August 21, 2026
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    रायपुर

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    रायपुर /शौर्यपथ/

    आदिवासी नर्तक दलों की प्रस्तुति से मंत्रमुग्ध हुए श्री भूपेश बघेल और श्री हेमन्त सोरेन

    साइंस कॉलेज मैदान में प्रदर्शनी के उद्घाटन के बाद मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल और झारखंड के मुख्यमंत्री  हेमन्त सोरेन ने मुख्य मंच की दर्शक दीर्घा में बैठ कर नर्तक दलों की मनमोहक प्रस्तुति का अवलोकन किया। उनकी आकर्षक प्रस्तुति से दोनों मुख्यमंत्री सहित दर्शक मंत्रमुग्ध हो उठे। इस दौरान नाइजीरिया, फिलिस्तीन, झारखंड और छत्तीसगढ़ के नर्तक दलों ने प्रस्तुति दी। छत्तीसगढ़ के माड़िया जनजाति के दल ने गौर सिंग नृत्य पर प्रस्तुत किया। दोनों मुख्यमंत्री ने नर्तक दलों की कला की सराहना की।

    झारखंड के मुख्यमंत्री  हेमन्त सोरेन और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल जब राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव में विभिन्न नर्तक दलों की प्रस्तुतियां देख रहे थे, तब फिलिस्तीन के काउंसलर डॉ. अबू जजेरा और नर्तक दल के कलाकारों ने अपने देश के पाराम्परिक गमछे से उनका अभिनन्दन किया और इस आयोजन में उनके देश के दल को दिए गए आमंत्रण के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।

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    राजधानी रायपुर के साईंस कॉलेज मैदान पर चल रहे राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव के दौरान दो आदवासी बाहुल्य राज्यों छत्तीसगढ़ और झारखण्ड के मुख्यमंत्रियों ने भी पारंपरिक वाद्य ठोड़का और तुरही बजाकर जुगलबंदी की-1

    राजधानी रायपुर के साईंस कॉलेज मैदान पर चल रहे राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव के दौरान दो आदवासी बाहुल्य राज्यों छत्तीसगढ़ और झारखण्ड के मुख्यमंत्रियों ने भी पारंपरिक वाद्य ठोड़का और तुरही बजाकर जुगलबंदी की

      राजधानी रायपुर के साईंस कॉलेज मैदान पर चल रहे राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव के दौरान दो आदवासी बाहुल्य राज्यों छत्तीसगढ़ और झारखण्ड के मुख्यमंत्रियों ने भी पारंपरिक वाद्य ठोड़का और तुरही बजाकर जुगलबंदी की। झारखण्ड के मुख्यमंत्री  हेमंत सोरेन ने जब ठोड़का बजाना शुरू किया तो छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने तुरही बजाकर उनका साथ दिया। यह दिलचस्प नजारा जनसंपर्क विभाग द्वारा लगाए गए स्टॉल पर नजर आया। इस स्टॉल में जनजातीय समुदायों में प्रचलित पारंपरिक वाद्य यंत्रों को प्रदर्शित किया गया है।

    राजधानी रायपुर में आयोजित राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव-राज्योत्सव 2021 के मुख्य अतिथि झारखंड के मुख्यमंत्री  हेमंत सोरेन ने प्रदेश के मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल के साथ आयोजन स्थल में छत्तीसगढ़ शासन के विभिन्न विभागों द्वारा लगायी गई विकास प्रदर्शनी का शुभारंभ कर उसका अवलोकन किया। मुख्यमंत्री द्वय ने जल संसाधन विभाग, लोक निर्माण विभाग, कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग, आजीविका गुड़ी (आरआईपीए) के स्टालों का निरीक्षण कर उनके कार्य प्रणाली से अवगत हुए।

    आजीविका गुड़ी (आरआईपीए) में लघु वनोपज प्रसंस्करण इकाइयों के निरीक्षण के दौरान उन्होंने मिनी ऑयल मिल, मिनी दाल मिल और मुर्रा, चना, लाई, पॉपकार्न फोड़ने जैसे अन्य लघु इकाइयों की कार्य प्रणाली का अवलोकन किया। इस दौरान  सोरेन ने छत्तीसगढ़ी मुर्रा का स्वाद भी चखा।

