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महिला कर्मचारी के वेतन से PhonePe-Paytm के जरिए कराते रहे ट्रांसफर, पुलिस ने पद के दुरुपयोग और गबन के आरोप में किया गिरफ्तार
दुर्ग।
शिक्षा के मंदिर में एक ऐसे मामले ने सनसनी फैला दी है जिसने विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हेमचंद यादव विश्वविद्यालय के कुलसचिव भूपेन्द्र कुमार कुलदीप को दैनिक वेतनभोगी महिला कर्मचारी के वेतन से ₹1,49,384 की कथित हेराफेरी करने के आरोप में दुर्ग पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मामला थाना मोहन नगर में दर्ज किया गया है।
पुलिस के अनुसार पीड़िता श्रीमती शुभांगी मराठे विश्वविद्यालय में अर्धकुशल दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी हैं। वह आरोपी कुलसचिव के निवास पर भोजन बनाने का कार्य भी करती थीं। शिकायत और विश्वविद्यालय की जांच समिति की रिपोर्ट में यह तथ्य सामने आया कि उनका मासिक वेतन ₹11,515 निर्धारित था, लेकिन उन्हें केवल ₹2,200 ही दिए जाते थे। शेष राशि आरोपी द्वारा दबाव बनाकर PhonePe और Paytm के माध्यम से अपने परिचित उदय कुलदीप के खाते में ट्रांसफर कराई जाती थी।
जांच में सामने आया कि यह कथित गबन 6 फरवरी 2025 से 4 जुलाई 2026 के बीच लगातार किया गया, जिसमें कुल ₹1,49,384 की राशि की हेराफेरी हुई।
विश्वविद्यालय की जांच समिति की रिपोर्ट, बैंक अभिलेखों और यूपीआई लेन-देन के साक्ष्यों के आधार पर थाना मोहन नगर में अपराध क्रमांक 550/2026 दर्ज किया गया। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 316(4) के तहत मामला दर्ज कर पुलिस ने 51 वर्षीय भूपेन्द्र कुमार कुलदीप, निवासी विश्वविद्यालय परिसर, को गिरफ्तार कर लिया। मामले की विस्तृत विवेचना जारी है।
थाना प्रभारी निरीक्षक केशव राम कोशले के नेतृत्व में पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में लिया। दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति अपने पद का दुरुपयोग कर आर्थिक शोषण, अवैध वसूली या वित्तीय अनियमितता करता है तो इसकी सूचना तत्काल निकटतम थाने को दें। ऐसे मामलों में कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
शौर्यपथ विशेष:
यह मामला केवल आर्थिक गड़बड़ी का नहीं, बल्कि एक जिम्मेदार प्रशासनिक पद पर बैठे अधिकारी द्वारा कथित रूप से अपने अधिकारों के दुरुपयोग का भी है। यदि जांच में आरोप पूरी तरह सिद्ध होते हैं, तो यह विश्वविद्यालय प्रशासन की जवाबदेही और पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करेगा। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
बिजली बिल में राहत के साथ स्वच्छ ऊर्जा को मिल रहा बढ़ावा
रायपुर / प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संचालित प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना आम नागरिकों के लिए आर्थिक राहत और पर्यावरण संरक्षण का प्रभावी माध्यम बनकर उभर रही है। इस योजना के माध्यम से लोग अपने घरों की छतों पर सौर ऊर्जा आधारित विद्युत प्रणाली स्थापित कर न केवल बिजली के बढ़ते खर्च से राहत पा रहे हैं, बल्कि स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा के उपयोग को भी बढ़ावा दे रहे हैं।
सोलर सिस्टम से घटी बिजली की लागत
मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के मोहला निवासी हेमंत कुमार साहू इस योजना के सफल लाभार्थियों में शामिल हैं। उन्होंने अपने घर में सौर ऊर्जा आधारित विद्युत प्रणाली स्थापित कर बिजली की खपत में उल्लेखनीय कमी लाई है। सोलर सिस्टम लगने के बाद उनके घर की अधिकांश विद्युत आवश्यकताओं की पूर्ति अब सौर ऊर्जा से हो रही है, जिससे बिजली बिल में भारी कमी आई है और परिवार को हर महीने आर्थिक राहत मिल रही है।
