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रायपुर /शौर्यपथ /मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज वाराणसी में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आयोजित मध्य क्षेत्रीय परिषद की 25वीं बैठक में भाग लिया। इस बैठक में उनके साथ उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड एवं मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री भी शामिल हुए।
रायपुर/शौर्यपथ /उत्तरप्रदेश के वाराणसी में आयोजित मध्य क्षेत्रीय परिषद की 25वीं बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह परिषद केन्द्र और राज्यों के बीच सहयोग और समन्वय का सशक्त मंच बन चुकी है, जिसके माध्यम से छत्तीसगढ़ सहित मध्य भारत के विभिन्न क्षेत्रों के विकास को नई दिशा मिली है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में मध्य क्षेत्रीय परिषद ने ठोस योगदान दिया है। छत्तीसगढ़ राज्य की अर्थव्यवस्था, आंतरिक सुरक्षा, सांस्कृतिक पर्यटन और बुनियादी ढांचे के विकास में परिषद की भूमिका निर्णायक रही है।
नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक बढ़त, बस्तर में विकास का नया युग
मुख्यमंत्री साय ने नक्सल समस्या पर बोलते हुए कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की दृढ़ इच्छाशक्ति और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय से छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के विरुद्ध बड़ी सफलता मिली है। बसवराजू और सुधाकर जैसे शीर्ष नक्सली नेताओं के न्यूट्रलाइज होने को उन्होंने नक्सलवाद की रीढ़ टूटने जैसा करार दिया। उन्होंने बताया कि बस्तर के विकास के लिए बोधघाट-महानदी इंद्रावती लिंक जैसी कई हजार करोड़ की परियोजनाओं पर भी हम काम कर रहे हैं। रावघाट-जगदलपुर रेललाइन परियोजना को मिली मंजूरी भी इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
विकास और सुशासन की दिशा में ठोस कार्य
मुख्यमंत्री ने परिषद को अवगत कराया कि पिछली बैठक में दिए गए सुझावों पर तेजी से अमल हुआ है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में 28 नई बैंक शाखाएं, डॉयल-112 सेवा का विस्तार, 82 हजार से अधिक बच्चों को कुपोषण से बाहर निकालना जैसी उपलब्धियाँ राज्य के विकास के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर पंडुम और बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजनों ने स्थानीय खेल और सांस्कृतिक प्रतिभाओं को मंच दिया है। आयुष्मान भारत योजना के तहत 87.2 प्रतिशत नागरिकों को कार्ड वितरित किए जा चुके हैं, और 1075 में से 1033 शासकीय अस्पताल इससे जोड़े जा चुके हैं।
ऊर्जा, निवेश और औद्योगिक विकास में राष्ट्रीय नेतृत्व की ओर छत्तीसगढ़
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नई औद्योगिक नीति लागू होने के बाद राज्य को अब तक 5.5 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें 3.5 लाख करोड़ पावर सेक्टर से हैं। छत्तीसगढ़ देश में विद्युत उत्पादन में दूसरे स्थान पर है और 2030 तक प्रथम स्थान का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में 23 घंटे 27 मिनट और शहरी क्षेत्रों में 23 घंटे 51 मिनट की औसत विद्युत आपूर्ति राज्य के ऊर्जा प्रबंधन की दक्षता को दर्शाता है। प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत 6 लाख घरों को सौर ऊर्जा से जोड़ने का कार्य प्रगति पर है।
सुगम सेवाएँ, सशक्त पंचायतें और नई श्वेत क्रांति
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में डेढ़ लाख से अधिक सोलर कृषि पंप किसानों को सिंचाई सुविधा प्रदान कर रहे हैं। एनडीडीबी के साथ हुए एमओयू से राज्य में दुग्ध उत्पादन में नया विस्तार होगा। अटल डिजिटल सुविधा केंद्र पंचायतों में डिजिटल सुशासन के सेतु बन रहे हैं और लोक सेवा गारंटी अधिनियम 2011 के प्रभावी क्रियान्वयन से सेवाओं की पारदर्शी और समयबद्ध डिलीवरी सुनिश्चित हुई है।
