
CONTECT NO. - 8962936808
EMAIL ID - shouryapath12@gmail.com
Address - SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
दुर्ग । शौर्यपथ । अवैध व्यापार पर लगाम लगाने में दुर्ग निगम सदैव से उदासीन रहा । शहर के पटरी पार इलाके में पिछले साल भी सालो से चल रहे पानी पाउच की फैक्ट्री पर निगम द्वारा समाचार पत्रों में खबर प्रकाशित होने के बाद कार्यवाही की गई । अब एक नया मामला सामने आया है । पटरी पार क्षेत्र में स्थित कादंबरी नगर में सेव नमकीन की फैक्ट्री संचालित है । आवासीय क्षेत्र में संचालित इस उद्योग के मालिक का कहना है कि शासन से सभी अनुमति प्राप्त है । हो सकता है अनुमति भी मिली हो किन्तु आवासीय इलासके में शासन से सेव , नमकीन उद्योग के लिए अनुमति किस आधार पर दी गई जबकि परिसर के आज बाजू आवासीय इलाका है साथ ही प्रथम तल में जो फेक्ट्री संचालित है उसके भूतल में निवास स्थान है । बता दे कि सेव फेक्ट्री में बड़ी बड़ी भट्टियों का उपयोग होता है इस स्थिति में सुरक्षा मानकों का भी विशेष ख्याल रखना पड़ता है । क्या आवासीय कॉलोनी में इस तरह के लघु उद्योग के लिए आवासीय बिल्डिग का व्यवसायिक उपयोग कर संचालन कर्ता द्वारा शासन की आंख में धूल झोंका जा रहा है ? क्या दुर्ग निगम मामले को संज्ञान में ले निष्पक्ष जांच व कार्यवाही करेगा ?
दुर्ग / शौर्यपथ / आयुक्त बर्मन द्वारा सहायक राजस्व निरीक्षक को बाज़ार विभाग का प्रभार तो दे दिया गया किन्तु पहले दिन ही शहर के मुख्य बाज़ार इंदिरा मार्केट मुख्य मार्ग में अव्यवस्था का आलम दिखा और आम जनता परेशान होती रही किन्तु निगम के नवनियुक्त बाज़ार प्रभारी थान सिंह द्वारा किसी भी तरह की कोई कार्यवाही का ना करना समझ से परे है जबकि शाम के समय बाज़ार प्रभारी इंदिरा मार्केट प्रेस काम्प्लेक्स में ही अपनी टीम के साथ थे .
बता दे कि इन दिनों शहर में अमृत मिशन योजना के तहत पाइप लाइन बिछाने का कार्य तीव्र गति से चल रहा है उसी कड़ी में आज पाइप लाइन का कार्य इंदिरा मार्किट मुख्य मार्ग होटल शीला के सामने पाइप लाइन बिछाने का कार्य प्रगति पर था जिसके कारण वन वे वाले मार्ग में एक तरफ ( शीला होटल के सामने ) के मार्ग को बंद कर दिया गया था जिसके कारण यातायात का दबाव दुसरे मार्ग पर जयादा बढ़ गया था . दुसरे मार्ग तरह निगम काम्प्लेक्स है जिसमे ऐसी कई दुकाने है जिनके सामान सड़क तक फैले रहते है . सामानों को इस तरह सड़क तक फैला कर व्यापार करने वालो के बारे में बाज़ार प्रभारी सहायक राजस्व निरीक्षक थान सिंह अच्छे से जानते है किन्तु वर्तमान में जब कार्य प्रगति पर था और एक ही तरफ से आने जाने वालो का रेला लगा हुआ था बावजूद इसके बाज़ार प्रभारी द्वारा मामले को किसी भी तरह संज्ञान नहीं लेना दुर्ग की आम जनता जो बाज़ार क्षेत्र में इस तरह के यातायात के दबाव से परेशांन थी निगम प्रशासन की कार्य शैली पर ऊँगली उठा रही थी किन्तु इतना सब होने के बाद भी बाज़ार विभाग द्वारा किसी भी तरह संज्ञान ना लेना सड़क तक सामान फैला कर व्यापार करने वाले व्यापारियों के हौसले ही बुलंद करता है . क्या नए बाज़ार प्रभारी इंदिरा मार्किट की दशा और दिशा सुधारेंगे या सिर्फ प्रभारी मुखिया बनकर मौन रहेंगे ?
