August 20, 2026
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    रायपुर

    रायपुर (6096)

    रायपुर/शौर्यपथ /मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज जशपुर जिले के कुनकुरी के बाजारडांड़ में स्थापित स्वर्गीय कुमार दिलीप सिंह जूदेव जी की सात फीट ऊंची प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। इस अवसर पर उन्होंने स्व. जूदेव के जीवन, योगदान और समाज सेवा को दर्शाने वाली विशेष फोटो प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया।
    मुख्यमंत्री साय ने इस दौरान अपने संबोधन में कहा कि स्व. कुमार दिलीप सिंह जूदेव जी का जीवन समाज सेवा, जनकल्याण और आदिवासी उत्थान के लिए समर्पित था। उनकी निस्वार्थ सेवा और योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता।
    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि स्व. कुमार दिलीप सिंह जूदेव के विचार और सेवा कार्य आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। हमें उनके दिखाए मार्ग पर चलते हुए समाज और प्रदेश के विकास में योगदान देना चाहिए।
    उल्लेखनीय है कि फोटो प्रदर्शनी में स्व. जूदेव के सामाजिक कार्यों, जनसेवा और विभिन्न प्रेरणादायक क्षणों को संजोया गया था, जिसे देखने बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे।

    मुख्यमंत्री ने प्रति वर्ष 8 मार्च को स्वास्थ्य परीक्षण शिविर आयोजन करने की घोषणा की
    शिविर में एम्स रायपुर के चिकित्सकों के द्वारा मरीजों का किया जा रहा है उपचार
    रायपुर/शौर्यपथ /मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज जशपुर जिले के कुनकुरी अंतर्गत सलियाटोली स्थित बालासाहेब देशपांडे महाविद्यालय मैदान में स्वर्गीय कुमार दिलीप सिंह जूदेव की स्मृति में उनकी जयंती पर आयोजित वृहद स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का मां सरस्वती, भारत माता, छत्तीसगढ़ी महतारी और स्वर्गीय कुमार दिलीप सिंह जूदेव के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रति वर्ष 8 मार्च को वृहद स्वास्थ्य परीक्षण शिविर आयोजित करने की घोषणा की।
    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए निरंतर प्रयासरत है। हमारा लक्ष्य है कि प्रदेश के नागरिक स्वस्थ रहें और राज्य समृद्धि की ओर अग्रसर हो। इसी दिशा में प्रतिबद्धता के साथ कार्य करते हुए  इस वर्ष के बजट में कुनकुरी में एक मेडिकल कॉलेज की स्थापना का प्रावधान किया गया है। साथ ही  जशपुर में शासकीय नर्सिंग कॉलेज और शासकीय फिजियोथेरेपी कॉलेज खोलने का निर्णय लिया गया है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इन सुविधाओं के माध्यम से स्थानीय नागरिकों को बेहतर उपचार मिलेगा और उन्हें इलाज के लिए अन्य शहरों में जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। उन्होंने उपस्थित नागरिकों से स्वास्थ्य शिविर का अधिकतम लाभ उठाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान यदि किसी मरीज में गंभीर बीमारी का पता चलता है, तो सरकार द्वारा रायपुर में उनके समुचित इलाज की व्यवस्था की गई है।
     मुख्यमंत्री साय ने विभिन्न विशेषज्ञ विभागों के काउंटरों का अवलोकन कर डॉक्टरों से चर्चा करते हुए उनके समर्पण व सेवा के लिए आभार व्यक्त किया।
     एम्स रायपुर के विशेषज्ञ चिकित्सक कर रहे है उपचार
    उल्लेखनीय है कि यह शिविर जिला प्रशासन जशपुर द्वारा एम्स रायपुर के सहयोग से आयोजित किया गया है। शिविर में एम्स  के मेडिसिन, सर्जरी, कैंसर, नाक-कान-गला, नेत्र, अस्थि, गुर्दा, चर्म, स्त्री रोग और मनोरोग के  विशेषज्ञ चिकित्सक अपनी सेवाएं दे रहे हैं। शिविर में जांच के दौरान पाए गए गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों को रायपुर रेफर कर इलाज उपलब्ध कराया जाएगा। शिविर में  निःशुल्क दवाइयाँ भी उपलब्ध कराई जा रही है । शिविर में मरीजों के सुविधा के लिए 10 पंजीयन काउण्टर, 7 जनरल ओपीडी काउण्टर, 2 लेबोरेटरी काउण्टर, सभी विशेषज्ञ विभागों के पृथक-पृथक काउण्टर सहित जनरल वार्ड की सुविधा उपलब्ध है।
    मुख्यमंत्री साय ने आयुष्मान कार्ड और टीबी मरीजों को फूड बास्केट का किया वितरण
    शिविर में मुख्यमंत्री  साय ने प्रधानमंत्री जनआरोग्य योजना अंतर्गत सुंदर यादव, सुनिता बाई, भगवती सिंह,  फ्रांसिस तिग्गा, प्लासिदियस केरकेट्टा, खिलासो बाई को आयुष्मान कार्ड एवं वय वंदना कार्ड वितरण किया। प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान अंतर्गत 10 टीबी मरीजों को फूड बास्केट का भी वितरण किया।
    मुख्यमंत्री साय ने टीबी मुक्त भारत अभियान अंतर्गत टीबी मरीजों के सेवा के लिए  निक्षय मित्रों को किया सम्मान
    मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान अंतर्गत टीबी मरीजों के सेवा के क्षेत्र में सराहनीय कार्यों के लिये निक्षय मित्रों को सम्मानित किया, जिनमें सीएमएचओ जशपुर डॉ. जी. एस. जात्रा को  टीबी मरीजों को पोषण सहयोग प्रदाय कर प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान में महत्वपूर्ण योगदान के लिये,  डीडीएम निरंजन प्रसाद गुप्ता को जशपुर जिले के विशेष पिछडी जनजाति (पीवीटीजी) पहाडी कोरवा एवं बिरहोर समुदाय के सभी टीबी मरीजों की जिम्मेदारी लेकर उन्हें पोषण सहयोग प्रदाय कर प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान में महत्वपूर्ण योगदान के लिये और श्री भरत रत्नम खुटे को  टीबी मरीजों को पोषण सहयोग प्रदाय कर प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान में महत्वपूर्ण योगदान के लिये सम्मान किया गया।
       इस अवसर पर  विधायक एवं उपाध्यक्ष सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण श्रीमती गोमती साय, विधायक  श्रीमती रायमुनी भगत,  कमिश्नर नरेंद्र कुमार दुग्गा, आईजी अंकित गर्ग, जिला पंचायत सदस्य शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, श्री प्रबल प्रताप सिंह जूदेव, कृष्णा राय, राजेश कुमार गुप्ता  सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी- कर्मचारी उपस्थित थे।

    नक्सल प्रभावित गांव की महिलाओं ने नक्सलियो के डर से छोड़ा गांव, पांच सालों से होली के मौके पर गुलाब बनाकर कमा रही हजारों रूपए
    स्व सहायता समूह की महिलाएं बना रही होली के लिए फूलों और सब्जियों से हर्बल गुलाल
    रायपुर /शौर्यपथ / बीजापुर जिले के नक्सल प्रभावित पंचायत भैरमगढ़ के शिविर में रहने वाली कई महिलाओं की जिंदगी को जहां नक्सलियों ने बेरंग कर दिया था।  अपनी जान बचाने के लिए इन महिलाओं ने अपना गांव छोड़ दिया और अब हर्बल गुलाल बनाकर लोगों की जिंदगी में रंग घोल रही हैं। यह काम ये महिलाएं पिछले पांच सालों से बिना किसी परेशानी के कर रही हैं और आने वाले सालों में इसे करने की बात कह रही हैं।
    बीजापुर जिले के भैरमगढ़़ में बिहान कार्यक्रम के अंतर्गत माँ दुर्गा महिला स्व सहायता समूह की महिलएं पिछले पांच सालों से हर्बल गुलाल बनाकर आत्मनिर्भर बन रही हैं। इस बार बीजापुर के लोग इनके बनाए हर्बल रंगों और गुलाल से होली खेलेंगे। इन महिलाओं के बनाए हर्बल गुलाल की डिमांड भी काफी अधिक है। कई लोग इनको गुलाल का ऑर्डर भी दे रहे हैं। इधर जनपद पंचायत सीईओ पुनीत राम साहू ने बताया कि महिलाओं को हर्बल गुलाल बनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। जिसका फायदा उठाते ये महिलाएं पिछले पांच सालों से गुलाल बनाकर बाजार में बेचकर इसका फायदा उठा रही हैं। हर साल करीब 50 किलो से ज्यादा गुलाल बेचकर अपने परिवार का भरण भोषण कर रही हैं। इस समय इस समूह में 10 महिलाएं हैं।
    अलग-अलग फूलों से तैयार हो रहा हर्बल गुलाल
     इस स्वसहायता समूह की महिलाएं होली के लिए अलग-अलग फूलों और सब्जियों से रंग तैयार कर रही हैं। ये महिलाओं पालक भाजी, लाल भाजी, टेसू के फूल, गेंदा फूलों से हर्बल गुलाल तैयार कर रहीं है।  इन महिलाओं को पहले से ही प्रशासन की ओर से ट्रेनिंग दी गई है। पिछले  पांच सालों में अब तक ये महिलाएं तकरीबन 150 किलो गुलाल बेच चुकी हैं.। खास बात यह है कि ये हर्बल गुलाल लोगों के चेहरे पर नुकसान नहीं पहुंचाता। यही कारण है कि लोग पहले से ही इसका ऑर्डर दे कर हर्बल गुलाल मंगवा रहे हैं। विकास खंड परियोजना प्रबंधक रोहित सोरी ने बताया कि समूह की महिलाएं इतामपार गांव जो इंद्रावती नदी के उस पार वहां की रहने वाली है। नक्सल हिंसा के चलते इन महिलाओं ने गांव को छोड़ दिया है और इस समय भैरमगढ़ के शिविर कैँप में रह रही हैं। इन महिलाओं को जिला प्रशासन के द्वारा रहने की सुविधा दी गई है। सोरी ने बताया कि इसके अलावा ये महिलाएं अलग- अलग व्यसाय कर जीवन यापन कर रही हैं।  
    हर्बल गुलाल की मांग ज्यादा
     स्व सहायता समूह की अध्यक्ष फगनी कवासी और सचिव अनीता कर्मा ने बताया कि पहले हर्बल गुलाल बनाने की ट्रेनिंग जिला प्रशासन द्वारा दी गई थी। यहां बनाया गए रंग पूरी तरह से प्राकृतिक हैं। हम फूल की पंखुड़ियां, पालक भाजी, लाल भाजी,हल्दी, बेसन पलाश के फूलों से अलग-अलग रंग तैयार कर रहे हैं। हमारे बनाए हर्बल गुलाल की डिमांड भी काफी ज्यादा है। इसके चलते हम पिछले पांच  सालों से यह काम कर रहे हैं। महिलाओं ने बताया कि जिला पंचायत के साथ ही मार्केट में भी जगह-जगह स्टॉल लगाकर इनका गुलाल बेचा जा रहा है। इससे अच्छी आमदनी भी हो रही है।

    रायपुर/शौर्यपथ / मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज अपने निवास कार्यालय में स्वर्गीय श्री दिलीप सिंह जूदेव की जयंती पर उनके छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। इस अवसर पर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत भी उपस्थित रहीं।