विकास और सुशासन में छत्तीसगढ़ बना मॉडल राज्य
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के अभियान में पूरी निष्ठा से सहभागी है। मध्य क्षेत्रीय परिषद के माध्यम से संवाद और समन्वय का यह मंच छत्तीसगढ़ को और भी आगे ले जाने में सहायक सिद्ध हो रहा है।
रायपुर /शौर्यपथ /देवों के अधिदेव भगवान शंकर की पावन नगरी काशी में स्थित ‘काशी के कोतवाल’ श्री काल भैरव जी महाराज के दिव्य मंदिर में आज मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पूजा अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और देश के कल्याण हेतु प्रार्थना की।
इस पावन अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने बाबा काल भैरव की विधिवत आराधना की और संपूर्ण राष्ट्र के लिए मंगलकामना की। उन्होंने कहा कि बाबा भैरवनाथ की कृपा समस्त देशवासियों पर निरंतर बनी रहे, यही मेरी प्रार्थना है। उन्होंने देश के नागरिकों के जीवन में सुरक्षा, समृद्धि और कल्याण के प्रकाश के निरंतर प्रवाह की कामना भी की।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विशेष रूप से छत्तीसगढ़ राज्य की शांति, विकास और जनकल्याण की दिशा में अग्रसर यात्रा के लिए बाबा काल भैरव जी से आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ईश्वर की कृपा से प्रदेश और देश में सुशासन और समृद्धि का मार्ग और अधिक सुदृढ़ होगा।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में जब मार्च, 2026 में देश नक्सलवाद से मुक्त होगा, वो क्षण आजादी के बाद के सबसे महत्वपूर्ण क्षणों में से एक होगा
नक्सल प्रभावित क्षेत्र का बच्चा जब हाथ में बंदूक की जगह पेंसिल पकड़ता है, तो न सिर्फ एक क्षेत्र बल्कि पूरे देश का भविष्य संवरता है
नक्सली हिंसा गरीबों और आदिवासियों के लिए बहुत बड़ी विभीषिका रही
जब नक्सलवाद से मुक्ति की विजय गाथा लिखी जाएगी, उसमें सुरक्षा बलों के परिश्रम, त्याग व बलिदान को स्वर्णिम अक्षरों से लिखा जायेगा
जिस क्षेत्र से नक्सलवाद ख़त्म हो रहा है, वहाँ हमारी सरकार अनाज, स्वास्थ्य सुविधा, शिक्षा, घर, और पीने का शुद्ध पानी पहुंचाकर लाल आतंक का समूल नाश कर रही है
रायपुर /शौर्यपथ / केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर में सुरक्षा बलों के जवानों के साथ संवाद किया। बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्य मंत्री विष्णु देव साय, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, केन्द्रीय गृह सचिव, आसूचना ब्यूरो के निदेशक, बीएसएफ के महानिदेशक सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि आज यहाँ उपस्थित केंद्रीय सुरक्षा बलों, कोबरा टीम, छत्तीसगढ़ पुलिस बल और डीआरजी के साहस, शौर्य, बलिदान और समर्पण को नमन करता हूँ। उन्होंने कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि सुरक्षा बल के जवान अपने शौर्य और परिश्रम से ही नक्सलियों के साथ मुठभेड़ को सफल बनाते हैं।
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि सुरक्षा बलों ने जिस शौर्य, धैर्य और समर्पण के साथ माओवादियों के बनाये अड्डों को तहस-नहस किया है, उसने विश्व के सभी सुरक्षा बलों को आश्चर्यचकित कर दिया है। उन्होंने कहा कि मुझे मालूम है कि सेना के जवान जो तय करते हैं, वो हासिल करते हैं। सुरक्षा बलों के इसी भरोसे से मैं देश में 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद के खात्मे का ऐलान करता हूं।
