August 17, 2026
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    रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर स्कूल शिक्षा विभाग में 14 हजार 580 पदों पर भर्ती के लिए व्यापम से प्राप्त परीक्षाफल सूची की वैद्यता में एक वर्ष की वृद्धि कर दी है। राज्य शासन के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा इस संबंध में आज मंत्रालय से आदेश जारी कर दिया है।
    जारी आदेश में उल्लेख किया गया है लोक शिक्षण संचालनालय ने 9 मार्च 2019 को 14 हजार 580 पदों पर सीधी भर्ती हेतु विज्ञापन जारी किया गया था। इस विज्ञापन की कण्डिका में यह उल्लेख था कि व्यापम से प्राप्त परीक्षाफल सूची, परीक्षाफल जारी होने के दिनांक से एक वर्ष तक वैद्य होगी। कोरोना महामारी से उत्पन्न स्थिति के कारण वर्तमान में भर्ती की कार्रवाई पूर्ण नहीं हो सकी है, इसलिए विशेष परिस्थिति को ध्यान में रखते हुए राज्य शासन द्वारा व्यापम से प्राप्त परीक्षाफल की सूची में एक वर्ष की वृद्धि की है।

    रायपुर / शौर्यपथ / राज्य शासन की मंशा के अनुरूप ग्रामोद्योग मंत्री गुरु रूद्रकुमार की पहल पर काष्ठ शिल्प वनवासियों के रोजगार का आधार बना है। मंत्री गुरु रूद्रकुमार ने कहा कि अबूझमाड़ में निवास करने वाले वनवासी परिवार के लोगों को रोजगारमूलक काष्ठ शिल्प के कार्य से जोड़ा गया है।
    छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड जगदलपुर जिला बस्तर के महाप्रबंधक ने बताया कि जिले के जनजाति समुदाय अबुझमाड़िया, मोरिया, हल्बा एवं गोंड़ जनजाति समुदाय काष्ठ द्वारा विभिन्न प्रकार की कलाकृतियों का निर्माण किया जाता रहा है, जिसमें देवी-देवताओं, मानव-कलाकृति एवं जनजाति संस्कृति का चित्रण करते हैं। उन्होंने बताया कि विकास आयुक्त (हस्तशिल्प) नई दिल्ली से स्वीकृत इंटीग्रेटेड डिजाइन एंड टेक्निकल डेवलपमेंट प्रोजेक्ट के अंतर्गत हस्तशिल्प विकास बोर्ड द्वारा 15 जुलाई से जनवरी 2021 तक प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित की जा रही है। 15 जुलाई से काष्ठ शिल्प में 40 आदिवासी शिल्पियों के लिए अति उन्नत डिजाइन वर्कशॉप प्रारंभ किया गया है।
    इसी कड़ी में 15 जुलाई से 26 जुलाई तक गुणवत्ता युक्त होनहार शिल्पियों का 10 दिवसीय सर्वे किया गया है, 27 जुलाई से 12 अगस्त 2020 तक 15 दिवसीय मार्केटिंग सर्वे और प्रोटोटाइप डिजाइन डेवलपमेंट का कार्य किया गया। इसी प्रकार 15 अगस्त से 14 सितंबर तक एक माह प्रारंभिक मार्केटिंग और प्रशिक्षण देकर सामग्रियों का उत्पादन किया जाना है और 15 सितंबर से 14 अक्टूबर तक प्रशिक्षण और उत्पादन कार्य किया जाएगा। 15 अक्टूबर से 14 नवंबर तक प्रशिक्षण के साथ-साथ बल्क में उत्पादन का कार्य किया जाना है। दिसंबर 2020 से जनवरी 2021 तक 2 माह तक विक्रय-सह-प्रदर्शनी आयोजित कर शिल्पकारों द्वारा उत्पादित सामग्रियों को बाजार उपलब्ध कराया जाएगा। प्रशिक्षण देने के लिए एक डिजाइनर भी नियुक्त किया गया है। सभी शिल्पकारों को इस प्रशिक्षण के दौरान 9000 रुपए प्रति शिल्पी प्रति माह छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी।

