August 17, 2026
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    रायपुर

    रायपुर (6090)

    रायपुर /शौर्यपथ /
    1    मंत्रिपरिषद ने अनुसूचित जनजाति और अनुसूचित जाति सूची में तकनीकी कारणों से शामिल होने से वंचित जातियों को प्राप्त होने वाली कतिपय सुविधाएं के संबंध में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए डिहारी कोरवा, बघेल क्षत्री, संसारी उरांव तथा पबिया, पविया, पवीया समाज के विद्यार्थियों को अनुसूचित जनजाति के समतुल्य एवं डोमरा जाति के विद्यार्थियों को अनुसूचित जाति के समतुल्य राज्य मद से मात्र राज्य छात्रवृत्ति तथा शिष्यवृत्ति प्रदान किये जाने एवं छात्रावास-आश्रमों में स्वीकृत सीट के अधीन प्रवेश दिए जाने की सुविधा प्रदान करने की सहमति दी है।
    2    मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ में अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा देने और बिजली उपभोक्ताओं को आर्थिक लाभ पहुँचाने के लिए प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना अंतर्गत घर की छतों में सोलर रूफटॉप संयंत्र की स्थापना में राज्य शासन द्वारा उपभोक्ताओं को वित्तीय सहायता दिए जाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।
        छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के माध्यम से पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत घरेलू उपभोक्ताओं के घरों पर सोलर रूफटॉप संयंत्र लगाने पर केंद्रीय वित्तीय सहायता के साथ-साथ राज्य की ओर से अतिरिक्त वित्तीय सहायता भी दी जाएगी, जो सोलर प्लांट की क्षमता (1 किलोवाट, 2 किलोवाट, 3 किलोवाट और उससे अधिक) के आधार पर अलग-अलग होगी। उदाहरण के लिए, 1 किलोवाट प्लांट के लिए कुल 45,000 रूपए, (30,000 रूपए केंद्रीय और 15,000 रूपए राज्य सहायता) जबकि 3 किलोवाट या उससे अधिक के प्लांट के लिए 1,08,000 रूपए (78,000 रूपए केंद्रीय और 30,000 रूपए राज्य सहायता) की मदद मिलेगी। हाउसिंग सोसाइटी/रेसिडेंशियल वेलफेयर एसोसिएशन के लिए भी इसी तरह की सहायता प्रस्तावित की गई है। यह अनुदान राशि CSPDCL को अग्रिम रूप से मिलेगी और वही इसे लाभार्थियों को देगी। वर्ष 2025-26 में 60,000 और 2026-27 में 70,000 सोलर पावर प्लांट की स्थापना का लक्ष्य रखा गया है। इससे वित्तीय वर्ष 2025-26 में 180 करोड़ एवं 2026-27 में 210 करोड़ रूपए का वित्तीय भार आएगा।
        CSPDCL इस योजना की कार्यान्वयन एजेंसी होगी और नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय , भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार इसे लागू करेगी। कंपनी इस योजना के संचालन के लिए एक अलग बैंक खाता खोलेगी, जिसमें सब्सिडी की राशि रखी जाएगी और उसका हिसाब-किताब किया जाएगा। राज्य वित्तीय सहायता उन घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता से दी जाएगी जिनके सोलर प्लांट का ग्रिड सिंक्रोनाइजेशन 1 अप्रैल 2025 या उसके बाद हुआ है।
    3    मंत्रिपरिषद ने राज्य में वन्यजीव, खासकर बाघों के संरक्षण और ईको-पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण पहल करते हुए ‘‘छत्तीसगढ़ टाइगर फाउंडेशन सोसायटी‘‘ का गठन करने का निर्णय लिया है। यह सोसायटी वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत काम करेगी। मध्य प्रदेश में यह 1996 से संचालित है। इसका मुख्य लक्ष्य छत्तीसगढ़ में लगातार घट रही बाघों की आबादी (फिलहाल लगभग 18-20) को बचाना है। यह संस्था स्व-वित्तपोषित होगी, जिससे सरकारी खजाने पर कोई अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा। यह सहयोग देने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं से फंड जुटाएगी।
