August 20, 2026
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    रायपुर

    रायपुर (6096)

    रायपुर /शौर्यपथ /मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भारतीय मूल की प्रसिद्ध अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स को उनके ऐतिहासिक अंतरिक्ष मिशन की सफल समाप्ति और पृथ्वी पर सुरक्षित वापसी पर हार्दिक बधाई दी है।
    मुख्यमंत्री  साय ने  कहा कि  यह असाधारण अभियान सुनीता विलियम्स के धैर्य, साहस और विज्ञान के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की अद्भुत मिसाल है, जो पूरे विश्व के लिए प्रेरणादायी है।
    मुख्यमंत्री  साय ने अपने संदेश में कहा कि नभ के पार गई नारी ने धैर्य को अपना हथियार बनाया और साहस, संकल्प एवं स्वाभिमान से नव इतिहास रच दिया। कठिनाइयों के बावजूद डटे रहना ही सफलता की असली पहचान है। सुनीता विलियम्स ने इस मिशन के माध्यम से विज्ञान और अंतरिक्ष अन्वेषण के क्षेत्र में एक नई उपलब्धि जोड़ी है। उनकी यह यात्रा न केवल भारत, बल्कि समूचे विश्व के लिए प्रेरणादायी है।
    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सुनीता विलियम्स की सफलता नारी शक्ति के अदम्य साहस और अटूट इच्छाशक्ति का प्रतीक है। उनकी यह उपलब्धि भारत की बेटियों और युवाओं को उनके सपनों को ऊँचाइयों तक पहुँचाने के लिए प्रेरित करेगी। यह मिशन अंतरिक्ष विज्ञान और अनुसंधान में एक नए युग का संकेत देता है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा।
    अंतरिक्ष अन्वेषण और विज्ञान के क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की नारी शक्ति हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही है और यह मिशन इस बात का प्रमाण है कि महिलाएँ किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने अंतरिक्ष अनुसंधान और वैज्ञानिक उपलब्धियों को प्रोत्साहित करने के लिए भारतीय वैज्ञानिक समुदाय और इसरो  के योगदान की भी सराहना की।
    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हम सभी को सुनीता विलियम्स पर गर्व है। उनकी असाधारण उपलब्धि से भारत का नाम एक बार फिर अंतरिक्ष जगत में स्वर्ण अक्षरों में अंकित हुआ है। उनकी यह यात्रा विज्ञान और अनुसंधान में एक नई ऊर्जा का संचार करेगी।

       रायपुर/शौर्यपथ /मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने दो दिवसीय नई दिल्ली प्रवास के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय ऊर्जा, आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर, केंद्रीय संचार एवं उत्तर-पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, झारखंड के राज्यपाल  संतोष गंगवार, सांसद तेजस्वी सूर्या सहित विभिन्न वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात कर छत्तीसगढ़ के विकास, औद्योगिक नीति, नक्सल उन्मूलन और बस्तर के विकास पर विस्तृत चर्चा की।
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आत्मीय भेंट, छत्तीसगढ़ विकास पर विस्तृत चर्चा
      मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने संसद भवन में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी से आत्मीय मुलाकात की।  बैठक में छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास, बस्तर के विकास का मास्टर प्लान और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में आधारभूत संरचना, उद्योग और पर्यटन केंद्रों के विस्तार पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ राज्य को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए संकल्पबद्ध है।
    मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 30 मार्च को प्रस्तावित छत्तीसगढ़ दौरे की रूपरेखा भी प्रस्तुत की। इस यात्रा के दौरान राज्य में विभिन्न महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का लोकार्पण किया जाएगा।
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने बस्तर विकास योजना की सराहना करते हुए राज्य सरकार को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया।
    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से निर्णायक चर्चा – नक्सलवाद के खात्मे की रणनीति और बस्तर के तेज विकास पर फोकस
    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय  ने केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से उनके निवास पर मुलाकात कर नक्सलवाद के पूर्ण खात्मे, बस्तर के समग्र विकास और राज्य में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाने को लेकर विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को अवगत कराया कि छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद अपने अंतिम चरण में है और राज्य सरकार निर्णायक कदम उठा रही है। केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से नक्सली संगठनों की पकड़ कमजोर हो चुकी है और छत्तीसगढ़ अब एक नए युग की ओर अग्रसर है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह  ने राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।
    केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर के साथ ऊर्जा एवं शहरी विकास पर चर्चा
    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने केंद्रीय ऊर्जा, आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात कर छत्तीसगढ़ में ऊर्जा क्षेत्र के विस्तार और शहरी विकास से संबंधित विषयों पर चर्चा की। बैठक में केंद्रीय राज्य मंत्री एवं बिलासपुर सांसद तोखन साहू भी उपस्थित थे।
    छत्तीसगढ़ के सांसदों से संवाद – राज्य विकास पर केंद्रित चर्चा
    संसद भवन में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ के सांसदों से भेंट कर राज्य की विकास योजनाओं, केंद्र-राज्य समन्वय और प्रमुख परियोजनाओं की प्रगति पर विमर्श किया।
    सांसद तेजस्वी सूर्या से सौजन्य मुलाकात
    मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने नई दिल्ली स्थित छत्तीसगढ़ सदन में  सांसद तेजस्वी सूर्या  से सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने उन्हें उनके वैवाहिक जीवन में प्रवेश पर हार्दिक शुभकामनाएँ दीं।
    बस्तर विकास का मास्टर प्लान – केंद्र सरकार के साथ समन्वय और सहयोग का विस्तार
    मुख्यमंत्री साय ने बस्तर क्षेत्र के समग्र विकास का मास्टर प्लान केंद्र सरकार के समक्ष प्रस्तुत किया, जिसमें सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग और पर्यटन के नए अवसरों पर विशेष जोर दिया गया। इस मास्टर प्लान का उद्देश्य नक्सल प्रभावित क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा में लाना और स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराना है। केंद्र सरकार ने इस मास्टर प्लान को सकारात्मक रूप से स्वीकार किया और हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया।
    छत्तीसगढ़ के विकास के लिए केंद्र सरकार के साथ विभिन्न विषयों पर हुआ विचार विमर्श
    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का दिल्ली दौरा छत्तीसगढ़ के विकास के लिए केंद्र सरकार के साथ तालमेल बढ़ाने और महत्वपूर्ण विषयों पर निर्णय लेने के लिए बेहद सफल रहा।मुख्यमंत्री साय ने राज्य की विकास योजनाओं के लिए केंद्र सरकार से मजबूत सहयोग और समर्थन प्राप्त किया। उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह सहित विभिन्न केंद्रीय मंत्रियों और सांसदों से महत्वपूर्ण मुलाकातों से छत्तीसगढ़ के विकास को नई गति और दिशा मिलने की उम्मीद है।

    रायपुर/शौर्यपथ /मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज उनके निवास कार्यालय में सुविख्यात कथावाचक देवी चित्रलेखा ने सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री साय ने उन्हें शॉल एवं श्रीफल भेंटकर आत्मीय सम्मान प्रदान किया।
    प्रेरक कथाओं और भक्ति प्रवचनों के लिए विख्यात देवी चित्रलेखा ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य में हो रहे विकास कार्यों की सराहना की और जनकल्याण के लिए अपनी शुभकामनाएँ प्रेषित कीं।
    मुख्यमंत्री साय ने देवी चित्रलेखा के आध्यात्मिक एवं सामाजिक योगदान की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके विचार और प्रवचन समाज को जागरूक करने के साथ नैतिक मूल्यों को भी सशक्त करते हैं। उन्होंने देवी चित्रलेखा जी की भूमिका को समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने वाली बताते हुए कहा कि उनके प्रयास जनमानस के लिए प्रेरणादायी हैं। इस अवसर पर दोनों के बीच आध्यात्मिक चेतना के प्रसार, सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा और समाज में समरसता को प्रोत्साहित करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक चर्चा हुई।

    छत्तीसगढ़ पेंशन निधि अधिनियम बनाने वाला होगा देश का पहला राज्य: मंत्री श्री चौधरी
    हमारी सरकार छत्तीसगढ़ राज्य को विकसित राज्य बनाने की दिशा में कार्यरत: मंत्री श्री चौधरी
    इस बजट में छत्तीसगढ़ ग्रोथ एंड स्टेबिलिटी फंड बनाने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य: मंत्री श्री चौधरी
    संचित शोधन निधि में अवशेष ऋणों का 7.3 प्रतिशत से अधिक ऐसा करने वाला छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी राज्यों में शामिल
    एसएनएस-स्पर्श के क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ देश के शीर्ष 03 राज्यों में शामिल
    निर्धारित लक्ष्य को समय पर प्राप्त करने पर राज्य शासन को भारत सरकार से इस वर्ष 500 करोड़ की प्रोत्साहन राशि हुआ प्राप्त
    नवा रायपुर में  ’’अटल स्मारक और संग्रहालय’’ का होगा निर्माण
    राज्य में कन्टीन्यूअस एम्बियंट एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन्स की स्थापना
    राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की तर्ज पर ‘‘छत्तीसगढ़ राज्य राजधानी क्षेत्र’‘ का गठन
    2047 तक प्रदेश को विकसित बनाने हेतु पथ प्रदर्शक दस्तावेज छत्तीसगढ़ अंजोर-विजन/2047 तैयार
    छत्तीसगढ़ राज्य पूरे देश में राजस्व संग्रहण के दृष्टिकोण से तीसरे स्थान पर