    ’कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़’ बनाने सांसदों, विधायकों, महापौर, नगरीय निकाय और पंचायत प्रतिनिधियों का किया आह्वान

    रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने एक सितम्बर से शुरू हो रहे राष्ट्रीय पोषण माह में सक्रिय सहयोग प्रदान करने के लिए जनप्रतिनिधियों को पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ की अवधारणा को साकार करने के लिए छत्तीसगढ़ के सभी सांसदों, विधायकों, महापौर, नगरीय निकाय और पंचायत प्रतिनिधियों से अपना बहुमूल्य योगदान प्रदान करने का आह्वान किया है। जनप्रतिनिधियों द्वारा पूर्व में किए गए सक्रिय सहयोग की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में बच्चों में व्याप्त कुपोषण और एनीमिया को समाप्त करने के लिए विधायकगणों का हमेशा सक्रिय सहयोग प्राप्त हुआ है। विगत वर्षों में पोषण माह के आयोजन के दौरान भी सभी से सक्रिय सहयोग प्राप्त हुआ है। राष्ट्रीय पोषण माह 2020 के आयोजन में सभी के सक्रिय सहयोग, समन्वय और पूर्ण भागदारी की अपेक्षा है।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों में व्याप्त कुपोषण एवं एनीमिया एक गंभीर समस्या है। कुपोषण के स्तर में उल्लेखनीय कमी लाने के उद्देश्य से वर्ष 2018 से पोषण अभियान का संचालन किया जा रहा है। समुदाय तक पोषण के प्रति जागरूकता, व्यवहार परिवर्तन, सम्प्रेषण एवं पोषण संवाद के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार हेतु जन-आंदोलन के रूप में प्रतिवर्ष राष्ट्रीय पोषण माह का आयोजन किया जा रहा है। सम्पूर्ण राज्य में इस वर्ष भी 01 सितम्बर 2020 से 30 सितम्बर 2020 तक राष्ट्रीय पोषण माह मनाया जाना है।
    कोविड-19 के संक्रमण से उत्पन्न वैश्विक आपदा की स्थिति के कारण इस वर्ष राष्ट्रीय पोषण माह को अन्य माध्यमों के साथ-साथ यथा आवश्यकता डिजिटल जन-आंदोलन के रूप में मनाया जाना है। इस हेतु तकनीक एवं समन्वय का उपयोग करते हुए वर्चुअल बैठक, सोशल मीडिया, मास मिडिया, प्रिंट मीडिया का वृहत स्तर पर उपयोग किया जाना है। राष्ट्रीय पोषण माह 2020 का एक प्रमुख उद्देश्य गंभीर कुपोषित बच्चों की शीघ्र पहचान एवं उन्हें संदर्भित किया जाना है। बच्चों की उत्तरजीविता में सुधार हेतु बच्चों को स्तनपान के साथ-साथ समय पर ऊपरी आहार दिया जाना एक महत्वपूर्ण रणनीति है। पोषण माह के दौरान शीघ्र स्तनपान एवं 06 माह तक संपूर्ण स्तनपान को बढ़ावा दिया जाना है। पोषण माह के दौरान पौष्टिक सब्जियां, फलदार पौधेां को घर की बाड़ियों, सामुदायिक बाड़ियों, खाली पड़ी भूमियों में रोपण करने के साथ ही आंगनबाड़ी केन्द्रों, स्कूल भवनों, शासकीय भवनों में तथा नगरीय क्षेत्रों में घर की छतों पर पोषण वाटिका निर्माण के लिए प्रोत्साहित किया जाना है। राज्य में पोषण माह के दौरान सही पोषण-छत्तीसगढ़ रोशन की अवधारणा को मूर्त रूप देने हेतु सभी जनप्रतिनिधियों, त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों, नगरीय निकाय के प्रतिनिधियों क्षेत्रीय अमले एवं जनसमुदाय का सक्रिय सहयोग आवश्यक है।

