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रायपुर/ कुपोषण के खिलाफ छत्तीसगढ़ की स्थानीय पहल ‘हर घर मुनगा-घर घर मुनगा’ को राष्ट्रीय मंच पर पहचान मिली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ में इस अभियान का उल्लेख करते हुए स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों और जनभागीदारी को जोड़कर पोषण की दिशा में किए जा रहे प्रयास की सराहना की।
12 सितंबर से शुरू हुआ अभियान
सितंबर माह में पोषण जागरूकता को गति देने के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 12 सितंबर को ‘हर घर मुनगा-घर घर मुनगा’ अभियान की शुरुआत की थी। इसका उद्देश्य मुनगा के पौधे घर-घर पहुंचाने के साथ परिवारों को इसके पोषण संबंधी लाभों के प्रति जागरूक करना है।
मुनगा यानी सहजन छत्तीसगढ़ में आसानी से उपलब्ध स्थानीय पौधा है। इसमें विटामिन ए, सी, कैल्शियम, आयरन और प्रोटीन जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसके औषधीय गुणों के साथ यह कम देखभाल में तेजी से बढ़ने वाला पौधा भी है। राज्य में इसे स्थानीय भोजन, पोषण और हरियाली से जोड़ते हुए कुपोषण के खिलाफ अभियान का हिस्सा बनाया गया है।
महिलाओं, बच्चों और किशोरियों पर विशेष फोकस
अभियान में महिलाओं, बच्चों और किशोरियों के पोषण पर विशेष ध्यान दिया गया है। आंगनबाड़ी केंद्रों को अभियान का महत्वपूर्ण आधार बनाया गया है, जहां पोषण जागरूकता के साथ परिवारों को मुनगा के उपयोग के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
आंगनबाड़ी केंद्रों, स्कूलों और घरों तक व्यापक रूप से मुनगा के पौधे वितरित किए गए हैं। प्रदेश में अब तक 10 लाख 29 हजार 831 पौधों का वितरण किया जा चुका है।
जिलों में पौधों का वितरण
बस्तर में 25,244, कांकेर 43,071, दंतेवाड़ा 7,056, नारायणपुर 21,224, बीजापुर 15,699, सुकमा 4,835, कोंडागांव 31,983, सरगुजा 43,754, कोरिया 19,022, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर 11,939, सूरजपुर 64,599, बलरामपुर 27,107 और जशपुर में 1,62,271 पौधे वितरित किए गए।
रायपुर में 23,948, महासमुंद 6,420, धमतरी 48,833, बलौदाबाजार 28,398, गरियाबंद 10,527, दुर्ग 42,474, राजनांदगांव 3,480, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी 21,991, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई 39,222, कबीरधाम 75,776, बेमेतरा 19,575 और बालोद में 50,933 पौधे वितरित किए गए।
इसी तरह बिलासपुर में 14,965, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही 43,007, जांजगीर-चांपा 57,653, सक्ती 6,425, कोरबा 1,01,002, रायगढ़ 41,776, सारंगढ़-बिलाईगढ़ 9,824 और मुंगेली में 6,518 पौधों का वितरण किया गया।
एक पौधा, पोषण और जनभागीदारी का संदेश
‘हर घर मुनगा’ की खासियत यह है कि इसमें किसी महंगे या बाहरी संसाधन के बजाय स्थानीय स्तर पर सहज उपलब्ध पौधे को पोषण अभियान का माध्यम बनाया गया है। घर के आंगन में लगाया गया एक मुनगा का पौधा परिवार के भोजन में पोषण बढ़ाने के साथ कुपोषण के खिलाफ जागरूकता का माध्यम भी बन सकता है।
इस पहल को केवल पौधरोपण अभियान तक सीमित नहीं रखा गया है। इसके माध्यम से पौधरोपण, पोषण जागरूकता, आंगनबाड़ी सेवाओं और सामुदायिक भागीदारी को एक साथ जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन में जिले में 96 हजार से अधिक परिवारों को मिला पक्का मकान
पीएम जनमन से पहाड़ी कोरवा परिवारों को मिला सुरक्षित आशियाना, आवास प्लस 2.0 से छूटे परिवारों तक भी पहुंचेगा लाभ
रायपुर / कभी बारिश में टपकती छत और कमजोर दीवारों के बीच रात गुजारने को मजबूर परिवार आज अपने पक्के घर में सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जी रहे हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना जशपुर जिले के ऐसे हजारों परिवारों के लिए केवल एक आवास योजना नहीं, बल्कि वर्षों पुराने सपने को साकार करने और जीवन में स्थायित्व लाने का माध्यम बनी है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से जिले में अब तक 1 लाख 12 हजार 948 आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें 96 हजार 801 आवास पूर्ण हो चुके हैं।