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि नक्सलवाद गरीब आदिवासी क्षेत्र के लिए बड़ी विभीषिका रही है, जिससे पिछले 35 साल में लगभग 40 हजार लोगों की मौत हुई है या फिर वो अपाहिज होकर जीवन व्यतीत कर रहे हैं ।नक्सलवादी हिंसा ने गरीब आदिवासी तक खाना, बिजली, शिक्षा, घर, शौचालय और पीने का शुद्ध पानी जैसे मूलभूत सुविधाओं को नहीं पहुंचने दिया और उद्योग को तो भूल ही जाइए। इतने लंबे वर्षों तक इतना बड़ा क्षेत्र गुलामी के कालखंड में जीने को मजबूर रहा। इसका मूल कारण नक्सलवाद है।
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि मुझे आज आनंद है कि आज जिस क्षेत्र से नक्सलवाद खत्म होता है, वहां हमारी सरकार अनाज, स्वास्थ्य सुविधा, शिक्षा, बिजली, घर, शौचालय और पीने का शुद्ध पानी पहुंचाकर लोगों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ रही है। उन्होंने कहा कि जब बच्चा हाथ में बंदूक की जगह पेंसिल पकड़कर क, ख, ग लिखता है, तो न सिर्फ एक क्षेत्र का बल्कि पूरे देश का भविष्य संवरता है। यह क्षण जल्द ही आने वाला है।
केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि मोदी जी के नेतृत्व में जब 31 मार्च, 2026 को देश नक्सलवाद से मुक्त होगा, वो क्षण आजादी के बाद का सबसे महत्वपूर्ण क्षणों में से एक होगा।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि जब नक्सलवाद के खात्मे का इतिहास लिखा जायेगा, उसमे सुरक्षा बलों के जवानों का त्याग, बलिदान और परिश्रम स्वर्णिम अक्षरों से अंकित होगा।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर में ‘लियोर ओयना’ - नक्सलियों द्वारा आदिवासियों के भीषण संहार और बस्तर को बचाने के प्रयासों पर लिखित पुस्तक का लोकार्पण भी किया। नक्सलियों ने जिन मासूम, निहत्थे लोगों को अपनी हिंसा का शिकार बनाया है, उनकी पीड़ा समझने में यह पुस्तक सहायक होनेवाली है। यह पुस्तक ह्यूमन राईट के नाम पर नक्सलियों से संवेदना दिखाने वालों के आँखों के आगे से पर्दा हटाने और उन्हें एक्सपोज करने में भी उपयोगी सिद्ध होगी।
11 बसों में अनियमितता पाए जाने पर
4900 रुपये शमन शुल्क वसूली की गई
बालोद/शौर्यपथ /जिला परिवहन कार्यालय द्वारा जिले में संचालित स्कूल बस, वाहनों की जाँच एवं वाहन चालकों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। जिसके अंतर्गत 11 बसों पर अनियमितता पाए जाने पर नियमानुसार 4900 रूपये शमन शुल्क वसूल की गई है। जिला परिवहन अधिकारी श्री प्रकाश कुमार रावटे ने बताया कि उक्त शिविर का आयोजन 22 जून 2025 को जिले के यातायात पुलिस एवं जिला चिकित्सा अधिकारी के द्वारा संयुक्त जाँच की कार्यवाही की गई। शिविर में स्कूल, महाविद्यालय प्रबंधन द्वारा 39 बसों का जाँच किया गया। जाँच के दौरान बसों के लिए निर्धारित मापदंड की जाँच के साथ-साथ वाहन का वैध परमिट, फिटनेस, वैध बीमा, प्रदुषण प्रमाण पत्र, टैक्स भुगतान, स्पीडगर्वनर, सीसीटीव्ही कैम्परा से लेस, जीपीएस एवं सुरक्षा मापदण्ड के अनुसार सभी स्कूल बसों, वाहनो में खिड़कियों में अनिवार्य रूप जाल, बकाया टैक्स इत्यादि की भी जाँच की गई। जिसके अंतर्गत 11 बसों पर अनियमितता जाए जाने पर नियमानुसार 4900 रूपये शमन शुल्क वसूल की गई है। उन्होंने बताया कि जिले के कुछ स्कूल, महाविद्यालय प्रबंधन द्वारा उक्त शिविर में स्कूल बसों को चेकिंग हेतु उपस्थित नही कराया गया है। ऐसे स्कूल बसों के संचालक को नोटिस जारी कर संबंधित वाहनों को जिला परिवहन कार्यालय बालोद द्वारा ब्लैक लिस्टेड की कार्रवाई की जा रही है। इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग के टीम द्वारा 34 वाहन चालक एवं परिचालक के स्वास्थ्य का परीक्षण किया गया है।
कार्यक्रम के सुचारू संचालन हेतु अधिकारियों को सौंपा गया दायित्व