    भिलाई / शौर्यपथ / सोमवार की अलसुबह कोयले से भरी मालगाड़ी के चार वेैगनों वैगन क्रमांक एनसीआर 22131577008, एनसीआर 22131129023, ईसीआर 22101733946 तथा डब्ल्ूसीआर 22161128294 में आग लगने से हड़कंप मच गया। मध्य लाईन में रायपुर की ओर से दुर्ग की ओर धड़घड़ाते हुए जा रही मालगाड़ी के वैगनों में उठते धुआं को देख यहां के स्टाफ ने अधिकारियों से कहकर गाड़ी रूकवाई और तुरंत फायर ब्रिगेड को बुलाकर आग बुझाने का कार्य किया गया, कड़ी मशक्कत के बाद तीन घंटा में बाग पर काबू पाया गया। आग लगने के कारण तीन घंटा तक इस ट्रेक पर दोनो ओर से गाडिय़ों के आवाजाही पर रोक लगा दियाग गया था, स्थिति सामान्य होने के बाद सवा 9 बजे इस ट्रेक पर अन्य ट्रेनों की आवाजाही शुरू हो सकी। अगर इस प्रयास में एक-दो घंटे की देरी हो जाती तो आग की लपटें कोयले से भरी वैगन को नुकसान पहुंचा सकते थे। ऐसा नहीं हो पाने से रेलवे का महकमा राहत की सांस ले रहा है। आग लगने की घटना पर यह आशंका जाहिर की जा रही है कि जिस स्थान या खदान से कोयला मालगाड़ी के वैगन में भरा गया है, वहीं पर ही कोयले के कुछ भाग में आग लगी रही होगी। इसी आग के चलती मालगाड़ी में तेज हवा में सुलगने की संभावना जताई जा रही है।
    मिली जानकारी के अनुसार आज सुबह सवा 6 बजे के आसपास मध्य लाइन पर रायपुर से दुर्ग की ओर जा रही कोयले से भरी मालगाड़ी की रैक के चार वैगनों में धुंए के साथ आग की लपटें उठ रही थी। भिलाई-3 रेलवे स्टेशन के पास लोको पायलट एके दुबे और गार्ड नवीन कुमार ने आपस मे बातचीत करते हुए वैगन में लगी आग की जानकारी स्टेशन मास्टर को दी। स्टेशन मास्टर ने भी प्रथम तल की छत से आग की लपटों को देखा और तत्काल लाल सिग्नल देकर मालगाड़ी को खड़ा करवा दिया। लोको पायलट के साथ मोबाइल फोन पर बात करते हुए जिन वैगनों में आग नजर आ रही थी उसे आगे पीछे करते हुए स्टेशन कार्यालय के नल में पाइप लगाकर पानी की बौछार की जाती रही। इस बीच फायर ब्रिगेड को भी सूचना दे दी गई थी। फायर ब्रिगेड की एक गाड़ी पहुंचने के बाद बारी-बारी से सभी चार वैगनों पर लगी आग को काबू में कर लिया गया।
    कोयले से भरी वैगनों में आग लगने की सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल के उप निरीक्षक आरके राठौर सहायक उप निरीक्षक पी राजैय्या, एस कुमार, डीके वर्मा, आरक्षक वीरेन्द्र कुमार, एसके दानेकर, सीबीआई के एएसई नरेन्दर यादव सहित बैरक में मौजूद रहे। आरक्षक आलोक यादव ने पहुंचकर आग बुझाने में योगदान दिया। शासकीय रेलवे पुलिस के सहायक उप निरीक्षक बीके राठौर, दल सिंह, आरक्षक जानसिंह, छन्नूराम भगत, पर्वत राव अविसाय मिंज सहित स्टेशन में मौजूद अन्य स्टाफ ने भी आग में काबू पाने अपने-अपने स्तर पर कोई कसर नहीं छोड़ी। इससे पहले रेलवे के जिम्मेदार अधिकारियों ने पटरी के ऊपर से गुजरने वाली ओएचई की बिजली सप्लाई को बंद करवा दिया। इसके बाद फायर ब्रिगेड की टीम ने वैगन के उपर चढ़कर पानी का छिड़काव करते हुए कोयले में लगी आग को काबू में कर लिया।