10 हजार रुपए तक के बिजली बिल से मिली राहत
हेमंत कुमार साहू बताते हैं कि पहले उनके घर का बिजली बिल लगभग 10 हजार रूपए तक आता था। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत सोलर सिस्टम स्थापित होने के बाद बिजली बिल में उल्लेखनीय कमी आई है। इससे न केवल घरेलू खर्च कम हुआ है, बल्कि परिवार स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ा सका है।
आर्थिक बचत के साथ पर्यावरण संरक्षण का भी माध्यम
श्री साहू का कहना है कि सोलर प्रणाली स्थापित होने से घरेलू विद्युत आवश्यकताओं की निर्बाध पूर्ति हो रही है, पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम हुई है और बिजली खर्च में लगातार बचत हो रही है। उन्होंने कहा कि यह योजना आर्थिक रूप से लाभदायक होने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी प्रभावी पहल है, क्योंकि इससे स्वच्छ एवं नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा मिल रहा है।
योजना का लाभ उठाने की अपील
हेमंत कुमार साहू ने प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को आम नागरिकों के लिए अत्यंत उपयोगी बताते हुए अधिक से अधिक लोगों से इसका लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा को अपनाकर प्रत्येक नागरिक अपने बिजली खर्च में कमी ला सकता है और देश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ स्वच्छ एवं हरित भविष्य के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भागीदारी निभा सकता है। उन्होंने इस जनहितकारी योजना के लिए शासन एवं प्रशासन के प्रति आभार भी व्यक्त किया।
उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए शासन का बड़ा निर्णय, खाद्य कारोबार संचालकों से नियमों का कड़ाई से पालन करने की अपील
रायपुर । शौर्यपथ । उपभोक्ताओं को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने की दिशा में राज्य शासन ने महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए एनालॉग पनीर तथा अन्य डेयरी एनालॉग उत्पादों के निर्माण, प्रसंस्करण, भंडारण, परिवहन, वितरण और विक्रय पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। इस संबंध में लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा अधिसूचना जारी की गई है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन, जिला गौरेला-पेंड्रा-मरवाही ने जिले के सभी खाद्य कारोबार संचालकों, डेयरी उत्पाद निर्माताओं, थोक एवं फुटकर विक्रेताओं से शासन के निर्देशों का अक्षरशः पालन करने की अपील की है।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन के अनुसार यह निर्णय खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लिया गया है। विभागीय परीक्षण, प्रयोगशाला विश्लेषण एवं जोखिम मूल्यांकन में यह सामने आया कि कुछ उत्पाद वास्तविक दूध से निर्मित नहीं होने के बावजूद उन्हें पनीर, क्रीम, मक्खन अथवा अन्य दुग्ध उत्पादों के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा था। इससे उपभोक्ताओं के भ्रमित होने के साथ-साथ उनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका बनी हुई थी।
प्रतिबंध के दायरे में ऐसे सभी उत्पाद शामिल किए गए हैं, जिनमें दूध के स्थान पर वनस्पति वसा, वनस्पति तेल अथवा अन्य गैर-दुग्ध अवयवों का उपयोग किया गया हो, अथवा जिनकी लेबलिंग, पैकेजिंग या प्रदर्शन इस प्रकार किया गया हो कि वे वास्तविक दुग्ध उत्पाद प्रतीत हों। शासन का उद्देश्य उपभोक्ताओं को भ्रामक उत्पादों से बचाना तथा खाद्य बाजार में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करना है।
