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कबड्डी प्रतियोगिता और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में शामिल हुए जिला पंचायत उपाध्यक्ष
महासमुंद / शौर्यपथ / खल्लारी विधानसभा क्षेत्र एवं जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक-06 में शनिवार को आयोजित विभिन्न खेल एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में जिला पंचायत महासमुंद के उपाध्यक्ष भीखम सिंह ठाकुर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने ग्रामीण अंचल में आयोजित आयोजनों का शुभारंभ करते हुए खिलाड़ियों, कलाकारों और ग्रामीणों का उत्साहवर्धन किया।
वनांचल ग्राम टेंगराही (गुलझर) तथा ग्राम पंचायत भोथा (कोमाखान) में आयोजित रात्रिकालीन एक दिवसीय कबड्डी प्रतियोगिता का श्री ठाकुर ने पूजा-अर्चना, रिबन काटकर, खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर एवं टॉस कर शुभारंभ किया। उद्घाटन मुकाबला टेंगराही और गुलझर की टीमों के बीच हुआ।
खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि कबड्डी हमारी माटी और ग्रामीण जीवन से जुड़ा पारंपरिक खेल है। यह युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास, टीम भावना, संयम और नेतृत्व जैसे गुण विकसित करता है। उन्होंने खिलाड़ियों से खेल भावना के साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन करने का आह्वान किया।
इसके बाद नवाडीह-जूनवानी खुर्द में गणेश युवा समिति के तत्वावधान में आयोजित रात्रिकालीन सांस्कृतिक कार्यक्रम में भी श्री ठाकुर शामिल हुए। कका-भतीजा गम्मत नाच पार्टी सरायपाली-कोमाखान एवं रंजित चक्रधारी नाच पार्टी की प्रस्तुतियों के बीच उन्होंने भगवान श्री गणेश की पूजा-अर्चना कर क्षेत्रवासियों के सुख, शांति, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।
श्री ठाकुर ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में होने वाले खेल एवं सांस्कृतिक आयोजन केवल मनोरंजन के साधन नहीं, बल्कि लोककला, परंपरा और सामाजिक एकता को जीवंत रखने के महत्वपूर्ण माध्यम हैं। ऐसे आयोजनों से युवाओं को प्रतिभा प्रदर्शन का अवसर मिलता है और नई पीढ़ी अपनी संस्कृति से जुड़ती है।
उन्होंने आयोजन समितियों, खिलाड़ियों, कलाकारों, युवाओं, मातृशक्ति एवं ग्रामीणों को सफल आयोजन के लिए बधाई देते हुए क्षेत्र में खेल, संस्कृति और सामाजिक सहभागिता से जुड़े कार्यक्रमों को निरंतर प्रोत्साहित करने की आवश्यकता बताई।
इस अवसर पर जनपद सदस्य तुलाराम ठाकुर, सरपंच बल्लाराम जगत, कैलाश ध्रुव, उपसरपंच बृज ठाकुर, पूर्व सरपंच नेहरू चक्रधारी, सरपंच श्रीमती गौरी मुकेश ठाकुर, जनक राम नायक, हरि यादव, ओम प्रकाश ध्रुव, हीरा साहू सहित आयोजन समिति के पदाधिकारी, युवा, मातृशक्ति, बुजुर्ग एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
जूनियर बालिका वर्ग में शानदार प्रदर्शन कर छत्तीसगढ़ का बढ़ाया गौरव
बस्तर / शौर्यपथ / लेह-लद्दाख के एन.डी.एस. इंडोर स्टेडियम में 19 से 21 सितंबर 2026 तक आयोजित 10वीं पेंचक सिलाट फेडरेशन कप 2026-27 में बस्तर की प्रतिभावान खिलाड़ी कुमारी कोमल ठाकुर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जूनियर बालिका वर्ग में स्वर्ण पदक हासिल किया। उनकी इस उपलब्धि से बस्तर सहित पूरे छत्तीसगढ़ के खेल जगत में हर्ष का माहौल है।
राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में देश के विभिन्न राज्यों के खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। कोमल ठाकुर ने प्रतियोगिता के दौरान अपने अनुशासन, तकनीकी दक्षता, आत्मविश्वास और उत्कृष्ट खेल कौशल का प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
