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रायपुर/शौर्यपथ //मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भारतीय क्रिकेट टीम को आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी 2025 के फाइनल में शानदार जीत की बधाई और शुभकामनाएँ दी हैं। दुबई में खेले गए इस रोमांचक मुकाबले में भारत ने न्यूजीलैंड को 4 विकेट से हराकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की। मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि को 140 करोड़ भारतीयों की उम्मीदों और दृढ़ संकल्प की जीत करार दिया।
मुख्यमंत्री साय ने भारतीय टीम के जुझारूपन, अनुशासन और टीम वर्क की सराहना करते हुए कहा कि बारह वर्षों के लंबे इंतजार के बाद भारत ने एक बार फिर चैम्पियंस ट्रॉफी अपने नाम की।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह जीत हर भारतीय के लिए गर्व का क्षण है। उन्होंने टीम इंडिया को भविष्य की प्रतियोगिताओं के लिए शुभकामनाएँ देते हुए विश्वास जताया कि भारतीय क्रिकेट टीम आने वाले वर्षों में भी इसी जोश और जज्बे के साथ देश को गौरवान्वित करती रहेगी।
कारोबार को आगे बढ़ाने हरसंभव सहायता देने का भी आश्वासन दिया
शॉर्क टैंक कार्यक्रम में पहुंचने वाली ईशा ने कलेक्टर से की मुलाकात
धमतरी/शौर्यपथ /धमतरी जैसे छोटे शहर से सफल स्टार्टअप शुरू कर अपने उत्पादों को देश-विदेश में बेचने वाली शहर की ईशा झंवर ने आज कलेक्टर अबिनाश मिश्रा से सौजन्य मुलाकात की। कलेक्टर मिश्रा ने ईशा को प्रदेश के युवाओं खासकर युवतियों-महिलाओं के लिए रोल मॉडल बताते हुए स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। उन्होंने ईशा जैसी युवतियों को आने वाले दिनों में देश-प्रदेश के विकास की महत्वपूर्ण धुरी बताया और ईशा को उसके व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। कलेक्टर ने ईशा से उसके व्यवसाय, उसे चलाने में आई परेशानियों के साथ उनके सफल समाधान के बारे में पूछा। कलेक्टर ने ईशा के प्रतिष्ठित टीवी कार्यक्रम शॉर्क टैंक तक पहुंचने पर बधाई भी दी। श्री मिश्रा ने उद्योग विभाग के जिला स्तरीय अधिकारियों को ईशा की सहायता से स्थानीय स्तर पर युवाओं को अपने स्टार्टअप शुरू करने और अलग-अलग तरह के व्यवसायों के प्रति प्रेरित करने के लिए कार्यशाला आदि आयोजित करने के भी मौके पर ही निर्देश दिए।
धमतरी की ईशा झंवर ने प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना के तहत सरकारी मदद से अपने मूल उद्योग धनश्री फुड के माध्यम से कैमिकल फ्री खाद्य पदार्थ बनाने का स्टार्टअप शुरू किया है। ईशा धमतरी के लोहरसी में उत्पादन यूनिट लगाकर कैमिकल फ्री टोमेटो कैचप, इमली कैचप, मनोनिस, पिज्जा- पास्ता सॉस जैसे उत्पाद बना रहीं हैं। ईशा को इसके लिए 40 लाख रूपये का ऋण और राज्य के उद्योग विभाग के माध्यम से 10 लाख रूपये की सरकारी सब्सिडी भी मिली है।
कलेक्टर अबिनाश मिश्रा से मुलाकात के दौरान ईशा ने बताया कि उनकी फैक्ट्री में गुड़-टमाटर पेस्ट, इलाईची, काली मिर्च, लौंग जैसे कैमिकल फ्री पदार्थों से उत्पाद बनाए जाते हैं। इनमें किसी तरह के रसायनिक पदार्थ या कलर आदि नहीं मिलाए जाते। ईशा ने बताया कि उनके उत्पादों को एफएसएसएआई से भी मान्यता मिली है। वे अपने उत्पादों का विपणन रीपिट गुड नाम की मार्केटिंग एजेंसी के माध्यम से करतीं हैं। कलेक्टर ने ईशा से इनके उत्पादों के बाजार और लॉजिस्टिक आदि के बारे में भी जानकारी ली। ईशा ने बताया कि उनका अधिकांश उत्पादन मुंबई, दिल्ली और बैंगलोर जैसे महानगरों में ही बिक जाता है। अन्य शहरों में भी इन उत्पादों के लिए बाजार तैयार करने में वे लगीं हैं। ईशा ने बताया कि वे आने वाले दिनों में अधिक खपत वालो शहरों में वेयर हाउस भी शुरू करेंगी, जहां उत्पादों को मांग के अनुसार निर्धारित मात्रा- संख्या में स्टोर करके रखा जा सकेगा। ईशा ने यह भी बताया कि जल्द ही उनकी योजना अपनी उत्पादन यूनिट का विस्तार करने की भी है।
बिहान से जुड़कर हो रहीं सशक्त, मेहनत और लगन से परिवार को दे रहीं आर्थिक संबल
