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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।
RAIPUR / SHOURYAPATH / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्वतंत्र भारत के प्रथम राष्ट्रपति और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी डॉ. राजेन्द्र प्रसाद की पुण्यतिथि (28 फरवरी) पर उन्हें नमन किया है। उन्होंने कहा कि राजेन्द्र बाबू भारतीय राजनीति, प्रशासन और सार्वजनिक जीवन में सादगी, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रभक्ति की प्रतिमूर्ति थे। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि डॉ. राजेन्द्र प्रसाद की विनम्रता, सादगी और कर्तव्यपरायणता हम सभी को राष्ट्रसेवा और जनकल्याण के पथ पर आगे बढ़ने के लिए सदैव प्रेरित करती है।
RAIPUR / SHOURYAPATH / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने कहा कि विज्ञान केवल तकनीकी प्रगति का माध्यम नहीं, बल्कि समाज में तर्कसंगत और परिष्कृत सोच विकसित करने का आधार भी है।
मुख्यमंत्री साय ने नोबेल पुरस्कार विजेता महान भारतीय वैज्ञानिक सर चंद्रशेखर वेंकट रमन का स्मरण करते हुए कहा कि उनकी खोज 'रमन प्रभाव' ने विज्ञान की दुनिया में भारत की प्रतिष्ठा को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया। उन्हीं के सम्मान में हर वर्ष 28 फरवरी को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य देशभर में वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देना और विज्ञान की भूमिका को समाज में मजबूत करना है।
विज्ञान से प्रगति, विज्ञान से सशक्त समाज
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भारत ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई है। श्री साय ने इस अवसर पर समाज में विज्ञान के प्रति जागरूकता और वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अंधविश्वास और रूढ़ियों की जड़ें समाज में तब तक बनी रहेंगी, जब तक हम तार्किक और वैज्ञानिक सोच को जन-जन तक नहीं पहुँचाते। इसके लिए शिक्षा, जागरूकता और सामूहिक प्रयास जरूरी हैं, ताकि एक नवाचार-समर्थ और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से सशक्त समाज का निर्माण हो सके। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार विज्ञान और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए लगातार कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री साय ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे विज्ञान और नवाचार को अपनाकर समाज को और अधिक सशक्त बनाएं।
रायपुर को स्वच्छ, सुव्यवस्थित एवं समृद्ध शहर बनाने की दिशा में दृढ़ संकल्प के साथ करें कार्य - मुख्यमंत्री
रायपुर/शौर्यपथ /मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में नगर पालिक निगम, रायपुर के नव निर्वाचित महापौर एवं पार्षदों का शपथ ग्रहण समारोह आज बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम रायपुर में संपन्न हुआ। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने महापौर एवं सभी पार्षदों को वार्डवार शपथ दिलाई।
महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में शपथ ग्रहण किया।इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सभी नव-निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को बधाई देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि नवनिर्वाचित महापौर और पार्षदगण अटल विश्वास पत्र में किए गए प्रत्येक वादे को पूरा कर रायपुर को स्वच्छ, सुव्यवस्थित एवं समृद्ध शहर बनाने की दिशा में दृढ़ संकल्प के साथ कार्य करेंगे।