कोमल की इस उल्लेखनीय सफलता पर बस्तर डिस्ट्रिक्ट पेंचक सिलाट एसोसिएशन सहित खेलप्रेमियों ने प्रसन्नता व्यक्त की है। उनकी उपलब्धि ने बस्तर की खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच पर नई पहचान दिलाई है।
इस अवसर पर इंडियन पेंचक सिलाट फेडरेशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) श्री मोहम्मद इकबाल, अध्यक्ष श्री किशोर यावले एवं सचिव श्री तारीख जरगर ने कुमारी कोमल ठाकुर को हार्दिक बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल खेल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
भक्ति और उल्लास के बीच दी भगवान गणेश को भावभीनी विदाई
कोंडागांव / शौर्यपथ / गणेश उत्सव के समापन अवसर पर जिले में विभिन्न गणेश समितियों द्वारा आयोजित विसर्जन कार्यक्रमों में कोंडागांव विधायक सुश्री लता उसेंडी शामिल हुईं। उन्होंने भगवान श्री गणेश की पूजा-अर्चना कर क्षेत्रवासियों के सुख, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।
विधायक लता उसेंडी ने गणेश समितियों के सदस्यों एवं श्रद्धालुओं से आत्मीय मुलाकात की और उनके उत्साह व भक्तिभाव की सराहना की। उन्होंने कहा कि गणेश उत्सव आपसी भाईचारे, सामाजिक समरसता और एकता का प्रतीक है। ऐसे आयोजन समाज को जोड़ने तथा क्षेत्र में सौहार्द की भावना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
विसर्जन कार्यक्रम में क्षेत्र के गणमान्य नागरिक, गणेश समितियों के सदस्य और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। श्रद्धालुओं ने भक्ति एवं उत्साह के साथ भगवान श्री गणेश को भावभीनी विदाई दी और अगले वर्ष उनके पुनः आगमन की कामना की।
विसर्जन के दौरान पूरा क्षेत्र “गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ” के जयघोष से गूंज उठा।
रिक्त पदों पर समयबद्ध भर्ती और बस्तर सहित दूरस्थ क्षेत्रों को प्राथमिकता देने की मांग
भिलाई / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ के पूर्व राज्यमंत्री बदरुद्दीन कुरैशी ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को पत्र लिखकर प्रदेश में बेरोजगारी की समस्या और विभिन्न सरकारी विभागों में रिक्त पदों को लेकर आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश का शिक्षित युवा डिग्री और हुनर लेकर रोजगार की तलाश में भटक रहा है, जबकि सरकारी विभागों में कर्मचारियों की आवश्यकता के बावजूद अनेक पद रिक्त हैं।
कुरैशी ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, राजस्व, पंचायत, नगरीय प्रशासन, महिला एवं बाल विकास, कृषि, वन, पुलिस, तकनीकी सहित अन्य विभागों में मानव संसाधन की जरूरत है। सरकार को विभागवार समीक्षा कर आवश्यक पदों पर भर्ती प्रक्रिया तेज करनी चाहिए। उनके अनुसार, सरकारी कार्यालयों में पर्याप्त कर्मचारी नहीं होने से आम जनता के काम प्रभावित होते हैं, वहीं बेरोजगार युवाओं को नौकरी की तलाश में वर्षों इंतजार करना पड़ता है।
पूर्व राज्यमंत्री ने विशेष रूप से बस्तर सहित दूरस्थ एवं आदिवासी अंचलों में रिक्त पदों को प्राथमिकता से भरने की मांग की। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में केवल स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र और सरकारी भवन होना पर्याप्त नहीं है, बल्कि शिक्षक, डॉक्टर, नर्स, स्वास्थ्यकर्मी, तकनीकी कर्मचारी और प्रशासनिक अमले की पर्याप्त उपलब्धता भी जरूरी है। उन्होंने योग्य स्थानीय युवाओं को इन क्षेत्रों में रोजगार के अवसर देने की बात कही।