रायपुर/शौर्यपथ /महिलाओं के कल्याण और सशक्तिकरण के लिए केंद्र एवं राज्य शासन द्वारा कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। इन योजनाओं में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ’’बिहान’’ ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभा रहा है। कोण्डागांव जिले की महिलाएं अब सिर्फ घर तक सीमित नहीं हैं, बल्कि कृषि, पशुपालन, सिलाई, बुनाई, दुकान और अन्य छोटे व्यवसायों से जुड़कर अपनी आमदनी बढ़ा रही हैं और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत कर रही हैं। जिले की कई महिलाएं अपनी मेहनत और लगन से शासन की योजनाओं का लाभ उठाकर सफलता की नई कहानी लिख रही हैं। आज हम ऐसी ही महिलाओं की प्रेणादायक कहानी साझा कर रहे हैं, जिन्होंने बिहान से जुड़कर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया और आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश की।
चंद्रिका मरकाम बनी आत्मनिर्भरता की मिसाल
ऐसी ही कहानी माकड़ी विकासखंड के ग्राम पंचायत ओण्डरी की रहने वाली श्रीमती चंद्रिका मरकाम की है, जिन्होंने वर्ष 2014 में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ’’बिहान’’ के अंतर्गत मां शक्ति स्व-सहायता समूह से जुड़कर अपने आत्मनिर्भर बनने की यात्रा शुरू की। उस समय उनकी आर्थिक स्थिति काफी कमजोर थी, और परिवार पूरी तरह से कृषि पर निर्भर था, जिससे होने वाली आय परिवार के जीवनयापन के लिए पर्याप्त नहीं था।
स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद उनकी जिंदगी में बड़ा बदलाव आया। ’’बिहान’’ के तहत मिली वित्तीय सहायता से उन्होंने डेयरी व्यवसाय की शुरुआत की। धीरे-धीरे व्यवसाय को बढ़ाया, जिससे अब उन्हें स्थायी आय प्राप्त हो रही है। वर्तमान में श्रीमती चंद्रिका मरकाम को विभिन्न आजीविका गतिविधियों से 2,18,000 रुपये की वार्षिक आय हो रही है, जिसमें डेयरी व्यवसाय और कृषि से प्राप्त आय शामिल है। राज्य शासन की महतारी वंदन योजना की राशि सहित उन्हें महीने में कुल 18,166 रूपए की आमदनी हो रही है। अब उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो चुकी है और वे अपने परिवार की सभी आवश्यकताओं को आसानी से पूरा कर पा रही हैं। साथ ही बच्चों की शिक्षा में भी अब कोई बाधा नहीं है। श्रीमती चंद्रिका मरकाम ने बिहान से जुड़कर आत्मविश्वास और अपनी मेहनत के बल पर इस मुकाम पर पहुंची है, जो जिले के अन्य महिलाओं के लिए एक मिसाल है।
संतोषी ने कपड़ा व्यवसाय से परिवार को दी आर्थिक मजबूती
ग्राम पंचायत हीरापुर, विकासखंड माकड़ी की रहने वाली संतोषी देवांगन शादी के बाद आर्थिक तंगी से जूझ रही थीं। उनके पति की एक छोटी सी दुकान थी, जिससे घर चलाना मुश्किल हो रहा था। पूंजी की कमी के कारण वे कोई नया काम नहीं कर पा रही थीं। वर्ष 2017 में उन्होंने 10 महिलाओं के साथ मिलकर जय मां धरती स्व-सहायता समूह से जुड़ने का फैसला किया।
समूह की बचत सामुदायिक निवेश कोष एवं बैंक लिंकेज से प्राप्त 8.51 लाख रुपये की सहायता से उन्होंने कपड़े की दुकान शुरू की। धीरे-धीरे उनकी दुकान में ग्राहकों की संख्या बढ़ी और अब वे हर महीने 18,000 रुपये तक की आय अर्जित कर रही हैं। साथ ही संतोषी को राज्य सरकार के द्वारा महतारी वंदन योजना का भी लाभ मिल रहा है। इस तरह आज संतोषी न सिर्फ अपने परिवार का भरण-पोषण कर रही हैं, बल्कि अपने दो बच्चों को अच्छी शिक्षा भी दिला रही हैं। उनके पति को भी व्यापार में सहयोग मिल रहा है, जिससे उनका परिवार समृद्ध और आत्मनिर्भर बन चुका है।
मुर्गी एवं बटेर पालन से अनिता को मिली एक नई पहचान
कोंडागांव जिले के केशकाल विकासखंड के धनोरा गांव की अनिता मंडावी पहले केवल मजदूरी और कृषि पर निर्भर थीं। वर्ष 2018 में उन्होंने जय अम्बे स्व-सहायता समूह से जुड़ने का निर्णय लिया और वर्ष 2022 में मुर्गी एवं बटेर पालन का कार्य शुरू किया। उन्होंने बैंक एवं सामुदायिक निवेश कोष से 1.50 लाख रुपये की सहायता प्राप्त की और 1 लाख रुपये की लागत से व्यवसाय की शुरुआत की। आज उनकी मासिक आय 20,000 रुपये तक पहुंच गई है, अनिता को महतारी वंदन योजना के तहत एक हजार रूपये हर महीने मिल रहा है इसके साथ ही कृषि, मजदूरी भी करती हैं। इस तरह अनिता बिहान से जुड़ कर अब तक 3 लाख रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित कर चुकी हैं और उनका परिवार आर्थिक रूप से सशक्त हो गया है। अब वे अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही हैं।