बालोद/शौर्यपथ /छत्तीसगढ़ शासन संस्कृति विभाग के निर्देशानुसार भारत में आपातकाल लगाए जाने के पश्चात् 50 वर्ष पूर्ण होने पर आपातकाल के दौरान ’लोकतंत्र की हत्या’ के संबंध में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन 25 जून को बालोद नगर पालिका परिषद के टाउन हॉल में किया जाएगा। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार उक्त कार्यक्रम के सफल आयोजन हेतु जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों को विभिन्न जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अंतर्गत अपर कलेक्टर श्री अजय किशोर लकरा को संपूर्ण कार्यक्रम के सूचारू संचालन हेतु नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। इसी तरह अनुविभागीय अधिकारी राजस्व एवं तहसीलदार बालोद को मंच में बैठक व्यवस्था, मुख्य नगर पालिका अधिकारी बालोद को टाउन हाॅल बालोद में आवश्यक बैठक व्यवस्था, ध्वनि विस्तारक यंत्र, पेयजल एवं स्वअल्पाहार की व्यवस्था की जिम्मेदारी दी गई है। इसी तरह जिला जनसंपर्क अधिकारी एवं ई-जिला प्रबंधक को आपातकाल पर आधारित फोटोग्राफ, प्रदर्शनी एवं कार्यक्रम स्थल पर आपातकाल पर आधारित फिल्म दिखाए जाने आवश्यक व्यवस्था करने की जिम्मेदारी दी गई है। इसी तरह अनुविभागीय अधिकारी राजस्व एवं जनपद पंचायत बालोद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को मीसा बंदियो, परिजनों को कार्यक्रम स्थल पर ले जाने तथा पंचायत विभाग के उपसंचालक को बैंक ड्रॉप एवं फ्लेक्स लगाने की जिम्मेदारी दी गई है। जिला शिक्षा अधिकारी को कार्यक्रम स्थल पर संगोष्ठी, परिचर्चा हेतु आवश्यक व्यवस्था, वक्ता लोगों को आमंत्रित करना एवं जिले के समस्त स्कूल, काॅलेजों में आपातकाल पर आधारित चर्चा, परिचर्चा, संवाद, वाद-विवाद, निबंध लेखन इत्यादि की जिम्मेदारी दी गई है। इसी तरह अनुविभागीय अधिकारी राजस्व बालोद, जिला शिक्षा अधिकारी एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारी बालोद को शाम 06 बजे तिरंगा यात्रा एवं विशाल मशाल रैली टाउन हॉल से शहर के प्रमुख चैक चैराहा तक की व्यवस्था की जिम्मेदारी दी गई है।
रायपुर /शौर्यपथ / केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने नवा रायपुर में सुकमा में आईईडी विस्फोट में शहीद श्री आकाश राव गिरिपुंजे के परिजनों से सौजन्य भेंट की। उन्होंने शोकाकुल परिवार से मुलाकात कर गहरी संवेदना व्यक्त की और उन्हें सांत्वना प्रदान की।
केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने शहीद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आकाश राव गिरिपुंजे की वीरता और बलिदान की सराहना करते हुए कहा कि उनकी शहादत देश के लिए अविस्मरणीय है। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश हमेशा उनके बलिदान का ऋणी रहेगा और उनकी शहादत को कभी व्यर्थ नहीं जाने दिया जाएगा। श्री शाह ने शहीद के साहस को प्रेरणादायी बताते हुए उनके योगदान को राष्ट्र के लिए अमूल्य करार दिया।
इस अवसर पर श्री शाह ने शहीद के परिजनों को आश्वासन दिया कि सरकार उनके साथ हर कदम पर खड़ी है। उन्होंने कहा कि सरकार शहीदों के परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और राज्य के गृह मंत्री श्री विजय शर्मा भी उपस्थित थे।
नवा रायपुर में एनएफएसयू और सीएफएसएल की शुरुआत से छत्तीसगढ़ सहित पूरे मध्य भारत का क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम मजबूत होगा
फॉरेंसिक साइंस की मदद से आने वाले समय में भारत दोषसिद्धि की दर में विश्व के अग्रणी देशों में शामिल होगा
छत्तीसगढ़ में शुरू हुआ आईहब इनिशिएटिव प्रदेश के युवाओं में स्टार्टअप के प्रति रुचि और साहस विकसित करने में मील का पत्थर साबित होगा
आई-हब युवाओं को स्टार्टअप में टेक्नोलॉजी से लेकर मार्केटिंग और अनुबंध में मदद के साथ-साथ आर्थिक सहायता दिलाने में ब्रिज का काम करेगा