कुरैशी ने कहा कि अनेक शिक्षित युवा केवल निर्धारित मेरिट सूची में स्थान नहीं बना पाने के कारण रोजगार से वंचित रह जाते हैं, जबकि उनके पास संबंधित क्षेत्र का कौशल, तकनीकी ज्ञान और व्यावहारिक दक्षता होती है। उन्होंने सरकार से सवाल करते हुए कहा कि जब प्रदेश को कर्मचारियों की जरूरत है और युवा रोजगार के लिए तैयार हैं, तो रिक्त पदों को भरने में देरी क्यों की जा रही है।
उन्होंने सरकार से रिक्त पदों को समयबद्ध तरीके से भरने, बस्तर सहित दूरस्थ क्षेत्रों में शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने तथा योग्य और हुनरमंद युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का आग्रह किया।
जिला चिकित्सालय में संकल्प वाचन, स्वास्थ्य परीक्षण और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और नशे से दूर रहने का संदेश
राजनांदगांव / शौर्यपथ / सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत जिला प्रशासन, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, समाज कल्याण विभाग तथा माय भारत के संयुक्त तत्वावधान में जिला चिकित्सालय राजनांदगांव के कांफ्रेंस हॉल में नशामुक्ति एवं वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें बड़ी संख्या में युवा, खिलाड़ी, विद्यार्थी, शिक्षक, प्रशिक्षक एवं माय भारत के स्वयंसेवक शामिल हुए।
भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के नशामुक्ति जनजागरूकता अभियान के तहत युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी दी गई। प्रतिभागियों ने नशामुक्ति के साथ वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल, सम्मान एवं उनके प्रति जिम्मेदारी निभाने का संकल्प लिया।
उप संचालक समाज कल्याण श्रीमती वैशाली मरडवार ने कहा कि युवाओं को नशाखोरी से व्यक्ति, परिवार और समाज को होने वाले नुकसान के प्रति जागरूक करना अभियान का प्रमुख उद्देश्य है। उन्होंने जिले एवं प्रदेश में संचालित नशामुक्ति केंद्रों की जानकारी देते हुए बताया कि राजनांदगांव में समाज कल्याण विभाग के माध्यम से अनुदानित समता जन कल्याण समिति द्वारा संचालित नशामुक्ति केंद्र से अब तक सैकड़ों लोग लाभान्वित हो चुके हैं।
कार्यक्रम में डॉ. विकास राठौर ने स्वस्थ जीवनशैली तथा डॉ. रूपा मानकर ने नशामुक्ति एवं नशे की लत से बाहर निकलने के उपायों की जानकारी दी। विशेषज्ञों ने युवाओं को नियमित व्यायाम, संतुलित आहार, सकारात्मक दिनचर्या अपनाने और नशे से पूरी तरह दूर रहने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान जिला चिकित्सालय के विषय विशेषज्ञ चिकित्सकों ने उपस्थित युवाओं का स्वास्थ्य परीक्षण भी किया। इस अवसर पर माय भारत के समन्वयक श्री शुभजीत सहित संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, युवा, खिलाड़ी, छात्र-छात्राएं, शिक्षक, प्रशिक्षक एवं कोच उपस्थित रहे।
जनपद पंचायत दुर्ग में कर्मचारी संगठनों ने तय की आंदोलन की रूपरेखा
— प्रांतीय महामंत्री विजय लहरे
दुर्ग / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के प्रांतीय आह्वान पर 30 सितंबर 2026 को प्रस्तावित एक दिवसीय ‘मोदी की गारंटी’ हड़ताल की तैयारियों को लेकर जनपद पंचायत दुर्ग के सभाकक्ष में संभाग स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रांतीय नेतृत्व सहित विभिन्न कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों ने भाग लेकर आंदोलन की रणनीति, तैयारियों और कार्यक्रम की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की।