        रायपुर/शौर्यपथ छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज वित्त, आवास एवं पर्यावरण एवं योजना, आर्थिक तथा सांख्यिकी विभाग के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 12 हजार 389 करोड़ 29 लाख रूपए से अधिक की अनुदान मांगें पारित की गई। इसमें वित्त विभाग से संबंधित व्यय के लिए 11 हजार 109 करोड़ 43 लाख 25 हजार रूपए, आवास एवं पर्यावरण से संबंधित व्यय के लिए 1 हजार 208 करोड़ 36 लाख 72 हजार रूपए, योजना, आर्थिक तथा सांख्यिकी विभाग से संबंधित व्यय के लिए 71 करोड़ 49 लाख 60 हजार रूपए की अनुदान मांगे पारित की गई।
    वित्त विभाग
        वित्त मंत्री श्री ओ पी चौधरी वित्त विभाग के अनुदान मांगों की चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि वित्त विभाग के इस बजट में मुख्य रूप से शासकीय सेवकों को पेंशन एवं अन्य सेवानिवृत्ति हितलाभों, जैसे- पेंशन, परिवार पेंशन, पेंशन कम्यूटेशन, ग्रेच्युटी, अवकाश नकदीकरण, एनपीएस में नियोक्ता अंशदान आदि मदों का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि नवंबर 2004 से अप्रैल 2022 के मध्य नियुक्त शासकीय सेवकों के लिए एनपीएस-ओपीएस चयन करने विकल्प दिया गया था। नियोक्ता अंशदान के लिये बजट में प्रावधान किया गया है।
        वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि 1 अप्रैल, 2022 से पुरानी पेंशन योजना की बहाली के फलस्वरूप भविष्य के पेंशन दायित्वों के बढ़ते वित्तीय भार को ध्यान में रखते हुए इसके प्रबंधन के लिये 456 करोड़ का प्रावधान पेंशन निधि में निवेश के लिये रखा गया है। इसके लिये हम पेंशन निधि अधिनियम भी बनाने जा रहे हैं, जिससे इस प्रक्रिया को स्थायी स्वरूप दिया जा सकेगा। ऐसा करने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य होगा। यह हमारी सरकार के दूरगामी सोच एवं कुशल वित्तीय प्रबंधन का ही एक प्रमुख भाग है।
        वित्त मंत्री ने कहा कि राज्य शासन द्वारा भविष्य में बाजार ऋणों की देयताओं को ध्यान में रखते हुए संचित शोधन निधि का गठन किया गया है, जिसमें गत वर्ष के अवशेष ऋणों के 0.5 प्रतिशत प्रति वर्ष निवेश किया जाता है। साथ ही निधि में कुल अवशेष ऋणों का 5 प्रतिशत तक निवेश होना चाहिए। वर्तमान में इस निधि में कुल अवशेष ऋणों का 7.3 प्रतिशत से अधिक है। ऐसा करने वाला छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी राज्यों में है। उन्होंने कहा कि हमने राज्य सरकार की गारंटी पर लिये जाने वाले ऋणों की अदेयता की स्थिति में उनका भुगतान सुनिश्चित करने हेतु गारंटी मोचन निधि में अब तक 500 करोड़ निवेशित किये हैं तथा इस बजट में भी 500 करोड़ का प्रावधान किया है। संचित शोधन निधि के साथ गारंटी मोचन निधि में बड़ी राशि निवेशित करने वाला छत्तीसगढ़ देश के कुछ चुनिंदा राज्यों में से एक है।
        वित्त मंत्री ने कहा कि हमारी सरकार छत्तीसगढ़ राज्य को विकासशील से विकसित राज्य बनाने की दिशा में कार्यरत है। हमने इस बजट में एक नया फंड छत्तीसगढ़ ग्रोथ एंड स्टेबिलिटी फंड बनाया है। ऐसा करने वाला छत्तीसगढ़ देश का प्रथम राज्य होगा। निश्चित रूप से यह हमारे मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन की पहल में सहयोगी होगा।
        मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि राज्य में हितग्राहियों को सुचारू रूप से लाभ पहुंचाने हेतु डायरेक्ट बेनिफिट ट्रान्सफर सेल का गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि पब्लिक फाइनेंस मैनेजमेंट सिस्टम पोर्टल के द्वारा सीएसएस की विमुक्त की गई राशि की निगरानी एवं जमीनी स्तर तक के उपयोगीकरण का पर्यवेक्षण किया जाता है। एसएनएस-स्पर्श के क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ देश के शीर्ष 03 राज्यों में शमिल है। निर्धारित लक्ष्य को समय पर प्राप्त करने पर राज्य शासन को भारत सरकार से इस वर्ष 500 करोड़ की प्रोत्साहन राशि प्राप्त हुई है। राज्य के आय-व्यय का रियल टाईम पर्यवेक्षण एवं डेटा विश्लेषण किया जा सकेगा, जिससे वित्तीय प्रबंधन और बेहतर हो सकेगा।
        वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि हमने अपने बजट में प्रत्येक क्षेत्र के विकास के लिये आवश्यक प्रावधान रखने का प्रयास किया है। किसी भी कार्य को करने के लिये हमारी सोच सकारात्मक होनी चाहिये, हमारे मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन की सरकार में हो रहे रिफॉर्म इस सकारात्मकता के द्योतक हैं।
    आवास एवं पर्यावरण विभाग
    वित्त मंत्री श्री ओ पी चौधरी अपने विभाग आवास एवं पर्यावरण विभाग के अनुदान मांग के चर्चा पर जवाब देते हुए कहा कि नवा रायपुर अटल नगर को आधारभूत सुविधाओं का विस्तार एवं देश और दुनिया में पहचान स्थापित करना वर्तमान सरकार की प्राथमिकता है। नवा रायपुर अटल नगर क्षेत्र मंे पेयजल की निर्वाध आपूर्ति, प्रदेश के कोने-कोने से शासकीय कार्य हेतु आने वाले लोगों के लिए परिवहन सुविधा, कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावास जैसी जनसुविधा उपलब्ध कराने में हमारी सरकार प्रतिबद्ध है।
    वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना पूर्व प्रधानमंत्री स्व. श्री अटल बिहारी बाजपेयी की परिकल्पना थी। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. श्री अटल बिहारी बाजपेयी की याद में हमारी सरकार ने नवा रायपुर मंे ’’अटल स्मारक और संग्रहालय’’ निर्माण का निर्णय लिया है।
    मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि नवा रायपुर मंे राष्ट्रीय स्तर के शैक्षणिक संस्थान जैसे IIM, Hidaytulla Law University, IIIT, IHM स्थापित है। विश्वस्तरीय आवासीय विद्यालय का निर्माण पूर्णता की ओर है। केन्द्रीय विद्यालय एवं अन्य अनेक निजी विद्यालय एवं विश्वविद्यालय नवा रायपुर क्षेत्र में  संचालित है। हमारी सरकार ने युवाआंे के लिए प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी एवं उच्च्तर अध्ययन की सुविधा प्रदाय करने की योजना बनाई है। हमारी सरकार ने बजट में पुस्तकालय भवन निर्माण के लिए प्रावधान किया है। वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प के अंतर्गत नवा रायपुर में विकसित भारत आईकोनिक डेस्टिनेशन निर्माण की योजना है।
    मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि नवा रायुपर अटल नगर में रोजगार, निवेश एवं बसाहट को प्रोत्साहित करने हेतु कॉमर्शियल कॉम्पलेक्स में आईटी कंपनियों को प्लग एवं प्ले सुविधा के साथ फर्निशड बिल्ट-अप स्पेस के आबंटन हेतु नीति तैयार की गई। इस नीति अनुसार प्राधिकरण द्वारा 02 आई.टी. फर्मों को बिल्टअप स्पेस आबंटित किया गया है, इस आबंटन से नवा रायपुर में आई.टी. क्षेत्र में लगभग 2000 लोगों हेतु कुशल रोजगार सृजित होगा।  नवा रायपुर अटल नगर में निवेश, रोजगार एवं बसाहट को प्रोत्साहन देने हेतु स्वास्थ्य प्रयोजन, सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग, शैक्षणिक प्रयोजन एवं इलेक्ट्रॉनिक्स/इलेक्ट्रिकल उद्योग क्षेत्र में निश्चित भूखण्डों को रियायती दरों पर आबंटन किये का निर्णय लिया गया है।
    उन्होंने कहा कि आवास एवं पर्यावरण मण्डल में चल रहे कार्यो की समीक्षा एवं पारदर्शिता हेतु डिजिटलाइजेशन अंतर्गत ऑनलाईन मॉनिटरिंग डेशबोर्ड विकसित किया गया, जिसमे मण्डल की परियोजनाओं, संपदा, न्यायालयीन प्रकरण एवं रखरखाव से संबंधित कार्यो की समीक्षा/जानकारी प्राप्त की जा सकेंगी। राज्य में कन्टीन्यूअस एम्बियंट एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन्स की स्थापना की गई है। इनसे 24ग7 मॉनिटरिंग डाटा उपलब्ध हो रहे हैं। केन्द्रीय पर्यावरण प्रयोगशाला जल, वायु, मिटटी एवं अन्य ऐसे परीक्षणों में सहायता करेगी, जिससे राज्य में मॉनिटरिंग व्यवस्था सुदृढ़ हो सकेगी एवं विश्वसनीय डाटा बैंक भी तैयार हो सकेगा। इसी दिशा में पर्यावरण मंडल में 90 पदों की भर्ती की कार्यवाही की जा रही है।
    ऑन लाईन इमिशन मॉनिटरिंग सिस्टम के लिये सेट्रल सर्वर के स्थापना
            मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि प्रदेश में स्थापित 17 प्रकार के प्रदूषणकारी उद्योगों में प्रदूषण नियंत्रण उपकरणों के सतत निगरानी हेतु कंटिन्यूअस एमिशन मॉनिटरिंग सिस्टम, कंटिन्यूअस एबिएन्ट एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग सिस्टम, एवं कंटिन्यूअस इफल्यूएन्ट क्वालिटी मॉनिटरिंग सिस्टम से रियल टाईम डाटा हैण्डलिंग प्राप्त करने की व्यवस्था कराई गई है। उन्होंने कहा कि देश के विभिन्न राज्यों की राजधानियों में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की तर्ज पर प्रदेश में भी प्रदेश के मध्य क्षेत्रों को समाहित करते हुए ‘‘छत्तीसगढ़ राज्य राजधानी क्षेत्र’‘ का गठन किये जाने की कार्यवाही की जा रही है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की तर्ज पर छत्तीसगढ़ राज्य राजधानी क्षेत्र तथा संबंधित प्राधिकरण की स्थापना के लिए विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन तैयार की जा रही है।
    योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग
        योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी मंत्री श्री ओ पी चौधरी ने कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से संबंधित आधारभूत सांख्यिकी जिसमें सर्वेक्षण, विश्लेषण, मूल्यांकन संबंधी जानकारी का संकलन कर सविन्यास प्रकाशन का दायित्व निभा रहा है। उन्होंने कहा कि हमने वर्ष 2047 तक प्रदेश को विकसित बनाने हेतु पथ प्रदर्शक दस्तावेज छत्तीसगढ़ अंजोर-विजन@2047 बनाया हैं। यह विजन जनता की महत्वाकांक्षाओं, भावनाओं व आशाओं से प्रेरित हैं। इस मार्गदर्शी विजन में सामाजिक एवं आर्थिक विकास संबंधित अल्पकालिक, मध्यकालिक एवं दीर्घकालिक रणनीतियों और पहलों का समावेश किया गया हैं। वर्ष 2047 तक राज्य को विकसित राज्य की ओर ले जाने हेतु आर्थिक एवं सामाजिक विकास संबंधी कुल 13 थीम्स का की परिकल्पना विजन डाक्यूमेंट में किया गया है।
    वाणिज्यिक कर (जी.एस.टी एवं पंजीयन) विभाग
