September 29, 2026
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    शौर्यपथ

    शौर्यपथ

       रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ शासन के जल संसाधन विभाग ने दुर्ग जिले में विभिन्न सिंचाई योजनाओं के कार्यों के लिए कुल 40 करोड़ 85 लाख 2 हजार रुपये की स्वीकृति प्रदान की है। इन कार्यों के पूर्ण होने से जिले के विभिन्न क्षेत्रों में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार होगा।
    स्वीकृत कार्यों में सुरपा व्यपवर्तन योजना के जीर्णोद्धार तथा नहर प्रणाली के रीमॉडलिंग एवं लाइनिंग कार्य के लिए 2 करोड़ 23 लाख 56 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं। कार्य पूर्ण होने के बाद 121 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी।
    इसी तरह मोहंदी जलाशय के जीर्णोद्धार एवं नहरों की लाइनिंग के लिए 4 करोड़ 96 लाख 55 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इससे 100 हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई सुविधा मिलेगी। तिरगा जलाशय के जीर्णोद्धार एवं लाइनिंग कार्य के लिए 4 करोड़ 71 लाख 26 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जिससे 107 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी।
    गनियारी जलाशय के जीर्णोद्धार एवं नहर लाइनिंग कार्य के लिए भी 4 करोड़ 71 लाख 26 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं। कार्य पूर्ण होने पर 254 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी। वहीं, रिसाली-उमरपोटी जलाशय के जीर्णोद्धार एवं नहर लाइनिंग कार्य के लिए 4 करोड़ 97 लाख 94 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इससे 162 हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई सुविधा प्राप्त होगी।
    इसके अलावा दुर्ग जिले के निगम क्षेत्र के तालाबों में निस्तारी जल भरने के लिए चैनल निर्माण कार्य हेतु 4 करोड़ 93 लाख 56 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं। शिवनाथ मंडल कार्यालय, दुर्ग के जीर्णोद्धार एवं नव निर्माण कार्य के लिए 4 करोड़ 96 लाख 24 हजार रुपये की स्वीकृति दी गई है।
    कपसदा जलाशय के जीर्णोद्धार एवं नहर लाइनिंग कार्य के लिए 4 करोड़ 57 लाख 8 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं। कार्य पूर्ण होने पर 90 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। वहीं, नंदौरी जलाशय के जीर्णोद्धार एवं नहरों की लाइनिंग के लिए 4 करोड़ 77 लाख 57 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इससे 49 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी।
    इन स्वीकृत कार्यों से दुर्ग जिले में सिंचाई अधोसंरचना के जीर्णोद्धार, नहरों की क्षमता में सुधार तथा विभिन्न क्षेत्रों में सिंचाई सुविधा के विस्तार में मदद मिलेगी।

    शास्त्रीय कला के मंच पर फिल्मी गीतों की प्रस्तुति पर उठे सवाल, सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह ने जताई आपत्ति

    रायगढ़ / शौर्यपथ। छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान और कला परंपरा का प्रतिष्ठित मंच माने जाने वाले 41वें अंतर्राष्ट्रीय चक्रधर समारोह में सातवें दिन हुई एक प्रस्तुति विवादों में आ गई है। इंडियन आइडल फेम गायक अमित साना की प्रस्तुति के दौरान ‘बीड़ी जलाई ले जिगर से’ और ‘जुम्मा चुम्मा दे दे’ जैसे फिल्मी गीत गाए जाने पर आपत्ति सामने आई है।

    मामले ने तब राजनीतिक और सार्वजनिक चर्चा का रूप ले लिया, जब भाजपा के राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह ने इन गीतों की प्रस्तुति पर कड़ी आपत्ति जताई। सांसद का कहना है कि चक्रधर समारोह जैसे प्रतिष्ठित सांस्कृतिक आयोजन की अपनी गरिमा और परंपरा है और मंच पर प्रस्तुत किए जाने वाले कार्यक्रमों के चयन में इसका ध्यान रखा जाना चाहिए।

    मुख्यमंत्री और संस्कृति मंत्री को पत्र की तैयारी

    सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह ने इस पूरे मामले को लेकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और संस्कृति मंत्री को लिखित शिकायत भेजने की बात कही है। इससे आयोजन में कलाकारों और प्रस्तुतियों के चयन की प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े हुए हैं।