बैठक में प्रांतीय संरक्षक पी. आर. यादव, प्रदेश समन्वयक जी. आर. चंद्रा, प्रांताध्यक्ष पवन शर्मा, वरिष्ठ प्रांतीय उपाध्यक्ष प्रदीप बाबा चौहान, प्रांतीय महामंत्री विजय लहरे एवं हिमाचल साहू तथा संभाग अध्यक्ष आनंद कुमार श्रीवास्तव प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
पदाधिकारियों ने कर्मचारी हितों से जुड़ी विभिन्न मांगों पर चर्चा करते हुए 30 सितंबर के प्रस्तावित आंदोलन में विभिन्न विभागों के कर्मचारियों की व्यापक सहभागिता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रांतीय आह्वान के तहत हड़ताल को सफल बनाने के लिए सभी विभागों और संबद्ध कर्मचारी संगठनों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करना होगा।
बैठक में दुर्ग जिला अध्यक्ष भानु प्रताप यादव, बालोद जिला अध्यक्ष गोविंद दास मानिकपुरी, आईटीआई कर्मचारी अधिकारी संघ के संभाग अध्यक्ष चंद्रकांत साहू, प्रांतीय सांस्कृतिक सचिव हितेंद्र कुमार साहू, जीएसटी कर्मचारी संघ प्रदेश संगठन के मनीष तिवारी, आदिवासी विकास विभाग छात्रावास अधीक्षक संघ के अनिल कुमार दुबे, कर्मचारी कांग्रेस अध्यक्ष अनुरूप साहू, पशु चिकित्सा क्षेत्र सहायक अधिकारी संघ के जिलाध्यक्ष सुरेश साहू, स्वास्थ्य विभाग कार्यकारी प्रांताध्यक्ष वी. एस. राव एवं जिला सचिव शिवदयाल घृत लहरे, शिक्षा विभाग संयोजक सुखेंद्र देवांगन एवं धर्मेंद्र देशमुख, लघु वेतन कर्मचारी संघ जिला अध्यक्ष मोतीराम खिलाड़ी, समाज कल्याण विभाग संयोजक जंत राम ठाकुर तथा आदिवासी विकास विभाग से संजय साहू एवं चतुर यादव सहित विभिन्न विभागों एवं संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे।
बैठक के अंत में विभिन्न विभागों से पहुंचे कर्मचारियों एवं पदाधिकारियों ने 30 सितंबर 2026 की प्रस्तावित ‘मोदी की गारंटी’ हड़ताल को सफल बनाने के लिए एकजुट होकर कार्य करने का संकल्प लिया।
28 से 30 सितंबर तक शाखाओं में कामकाज प्रभावित; पांच दिन तक बैंकिंग सेवाओं पर असर की संभावना, डिजिटल सेवाओं का ले सकेंगे सहारा
नई दिल्ली। बैंक ग्राहकों के लिए जरूरी खबर है। आज 27 सितंबर 2026, रविवार को सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक (PSBs) और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (RRBs) सामान्य रूप से खुले रहेंगे। यह विशेष व्यवस्था आगामी तीन दिवसीय देशव्यापी बैंक हड़ताल के मद्देनजर की गई है, ताकि ग्राहक जरूरी बैंकिंग कार्य पहले ही निपटा सकें। वित्त मंत्रालय के अनुसार भारतीय रिजर्व बैंक ने 27 सितंबर को बैंक शाखाओं, कार्यालयों, एटीएम-लिंक शाखाओं और करेंसी चेस्ट को संचालित रखने की अनुमति दी है।
28 से 30 सितंबर तक प्रस्तावित देशव्यापी हड़ताल
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने 28, 29 और 30 सितंबर को तीन दिवसीय देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है। बैंक यूनियनों की प्रमुख मांगों में पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू करना सहित अन्य सेवा संबंधी मुद्दे शामिल हैं। सरकार और बैंक प्रबंधन की ओर से हड़ताल टालने की अपील की गई है, लेकिन उपलब्ध ताजा रिपोर्टों के अनुसार हड़ताल का आह्वान जारी है।
लगातार पांच दिन बैंक शाखाओं पर असर की स्थिति
ग्राहकों के लिए यह स्थिति इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि 26 सितंबर चौथा शनिवार था और 27 सितंबर रविवार होने के बावजूद सरकारी बैंक एवं RRB आज विशेष रूप से खुले हैं। इसके बाद 28 से 30 सितंबर तक हड़ताल प्रस्तावित है। ऐसे में सामान्य शाखा सेवाओं के लिहाज से ग्राहकों को लगातार कई दिनों तक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
किन सेवाओं पर पड़ सकता है असर?