उन्नत खेती से लखपति बनीं दयावती देवांगन
ग्राम पंचायत बफना की श्रीमती दयावती देवांगन ने कड़ी मेहनत और नई कृषि तकनीकों को अपनाकर आर्थिक समृद्धि की ओर कदम बढ़ाया है। उन्होंने आईएफसी क्लस्टर के तहत सब्जी उत्पादन शुरू किया और अब तक एक लाख रुपये से अधिक की आय अर्जित कर लखपति दीदी बन गई हैं।
दयावती ने अपने एक एकड़ खेत में मिर्ची, बरबटी, प्याज और लौकी की खेती शुरू की। पहले परंपरागत खेती करने के कारण उत्पादन कम था, लेकिन ड्रिप सिंचाई तकनीक अपनाने से न केवल उत्पादन में वृद्धि हुई, बल्कि पानी की भी बचत हुई। उन्होंने जैविक खाद का उपयोग कर स्वास्थ्यवर्धक और ताजी सब्जियां उगा रही है।
दयावती जय मां शारदा स्व-सहायता समूह की सदस्य हैं। पहले उनके परिवार की आय केवल खेती पर निर्भर थी, जिससे घर चलाना मुश्किल हो रहा था। समूह से जुड़ने के बाद वे कृषि सखी बनीं और आधुनिक खेती शुरू की, जिससे अच्छी आमदनी होने लगी। दयावती के परिवार को राज्य सरकार के महतारी वंदन योजना के तहत 3,000 रुपये प्रतिमाह की सहायता राशि मिल रही है। साथ ही प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत सालाना 6,000 की आर्थिक मदद मिल रहा है। आज दयावती का परिवार आर्थिक रूप से सशक्त हुआ है और घर के बच्चों को बेहतर शिक्षा भी दे पा रही हैं।
‘छत्तीसगढ़ एनर्जी इंवेस्टर्स समिट’ में अदानी, जिंदल और एनटीपीसी समेत कई कंपनियों ने किया निवेश का ऐलान
थर्मल पॉवर प्रोजेक्ट में 1 लाख करोड़ से ज्यादा का मिला निवेश प्रस्ताव
57,000 करोड़ की जलविद्युत परियोजनाएं, नदियों से बनेगी बिजली
थर्मल और न्यूक्लियर पावर से भी मिलेगी छत्तीसगढ़ को ऊर्जा
रायपुर/शौर्यपथ /छत्तीसगढ़ अब ऊर्जा क्रांति की ओर तेजी से बढ़ रहा है। आज रायपुर में हुए ‘छत्तीसगढ़ एनर्जी इंवेस्टर्स समिट’ में कई बड़ी कंपनियों ने 3 लाख करोड़ से ज्यादा के निवेश का ऐलान किया है. इस निवेश से राज्य में परमाणु, थर्मल, सौर और पंप्ड स्टोरेज जैसे क्षेत्रों में बिजली उत्पादन के नए प्रोजेक्ट शुरू होंगे। इससे न केवल उद्योगों को फायदा मिलेगा, बल्कि आम लोगों को भी सस्ती और निरंतर बिजली मिल सकेगी।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का कहना है कि छत्तीसगढ़ में ऊर्जा के क्षेत्र में यह निवेश राज्य की बिजली उत्पादन क्षमता को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा और नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देकर हरित भविष्य का मार्ग प्रशस्त करेगा। हमारा लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ न केवल ऊर्जा में आत्मनिर्भर बने, बल्कि पूरे देश के लिए एक ऊर्जा हब के रूप में स्थापित हो।
छत्तीसगढ़ पहले से ही 30,000 मेगावाट बिजली का उत्पादन कर रहा है, जो देश के औसत से ज्यादा है। अब हर व्यक्ति को 2048 किलोवाट-घंटे बिजली मिल रही है, जिससे राज्य की ऊर्जा जरूरतें पूरी हो रही हैं।
परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में एनटीपीसी ने 80,000 करोड़ रुपये की लागत से 4200 मेगावाट क्षमता का न्यूक्लियर पावर प्रोजेक्ट लगाने की योजना बनाई है। इससे छत्तीसगढ़ में परमाणु ऊर्जा से बिजली उत्पादन की शुरुआत होगी।
थर्मल पावर क्षेत्र में भी बड़े निवेश की घोषणा हुई है। अदानी पावर 66,720 करोड़ रुपये खर्च कर कोरबा, रायगढ़ और रायपुर में 1600-1600 मेगावाट के तीन थर्मल पावर प्लांट लगाएगा। जिंदल पावर रायगढ़ में 1600 मेगावाट बिजली उत्पादन के लिए 12,800 करोड़ रुपये का निवेश करेगा, जबकि सरदा एनर्जी रायगढ़ में 660 मेगावाट क्षमता के प्लांट के लिए 5,300 करोड़ रुपये लगाएगी। इसके अलावा, सरकारी कंपनियां एनटीपीसी और सीएसपीजीसीएल 41,120 करोड़ रुपये की लागत से 4500 मेगावाट बिजली उत्पादन करेंगी।