हालांकि, विभाग ने स्पष्ट किया है कि फ्रोजन डेजर्ट, प्रोसेस्ड चीज़ तथा मिक्स्ड फैट स्प्रेड जैसे वे उत्पाद, जिनके लिए भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण के मानक निर्धारित हैं और जिनकी विधिवत लेबलिंग की जाती है, इस प्रतिबंध के दायरे में शामिल नहीं होंगे।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने बताया कि यह प्रतिबंध राजपत्र में अधिसूचना प्रकाशित होने की तिथि से एक वर्ष अथवा भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण द्वारा अंतिम नियम जारी किए जाने तक, जो भी पहले हो प्रभावी रहेगा। इस अवधि में विभाग द्वारा निरीक्षण एवं निगरानी की कार्रवाई भी की जाएगी, ताकि प्रतिबंध का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।
विभाग ने जिले के सभी डेयरी उत्पाद निर्माताओं, वितरकों, थोक एवं फुटकर विक्रेताओं से उपभोक्ता हित को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए शासन के निर्देशों का पूर्णतः पालन करने का आग्रह किया है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि प्रतिबंधित उत्पादों के निर्माण, भंडारण अथवा विक्रय की स्थिति में संबंधित प्रावधानों के तहत विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। शासन का यह निर्णय खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा आम नागरिकों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
रायपुर / शौर्यपथ / राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (चिरायु) के तहत राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ विकासखंड के ग्राम डुंडेरा की जन्मजात श्रवण बाधित बच्ची जीविका का एम्स रायपुर में सफल कॉक्लियर इम्प्लांट किया गया। आंगनबाड़ी में नियमित स्वास्थ्य जांच के दौरान आरबीएसके (चिरायु) टीम ने उसकी समस्या की पहचान कर समय पर एम्स रेफर किया, जहां विशेषज्ञों ने सफल ऑपरेशन किया।
अब नियमित स्पीच थेरेपी और पुनर्वास के माध्यम से जीविका धीरे-धीरे सुनने और बोलने की क्षमता विकसित कर सकेगी। यह सफलता राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की प्रभावी कार्यप्रणाली का उदाहरण है, जिसके तहत बच्चों में जन्मजात विकारों और गंभीर बीमारियों की समय रहते पहचान कर निःशुल्क उपचार एवं उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। डोंगरगढ़ की आरबीएसके टीम की तत्परता ने एक मासूम के जीवन में खामोशी की जगह उम्मीद और आवाजों की नई दुनिया बसा दी।
उपमुख्यमंत्री ने बूढ़ा महादेव और बाबा भोरमदेव में पूजा अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली और समृद्धि की कामना की
रायपुर / श्रावण मास के प्रथम सोमवार को ऐतिहासिक पुरातात्विक, पर्यटन एवं जनआस्था के केंद्र बाबा भोरमदेव मंदिर के लिए पदयात्रा में भारी उत्साह और भक्तिभाव के साथ उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा सहित हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। भोरमदेव पदयात्रा से पहले उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने पंचमुखी बूढ़ा महादेव की वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधिवत पूजा-अर्चना की। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा सहित जनप्रतिनिधियों ने हर-हर महादेव, बोल-बम के जयघोष के साथ भगवा ध्वज हाथों में लिए लगभग 18 किलोमीटर श्रद्धालुओं का भोरमदेव पदयात्रा का शुभारंभ किया।
उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि श्रावण मास का प्रथम सोमवार भगवान भोलेनाथ की आराधना का विशेष अवसर है। बाबा भोरमदेव पदयात्रा में हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की सहभागिता हमारी आस्था और परंपरा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इस पावन यात्रा में शामिल होकर सभी श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भोरमदेव केवल एक प्राचीन मंदिर नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान का गौरव है। सरकार इस पवित्र धाम के संरक्षण, विकास और श्रद्धालुओं की सुविधाओं के विस्तार के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं को श्रावण मास की शुभकामनाएं देते हुए सुख, शांति और समृद्धि की कामना की तथा पदयात्रा को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, अधिकारी, कर्मचारी स्वयंसेवकों और श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस पदयात्रा में पूर्व संसदीय सचिव डॉ. सियाराम साहू, श्री मोतीराम चंद्रवंशी, गौ सेवा आयोग अध्यक्ष श्री बिसेसर पटेल, कृषक कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष श्री सुरेश चंद्रवंशी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू, उपाध्यक्ष श्री कैलाश चंद्रवंशी, जिला पंचायत सदस्य श्री राम कुमार भट्ट, डॉ वीरेन्द्र साहू, नगर पालिका अध्यक्ष श्री चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री संतोष पटेल, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री विदेशी राम धुर्वे, कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक अग्रवाल सहित जनप्रतिनिधि जिला प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी, समाज सेवी संगठन, स्वामी विवेकानंद एकेडमी, स्कूली बच्चों से लेकर आमजन हजारों की संख्या में महिला-पुरूष व बच्चें श्रद्धालु के रूप में स्वस्फूर्त शामिल हुए।
*पदयात्रियों का जगह-जगह पुष्प गुच्छ भेंट व तिलक लगाकर हुआ स्वागत और अभिनंदन*
भोरमदेव पदयात्रा को लेकर कवर्धा से भोरमदेव मंदिर पूरे 18 किलोमीटर तक पदयात्रा में उत्साह और उमंग का माहौल देखने को मिला। जिले के विभिन्न संगठनों से लेकर अलग-अलग समाजिक संगठनों, ग्रामीणों ने पदयात्रा में शामिल जनप्रतिनिधियों सहित प्रशासनिक अधिकारियों का पुष्प गुच्छ, माला भेंट कर व तिलक लगाकर स्वागत और अभिनंदन किया। ग्राम पंचायतों के पंच-सरपंच के अलावा वन विभाग, इंजीनियर एसोसिएशन संघ, जिला प्रेस क्लब, ज्वाईन हैण्डस, ट्रक मालिक संघ, प्रायवेट स्कूल संघ और विभिन्न विभागों ने अलग-अलग स्थानों में स्टॉल लगाकर श्रद्धालु, पदयात्रियों कांवरियों के लिए चाय, कॉफी, नास्ता, जूस, शरबत, नीबू पानी, खीर-पूडी और फल वितरण किया।
*उमड़ा आस्था का जनसैलाब, हजारों श्रद्धालु पदयात्रा में हुए शामिल*
वर्ष 2008 से लगातार आयोजित हो रही बाबा भोरमदेव पदयात्रा में इस वर्ष भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। लगभग 18 किलोमीटर की यह पदयात्रा पंचमुखी बूढ़ा महादेव मंदिर, कवर्धा से बाबा भोरमदेव मंदिर तक निकाली गई। हर-हर महादेव और बोल-बम के जयघोष के बीच हजारों श्रद्धालु, कांवड़िये, युवा, महिलाएं और बुजुर्ग पूरे उत्साह एवं भक्तिभाव के साथ पदयात्रा में शामिल हुए।
*झांकियां बनी आकर्षण का केंद्र*
इस वर्ष भोरमदेव पदयात्रा में भगवान शिव, माता पार्वती, गणेश, नंदी और शिव परिवार पर आधारित आकर्षक झांकियां श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहीं। पूरे पदयात्रा मार्ग में भक्तिमय झांकियों, भजन-कीर्तन और हर-हर महादेव के जयघोष से माहौल शिवमय हो गया। श्रद्धालुओं ने झांकियों का उत्साहपूर्वक स्वागत किया।
*उपमुख्यमंत्री ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान का संदेश जन-जन तक पहुंचाने पर दिया जोर*
भोरमदेव पदयात्रा के दौरान उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने समनापुर के समीप महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा लगाए गए 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' जागरूकता स्टॉल का अवलोकन किया। उन्होंने अभियान की सराहना करते हुए बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान का संदेश जन-जन तक पहुंचाने पर जोर दिया।