    सोशल मीडिया पर भी उठे सवाल

    कार्यक्रम में इन गीतों की प्रस्तुति के वीडियो और चर्चा के बाद सोशल मीडिया पर जिला प्रशासन और आयोजन की चयन समिति को लेकर प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं। लोगों का एक वर्ग समारोह की सांस्कृतिक गरिमा और कार्यक्रमों के चयन को लेकर सवाल उठा रहा है।

    चक्रधर समारोह केवल मनोरंजन का मंच नहीं, बल्कि रायगढ़ की समृद्ध कला-संस्कृति और संगीत परंपरा की पहचान से जुड़ा आयोजन है। ऐसे में अब चर्चा इस बात पर केंद्रित है कि कार्यक्रमों के चयन में समारोह की सांस्कृतिक प्रकृति और गरिमा को ध्यान में रखने की जिम्मेदारी आखिर किसकी है?

    नगांव उपचुनाव के प्रचार के दौरान कांग्रेस नेताओं के वाहनों पर कथित हमला, शीशे टूटे; मनोज चौहान के घायल होने का दावा—कांग्रेस ने भाजपा समर्थकों पर लगाया आरोप

    नगांव/गुवाहाटी। असम के नगांव लोकसभा उपचुनाव के प्रचार के बीच सोमवार को कांग्रेस के चुनावी काफिले पर कथित पथराव ने राज्य की चुनावी राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया। समागुरी क्षेत्र में चुनावी सभा के लिए जा रहे काफिले में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के असम प्रभारी भूपेश बघेल, असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई, AICC सचिव मनोज चौहान, कांग्रेस प्रत्याशी सिबामोनी बोरा सहित कई नेता मौजूद थे।

    कांग्रेस के अनुसार, काफिले के वाहनों पर पत्थर और बोतलें फेंकी गईं, जिससे कुछ वाहनों के शीशे क्षतिग्रस्त हुए। गौरव गोगोई ने सोशल मीडिया पर आरोप लगाया कि हमले के पीछे भाजपा समर्थक थे। कांग्रेस की ओर से यह भी दावा किया गया कि AICC सचिव मनोज चौहान को पत्थर लगने से चोट आई।

    घटना के बाद इलाके में तनाव की स्थिति बनी। रिपोर्टों के मुताबिक पुलिस और सुरक्षा बलों ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया। कांग्रेस की ओर से पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई गई है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।

    सवाल सिर्फ एक काफिले का नहीं, चुनावी माहौल का है

    चुनावी प्रचार लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है। राजनीतिक दलों के समर्थकों के बीच विरोध या नारेबाजी लोकतांत्रिक राजनीति में देखी जा सकती है, लेकिन यदि किसी चुनावी काफिले पर वास्तव में पथराव हुआ है तो यह कानून-व्यवस्था और चुनावी सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

    सबसे अहम सवाल अब यही हैं—

    काफिले पर हमला किसने किया?

    हमले की शुरुआत कैसे हुई?

    क्या पहले से सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी प्रशासन को थी?

    वाहनों को नुकसान पहुंचाने वालों की पहचान कब होगी?

    और शिकायत के आधार पर पुलिस की कार्रवाई का अगला कदम क्या होगा?

    आरोपों पर सियासी टकराव भी तेज

    कांग्रेस ने घटना के लिए भाजपा समर्थकों को जिम्मेदार ठहराते हुए असम सरकार और पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। दूसरी ओर, मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज किया है और घटना को लेकर अलग दावा किया है। इसलिए हमले के वास्तविक जिम्मेदारों का निर्धारण जांच और आधिकारिक कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट होगा।

    नगांव लोकसभा उपचुनाव 6 अक्टूबर 2026 को होना है। ऐसे में चुनाव प्रचार के दौरान हुई यह घटना प्रशासन और निर्वाचन तंत्र के सामने एक सीधी चुनौती है—चुनावी मुकाबला राजनीतिक बहस और जनसमर्थन से होगा या सड़क पर टकराव से?