प्रधानमंत्री आवास योजना के साथ प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जनमन) के माध्यम से विशेष पिछड़ी जनजाति परिवारों तक भी पक्के आवास और बुनियादी सुविधाएं पहुंच रही हैं। वहीं मुख्यमंत्री श्री साय की मंशा के अनुरूप आवास प्लस 2.0 के तहत पूर्व में छूटे परिवारों का सर्वेक्षण कर पात्रतानुसार उन्हें भी योजना से जोड़ने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
कच्चे मकान की चिंता खत्म, पक्की छत ने दिया सुरक्षा और सम्मान का भरोसा
जशपुर जिले के अनेक परिवारों का जीवन वर्षों तक कच्चे मकानों में अभाव और कठिनाइयों के बीच बीता। कमजोर दीवारें, टूटी-फूटी छत और बरसात के दिनों में घर के भीतर टपकता पानी उनकी रोजमर्रा की परेशानी का हिस्सा था। बारिश के दौरान सामान को भीगने से बचाना और परिवार के लिए सुरक्षित जगह तलाशना बड़ी चुनौती होती थी। सीमित आर्थिक संसाधनों के कारण अपना पक्का घर बनाना ऐसे परिवारों के लिए आसान नहीं था।
प्रधानमंत्री आवास योजना ने इस स्थिति को बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। पक्की छत मिलने से परिवारों को मौसम की मार से सुरक्षा के साथ अपने घर में सम्मानपूर्वक जीवन जीने का भरोसा मिला है। आज ये आवास केवल ईंट और सीमेंट से बने मकान नहीं, बल्कि परिवारों के बेहतर भविष्य, सुरक्षा और आत्मसम्मान की मजबूत नींव बन रहे हैं।
जशपुर में 1.12 लाख से अधिक आवास स्वीकृत, 96,801 आवास पूर्ण
प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत जशपुर जिले में अब तक कुल 1 लाख 12 हजार 948 आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं। इनमें 96 हजार 801 आवासों का निर्माण पूर्ण हो चुका है। इन पक्के घरों में हजारों परिवार अब अपने बच्चों और परिजनों के साथ सुरक्षित जीवन व्यतीत कर रहे हैं।
योजना के माध्यम से पात्र परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराने के साथ उनके जीवन स्तर में व्यापक सुधार का प्रयास किया जा रहा है। आवास के साथ स्वच्छ पेयजल, बिजली, शौचालय और एलपीजी जैसी बुनियादी सुविधाओं तक पहुंच परिवारों के जीवन को अधिक सुविधाजनक बनाने में सहायक हो रही है। इस तरह पक्का मकान परिवार की सुरक्षा के साथ स्वास्थ्य, स्वच्छता और बेहतर जीवन स्तर का भी आधार बन रहा है।
पीएम जनमन से पहाड़ी कोरवा परिवारों के जीवन में आया बदलाव
जशपुर जिले के विशेष पिछड़ी जनजाति परिवारों तक विकास की बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने में प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जनमन) महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। वर्ष 2023 से 2025 तक जिले में पीएम जनमन के अंतर्गत 2,100 आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें 1,614 से अधिक आवास पूर्ण हो चुके हैं।
इससे विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा परिवारों को सुरक्षित पक्के आवास का लाभ मिला है। पीएम जनमन के तहत आवास के साथ स्वच्छ पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, सड़क एवं दूरसंचार कनेक्टिविटी और स्थायी आजीविका जैसी बुनियादी आवश्यकताओं तक पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की यह पहल उनके जीवन में स्थायी बदलाव का आधार बन रही है।
आवास प्लस 2.0 : छूटे 1.02 लाख से अधिक परिवारों का हुआ सर्वेक्षण
पक्के आवास की सुविधा से कोई पात्र परिवार वंचित न रहे, इसके लिए आवास प्लस 2.0 के तहत जिले में पूर्व में छूटे परिवारों का पुनः सर्वेक्षण किया गया है। इसके अंतर्गत 1 लाख 2 हजार 371 परिवारों का सर्वे किया गया है। सर्वेक्षण के बाद निर्धारित पात्रता के आधार पर परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना सहित संबंधित योजनाओं से लाभान्वित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