        यह सोसायटी बाघों और अन्य वन्यजीवों के संरक्षण से जुड़ी गतिविधियों में सीधे शामिल होगी। यह स्थानीय समुदाय की भागीदारी से ईको-टूरिज्म को बढ़ावा देगी, जिससे न केवल पर्यटन बढ़ेगा, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोज़गार और आय के अवसर भी पैदा होंगे। साथ ही, यह पर्यावरणीय शिक्षा, अनुसंधान और प्रशिक्षण को प्रोत्साहित करेगी, जिससे भविष्य के संरक्षणवादी तैयार होंगे। इस पहल से संरक्षण के लिए बाहरी धन, विशेषज्ञता और संसाधन मिलेंगे, जिससे स्थानीय समुदायों को रोज़गार के नए अवसर मिलेंगे और राज्य का पर्यावरणीय संतुलन बना रहेगा।
        यह छत्तीसगढ़ में वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित होगी, जो जैव विविधता की रक्षा के साथ-साथ ईको-टूरिज्म को भी मजबूत आधार देगी।
    4    मंत्रिपरिषद द्वारा अशासकीय अनुदान प्राप्त शिक्षण संस्था ‘‘रामकृष्ण मिशन आश्रम नारायणपुर की सहयोगी संस्था ‘‘विवेकानंद इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल हेल्थ वेलफेयर एवं सेवायें, छत्तीसगढ़ (विश्वास)‘‘ को रामकृष्ण मिशन आश्रम नारायणपुर में अंतर्भूत (मर्ज) करने का अनुमोदन किया गया।
    5    उद्यानिकी महाविद्यालय (उद्यानिकी विश्वविद्यालय) की स्थापना के लिए बेमेतरा जिले के साजा तहसील अंतर्गत बेलगांव में राजगामी संपदा की 94.290 हेक्टेयर भूमि में से 100 एकड़ भूमि उद्यानिकी विभाग को निःशुल्क प्रदान करने का निर्णय लिया गया।
    6    जशपुर जिले में महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा हर्बल व महुआ चाय जैसे पारंपरिक उत्पाद ‘JashPure’ ब्रांड के तहत तैयार किए जा रहे हैं। इन उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने और विपणन को बढ़ावा देने हेतु इस ब्रांड को राज्य शासन अथवा CSIDC को हस्तांतरित करने के प्रस्ताव का मंत्री परिषद ने अनुमोदन किया है।
        ब्रांड हस्तांतरण से एग्रो व फूड प्रोसेसिंग इकाइयों को बढ़ावा मिलेगा, स्थानीय कच्चे माल की मांग बढ़ेगी और आदिवासी महिलाओं को  रोजगार के अधिक अवसर मिलेंगे। ट्रेडमार्क हस्तांतरण से राज्य पर कोई अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं पड़ेगा।
    7    मंत्रिपरिषद द्वारा शहीद पुलिसकर्मियों के सर्वाेच्च बलिदान को ध्यान में रखते हुए अनुकम्पा नियुक्ति हेतु जारी एकजाई पुनरीक्षित निर्देश-2013 की कंडिका 13 (3) में संशोधन करते हुए निर्णय लिया है कि - नक्सली हिंसा में शहीद पुलिस सेवकों के प्रकरण में उनके परिवार के किसी भी पात्र सदस्य (महिला या पुरूष) को विकल्प के आधार पर पुलिस विभाग के अलावा, किसी अन्य विभाग में, राज्य के किसी भी जिला, संभाग में अनुकम्पा नियुक्ति दी जा सकेगी। पहले अनुकम्पा नियुक्ति यथासंभव उसी विभाग या कार्यालय में देने की व्यवस्था थी, जिसमें दिवंगत शासकीय सेवक निधन के पूर्व कार्यरत था।
    8    मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य में गौण खनिजों के सुव्यवस्थित अन्वेषण, पूर्वेक्षण एवं अधोसंरचना के विकास के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए ‘‘स्टेट मिनरल एक्सप्लोरेशन ट्रस्ट‘‘ (एसएमईटी) के गठन की अधिसूचना के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।
        गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में स्टेट मिनिरल एक्सप्लोरेशन ट्रस्ट के तहत समस्त गौण खनिजों से प्राप्त होने वाली रायल्टी 2 प्रतिशत राशि अतिरिक्त रूप से एसएमईटी फंड में जमा की जाएगी। जिसका उपयोग गौण खनिजों के अन्वेषण, अधोसंरचना विकास में उच्च तकनीकों का उपयोग, इन्फॉर्मेशन सिस्टिम, लॉजिस्टिक सपोर्ट, मानव संसाधनों के उन्नयन आदि में किया जा सकेगा। भारत सरकार के नेशनल मिनिरल एक्सप्लोरेशन ट्रस्ट की तर्ज पर राज्य में स्टेट मिनिरल एक्सप्लोरेशन ट्रस्ट का गठन किया जाएगा।