    बालोद / शौर्यपथ / कलेक्टर जनमेजय महोबे ने गुरूर विकासखण्ड के ग्राम सांगली के नयापारा के कुछ लोगों के डायरिया से प्रभावित होने की जानकारी मिलने पर इसे गंभीरता से लिया। उन्होंने आज सुबह ग्राम सांगली पहुॅचकर डायरिया प्रभावित लोगों की जानकारी ली और समुचित उपचार के निर्देश स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को दिए। स्वास्थ्य विभाग द्वारा बताया गया कि डायरिया प्रभावित लोगों का समुचित उपचार किया जा रहा है। कुछ लोग स्वस्थ हो गए हैं, स्थिति नियंत्रण में है। कलेक्टर ने सभी लोगों के स्वस्थ होते तक वहॉ स्वास्थ्य शिविर लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन अभियंता को निर्देशित किया कि गॉव के पेयजल पाईप लाईन का सर्वे करें और कहीं लिकेज या खराबी हो तो तत्काल सुधार कराएॅ।
    कलेक्टर ने गॉव में क्लोरिन टेबलेट और ओआरएस पैकेट का वितरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने गॉव के सभी हैण्डपम्पों में क्लोरीनेशन करने और हैण्डपम्पों के आसपास ब्लीचिंग पावडर डालने के निर्देश दिए। गॉव के नालियों की सफाई कराने के निर्देश भी दिए। कलेक्टर ने ग्रामीणों को पानी उबालकर पीने की समझाइश दी। इस अवसर पर डिप्टी कलेक्टर एवं प्रभारी तहसीलदार सुब्रत प्रधान, डॉ ग्लेड, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन अभियंता धनंजय आदि मौजूद थे।

    दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्ग संभाग के कमिश्नर टी. सी. महावर द्वारा आकस्मिक रूप से पाटन क्षेत्र का दौरा किया गया। वे आकस्मिक रूप से अनुभागीय अधिकारी पाटन के कार्यालय पहुंचे जहाँ उन्होंने एसडीएम से हाल में वर्षा से हुई क्षति से संबंधित मुआवजा वितरण की जानकारी प्राप्त की एवं कार्यालय में आए हुए ग्राम वासियों से मुआवजा प्राप्ति के संबंध में पूछताछ कर जानकारी ली। संभागायुक्त द्वारा मुआवजे के लिए बनाए गए प्रकरणों का निरीक्षण भी किया गया तथा न्यायालय अनुभागीय अधिकारी पाटन का निरीक्षण भी किया गया एवं पटवारी जयकरण लाल सोनी की सेवा पुस्तिका का भी अवलोकन किया।
    इसके बाद उन्होंने जनपद कार्यालय का निरीक्षण किया, जहां ग्राम बोरीद पंचायत की पंचायत सचिव श्रीमती सुनीता दीवान की सेवा पुस्तिका का अवलोकन किया तथा पाई गई कमियों के निराकरण हेतु संबंधित शाखा के प्रभारी को निर्देशित किया। अतिरिक्त मुख्य कार्यालयपालन अधिकारी जनपद पंचायत पाटन द्वारा जानकारी दी गई कि महात्मा गांधी नरेगा से संबंधित भुगतान के लिए पर्याप्त राशि प्राप्त हो रही है। उन्होंने ने गोधन न्याय योजना एवं गौठानो योजनाओं के संबंध में विस्तृत जनाकारी ली तथा तहसील कार्यालय पाटन के प्रांगण में स्थित राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत बिहान कैंटीन का अवलोकन किया, वहाँ उपस्थित जय माँ बगलामुखी स्व सहायता समूह की महिलाओं द्वारा बताया गया कि प्रतिदिन उनकी 1000 से 1500 रुपये तक के सामग्री की बिक्री हो जाती है।
    संभागायुक्त द्वारा कार्यालय में आवश्यक मरम्मत एवं नियमित सफाई के निर्देश दिए गए तथा कार्यालय में आए हुए लोगों को पर्याप्त शारीरिक दूरी बनाए रखने तथा मास्क का अनिवार्य रूप से उपयोग करने के संबंध में निर्देशित किया। उन्होंने तहसील प्रांगण में खड़ी एक खराब जीप की तत्काल नीलामी करने के लिए निर्देश दिए जिससे कि तहसीलदार को नया वाहन उपलब्ध हो सके, उन्होंने क्षेत्र में चल रहे गिरदावरी कार्य की भी समीक्षा की जिस पर अनुभागीय अधिकारी पाटन ने बताया कि 40 प्रतिशत से अधिक गिरदावरी कार्य पूर्ण हो चुका है। निरीक्षण के समय अनुभागीय अधिकारी पाटन, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत पाटान और नायाब तहसीलदार पाटन भी मौके पर उपस्थित थे।