इस पहल से उन जरूरतमंद परिवारों के लिए भी पक्के आवास की उम्मीद मजबूत हुई है, जो किसी कारणवश पूर्व में योजना में शामिल नहीं हो पाए थे। इससे जिले में पक्के आवास का दायरा और व्यापक होगा तथा अधिक से अधिक पात्र परिवारों तक योजना का लाभ पहुंच सकेगा।
एक पक्का घर, परिवार के बेहतर भविष्य की मजबूत नींव
प्रधानमंत्री आवास योजना से जशपुर में दिखाई दे रहा बदलाव केवल मकानों की बढ़ती संख्या तक सीमित नहीं है। पक्के घर ने हजारों परिवारों को मौसम की चिंता से राहत, बच्चों को बेहतर वातावरण और पूरे परिवार को सुरक्षा तथा सम्मान का अहसास दिया है। पीएम जनमन और आवास प्लस 2.0 जैसी पहलों के माध्यम से इस बदलाव का दायरा दूरस्थ और वंचित परिवारों तक भी लगातार बढ़ रहा है।
सेवा संकल्प अभियान 2026 के अंतर्गत ‘सेवा मेरा योगदान’ की भावना के साथ जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों के बीच जशपुर के हजारों पक्के आवास बदलाव की एक सशक्त तस्वीर प्रस्तुत करते हैं। कभी जो पक्का घर परिवारों के लिए दूर का सपना था, वही आज उनके सुरक्षित वर्तमान और बेहतर भविष्य का आधार बन चुका है।
72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में डॉक्यूमेंट्री ‘राम-नामी’ को सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री का सम्मान मिलने पर मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने रामनामी समुदाय को दी बधाई
रायपुर, / पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल से आज नया रायपुर स्थित शासकीय निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक-सांस्कृतिक विरासत और अनूठी आस्था के प्रतीक रामनामी समुदाय के सदस्यों ने आत्मीय भेंट की। इस अवसर पर मंत्री श्री अग्रवाल ने रामनामी समुदाय की आस्था, परंपरा, जीवनशैली और सांस्कृतिक विरासत पर आधारित डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘राम-नामी’ को 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री का प्रतिष्ठित सम्मान मिलने पर समुदाय के सभी सदस्यों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि रामनामी समुदाय छत्तीसगढ़ की विशिष्ट लोक-सांस्कृतिक पहचान और आध्यात्मिक परंपराओं का महत्वपूर्ण हिस्सा है। समुदाय की आस्था, परंपराएं और जीवनशैली हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को पीढ़ी-दर-पीढ़ी जीवंत बनाए रखने का कार्य करती हैं। ‘राम-नामी’ डॉक्यूमेंट्री को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिलना पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय है।
उन्होंने कहा कि यह सम्मान केवल एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म की उपलब्धि नहीं है, बल्कि छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, आध्यात्मिक परंपराओं और रामनामी समाज की जीवंत विरासत का राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान है। इस फिल्म के माध्यम से रामनामी समाज की विशिष्ट पहचान, उनकी आस्था और सांस्कृतिक जीवन को देशभर में पहचान मिली है।
मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति की सबसे बड़ी विशेषता इसकी विविधता, जीवंतता और जनजीवन से गहरा जुड़ाव है। यहां की लोक परंपराएं, जनजातीय एवं लोक कलाएं, आस्था से जुड़ी परंपराएं और समुदायों की विशिष्ट जीवनशैली प्रदेश की सांस्कृतिक समृद्धि को दर्शाती हैं। रामनामी समाज की परंपराएं इसी सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ की लोक एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, संवर्धन और उसे देश-दुनिया तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। स्थानीय परंपराओं, लोक कलाओं और सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी से जोड़ना तथा उन्हें व्यापक मंच उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकताओं में शामिल है।
मंत्री श्री अग्रवाल ने रामनामी समुदाय के सदस्यों से बातचीत के दौरान उनकी परंपराओं, सांस्कृतिक गतिविधियों और समाज की विशिष्ट पहचान से जुड़े विभिन्न विषयों की जानकारी भी ली। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने में समाज और समुदायों की सक्रिय भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है।