कोंडागांव। जिले के उत्तर वनमंडल केशकाल में पदस्थ डीएफओ दिव्या गौतम एक बार फिर विवादों में घिरती नजर आ रही हैं। आरोप है कि उन्होंने भारी वाहन चालक के पद पर भर्ती प्रक्रिया में अनियमितता करते हुए फर्जी दस्तावेजों के आधार पर एक युवक को नौकरी दे दी।
जानकारी के अनुसार, मार्च 2024 में भारी वाहन चालक के पद के लिए सीधी भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई थी। भर्ती प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद 24 अप्रैल 2025 को पात्र और अपात्र अभ्यर्थियों की अंतिम सूची जारी की गई। इस सूची में मंजीत (पिता गुरविंदर सिंह), निवासी कोंडागांव, पहले स्थान पर पात्र घोषित किए गए थे।
हालांकि आरोप है कि डीएफओ दिव्या गौतम और एसडीओ सुषमा नेताम की मिलीभगत से पहले से अपात्र घोषित किए जा चुके विक्की बंजारे (निवासी लंजोड़ा) को पात्र बताकर नौकरी दे दी गई। इस निर्णय ने पूरी भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
*जाली दस्तावेजों का मामला आया सामने*
मामले ने उस समय तूल पकड़ा जब चयनित अभ्यर्थी विक्की बंजारे द्वारा प्रस्तुत अनुभव प्रमाण पत्र की सत्यता पर सवाल उठे। जांच के दौरान संबंधित संस्था ‘हीरा एग्रो’ से संपर्क किया गया, जहां से स्पष्ट किया गया कि उनके यहां किसी भी प्रकार का भारी वाहन या ट्रांसपोर्ट से संबंधित कार्य नहीं होता है। संस्था की ओर से शपथ पत्र में यह भी बताया गया कि वहां केवल मजदूर, कुली और हमाल कार्यरत हैं तथा किसी भी प्रकार का वाहन पंजीकृत नहीं है।
ऐसी स्थिति में यह प्रश्न उठता है कि बिना वाहन वाली संस्था से भारी वाहन चालक का अनुभव प्रमाण पत्र कैसे जारी किया गया।
*मीडिया से बचती नजर आईं अधिकारी*
जब इस मामले में डीएफओ दिव्या गौतम से मीडिया ने सवाल पूछे तो उन्होंने संतोषजनक जवाब देने से परहेज किया। उन्होंने कहा कि भर्ती समिति की सहमति से नियुक्ति की गई है और फोन पर बात करने से मना करते हुए सामने आकर बात करने की बात कही। मुलाकात के समय को लेकर भी उन्होंने स्पष्ट जानकारी नहीं दी।
न्यायालय की शरण में गया मामला
सूत्रों के अनुसार, पहले पात्र घोषित किए गए अभ्यर्थी ने इस मामले को लेकर न्यायालय की शरण ले ली है। अब देखने वाली बात यह होगी कि इस कथित भ्रष्टाचार और फर्जीवाड़े के मामले में न्यायालय क्या निर्णय देता है और क्या जिला प्रशासन इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराता है।
इस पूरे घटनाक्रम ने वन विभाग की कार्यप्रणाली और भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
विधायक रिकेश सेन के दावों के बाद नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत का बड़ा बयान, बोले— "आरोप अब सही साबित होते दिख रहे हैं, निष्पक्ष जांच हो"
रायपुर/भिलाई। भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) में कथित लोहा चोरी का मामला अब केवल कानून-व्यवस्था या आपराधिक जांच का विषय नहीं रह गया है, बल्कि इसने प्रदेश की राजनीति में भी नई बहस छेड़ दी है। वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन द्वारा पिछले कई महीनों से सोशल मीडिया पर लगाए जा रहे आरोपों के बीच अब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत के बयान ने इस पूरे मामले को नया राजनीतिक आयाम दे दिया है।
नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने मीडिया से चर्चा में कहा कि वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन द्वारा बीएसपी से हर महीने लगभग 100 करोड़ रुपये की संगठित चोरी के लगाए गए आरोप अब सामने आ रही गिरफ्तारियों के बाद सही साबित होते दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब तक 17 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि मामला साधारण चोरी का नहीं बल्कि संगठित नेटवर्क का है।