    वाणिज्यिक कर (जी.एस.टी एवं पंजीयन) मंत्री श्री ओ पी चौधरी अपने विभाग के अनुदान मांग के चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि स्वतंत्र भारत में आर्थिक सुधारों की दिशा में जीएसटी कर प्रणाली सर्वाधिक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक एवं अभूतपूर्व कदम है। यह प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की दूरदर्शिता एवं कुशल नेतृत्व का ही परिणाम है। जीएसटी प्रणाली एक राष्ट्र, एक कर एवं एक बाजार की संकल्पना को साकार रूप प्रदान करता है। जीएसटी प्रणाली में केन्द्र और राज्य के 17 प्रकार के विभिन्न अप्रत्यक्ष करों को समाहित किया गया है।
    मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि हमारी सरकार सत्ता में आने के पश्चात कर प्रशासन में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से तकनीक का अधिक से अधिक उपयोग किया है। करदाताओं को होने वाली असुविधाओं को दूर करने का सतत प्रयास किया जा रहा है। जीएसटी लागू होने से वस्तुओं की लागत में कर का भार कम हुआ है। वस्तुओं के मूल्यों में कमी आई है, इससे खपत को बढ़ावा मिला है और आर्थिक क्षेत्र को मजबूती मिली है तथा उपभोक्ताओं को लाभ हुआ है। उन्होंने कहा कि वाणिज्यिक कर (जी.एस.टी) विभाग  राज्य का मुख्य राजस्व संग्रहणकर्ता विभाग है। वित्तीय वर्ष 2024-2025 में अभी तक (माह फरवरी तक) जीएसटी से प्राप्त राजस्व 20,174 करोड़ है जो पिछले वर्ष की तुलना में 15 प्रतिशत अधिक है। छत्तीसगढ़ राज्य पूरे देश में राजस्व संग्रहण के दृष्टिकोण से तीसरे स्थान पर है।
    मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि जीएसटी प्रणाली 01 जुलाई 2017 से लागू हुई है। इस समय राज्य में पंजीयत व्यवसाईयों की संख्या 1 लाख 28 हजार थी जो वर्तमान मे बढ़कर 1 लाख 87 हजार हो गई है। यह जीएसटी विभाग के जागरूगता अभियान और ईज ऑफ डुइंग बिजनेस सेल (EODB सेल) के गठन से संभव हुआ है। करदाताओं को कर अनुपालन, पंजीयन अथवा ई-वे बिल जनरेशन में आने वाली समस्याओं के त्वरित और सटीक समाधान के लिए मुख्यालय स्तर पर कॉल सेंटर और हेल्प डेस्क स्थापित किया गया है।
    जीएसटी अधिनियम के पूर्व के अधिनियमों के अंतर्गत व्यवसाईयों के वर्षों पुराने राशि की वसूली के लिये पुरानी सरकार द्वारा वन टाईम सेटलमेण्ट स्कीम (ओटीएस) 2023 लागू की गई थी जिसे व्यापारियों की विशेष मांग पर 31 मार्च 2025 तक बढ़ा दी गई है। जीएसटी विभाग द्वारा कर संग्रहण हेतु अधिकतम तकनीकी साधनों का उपयोग किया जा रहा है इसके लिए गतवर्ष फरवरी 2024 में बिजनेस  इंटेलिजेंस यूनिट की स्थापना की गई है।
        उन्होंने कहा कि वाणिज्यिक कर (पंजीयन) विभाग के राज्य का महत्वपूर्ण राजस्व अर्जक विभाग है। अभी राज्य के 40 रजिस्ट्री ऑफिस ऐसे हैं जिनके पास अपना खुद का भवन तक नहीं है, और ये तहसील दफ्तर के बहुत छोटे छोटे कमरे में चल रहे हैं। इस कमी को दूर करने के लिए राज्य के 25 रजिस्ट्री ऑफिस में नवीन भवन निर्माण के लिए इस बजट में प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य विभाजन के पश्चात रजिस्ट्री विभाग में कई सालों से सेटअप रिवीजन नहीं हुआ है। सेट-अप रिवीजन नही होने के कारण वर्तमान कार्यरत रजिस्ट्री ऑफिसों में काम का अत्यधिक दबाव है। लोगों को आसानी से अपॉइंटमेंट नहीं मिल पाते। रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर जैसे जगहो में भारी भीड़ और अपॉइंटमेंट के लिए वेटिंग की समस्या आम है। इसको ध्यान में रखते हुए पंजीयन विभाग के सेटअप का रिवीजन किया गया है तथा नए 85 पदों सृजन किया गया है।
    मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि नवीन उद्योगों को रियायत, ऑनलाईन पंजीयन प्रणाली पर विशेष फोकस करते हुए विभाग द्वारा पंजीयन प्रणाली में मोबाईल एप ‘सुगम’ लागू किया गया हैै। जिसमें पक्षकार द्वारा पंजीयन के लिए आवेदन प्रस्तुत करते समय संपत्ति की फोटो अपलोड करते ही उस स्थान के अक्षांस एवं देशांतर की जानकारी स्वतः कैप्चर हो जाती है। गूगल मैप के माध्यम से संपत्ति की सही स्थिति, निर्मित संरचना मुख्यमार्ग से दूरी का अनुमान होने से संपत्ति का उचित मूल्यांकन हो पा रहा है, जिसके कर अपवंचन की रोकथाम हो रही है। इसके साथ ही पैन आधार इंटीग्रेशन, सतर्कता प्रकोष्ठ का गठन भी किया गया है। उन्होंने कहा कि वास्तविक बाजार मूल्य एवं गाइडलाइन दरों की विसंगति दूर करने के लिए वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए 30 प्रतिशत की कमी को समाप्त कर 2019-20 की दरों को यथावत लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि पंजीयन शुल्क में कमी/युक्तियुक्तकरण के तहत गाइडलाइन दर से ऊपर की रजिस्ट्री पर पंजीयन शुल्क से छूट  एवं पारिवारिक व्यवस्थापन हेतु शुल्क की रियायत का प्रावधान किया गया है।
        वित्त, आवास एवं पर्यावरण, योजना, आर्थिक तथा सांख्यिकी, वाणिज्यिक कर (जीएसटी एवं पंजीयन) विभाग से संबंधित अनुदान मांगों पर चर्चा में विधायकगण सर्वश्री राघवेन्द्र सिंह, अमर अग्रवाल, धर्मजीत सिंह, सुनील सोनी, श्रीमती शेषराज हरवंश, श्रीमती हर्षिता बघेल ने भाग लिया।