एनएफएसयू से ग्रेजुएशन का मतलब नौकरी की पक्की गारंटी, एनएफएसयू शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की प्रगति में सहयोग देगा
तीन नए कानून पूर्णत: लागू होने से भारत का क्रिमिनल जस्टिम सिस्टम दुनिया का सबसे आधुनिक, त्वरित और वैज्ञानिक बनने जा रहा है
देश के 26 बड़े स्थानों पर एनएफएसयू का विस्तार होने जा रहा है, जिससे आने वाले समय में हर साल 32 हजार से अधिक फॉरेंसिक एक्सपर्ट तैयार होंगे
मोदी जी के 2047 तक विकसित भारत के विजन में सिर्फ इन्फ्रास्ट्रक्चर, इंडस्ट्री, इनोवेशन और आर्थिक विकास ही नहीं बल्कि समय पर न्याय मिलना भी शामिल है
रायपुर /शौर्यपथ /केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज छत्तीसगढ़ के रायपुर में नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी और सेन्ट्रल फॉरेंसिक साइंस लैबोरेट्री के रायपुर परिसर का शिलान्यास एवं एनएफएसयू रायपुर के अस्थाई परिसर का ई-उद्घाटन किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, केन्द्रीय गृह सचिव और निदेशक, आसूचना ब्यूरो सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
अपने संबोधन में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि आज छत्तीसगढ़ के क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम के लिए बहुत महत्वपूर्ण दिन है क्योंकि इस सिस्टम को आधुनिक बनाने के लिए तीन नई शुरूआत हो रही हैं। उन्होंने कहा कि आज शुरू हुई तीनों पहल आने वाले दिनों में न सिर्फ छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे मध्य भारत के क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम को आधार देने का काम करेंगी।
अमित शाह ने कहा कि आज छत्तीसगढ़ आई हब का भी उद्घाटन हुआ है। छत्तीसगढ़ के युवाओं के एमएसएमई उद्योगपति बनने और खुद का स्टार्टअप विकसित करने से प्रदेश में अधिक निवेश के मौके बनेंगे और छत्तीसगढ़ औद्योगिक क्रांति की दिशा में तेज रफ्तार से आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि आई हब की शुरूआत के साथ छत्तीसगढ़ के युवाओं को बड़ा प्लेटफॉर्म मिलने जा रहा है। श्री शाह ने कहा कि आज यहां 145 करोड़ रूपए की लागत से एनएफएसयू का कैंपस और 123 करोड़ रूपए की लागत से सीएफएसएल बनने जा रहे हैं, जिनकी कुल लागत 268 करोड़ रूपए है। इस प्रकार से फॉरेंसिक साइंस के उच्चतम संस्थान अब नया रायपुर में आ जाएंगे। उन्होंने कहा कि एनएफएसयू से ग्रेजुएशन का मतलब है नौकरी की पक्की गारंटी और एनएफएसयू शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की प्रगति में सहयोग देगा।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि यह वर्ष पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी का शताब्दी वर्ष है और छत्तीसगढ़ के निर्माण का पूरा श्रेय श्रद्धेय अटलजी को जाता है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ बनने के बाद इसे संवारने का पूरा श्रेय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी को जाता है। शाह ने कहा कि छत्तीसगढ़ अपना 25वां स्थापना वर्ष मना रहा है और छत्तीसगढ़ सरकार ने इस वर्ष को अटल निर्माण वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय किया है। श्री शाह ने कहा कि आने वाले दिनों में सबसे आधुनिक और हरित राजधानियों में नया रायपुर भी शामिल होगा।