महंत ने आशंका व्यक्त की कि यदि जांच निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ी तो इसमें बीएसपी के कुछ अधिकारियों, सुरक्षा व्यवस्था, स्थानीय पुलिस तथा राजनीतिक संरक्षण देने वाले प्रभावशाली लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है। उन्होंने मांग की कि जांच किसी दबाव में नहीं बल्कि पूरी पारदर्शिता के साथ होनी चाहिए और यदि किसी बड़े नेता का संरक्षण रहा है तो उसे भी उजागर किया जाए।
रिकेश सेन लगातार करते रहे बड़े दावे
दूसरी ओर वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन इस पूरे प्रकरण को लेकर लगातार सोशल मीडिया के माध्यम से कई गंभीर दावे करते रहे हैं। उन्होंने अपने पोस्ट में कहा था कि सीबीआई जांच होने पर बड़े-बड़े अधिकारी और नेता गिरफ्तार होंगे तथा कई लोगों का राजनीतिक जीवन समाप्त हो जाएगा।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राष्ट्रीय संपत्ति को लूटने वालों के चेहरे सीबीआई जांच के बाद बेनकाब होंगे।
रिकेश सेन ने एक अन्य पोस्ट में दावा किया था कि भिलाई इस्पात संयंत्र से चोरी किया गया लोहा रसमड़ा स्थित फैक्ट्रियों तक पहुंचाया जाता था और इस पूरे नेटवर्क में करोड़ों रुपये के लेन-देन से मामले दबाए जाते रहे।
विधायक ने यह भी लिखा कि जब से उन्होंने बीएसपी लोहा चोरी का मुद्दा उठाया है, तब से कुछ नेताओं और कुछ यूट्यूब चैनलों की सक्रियता अचानक बढ़ गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में एक यूट्यूबर ने, जो कथित रूप से सट्टा और लोहा चोरी से जुड़ा रहा है, एक राष्ट्रीय समाचार पत्र के रिपोर्टर पर खबर नहीं चलाने का दबाव बनाया।
जांच के दायरे पर बढ़ी निगाहें
लगातार हो रही गिरफ्तारियों और राजनीतिक बयानबाजी के बीच अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जांच केवल गिरफ्तार व्यक्तियों तक सीमित रहेगी या फिर उस पूरे नेटवर्क तक पहुंचेगी, जिसकी ओर लगातार इशारा किया जा रहा है। विपक्ष निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है, जबकि विधायक रिकेश सेन पहले से ही बड़े अधिकारियों और राजनीतिक संरक्षण की जांच की बात कहते रहे हैं।
भिलाई इस्पात संयंत्र जैसी राष्ट्रीय संपत्ति से जुड़े इस कथित संगठित लोहा चोरी प्रकरण में आगे की जांच और एजेंसियों की कार्रवाई पर अब पूरे प्रदेश की नजरें टिकी हुई हैं।
नोट: यह समाचार सार्वजनिक रूप से उपलब्ध बयानों, सोशल मीडिया पोस्टों और प्रेस में प्रकाशित कथनों पर आधारित है। विधायक रिकेश सेन के सोशल मीडिया दावे तथा नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत के बयान उनके अपने कथन हैं। इन आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष संबंधित जांच एजेंसियों की जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही माना जाएगा।
विधायक रिकेश सेन के दावों के बाद नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत का बड़ा बयान, बोले— "आरोप अब सही साबित होते दिख रहे हैं, निष्पक्ष जांच हो"
रायपुर/भिलाई। भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) में कथित लोहा चोरी का मामला अब केवल कानून-व्यवस्था या आपराधिक जांच का विषय नहीं रह गया है, बल्कि इसने प्रदेश की राजनीति में भी नई बहस छेड़ दी है। वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन द्वारा पिछले कई महीनों से सोशल मीडिया पर लगाए जा रहे आरोपों के बीच अब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत के बयान ने इस पूरे मामले को नया राजनीतिक आयाम दे दिया है।
नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने मीडिया से चर्चा में कहा कि वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन द्वारा बीएसपी से हर महीने लगभग 100 करोड़ रुपये की संगठित चोरी के लगाए गए आरोप अब सामने आ रही गिरफ्तारियों के बाद सही साबित होते दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब तक 17 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि मामला साधारण चोरी का नहीं बल्कि संगठित नेटवर्क का है।