    मुख्यमंत्री  बघेल ने मुख्य अतिथि  सोरेन को कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा सुराजी गांव योजना के तहत निर्मित गौठान का मॉडल दिखाकर वहाँ संचालित होने वाली आजीविका सम्बंधित गतिविधियों से अवगत कराया। इसके साथ ही इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने विश्वविद्यालय में उत्पादित किये जा रहे रागी आटा, कोदो, चावल, हर्बल गुलाल एवं चावल की विभिन्न प्रजातियों के बारे में बताया।

     

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    राज्य साक्षरता मिशन के संचालक  राजेश सिंह राणा ने कहा है कि असाक्षरों के लिए तैयारी की जाने वाली प्रवेशिका में उनकी जरूरतों का ध्यान रखा जाए। इसमें वित्तीय संबंधी प्रक्रिया और लेनदेन की विस्तृत जानकारी के साथ ही राज्य के क्षेत्रीय भाषाओं के फैक्टर को भी जोड़ा जाए। इसके अलावा प्रवेशिका में जल संग्रहण, खेती बाड़ी एवं बाजार से संबंधित गतिविधियां और व्यवसायिक शिक्षा को असाक्षरों की रूची और आवश्यकता के अनुसार शामिल किया जाए। राणा आज एससीईआरटी में आयोजित राज्य स्तरीय प्रवेशिका निर्माण कार्यशाला में उपस्थित प्रवेशिका निर्माण करने वाले शिक्षाविदो को सम्बोधित कर रहे थे।

    प्रवेशिका का निर्माण राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत किया जाएगा। प्रवेशिका शिक्षा के क्षेत्र में विशेष दक्षता रखने वाले राज्य भर के शिक्षाविदों की टीम द्वारा तैयार की जाएगी। राज्य स्तरीय प्रवेशिका निर्माण की कार्यशाला का यह तृतीय चरण है। इसके पहले एवं दूसरे चरण में किये गए कार्य पर विश्लेषण कर मूर्त रूप दिया जा रहा है।

    गौरतलब है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में पहली बार प्रौढ़ों की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए प्रौढ़ शिक्षा शामिल किया गया है। जिसको पूर्ण करने न्यू इंडिया लिटरेसी प्रोग्राम के तहत संचालित किया जाएगा जिसके लिए प्रवेशिका निर्माण की जिम्मेदारी राज्य को दिया गया है। जिस पर राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण छत्तीसगढ़ ने तत्परता दिखाते हुए कार्य शुरू कर दिया है।

    राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण के सहायक संचालक प्रशांत कुमार पाण्डेय ने कहा हमने साक्षरता की प्रवेशिका पहले भी बनाई है। अब राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में प्रौढ़ असाक्षरों के लिए प्रवेशिका तैयार करना है। इसे शिक्षाशास्त्री की टीम तैयार कर रही हैं। प्रवेशिका पांचों संभागों की आवश्यकता का आंकलन और समझ के आधार पर तैयार की जा रही है। प्रवेशिका एन.सी.एफ. के 13 थीम्स के आधार पर तैयार हो रही है। इस कार्यक्रम को दिसम्बर तक पूर्ण करने का लक्ष्य है।

    एससीएल प्रकोष्ठ प्रभारी प्रीति सिंह ने कहा हमने पिछले कार्यशाला में चैप्टर बना लिए हैं। पाठ्यक्रम असाक्षरों की आवश्यकता के अनुरूप तैयार करने की रणनीति बनायी गई है। जिला परियोजना अधिकारी कोरिया श्री यू.के. जायसवाल ने कहा हमें हमारी सोच और प्रौढ़ असाक्षरों के सोच में अंतर पाया जाएगा। हमें आगामी दिनों में बदलती हुई परिस्थिति की अनुरूप उनकी आवश्यकता के अनुरूप प्रवेशिका तैयार करने चाहिए। इसके बाद महानदी, अरपा, इंद्रावती, शिवनाथ के सभी शिक्षाविद्ों को पहले से बनाये गए प्रवेशिका को आवश्यकतानुसार सुधार करने दिया गया। तत्पश्चात सभी चारों समूहों के दुर्गा सिन्हा, सीमांचल त्रिपाठी, पुष्पा सिंह एवं अमित अवस्थी ने ग्रुप कार्य प्रस्तुत किया।