सौर ऊर्जा के क्षेत्र में भी छत्तीसगढ़ को बड़ी सफलता मिली है। जिंदल पावर और एनटीपीसी ग्रीन मिलकर 10,000 करोड़ रुपये खर्च कर 2500 मेगावाट सौर बिजली का उत्पादन करेंगे। इसमें डोलेसरा में 500 मेगावाट और रायगढ़ में 2000 मेगावाट के सौर प्लांट शामिल होंगे।
किसानों के लिए भी खुशखबरी है। पीएम कुसुम योजना के तहत 4100 करोड़ रुपये की लागत से 675 मेगावाट सौर बिजली का उत्पादन किया जाएगा और 20,000 सोलर पंप लगाए जाएंगे। इससे किसानों को सिंचाई के लिए सस्ती बिजली मिलेगी और डीजल पंपों की जरूरत कम होगी।
इसके अलावा, 57,046 करोड़ रुपये की लागत से 8700 मेगावाट क्षमता के पंप्ड स्टोरेज प्रोजेक्ट भी शुरू होंगे। इसमें एसजेएन कोटपाली में 1800 मेगावाट और जिंदल रिन्यूएबल द्वारा 3000 मेगावाट के प्रोजेक्ट शामिल हैं।
इन सभी निवेशों के जरिए छत्तीसगढ़ जल्द ही देश के सबसे बड़े ऊर्जा उत्पादक राज्यों में शामिल हो जाएगा। इससे उद्योगों, किसानों और आम लोगों को फायदा होगा और राज्य की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी।
प्रमुख निवेश और योजनाएं
1. परमाणु ऊर्जा: साफ और कुशल ऊर्जा उत्पादन के लिए ₹80,000 करोड़ का निवेश।
2. ताप विद्युत: राज्य की ताप विद्युत क्षमता को मजबूत करने के लिए ₹1,07,840 करोड़।
3. सौर ऊर्जा: सौर ऊर्जा परियोजनाओं के विस्तार के लिए ₹10,000 करोड़।
4. पीएम कुसुम योजना: किसानों के बीच सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए ₹4,100 करोड़।
5. पंप्ड स्टोरेज परियोजनाएं (PSP): ग्रिड स्थिरता के लिए ऊर्जा भंडारण में ₹57,046 करोड़।
6. क्रेडा सौर पहल: सौर ऊर्जा विस्तार के लिए ₹3,200 करोड़।
7. पीएम सूर्य योजना: राष्ट्रीय सौर छत परियोजना के तहत ₹6,000 करोड़।
8. सरकारी भवनों में सौर ऊर्जा: सरकारी इमारतों में सौर ऊर्जा अपनाने के लिए ₹2,500 करोड़।
9. बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (BESS): ऊर्जा भंडारण क्षमता बढ़ाने के लिए ₹2,600 करोड़।
10. पावर ट्रांसमिशन नेटवर्क: बिजली पारेषण नेटवर्क को उन्नत करने के लिए ₹17,000 करोड़।
11. RDSS (वितरण क्षेत्र योजना): वितरण बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए ₹10,800 करोड़।
12 मार्च से 10 अप्रैल 2025 तक कर सकते हैं आवेदन
रायपुर/शौर्यपथ /भारतीय सेना में अग्निवीर पदों की भर्ती के लिए युवाओं के लिए सुनहरा अवसर मिलने जा रहा है। इच्छुक युवा 12 मार्च से अपना ऑनलाईन आवेदन प्रस्तुत कर सकते है। सेना भर्ती कार्यालय रायपुर से प्राप्त जानकारी के अनुसार अग्निवीरों की भर्ती के लिए अधिसूचना जारी की जा चुकी है, जो भारतीय सेना की वेबसाइट
http://www.joinindianarmy.nic.in/
पर उपलब्ध है। अग्निवीर की भर्ती जनरल, तकनीकी, क्लर्क, ट्रेडमेन (8वीं एवं 10वीं), महिला सैन्य पुलिस और रेगुलर कैडर भर्ती धर्म गुरू, नर्सिंग सहयोगी और सिपाही फार्मा के पदों के लिए जारी की गई है। इच्छुक युवा सेना में भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रकिया 12 मार्च से 10 अप्रैल 2025 तक कर सकते हैं।
अभ्यार्थी अग्निवीर के दो पदों के लिए अपनी योग्यता अनुसार आवेदन कर सकते है। अग्निवीर क्लर्क के अभ्यार्थियों को ऑनलाइन परीक्षा सीईई के समय टाइपिंग टेस्ट भी देना होगा। ऑनलाइन परीक्षा सीईई जून 2025 मे होने की संभावना है।
किसी भी अन्य जानकारी और समस्या के लिए युवा सेना भर्ती कार्यालय रायपुर के टेलिफोन नंबर 0771-2965212/0771-2965214 पर संपर्क कर सकते हैं। सेना के अधिकारियों ने बताया है कि भारतीय सेना में चयन निष्पक्ष, पारदर्शी और केवल योग्यता के आधार पर की जाती है। इसलिए किसी भी अनाधिकृत व्यक्तियों के झांसे में न आए।
विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए आवश्यक है कि हम स्वदेशी को अपनाएं - मुख्यमंत्री साय
मुख्यमंत्री साय स्वदेशी जागरण मंच की अखिल भारतीय कार्यकारिणी परिषद की बैठक में हुए शामिल
रायपुर/शौर्यपथ /मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ में उद्यमिता आयोग के गठन की घोषणा की है। यह आयोग राज्य में उद्यमशीलता की संस्कृति को मजबूत करेगा और रोजगार सृजन की संभावनाओं का अध्ययन करेगा। इसके तहत युवाओं के कौशल विकास और रोजगार प्रशिक्षण के लिए कार्य किया जाएगा।