    अब निगाहें पुलिस की जांच और निर्वाचन आयोग की कार्रवाई पर हैं।

    वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन की 2023 विधानसभा चुनाव के दौरान घोषित संपत्ति और आय का ब्यौरा सामने आया

    भिलाई। वैशाली नगर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक रिकेश सेन ने 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान चुनाव आयोग के समक्ष दाखिल शपथ पत्र में अपनी संपत्ति, आय और देनदारियों का विवरण प्रस्तुत किया था। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) के MyNeta पर उपलब्ध हलफनामे के अनुसार उनकी कुल घोषित संपत्ति ₹1,23,74,351, यानी करीब ₹1.24 करोड़ थी।

    हलफनामे के आंकड़ों पर नजर डालें तो रिकेश सेन की चल संपत्ति करीब ₹13.74 लाख और अचल संपत्ति ₹1.10 करोड़ दर्ज थी। अचल संपत्ति में भिलाई के वैशाली नगर क्षेत्र स्थित आवासीय भवन भी शामिल बताया गया है।

    चल संपत्ति ₹13.74 लाख, अचल संपत्ति ₹1.10 करोड़

    चुनावी शपथ पत्र के अनुसार रिकेश सेन के नाम एवं परिवार/आश्रितों से संबंधित विवरणों को मिलाकर करीब ₹13.74 लाख की चल संपत्ति घोषित की गई थी। वहीं उनकी अचल संपत्ति का मूल्य करीब ₹1.10 करोड़ दर्ज किया गया था।

    इस तरह दोनों को मिलाकर कुल घोषित संपत्ति का आंकड़ा करीब ₹1.24 करोड़ तक पहुंचता है।

    ₹7.9 लाख की देनदारी भी दर्ज

    हलफनामे में संपत्ति के साथ देनदारियों का भी उल्लेख किया गया है। उपलब्ध विवरण के अनुसार रिकेश सेन पर करीब ₹7.9 लाख की देनदारी घोषित थी।

    यानी चुनाव के समय प्रस्तुत दस्तावेज में संपत्ति के साथ-साथ उनके ऊपर मौजूद वित्तीय दायित्वों का विवरण भी चुनाव आयोग के समक्ष दर्ज किया गया था।

    वार्षिक आय करीब ₹12.4 लाख

    आय के विवरण में उनकी कुल वार्षिक आय करीब ₹12.4 लाख दर्शाई गई थी। इसमें उनकी व्यक्तिगत आय लगभग ₹7.1 लाख बताई गई थी।

    यह आंकड़े महत्वपूर्ण इसलिए हैं क्योंकि चुनावी हलफनामा किसी उम्मीदवार द्वारा चुनाव आयोग के समक्ष प्रस्तुत किया गया आधिकारिक दस्तावेज होता है, जिसमें उम्मीदवार अपनी संपत्ति, आय, देनदारी और अन्य निर्धारित जानकारियां घोषित करता है।

    सवाल संपत्ति का नहीं, पारदर्शिता के दस्तावेज का है

    रिकेश सेन की संपत्ति को लेकर उपलब्ध आंकड़े अपने आप में किसी अनियमितता का प्रमाण नहीं हैं। चुनावी हलफनामे का उद्देश्य ही उम्मीदवार की आर्थिक स्थिति को सार्वजनिक करना है, ताकि मतदाता उम्मीदवार की घोषित संपत्ति, आय और देनदारियों की जानकारी के आधार पर अपना आकलन कर सकें।

    2023 के चुनावी शपथ पत्र का यह ब्यौरा उस समय की घोषित वित्तीय स्थिति को दर्शाता है। वर्तमान संपत्ति या वर्तमान आय का आकलन केवल बाद के आधिकारिक दस्तावेजों के आधार पर ही किया जा सकता है।

    स्रोत: चुनावी हलफनामा/ADR-Myneta एवं News18 में प्रकाशित उम्मीदवार संबंधी विवरण।

     ₹3.82 करोड़ की घोषित संपत्ति, ₹13 करोड़ की बताई जा रही कार; CA ने आयकर विभाग को टैग कर उठाए सवाल, लेकिन कार की मालिकाना हक की पुष्टि नहीं

    मुम्बई। मुंबई में लालबागचा राजा के दर्शन के दौरान बिहार की लोक गायिका एवं अलीनगर से विधायक मैथिली ठाकुर के रोल्स-रॉयस कलिनन से पहुंचने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद उनकी संपत्ति को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

    2025 बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान दाखिल चुनावी हलफनामे के अनुसार मैथिली ठाकुर ने कुल ₹3,82,33,255 की संपत्ति घोषित की थी। इसमें करीब ₹2.32 करोड़ की चल संपत्ति और ₹1.50 करोड़ की अचल संपत्ति शामिल है। हलफनामे में उनकी 2023-24 की आय ₹28.67 लाख बताई गई है।