    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव जी न केवल प्रखर राष्ट्रवादी थे, बल्कि छत्तीसगढ़ की अस्मिता और सांस्कृतिक पहचान के दृढ़ रक्षक भी थे। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन धर्म, संस्कृति और समाज सेवा के लिए समर्पित किया। उनके नेतृत्व में प्रारंभ हुआ ‘घर वापसी’ अभियान एक ऐतिहासिक सामाजिक आंदोलन बना, जिसने हजारों लोगों को उनकी मूल सनातन परंपरा से पुनः जोड़ने का कार्य किया।
    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि श्री जूदेव जी जल, जंगल, जमीन और जनजातीय अस्मिता के सशक्त प्रहरी थे। छत्तीसगढ़ के वनांचल क्षेत्रों में आदिवासी समाज को उनका गौरव और पहचान लौटाने के लिए उन्होंने अनवरत संघर्ष किया। उनके प्रयासों से समाज में राष्ट्रवादी चेतना का प्रसार हुआ और छत्तीसगढ़ के जनजातीय समाज को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से और अधिक जुड़ने का अवसर मिला।
    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव जी केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि एक विचारधारा के प्रतीक थे। उन्होंने अपने जीवन में राष्ट्रवादी मूल्यों को आत्मसात कर समाजहित में कार्य किया। उनकी दृढ़ता, निडरता और ओजस्वी नेतृत्व आज भी हम सभी को प्रेरित करता है। उनका जीवन हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

      रायपुर/शौर्यपथ / बजट में ई - वे बिल की लिमिट बढ़ाने और वेट में छूट की घोषणा पर छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रतिनिधि मंडल ने अध्यक्ष श्री अमर परवानी के नेतृत्व में आज शाम मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय से उनके निवास कार्यालय में मुलाकात कर उनके प्रति आभार प्रकट किया।
    गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने वित्तीय वर्ष 2025 - 26 के बजट में व्यापारियों को राहत देने के उद्देश्य से और कर के बोझ को कम करने के लिए ई-वे बिल सीमा 50 हजार रुपए से बढाकर एक लाख रुपए करने और 25 हजार रुपए तक की वैट देनदारी को माफ करने की घोषणा की है।
     अमर परवानी ने कहा कि ई -वे बिल की लिमिट पचास हजार रुपए से बढ़ाकर एक लाख रुपए करने से बड़ी संख्या में व्यापारियों को राहत मिलेगी। इसी तरह छोटे व्यापारियों के वेट टैक्स में आउट स्टैंडिंग पच्चीस हजार रुपए तक की राशि माफ करने की घोषणा से पूरे प्रदेश में 66 हजार व्यापारियों को फायदा होगा। इन घोषणाओं के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री के प्रति आभार प्रकट किया।
    मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधि मंडल से कहा कि राज्य सरकार व्यापारियों की समस्याओं के प्रति संवेदनशील है। राज्य सरकार की नीतियों से व्यापार -व्यवसाय के लिए प्रदेश में उत्साहजनक वातावरण बना है।
    इस अवसर पर सर्वश्री सुरेन्द्र सिंह, शंकर बजाज, अवनीत सिंह, जीतू दोशी और प्रीतपाल सिंह सहित बड़ी संख्या में चैंबर के पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित थे।

    रायपुर/शौर्यपथ / अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर 8 मार्च को रायपुर स्थित साइंस कॉलेज मैदान में वृहद महतारी वंदन सम्मेलन और राज्य स्तरीय महिला मड़ई का भव्य आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि होंगे तथा विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े सहित सभी कैबिनेट मंत्री, सांसद, विधायक, रायपुर महापौर एवं अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहेंगे।
    महतारी वंदन योजना की 13वीं किश्त का होगा वितरण
    छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना के सफलतापूर्वक एक वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में मुख्यमंत्री श्री साय द्वारा प्रदेश की लगभग 70 लाख महिलाओं को योजना की 13वीं किश्त का भुगतान किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि 10 मार्च 2024 को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की वर्चुअल उपस्थिति में महतारी वंदन योजना की प्रथम किश्त विवाहित महिलाओं के बैंक खातों में अंतरित की गई थी। अब तक 12 किश्तों में 7,838 करोड़ रुपये की राशि प्रदेश की माताओं-बहनों को वितरित की जा चुकी है।
    आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए 'सम्मान सुविधा प्रणाली' का शुभारंभ
