता सहित उद्योग जगत के लोगों ने किया मुख्यमंत्री का आत्मीय अभिनंदन
रायपुर/शौर्यपथ / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने दलहन, तिलहन तथा गेहूं पर मंडी शुल्क और कृषक कल्याण शुल्क में 13 मार्च 2024 से 31 मार्च 2026 तक पूर्णतः छूट प्रदान की है। राज्य सरकार इस निर्णय से प्रदेश के लाखों किसानों और दाल मिल, तिलहन मिल तथा फ्लोर मिलों के संचालकों तथा व्यापारियों को सीधा लाभ मिलेगा। छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त किया है।
उल्लेखनीय है कि प्रदेश के दाल मिल, तिलहन मिल तथा फ्लोर मिलों के संचालकों एवं व्यापारियों द्वारा प्रदेश के बाहर से प्रसंस्करण-विनिर्माण के लिए लाए गए दलहन, तिलहन एवं गेहूं पर मंडी शुल्क में छूट दिए जाने हेतू मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को आग्रह किया था। मुख्यमंत्री श्री साय के निर्देश पर 17 दिसम्बर 2024 को अधिसूचना जारी कर 13 मार्च 2024 से 31 मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ की सभी मंडियों में इन शुल्कों में पूर्ण छूट प्रदान की गई है।
छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कामर्स एसोशिएसन के अध्यक्ष श्री अमर परवानी ने इस निर्णय पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि यह निर्णय प्रदेश के व्यापारिक और कृषि क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक है। उन्होंने मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा है कि यह छूट प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करेगी और व्यापारियों किसानों के हितों की रक्षा करेगी। मंडी शुल्क और कृषक कल्याण शुल्क में छूट होने से व्यापारी पड़ोसी राज्यों से भी प्रतिस्पर्धात्मक दरों पर व्यापार कर सकेंगे। इससे प्रदेश में व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और किसानों को भी उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के इस फैसले का अभिनंदन करते हुए आमजनों व उद्योग जगत के लोगों ने आज मुख्यमंत्री निवास पहुंचकर मुख्यमंत्री का आत्मीय अभिनंदन कर उन्हें हृदय से धन्यवाद दिया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वित्तीय चुनौतियां होने के बावजूद प्रदेश की आम जनता के हक में उनकी सरकार ने यह फैसला किया है। इस फैसले से प्रदेश के 30 हजार परिवारों का संरक्षण होगा व आम जनता को भी कम कीमत पर रोजमर्रा की वस्तुएं मिलती रहेंगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा प्रदेश में दलहन, तिलहन एवं गेहूँ का उत्पादन मांग के अनुरूप कम है, जिससे प्रदेश के दाल मिल, तिलहन मिल तथा फ्लोर मिलों को अपने मिलों के संचालन के लिए अन्य प्रदेशों से दलहन, तिलहन एवं गेहूँ का आयात करना पड़ता है। मंडी शुल्क से छूट दिये जाने पर प्रदेश की दाल मिल, तिलहन मिल तथा फ्लोर मिलें अन्य राज्यों से प्रतिस्पर्धा कर पायेंगे और उपभोक्ताओं को कम कीमत पर दाले, तेल, आटा तथा मैदा प्राप्त होगा, जिससे घरेलू व्यय में बचत होगी और उपभोक्ता इस बचत से अपनी जीवनशैली में सुधार हेतु अन्य आवश्यक सामग्रियां क्रय करने में सक्षम हो सकेगा। साथ ही इन दाल मिल, तिलहन मिल तथा फ्लोर मिलों से लगभग 30 हजार परिवारों को रोजगार प्राप्त होता है, जिनका सीधा संरक्षण ये फैसला करता रहेगा।
इस अवसर पर श्री अमित चिमनानी, चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रदेश अध्यक्ष श्री अमर पारवानी ,रायपुर दाल मिल एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री संजीत गोयल ,सचिव श्री श्याम सुंदर गोयल, श्री हरिमल सचदेव, फ्लोर मिल एसोसिएशन के प्रदेश सचिव श्री रमेश अग्रवाल, कोषाध्यक्ष श्री धरम अग्रवाल, श्री समीर अग्रवाल उपस्थित थे।
तीनों टीम ने किया आग लगने जैसी आपात परिस्थिति में राहत और बचाव कार्य का अभ्यास प्रदर्शन