    रायपुर/शौर्यपथ /छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा दिव्यांगजनों के लिए आत्मनिर्भरता की दिशा में एक और महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। विशेष रोजगार कार्यालय, रायपुर द्वारा 18 जून  को प्रातः 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक विशेष प्लेसमेंट कैम्प का आयोजन किया जा रहा है। यह कैम्प विशेष रोजगार कार्यालय, पुराना पुलिस मुख्यालय परिसर, सिविल लाइंस, रायपुर में आयोजित होगा।
     विशेष रोजगार कार्यालय रायपुर की उपसंचालक डॉ. शशी अतुलकर ने बताया कि इस प्लेसमेंट कैम्प में अलर्ट एस.जी.एस प्राइवेट लिमिटेड रायपुर द्वारा दिव्यांगजनों को घर बैठे एजेंट के रूप में कार्य करने के लिए रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएंगे। यह कार्य पूरी तरह से कमीशन आधारित होगा, जिसमें कार्य की मात्रा के अनुसार पारिश्रमिक दिया जाएगा।
    योग्यता और आवश्यक दस्तावेज
    इस कैम्प में छत्तीसगढ़ राज्य के सभी इच्छुक 12वीं उत्तीर्ण दिव्यांग अभ्यर्थी भाग ले सकते हैं। उन्हें अपने साथ 12वीं की अंकसूची, दिव्यांगता प्रमाण-पत्र, स्थानीय निवासी प्रमाण-पत्र, रोजगार कार्यालय पंजीयन प्रमाण-पत्र, आधार कार्ड दस्तावेजों की फोटोकॉपी एवं दो पासपोर्ट साइज फोटो लाना अनिवार्य होगा।
    कैम्प में आने-जाने, भोजन और ठहरने की व्यवस्था अभ्यर्थियों को स्वयं करनी होगी। किसी प्रकार का मार्ग व्यय देय नहीं होगा। अधिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी कार्यालयीन समय में विशेष रोजगार कार्यालय रायपुर से दूरभाष क्रमांक +91-0771-4044081 पर संपर्क कर सकते हैं।

    रायपुर/शौर्यपथ /राज्यपाल रमेन डेका से आज यहां राजभवन में छत्तीसगढ़ खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के सचिव श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले ने सौजन्य भेंट की। उन्होंने विभागीय कार्यों एवं जनप्रतिनिधियों की अद्यतन स्थिति से राज्यपाल को अवगत कराया।