हड़ताल के दौरान बैंक शाखाओं में नकद लेन-देन, चेक संबंधी कार्य, शाखा स्तर के भुगतान, खाता संबंधी काम और अन्य प्रत्यक्ष बैंकिंग सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। वित्त मंत्रालय ने भी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों से आवश्यक सेवाएं बनाए रखने और एटीएम में पर्याप्त नकदी उपलब्ध रखने के निर्देश दिए हैं।
UPI और डिजिटल बैंकिंग से मिल सकती है राहत
शाखाएं बंद रहने की स्थिति में ग्राहक UPI, इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग और ATM जैसी उपलब्ध डिजिटल एवं इलेक्ट्रॉनिक सेवाओं का इस्तेमाल कर सकते हैं। हालांकि किसी विशेष सेवा की उपलब्धता बैंक और तकनीकी परिस्थितियों पर निर्भर कर सकती है। इसलिए जिन ग्राहकों को चेक जमा करने, बड़ी नकद निकासी, ड्राफ्ट, शाखा में दस्तावेज जमा करने या अन्य प्रत्यक्ष बैंकिंग कार्य की जरूरत है, उन्हें आज ही अपना काम निपटा लेना बेहतर होगा।
ग्राहकों के लिए जरूरी सलाह
27 सितंबर: सरकारी बैंक और RRB खुले रहेंगे।
28–30 सितंबर: UFBU की प्रस्तावित तीन दिवसीय देशव्यापी हड़ताल।
जरूरी शाखा संबंधी काम आज ही पूरा कर लें।
पर्याप्त नकदी की जरूरत हो तो समय रहते ATM से व्यवस्था कर लें।
UPI, मोबाइल बैंकिंग और इंटरनेट बैंकिंग का विकल्प इस्तेमाल करें।
बड़े या समयबद्ध बैंकिंग लेन-देन के लिए अपने बैंक की ताजा सूचना जरूर देखें।
यानी बैंक ग्राहकों के लिए आज का दिन महत्वपूर्ण है। सरकार ने रविवार को बैंक खोलने की व्यवस्था इसी उद्देश्य से की है कि 28 से 30 सितंबर की प्रस्तावित हड़ताल के दौरान आम लोगों को कम से कम असुविधा हो।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल से वर्षों पुरानी मांग पूरी, किसानों, महिलाओं, व्यापारियों और पेंशनधारियों को स्थानीय स्तर पर मिलेंगी बैंकिंग सेवाएं
रायपुर । मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल से जशपुर जिले के फरसाबहार तहसील क्षेत्र के पंडरीपानी में भारतीय स्टेट बैंक की नई शाखा शुरू हो गई है। इससे पंडरीपानी सहित आसपास के करीब 60 गांवों के ग्रामीणों को अब स्थानीय स्तर पर बैंकिंग सेवाओं का लाभ मिलेगा। बैंकिंग कार्यों के लिए दूर जाने की परेशानी कम होने से ग्रामीणों के समय और यात्रा खर्च की बचत होगी।
अब तक पंडरीपानी और आसपास के ग्रामीणों को बैंकिंग कार्यों के लिए करीब 5 किलोमीटर दूर फरसाबहार जाना पड़ता था। नई शाखा शुरू होने से जमा-निकासी सहित आवश्यक बैंकिंग सेवाएं क्षेत्र में ही उपलब्ध हो गई हैं, जिससे ग्रामीणों के लिए बैंकिंग सुविधाएं अधिक सुलभ और सुविधाजनक हुई हैं।
किसानों से पेंशनधारियों तक को मिलेगा लाभ
नई शाखा से किसानों, मजदूरों, व्यापारियों, महिलाओं, कर्मचारियों और पेंशनधारियों सहित विभिन्न वर्गों को सीधा लाभ मिलेगा। किसानों को कृषि ऋण एवं अन्य वित्तीय सेवाओं के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। वहीं व्यापारियों और ग्रामीणों के लिए दैनिक लेन-देन तथा अन्य बैंकिंग कार्य आसान होंगे।
होम, कार और शिक्षा ऋण की सुविधा भी