शपथ ग्रहण उपरांत महापौर मीनल चौबे ने मुख्यमंत्री श्री साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उपमुख्यमंत्रीद्वय श्री अरुण साव और श्री विजय शर्मा , मंत्रीगण, पूर्व महापौर एवं विशिष्ट अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।
समारोह में वन मंत्री केदार कश्यप, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, वित्त मंत्री ओपी चौधरी, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक राजेश मूणत, किरण देव, सुनील सोनी, मोतीलाल साहू, पुरंदर मिश्रा, अनुज शर्मा, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल सहित अनेक जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।नगर निगम आयुक्त अबिनाश मिश्रा ने सभी अतिथियों, जनप्रतिनिधियों एवं शहरवासियों का आभार व्यक्त किया।
रायपुर /शौर्यपथ /बस्तर जिले में राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (एनक्यूएएस) के तहत स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा सुधार देखने को मिल रहा है। जिले में अब तक 19 स्वास्थ्य केंद्र एनक्यूएएस प्रमाणित हो चुके है, जिससे यहां की चिकित्सा व्यवस्था को मजबूती मिली है।
जिला कार्यक्रम प्रबंधक डॉ. रीना लक्ष्मी ने बताया कि बस्तर जिले में एनक्यूएएस प्रमाणन के तहत 19 स्वास्थ्य सुविधाओं को राष्ट्रीय स्तर की गुणवत्ता का दर्जा मिला है' जिससे स्पष्ट होता है कि बस्तर की चिकित्सा व्यवस्था में सुधार हो रहा है।
सख्त मानकों पर होता है मूल्यांकन, 19 से अधिक बिंदुओं पर होता है सर्वे
स्वास्थ्य केंद्रों को राष्ट्रीय स्तर का प्रमाणन प्राप्त करने के लिए 19 से अधिक गुणवत्ता मानकों पर परखा जाता है। इसमें स्वच्छता, दवाओं की उपलब्धता, उपकरणों की स्थिति, संक्रमण नियंत्रण, रोगी संतुष्टि, डॉक्टरों और स्टाफ की दक्षता, आपातकालीन सेवाएं और अन्य चिकित्सा सुविधाएं शामिल हैं।
गुणवत्ता प्रमाणन से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्थित स्वास्थ्य केंद्रों को बेहतर सेवाएं देने के योग्य इलाज, उन्नत सुविधाएं और उच्च गुणवत्ता की स्वास्थ्य सेवाएं मिलने की उम्मीद बढ़ी है। आने वाले समय में बस्तर जिला स्वास्थ्य सेवाओं के मामले में और भी अग्रणी बन सकता है।
बस्तर जिला एनक्यूएएस कार्यक्रम 2024-25 की रिपोर्ट के अनुसार बस्तर जिले में कुल 281 स्वास्थ्य सुविधाएं है, जिनमें से 138 को एनक्यूएएस मूल्यांकन के लिए चुना गया।
कब किसे मिला मिला सर्टिफिकेट
2022 में प्रमाणित आडावाल, 2023 में प्रमाणितः कलचा, कुम्हरावंड, जगदलपुर महारानी अस्पताल, 2024 केसलूर, पालवा, तेलीमरेंगा, माड़पाल, उलनार, छिंदगुर, तारापुर, मोंगरेपाल, मार्केल, कच्छनार, कुरेंगा, करंजी, जामावाड़ा, 2025: यूपीएचसी गीमद रोड, यूपीएचसी धमरपुरा
का गुणवत्ता प्रमाणन पास किया गया।
रायपुर/शौर्यपथ /मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ऐतिहासिक वीर गाथा पर आधारित हिंदी फिल्म ‘छावा’ को राज्य में टैक्स फ्री घोषित करने की घोषणा की है। उन्होंने आज राजिम कुंभ के आयोजन उपरांत मीडिया से चर्चा के दौरान यह घोषणा की। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छावा फिल्म को टैक्स फ्री करने का निर्णय छत्तीसगढ़ की जनता को देश के गौरवशाली इतिहास से जोड़ने और युवा पीढ़ी में राष्ट्रप्रेम एवं शौर्य की भावना जागृत करने के उद्देश्य से लिया गया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ‘छावा’ केवल एक फिल्म नहीं, बल्कि ऐतिहासिक परंपराओं, वीरता और स्वाभिमान की गाथा है, जिसे हर नागरिक को देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह फिल्म युवा वर्ग को प्रेरित करेगी और छत्रपति संभाजी महाराज के शौर्य, बलिदान और नेतृत्व को व्यापक रूप से प्रस्तुत करेगी।