    सेन समाज के सम्मान समारोह में शामिल हुए राज्यपाल
    रायपुर/शौर्यपथ /समाज के प्रतिभाओ के सम्मानित करना उनके भीतर सकारात्मक प्रेरणा जगाने का उत्कृष्ट प्रयास सेन समाज कर रहा है। जब हम किसी व्यक्ति की मेहनत और उपलब्धियों को सार्वजनिक रूप से सम्मानित करते हैं तो हम सिर्फ उसका मनोबल नही बढ़ाते, बल्कि समाज के अन्य लोगों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज सेन समाज द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में यह विचार व्यक्त किए।
    सेन समाज के महिला विंग द्वारा आयोजित उक्त कार्यक्रम में राज्यपाल द्वारा समाज के सभी जिलों के महिला अध्यक्षों, प्रतिभावान विद्यार्थियों, खिलाड़ियों एवं विशिष्ट उपलब्धि प्राप्त करने वालों को सम्मानित किया गया।
    इस अवसर पर राज्यपाल श्री डेका मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि सेन समाज का इतिहास गौरवशाली और प्रेरणादायक है। यह समाज न केवल पारंपरिक बाल केश कला में निपुण रहा है बल्कि समय के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यवसाय के अनेक क्षेत्रों में भी अपनी पहचान बना रहा है। यह प्रतिभा सम्मान समारोह समाज की उन्नति और समाज के लोगों की मेहनत का प्रतीक है। राज्यपाल ने सेन समाज की महिलाओं को बधाई देते हुए कहा कि इस कार्यक्रम का नेतृत्व करते हुए महिलाओं ने यह सिद्ध किया है कि सशक्त नारी ही सशक्त समाज की नींव है। महिला विंग ने इस आयोजन के माध्यम से संगठन को मजबूत किया है और आने वाली पीढ़ियों को दिशा देेने का कार्य कर रही है। आज की महिलाएं घर की जिम्मेदारियों के साथ-साथ सामाजिक दायित्वों को भी अच्छी तरह निभा रही हैं। यह परिवर्तन समाज को नई ऊर्जा दे रहा है।
    श्री डेका ने कहा कि हमे यह भी याद रखना जरूरी है कि सम्मान केवल पद, डिग्री या पैसे से नहीं मिलता बल्कि हमारे आचरण, सेवा एवं समर्पण से प्राप्त होता है। उन्होंने समाज के हर उस व्यक्ति को नमन किया जो निस्वार्थ भाव से अपने आस-पास के लोगांे के जीवन को बेहतर बनाने का प्रयास कर रहे हैं।
    श्री डेका ने भारत रत्न स्वर्गीय कर्पूरी ठाकुर का जिक्र किया जो बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री एवं एक जन नायक थे। श्री डेका ने कहा कि छत्तीसगढ़ जैसे राज्य में, जहां जनजातीय, ग्रामीण और शहरी सभी प्रकार की सामाजिक संरचनाएं एक साथ जुड़ी हुई है वहां सामाजिक संगठनों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्होंने आशा व्यक्त किया कि सेन समाज आने वाले वर्षों में प्रदेश के पिछड़े क्षेत्रों में शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा की पहुंच बढ़ाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान देगा। उन्हांेेने समाज के युवाओं को आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण, उद्यमिता और डिजिटल शिक्षा की ओर प्रेरित करने की आवश्यकता बताई जिससे वे आत्म निर्भर बन सके, साथ ही अपनी सांस्कृतिक पहचान और परंपरा को भी बनाए रख सके।
    कार्यक्रम में स्वागत उद्बोधन प्रदेशाध्यक्ष, छत्तीसगढ़ सर्व सेन समाज (महिला विंग), एवं छत्तीसगढ़ राज्य केश शिल्प कल्याण बोर्ड की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन ने दिया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ सर्व सेन समाज के पदाधिकारी सहित सेन समाज के सदस्य उपस्थित थे।

    मुख्यमंत्री ने परिवहन सुरक्षा बेड़े में शामिल 48 वाहनों को झंडी दिखाकर किया रवाना
    मुख्यमंत्री ने परिवहन विभाग के कर्मियों को सौंपी वाहनों की चाबी
    रायपुर/शौर्यपथ/ मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा है कि हमारी सरकार सड़क परिवहन और यातायात को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए सर्वाेच्च प्राथमिकता दे रही है। परिवहन और यातायात सुरक्षा में लगे उड़नदस्ता दल को 48 नवीन वाहनों की तैनाती से दुर्घटनाओं में निश्चित रूप से कमी आएगी, यातायात सुग़म होगा और लोगों में ट्रैफिक नियमों के पालन को लेकर जागरूकता बढ़ेगी। श्री साय आज अपने निवास कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने इस मौके पर परिवहन विभाग के निरीक्षकों को इन वाहनों की चाबी सौंपी।
    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रदेश सरकार सड़क यातायात को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। नवीन शासकीय वाहनों की मदद से परिवहन उड़नदस्ता दल नियमों का उल्लंघन करने वालों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करेगी। उड़नदस्ता दल की कार्यक्षमता में वृद्धि, सड़क दुर्घटनाओं में कमी, सुरक्षा मानकों का बेहतर क्रियान्वयन और यातायात व्यवस्था में सुधार व अनुशासन बनाए रखने में यह पहल मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि इससे दूरदराज के क्षेत्रों में भी परिवहन दस्ते की निगरानी और पहुंच सुनिश्चित होगी।
    ट्रैफिक नियमों का पालन करने की अपील
    मुख्यमंत्री साय ने हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग करने और ट्रैफिक नियमों का पालन कर दूसरों के जीवन की रक्षा करने की बात कही। उन्होंने कहा कि जनभागीदारी से ही हम एक सुरक्षित, संयमित और संवेदनशील सड़क परिवेश का निर्माण कर सकते हैं। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने लोगों से नशे की हालत में वाहन नहीं चलाने की अपील भी की।
    इस अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा, नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव, सचिव सह परिवहन आयुक्त श्री एस. प्रकाश, अपर परिवहन आयुक्त श्री डी. रविशंकर सहित परिवहन विभाग के अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे।