    इसी के बाद सोशल मीडिया पर वायरल रोल्स-रॉयस कलिनन की कीमत करीब ₹13 करोड़ बताए जाने लगी और दोनों आंकड़ों की तुलना करते हुए सवाल उठाए गए। एक चार्टर्ड अकाउंटेंट, रुचिता वघानी, ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस मामले को उठाते हुए आयकर विभाग को टैग कर उनकी आय की जांच की मांग की।

    हालांकि, यहां एक महत्वपूर्ण तथ्य स्पष्ट करना जरूरी है। किसी व्यक्ति का किसी महंगी कार में दिखाई देना अपने आप में उस वाहन का मालिक होने का प्रमाण नहीं है। उपलब्ध रिपोर्टों में भी रोल्स-रॉयस की वास्तविक मालिकाना स्थिति की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। कुछ रिपोर्टों में मैथिली ठाकुर को मुंबई में उद्योगपति मुकेश अंबानी की मेहमान बताया गया है, लेकिन इससे यह स्वतः साबित नहीं होता कि वायरल कार अंबानी परिवार की ही थी या आयोजनकर्ताओं ने ही उपलब्ध कराई थी।

    इसी तरह, सोशल मीडिया पर आयकर विभाग से जांच की मांग किए जाने को 'आयकर विभाग ने जांच शुरू कर दी' के रूप में प्रस्तुत करना भी सही नहीं होगा। उपलब्ध जानकारी में आयकर विभाग की ओर से इस मामले में आधिकारिक जांच शुरू होने की पुष्टि नहीं मिली है।

    इसलिए फिलहाल तथ्य यह है कि मैथिली ठाकुर रोल्स-रॉयस में लालबागचा राजा पहुंचीं, उनकी चुनावी हलफनामे में घोषित संपत्ति ₹3.82 करोड़ है और इस अंतर को लेकर एक CA ने आयकर विभाग से जांच की मांग की है। लेकिन कार की मालिक मैथिली ठाकुर हैं या किसी अन्य व्यक्ति/संस्था की—इसकी स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि अभी उपलब्ध नहीं है।

    दुर्ग। चंडी मंदिर से गया नगर, रामनगर, उरला होते हुए राम मैरिज गार्डन तक लगभग 8 किलोमीटर लंबी जर्जर मुख्य सड़क के तत्काल नवनिर्माण एवं डामरीकरण की मांग को लेकर शहर जिला कांग्रेस कमेटी, दुर्ग द्वारा जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया।

    कांग्रेस नेताओं ने ज्ञापन में कहा कि सड़क की हालत लंबे समय से खराब है। जगह-जगह बड़े गड्ढे, सड़क का धंसाव और क्षतिग्रस्त हिस्से होने के कारण राहगीरों और वाहन चालकों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खराब सड़क के चलते दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी हुई है।

    ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन से मांग की गई कि 7 दिनों के भीतर सड़क के नवनिर्माण का कार्य प्रारंभ किया जाए। निर्माण शुरू होने तक सड़क पर मौजूद गड्ढों एवं क्षतिग्रस्त हिस्सों की तत्काल मरम्मत कराने की भी मांग की गई है।

    कांग्रेस ने कहा कि यह सड़क आसपास के कई प्रमुख इलाकों को जोड़ती है और प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग इसका उपयोग करते हैं। ऐसे में सड़क का शीघ्र निर्माण जनसुविधा और सुरक्षित आवागमन की दृष्टि से आवश्यक है।

    ज्ञापन सौंपने वाले कांग्रेस पदाधिकारियों ने कहा कि सड़क की समस्या के समाधान के लिए प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई की अपेक्षा है और जनहित से जुड़े इस मुद्दे को लेकर आवाज लगातार उठाई जाती रहेगी।

    गुवाहाटी। असम प्रवास के दौरान सोनापुर, गुवाहाटी स्थित दिवंगत कलाकार जुबीन गर्ग के समाधि स्थल ‘जुबीन क्षेत्र’ पहुंचकर कांग्रेस नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