    कार्यक्रम में न्यू इंडिया लिटरेसी प्रोग्राम में जिला कोरिया से स्त्रोत व्यक्ति उमेश कुमार जायसवाल, रायपुर से सुधा वर्मा, ज्योति चक्रवर्ती, रविन्द्र यादव, धारा यादव, सरगुजा से पुष्पा सिंह, सूरजपुर से सीमांचल त्रिपाठी, कृष्ण कुमार ध्रुव, जशपुर से उषा किरण तिर्की, महासमुंद से दुर्गा सिन्हा, दुर्ग से सुमन श्रीवास्तव, मोहित कुमार शर्मा, राजनांदगांव से बबिता गिरी, बस्तर से अमित अवस्थी, दंतेवाड़ा से मुकेश रैकवार, रायपुर से कामिनी बावनकर के साथ राज्य स्तरीय प्रवेशिका निर्माण कार्यशाला के समन्वयक निधि अग्रवाल, नेहा शुक्ला, यूनिसेफ से विकास भदौरिया, कविता लिखार, कृष्णा गौर, महेश वर्मा, दीप ध्रुव एवं राज्य केे शिक्षाविद शामिल थे।

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    राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके आज शाम रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव में मुख्य अतिथि के रुप में शामिल हुईं। मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की।

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    भारत निर्वाचन आयोग मतदाता जागरूकता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले मीडिया संस्थानों का चयन कर प्रतिवर्ष राष्ट्रीय मीडिया अवार्ड प्रदान करता है। भारत निवार्चन आयोग ने इच्छुक मीडिया संस्थानों से 30 नवम्बर तक आवेदन आमंत्रित किए हैं। इच्छुक मीडिया संस्थान अपना नामांकन सीधे भारत निर्वाचन आयोग, निर्वाचन सदन अशोका रोड नई दिल्ली में 30 नवम्बर तक जमा कर सकते हैं।

    छत्तीसगढ़ मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी द्वारा मीडिया संस्थानों को राष्ट्रीय मीडिया पुरस्कार देने के संबंध में जारी पत्र के अनुसार राष्ट्रीय मीडिया सम्मान चार श्रेणी में दिए जाएंगे। इसमें प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया(टेलीविजन), इलेक्ट्रॉनिक मीडिया रेडियो और ऑनलाईन (इंटरनेट) सोशल मीडिया शामिल हैं।

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    राष्टीय आदिवासी नृत्य महोत्सव एवं राज्योत्सव के अवसर पर स्थानीय साइंस कॉलेज में आयोजित राज्योत्सव जनसम्पर्क विभाग की प्रदर्शनी लोगों के आकर्षण का केन्द्र बनी हुई है। आज प्रदर्शनी के पहले दिन बड़ी संख्या में लोगों ने इसका अवलोकन किया। प्रदेश के विभिन्न जिलों से आई महिला स्वसहायता समूह की बहनों ने भी प्रदर्शनी का अवलोकन कर सराहना की।

    ग्राम केन्द्री के  ओमप्रकाश ने कहा कि जनसम्पर्क विभाग की प्रदर्शनी में पारंपरिक वाद्य यंत्रों को जानने का मौका मिला। इसमें मंजीरा, गुजेरी, सारंगी, तम्बूरा, सींग बाजा, मांदर आदि वाद्य यंत्र सामान्य अवसरों पर देखने को नहीं मिलते। इसी प्रकार राजिम-नवापारा से पहुंचे  प्रेमलाल सेन ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पारम्परिक वाद्य यंत्रों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के पारम्परिक गहनों को भी चित्र के माध्यम से देखने का मौका मिला। इनमें से कई आभूषण वर्तमान प्रचलन में नही है, जिसे इस प्रदर्शनी पर दिखाया गया है, जिसमें पहुंची, एैंठी, नांगमोरी, कंठा, मांगमोती आदि को दिखाया गया है। ग्राम राखी के श्री रामकुमार, संजयनगर रायपुर के  रेशमलाल और धरम कुमार ने छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों की प्रशंसा करते हुए कहा कि सिरपुर, बस्तर सहित राज्य के भौगोलिक स्थितियों को जानने का अवसर मिला। जनसम्पर्क की प्रदर्शनी में विश्वसनीय और पुष्ट जानकारी मिलती है। वर्ष 2019 में आयोजित प्रदर्शनी में भी आए थे।