मुख्यमंत्री साय ने यह घोषणा आज राजधानी रायपुर स्थित अग्रसेन धाम में स्वदेशी जागरण मंच की अखिल भारतीय कार्यकारिणी परिषद की बैठक को संबोधित करते हुए की। इस अवसर पर उन्होंने मंच की ऐतिहासिक यात्रा को समर्पित पुस्तक "स्वदेशी की विकास यात्रा" का विमोचन भी किया।
स्वदेशी अपनाना विकसित भारत की दिशा में सबसे महत्वपूर्ण कदम
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि "विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत @2047" के निर्माण के लिए हमें स्वदेशी को आत्मसात करना होगा। उन्होंने कहा कि स्वदेशी जागरण मंच हमेशा से आत्मनिर्भरता और स्वदेशी उद्योगों को बढ़ावा देने की वकालत करता रहा है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भारत एक विशाल और संपन्न देश है। यहाँ प्रचुर प्राकृतिक संसाधन उपलब्ध हैं, और साथ ही हमारे पास विश्व की सबसे बड़ी युवा आबादी है। यह हमें न केवल एक विशाल उपभोक्ता बाजार प्रदान करता है, बल्कि नवाचार और औद्योगिकीकरण के लिए भी असीम संभावनाएँ खोलता है।
मुख्यमंत्री साय ने वैश्विक परिदृश्य में आ रहे बदलावों की ओर भी ध्यान दिलाया। उन्होंने कहा कि वैश्विक व्यवस्था में आ रहे परिवर्तनों को देखते हुए स्वदेशी जागरण मंच जैसी राष्ट्रीय संस्थाओं की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है।
मेक इन इंडिया से आत्मनिर्भर भारत की ओर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में "मेक इन इंडिया" अभियान ने भारत में स्वदेशी उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए उद्योगों को संरक्षण और समर्थन प्रदान किया। उन्होंने कहा कि आज भारत लगभग हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन चुका है। हमने अपने उद्योगपतियों को प्रोत्साहित किया, उन्हें आवश्यक सुविधाएँ दीं और इसका परिणाम यह हुआ कि हम अब न केवल घरेलू जरूरतों को पूरा कर रहे हैं, बल्कि वैश्विक बाजार में भी मजबूती से उभर रहे हैं।
बस्तर क्षेत्र में स्वदेशी उद्योगों को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री साय ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के पुनर्निर्माण और विकास के लिए स्वदेशी जागरण मंच की सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की नई नीतियों और सुरक्षा बलों के प्रभावी प्रयासों के कारण नक्सलवाद अब बहुत सीमित क्षेत्र में सिमट गया है। अब समय आ गया है कि स्वदेशी जागरण मंच के सहयोग से इन क्षेत्रों में उद्योग-धंधे स्थापित किए जाएँ, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार मिले और वे नक्सलवाद की ओर न जाने पाएं।
नई औद्योगिक नीति: रोजगार सृजन को सर्वोच्च प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति को प्रदेश की प्राकृतिक संपदा और क्षेत्रीय आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किया गया है। इस नीति में रोजगार सृजन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।
सिंगल विंडो सिस्टम लागू किया गया है ताकि उद्योग स्थापित करने की प्रक्रिया को तेज और सरल बनाया जा सके। स्थानीय संसाधनों के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रोत्साहन योजनाएँ भी चलाई जा रही हैं।
उद्यमिता को मिलेगा बढ़ावा, श्रेष्ठ उद्यमियों को किया गया सम्मानित
कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में सफल उद्यमियों को "उद्यमिता प्रोत्साहन पुरस्कार" से सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि युवा और नवाचार आधारित स्टार्टअप्स को सरकार हर संभव सहायता देगी। बैठक में स्वदेशी जागरण मंच के राष्ट्रीय संयोजक श्री आर. सुंदरम, अखिल भारतीय संगठक श्री कश्मीरी लाल, छत्तीसगढ़ प्रांत संयोजक श्री जगदीश पटेल, देश के प्रतिष्ठित उद्यमी, प्रोफेसर, कुलपति, आर्थिक विशेषज्ञ और स्वदेशी जागरण मंच तथा स्वावलंबी भारत अभियान के पदाधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ अब न केवल एक औद्योगिक केंद्र बनने की ओर अग्रसर है, बल्कि स्वदेशी को अपनाकर "आत्मनिर्भर भारत" के संकल्प को और मजबूत कर रहा है।