    राजनांदगांव / शौर्यपथ / कोविड-19 के चुनौतीपूर्ण समय में शिक्षकों ने अपनी संकल्प शक्ति से बच्चों के भविष्य को गढऩे का बीड़ा उठाया है। राजनांदगांव जिला अंतर्गत वनांचल मोहला के संकुल रेंगाकठेरा में शिक्षक नियमित रूप से मोहल्ला क्लास लेे रहे है। मीडिया प्रभारी श्री सुनील शर्मा तथा संकुल समन्वयक श्री विष्णु साहू ने बताया कि पढ़ाई तुंहर दुआर के वेबपोर्टल के माध्यम से शिक्षकों द्वारा ऑनलाइन कक्षाएं संचालित की जा रही है। इसके साथ ही बच्चों को इनके घर के आसपास चौक में मोहल्ला क्लास संचालित कर पढ़ाने की व्यवस्था की जा रही। अध्यापन के लिए कई शिक्षक सारथी भी नि:शुल्क पढ़ाने के लिए स्वयमेव तैयार हो गए, जिसके कारण रेंगाकठेरा संकुल अंतर्गत नियमित मोहल्ला कक्षाएं संचालित की जा रही है। मोहल्ला पाठशाला में पाठ्यक्रम पूरा करने के अलावा बच्चों के मानसिक, नैतिक एवं कौशल विकास के लिए भी विभिन्न प्रकार की शैक्षणिक गतिविधियां भी संचालित की जा रही है। मोहल्ला क्लास में आने वाले शैक्षणिक समस्याओं का समाधान सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं द्वारा वीडियो काल के माध्यम से किया जा रहा है।
    उप सरपंच नरेश कोर्राम का मिला विशेष सहयोग-
    मोहला ब्लॉक के इस सुदूर आदिवासी अंचल स्थित ग्राम पंचायत रेंगाकठेरा में उप सरपंच श्री नरेश कोर्राम द्वारा शिक्षक श्री सुनील शर्मा एवं नंदकुमार के निवेदन पर बच्चों के लिए मोहल्ला पाठशाला के लिए आवश्यक सामग्री तत्काल उपलब्ध कराई, जिससे बच्चों की अध्यापन व्यवस्था और बेतहर हुई है। मोहल्ला क्लास के बेहतर संचालन में उप सरपंच श्री नरेश कोर्राम के विशेष योगदान के अलावा संकुल रेंगाकठेरा के सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं का भी भरपूर योगदान रहा है। जिसमें सर्वश्री सुनील शर्मा, नंदकुमार साहू, सुनीता वर्मा, प्रेमलता शर्मा, गुरुदत्त पिस्दा, अभीकेश वर्मा, प्रहलाद साहू, जीवन नायक, अमर सिंह ठाकुर, सालिक निषाद, डिलेंन्द नायक, आशीष लाल, श्रद्धा देशमुख, मक्खन साहू, अशोक ठाकुर, देवला मंडावी, प्रमिला सिन्हा, धनुष ठाकुर, इतवारीन कोमरे, सरस्वती साहू, कैलाश भूवार्य, राजकुमार भूवार्य, सुलोचना देशमुख, रैश कुमार धालेंद्रा, गजेन्द्र भूवार्य, फूलबाई आर्य, नीरज सोनी, प्रदीप तारम, योगेश गंगासागर आदि शिक्षक-शिक्षिका द्वारा नियमित रूप से मोहल्ला क्लास संचालन किया जा रहा हैं। मोहला ब्लॉक में मोहल्ला क्लास के सफल संचालन के लिए सहायक विकास खंड शिक्षा अधिकारी श्री राजेंद्र कुमार देवांगन, संकुल समन्वयक श्री विष्णु साहू द्वारा समय-समय पर निरीक्षण एवं आवश्यक मार्गदर्शन भी दिया जा रहा है।