अमित शाह ने कहा कि छत्तीसगढ़ में तीन नए आपराधिक कानूनों पर पूर्ण अमल के लिए राज्य सरकार ने बहुत अच्छा काम किया है। उन्होंने कहा कि नए आपराधिक कानूनों के पूरी तरह लागू होने के बाद देश के किसी भी कोने में दर्ज FIR में तीन साल में फरियादी और पीड़ित को सुप्रीम कोर्ट तक न्याय मिल सकेगा। गृह मंत्री ने कहा कि तीन नए कानून पूरी तरह से लागू होने के बाद हमारा क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम दुनिया का सबसे आधुनिक सिस्टम बन जाएगा और हम एविडेंस बेस्ड क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम के युग में प्रवेश करेंगे। श्री शाह ने कहा कि मोदी सरकार ने तीन नए आपराधिक कानूनों से एक आधुनिक, त्वरित और वैज्ञानिक न्याय प्रणाली बनाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी का विज़न बहुत स्पष्ट है कि 2047 तक विकसित भारत का निर्माण सिर्फ इन्फ्रास्ट्रक्चर, इंडस्ट्री, इनोवेशन और आर्थिक विकास से जुड़ा नहीं है, बल्कि इसमें समय पर न्याय मिलना भी शामिल है।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि जहां वैज्ञानिक प्रमाण होता है वहीं सटीक परिणाम आता है और फ़ोरेंसिक साइंस लैबोरेटरी की मदद से आने वाले दिनों में भारत दोषसिद्धि की दर में विश्व के अग्रणी देशों में शामिल होगा। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार 160 साल पुराने औपनिवेशिक कानूनों को समाप्त कर जो नए आपराधिक कानून लाई है, उनमें सात साल की सज़ा से अधिक वाले सभी अपराधों में फॉरेंसिंक साइंस टीम की विज़िट अनिवार्य की गई है। यह बताता है कि फ़ॉरेंसिक साइंस के क्षेत्र में हमारे देश में कितनी अपार संभावनाएं मौजूद हैं।
अमित शाह ने कहा कि एनएफएसयू की स्थापना के बाद बहुत कम समय में ही 16 परिसर शुरू हो गए हैं, जिनमें 7 स्थापित और 9 स्वीकृत हैं, साथ ही 10 अतिरिक्त परिसर भी प्रस्तावित हैं। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार देश के 26 बड़े स्थानों पर एनएफएसयू का विस्तार करने जा रही है। इनके पूर्ण रूप से विकसित हो जाने के बाद आने वाले वर्षों में हमें हर साल 32 हज़ार फॉरेंसिक विशेषज्ञ प्राप्त होंगे। गृह मंत्री ने कहा कि एक सर्वे के अनुसार दुनिया का फॉरेंसिक तकनीक का बाज़ार 20 बिलियन डॉलर का है जो 13 प्रतिशत कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट के साथ 2036 तक 55 बिलियन डॉलर का हो जाएगा और इसमें भारत का हिस्सा 9 प्रतिशत रहने की संभावना की गई है।
रायपुर/शौर्यपथ /मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज अपने निवास कार्यालय में भारत के प्रथम उद्योग मंत्री, महान शिक्षाविद्, और भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि पर उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने राष्ट्र निर्माण में डॉ. मुखर्जी के अतुलनीय योगदान को स्मरण करते हुए उन्हें नमन किया।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने देश की एकता, सामाजिक न्याय और आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को साकार करने के लिए अपने जीवन का प्रत्येक क्षण समर्पित किया। वे न केवल कुशल संगठक थे, बल्कि दूरदर्शी राष्ट्रनायक भी थे, जिन्होंने भारतीय राजनीति को राष्ट्रीयता और सांस्कृतिक अस्मिता के सुदृढ़ सूत्र में पिरोया।
साय ने कहा कि भारतीय जनसंघ की स्थापना के माध्यम से डॉ. मुखर्जी ने एक ऐसी विचारधारा को जन्म दिया, जिसने देश को राष्ट्रीय हित में सोचने और कार्य करने की नई दृष्टि प्रदान की। उनके विचार आज भी हमारी लोकतांत्रिक चेतना को दिशा देते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन हमें सिखाता है कि राष्ट्रसेवा आजीवन साधना और तपस्या है। उनका समर्पण और उच्च आदर्श आज भी हम सभी के लिए प्रेरणा का प्रकाशस्तंभ हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सभी उनके दिखाए मार्ग पर चलकर समृद्ध, सशक्त और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए दृढ़संकल्पित हैं।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