    2024-25 में अप्रैल से फरवरी तक 11,581 करोड़ रुपये का खनिज राजस्व अर्जित
    44 खनिज ब्लॉकों की  सफलतापूर्वक ई-नीलामी: देश में पहली बार खनिज लिथियम ब्लॉक की सफलतापूर्वक नीलामी
    बैलाडीला क्षेत्र में तीन नए लौह अयस्क ब्लॉकों की ई-नीलामी प्रक्रिया जारी
    जिला खनिज संस्थान न्यास के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2024-25 में अब तक 1,673 करोड़ रुपये की निधि प्राप्त: 9,362 विकास कार्यों को दी गई मंजूरी
    राज्य खनिज अन्वेषण ट्रस्ट की स्थापना की योजना
     रायपुर/शौर्यपथ /मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने पारदर्शी खनन नीति, ई-नीलामी, डिजिटल निगरानी और पर्यावरण-संवेदनशील खनन रणनीतियों को अपनाकर प्रदेश के आर्थिक और औद्योगिक विकास को नए आयाम दिए हैं।
    खनिज संसाधनों के सुव्यवस्थित उत्खनन के चलते बीते वर्षों में छत्तीसगढ़ के खनिज राजस्व में ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की गई है। राज्य के गठन के समय की तुलना में खनिज राजस्व में 30 गुना वृद्धि हुई है, जो 2023-24 में 13,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया और 2024-25 में अप्रैल से फरवरी तक ही 11,581 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया जा चुका है। यह पारदर्शी खनन नीति और प्रभावी प्रशासन का परिणाम है। अब तक 44 खनिज ब्लॉकों की ई-नीलामी सफलतापूर्वक की जा चुकी है, जिसमें अब तक चूना पत्थर के 14, लौह अयस्क के 9, बॉक्साइट के 11, स्वर्ण के 3, निकल, क्रोमियम के 2, ग्रेफाइट के 2, ग्लूकोनाइट के 2 और लिथियम के 1 खनिज ब्लाक की निलामी की गई है।
    प्रदेश में अब तक 10 क्रिटिकल एवं डीप सीटेड मिनरल्स ब्लॉक्स की सफलतापूर्वक नीलामी
    भारत सरकार द्वारा देश के आर्थिक एवं सामरिक विकास को ध्यान में रखते हुए क्रिटिकल एवं सामरिक महत्व के खनिजों के लिए राष्ट्रीय क्रिटिकल मिनरल मिशन की घोषणा जनवरी, 2025 में की गई है। इस के अनुरूप प्रदेश में विभाग द्वारा वर्ष 2024-25 से ही क्रिटिकल एवं सामरिक महत्व के खनिजों के अन्वेषण / खोज पर विशेष ध्यान दिया गया है, जिसके तहत 56 अन्वेषण परियोजनाओं में से 31 परियोजनाओं अंतर्गत क्रिटिकल एवं डीप सीटेड मिनरल्स पर कार्य किये जा रहे है।
    प्रदेश में अब तक 10 क्रिटिकल एवं डीप सीटेड मिनरल्स ब्लॉक्स जिसमें लिथियम का 1, स्वर्ण का 3, निकल, क्रोमियम का 2, ग्रेफाइट का 2 ग्लूकोनाइट के 2 मिनरल ब्लॉक की नीलामी की गई है।
    देश में पहली बार खनिज लिथियम ब्लॉक की सफलतापूर्वक नीलामी की कार्यवाही भारत सरकार द्वारा की गई है जिसके तहत् जिला कोरबा के कटघोरा लिथियम ब्लॉक को मेसर्स साउथ मायकी मायनिंग कंपनी को 76 प्रतिशत प्रीमियम राशि पर आबंटित किया गया है। राज्य के सुकमा एवं कोरबा जिले में भी लिथियम अन्वेषण कार्य किया जा रहा है जिसमें लिथियम के भण्डार पाये जाने की पूर्ण संभावना है।
    बैलाडीला लौह अयस्क: भारत के खनन क्षेत्र का मजबूत स्तंभ
     बैलाडीला क्षेत्र भारत के सबसे बड़े लौह अयस्क भंडारों में से एक है। यहां तीन नए लौह अयस्क ब्लॉकों की ई-नीलामी प्रक्रिया जारी है, जिसे मार्च 2025 तक पूरा किया जाएगा। इसके अलावा कांकेर जिले के हाहालद्दी लौह अयस्क खनिज ब्लॉक की नीलामी प्रक्रिया भी अंतिम चरण में है।
    पर्यावरण संतुलन और पारदर्शी निगरानी प्रणाली
    पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखते हुए खनन क्षेत्र को अधिक पारदर्शी और वैज्ञानिक रूप से संचालित करने के लिए सरकार ने कई नई पहल की हैं। सेटेलाइट इमेजरी और माइनिंग सर्विलियेंस सिस्टम के माध्यम से अवैध खनन की निगरानी की जा रही है। गौण खनिज खानों में सुव्यवस्थित और वैज्ञानिक पद्धति से खनन को बढ़ावा देने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता दी गई है। राज्य सरकार बेहतर कार्य करने वाले पट्टेधारियों को ‘स्टार रेटिंग’ प्रणाली के तहत प्रोत्साहित कर रही है।
    खनिज राजस्व से सामाजिक विकास और बुनियादी सुविधाओं में निवेश
    खनिज राजस्व का एक बड़ा हिस्सा प्रदेश के सामाजिक विकास में निवेश किया जा रहा है। जिला खनिज संस्थान न्यास के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2024-25 में अब तक 1,673 करोड़ रुपये की निधि प्राप्त हुई है, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल और कौशल विकास सहित 9,362 विकास कार्यों को मंजूरी दी गई। इससे खनन प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के जीवन स्तर में महत्वपूर्ण सुधार हो रहा है।
    खनिज अन्वेषण कार्यों का विस्तार और नई परियोजनाएँ
    राज्य सरकार ने चूना पत्थर, बॉक्साइट, लौह अयस्क और ग्रेफाइट सहित कुल 13 खनिज परियोजनाओं में अन्वेषण कार्य शुरू किया है। प्रारंभिक सर्वेक्षणों में चूना पत्थर के 283 मिलियन टन, लौह अयस्क के 67 मिलियन टन और बॉक्साइट के 3 लाख टन भंडार का अनुमान लगाया गया है। स्वर्ण, ग्रेफाइट और ग्लूकोनाइट जैसे खनिजों की खोज भी की जा रही है, जिससे राज्य के खनन क्षेत्र को और मजबूती मिलेगी। इसके अलावा, सूरजपुर जिले के जाजावल क्षेत्र में यूरेनियम ब्लॉक के लिए परमाणु ऊर्जा विभाग को प्रस्ताव भेजा गया है। कोल बेड मीथेन पूर्ववर्ती कोरिया जिले में वेदांता लिमि. एवं ऑईलमैक्स को पेट्रोलियम अन्वेषण लायसेंस स्वीकृत किया गया है। मैंगनीज ओर इंडिया लि. (मोईल) द्वारा सीएमडीसी के साथ प्रदेश में प्रथम बार बलरामपुर क्षेत्र में खनिज मैगनीज का भंडार चिन्हित किया गया है।