    राजनांदगांव / शौर्यपथ / स्वास्थ्य विभाग कोविड-19 संक्रमण सहित श्वसन संबंधी गंभीर रोगों जैसे टीबी सहित इंफ्लूजां आदि की रोकथाम के लिए जांच के दायरा को बढ़ायेगी। इसके तहत ऐसे सभी मरीजों की कोविड जांच भी होनी है, जो टीबी से पीडि़त हैं। इस दिशा में परिवार कल्याण मंत्रालय ने गाइडलाइन जारी कर आवश्यक निर्देश दिये हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कोविड-19 से पीडि़त मरीजों की टीबी व टीबी के मरीजों की कोविड जांच की जाये। निर्देश में इस बात की चर्चा की गयी है कि ट्यूबरकलोसिस (टीबी) और कोविड-19 दोनों संक्रामक रोग हैं जो फेफड़ों पर हमला करते हैं। दोनों ही रोगों में कफ, बुखार व सांस लेने में परेशानी जैसे समान लक्षण दिखते हैं। हालांकि टीबी रोग का इन्क्यूबेशन पीरियड लंबा होता है और बीमारी होने की जानकारी लंबे समय में मिलती है। विभिन्न अध्ययनों से इस बात का खुलासा किया गया है कि कोविड-19 के मरीजों में टीबी की मौजूदगी 0.37 से 4.47 प्रतिशत रहता है। अध्ययन के मुताबिक वर्ष 2020 में कोविड-19 महामारी के कारण पिछले साल की तुलना में टीबी मामलों में 26 प्रतिशत की कमी आयी है।
    कोविड-19 के गंभीर मरीजों में टीबी होने का जोखिम 2.1 गुना अधिक होता है, इसके साथ ही टीबी मरीजों में कुपोषण, मधुमेह एवं धूम्रपान की आदत व एचआइवी की संभावना भी अधिक होती है जो जोखिम बढ़ाने वाले कारकों में शामिल हैं।

    बाई डायरेक्शनल जांच के लिए तीन महत्वपूर्ण कदम
    मंत्रालय का मानना है कि टीबी और कोविड जांच के लिए बाई डायरेक्शनल यानी दो तरफा जांच जैसे महत्वपूर्ण कदम संक्रमण की पुष्टि के लिए उठाने होंगे। इनमें टीबी और कोविड में से किसी एक बीमारी से संक्रमित हुए व्यक्तियों की दोनों बीमारियों के लिए जांच करने की सिफारिश की गयी है। सभी इलाज कराये हुए या इलाजरत टीबी मरीजों की कोविड-19 की जांच होगी, यदि मरीज कोविड-19 पॉजिटिव होते हैं तो गाइडलाइन के अनुसार मरीज का टीबी इलाज के साथ साथ कोविड-19 मैनेजमेंट के अनुरूप इलाज किया जायेगा, यदि मरीज कोविड.19 निगेटिव हैं तो उनका सिर्फ टीबी का इलाज जारी रहेगा।