दुर्ग। शौर्यपथ । दुर्ग NSUI शहर अध्यक्ष हितेश सिन्हा के नेतृत्व में आज नगर पुलिस अधीक्षक श्री विवेक शुक्ला जी को दुर्ग शहर के साथ ही आस पास के ग्रामीण आंचलों में हर गाली मोहल्ले में चल रहे अवैध कारोबार सट्टा,जुआ के साथ ही प्रतिबंधित चीजे गांजा शराब बिक्री को तत्काल बंद करवाने के लिए ज्ञापन सौप करके पुलिस प्रशासन को जानकारी देकर चल रहे अवैध कारोबार जो भयंकर रूप से फलफूल रहा है जिसके को लेकर दुर्ग NSUI ने तत्काल बंद कराने एवं जो भी व्यक्ति इस कारोबार को बढ़ावा देने में लिप्त है ऐसे लोगो को चिंहित कर जल्द से जल्द कार्यवाही करने की मांग की किए एक सप्ताह के अंदर अवैध कारोबार पर अंकुश नही लगा तो प्रदेश के मुखिया श्री भूपेश बघेल जी,गृहमंत्री श्री ताम्रध्वज साहू से मिल करके इसकी शिकायत कर उचित कार्यवाही करने की मांग करेंगे.।।
*नीचले बस्तियों में जल भराव ना हो, निगम ने की है तैयारी...* *निगम, नाला और नालियों से कचरा निकालने का चला रहा है अभियान....* *आम जनता से अपील अपने घर के आस-पास नालियों में घर का कचरा ना डाले....निगम*
दुर्ग /शौर्यपथ/ बारिश के समय शहर के निचली बस्तियों में बारिश के पानी से जलभराव की स्थिति निर्मित ना हो इसके लिए विशेष अभियान चलाकर नगर पालिक निगम दुर्ग द्वारा शहर के सभी बड़े नाला और वार्ड बस्तियों में स्थित छोटी बड़ी नालियों से कचरा मलमा निकालकर तल से सफाई की जा रही है । समस्त आम जनता से अपील है कि आपके द्वारा अपने घरों का कचरा घर के आस- पास के नालियों में डाल दिए जाने के कारण छोटी नाली से होकर बड़े नाला में कचरा आकर फंस जाता है । जिससे निचली बस्तियों में पानी भरने की समस्या होती है । नगर निगम द्वारा सभी नालियों से कचरा और मलबा निकालने का कार्य किया जा रहा है अत: अनुरोध है कि कोई भी व्यक्ति अपने घरों का कचरा अपने घर के आस-पास की नालियों में बिल्कुल ना डालें । उल्लेखनीय है कि भारत सरकार के स्वच्छ भारत अभियान के अंतर्गत स्वच्छता सर्वेक्षण के स्टार रेटिंग में केवल नालियों में कचरा मिलने के कारण ही दुर्ग निगम स्टार रेटिंग फेल हुआ है । पूरे शहर के छोटे बड़े नालियों से कचरा निकालने का अभियान निरंतर चलाया गया है । इसके साथ ही बड़े नाला से भी जेसीबी के माध्यम से मलमा और कचरा निकाला जा रहा है ताकि आने वाले समय में बारिश के दौरान किसी भी बस्ती व क्षेत्र में जलभराव की स्थिति ना हो और पानी सुगमता से निकास हो सके । इस कड़ी में नगर निगम दुर्ग द्वारा पोटिया कला वार्ड विवेकानंद नगर में स्थित बड़े नाला से कचरा मलमा निकाल कर जेसीबी से सफाई किया गया । इसी तरह से मग्गा होटल के पास से होकर मिलपारा की बड़ी नाली की सफाई की गई । इसी कड़ी में न्यू पुलिस लाइन वार्ड 48, गायत्री मंदिर वार्ड 25 गंजपारा वार्ड 36, नयापारा वार्ड 1, शंकर नगर वार्ड 10, --11, पोलसाय पारा वार्ड 27, संतरा बाड़ी वार्ड 26, आमदी मंदिर वार्ड 24, दीपक नगर वार्ड 23, शंकर नाल, गिरधारी नाला, पोटिया नाला, कसारीडीह नाला, केलाबाड़ी नाला, शक्ति नगर नाला, तकिया पारा, पोटियाकला वार्ड 54, आजाद वार्ड 37, आदि नालियों से कचरा निकाल कर सफाई की गयी । आयुक्त बर्मन ने बताया बारिश के दौरान किसी भी क्षेत्र में बारिश का पानी नालियों के कारण ना भरे इसके लिए अभियान चलाकर सभी नालियों से कचरा और मलमा निकाला जा रहा है । उन्होंने कहा शहर के बहुत से लोग अपने घरों का कचरा नालियों में डाल दे रहे हैं जिसके कारण कचरा छोटी नाली से होकर नाला में आकर फंसता है और इससे नाली में पानी निकासी रुक जाता है और संबंधित क्षेत्र में पानी भरने की समस्या होती है सभी लोगों से अपील है की वे नालियों में कचरा ना डालें शहर को साफ सुथरा रखने में नगर निगम को सहयोग प्रदान करे ।
दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्ग नगर पालिक निगम में अधिकारियों कर्मचारियों के अनियमितता के मामले आये दिन उजागर होते ही रहते है भर्ष्टाचार / अनियमितता का दूसरा पर्याय के रूप में दुर्ग निगम की पहचान बनते जा रही है . एक तरफ निगम की नाक के नीचे घटिया पेंट ( एम् आई सी भवन ) के नज़ारे के बाद भी अधिकारियों के ख़ास बने ठेकेदारों को ऑफलाइन ठेके पद्दति से नित नए काम मिल रहे है और घटिया निर्माण / कार्य पर अधिकारी आँख बंद रखे हुए है वही ठ्केदारो की फाइल जो नियमतः कार्यालय में होनी चाहिए किन्तु अधिकतर ठेकेदार अपनी फाइल अपने पास ही रखते है और बिना निरिक्षण दस्खत करने का कार्य इंजिनियर अपने केबिन में बैठ कर करते है . स्थल जाँच कार्यो में हो इसकी संभावना कम ही नजर आती है . हो सकता है कोई बड़ा कमीशन का खेल हो ठेकेदारों और इंजीनियरों में क्योकि साल भर पहले ही ऐसे ही एक मामले में सब इंजिनियर व्ही.पी. मिश्रा द्वारा सड़क पर सडक का निर्माण हुआ और ठेकेदारों को दोनों ही कार्यो के बिल का भुगतान हुआ . क्योकि जिनकी शिकायत के बाद भी किसी तरह की कार्यवाही नहीं हुई .
वर्तमान समय में निगम प्रशासन के मुखिया के तौर पर आयुक्त बर्मन द्वारा एक अहम् फैसला लिया गया जिसके तहत सहायक राजस्व निरीक्षक थान सिंह को बाज़ार प्रभारी के रूप में नियुक्त किया गया . किन्तु सबसे बड़ा सवाल यह है कि थान सिंह जो सालो से बाज़ार विभाग का कार्य देख रहे है अब जबकि प्रभारी है तो क्या इनके द्वारा इंदिरा मार्केट में सडको तक सामान फैला कर व्यापार करने वाले बड़े बड़े व्यापारियों पर कार्यवाही की जाएगी या सिर्फ निगम प्रशासन को कार्यवाही के नाम पर गुमराह करते रहेंगे और पद की गरिमा को धूमिल करेंगे ? क्या थान सिंह इंदिरा मार्केट में निगम के द्वारा लीज में दी गयी दुकाने जो बिना अनुमति के अपने मूल स्वरूप में परिवर्तन कर बरामदे तक सामन फैला कर व्यापार कर रहे है उन व्यापारियों पर कार्यवाही करेंगे या फिर ऐसे व्यापारियों पर विशेष कृपा दृष्टी रहेगी ? क्या थान सिंह शहर के ऐसे व्यापारी जो नियमो की अवहेलना करते हुए व्यापार कर रहे है उन पर कार्यवाही करेंगे या निगम प्रशासन का जोर एक बार फिर गरीबो पर ही मेहरबान रहेगा . निगम आयुक्त बर्मन द्वारा एक महत्तवपूर्ण फैसला लिया गया है और थान सिंह को बड़ी जिम्मेदारी दी गयी है क्या आयुक्त के फैसले पर थान सिंह खरे उतरेंगे या सिर्फ दिखावा में ही कार्य होगा . थान सिंह बाज़ार विभाग के सभी कार्यो से भलीभांति परिचित है बस अब समय है अपने पद की गरिमा को बनाए रखने की और निष्पक्ष ( भर्ष्टाचार से परे )होकर निगम के शासकीय कार्यो को करने की तथा ये साबित करने की सहायक क को महत्तवपूर्ण प्रभार देकर आयुक्त ने कोई गलती नहीं की .