मुख्यमंत्री साय के इस फैसले से राज्य के सिनेमाघरों में फिल्म देखने के इच्छुक दर्शकों को मूल्य में राहत मिलेगी, जिससे अधिक से अधिक लोग इसे देख सकेंगे और भारतीय इतिहास की समृद्ध विरासत से प्रेरणा ले सकेंगे।
उल्लेखनीय है कि फिल्म छत्रपति शिवाजी महाराज के पुत्र छत्रपति संभाजी महाराज के जीवन पर आधारित है, जिन्होंने मुगलों और अन्य आक्रांताओं के खिलाफ संघर्ष करते हुए अपने अदम्य साहस, रणनीतिक कौशल और बलिदान की अमर गाथा लिखी। फिल्म उनके अदम्य साहस और बलिदान को जीवंत करती है और राष्ट्रभक्ति की भावना को सुदृढ़ करती है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ऐसी फिल्मों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है, जो समाज को प्रेरणा देती हैं और सांस्कृतिक चेतना को जाग्रत करती हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रभक्ति से जुड़ी फिल्मों को प्रोत्साहित करती रहेगी, ताकि हमारी आने वाली पीढ़ी अपने गौरवशाली अतीत से जुड़ी रहे। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ की जनता, विशेष रूप से युवाओं से अपील की कि वे इस फिल्म को देखें और भारतीय इतिहास के उन स्वर्णिम पन्नों को समझें, जो आज भी हमारे जीवन को दिशा देने का कार्य कर रहे हैं।
भिलाईनगर/शौर्यपथ /जोन-04 शिवाजी खुर्सीपार क्षेत्र में भिलाई इस्पात संयंत्र द्वारा मकान बनाया गया था, जिसका सिवरेज सिस्टम अंडर ग्राउण्ड पीछे के तरफ था। आबादी बढ़ने के साथ-साथ सिवरेज सिस्टम भी पुराना होने के कारण स्थानीय हजारो परिवारो को जल निकासी की परेशानी हो रही है। बारिस के दिनो में उधर की स्थिति और खराब हो जाता है। नगर निगम भिलाई द्वारा शासन को अंडर ग्राउण्ड सिवरेज सिस्टम बदलने हेतु प्रस्ताव बनाकर प्रेषित किया गया था। जिसे शासन द्वारा लगभग 10 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की गई है।
निविदा प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद निर्माणाधीन एजेंसी को कार्य दिया गया है, जिसे अप्रेल 2025 तक पूर्ण करके देना है। 75 स्थानीय निवासियो द्वारा सिवरेज सिस्टम के उपर मकान, शौचालय, बाथरूम, रसोई इत्यादि बनाकर अवैध कब्जा कर लिया गया है। उक्त 75 अवैध कब्जाधारियो को निगम द्वारा 4 बार नोटिस दिया गया और अवैध कब्जा युक्त जगह को पेंट से लाल मार्किग भी किया गया है। इसके पश्चात भी अवैध कब्जाधारियो द्वारा कब्जा रिक्त नहीं किया जा रहा है, जिसके कारण हजारो परिवार प्रभावित हो रहे है।
आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय, जोन आयुक्त अमरनाथ दुबे एवं संबंधित एजेंसी को लेकर मौके पर निरीक्षण करने गए। स्थानीय निवासियो का मांग है कि बारिस के पूर्व सिवरेज सिस्टम का संधारण हो जाना चाहिए, नहीं तो हम सबको बहुत परेशानी का सामना करना पढ़ता है, बिमारीयां फैलने की संभावना बनी रहती है। कुछ अवैध कब्जाधारियो के कारण हजारो लोग क्यो प्रभावित हो, उन पर कार्यवाही करें। आयुक्त के निर्देशानुसार 75 प्रभावित कब्जाधारियो को पात्रता अनुसार प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत मकान उपलब्ध करा दिया जाएगा। इसके लिए आज से ही प्रधानमंत्री आवास योजना के कर्मचारियो द्वार सर्वे करके संबंधित से फार्म भरवाया जा रहा है। निगम भिलाई द्वारा 75 प्रभावित अवैध कब्जाधारियो को अंतिम चेतावनी दी जा रही है कि अपने से सिवरेज सिस्टम के उपर का निर्माण को स्वयं खाली कर दें, नहीं तो निगम द्वारा विधि संवत कार्यवाही करते हुए जे.सी.बी. के माध्यम से हटा दिया जायेगा। जिससे नुकसान अधिक होने की संभावना है।