बालोद एवं दल्लीराजहरा नगर पालिका के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए उप मुख्यमंत्री
रायपुर/शौर्यपथ /उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने कहा कि बालोद और दल्लीराजहरा शहर की नई सरकार नागरिकों के हितों को ध्यान में रखते हुए उनकी आशा एवं आकांक्षाओं के अनुरूप कार्य करेगी। गंगा मइया के आशीर्वाद से दोनों नगरीय निकायों के नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधि पूरी निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे। शहर के लोगों ने जिस उम्मीद और भरोसे के साथ उन्हें चुना है, उस पर खरा उतरेंगे। साव ने आज बालोद जिला मुख्यालय तथा दल्लीराजहरा नगर पालिका में नवनिर्वाचित अध्यक्षों और पार्षदों के शपथ ग्रहण समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए ये बातें कहीं। सासंद भोजराज नाग भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
दल्लीराजहरा के बीएसपी स्कूल क्रमांक-6 में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में नगर पालिका के नवनिर्वाचित अध्यक्ष श्री तोरण लाल साहू एवं पार्षदों को अपर कलेक्टर एवं पीठासीन अधिकारी अजय किशोर लकरा ने शपथ दिलाई। वहीं बालोद के पुराना टाउन हाॅल परिसर में आयोजित समारोह में नगर पालिका की नवनिर्वाचित अध्यक्ष श्रीमती प्रतिभा चौधरी एवं पार्षदों ने शपथ ग्रहण किया। उन्हें एसडीएम एवं पीठासीन अधिकारी सुरेश साहू ने शपथ दिलाई।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने दोनों नगर पालिकाओं के नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए शहर के चहुँमुखी विकास के लिए पूरी निष्ठा व समर्पण से कार्य करने को कहा। उन्होेंने कहा कि बालोद एवं दल्लीराजहरा केवल शहर ही नहीं हैं, यहाँ के सभी निवासी हमारा परिवार है। उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों नगर पालिकाओं के नवनिर्वाचित अध्यक्ष और सभी पार्षदगण शहर के सर्वांगीण विकास तथा बुनियादी सुविधाओं से युक्त स्वच्छ, सुंदर एवं सुव्यवस्थित शहर के निर्माण के लिए पूरी लगन, निष्ठा एवं ईमानदारी के साथ लोगों की सेवा करेंगे।
साव ने कहा कि हमारी सरकार राज्य के सभी नगरीय निकायों में वर्तमान जरूरतों के अनुरूप जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराकर उन्हें एक आदर्श शहर के रूप में विकसित करने के लिए कृतसंकल्पित है। पूर्व विधायकों सर्वश्री प्रीतम साहू, विरेन्द्र साहू, डॉ. दयाराम साहू, रायपुर नगर निगम के पूर्व सभापति संजय श्रीवास्तव और राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग के पूर्व सदस्य यशवंत जैन सहित बालोद और दल्लीराजहरा के गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में कार्यक्रम में मौजूद थे।
छत्तीसगढ़: सखी वन स्टॉप सेंटर की एसओपी निर्धारित करने वाला पहला राज्य
महिला कल्याण के लिए चार नए पोर्टल लॉन्च, महतारी वंदन योजना की 13वीं किश्त जारी
मुख्यमंत्री साय महिला मड़ई समापन समारोह में हुए शामिल
रायपुर/शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित "वृहद महतारी वंदन सम्मेलन" में शामिल हुए और अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर प्रदेश की सभी महिलाओं को शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल एक विचार नहीं, बल्कि हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। छत्तीसगढ़ में महिलाएँ सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक रूप से आत्मनिर्भर बनें, इसके लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महिलाओं के त्याग और समर्पण के बिना कोई भी समाज और राष्ट्र प्रगति नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि भारत में मातृशक्ति की पूजा की परंपरा सदियों पुरानी है और छत्तीसगढ़ सरकार इस परंपरा को और सशक्त कर रही है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कोई भी समाज तब तक संपूर्ण नहीं हो सकता जब तक समाज की महिलाएँ सशक्त न हों। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर, सुरक्षित और सम्मानित बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं और आने वाले समय में भी महिला सशक्तिकरण की दिशा में कई नए कदम उठाए जाएँगे। महिला सशक्तिकरण की यह यात्रा सतत जारी रहेगी, क्योंकि नारी शक्ति ही राष्ट्र की शक्ति है।
महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार महिला कल्याण के लिए महतारी वंदन योजना के तहत पिछले 13 महीनों से प्रति माह 1,000 रुपये की राशि सीधे महिलाओं के बैंक खातों में अंतरित कर रही है। अब तक 70 लाख से अधिक महिलाओं के खातों में 8,488 करोड़ रुपये से अधिक की राशि अंतरित की जा चुकी है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए भी एक नई पहल की गई है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अब से उनका मानदेय सीधे उनके बैंक खातों में स्थानांतरित किया जाएगा, जिससे भुगतान में पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित होगी।
चार नए पोर्टल और डिजिटल पहल की लॉन्चिंग
मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर उत्पीड़ित एवं संकटग्रस्त महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण डिजिटल सुविधा की शुरुआत किया जिसके तहत वे ऑनलाइन एवं मोबाइल एप के माध्यम से शिकायत दर्ज कर सकेंगी। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री श्री साय ने बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान के पोर्टल, इंफ्रा पोर्टल तथा स्थापना पोर्टल का भी शुभारंभ किया।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार टेक्नोलॉजी के माध्यम से महिलाओं को अधिक सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
महिला स्व-सहायता समूहों के लिए नए अवसर
महिला मड़ई में लगे स्टॉल्स के संबंध में मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि अब तक 15 से 20 लाख रुपये से अधिक की खरीद-बिक्री हो चुकी है, जो महिला उद्यमिता को दर्शाता है। उन्होंने घोषणा की कि नवा रायपुर में 200 करोड़ रुपये की लागत से "यूनिटी मॉल" बनाया जाएगा, जहाँ महिला स्व-सहायता समूहों के उत्पादों को बेचने के लिए पर्याप्त अवसर उपलब्ध होंगे।
सखी वन स्टॉप सेंटर की एसओपी – छत्तीसगढ़ बना पहला राज्य
मुख्यमंत्री श्री साय ने सखी वन स्टॉप सेंटर की मानक संचालन प्रक्रिया का विमोचन किया और बताया कि छत्तीसगढ़ ऐसा करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है।
उन्होंने कहा कि सखी वन स्टॉप सेंटर संकटग्रस्त महिलाओं को तत्काल सहायता, परामर्श और कानूनी सहायता प्रदान करता है। अब इस सेंटर के व्यवस्थित संचालन के लिए एक मानक प्रक्रिया बनाई गई है, जिससे इसकी प्रभावशीलता और बढ़ेगी।
महिला सशक्तिकरण के लिए बजट में विशेष प्रावधान
कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार महिला सशक्तिकरण को केवल एक नारा नहीं, बल्कि अपनी नीति और संकल्प का अभिन्न हिस्सा मानती है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष के राज्य बजट में महिलाओं और समाज कल्याण से जुड़ी कई योजनाओं को सशक्त किया गया है। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने से लेकर, उनके स्वास्थ्य, सुरक्षा और शिक्षा तक हर क्षेत्र में सरकार पूरी ताकत के साथ काम कर रही है।
महिलाओं के लिए आरक्षण और नए अवसर
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान से लाखों महिलाओं को लाभ मिल रहा है।पंचायती राज संस्थाओं में पहले से ही महिलाओं को 50% आरक्षण प्राप्त है। अब विधानसभा और लोकसभा में भी 33% आरक्षण का लाभ जल्द ही महिलाओं को मिलेगा। उन्होंने कहा कि आज महिलाएँ राजनीति से लेकर फाइटर प्लेन उड़ाने और रेल संचालन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं।
"अजेय नारी - आराध्य नारी" थीम पर हुआ महिला मड़ई का आयोजन
चार दिवसीय महिला मड़ई का आयोजन "अजेय नारी - आराध्य नारी" थीम पर किया गया। इसमें राज्य के 33 जिलों से आए 87 महिला स्व-सहायता समूहों ने अपने हस्तनिर्मित उत्पादों की प्रदर्शनी और विक्रय किया।