    मुख्य खनिजों के लिए अन्वेषण हेतु केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय खनिज अन्वेषण ट्रस्ट की स्थापना की गई है। इसी तर्ज पर खनिज विभाग द्वारा राज्य के गौण खनिजों के व्यवस्थित विकास एवं अन्वेषण के लिए राज्य खनिज अन्वेषण ट्रस्ट की स्थापना की योजना पर कार्य किया जा रहा है।

    उल्लेखनीय है कि प्राकृतिक संसाधनों की दृष्टि से छत्तीसगढ़ देश के समृद्ध राज्यों में से एक है। कोयला, लौह अयस्क, चूना पत्थर, बॉक्साइट, स्वर्ण, निकल, क्रोमियम और प्लेटिनम समूह के तत्व सहित कुल 28 प्रकार के खनिजों की प्रचुरता ने इस राज्य को देश के खनन क्षेत्र में एक अग्रणी भूमिका में ला खड़ा किया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार की पारदर्शी नीतियों, सतत विकास की रणनीतियों और कुशल प्रशासनिक प्रयासों के चलते छत्तीसगढ़ भारत के अग्रणी औद्योगिक और आर्थिक केंद्र के रूप में उभर रहा है। खनिज संपदा के माध्यम से प्रदेश न केवल आर्थिक मजबूती प्राप्त कर रहा है, बल्कि हरित और सतत विकास की दिशा में भी अग्रसर हो रहा है। आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ अपनी समृद्ध खनिज संपदा और रणनीतिक पहल के साथ भारत के माइनिंग हब के रूप में अपनी पहचान और अधिक सशक्त करेगा।

    मुख्यमंत्री साय ने बार काउंसिल के जीर्णोद्धार एवं ई-लाइब्रेरी निर्माण के लिए 1 करोड़ रुपए प्रदान करने की घोषणा की
    जिला अधिवक्ता संघ के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को दिलाई शपथ
    रायपुर /शौर्यपथ /जशपुर जिला व्यवहार न्यायालय में आयोजित जिला अधिवक्ता संघ के शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को शपथ दिलाई और उन्हें न्यायिक सेवा के प्रति समर्पण का संकल्प दिलाते हुए शुभकामनाएं दीं। समारोह में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश  मंसूर अहमद, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश जनार्दन खरे, विधायक श्रीमती गोमती साय और श्रीमती रायमुनी भगत सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
    शपथ ग्रहण करने वालों में अध्यक्ष श्री ओम प्रकाश साय, वरिष्ठ उपाध्यक्ष  जनार्दन प्रसाद सिन्हा, कनिष्ठ उपाध्यक्ष श्रीमती दीपिका कुजूर, सचिव सत्य प्रकाश तिवारी, सह सचिव  सूरज चौरसिया, कोषाध्यक्ष सुचेन्द्र कुमार सिंह, ग्रंथपाल  गोपाल प्रसाद रवानी और क्रीड़ा एवं सांस्कृतिक सचिव  सत्येन्द्र जोल्हे शामिल थे। मुख्यमंत्री साय ने अधिवक्ता संघ के सभी पदाधिकारियों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि न्यायपालिका लोकतंत्र की रीढ़ है और अधिवक्ताओं की इसमें प्रमुख भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं को पूरी प्रतिबद्धता और समर्पण के साथ न्याय प्रक्रिया को तेज करने में योगदान देना चाहिए, ताकि समाज के सबसे वंचित तबके को भी न्याय सुलभ हो सके।
    जशपुर अधिवक्ता संघ की ऐतिहासिक भूमिका और न्याय की परंपरा
    मुख्यमंत्री साय ने जशपुर जिला अधिवक्ता संघ के ऐतिहासिक योगदान की चर्चा करते हुए कहा कि यह संघ हमेशा से सामाजिक न्याय और विधिक सेवा में अग्रणी रहा है। उन्होंने श्री भारतचंद काबरा, श्री बालासाहेब देशपांडे और श्री नरहरि साय जैसी विभूतियों का स्मरण करते हुए कहा कि इन सभी ने शोषित, पीड़ित और वंचित लोगों को न्याय दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने अधिवक्ताओं से आह्वान किया कि वे इस परंपरा को बनाए रखते हुए लोगों के अधिकारों की रक्षा करें और उनके लिए न्याय की राह को सुगम बनाएं।
    बार काउंसिल के जीर्णोद्धार एवं ई-लाइब्रेरी के लिए 1 करोड़ रुपये की घोषणा
    मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिवक्ताओं के लिए सुविधा और संसाधनों को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए बार काउंसिल के जीर्णोद्धार और ई-लाइब्रेरी के निर्माण हेतु 1 करोड़ रुपये की घोषणा की। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक के इस दौर में ई-लाइब्रेरी से अधिवक्ताओं और कानून के छात्रों को नवीनतम विधिक जानकारी और अद्यतन संदर्भ सामग्री तक सहज पहुंच प्राप्त होगी। इससे न्यायिक प्रक्रियाओं में दक्षता बढ़ेगी और नए अधिवक्ताओं को अध्ययन व अनुसंधान के बेहतर अवसर मिलेंगे।
    न्यायपालिका और अधिवक्ता संघ का अटूट रिश्ता – प्रधान जिला न्यायाधीश
    इस अवसर पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री मंसूर अहमद ने कहा कि न्यायपालिका और अधिवक्ता संघ के बीच अटूट रिश्ता है, और दोनों को मिलकर समाज में न्याय और विधि व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए कार्य करना  चाहिए। उन्होंने अधिवक्ताओं को न्याय की गरिमा बनाए रखने और विधिक सेवा को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने की अपील की।