महंत ने आशंका व्यक्त की कि यदि जांच निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ी तो इसमें बीएसपी के कुछ अधिकारियों, सुरक्षा व्यवस्था, स्थानीय पुलिस तथा राजनीतिक संरक्षण देने वाले प्रभावशाली लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है। उन्होंने मांग की कि जांच किसी दबाव में नहीं बल्कि पूरी पारदर्शिता के साथ होनी चाहिए और यदि किसी बड़े नेता का संरक्षण रहा है तो उसे भी उजागर किया जाए।
रिकेश सेन लगातार करते रहे बड़े दावे
दूसरी ओर वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन इस पूरे प्रकरण को लेकर लगातार सोशल मीडिया के माध्यम से कई गंभीर दावे करते रहे हैं। उन्होंने अपने पोस्ट में कहा था कि सीबीआई जांच होने पर बड़े-बड़े अधिकारी और नेता गिरफ्तार होंगे तथा कई लोगों का राजनीतिक जीवन समाप्त हो जाएगा।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राष्ट्रीय संपत्ति को लूटने वालों के चेहरे सीबीआई जांच के बाद बेनकाब होंगे।
रिकेश सेन ने एक अन्य पोस्ट में दावा किया था कि भिलाई इस्पात संयंत्र से चोरी किया गया लोहा रसमड़ा स्थित फैक्ट्रियों तक पहुंचाया जाता था और इस पूरे नेटवर्क में करोड़ों रुपये के लेन-देन से मामले दबाए जाते रहे।
विधायक ने यह भी लिखा कि जब से उन्होंने बीएसपी लोहा चोरी का मुद्दा उठाया है, तब से कुछ नेताओं और कुछ यूट्यूब चैनलों की सक्रियता अचानक बढ़ गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में एक यूट्यूबर ने, जो कथित रूप से सट्टा और लोहा चोरी से जुड़ा रहा है, एक राष्ट्रीय समाचार पत्र के रिपोर्टर पर खबर नहीं चलाने का दबाव बनाया।
जांच के दायरे पर बढ़ी निगाहें
लगातार हो रही गिरफ्तारियों और राजनीतिक बयानबाजी के बीच अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जांच केवल गिरफ्तार व्यक्तियों तक सीमित रहेगी या फिर उस पूरे नेटवर्क तक पहुंचेगी, जिसकी ओर लगातार इशारा किया जा रहा है। विपक्ष निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है, जबकि विधायक रिकेश सेन पहले से ही बड़े अधिकारियों और राजनीतिक संरक्षण की जांच की बात कहते रहे हैं।
भिलाई इस्पात संयंत्र जैसी राष्ट्रीय संपत्ति से जुड़े इस कथित संगठित लोहा चोरी प्रकरण में आगे की जांच और एजेंसियों की कार्रवाई पर अब पूरे प्रदेश की नजरें टिकी हुई हैं।
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धमतरी: शौर्यपथ । धमतरी प्रसिद्ध धार्मिक एवं ऐतिहासिक तीर्थ कर्णेश्वर धाम में इस वर्ष सावन महोत्सव को भव्य, धार्मिक एवं श्रद्धापूर्ण वातावरण में मनाया जाएगा। इसे लेकर कर्णेश्वर मंदिर ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें सावन मास के दौरान होने वाले धार्मिक आयोजनों, श्रद्धालुओं की सुविधा, प्रसादी वितरण, व्यवस्थाओं तथा आगामी कार्यक्रमों को लेकर विस्तृत चर्चा कर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
बैठक में सर्वसम्मति से तय किया गया कि सावन मास के प्रत्येक सोमवार को भगवान कर्णेश्वर महादेव के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को ट्रस्ट की ओर से खीर-पूड़ी प्रसादी का वितरण किया जाएगा। वहीं सावन के अंतिम सोमवार को भगवान कर्णेश्वर महादेव का विशेष महारुद्राभिषेक वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधि-विधान के साथ संपन्न कराया जाएगा। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए पार्किंग, पेयजल, साफ-सफाई, सुरक्षा तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष निकेश ठाकुर ने आय-व्यय का विवरण प्रस्तुत किया, जिस पर सदस्यों ने चर्चा करते हुए आगामी धार्मिक आयोजनों एवं मंदिर की व्यवस्थाओं को लेकर आवश्यक निर्णय लिए। ट्रस्ट अध्यक्ष विकल गुप्ता ने कहा कि सावन भगवान शिव की आराधना का सबसे महत्वपूर्ण महीना है। ट्रस्ट का प्रयास रहेगा कि कर्णेश्वर धाम आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को बेहतर धार्मिक वातावरण, सुव्यवस्थित व्यवस्था और सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