इस अवसर पर रामनामी समुदाय के सदस्यों ने डॉक्यूमेंट्री ‘राम-नामी’ को मिले राष्ट्रीय सम्मान के लिए प्रसन्नता व्यक्त की और मंत्री श्री राजेश अग्रवाल के प्रति आभार जताया। मुलाकात के दौरान छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, परंपराओं और विरासत को आगे बढ़ाने से जुड़े विभिन्न विषयों पर भी चर्चा हुई।
दिन में 150 और रात में करीब 70 यात्रियों को उपलब्ध कराया गया भोजन, राहत-बचाव कार्य में प्रशासन मुस्तैद
बीजापुर, / भैरमगढ़ के समीप नेलसनार क्षेत्र में बाढ़ के कारण नेशनल हाईवे के अवरुद्ध होने से आवागमन प्रभावित हुआ। इस दौरान मार्ग में फंसे यात्रियों को जिला प्रशासन की ओर से भोजन उपलब्ध कराया गया।
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए 26 सितंबर को दिन के समय करीब 150 लोगों तथा रात्रि में लगभग 70 मुसाफिरों को भोजन कराया गया। विपरीत परिस्थितियों में जिला प्रशासन की इस मानवीय पहल से रास्ते में फंसे लोगों को राहत मिली।
कलेक्टर श्री विश्वदीप के मार्गदर्शन में संबंधित क्षेत्रों के एसडीएम, तहसीलदार सहित मैदानी अमला लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। प्रशासनिक एवं एसडीआरएफ की टीम द्वारा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों को प्राथमिकता के साथ संचालित किया जा रहा है तथा आवश्यकता के अनुसार प्रभावित एवं फंसे लोगों तक सहायता पहुंचाई जा रही है। जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि बाढ़ प्रभावित मार्गों पर अनावश्यक आवागमन से बचें और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
केंद्रीय राज्यमंत्री ने दुर्ग के सखी वन स्टॉप सेंटर का किया निरीक्षण, व्यवस्थाओं का लिया जायजा
रायपुर। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर ने दुर्ग प्रवास के दौरान सखी वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण किया। उन्होंने संकटग्रस्त महिलाओं को उपलब्ध कराई जा रही काउंसलिंग, कानूनी सहायता, स्वास्थ्य सेवाओं और पुनर्वास सुविधाओं की जानकारी ली।
हर जरूरतमंद महिला तक पहुंचे मदद
अधिकारियों ने राज्यमंत्री को सेंटर में दर्ज प्रकरणों और महिलाओं को दी जा रही सेवाओं की जानकारी दी। राज्यमंत्री ने निर्देश दिए कि संकटग्रस्त महिलाओं को समय पर सुरक्षा, अस्थायी आवास, कानूनी सहायता और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने सेंटर में संचालित परामर्श, विधिक सहायता, चिकित्सा एवं पुलिस सहायता तथा अस्थायी आश्रय की व्यवस्थाओं का भी अवलोकन किया।
व्यवस्थाओं की सराहना
निरीक्षण के दौरान उन्होंने सेंटर की व्यवस्थाओं, साफ-सफाई और स्टाफ द्वारा किए जा रहे कार्यों पर संतोष व्यक्त करते हुए केंद्र की सराहना की। सखी वन स्टॉप सेंटर में घरेलू हिंसा, पारिवारिक विवाद सहित विभिन्न समस्याओं से पीड़ित महिलाओं को काउंसलिंग के साथ आवश्यक सहायता प्रदान की जा रही है।
इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास अधिकारी अशोक शर्मा, जिला कार्यक्रम अधिकारी अजय साहू सहित वन स्टॉप सेंटर के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
रायपुर। सेवा संकल्प अभियान के तहत दुर्ग जिले के भिलाई स्थित आंगनबाड़ी केंद्र सेक्टर-7 में ‘आंगन मिलन’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर ने कार्यक्रम में शामिल होकर आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और मितानिनों के योगदान की सराहना की। इस अवसर पर दुर्ग ग्रामीण विधायक श्री ललित चंद्राकर, वरिष्ठ नागरिक श्री सुरेंद्र कौशिक, श्री पुरूषोत्तम देवांगन और महिला मोर्चा भिलाई अध्यक्ष श्रीमती स्वीटी कौशिक उपस्थित रहीं।
पोषण और स्वच्छता को बनाया आधार