रायपुर / शौर्यपथ / भारत सरकार, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग तथा छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जारी गाईडलाईन अनुसार जिला रायपुर में नगर पालिक निगम रायपुर अंतर्गत मित्तल अस्पताल के पास ,खपराभट्टी क्षेत्र में 01 नया कोरोना पॉजिटिव केस पाये जाने के फलस्वरुप उक्त क्षेत्र को कन्टेनमेंट जोन घोषित किया गया है। अपर कलेक्टर ने पूर्व में बंद है, पश्चिम में बाबी मसीह के घर के सामने,शंकर नगर रोड,उत्तर में देवार डेरा के सामने खपराभट्टी और दक्षिण में मित्तल अस्पताल के सामने खपराभट्टी को कंटेंटमेंट जोन घोषित किया है। इस कन्टेनमेंट जोन में प्रवेश अथवा निकास हेतु केवल 01 द्वार होगा। जिसमें तैनात पुलिस अधिकारी, फिजिकल डिस्टेंसिग सुनिस्चित करते हुए मेडिकल इमरजेंसी और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति हेतु आवागमन करने वाले सभी व्यक्तियों का विवरण एक रजिस्टर में दर्ज किया जाएगा। कन्टेनमेंट जोन अंतर्गत सभी दुकानें, ऑफिस एवं अन्य वाणिज्यिक प्रतिष्ठान आगामी आदेश पर्यन्त पूर्णतः बंद रहेंगें। प्रभारी अधिकारी द्वारा कन्टेनमेंट जोन में होम डिलीवरी के माध्यम से आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति उचित दरों पर सुनिश्चित की जाएगी। आवश्यक वस्तुओं की होम डिलीवरी हेतु विधिवत परिवहन अनुमति इंसीडेंट कमांडर द्वारा दी जाएगी। कन्टेनमेंट जोन अंतर्गत सभी प्रकार के वाहनों के आवागमन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। मेडिकल इमरजेंसी को छोड़कर अन्य किन्हीं भी कारण से कन्टेनमेंट जोन या मकान के बाहर निकलना प्रतिबंधित रहेगा। केवल मेडिकल इमरजेंसी की दशा में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी रायपुर के द्वारा पास जारी कर इंसीडेंट कमांडर को सूचित किया जावे। आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति में संलग्न व्यक्ति फिजिकल डिस्टेंसिग तथा सेनिटाईजेशन सुनिश्चित करते हुये कन्टेनमेंट जोन में प्रवेश कर सकेंगें। अन्य किसी भी व्यक्ति को कन्टेनमेंट जोन से बाहर निकलना अथवा अन्दर आना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। कन्टेनमेंट जोन में उपरोक्तानुसार लॉकडाउन का कड़ाई से पालन कराने हेतु संबंधित थाना प्रभारी उत्तरदायी होगे।कन्टेनमेंट जोन में शासन की गाईडलाईन अनुसार व्यवस्था बनाये रखने हेतु वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, रायपुर के द्वारा आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जावेगी।जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा संबंधित क्षेत्र में शासन के निर्देशानुसार कान्टेक्ट ट्रेसिंग, स्वास्थ्य निगरानी तथा सैम्पल की जांच इत्यादि आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित की जायेगी। कंटेंटमेंट जोन में प्रवेश अथवा निकास हेतु केवल 01 द्वार की व्यवस्था बेरिकेटिंग के लिए अभिनव श्रीवास्तव,अनुविभागीय अधिकारी, लोकनिर्माण विभाग, विधानसभा संभाग, रायपुर मो.नं. 94241-20983, लोक निर्माण विभाग की मांग अनुसार बैरिकेडिंग हेतु बांस-बल्ली की आपूर्ति हेतु विश्वनाथ मुखर्जी, उप वनामंडलाधिकारी रायपुर वनमंडल, रायपुर 90092-42222, कंटेंटमेंट जोन में सेनिटाइजेशन तथा आवश्यक वस्तुाओ की आपूर्ति व्यवस्था हेतु अरुण कुमार साहू,जोन आयुक्त नगर पालिक निगम,जोन क्रमांक-03 रायपुर, मो नं. 