बैठक के अंत में ट्रस्ट के दिवंगत सर्वराकार कैलाश पवार, सदस्य पूनारद जांगड़े, ट्रस्ट के सह सचिव रामभरोसा साहू की छोटी नातिन नीता साहू तथा पूजा प्रभारी योगेश साहू की माता लालती साहू के निधन पर दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। उपस्थित सभी सदस्यों ने दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
बैठक में ट्रस्ट अध्यक्ष विकल गुप्ता, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रकाश बैस, पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष नागेंद्र शुक्ला, जनपद उपाध्यक्ष ह्रदय साहू, ट्रस्ट उपाध्यक्ष रवि दुबे, कोषाध्यक्ष निकेश ठाकुर, सचिव भरत निर्मलकर, सह सचिव रामभरोसा साहू, मोहन पुजारी, योगेश साहू, छबि ठाकुर, रवि भट्ट, हनी कश्यप, अनिरुद्ध साहू, दुर्गेश साहू, पेमन स्वर्णबेर, महेंद्र कौशल, मिलेश साहू, ईश्वर जांगड़े, डोमार मिश्रा, नन्द यादव, बंटी जैन, राकेश चौबे, अश्वनी निषाद, परमेश निषाद, गोलू सार्वा, अंश गौतम, विनोद पुरी गोस्वामी, संतु साहू सहित ट्रस्ट के अन्य सदस्य एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।
रायपुर। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय (केटीयू), रायपुर में 'नशा मुक्त युवा अभियान' के अंतर्गत रविवार को नशा मुक्ति शपथ ग्रहण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के अधिकारियों, शिक्षकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों ने स्वयं नशे से दूर रहने तथा समाज को नशामुक्त बनाने का सामूहिक संकल्प लिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो. मनोज दयाल ने कहा कि युवा शक्ति ही राष्ट्र की सबसे बड़ी ताकत है और उनका स्वस्थ, अनुशासित एवं सकारात्मक जीवन ही विकसित भारत की आधारशिला बनेगा। उन्होंने राष्ट्रकवि रामधारी सिंह 'दिनकर' की प्रसिद्ध पंक्ति, "जब नाश मनुष्य पर छाता है, पहले विवेक मर जाता है" का उल्लेख करते हुए कहा कि नशा व्यक्ति के विवेक, परिवार और उज्ज्वल भविष्य—तीनों को बर्बाद कर देता है। उन्होंने विद्यार्थियों से मोबाइल का भी संयमित एवं सार्थक उपयोग करने का आग्रह किया तथा विश्वविद्यालय परिसर को पूर्णतः नशा मुक्त कैंपस बनाने की घोषणा की।
कुलसचिव सुनील कुमार शर्मा ने कहा कि जीवन में किसी भी निर्णय या निवेश से पहले उसके आर्थिक और सामाजिक प्रभावों का आकलन आवश्यक है। उन्होंने कहा कि नशे की शुरुआत अक्सर क्षणिक सुख के आकर्षण से होती है, लेकिन धीरे-धीरे यही आदत व्यक्ति के जीवन पर गंभीर दुष्प्रभाव डालने वाली लत बन जाती है।
कार्यक्रम में विभागाध्यक्ष पंकज नयन पांडेय, डॉ. नृपेन्द्र शर्मा, डॉ. राजेन्द्र मोहंती सहित विश्वविद्यालय के अधिकारी, शिक्षक, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने 'नशा मुक्त भारत' के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने और स्वयं नशे से दूर रहने की शपथ ली।
कार्यक्रम का संचालन एवं संयोजन डॉ. शैलेन्द्र खंडेलवाल ने किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने युवाओं से नशामुक्त, अनुशासित और जागरूक समाज के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाने का आह्वान किया।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