राज्यमंत्री सावित्री ठाकुर ने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिकाएं और आशा कार्यकर्ता शासन की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के साथ गर्भवती महिलाओं, माताओं और बच्चों की देखभाल में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। वे पोषण, खान-पान और टीकाकरण के संबंध में भी जागरूकता फैलाती हैं।
उन्होंने कहा कि अच्छे कार्य के लिए मिलने वाला प्रोत्साहन कार्यकर्ताओं को और ऊर्जा के साथ काम करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों को नियमित रूप से आंगनबाड़ी केंद्र भेजने और कार्यकर्ताओं के मार्गदर्शन में सहयोग करने की अपील की।
पोषण माह के दौरान गर्भवती महिलाओं, किशोरियों तथा कम वजन और कुपोषित बच्चों के लिए पौष्टिक आहार के महत्व पर जागरूकता गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। राज्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं का बेहतर स्वास्थ्य परिवार को सशक्त बनाता है, वहीं बच्चों को पर्याप्त पोषण और उचित देखभाल उनके भविष्य की मजबूत नींव तैयार करती है। उन्होंने स्वच्छता को स्वस्थ जीवन का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए महिलाओं से पोषण, स्वच्छता और शासकीय योजनाओं के प्रति आसपास के लोगों को भी जागरूक करने का आह्वान किया।
विकसित भारत के संकल्प में जनभागीदारी पर जोर
राज्यमंत्री ने कहा कि शासन की योजनाओं की सफलता में जनता की सहभागिता महत्वपूर्ण है। विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपनी भूमिका निभानी होगी। उन्होंने लोगों से आंगनवाड़ी केंद्रों से निरंतर जुड़ने और कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं, अधिकारियों तथा पर्यवेक्षकों का सहयोग करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी केंद्र केवल कार्यकर्ताओं के लिए नहीं, बल्कि महिलाओं और बच्चों के लिए हैं। अभिभावकों को बच्चों की वृद्धि, पोषण और सीखने की प्रगति की जानकारी लेने के लिए समय-समय पर केंद्र पहुंचना चाहिए।
उत्कृष्ट सेवाओं के लिए सम्मान
कार्यक्रम में उत्कृष्ट सेवाओं और आंगनवाड़ी केंद्रों में सहयोग के लिए आंगनवाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती संगीता खड़से एवं गुरमीत कौर, सहायिका श्रीमती कामिन साहू एवं डी. महालक्ष्मी, मितानिन शकुन्तला तथा आंगनवाड़ी में सहयोग करने वाली डुलेश्वरी को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में मिलेट्स से तैयार विभिन्न व्यंजनों की प्रदर्शनी लगाई गई, जिसमें मोटे अनाज के पोषण महत्व को प्रदर्शित किया गया। बच्चों के लिए न्योता भोज का भी आयोजन किया गया।
इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग की संचालक श्रीमती रेणुका श्रीवास्तव, जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी श्री अशोक पांडे, जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री अजय कुमार साहू सहित परियोजना अधिकारी, पर्यवेक्षक, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं, स्व-सहायता समूहों की महिलाएं तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं से लाभान्वित महिलाएं उपस्थित रहीं।
लामकन्हार में ‘मन की बात’ की 138वीं कड़ी का सामूहिक श्रवण; मुनगा अभियान की प्रधानमंत्री ने की सराहना, गांव को मिले 85 लाख के विकास कार्य
रायपुर । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कांकेर जिले के अंतागढ़ विकासखंड के ग्राम लामकन्हार स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 138वीं कड़ी का श्रवण किया। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री द्वारा छत्तीसगढ़ के ‘हर घर मुनगा-घर-घर मुनगा’ अभियान का उल्लेख किए जाने पर मुख्यमंत्री ने इसे प्रदेशवासियों के लिए गौरव का विषय बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ‘मन की बात’ के माध्यम से देशभर में जनभागीदारी से हो रहे सकारात्मक बदलावों और स्थानीय नवाचारों को राष्ट्रीय मंच प्रदान करते हैं। छत्तीसगढ़ के प्रयासों का उल्लेख प्रदेशवासियों के परिश्रम और सहभागिता का सम्मान है।