निरीक्षण के दौरान कार्यपालन अभियंता रवि सिन्हा, सहायक अभियंता प्रिया करसे, उपअभियंता चंदन निर्मलकर, जनसम्पर्क अधिकारी अजय कुमार शुक्ला, जोन सहायक स्वास्थ्य अधिकारी हेमंत माझी, बीरेन्द्र बंजारे आदि उपस्थित रहे।
डोंगरगढ़/शौर्यपथ /छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड द्वारा मुख्यमंत्री विद्युत अधोसंरचना विकास योजना के अन्तर्गत नगरीय एवं ग्रामीण अंचलों में समुचित वोल्टेज पर निर्बाध व गुणावत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विद्यमान उपकेन्द्रों में स्थापित पॉवर ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि का कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता से किया जा रहा है। इसी परिपेक्ष्य में डोंगरगढ़ उपसंभाग के ग्राम पनियाजोब में स्थित 33/11 के.व्ही. उपकेन्द्र में विद्यमान 3.15 एम0व्ही0ए0 के पॉवर ट्रांसफार्मर का क्षमता में वृद्धि करते हुए मुख्यमंत्री विद्युत अधोसंरचना विकास योजना के तहत 59 लाख 76 हजार रूपये के लागत से 5 एम0व्ही0ए0 का नया पॉवर ट्रांसफार्मर स्थापित कर चार्ज किया गया। इस प्रकार पनियाजोब उपकेन्द्र की क्षमता 3.15 एम0व्ही0ए0 से बढ़कर 5 ए0व्ही0ए0 हो गया है।
विद्युत कंपनी के उच्चाधिकारियों के विशेष प्रयासों से विद्युत विकास के लिए स्वीकृत इस कार्य से पनियाजोब उपकेन्द्र के परिधि में आने वाले डोंगरगढ़ ग्रामीण क्षेत्र के किसानों तथा उपभोक्ताओं को इसका लाभ मिलेगा। ग्राम पनियाजोब उपकेन्द्र में स्थापित 5 एम0व्ही0ए0 का नया पॉवर ट्रांसफार्मर के ऊर्जीकरण से लगभग 2425 उपभोक्ताओं को उच्च गुणवत्ता की विद्युत सेवा का लाभ मिलेगा। इस अवसर पर राजनांदगांव क्षेत्र के कार्यपालक निदेशक श्री शिरीष सेलट एवं अधीक्षण अभियंता श्री शंकेश्वर कंवर ने इस कार्य को सफलतापूर्वक किये जाने पर कार्यपालन अभियंता श्री एन0 के0 साहू, श्री एम0के0 साहू, श्री ए.डी. टण्डन, सहायक अभियंता श्री दिलीप सोनी, श्री ए.के. विश्वकर्मा, श्री आर0के0 साहू, कनिष्ठ अभियंता श्री पवन यदु, श्री सम्मन लाल ठाकुर और उनकी टीम की सराहना की है।
राजनांदगांव/शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड द्वारा राजनांदगांव षहर में बिजली बिल का भुगतान नहीं करने वाले उपभोक्ताओं से बकाया राजस्व वसूली के लिए व्यापक स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है। जिसमें मॉस डिस्कनेक्शन के लिए गठित अधिकारियों एवं कर्मचारियों की टीमों व्दारा शहर के 1176 बकायादार उपभोक्ताओं से 93 लाख 87 हजार रूपए की राशि की वसूली की गई तथा समझाइश के बाद भी बिजली बिल का भुगतान नही करने वाले 869 बकायादारों के विद्युत कनेक्शन काटी दी गई है। विदित हो कि बिजली कंपनी द्वारा बिजली बिल देयकों के भुगतान में विलंब होने पर उपभोक्ताओं का लगातार ध्यान आकृष्ट कराया जा रहा है, जिससे वे बिजली बिल समय पर जमा कर देंवें। मैदानी अधिकारी एवं उनकी टीम बकायेदार उपभोक्ताओं के पास स्वयं पहुंचकर बिजली बिल पटाने के लिए अनुरोध भी कर रहे हैं।