एसबीआई की नई शाखा के माध्यम से पात्र हितग्राहियों को होम लोन, कार लोन और शिक्षा ऋण सहित विभिन्न ऋण एवं बैंकिंग सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होंगी। इससे क्षेत्रवासियों को अपनी वित्तीय जरूरतों के लिए फरसाबहार जाने की आवश्यकता कम होगी।
पंडरीपानी में बैंक शाखा शुरू होने पर क्षेत्रवासियों ने प्रसन्नता व्यक्त की है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव के नजदीक बैंकिंग सुविधा मिलने से सामान्य बैंकिंग कार्यों के लिए अब दूर नहीं जाना पड़ेगा, जिससे समय और धन दोनों की बचत होगी।
प्रदेश में 2,262 स्थानों पर हुए 12,698 आयोजन; मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय मुंगेली के मदकू में कार्यक्रम में हुए शामिल
सुपोषित थाली के प्रदर्शन के साथ माताओं और बच्चों के पोषण पर हुआ संवाद
रायपुर / सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत प्रदेश में शुक्रवार से शुरू हुई ‘आंगन मिलन सेवा’ के पहले दिन आंगनबाड़ी केंद्रों में उत्सव जैसा माहौल रहा। राज्यभर में 2,262 स्थानों पर 12,698 गतिविधियां आयोजित की गईं, जिनमें 97,471 लोगों ने सहभागिता की। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय भी मुंगेली जिले के मदकू में आयोजित आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम में शामिल हुए और माताओं एवं बच्चों के पोषण का संदेश दिया।
आंगनबाड़ी केंद्रों में गर्भवती माताओं का स्वागत किया गया। स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पौष्टिक खाद्य पदार्थों, दालों और हरी सब्जियों का प्रदर्शन कर परिवारों को संतुलित भोजन के बारे में बताया गया। सुपोषित थाली के माध्यम से महिलाओं ने जाना कि रोजमर्रा के भोजन में विविध खाद्य पदार्थ शामिल कर माताओं और बच्चों का पोषण कैसे बेहतर बनाया जा सकता है। कार्यक्रमों में बच्चों के अभिभावकों ने भी भाग लिया और पोषण तथा मातृ स्वास्थ्य से जुड़े अनुभव साझा किए।
महतारी वंदन योजना और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की लाभार्थियों ने बताया कि योजनाओं से मिली सहायता से वे अपनी और अपने परिवार की जरूरतें पूरी कर पा रही हैं। आंगन मिलन सेवा के माध्यम से परिवारों और समुदाय को आंगनबाड़ी केंद्रों से जोड़ते हुए बच्चों के पोषण को साझा जिम्मेदारी बनाने पर जोर दिया गया।
रायपुर / छत्तीसगढ़ के ग्रामीण और दूरस्थ अंचलों में वर्षों से किसानों तथा भू-स्वामियों के जीवन का एक बहुत बड़ा हिस्सा कागजी दफ्तरों के चक्कर काटने और प्रशासनिक उलझनों से जूझने में बीत जाता था। नामांतरण की एक छोटी-सी अर्जी हो, जमीन का सटीक सीमांकन, प्राकृतिक आपदा के समय फसल बीमा का क्लेम हासिल करना हो या फिर कृषि विकास के लिए बैंक से किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) पर लोन लेना हो—हर छोटे-बड़े काम के लिए तहसील, राजस्व अनुविभागीय अधिकारी और पटवारी कार्यालयों के अनगिनत चक्कर लगाने पड़ते थे। इस पूरी जटिल प्रक्रिया के दौरान बिचौलियों का अनुचित हस्तक्षेप, अतिरिक्त आर्थिक बोझ और पड़ोसियों के साथ सीमा विवाद की निरंतर बनी रहने वाली चिंता ग्रामीण जीवन की दिनचर्या का हिस्सा बन चुकी थी।
प्रशासनिक पहल: आधुनिक तकनीक से आई सुशासन की नई क्रांति