    मुख्यमंत्री श्री साय इस अवसर पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के मानदेय भुगतान के लिए "सम्मान सुविधा प्रणाली" का शुभारंभ करेंगे। यह पहली बार होगा जब मुख्यमंत्री स्वयं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को डिजिटल और केंद्रीकृत प्रणाली के माध्यम से सीधे मानदेय का भुगतान करेंगे।
    इस प्रणाली में फेशियल रिकग्निशन सिस्टम के माध्यम से कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की नियमित उपस्थिति दर्ज होगी, जिसके आधार पर उन्हें सीधे राज्य सरकार से मानदेय का भुगतान किया जाएगा। यह प्रणाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय भुगतान में सटीकता, पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करेगी।
    छत्तीसगढ़ बनेगा 'सखी वन स्टॉप सेंटर' की मानक संचालन प्रक्रिया निर्धारित करने वाला पहला राज्य
    मुख्यमंत्री श्री साय इस अवसर पर उत्पीड़ित एवं संकटग्रस्त महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण डिजिटल सुविधा की शुरुआत करेंगे, जिसके तहत वे ऑनलाइन एवं मोबाइल एप के माध्यम से शिकायत दर्ज कर सकेंगी।
    इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री श्री साय बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान के पोर्टल, इंफ्रा पोर्टल तथा स्थापना पोर्टल का भी शुभारंभ करेंगे। साथ ही, बिलासपुर स्थित क्षेत्रीय महिला प्रशिक्षण संस्थान के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण भी किया जाएगा।
    महिला सुरक्षा को और प्रभावी बनाने के लिए "सखी वन स्टॉप सेंटर" की मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का विमोचन भी किया जाएगा। इसके साथ ही, छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बन जाएगा जो सखी वन स्टॉप सेंटर के सुचारू संचालन हेतु एक निर्धारित SOP लागू करेगा।
    महिला सशक्तिकरण में उत्कृष्ट योगदान देने वालों को मिलेगा सम्मान
    कार्यक्रम में राज्य की 32 उत्कृष्ट आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, 3 सर्वश्रेष्ठ सखी वन स्टॉप सेंटर, 2 नवा बिहान योजना के महिला संरक्षण अधिकारी सहित अन्य महिला सशक्तिकरण में विशिष्ट उपलब्धि प्राप्त महिलाओं को सम्मानित किया जाएगा।
    राज्य स्तरीय महिला मड़ई: महिला उद्यमिता और स्वावलंबन का मंच
    महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 4 से 8 मार्च 2025 तक राज्य स्तरीय महिला मड़ई का आयोजन किया जा रहा है। इस मड़ई में महिला स्व-सहायता समूहों और महिला उद्यमियों द्वारा निर्मित उत्पादों के प्रदर्शन और विक्रय के लिए 100 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं।
    राज्य के विभिन्न जिलों से आईं महिला स्व-सहायता समूह की महिलाएं अपनी उत्पादित सामग्रियों का प्रदर्शन और विक्रय कर रही हैं। इसके साथ ही, महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित योजनाओं के प्रचार-प्रसार हेतु विशेष स्टॉल भी लगाए गए हैं। इस आयोजन के अंतर्गत प्रदेशभर से नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों और महिला समूहों के प्रतिनिधियों को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है, ताकि वे महिला उद्यमिता और स्वावलंबन से जुड़े विभिन्न प्रयासों को नजदीक से देख और समझ सकें।
    महिला सशक्तिकरण का महाकुंभ: 50,000 से अधिक महिलाओं की सहभागिता
      वृहद महतारी वंदन सम्मेलन और राज्य स्तरीय महिला मड़ई में पूरे प्रदेश से 50,000 से अधिक माताएं, बहनें और बेटियां शामिल होंगी। इस भव्य आयोजन के माध्यम से महिला सशक्तिकरण, सामाजिक उत्थान और आर्थिक स्वावलंबन को एक नई दिशा देने का प्रयास किया जा रहा है।
    नारी शक्ति के सम्मान का महोत्सव
      यह कार्यक्रम छत्तीसगढ़ की माताओं, बहनों और बेटियों के सम्मान और सशक्तिकरण का महोत्सव होगा। सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक महिलाओं तक पहुंचे, इसके लिए इस अवसर पर महिला समृद्धि संबंधित शासकीय योजनाओं के व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाएगा।

    मुख्यमंत्री विष्णदेव साय ने दी बधाई
    रायपुर/शौर्यपथ / बस्तर जिले ने शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, शिक्षण को अधिक रोचक और प्रभावी बनाने, नवीन शैक्षणिक तकनीकों के सफल क्रियान्वयन और शिक्षक-छात्र संबंधों को मजबूत करने में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। इसी उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए नीति आयोग ने बस्तर जिले को 3 करोड़ रुपये के पुरस्कार से सम्मानित किया है।
    इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बधाई देते हुए कहा कि बस्तर जिले के विद्यार्थियों की मेहनत, शिक्षकों के समर्पण और हमारी सरकार की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था के प्रति प्रतिबद्धता ने जिले को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। यह सम्मान पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणादायक है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह पुरस्कार आकांक्षी जिलों में बुनियादी शिक्षा के सुदृढ़ीकरण और शिक्षा की समावेशी एवं नवाचारयुक्त नीति को आगे बढ़ाने के लिए राज्य सरकार के प्रयासों की सफलता का प्रमाण है।
    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह उपलब्धि प्रदेश में संपूर्ण शिक्षा तंत्र को और अधिक सशक्त बनाने तथा बस्तर में बौद्धिक और शैक्षणिक विकास को नया आयाम देने के लिए राज्य सरकार को और अधिक प्रेरित करेगी। शिक्षा के क्षेत्र में यह उपलब्धि न केवल बस्तर जिले, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए मील का पत्थर साबित होगी।

    लोक निर्माण विभाग के बजट में वर्ष 2030 तक के लिए सड़कों के व्यवस्थित विकास की कार्ययोजना - अरूण साव
     ‘‘गांवों और सुदूर वनांचलों में हर परिवार तक शुद्ध पेयजल पहुंचाना हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता‘‘
      मुख्यमंत्री नगरोत्थान और मुख्यमंत्री गृह प्रवेश सम्मान योजना शुरू होगी, दोनों योजनाओं के लिए क्रमशः 500 करोड़ और 100 करोड़ रूपए का प्रावधान
    भू-जल को रिचार्ज करने जल संवर्धन कार्याें के लिए 2 करोड़ रूपए, न्यायालयों के आधुनिकीकरण/कम्प्यूटरीकरण के लिए 36 करोड़ 90 लाख रूपए प्रावधानित
     रायपुर/शौर्यपथ /छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज उप मुख्यमंत्री  अरुण साव के विभागों के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 15,386 करोड़ 42 लाख 47 हजार रूपए की अनुदान मांगे पारित की र्गइं। इसमें लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के लिए 2,793 करोड़ 60 लाख 73 हजार रूपए, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग-नगरीय निकाय के लिए 24 करोड़ 38 लाख 13 हजार रूपए, लोक निर्माण कार्य-सड़कें और पुल के लिए 4,664 करोड़ 8 लाख 56 हजार रूपए, न्याय प्रशासन एवं निर्वाचन के लिए 894 करोड़ 45 लाख 20 हजार रूपए, लोक निर्माण कार्य-भवन के लिए 2,101 करोड़ 99 लाख 36 हजार रूपए, नगरीय प्रशासन एवं नगरीय विकास-नगरीय कल्याण के लिए 1,715 करोड़ 44 लाख 46 हजार रूपए, लोक निर्माण विभाग से संबंधित विदेशों से सहायता प्राप्त परियोजनाओं के लिए 69 करोड़ 20 हजार रूपए तथा नगरीय निकायों को वित्तीय सहायता हेतु 3,123 करोड़ 45 लाख 83 हजार रूपए शामिल हैं।
    लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग
     उप मुख्यमंत्री  अरूण साव ने अपने विभागों से संबंधित अनुदान मांगों पर चर्चा का जवाब देते हुए सदन में कहा कि आजादी के 60 वर्षाें के बाद भी गांवों में घरों तक शुद्ध पेयजल उपलब्ध नहीं हो पाया था। ग्रामीण महिलाओं को पेयजल की व्यवस्था में लगने वाले अथक परिश्रम से राहत दिलाने प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने जल जीवन मिशन की परिकल्पना की है। हर घर तक पर्याप्त पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने के चुनौतीपूर्ण कार्य को अंजाम देने वर्ष 2019 से जल जीवन मिशन का काम शुरू किया गया है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार ने जल जीवन मिशन को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए पिछली सरकार की त्रुटियों और खामियों को दूर करते हुए कार्याें की गुणवत्ता, गतिशीलता और पूर्णता के लिए गंभीर प्रयास कर रही है। इसके लिए लापरवाह और कार्य नहीं करने वाले ठेकेदारों और अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की गई है।
      उप मुख्यमंत्री तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री साव ने सदन में बताया कि जल जीवन मिशन के तहत राज्य में 22 हजार 389 करोड़ 99 लाख रूपए लागत की 29 हजार 173 सिंगल विलेज एवं रेट्रोफिटिंग योजनाएं स्वीकृत की गई हैं। साथ ही 3,212 गांवों के लिए 4166 करोड़ 50 लाख रूपए की लागत से 70 समूह जल प्रदाय योजनाएं भी मंजूर की गई हैं। इन योजनाओं से राज्य के 50 लाख 4 हजार ग्रामीण परिवार लाभान्वित होंगे। जल जीवन मिशन में अब तक 40 लाख 10 हजार से अधिक ग्रामीण परिवारों को नल कनेक्शन दिए जा चुके हैं। इसके तहत 55 लीटर प्रति व्यक्ति प्रति दिन के मान से हर घर नल से जल उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। मिशन के कार्याें के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में 4500 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।
        लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के आगामी वर्ष के बजट में हैण्डपम्पों के संधारण के लिए 28 करोड़ 51 लाख रूपए, ग्रामीण नल जल प्रदाय योजनाओं के संधारण के लिए 28 करोड़ 51 लाख रूपए, समूह जल प्रदाय योजनाओं के संचालन/संधारण के लिए 8 करोड़ रूपए और नाबार्ड पोषित सौर ऊर्जा आधारित योजनाओं के लिए 3 करोड़ 50 लाख रूपए का प्रावधान किया गया है। भू-जल को रिचार्ज करने जल संवर्धन कार्य के लिए 2 करोड़ रूपए, शहरी क्षेत्रों में नलकूपों के खनन के लिए 2 करोड़ 60 लाख रूपए, प्रगतिरत नगरीय पेयजल योजनाओं में अनुदान के लिए 56 करोड़ 37 लाख 6 हजार रूपए एवं 41 करोड़ 99 लाख 46 हजार रूपए ऋण का भी प्रावधान इस बजट में किया गया है। भिलाई आईआईटी में पेयजल आपूर्ति के लिए शिवनाथ नदी पर आधारित निर्माणाधीन योजना के लिए भी 01 करोड़ रूपए का प्रावधान इस बजट में है।
        उप मुख्यमंत्री श्री साव ने सदन में बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में सुदृढ़ पेयजल व्यवस्था के लिए आगामी वित्तीय वर्ष के बजट में नवीन मद में कई प्रावधान किए गए हैं। इनमें जल जीवन मिशन के कार्याें की निगरानी हेतु डेशबोर्ड निर्माण के लिए 3 करोड़ रूपए, मानव संसाधन के लिए 01 करोड़ 19 लाख रूपए, राज्य स्तरीय एवं जिला स्तरीय प्रयोगशालाओं की स्थापना के लिए 01 करोड़ 60 लाख रूपए, नल जल योजनाओं के अनुरक्षण कार्य के लिए 5 करोड़ रूपए, विभागीय कार्यालयों के निर्माण के लिए 01 करोड़ 65 लाख रूपए तथा समूह जल प्रदाय योजनाओं के लिए 250 करोड़ रूपए के प्रावधान शामिल हैं।
    लोक निर्माण विभाग
        उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री अरूण साव ने सदन में विभागीय अनुदान मांगों पर चर्चा का उत्तर देते हुए कहा कि सड़कें केवल आवागमन के साधन नहीं हैं। ये विकास की दिशा भी तय करते हैं। राज्य के तीव्र विकास के लिए नई सड़कों का निर्माण तेजी से किए जा रहे हैं। केन्द्र सरकार द्वारा वर्ष 2024-25 में राज्यमार्गाें के उन्नयन के लिए सीआरआईएफ योजना के तहत 8 सड़क खण्डों के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण के लिए 892 करोड़ 36 लाख रूपए मंजूर किए गए हैं। इससे राज्य के विभिन्न जिलों में 323 किलोमीटर लम्बाई की सड़कों का मजबूतीकरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विभाग के आगामी वर्ष के बजट में राज्य में विद्यमान रेल्वे लाईन्स पर लेबल क्रॉसिंग, रेल्वे ओव्हर ब्रिज, व्यस्ततम तथा अधिक घनत्व वाले चौक पर ग्रेड सेपरेटर के निर्माण तथा राष्ट्रीय राजमार्गाें एवं मुख्य जिला मार्गाें के संकीर्ण एवं कमजोर पुलों के पुनर्निर्माण के कार्य को प्राथमिकता से शामिल किया गया है। भारत सरकार ने राज्य में सात रेल्वे क्रॉसिंग पर आरओबी निर्माण के लिए 356 करोड़ 71 लाख रूपए स्वीकृत किए हैं। केन्द्र सरकार राज्य की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए एनएचएआई के माध्यम से विभिन्न राष्ट्रीय राजमार्गाें के निर्माण एवं उन्नयन के कार्य प्राथमिकता से कर रही है।
      साव ने सदन में बताया कि वर्ष 2001 में लोक निर्माण विभाग का बजट मात्र 103 करोड़ 85 लाख रूपए का था, जो 2025-26 के बजट में बढ़कर अब 9,451 करोड़ रूपए पहुंच गया है। यह नये छत्तीसगढ़ के निर्माण की कल्पना को सुदृढ़ करने की पहल है। इस बजट को वर्ष 2030 तक के लिए सड़कों के व्यवस्थित विकास की कार्ययोजना को ध्यान में रखकर बनाया गया है। अत्यधिक यातायात वाले शहरी भागों में 4 लेन का निर्माण तथा घनी आबादी वाले शहरों की नजदीकी बसाहटों को 4 लेन मार्गाें से जोड़ना हमारी प्राथमिकता है। इससे शहरों का व्यवस्थित विस्तार होगा और विकास बढ़ेगा। अत्यधिक यातायात तथा खनन क्षेत्रों में भारी यातायात को ध्यान में रखते हुए सड़कों के मजबूतीकरण और आवश्यकतानुसार 4 लेन निर्माण को प्राथमिकता दी गई है। अंतराज्यीय सीमा की सड़कों के सुदृढ़ीकरण तथा सुगम यातायात के लिए उन्हें 4 लेन करने की योजना बनाई गई है।
        साव ने सदन में कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पूरे देश में भारतमाला योजना संचालित है। छत्तीसगढ़ में रायपुर से विशाखापटनम को जोड़ने वाली भारतमाला 4 लेन एक्सप्रेस-वे निर्माणाधीन है, जिसके शीघ्र ही पूरा होने की संभावना है। बस्तर क्षेत्र को इस एक्सप्रेस-वे से जोड़ने के लिए नये बजट में कई सर्वेक्षण, सड़क निर्माण और सुदृढ़ीकरण के कार्य शामिल हैं। उन्होंने बताया कि 2025-26 के बजट में 1909 नई सड़कों एवं पुल-पुलियों के लिए 1902 करोड़ रूपए, 168 सड़कों की डामरीकृत सतह के उन्नयन एवं मजबूतीकरण के लिए 917 करोड़ रूपए, दुर्घटनाओं को रोकने महत्वपूर्ण मार्गाें के पुलों के चौड़ीकरण एवं सुरक्षा उपाय, मरम्मत कार्य एवं ब्लैक-स्पॉट सुधार कार्याे के लिए 120 करोड़ रूपए, निजी भूमि के मुआवजा भुगतान के लिए 420 करोड़ रूपए तथा 339 पुलों के निर्माण के लिए 1351 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। बिलासपुर और रायगढ़ में विभागीय कार्यालयों के निर्माण के साथ ही मनेन्द्रगढ़ और सारंगढ़ में नये सर्किट हाउस के निर्माण का भी प्रावधान इस बजट में किया गया है।
    नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग
        उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री साव ने विभाग की अनुदान मांगों पर हुई चर्चा के उत्तर में कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के कुशल नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के शहर विकास के नित नये आयाम स्थापित कर रहे हैं। राज्य के नागरिकों को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दी गई गारंटी को हमारी सरकार एक-एक कर पूरा करते हुए आगे कदम बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि जन आकांक्षाओं के अनुरूप राज्य के नये उभरते कस्बों के सुव्यवस्थित और सुनियोजित विकास के लिए हमने नगरीय निकायों की संख्या 179 से बढ़ाकर 192 की है। हमने विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने तथा विकसित छत्तीसगढ़ निर्माण की ओर तेजी से कदम बढ़ाने अर्थव्यवस्था के ग्रोथ इंजन कहे जाने वाले शहरों के विकास के लिए 2025-26 में ऐतिहासिक 6,044 करोड़ 12 लाख रूपए का बजट प्रावधान किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के प्रथम चरण में हमने कुल स्वीकृत 02 लाख 49 हजार 166 आवासों में से 2 लाख 5 हजार 360 आवास पूर्ण कर लिए हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत दूसरे चरण में सभी शहरों में ऑनलाईन हितग्राही सर्वेक्षण कार्य प्रगति पर हैं। अब तक 42 हजार हितग्राहियों की जानकारी भारत सरकार के पोर्टल पर दर्ज की जा चुकी है। केन्द्र सरकार द्वारा दिसम्बर-2024 में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत छत्तीसगढ़ के लिए 15 हजार आवासों की स्वीकृति दी गई है।
        साव ने बताया कि नये बजट में प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए 875 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। योजना के लाभार्थियों द्वारा निर्धारित समयावधि में आवास निर्माण कर गृह प्रवेश करने पर अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि देने के लिए मुख्यमंत्री गृह प्रवेश सम्मान योजना प्रारंभ की जा रही है। इसके लिए 100 करोड़ रूपए का प्रावधान रखा गया है। उन्होंने बताया कि राज्य के नये बजट में स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 के लिए 380 करोड़ रूपए, अमृत मिशन 2.0 के लिए 744 करोड़ रूपए, राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के लिए 25 करोड़ रूपए, प्रधानमंत्री ई-बस सेवा के लिए 30 करोड़ रूपए, रायपुर स्मार्ट सिटी के लिए 100 करोड़ रूपए, बिलासपुर स्मार्ट सिटी के लिए 100 करोड़ रूपए, मोर संगवारी सेवा के लिए 10 करोड़ रूपए, मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना के लिए 100 करोड़ रूपए, शहरों में मूलभूत सुविधाओं के विकास के लिए अधोसंरचना मद में 750 करोड़ रूपए तथा 14वें एवं 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत 680 करोड़ रूपए का प्रावधान रखा गया है।
         साव ने सदन में बताया कि राज्य के 17 नगरीय निकायों में नालंदा परिसरों के निर्माण के लिए 100 करोड़ रूपए तथा संचालन के लिए 02 करोड़ रूपए प्रावधानित हैं। इस साल शुरू होने वाली नई योजना मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना के लिए 500 करोड़ रूपए का बजट प्रावधान रखा गया है।
    विधि एवं विधायी कार्य विभाग
        उप मुख्यमंत्री तथा विधि एवं विधायी कार्य मंत्री श्री साव ने अनुदान मांगों पर चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में पिछले एक वर्ष में न्यायिक व्यवस्था एवं न्यायिक संस्थाओं को मजबूत करने के लिए कई प्रभावी कदम उठाए गए हैं। अधीनस्थ न्यायालयों में 321 नये पदों पर भर्ती की अनुमति के साथ ही उच्च न्यायालय एवं जिला न्यायालयों में 1259 नये पद सृजित किए गए हैं। नागरिकों के सुविधा के लिए वर्ष 2024 में 49 नये नोटरी नियुक्त किए गए हैं। न्यायालय भवनों, आवासीय भवनों और अन्य विकास कार्याें के लिए 240 करोड़ रूपए भी मंजूर किए गए हैं। राज्य की न्यायिक व्यवस्था के सुचारू संचालन के लिए 2025-26 के बजट में हमने 1265 करोड़ 46 लाख 78 हजार रूपए का प्रावधान किया है। इसमें न्यायालय भवन, न्यायिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों के आवास निर्माण के लिए 45 करोड़ रूपए, बिलासपुर उच्च न्यायालय परिसर में ऑडिटोरियम निर्माण के लिए 10 करोड़ रूपए, न्यायालयों के आधुनिकीकरण/कम्प्यूटरीकरण के लिए 36 करोड़ 90 लाख 67 हजार रूपए, जरूरतमंद तबकों तक न्याय पहुंचाने