    इस अवसर पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए नेताओं ने जुबीन गर्ग को असम की सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा प्रमुख कलाकार बताया। उन्होंने कहा कि जुबीन गर्ग की आवाज और संगीत ने असम की संस्कृति तथा लोगों की भावनाओं को व्यापक पहचान दिलाई। उनके निधन के बाद उनके प्रशंसकों और असम के लोगों के बीच उनकी कमी महसूस की जा रही है।

    श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (APCC) के अध्यक्ष गौरव गोगोई, AICC सचिव एवं असम सह-प्रभारी मनोज चौहान सहित वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

    कांग्रेस नेताओं ने जुबीन गर्ग की स्मृतियों को नमन करते हुए उनके सांस्कृतिक योगदान को याद किया और समाधि स्थल पर श्रद्धासुमन अर्पित किए।

    बालोद। जिले में अपराध नियंत्रण और लंबित मामलों के त्वरित निराकरण को लेकर पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण (भा.पु.से.) की उपस्थिति में जिले के समस्त थाना प्रभारियों की विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक में लंबित चोरी के प्रकरणों को डिटेक्ट कर आरोपियों की धरपकड़, साइबर ठगी के पीड़ितों को राशि वापस दिलाने तथा संदिग्ध कबाड़ियों पर निगरानी समेत कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए गए।

    एसडीओपी बालोद विनय कुमार के पर्यवेक्षण में हुई बैठक में थाना क्षेत्रों में लंबित चोरी के मामलों की समीक्षा की गई। पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों को प्रकरणों की गंभीरता से जांच करते हुए आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित करने तथा आरोपियों के विरुद्ध कड़ी वैधानिक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। चोरी की घटनाओं की रोकथाम के लिए संदिग्ध व्यक्तियों और गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखने पर भी जोर दिया गया।

    साइबर ठगी के पीड़ितों को राशि वापस दिलाने पर जोर

    बैठक में थानों में पदस्थ CCTNS ऑपरेटर्स को MRM/GRM पोर्टल के माध्यम से साइबर ठगी के पीड़ितों को राशि रिफंड कराने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई। इसके साथ ही Cytrain एवं समन्वय पोर्टल के उपयोग और कार्यप्रणाली के संबंध में भी आवश्यक प्रशिक्षण दिया गया, ताकि साइबर अपराधों से जुड़े मामलों में कार्रवाई और पीड़ितों को राहत दिलाने की प्रक्रिया अधिक प्रभावी हो सके।

    संदिग्ध कबाड़ियों पर रहेगी विशेष नजर

    पुलिस अधीक्षक ने दीगर प्रांतों से आने वाले संदिग्ध कबाड़ियों की गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए। जिले में कबाड़ खरीदी को लेकर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करने तथा संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिलने पर तत्काल वैधानिक कार्रवाई करने के लिए भी थाना प्रभारियों को निर्देशित किया गया।

    तकनीकी दक्षता और सूचना तंत्र मजबूत करने पर जोर

    बैठक में पुलिस कर्मचारियों को तकनीकी कार्यों में दक्षता बढ़ाने, आधुनिक तकनीकी संसाधनों का प्रभावी उपयोग करने और मजबूत सूचना तंत्र विकसित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही थाना क्षेत्रों में होने वाली अवैध गतिविधियों की जानकारी जुटाकर समय रहते कार्रवाई सुनिश्चित करने पर भी विशेष जोर दिया गया।

    पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों से अपराधों की रोकथाम के साथ-साथ लंबित प्रकरणों के निराकरण में सक्रियता बरतने और कानून-व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने की अपेक्षा की।

    बालोद/सनौद। शौर्यपथ । थाना सनौद पुलिस ने किसानों को बाजार भाव से अधिक कीमत पर धान खरीदने और महज एक-दो दिन में भुगतान करने का झांसा देकर लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपी पर 19 किसानों से कुल 21 लाख 37 हजार 745 रुपये की धान खरीदी की रकम का भुगतान नहीं करने का आरोप है।

    पुलिस के अनुसार, ग्राम बोहारा, डोटोपार और अरकार क्षेत्र के किसानों ने शिकायत दर्ज कराई थी कि मयंक जैन उर्फ दीपक अग्रवाल ने बाजार भाव से अधिक दर पर धान खरीदने का प्रलोभन दिया। किसानों से धान खरीदी के बाद आरोपी ने एक-दो दिन में रकम देने का आश्वासन दिया, लेकिन भुगतान नहीं किया और फरार हो गया।