लेकिन जब प्रदेश प्रशासन ने "सेवा का संकल्प, सेवा पहुँची आपके द्वार" के मूलमंत्र को अपनी कार्यशैली में आत्मसात किया, तो छत्तीसगढ़ के राजस्व प्रशासन के इतिहास में एक युगपरिवर्तकारी क्रांति की शुरुआत हुई। इस अभियान के तहत प्रशासनिक सोच में आमूलचूल बदलाव लाया गया। अब किसान या भूमि स्वामी को अपनी वाजिब मांगों और भूमि संबंधी सुधारों के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने की आवश्यकता नहीं रही, बल्कि शासन का अमला खुद आधुनिक तकनीक, अत्याधुनिक जीपीएस उपकरणों और दक्ष सर्वेयरों की समर्पित टीम लेकर ग्रामीणों के सीधे दरवाजे तक पहुँचा। इस पहल ने न केवल शासन और जनता के बीच की दूरी को मिटाया, बल्कि सुशासन और पारदर्शिता की एक नई मिसाल भी कायम की।
डिजिटल सर्वेक्षण का विशाल दायरा और अभूतपूर्व उपलब्धियाँ
प्रशासन के इस दृढ संकल्प और सुनियोजित क्रियान्वयन का ही सुखद नतीजा है कि प्रदेश के सभी 33 जिलों के कुल 20,551 राजस्व ग्रामों में से 19,805 ग्रामों (लगभग 96.37%) में विस्तृत डिजिटल सर्वेक्षण का काम सफलतापूर्वक पूरा किया जा चुका है। मैदानी क्षेत्रों के प्रमुख जिलों जैसे रायपुर, महासमुंद, राजनांदगांव, कबीरधाम, बिलासपुर, जांजगीर-चांपा, सक्ती और सूरजपुर में डिजिटल सर्वे का शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर लिया गया है।
दूसरी ओर, बस्तर संभाग के अत्यंत दुर्गम, वनांचल और संवेदनशील क्षेत्रों—जैसे नारायणपुर, सुकमा तथा बीजापुर—में भी अत्याधुनिक ड्रोन कैमरों और हाई-प्रिसिजन जीपीएस तकनीक के जरिए शेष बचे गाँवों को मानचित्र पर सटीक रूप से दर्ज करने का काम युद्ध स्तर पर निरंतर जारी है।
भू-स्वामियों को मिले प्रमुख ऐतिहासिक लाभ
प्रशासनिक दक्षता और जन-कल्याण की इस अनुपम पहल से प्रदेश के लाखों भू-स्वामियों को दशकों पुरानी असुविधाओं से स्थायी मुक्ति मिल चुकी है। डिजिटल नक्शों और सटीक सीमांकन के कारण ग्रामीण अंचलों में वर्षों से चले आ रहे भूमि संबंधी आपसी विवादों तथा कोर्ट-कचहरी के मुकदमों में भारी गिरावट दर्ज की गई है। अद्यतित और पारदर्शी डिजिटल रिकॉर्ड्स से पूरी राजस्व प्रणाली विश्वसनीय बनी है, जिससे दलालों और बिचौलियों का एकाधिकार पूरी तरह समाप्त हो गया है।
पूर्णतः त्रुटिरहित और सुधारे गए राजस्व रिकॉर्ड्स के आधार पर अब बैंक किसानों को बिना किसी अनावश्यक देरी के कृषि ऋण स्वीकृत कर रहे हैं। इसके साथ ही, किसान न्याय योजना, आपदा राहत और फसल बीमा जैसी महत्वपूर्ण शासकीय कल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ बिना किसी कटौती के सीधा और समय पर वास्तविक हितग्राहियों तक पहुँच रहा है।
आत्मनिर्भरता और आदर्श राज्य की ओर सुदृढ़ कदम
शत-प्रतिशत डिजिटल, पारदर्शी और त्रुटिहीन राजस्व रिकॉर्ड वाला देश का आदर्श राज्य बनने की दिशा में छत्तीसगढ़ द्वारा बढ़ाया गया यह ऐतिहासिक कदम ग्रामीण अर्थव्यवस्था को अभूतपूर्व संबल प्रदान कर रहा है। "सेवा संकल्प अभियान" ने यह साबित कर दिया है कि जब दृढ इच्छाशक्ति और आधुनिक तकनीक का मिलन होता है, तो "सेवा पहुँची आपके द्वार" का संकल्प केवल एक नारा नहीं, बल्कि धरातल पर बदलती व्यवस्था की एक जीवंत और सुखद सच्चाई बन जाता है।
साभार - विष्णु प्रसाद वर्मा
सहायक संचालक
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