81091-13933, घरो का एक्टिव सर्विलांस, स्वास्थ्य टीम को एसओपी अनुसार दवा, मास्क, पीपीई इत्यादी उपलब्ध कराने एवं बायोमेडिकल अपशिष्ट प्रबंधन हेतु श्रीमति मीरा बघेल मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, रायपुर मो.नं. 94255-16797, उपरोक्त दर्शित क्षेत्र में आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सहित अन्य समस्त आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने हेतु इंसीडेंट कमांडर श्रीमती अंकिता गर्ग,डिप्टी कलेक्टर एवं अनुविभागीय दण्डाधिकारी नगर रायपुर मो.नं. 96695-52437, भारत सरकार एवं राज्य शासन के द्वारा समय-समय पर जारी गाईड लाईन अनुसार कंटेंटमेंट जोन में लाकडाउन का कडाई से पालन सुनिश्चत करने हेतु गौतम चंद गावड़े,थाना प्रभारी,थाना पंडरी,रायपुर मो.नं. 94791-91038 को नियुक्त किया गया है।
*शौर्यपथ/ राजिम
अजय देवांगन
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों में सरकारी और गैर सरकारी संगठनों की ओर से वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। स्वच्छता अभियान एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए संकल्पित क्षेत्र के ग्राम श्यामनगर में पंचायत प्रतिनिधियों एवं राजिम थाना प्रभारी विकास बघेल के नेतृत्व में ग्राम के शीतला तालाब में बरगद एवं पीपल का पौधरोपण किया। गौरतलब है कि ग्राम में पर्यावरण संरक्षण के लिए बनी संस्था समर्पण ग्रुप के नेतृत्व में सन् 2014 से निरंतर स्वच्छता कार्यक्रम एवं वृक्षारोपण कार्यक्रम को गति प्रदान कर रहे हैं इस संस्था के द्वारा गांव में अब तक दो हजार से अधिक पौधरोपण किया जा चुका है जो अब वृक्ष का रूप ले चुका है इसी प्रकार शीतला तालाब एवं स्कूलों के सौंदर्यीकरण के लिए भी समर्पण ग्रुप का भरपूर सहयोग रहा है। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य चंद्रशेखर साहू ने कहा कि वृक्ष लगाना पुण्य का कार्य है। इस भौतिक वादी युग में हम चंद स्वार्थ के लिए सबकुछ को भूल रहे हैं। हम प्रकृति से सिर्फ लेने का काम कर रहे हैं लेकिन कुछ देने का काम नहीं कर रहे। मौके पर उन्होंने कहा कि हमें प्लास्टिक का कम से कम प्रयोग करना चाहिए एवं फलदार व औषधि पौधों को बढ़ावा देना चाहिए। थाना प्रभारी विकास बघेल ने पर्यावरण संरक्षण पर जोर देते हुए कहा कि हमारे आने वाले पीढ़ी के लिए यह कदम काफी लाभकारी सिद्ध होगा।वही उपसरपंच नवीन साहू ने कहा कि अगर हम खुद अपने पर्यावरण का ख्याल नही रखेंगें तो धीरे-धीरे जिंदगी मुश्किल होती जाएगी।यही वजह है कि पर्यावरण के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए हर साल ये दिन मनाया जाता हैं। इस अवसर पर समर्पण ग्रुप के अध्यक्ष प्रेम साहू, सरपंच प्रतिनिधि छन्नू साहू,पंच मदन साहू,पवन साहू,केशकुमार साहू,सोमनाथ साहू,उर्मिला सेन,फुलेश्वरी साहू,रीना सेन,प्रमोद साहू,कोमल साहू,ईश्वर साहू,संत वर्मा,रामेश्वर साहू,तुलस साहू सहित ग्रामवासी उपस्थित थे।
शौर्यपथ/राजीम
अजय देवांगन