    शिकायत के आधार पर थाना सनौद में अपराध क्रमांक 80/2026, धारा 318(4) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान आरोपी अपने निवास स्थान पर नहीं मिला। पुलिस ने साइबर सेल की तकनीकी सहायता और मुखबिर तंत्र के माध्यम से आरोपी की तलाश शुरू की।

    जांच में पता चला कि आरोपी पिछले करीब दो माह से राजनांदगांव जिले के घुमका में किराये के मकान में रह रहा था और वहां अपनी पहचान व पता बदलकर ‘महालक्ष्मी वस्त्रालय’ नाम से कपड़े की दुकान संचालित कर रहा था। सूचना मिलते ही सनौद पुलिस की टीम ने घुमका पहुंचकर दबिश दी और आरोपी को पुलिस अभिरक्षा में लेकर पूछताछ के लिए थाना लाया।

    पुलिस के मुताबिक पूछताछ में आरोपी ने किसानों से धान खरीदी और भुगतान नहीं किए जाने की बात स्वीकार की। पुलिस ने आरोपी मयंक जैन उर्फ दीपक अग्रवाल, पिता सुशील जैन, उम्र 32 वर्ष, निवासी ग्राम नांहदा, थाना देवरी, जिला बालोद को 21 सितंबर 2026 को विधिवत गिरफ्तार किया। इसके बाद उसे न्यायालय बालोद के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

    तकनीकी मदद से घुमका तक पहुंची पुलिस

    आरोपी की गिरफ्तारी में थाना सनौद पुलिस के साथ साइबर सेल की तकनीकी टीम की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस ने तकनीकी इनपुट और मुखबिर की सूचना के आधार पर आरोपी के घुमका में छिपे होने का पता लगाया और दबिश देकर उसे गिरफ्तार किया।

    इनकी रही सराहनीय भूमिका

    कार्रवाई में थाना सनौद प्रभारी निरीक्षक सोनसिंह सोरी, आरक्षक गौकरण यादव, आरक्षक दमन वर्मा तथा साइबर सेल से प्र.आर. 590 रूमलाल चुरेंद्र, आरक्षक मिथलेश यादव और आरक्षक गुलझारी साहू की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

      बिलासपुर / शौर्यपथ / बिलासपुर के बहतराई स्थित खेलो इंडिया स्टेट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में खिलाड़ियों को दिए जा रहे भोजन की गुणवत्ता को लेकर सामने आई शिकायत पर खेल एवं युवा कल्याण विभाग ने तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी है। विभाग ने संबंधित सहायक संचालक और भोजन प्रदायक फर्म को नोटिस जारी कर 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण एवं तथ्यात्मक प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
    खेल एवं युवा कल्याण विभाग की संचालक श्रीमती आकांक्षा शिक्षा खलखो ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारी और भोजन प्रदायक फर्म से जवाब तलब किया है। शिकायत में सामने आए तथ्यों की वास्तविक स्थिति की जांच के लिए संचालनालय स्तर से दो खेल अधिकारियों की जांच समिति गठित की गई है।
    समिति बहतराई स्थित सेंटर का स्थल निरीक्षण कर भोजन की गुणवत्ता और मामले से जुड़े तथ्यों की पड़ताल करेगी तथा जांच के बाद तथ्यात्मक प्रतिवेदन संचालनालय को सौंपेगी। रिपोर्ट के आधार पर वस्तुस्थिति के अनुरूप आगे की कार्रवाई की जाएगी।
    गुणवत्तायुक्त और पौष्टिक भोजन सर्वोच्च प्राथमिकता
    संचालक श्रीमती खलखो ने स्पष्ट किया कि खिलाड़ियों के भोजन, स्वास्थ्य और मूलभूत सुविधाओं में किसी भी प्रकार की कोताही स्वीकार्य नहीं होगी। खिलाड़ियों को निर्धारित मानकों के अनुरूप स्वच्छ, गुणवत्तायुक्त और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है। जांच में अनियमितता या लापरवाही पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
    विभाग ने सभी संबंधित अधिकारियों एवं सेवा प्रदाताओं को खिलाड़ियों के हित में निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही खिलाड़ियों के प्रशिक्षण, डाइट और मूलभूत सुविधाओं की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करने की बात कही है।

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