मुनगा अभियान को जनभागीदारी से जोड़ने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘हर घर मुनगा-घर-घर मुनगा’ अभियान कुपोषण के खिलाफ छत्तीसगढ़ की जनभागीदारी आधारित पहल है। मुनगा सहज उपलब्ध होने के साथ आयरन सहित अनेक पोषक तत्वों का स्रोत है। उन्होंने ग्रामीणों और विद्यार्थियों से घरों में मुनगा का पौधा लगाने तथा इसके पोषण लाभों के प्रति लोगों को जागरूक करने का आह्वान किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने ‘मन की बात’ में पोषण, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, नशामुक्ति, खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन, सांस्कृतिक विरासत और ‘वोकल फॉर लोकल’ सहित विभिन्न विषयों पर संवाद किया। उन्होंने सितंबर को पोषण माह के रूप में रेखांकित करते हुए छत्तीसगढ़ के मुनगा अभियान की भी चर्चा की।
छत्तीसगढ़ के नवाचारों को लगातार मिल रही राष्ट्रीय पहचान
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘मन की बात’ में छत्तीसगढ़ के जनभागीदारी आधारित प्रयासों का लगातार उल्लेख प्रदेश के लिए गौरव की बात है। इससे पहले बस्तर पंडुम, बस्तर ओलंपिक, मल्हार के ऐतिहासिक ताम्रपत्र और कोरिया के 5 प्रतिशत जल संचय मॉडल की भी प्रधानमंत्री द्वारा सराहना की जा चुकी है।
उन्होंने बताया कि कोरिया मॉडल में किसान अपने खेत के पांच प्रतिशत हिस्से में जल संचयन की व्यवस्था करते हैं, जिससे सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध होने के साथ भूजल स्तर बढ़ाने में मदद मिलती है।
नक्सल प्रभावित क्षेत्र अब विकास की नई राह पर
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर के साथ कांकेर का यह क्षेत्र भी लंबे समय तक नक्सलवाद से प्रभावित रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह की दृढ़ इच्छाशक्ति, सुरक्षा बलों के साहस और स्थानीय जनता के सहयोग से छत्तीसगढ़ नक्सलवाद से मुक्ति की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में कभी भय और असुरक्षा का वातावरण था, वहां अब शांति, विश्वास और विकास का वातावरण बन रहा है। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल, संचार और रोजगार जैसी सुविधाओं का विस्तार दूरस्थ अंचलों तक किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य विकास का लाभ अंतिम गांव और अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है।
लामकन्हार को 85 लाख रुपए के विकास कार्यों की सौगात
मुख्यमंत्री ने ग्राम लामकन्हार में कुल 85 लाख रुपए के विकास कार्यों की घोषणा की। इसमें शीतला मंदिर के पास सामुदायिक भवन के लिए 15 लाख रुपए, प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला भवन के लिए 37 लाख रुपए, छोटे पारा में सीसी रोड के लिए 18 लाख रुपए तथा एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में पुस्तकालय एवं प्रयोगशाला के लिए 15 लाख रुपए शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दूरस्थ एवं जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा और बुनियादी अधोसंरचना को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है।
‘एक पेड़ मां के नाम’ के तहत लगाया अमरूद का पौधा
‘मन की बात’ के बाद मुख्यमंत्री ने एकलव्य विद्यालय परिसर में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत अमरूद का पौधा लगाया। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनके संरक्षण की अपील की।
कार्यक्रम में सांसद श्री भोजराज नाग, अंतागढ़ विधायक श्री विक्रम उसेंडी, जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी-कर्मचारी, स्कूली छात्र-छात्राएं और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