पढ़ाई तुंहर दुवार योजना के अंतर्गत भीषण गर्मी एवं लॉकडाउन में स्कूली बच्चों के शिक्षा के लिए सार्थक साबित हो रहा है।पढ़ाई तुंहर दुवार से गरियाबंद जिले के हजारों बच्चे प्रतिदिन लाभान्वित हो रहे है तथा इस योजना के प्रारम्भ किये जाने से छात्रों एवं पालकों में उत्साह नज़र आ रहा है। इसी तारतम्य में फिंगेश्वर ब्लॉक से टिकेंद्र यदु (शिक्षक बिजली) द्वारा राज्य स्तरीय ऑनलाइन क्लास में भाग लेकर घातांक एवं घातांक के नियम को बड़े ही रोचक अंदाज़ में पढ़ाई कराई जो काफी प्रभावोत्पादक रहा। इस ऑनलाइन क्लास में 108 छात्र शामिल हुए।कोविड 19 वैश्विक महामारी के चलते देशभर में लाक डाउन के बीच छत्तीसगढ़ शासन स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा स्कूली बच्चों के लिए पढ़ाई तुंहर दुवार योजना प्रारंभ किया गया है।शासन द्वारा इस योजना के तहत छात्र छात्राओं को डिजिटल शिक्षा के माध्यम से पढ़ाई कराई जा रही है।शासन ने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य को देखते हुए स्कूली बच्चों को कोरोना संक्रमण एवं भीषण गर्मी से बचाने के उद्देश्य से ऑनलाइन शिक्षा दी जा रही है।शासन के निर्देशानुसार जिला शिक्षा अधिकारी भोपाल राम तांण्डे एवं जिला मिशन समन्वयक श्याम चंद्राकर के मार्गदर्शन एवं दिशा निर्देश पर गरियाबंद जिले के पांचों ब्लॉक के अंतर्गत शासकीय स्कूलों में ऑनलाइन पढ़ाई कराई जा रही है।इसके साथ साथ शिक्षको द्वारा प्रतिदिन वेबेक्स एप एवं यू ट्यूब द्वारा ऑनलाइन वर्चुअल क्लास लेकर छात्रों को विषयवार शिक्षा दी जा रही यदु सर द्वारा ऑनलाइन शिक्षा की सफल प्रस्तुति हेतु विकासखंड शिक्षाधिकारी हेमंत साहू,विकासखण्ड स्रोत समन्वयक चंद्रशेखर मिश्रा, संस्था के प्राचार्य पूरन लाल साहू,प्रधानपाठक नन्दकुमार यादव,समन्वयक भुवन यदु,असीम हरित,अरुण प्रजापति आरिफ मेमन,परमेश्वर निर्मलकर, गिरीश शर्मा,शिक्षक दिनेश कुमार साहू,विनय कुमार साहू,अनिल मेघवानी,उमेश यदु,हुलस साहू,किरण साहू,वीरेंद्र यदु,मोहन लाल साहू,होरीलाल ध्रुव,रेखा सोनी,सविता शर्मा,संतोषी गिलहरे,गीतांजली नेताम,शशि ठाकुर, दीप्ति मिश्रा, अम्बेश्वरी साहू सहित फिंगेश्वर ब्लाक के शिक्षकों ने उन्हें बहुत बधाई दी।*
शौर्यपथ/न्यूज
गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच विशेषज्ञ डाक्टरों द्वारा नियमित की जा रही है । जांच के साथ ही गर्भवती महिलाओं को पंजीकृत भी किया जाता है। पंजीयन उपरांत गर्भवती महिलाओं को समय पर टीका लगवाया जाता है और जांच के लिए फोलोअप भी किया जाता है । प्रसव के बाद भी 42 दिनों तक एएनसी जांच के तहत जच्चा व बच्चा का नियमित ख्याल रखा जाता है ।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ मीरा बघेल ने बताया अप्रैल में ज़िले में प्रसव पूर्व जांच (एएनसी) के लिए 5554 गर्भवती महिलाओं की पंजीयन किया गया है जिसमें अभनपुर में 471,आरंग में 696, धरसींवॉ में 425, तिल्दा में 424 , बीरगॉव शहरी में 264 , और रायपुर शहरी में 3274, गर्भवती महिलाएं थी। उन्होंने बताया गर्भवती महिलाओं के पंजीयन और प्रसव पूर्व जांच होने से जोखिम की संभावनाएं कम होती हैं । नियमित रूप से गुणवत्तापूर्ण एएनसी जांच से समय समय पर अवस्थाओं की जटिलताओं को पहचान किया जाता है और आवश्यक उपचार प्रदान किया जाता है जो मातृ मृत्यु और शिशु मृत्यु दर को कम करने में सहायक होता है । पंजीयन से गर्भवती महिलाओं और नवजातों को सरकार द्वारा दी गयी सुविधायें भी मिल जाती हैं।