    जनसम्पर्क विभाग की प्रदर्शनी में 1 नवम्बर 2000 छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस की प्रारंभिक जानकारी के अलावा, मर्यादा पुरूषोत्तम भगवान  रामचन्द्र जी के वन गमन मार्ग, आदिवासी बहुल बस्तर की धरोहर, छत्तीसगढ़ का खजुराहों के नाम से प्रसिद्ध भोरमदेव मंदिर, दक्षिण कौशल की राजधानी सिरपुर का लक्ष्मण मंदिर, पुरातात्विक छत्तीसगढ़ आदिकालीन छत्तीसगढ़-शैलचित्रों की खोज, छत्तीसगढ़ के लोक नृत्य, छत्तीसगढ़ के जलप्रपात, छत्तीसगढ़ के पारंपरिक श्रृंगार को सुरूचिपूर्ण ढंग से प्रदर्शित किया गया है। जनसम्पर्क के स्टॉल में लोक कलाकार रिखी क्षत्रिय द्वारा छत्तीसगढ़ के पारंपरिक वाद्य यंत्रों को प्रदर्शित किया गया है।

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    उच्च शिक्षामंत्री  उमेश पटेल ने बुधवार को रायगढ़ जिले के पुसौर विकासखंड अंतर्गत विभिन्न ग्रामों का भ्रमण किया और 55 लाख 71 हजार रूपए की लागत के विकासकार्यों का लोकार्पण व भूमिपूजन किया। जिसमें 40 लाख 83 हजार रुपये की लागत वाले कार्यो का लोकापर्ण एवं 14 लाख 88 हजार रुपये की लागत वाले 4 कार्यों का भूमिपूजन शामिल है। इस दौरान  पटेल ने ग्रामवासियों को छत्तीसगढ़ सरकार की योजनाओं के बारे में जानकारी दी और उनकी समस्याओं से अवगत हुए एवं संबंधित अधिकारी को इसके निराकरण के निर्देश दिए।

    उच्च शिक्षा मंत्री  पटेल पुसौर विकासखण्ड के अंतर्गत आने वाले ग्राम रूचिदा, पुसल्दा, शंकरपाली, लिटाईपाली एवं जतरी गांवों का भ्रमण किया। इस अवसर पर उन्होंनें उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा ग्रामीण परिवेश व उनकी जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की गयी योजनाएं आज गांव और ग्रामीणों की मजबूती के आधार बन रहे हैं। राजीव गांधी किसान न्याय योजना के जरिए किसानों को धान के साथ दूसरी फसलों के उत्पादन के लिए आदान सहायता दी जा रही है। शासन ने पिछले दिनों योजना का विस्तार कर इसके अंतर्गत उद्यानिकी फसलों को शामिल किया है। वहीं अब भूमिहीन श्रमिकों के लिए नई योजना राजीव गांधी ग्रामीण कृषि भूमिहीन मजदूर न्याय योजना शुरू की गई है। इसके तहत 6 हजार रुपये की अनुदान सहायता इसी वित्तीय वर्ष से दी जाएगी। आदिवासी अंचल के निवासियों के आजीविका का मुख्य स्त्रोत वनोपजों के समर्थन मूल्य में बढ़ोत्तरी करने के साथ ही कई दूसरे वनोपजों को भी समर्थन मूल्य के दायरे में लाई गई है। उन्होंने कहा कि सरकार आजीविका संवर्धन के साथ ही बेहतर शिक्षा के लिए स्वामी आत्मानंद विद्यालय शुरू किया है। जिसका लगातार विस्तार किया जा रहा है ताकि अधिक से अधिक बच्चों को इससे लाभान्वित किया जा सके।