इसके साथ ही महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा चलाई जा रही योजनाओं को भी विभिन्न माध्यमों से आमजन के सामने प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम में रायपुर पश्चिम विधायक राजेश मूणत, विधायक श्रीमती गोमती साय, विधायक श्रीमती रायमुनी भगत, विधायक गुरु खुशवंत साहेब, बाल संरक्षण आयोग की सदस्य श्रीमती पुष्पा पाटले, संभाग आयुक्त महादेव कावरे, महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी, संचालक जन्मजेय महोबे, रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उम्मेद सिंह और आयुक्त नगर निगम विश्वदीप सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक और महिलाएँ उपस्थित रहीं।
मुख्यमंत्री ने ऑफिसर्स वाइफ्स एसोसिएशन के कॉफी टेबल बुक सोल ऑफ द सॉयल का किया विमोचन
छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत के स्मृतियों पर आधारित है कॉफी टेबल बुक "सोल ऑफ द सॉयल लाइफ्स रिदम्स इन छत्तीसगढ़"
रायपुर/शौर्यपथ /हमारी सांस्कृतिक विरासत को सहेजने से न केवल वर्तमान पीढ़ी ज्ञानवान बनेगी बल्कि, आने वाली पीढ़ी भी गौरवान्वित होगी। सोल ऑफ द सॉयल छत्तीसगढ़ में जीवन की लय को सहेजने का एक सुंदर प्रयास है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने यह बातें आज अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर के छत्तीसगढ़ क्लब में छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत के स्मृतियों पर आधारित कॉफी टेबल बुक "सोल ऑफ द सॉयल लाइफ्स रिदम्स इन छत्तीसगढ़" का विमोचन करते हुए कही। उल्लेखनीय है कि यह कॉफी टेबल बुक आईएएस, आईपीएस और आईएफएस ऑफिसर्स वाइफ्स एसोसिएशन की संयुक्त परिकल्पना है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विमोचन के मौके पर मौजूद सभी महिलाओं को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि आदिम संस्कृति, कला, साहित्य, लोक संगीत, लोक नृत्य जैसे छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को सहेजना आवश्यक है। इस तरह का प्रकाशन निश्चित रूप से बहु उपयोगी और हम सब को गौरवान्वित करने वाला है। इस कॉफी टेबल बुक में छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का प्रयास बहुत ही प्रशंसनीय है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ की उपजाउ मिट्टी से किसान तो खुशहाल हुए ही हैं, सभी वर्ग की समृद्धि का रास्ता खुला है। यह धरती सामाजिक चेतना की भूमि है, जहां बाबा गुरू घासीदास जी जैसे महान संत और शहीद वीर नारायण सिंह जैसे बलिदानी पैदा हुए। उन्होंने कहा कि यह धरती माता कौशल्या का मायका और भगवान श्रीराम का ननिहाल है। यह माता शबरी की कर्मभूमि है, जिसे भगवान श्रीराम ने स्वयं माता के हाथों जूठे बेर का भोग लगाकर धन्य किया। वनवास काल में रामलला के चरण कमल यहां पड़े। इस धरती की महिमा और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत का बखान करते कवि, साहित्यकार नहीं थकते हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति को जानने समझने के सुंदर अवसर के रूप में यह किताब अपने उद्देश्यों को लेकर सफल होगी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कॉफी टेबल बुक में संकलित की गई कुछ कविताएं भी सुनी।
भारतीय प्रशासनिक सेवा की सेवानिवृत्त अधिकारी डॉ. इंदिरा मिश्रा ने इस मौके पर कहा कि तीनों ही एसोसिएशन की महिलाओं ने मिलकर यह सुंदर प्रयास किया है। आज महिला दिवस के खास मौके पर 200 पन्नों की इस पुस्तक से प्रिय स्मृतियों का निर्माण हो गया है। डॉ. मिश्रा ने अपने प्रशासनिक अनुभव और अपने आईएएस ऑफिसर्स वाइफ्स एसोसिएशन के अध्यक्ष काल के अनुभवों को भी साझा किया। आईएएस ऑफिसर्स वाइफ्स एसोसिएशन की अध्यक्ष श्रीमती रितु अमिताभ जैन ने कार्यक्रम में स्वागत उद्बोधन दिया। विमोचन कार्यक्रम में श्रीमती जाह्नवी पाण्डेय ने छत्तीसगढ़ी कविता का पाठ किया।
इस मौके पर आईपीएस ऑफिसर्स वाइफ्स एसोसिएशन की अध्यक्ष श्रीमती ज्योति गौतम, आईएफएस ऑफिसर्स वाइफ एसोसिएशन की अध्यक्ष श्रीमती ज्योति साहू, डॉ. वंदना अग्रवाल सहित तीनों एसोसिएशन की सदस्य मौजूद रहीं।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