के लिए राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, उच्च न्यायालय सेवा समिति, जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों तथा तालुका विधिक सेवा समितियों के लिए 3 करोड़ 50 लाख रूपए तथा एडीआर सेंटर के निर्माण के लिए 11 करोड़ रूपए के प्रावधान शामिल हैं। उन्होंने बताया कि बिलासपुर उच्च न्यायालय में रजिस्ट्रार जिला न्यायाधीश के नये पदों के लिए 01 करोड़ रूपए तथा विभिन्न न्यायालयों में मानव संसाधन बढ़ाने 2 करोड़ 43 लाख 12 हजार रूपए, राज्य के 22 परिवार न्यायालयों में,  तथा बिलासपुर में परिवार न्यायालय की स्थापना के लिए नये पदों के सृजन के लिए 01 करोड़ रूपए और विभिन्न विधिक सेवा प्राधिकरणों में नये पदों के लिए 01 करोड़ रूपए के साथ ही महाधिवक्ता कार्यालय में शासकीय अधिवक्ता एवं उप शासकीय अधिवक्ता के नये पदों के लिए 02 करोड़ रूपए प्रावधानित हैं। आगामी वर्ष के बजट में न्यायिक अधिकारियों के प्रशिक्षण के लिए स्थापित छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी के ऑडिटोरियम में विभिन्न निर्माण कार्याें के लिए 03 करोड़ 20 लाख रूपए, हिदायतुल्ला राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय में छात्र-छात्राओं के अंतरराष्ट्रीय मूट कोर्ट प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए 01 करोड़ रूपए और वहां स्थापना व्यय के लिए 13 करोड़ 50 लाख रूपए का प्रावधान किया गया है।

        लोक निर्माण विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग तथा विधि एवं विधायी कार्य विभाग से संबंधित अनुदान मांगों पर चर्चा में विधायकगण सर्वश्री दलेश्वर साहू, अजय चंद्राकर, उमेश पटेल, धर्मजीत सिंह, धरमलाल कौशिक, दिलीप लहरिया, सुनील सोनी, मोतीलाल साहू, व्यास कश्यप, रिकेश सेन, सुशांत शुक्ला, कुंवर सिंह निषाद, पुन्नूलाल मोहले, श्रीमती हर्षिता बघेल, श्रीमती शेषराज हरवंश, सुश्री लता उसेंडी और श्रीमती यशोदा वर्मा ने भाग लिया।

    अब तक 5 लाख रुपए से अधिक के सामग्रियों का हुआ विक्रय
    सशक्त महिला समृद्ध महिला थीम पर आयोजित है मड़ई
    रायपुर/शौर्यपथ / रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में सशक्त महिला समृद्ध महिला थीम पर आयोजित महिला मड़ई को लोगों का अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। 4 मार्च से चल रहे महिला मड़ई में राज्य के सभी 33 जिलों से 87 महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा विक्रय के लिए स्टाल लगाया गया है, जिसमें प्रमुख रूप से रायगढ़ से एकताल बेलमेटल, सूरजपुर से समूह द्वारा निर्मित गुड़ की सामग्री, बस्तर से बेल मेटल, जांजगीर चांपा और सक्ति से कोसा, हैंडलूम सिल्क साड़ी, गरियाबंद से पैरा आर्ट, जशपुर से टोकनी,महुआ से उत्पादित सामग्री, बिलासपुर से श्रृंगार वस्त्र की सामग्री, बलरामपुर और सूरजपुर से उत्पादित सुगंधित चावल के स्टॉल में लोगों की ख़ासकर महिलाओं की भीड़ देखने को मिल रही है।
      महिला मड़ई की नोडल अधिकारी ने बताया कि महिला स्व-सहायता समूहों ने 50 हजार रुपए से अधिक के सामग्रियों का विक्रय कर लिया है। मड़ई में 8 मार्च महिला दिवस के दिन तक और भी अधिक सामग्रियों के विक्रय होने की संभावना है ।
      महिला मड़ई में लगाए गए 87 स्टॉलों का अवलोकन दोपहर 12 बजे से रात्रि 10 बजे तक किया जा सकता है।
       मड़ई में सेल्फी जोन बनाया गया है जो आकर्षण का केंद्र है। इसके साथ ही  बच्चों के लिए प्ले जोन भी बनाया गया है, जिसमें आकर्षक झूले एवं खेल-खिलौने की व्यवस्था की गई है।
       महिला मड़ई में नवा बिहान, महतारी वंदन सखी सेंटर, वुमन हेल्पलाइन, दिशा दर्शन, कन्या विवाह, स्पॉन्सरशिप, फास्टर केयर, बाल कल्याण समिति, किशोर न्याय बोर्ड,चाइल्ड हेल्पलाइन, बाल विवाह, दत्तक ग्रहण और आदर्श आंगनबाड़ी केंद्र का स्टॉल लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र रहे। इस मड़ई मेले में सांस्कृतिक संध्या का भी आयोजन किया जा रहा है, जिसमें छत्तीसगढ़ी लोक कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिला है।
     मड़ई मेले में महिला एवं बाल विकास विभाग के समूहों के साथ अन्य विभागों के समूह जैसे-एनआरएलएम, वन विभाग, पंचायत विभाग इत्यादि की महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा उत्पादित सामग्रियों के विक्रय एवं प्रदर्शन के लिए निःशुल्क स्टॉल उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अतिरिक्त स्थानीय महिला उद्यमियों एवं महिलाओं को आगे बढ़ने हेतु अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पंजीकृत महिला उद्यमियों, उत्पादक, स्टार्ट-अप को भी स्टॉल उपलब्ध कराया गया है।

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