    इन कार्यों का हुआ लोकार्पण व भूमिपूजन- उच्च शिक्षामंत्री श्री पटेल ने 40 लाख 83 हजार रुपये के विभिन्न कार्यों का लोकार्पण किया। जिसमें ग्राम लिटाईपाली, जतरी व रूचिदा में 10 लाख 50 रुपये की लागत से सामुदायिक शौचालय निर्माण, लिटाईपाली व जतरी में 12 लाख 40 हजार रुपये की लागत से मुक्तिधाम सह प्रतीक्षालय निर्माण, जतरी एवं शंकरपाली में 11 लाख 38 हजार रुपये की लागत से अहाता निर्माण कार्य, रूचिदा में 4 लाख 55 हजार रुपये की लागत से सांस्कृतिक शेड निर्माण एवं ग्राम-रूचिदा के डलवाडीपा एवं कबीर चौक में 2 लाख रुपये की लागत से पानी टंकी निर्माण का कार्य शामिल है। इसी तरह श्री पटेल ने 14 लाख 88 हजार रुपये की लागत से 4 कार्यों का भूमिपूजन हुआ। जिसमें ग्राम लिटाईपाली एवं पुसल्दा में 6 लाख रुपये की लागत से सांस्कृतिक शेड निर्माण एवं ग्राम-लिटाईपाली में 8 लाख 88 हजार रुपये की लागत से दो नाली निर्माण का कार्य का शामिल है।

    इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य  आकाश मिश्रा, अध्यक्ष जनपद पंचायत पुसौर  सुशील भोय, उपाध्यक्ष जनपद पंचायत पुसौर  गोपी चौधरी, सदस्य जनपद पंचायत  रूपा दिनेश पटेल,  अनुसुईया चौहान, सरपंच ग्राम पंचायत रूचिदा देवकुमार साहू, सरपंच ग्राम पंचायत पुसल्दा  रामकुमारी भागीरथी पटेल सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित थे।

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     लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी एवं ग्रामोद्योग मंत्री गुरू रूद्रकुमार ने आज दुर्ग जिले के पदुम नगर भिलाई में ए.एम. हॉस्पिटल का लोकार्पण किया। इस अवसर पर मंत्री गुरु रुद्रकुमार ने अस्पताल संचालक एवं प्रबंधकों व चिकित्सकीय स्टाफ को शुभकानाएं और बधाई दी। उन्होंने कहा कि अस्पताल में आधुनिक उपचार की व्यवस्था होने से आस-पास क्षेत्र के लोगों को इसका लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि आपातकालीन स्थिति में बिना समय गवाएं, तत्काल अस्पताल पहुंचना होता है, ऐसी स्थिति में यह अस्पताल आस-पास के लोगों के लिए संजीवनी साबित होगा। उन्होंने इस अवसर पर अस्पताल प्रबंधन को मानवीय संवेदना और सेवाभावना के साथ मरीजों का उपचार करने की अपील की।

    गृह मंत्री  ताम्रध्वज साहू ने ए.एम. हास्पिटल के शुभारंभ अवसर पर कहा कि स्वस्थ्य शरीर जीवन के लिए बहुत जरूरी है। इससे व्यक्ति के जीवन में खुशी का उदय होता है। किसी प्रकार की शारीरिक समस्या होने पर जीवन बड़ी ही तकलीफ से गुजरता है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य की दृष्टिकोण में अच्छे चिकित्सकों और अस्पतालों की बड़ी भूमिका होती है। इलाज की आधुनिक सुविधा होने से निश्चित रूप से यह अस्पताल लोगों के स्वास्थ्य के लिए उपयोगी साबित होगा। उन्होंने अस्पताल प्रबंधकों को बधाई और शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर ए.एम हॉस्पिटल के संचालक श्री सुभाष साव, भिलाई-चरोदा नगरनिगम सभापति  विजय जैन, जिला पंचायत सभापति  पुष्पा भुवनेश्वर यादव, एल्डरमेन  संजय साहू, एल्डरमेन  रानी वर्मा, पार्षद  राजेश दांडेकर और स्थानीय प्रतिनिधि सहित अस्पताल के स्टाफ उपस्थित थे।

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    राजधानी रायपुर के साईंस कॉलेज मैदान में आयोजित राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव में हर तरफ उत्साह का माहौल बना हुआ है। आज शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने समारोह के मुख्य अतिथि झारखंड के मुख्यमंत्री  हेमंत सोरेन के साथ सेल्फ जोन में पहुंचकर सेल्फी लिया। समारोह स्थल पर आदिवासी संस्कृतियों तथा छत्तीसगढ़ के ग्रामीण परिवेश की झलकियों को समेटे आकर्षक सेल्फी जोन भी बनाए गए हैं। इस अवसर पर संस्कृति मंत्री  अमरजीत भगत, आदिम जाति विकास मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

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