    कलेक्टर ने सुपोषण प्रचार रथ को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना
    मोहला /शौर्यपथ / आदिवासी समुदायों के समग्र विकास और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ दिलाने के उद्देश्य से धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान अंतर्गत जिले में 16 जून से 30 जून तक ग्राम स्तर पर विशेष जागरूकता एवं लाभ संतृप्ति शिविरों का आयोजन किया जा रहा है।
    इसी क्रम में आज कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने कलेक्ट्रेट परिसर से महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित पोषण अभियान 2.0 सुपोषण प्रचार रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह प्रचार रथ जिले के चिन्हांकित 35 जनजातीय ग्रामों में जाकर आमजन को पोषण, स्वास्थ्य एवं शासन की विभिन्न योजनाओं के प्रति जागरूक करेगा।
    इन शिविरों का उद्देश्य विशेष रूप से जनजातीय समुदायों तक सरकारी योजनाओं और सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित कर उन्हें सशक्त बनाना है।
    प्रत्येक चयनित ग्राम में ग्राम स्तरीय शिविरों के माध्यम से विभिन्न सुविधाएं और प्रमाण पत्र सांकेतिक रूप से उपलब्ध कराए जाएंगे। जिसमें पहचान व सामाजिक सुरक्षा के लिए हितग्राहियों का आधार कार्ड, राशन कार्ड, आयुष्मान भारत कार्ड, जाति व निवास प्रमाण पत्र बनाया जाएगा। कृषि व वित्तीय सहायता के लिए किसान क्रेडिट कार्ड, मुद्रा ऋण, पीएम-किसान पंजीयन व जन धन खाता खोला जाएगा, बीमा योजनाओं से लाभान्वित करने के लिए प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना एवं प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा किया जाएगा और वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, दिव्यांग पेंशन के लिए पात्र हितग्राहियों का चयन कर लाभान्वित किया जाएगा। आंगनबाड़ी लाभ, टीकाकरण की सुविधा दी जाएगी इसी प्रकार रोजगार व आजीविका से जोड़ने के लिए मनरेगा, पीएम-विश्वकर्मा योजना में पंजीकृत किया जाएगा व गर्भवती महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण के लिए प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना का लाभ व टीकाकरण की सुविधा दी जाएगी। इन शिविरों में स्वास्थ्य कार्यकर्ता, मितानिन, पटवारी, मनरेगा अधिकारी, कृषि विभाग के कर्मचारी, छात्रावास अधीक्षक, महिला व बाल विकास विभाग के पर्यवेक्षक, पेंशन विभाग प्रतिनिधि, ग्राम सचिव, आधार ऑपरेटर आदि मौजूद रहेंगे। इस दौरान आदिवासी विकास विभाग सहायक आयुक्त श्री प्रकाश लहरे, महिला बाल विकास अधिकारी श्री चंद्र शेखर मिश्रा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित थे।