नई दिल्ली । छत्तीसगढ़ के जनजातीय कल्याण विभाग को जनजातीय विरासत के संरक्षण एवं वनाधिकारों की निरंतर सुरक्षा के क्षेत्र में किए गए अभिनव कार्यों के लिए प्रतिष्ठित SKOCH Award से सम्मानित किया गया। इस उपलब्धि के लिए तत्कालीन टीम लीडर एवं प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, IAS को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया, जिन्होंने इस दोनों परियोजना के संबंध में SKOCH Award की तीन स्तरीय प्रस्तुतीकरण प्रक्रिया में भाग लेते हुए Jury के समक्ष प्रस्तुतीकरण किया और jury एवं पब्लिक वोटिंग से विभाग के प्रयासों का चयन हुआ। इस अवसर पर परियोजना से जुड़े अन्य विभागीय अधिकारी श्री बी के राजपूत, संयुक्त सचिव एवं श्रीकांत शुक्ला, ओएसडी उपस्थित रहे
विभाग को यह सम्मान दो महत्वपूर्ण पहलों ‘AADI VIRASAT’ और ‘मोर वनाधिकार, मोर उत्तराधिकार’ के लिए प्रदान किया गया। इन पहलों का चयन तीन स्तरों पर हुए प्रस्तुतीकरण एवं मूल्यांकन तथा Public Voting की प्रक्रिया के उपरांत किया गया।
‘AADI VIRASAT’ के तहत दो संग्रहालय यथा शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय का निर्माण किया गया है, जिसका उद्घाटन माननीय प्रधानमंत्री जी के द्वारा नवंबर 2025 को किया गया साथ ही राज्य का पहला जनजातीय संग्रहालय का भी निर्माण किया गया है, जिसका उद्घाटन माननीय मुख्यमंत्री जी के द्वारा मई 2025 में किया गयाl जनजातीय इतिहास, वीरता एवं जीवंत संस्कृति को डिजिटल तकनीक, AR/VR एवं immersive experiences के माध्यम से एकीकृत कर नई पीढ़ी से जोड़ने का अभिनव प्रयास किया गया है।
वहीं, ‘मोर वनाधिकार, मोर उत्तराधिकार’ के माध्यम से वनाधिकार को केवल एक बार प्राप्त अधिकार न मानकर पीढ़ी-दर-पीढ़ी सुरक्षित रहने वाली सतत व्यवस्था के रूप में विकसित किया गया है, जिसमें उत्तराधिकार, अभिलेखों के अद्यतन तथा हितग्राहियों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया है।
इस उपलब्धि पर माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी एवं आदिम जाति विकास विभाग के कैबिनेट मंत्री श्री रामविचार नेताम जी ने विभागीय अधिकारियों एवं पूरी टीम को शुभकामनाएं एवं बधाई दी तथा इसे छत्तीसगढ़ के जनजातीय समुदायों की विरासत एवं अधिकारों के संरक्षण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की राष्ट्रीय पहचान बताया।
यह सम्मान छत्तीसगढ़ में जनजातीय गौरव, विरासत संरक्षण एवं अधिकार-आधारित सुशासन के क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों को मिली राष्ट्रीय पहचान है।
साढ़े चार साल की बच्ची को मृत समझकर खंडहर में फेंक दिया था आरोपी ने, अदालत में पीड़िता ने की पहचान
डीएनए, फोरेंसिक साक्ष्य, सीसीटीवी और मासूम की गवाही बनीं दोषसिद्धि का आधार; 13 हजार रुपए जुर्माना भी
दुर्ग / शौर्यपथ / साढ़े चार साल की मासूम बच्ची से दुष्कर्म करने और गला घोंटकर उसकी हत्या का प्रयास करने के मामले में विशेष पॉक्सो अदालत ने आरोपी धनेश्वर साहू उर्फ जनता (40) को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उतई थाना क्षेत्र के बंजारीपारा में 10 अप्रैल 2026 को हुई इस घटना में पुलिस की त्वरित जांच और समय पर चालान पेश किए जाने के बाद 153 दिन के भीतर अदालत का फैसला आया। सजा का आदेश 26 सितंबर को जारी किया गया।
पांच रुपए लेकर निकली थी मासूम, आरोपी बहला-फुसलाकर ले गया
पुलिस के मुताबिक 10 अप्रैल को दोपहर करीब 11:30 बजे बच्ची अपनी दादी से पांच रुपए लेकर घर के पास दुकान पर सामान लेने गई थी। इसी दौरान आरोपी उसे बहला-फुसलाकर अपने घर की छत पर ले गया। दुकान के पास लगे सीसीटीवी कैमरे में आरोपी के बच्ची को अपने साथ ले जाने की तस्वीरें सामने आईं।
आरोप है कि आरोपी ने बच्ची के साथ दुष्कर्म किया। उसके चिल्लाने पर कपड़े से मुंह दबाया और गला घोंटकर उसकी हत्या का प्रयास किया। बच्ची के बेहोश हो जाने पर आरोपी ने उसे मृत समझ लिया। इसके बाद साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से बच्ची को तकिया कवर और जूट की बोरी में बंद कर घर के पीछे स्थित खंडहर में फेंक दिया।
बोरे से बाहर निकला पैर, बच गई मासूम की जान
बच्ची के काफी देर तक घर नहीं लौटने पर परिजन और मोहल्ले के लोग उसकी तलाश में जुटे। इसी दौरान खंडहर में दो युवकों की नजर एक बोरे पर पड़ी, जिसमें से बच्ची का पैर बाहर निकला हुआ था। बोरा खोलने पर बच्ची गंभीर और लहूलुहान हालत में मिली। तत्काल उसे अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उपचार के बाद उसकी हालत में सुधार हुआ।