फायर सेफ्टी किट पहनकर अस्पताल के अंदर गई टीम, प्रतीकात्मक रूप से घायल को स्ट्रेचर पर लिटाया और एम्बुलेंस से अस्पताल भेजा
मॉक ड्रिल के दौरान फायर सायरन बजाती आयी फायर ब्रिगेड की गाड़ी, अंदर फंसे लोगों को एसडीआरएफ की टीम ने निकाला, दिया प्राथमिक उपचार
रायपुर /शौर्यपथ / एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल), एसडीआरएफ (राज्य आपदा प्रतिकिया बल) और जिला अग्निशमन विभाग द्वारा संयुक्त रूप से आज डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय रायपुर में फायर एंड रेस्क्यू (अग्नि और सुरक्षा) मॉक ड्रिल का प्रदर्शन किया गया। अस्पताल में आग लगने की संभावित परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और फायर ब्रिगेड की टीम ने आपसी समन्वय से सुरक्षा एवं बचाव का जीवंत अभ्यास प्रदर्शन कर आपदा से निपटने के विभिन्न तरीकों की जानकारी दी।
मॉक ड्रिल के दौरान तीनों टीम ने अभ्यास प्रदर्शन करते हुए संभावित घटना के लिए तैयारियों का आकलन किया। वहां उपस्थित नर्सिंग स्टॉफ, कर्मचारियों और सुरक्षा गार्ड्स को आग लगने की घटनाओं और उससे निर्मित परिस्थितियों पर विस्तृत रूप से जानकारी देते हुए बताया कि जटिल आपात स्थितियों में कैसे काम किया जाता है। प्रतीकात्मक रूप से आग लगने की घटना को प्रदर्शित करते हुए फायर ब्रिगेड की गाड़ियां फायर सायरन बजाते हुए मौके पर पहुंची। पानी के प्रेशर पाइप के जरिये अस्पताल के तीसरे मॉले पर आग बुझाने की प्रैक्टिस की गई। टीम ने अस्पताल के अंदर फंसे लोगों को बाहर निकालने संबंधी अभ्यास किया। इसी तारतम्य में घायल लोगों को स्ट्रेचर पर लिटाकर प्राथमिक उपचार देकर एम्बुलेंस के जरिये दूसरे अस्पताल भेजा। जिला अग्निशमन कर्मियों द्वारा अग्नि मॉक ड्रिल में आग बुझाने, फायर सेफ्टी उपकरणों के प्रयोग के तरीकों के बारे में जानकारी दी गई। कहीं भी छोटी सी आग लगे उसके लिए आम लोगों को फर्स्ट एड फायर फाइटिंग का प्रशिक्षण दिया। कौन सा यंत्र किस प्रकार का आग बुझा सकता है, इसका भी प्रदर्शन किया गया।विभिन्न प्रकार के फायर एक्सटिंग्विशर या अग्निशामक यंत्र और उसमें भरे जाने वाले गीला रसायन, कॉर्बन डाइ ऑक्साइड, फोम और पानी के बारे में जानकारी दी।
रायपुर /शौर्यपथ /बलौदाबाजार जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थाओं के स्टाफ के लिए अग्निशामक यन्त्रों के संचालन के सम्बन्ध में प्रशिक्षण आयोजित किया जा रहा है। अब तक जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कसडोल एवं लवन में यह पूर्ण हो चुका है। उक्त केंद्रों में विकासखण्ड के मैदानी स्वास्थ्य अमले को भी सम्मिलित कर दुर्घटना से बचाव के तरीके सुझाए गए। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ राजेश कुमार अवस्थी के अनुसार उक्त प्रशिक्षण में आग के प्रकार, एवं उनको बुझाने की विधि, अग्निशामक यंत्र कितने प्रकार के होते हैं एवं कौन सी आग में कौन सा अग्निशामक यन्त्र का उपयोग करना है इसकी जानकारी देते हुए प्रशिक्षण दिया गया। इसके अतिरिक्त यदि अस्पताल में अग्नि दुर्घटना हो गई तो ऐसी आपातकालीन स्थिति में एस एन सी यू,आई सी यू ,एन बी एस यू के नवजात शिशुओ तथा मरीजों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर कैसे लाना है यह भी बताया गया। प्रशिक्षण में अस्पताल में स्थापित फायर उपकरण जैसे हाईड्रेंट आदि के प्रयोग के बारे में बताते हुए डेमो देकर अभ्यास भी कराया गया। इसमें गैस सिलिंडर में आग की स्थिति में बचाव करना भी सिखाया गया। अग्निशामक यंत्र के संचालन हेतु उक्त प्रशिक्षण अग्निशमन कार्यालय के फायर कर्मचारियों-स्टेशन इंचार्ज जितेंद्र कुर्रे एवं साथियों द्वारा दिया गया।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