    जल जीवन मिशन ने दिया आत्मनिर्भरता का अमृत
    रायपुर /शौर्यपथ /मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशानुरूप केंद्र एवं राज्य सरकार की सभी योजनाओं का उचित क्रियान्वयन कर आमजनों को समय पर लाभ पहुंचाया जा रहा है। अंतिम पंक्ति पर खड़े व्यक्ति को लाभ पहुंचाकर जनकल्याण सुनिश्चित किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ के आदिवासी बहुल जिले मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी- भरतपुर के विकासखंड मनेंद्रगढ़ स्थित ग्राम  पंचायत पाराडोल की एक साधारण गृहिणी श्याम बाई की कहानी अब बदलाव, आत्मनिर्भरता और सामाजिक जागरूकता की मिसाल बन चुकी है। कभी पानी के लिए लंबी दूरी तय करने वाली श्याम बाई आज पूरे गांव में प्रेरणा का प्रतीक बन गई हैं।
    श्याम बाई को पानी के लिए रोज़ाना “एक किलोमीटर का संघर्ष करना पड़ता था“
    वर्षों से जल संकट की मार झेलते हुए श्याम बाई न केवल अपने परिवार का पालन-पोषण कर रही थीं, बल्कि सुबह-सवेरे एक किलोमीटर दूर से पानी ढोना उनकी दिनचर्या बन गई थी। गर्मियों में कुएं सूख जाते थे, सार्वजनिक नल काफी दूर होते थे और हर दिन का अधिकांश समय केवल पानी लाने में ही चला जाता था। जिसके चलते उनकी सेहत पर विपरीत असर पड़ता था और अपने बच्चों को भी ज्यादा समय नहीं दे पाती थी।
    जब उम्मीदों को मिला सहारा, गांव आया जल जीवन मिशन
    श्याम बाई का जीवन तब बदला जब केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना “जल जीवन मिशन” का प्रभावशाली क्रियान्वयन छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किया गया। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की मेहनत, ग्राम पंचायत की सक्रिय भूमिका और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के सहयोग से ग्राम पाराडोल में घर-घर नल कनेक्शन पहुंचाए गए। अब हर घर में स्वच्छ, सुरक्षित और पर्याप्त मात्रा में पीने का पानी मिल रहा है।
    पानी से बढ़ा श्याम बाई का आत्मविश्वास, बना आजीविका का साधन
    इस बदलाव ने न केवल श्याम बाई को राहत दी, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भरता की ओर भी अग्रसर किया। पानी की चिंता मिटते ही श्याम बाई ने अपने खाली समय का सदुपयोग करते हुए गांव की महिलाओं के साथ मिलकर एक स्व-सहायता समूह बनाया, जिसमें वे अचार, पापड़ और अन्य घरेलू उत्पाद बनाकर स्थानीय हाट-बाजार में बेच रही हैं। इससे उनकी आय बढ़ी है, आत्मविश्वास बढ़ा है और वे अब अपने परिवार की आय में भागीदार बन गई हैं।
    गांव में जल जीवन मिशन लागू होने के बाद वहां की पूरी तस्वीर बदल गई है। अब बच्चों को स्कूल जाते वक्त साफ पानी मिलता है, जल जनित बीमारियां घट गई हैं और महिलाओं का समय बच रहा है। महिलाएं अब सिर्फ घर तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों में भी सशक्त भूमिका निभा रही हैं। घरेलु आवश्यकताओं को पूरा करने में अपना सहयोग देने से उनका समाज एवं परिवार में मान-सम्मान भी बढ़ा है।
    प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को दिल से धन्यवाद
    श्याम बाई ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को इस योजना के लिए धन्यवाद देते हुए कहा, यह केवल पानी नहीं है, यह सम्मान, आत्मविश्वास और अवसरों की सौगात है। पहले हम पानी के लिए दूर जाते थे, अब पानी हमारे घर आता है और हम गरिमा के साथ जीते हैं।
    शक्ति की प्रतीक बनीं श्याम बाई हर महिला के लिए एक संदेश
    श्याम बाई की यह प्रेरक कहानी इस बात का प्रमाण है कि जब सरकारी योजनाएं जमीनी स्तर तक ईमानदारी से पहुंचती हैं, तो वे न केवल जीवनशैली बदलती हैं बल्कि समाज की तस्वीर भी संवारती हैं। जल जीवन मिशन महज एक योजना नहीं, बल्कि यह करोड़ों परिवारों के जीवन में खुशहाली और स्वाभिमान की एक नई सुबह है। श्याम बाई आज केवल एक नाम नहीं, बल्कि वे उन करोड़ों महिलाओं की आवाज़ बन चुकी हैं, जो वर्षों से जल संकट का सामना कर रही थीं। उनकी कहानी बताती है कि जब सरकार, समाज और तकनीक एक दिशा में काम करते हैं, तो कोई भी सपना अधूरा नहीं रह जाता।

    रायपुर/शौर्यपथ /राज्य में लगातार बढ़ते तापमान और उमस के प्रकोप को देखते हुए छत्तीसगढ़ शासन ने विद्यार्थियों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव की आशंका को मद्देनज़र बड़ा निर्णय लिया है। शासकीय, अनुदान प्राप्त, गैर अनुदान प्राप्त एवं अशासकीय सभी शालाएं जो 16 जून 2025 से प्रारंभ हो चुकी हैं, अब 17 जून से 21 जून 2025 तक प्रातः 7: 00 बजे से 11: 00 बजे तक संचालित की जाएंगी। यह भी शासन ने स्पष्ट किया है कि दिनांक 23 जून 2025 से सभी स्कूलों का संचालन सामान्य समयानुसार किया जाएगा।

    रायपुर/शौर्यपथ /राज्यपाल रमेन डेका से आज यहां राजभवन में छत्तीसगढ़ अग्रवाल संगठन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अशोक अग्रवाल एवं अन्य पदाधिकारियों ने भेंट कर अपनी मांग के संबंध में अनुरोध पत्र सौंपा।
    इस अवसर पर श्री सियाराम अग्रवाल, श्री महेंद्र सक्सेरिया, श्री जयदेव सिंद्यल, श्री संजय अग्रवाल, श्री श्लोक अग्रवाल एवं श्री नंद किशोर उपस्थित थे।

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