    इस अवसर पर वक्ताओं ने अधिवक्ताओं की समाज में भूमिका, विधिक सहायता की आवश्यकता और न्याय प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने के उपायों पर विचार साझा किए।
    शपथ ग्रहण समारोह में कलेक्टर रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह, पवन साय, कृष्ण कुमार राय, रामप्रताप सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिवक्ता एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

    सोनार समाज के सामाजिक भवन के लिए 25 लाख रुपये की घोषणा
    रायपुर /शौर्यपथ /मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज जशपुर विकासखंड के श्याम पैलेस में आयोजित राष्ट्रीय कन्नौजिया सोनार महापरिवार जशपुर मंडल के प्रतिभा सम्मान समारोह में शामिल हुए। उन्होंने समाज को सामाजिक भवन के निर्माण के लिए 25 लाख रुपये की वित्तीय सहायता देने की घोषणा की। इस अवसर पर उन्होंने कक्षा 10वीं और 12वीं में उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने वाले, आईआईटी और मेडिकल प्रवेश परीक्षा में सफलता पाने वाले होनहार छात्रों को प्रतीक चिन्ह और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
    सोनार समाज के सामाजिक कार्यों की सराहना
    मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि सोनार समाज सामाजिक सेवा के क्षेत्र में अनुकरणीय कार्य कर रहा है। उन्होंने विशेष रूप से निशुल्क मोतियाबिंद ऑपरेशन शिविर, निर्धन बेटियों के विवाह, रक्तदान शिविर और वृक्षारोपण जैसे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि समाज सेवा के ये प्रयास दूसरों के लिए भी प्रेरणादायक हैं और इससे पूरे समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।
    शिक्षा को बताया सबसे बड़ा हथियार, कमजोर परिवारों की मदद का आह्वान
    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शिक्षा व्यक्ति के जीवन को नई दिशा देती है और उसके रहन-सहन को संवारती है। उन्होंने सोनार समाज से अपील की कि वे अपने बच्चों को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाएं और कमजोर परिवारों के बच्चों को भी पढ़ाई में सहयोग दें। उन्होंने कहा कि शिक्षा सबसे बड़ा हथियार है, जिससे न केवल व्यक्ति का भविष्य उज्ज्वल होता है, बल्कि पूरे समाज की प्रगति सुनिश्चित होती है।
    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि उनकी सरकार को बने 15 महीने हो चुके हैं, और इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की गारंटी को पूरा करने के लिए तेजी से कार्य किया जा रहा है। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, कृष्णा राय, डॉ. राम प्रताप सिंह, विजय आदित्य सिंह जूदेव, सोनार समाज के जिला अध्यक्ष श्री विकास सोनी सहित बड़ी संख्या में सोनार समाज के लोग उपस्थित थे।

       रायपुर /शौर्यपथ /राज्यपाल रमेन डेका ने कोरबा कलेक्ट्रेट परिसर में एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत बादाम के पौधे लगाए। इस दौरान उन्होंने पर्यावरण संरक्षण और धरती को हरा भरा बनाने सभी को अपने आसपास पौधे लगाने के लिए प्रेरित किया।

    सरल, सहज और आत्मीय मुख्यमंत्री से मिलने उमड़ा जनसैलाब
    रायपुर/शौर्यपथ /मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने होली के रंगों में सराबोर अपने गृह ग्राम बगिया में ग्रामीणों के साथ आत्मीयता से होली का पर्व मनाया। मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय बगिया में सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग उनसे मिलने और होली की शुभकामनाएं देने पहुंचे। मुख्यमंत्री ने सभी का गर्मजोशी से स्वागत किया, गुलाल लगाया और पर्व की शुभकामनाएं दीं।
    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि होली केवल रंगों का नहीं, बल्कि प्रेम, सौहार्द्र और आपसी मेलजोल का उत्सव है। यह पर्व हमें हर भेदभाव भूलाकर एकता और भाईचारे का संदेश देता है। उन्होंने ग्रामीणों से संवाद करते हुए उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं पर भी चर्चा की।
    होली के इस उल्लासमय अवसर पर ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री के साथ खुशियों के रंग बांटे, पारंपरिक व्यंजनों का आनंद लिया और इस पर्व को सामाजिक सौहार्द्र और उल्लास के साथ मनाया।
    सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में नितेश कच्छप और उनकी टीम ने होली के पारंपरिक लोकगीतों की मनमोहक प्रस्तुति दी, जिससे पूरा माहौल रंगीन और संगीतमय हो गया।
    कार्यक्रम में कलेक्टर रोहित व्यास, एसएसपी शशि मोहन सिंह, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार, जनप्रतिनिधिगण, वरिष्ठ अधिकारीगण, पत्रकार बंधु और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

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