घटना की जानकारी फैलते ही स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने उतई थाने का घेराव कर आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। स्थिति नियंत्रित करने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा।
15 दिन में चालान, साक्ष्यों ने खोली वारदात की परतें
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज एवं अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपी धनेश्वर साहू को गिरफ्तार किया। उसके खिलाफ पॉक्सो एक्ट सहित संबंधित धाराओं में अपराध दर्ज किया गया। जांच पूरी कर पुलिस ने 25 अप्रैल 2026 को चालान न्यायालय में पेश कर दिया।
जांच के दौरान आरोपी के घर से बाल, तकिया कवर, जूट की बोरी, बच्ची के कपड़े तथा आरोपी के कपड़े बरामद किए गए। इनका फोरेंसिक परीक्षण और डीएनए मिलान कराया गया। चिकित्सकीय जांच में बच्ची के शरीर, जांघ और गले पर खरोंच के निशान, अंदरूनी चोट तथा अधिक रक्तस्राव की पुष्टि हुई।
अदालत में मासूम ने पहचाना आरोपी
मामले की सुनवाई के दौरान साढ़े चार साल की बच्ची ने अदालत में पर्दे के पीछे खड़े आरोपी को पहचान लिया और अपने साथ हुई घटना के संबंध में बयान दिया। सीसीटीवी फुटेज, डीएनए रिपोर्ट, चिकित्सकीय साक्ष्य और पीड़िता की गवाही सहित अन्य साक्ष्यों को अदालत ने महत्वपूर्ण माना।
विशेष पॉक्सो अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए अलग-अलग धाराओं में आजीवन कारावास के साथ 7 वर्ष, 10 वर्ष और 7 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा कुल 13 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना अदा नहीं करने पर अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।
आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, पॉक्सो एक्ट तथा एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं में कार्रवाई की गई थी।
त्वरित जांच से जल्द मिला न्याय
मामले में पुलिस द्वारा तेजी से जांच पूरी कर 15 दिन के भीतर चालान पेश किया गया और करीब पांच माह में अदालत से फैसला आया। यह प्रकरण बाल सुरक्षा और त्वरित न्याय की आवश्यकता को रेखांकित करता है। मासूम की पहचान और जीवन बचाने वाले स्थानीय युवकों की तत्परता से लेकर वैज्ञानिक साक्ष्यों और न्यायालय में हुई गवाही तक, पूरी कार्रवाई ने मामले को निर्णायक रूप से मजबूत किया।
महासमुंद / शौर्यपथ / ग्राम पंचायत हरनादादर के बूथ क्रमांक 94 एवं 95 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 138वें एपिसोड का सामूहिक श्रवण किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्थानीय कार्यकर्ता एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने विभिन्न सामाजिक एवं राष्ट्रीय विषयों पर अपने विचार साझा किए। उपस्थित लोगों ने राष्ट्र निर्माण में जनभागीदारी, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, युवाओं की भूमिका तथा समाजहित से जुड़े कार्यों पर चर्चा सुनी। ‘मन की बात’ के माध्यम से स्थानीय स्तर पर किए जा रहे सकारात्मक प्रयासों को प्रोत्साहन देने और जनभागीदारी को बढ़ावा देने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम में ग्राम पंचायत हरनादादर की सरपंच कोमल हीरादास टंडन, जूनवानी खुर्द के सरपंच जनक राम नायक, बूथ क्रमांक 94 के अध्यक्ष डीलेश्वर यादव तथा बूथ क्रमांक 95 के अध्यक्ष नेमीचंद चंद्राकर सहित बूथ सदस्य एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
इस अवसर पर यादराम साहू, शांति वैष्णव, पप्पू देवांगन, प्रीतम बरीहा, सोनाबाई पटेल, तोमन पटेल, प्रमिला बरीहा, देवकुमारी बरीहा, फलहार साहू, कुसुम ध्रुव, ओमप्रकाश ध्रुव, हितेश विभार, कमला बाई साहू, हीरादास टंडन, संतराम, खेमन पटेल, मंगलूराम मेहर सहित अन्य कार्यकर्ताओं की सहभागिता रही।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