राजनांदगांव संभाग के कार्यपालन अभियंता श्री आर.के. गोस्वामी ने बताया कि घरेलू एवं गैर घरेलू कनेक्शनों के बकायेदारों के साथ ही औद्योगिक श्रेणी के बकायेदार उपभोक्ताओं के विद्युत कनेक्शन विच्छेदन एवं बकाया राशि वसूली की कार्यवाही की जा रही है। इस अभियान के तहत राजनांदगांव राजनांदगांव शहर में 869 उपभोक्ताओं के कनेक्शन जिन पर 86 लाख रूपए की राशि बकाया था, ऐसे बकायेदार उपभोक्ताओं के विद्युत कनेक्शन बकाया भुगतान नहीं किये जाने पर काट दिए गये हैं। इस अभियान साथ ही उपभोक्ताओं को लाइन विच्छेदन से बचने के लिए समय पर विद्युत बिल राशि का भुगतान मोर बिजली ऐप के माध्यम से करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है, साथ ही उन्हें छत्तीसगढ़ शासन द्वारा प्रदत्त 400 यूनिट तक हॉफ बिजली बिल योजना के संबंध में भी जानकारी दी जा रही है।
राजस्व वसूली के लिए तैनात अधिकारियों द्वारा केंद्र शासन द्वारा संचालित पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत 300 यूनिट तक फ्री बिजली एवं शासन द्वारा प्रदत्त सब्सिडी बारे में जानकारी भी दी जा रही है। इस दौरान मीटर रीडिंग के लिए अनुबंधित रीडरों द्वारा संपादित किये जा कार्यो का भी निरीक्षण किया जा रहा है। उन्होंने बकायादार उपभोक्ताओं से अपील करते हुए कहा है कि विद्युत देयकों का भुगतान नियमित रूप से करें ताकि विच्छेदन की कार्यवाही से होने वाली असुविधा से बचा जा सके। बिजली बिल का नियमित भुगतान नहीं करने पर उपभोक्ताओं को राज्य सरकार की बिजली बिल हॉफ योजना का लाभ भी नही मिल पायेगा। क्योंकि बिजली का नियमित भुगतान नहीं होने से वे स्वतः अपात्र हो जायेंगें। राजनांदगांव जिले के समस्त शासकीय विभाग के प्रमुखों को पत्र प्रेषित कर अतिशीघ्र बिजली बिल भुगतान करने हेतु निवेदन किया गया है। निर्धारित समयावधि में इन लंबित देयकों के भुगतान नहीं होने की स्थिति में शासकीय विभागों के कनेक्शनों को काटने की कार्यवाही की तैयारी भी कर ली गई है।
सफाई कर्मियों व स्वच्छता दीदियों का स्वास्थ्य परीक्षण, जिससे कर्मचारियों को अच्छे स्वास्थ्य वातावरण निर्मित किया जा सके
दुर्ग/शौर्यपथ / नगर पालिक निगम।आयुक्त सुमित अग्रवाल के निर्देश एवं स्वास्थ्य अधिकारी व नोडल अधिकारी धर्मेंद्र मिश्रा के मार्गदर्शन में शहर क्षेत्र अंतर्गत दुर्ग एम.एम.यु क्र.02 के माध्यम से आज दिनांक 25 फरवरी को एसएचजी हेल्थ चेकअप चौपाटी एसएलआर एम सेंटर में आयोजित किया गया।
आयुक्त सुमित अग्रवाल के निर्देश पर शिविर के दौरान सहायक नोडल अधिकारी प्रताप सोनी द्वारा आयोजित कैम्प का निरीक्षण किया साथ ही सेंटर में कार्यरत दिदियों को स्वास्थ्य परीक्षण करवाने कहा। राज्य शासन के इस महत्वपूर्ण पहल को क्रियान्वित करने हेतु सहायक नोडल अधिकारी द्वारा युनिट के मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर श्रेया तिवारी एवं स्टाफ से भी चर्चा की और सभी स्वच्छता दीदीयों का सम्पूर्ण जांच सुनिश्चित करने कहा।
राज्य शासन के द्वारा उक्त मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना के संचालन से गरीब तबके के लोगों में खुशी है, और उन्हें निशुल्क दवा और बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध हो रही है। इस शिविर में न केवल सफाई कर्मियों वह स्वच्छता दीदियों की स्वास्थ्य की जांच की गई बल्कि फिटनेस के लिए उन्हें विशेष रूप से तक भी लगाए गए।
वही सहायक नोडल अधिकारी प्रताप सोनी ने बताया कि मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना शिविर से जीर्यो वेस्ट सेंटर एवं प्रतिदिन शहर के वार्डो में आमनागरिकों का निशुल्क इलाज कर उन्हें निशुल्क दवा का वितरण किया जाता है साथ ही समय-समय पर स्वच्छता के क्षेत्र में कार्यरत सफाई कर्मियों स्वच्छता दीदियों का विशेष रूप से स्वास्थ्य का परीक्षण भी करा रहे हैं जिससे कर्मचारियों को अच्छे स्वास्थ्य वातावरण निर्मित किया जा सके।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