    कोविड-19 मरीजों का होगा टीबी स्क्रीनिंग
    सभी कोविड-19 के मामले में टीबी के लक्षणों की पहचान की जायेगी। खांसी या कफ दो हफ्ते से अधिक समय तक रहने, वजन में कमी एवं रात के समय में बहुत अधिक पसीना बहने सहित टीबी के मरीजों के साथ काटेंक्ट हिस्ट्री का पता लगाकर उनके छाती का एक्स-रे कराया जायेगा और टीबी की इलाज की जाएगी। टीबी जांच के लिए सैंपल कलेक्शन का काम खुले व हवादार क्षेत्र में किया जाना है। स्वास्थ्यकर्मियों को पीपीई किट पहन कर और कोविड-19 उचित व्यवहारों को अनुपालन करते हुए सैंपल कलेक्शन का काम करना है।

    टीबी के कारण फेफ ड़ों में होता है सूजन
    लंबे समय से खांसी वाले व्यक्ति को बिना देरी किये डॉक्टरी सलाह लेते हुए टीबी की पुष्टि की जांच करानी चाहिए। खांसने के दौरान संक्रमित व्यक्ति के मुंह से निकले ड्रापलेट्स में मौजूद माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरक्लोसिस नामक बैक्टीरियां दूसरे स्वस्थ्य रोगी को भी संक्रमित कर देता है। इस संक्रमण के कारण धीरे धीरे फेफड़ों में सूजन आ जाती है।

    भिलाई नगर / शौर्यपथ / 62 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके नगर पालिक निगम के 9 कर्मचारियों को आज सोमवार को ससम्मान विदाई दी गई। निगम आयुक्त ऋतुराज रघुवंशी एवं निगम के अधिकारियों ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों को स्मृति चिन्ह, शॉल और श्रीफल भेंट करते हुए सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों की अच्छे स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना किए। इसके पूर्व सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों ने भिलाई निगम में सेवाकाल के दौरान कठिन परिस्थितियों का सामना करने के टिप्स देते हुए अपने अनुभवों को साझा किया! निगम आयुक्त श्री ऋतुराज रघुवंशी ने कहा कि सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों ने निगम के हर कठिन परिस्थितियों में काम करते हुए कई उपलब्धियां हासिल किए है जिसके लिए उन्होंने सभी को धन्यवाद ज्ञापित किए और सेवानिवृत्त होने के बाद अब आप सभी पूरे परिवार के साथ अच्छा जीवन बिताएं और अपने अनुभवों के साथ अच्छे कार्यों में सहभागी बने। कोरोना संक्रमण की वजह से जुलाई में विदाई समारोह का आयोजन नहीं किया जा सका था। इस वजह से जुलाई और अगस्त में सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को एक साथ विदाई दी गई इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग एवं मास्क का पालन किया गया।
    सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों में राजेश कुमार शर्मा सहायक ग्रेड तीन, गया प्रसाद पंप सहायक, श्रीमती दुर्गा बाई सफाई कामगार, लिवन सिंह देशमुख राजस्व निरीक्षक, महेंद्र यादव ट्रेसर अनुरेखक, मो. वकील अहमद वाहन चालक, राम गोपाल पटेल फील्ड वर्कर, गोविंद राम मजदूर, जागेश्वर सफाई कामगार को उनके परिवार की उपस्थिति में विदाई दी गई। इस मौके पर स्वास्थ्य अधिकारी धर्मेन्द्र मिश्रा, संजय शर्मा, अजय शुक्ला, विष्णु चंद्राकर, जय जैन सहित कर्मचारी संघ के सदस्य सहित अन्य अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित थे।

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