प्रसव पूर्व जांचों को करवाना मां और बच्चा की स्वस्थता के लिए भी ज़रूरी हैं। प्रसव पूर्व होने वाली जांचों से गर्भावस्था के समय होने वाले जोखिम या रोगों को पहचानने, और उनका उपचार करने में सरलतामिलती है। इन जांचों से हाई रिस्क प्रेगनेंसी (एचआरपी) के केस चिन्हित किये जाते है, फिर उनकी उचित देखभाल की जाती है। प्रसव पूर्व जांचों में मुख्यतः खून, रक्तचाप और एचआईवी की जांच की जाती है। । एनीमिक होने पर प्रसूता का सही इलाज किया जा सकता है ताकि शिशु स्वस्थ पैदा हो।
गर्भवती की प्रसव पूर्व चार जांचें
प्रथम चरण में गर्भधारण के तुरंत बाद या गर्भावस्था के पहले 3 महीने के अंदर जांच होती है। द्वितीय चरण में गर्भधारण के चौथे या छठे महीने में। तृतीय चरण में गर्भधारण के सातवें या आठवें महीने में तथा चतुर्थ चरण में गर्भधारण के नौवें महीने में जरूरी जांचे की जाती हैं।
सिविल सर्जन डॉ. रवि तिवारी ने बताया मातृ एवं शिशु चिकित्सालय ज़िला अस्पताल कालीबाडी में लॉक डाउन में भी नियमित रुप से गर्भवती महिलाओं की एएनसी सुविधाएं मिलती रही ।उन्होने बताया अप्रैल में 52 और मई में 145 गर्भवती महिलाओं का पंजीयन किया है। बीते वर्ष 2019-20 में कुल 2252 गर्भवती महिलाओं का पंजीयन किया गया था ।
डॉ. तिवारी ने कहा प्रत्येक गर्भवती महिला के हीमोग्लोबिन की मात्रा अनुसार आईएफए, कैल्शियम के साथ साथ टीकाकरण,उच्च रक्तचाप, मधुमेह की स्क्रीनिंगभी, गर्भवती महिलाओं की एएनसी में की जाती है । गैर-कोविड आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं के प्रावधान पर ध्यान दिया गया है। अन्य रोगों के रोकथाम के लिए भी पर्याप्त उपाय किए जा रहे है । किसी भी प्रकार की जांच के समय पूर्ण रुप से गाइड लाईन को फोलो किया जाता है ।
उच्च जोखिम गर्भावस्था क्या है
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थय अधिकारी डॉ. मीरा बघेल ने बताया उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था या हाई रिस्क प्रेगनेंसी उसे कहते हैं जिसमें मां और शिशु दोनों में सामान्य गर्भावस्था की तुलना में अधिक जटिलता विकसित होने की संभावना होती है। ऐसी महिलाओं को अन्य सामान्य गर्भवती स्त्रियों के मुकाबले ज्यादा समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इन्हे चिकित्सक की देखरेख की ज्यादा जरूरत पड़ती है।
उच्च जोखिम गर्भावस्था पहचान कैसे होती है
हाई रिस्क प्रेगनेंसी की पहचान के लिए प्रसव पूर्व की गर्भावस्था या प्रसव का इतिहास जानना बहुत जरूरी होता है, जिसमें पता लगाया जाता है कि पहला बच्चा किस प्रकार जन्म लिया था, पिछले प्रसव के दौरान या बाद में अत्यधिक रक्तस्राव तो नहीं हुआ, गर्भवती को पहले से कोई बीमारी, उच्च रक्तचाप, शुगर, हाइपोथायराइड, टीबी, हार्ट डिसीज, वर्तमान गर्भावस्था में गंभीर एनीमिया, 7 ग्राम यूनिट से कम खून की मात्रा, ब्लड प्रेशर, गर्भावस्था के समय डायबिटीज का पता लगाकर इसकी पहचान की जाती है।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
