August 15, 2026
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         रायपुर/ शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता विकास तिवारी ने पूर्व मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह के उस बयान पर जिसमें कि उनके द्वारा कहा गया कि 5000 से अधिक मजदूर जम्मू कश्मीर राज्य से प्रदेश लौट रहे हैं इस हेतु उन्होंने केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल को आभार व्यक्त किया है परंतु उन्होंने यह नहीं बताया कि इन मजदूरों जैसे कितने लाख मजदूर उनके 15 साल के उनके ही शासन काल के चलते अपनी माटी,अपनी धरती छोड़कर अन्य प्रदेशों में रोजी-रोटी कमाने के लिए गए हुए थे पूर्व मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह के कार्यकाल में 40त्न से अधिक की आबादी गरीबी रेखा के नीचे गुजर बसर करने को मजबूर थी यह आंकड़ा रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने जारी किया था।
          तिवारी ने कहा कि कोरोना ष्टह्रङ्कढ्ढष्ठ 19 महामारी के समय गरीब मजदूरों को मदद एवं आर्थिक सहायता पहुंचाने में नाकाम केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के बचाव में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह उतर गए हैं और केवल और केवल बयानबाजी के अलावा कुछ भी नहीं कर रहे हैं विकास तिवारी ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह के शासनकाल में देश की सर्वाधिक झुग्गी झोपड़ी जिसका प्रतिशत 18त्न से अधिक था लोग रहने को मजबूर थे देश की प्रति व्यक्ति आय के सबसे पिछड़े राज्यों में छत्तीसगढ़ राज्य शुमार था अमीरों एवं गरीबों की आय में बहुत ज्यादा विषमता भी थी भाजपा के पूर्व मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह के शासनकाल में 24 लाख 34 हजार 773 पंजीकृत बेरोजगार और इतने ही पंजीकृत बेरोजगार इस प्रदेश में थे जबकि प्रदेश की जनसंख्या दो करोड़ पचास लाख थी यह पढ़े लिखे बेरोजगार अपनी रोजी-रोटी चलाने के लिए देश के विभिन्न राज्यों जम्मू- कश्मीर,गुजरात,उत्तरप्रदेश,कर्नाटक प्रदेश,तमिलनाडु,महाराष्ट्र जाने को मजबूर हुए इसका भी श्रेय तत्कालीन भाजपा की रमन सरकार को ही जाता है।
           तिवारी ने कहा कि आज भारतीय जनता पार्टी और उनके पूर्व मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह मजदूरों की चिंता तो कर रहे हैं लेकिन यह मजदूर इनके ही शासनकाल में छत्तीसगढ़ राज्य को छोडऩे के लिए मजबूर हुए थे इन माटी पुत्र मजदूरों को सकुशल वापस लाने का काम उठाने का बीड़ा मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उसी प्रकार उठाया है जिस प्रकार गंगा को स्वर्ग से धरती में लाने का काम भागीरथी मुनि ने किया था। रमन राज में छत्तीसगढ़ राज्य के 50 लाख से अधिक बेरोजगार जो कि पढ़े लिखे थे उनमें से ही लाखों लोग प्रदेश छोड़कर अन्य राज्यों में अपनी रोजी रोटी कमाने के लिए मजबूर हुए आज जब कोरोना महामारी के समय मनरेगा के तहत 20 लाख से अधिक लोगों को रोजगार देने का मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उनकी सरकार ने मनरेगा के तहत किया है।यह बात भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह को नागवार गुजर गया क्योंकि इनके समय ही मजदूरों के साथ अत्याचार किया जाता था इनके थाली से चावल की चोरी की जाती थी जो कि नान घोटाले के रूप में पूरे देश और विदेश में जाना जाता है।
       congress प्रवक्ता  ने पूर्व मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह से अनुरोध किया है कि कोरोना महामारी को छत्तीसगढ़ राज्य में पांव पसारने से रोकने के लिए ओछी राजनीति छोड़कर स्वस्थ एवं जनहित की राजनीति करने की आवश्यकता है और क्योंकि पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष है और केंद्र में उनके ही पार्टी की सरकार है तो छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के द्वारा मांगी गई 30 हजार करोड़ रुपयों की राशि तत्काल प्रदेश को दिलवाने के लिए मदद करनी चाहिए जिससे कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था पटरी पर आ सके और जो प्रदेश से बाहर अन्य राज्यों से मजदूर आ रहे हैं
    उनको भी प्रदेश में ही रोजगार देने के लिए नए नए कार्यों का सृजन किया जा सके केवल और केवल बयान वीर की राजनीति करने से इन गरीब मजदूरो को कुछ हासिल होगा और ना जो पीडि़त मजदूर जो अपने प्रदेश वापस आ रहे हैं जो भाजपा के शासनकाल में प्रदेश छोड़ कर गए थे उन्हें कोई बयानबाजी से लाभ होगा।

         राजनांदगांव / शौर्यपथ / कलेक्टर जयप्रकाश मौर्य ने आज लोगों के लिए जारी अपील में बताया कि कोरोना (कोविड-19) अत्यधिक संक्रमित वायरस जनित रोग है। यह बीमारी मुख्य रूप से हाथ, मुंह, नाक, आंख के माध्यम से हमारे शरीर में पहुंचती है। राजनांदगांव जिला महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश की सीमा से लगता है।
    प्रतिदिन जिले की सीमाओं में हजारों की संख्या में प्रवासी आ रहे हैं। कुछ सामाजिक संगठनों द्वारा मानवता के नाते प्रवासी मजदूरों को भोजन पैकेट भी प्रदान किया जा रहा है, जो सराहनीय कार्य है। लेकिन सहयोग करते समय कोरोना संक्रमण से बचने के सभी उपायों को अपनाना अत्यंत जरूरी भी है। उन्होंने कहा कि गीला खाद्य पदार्थ, केला, पानी पाऊच देने पर श्रमिक या प्रवासी खाद्य पदार्थ का उपयोग करने के बाद रोड या बसाहट के आसपास फेंक देते हैं। इन पैकेटों में मजदूरों से संपर्क/लार इत्यादि होने से कोरोना संक्रमण का मुख्य कारण हो सकता है। जिससे जिले में संक्रमण फैल सकता है। समाजसेवियों को सामग्री वितरण में प्रोटोकाल का कड़ाई से पालन करना अत्यंत आवश्यक है।
         समाजसेवियों को संबंधित एसडीएम को लिखित सूचना के पश्चात् ही सामग्री का वितरण करना चाहिए। बिना सूचना के भोजन वितरण का कार्य न करें। यह भी कोशिश करें कि सूखा खाद्य पदार्थ (चना, मुर्दा, नमकीन, बिस्किट, गुड़ इत्यादि) का वितरण हो। यदि फल वितरण करना है तो ऐसे फल दें, जिसके खाने के बाद अवशेष नहीं बचता है। यदि गरम खाना/लंगर चलाया जाता है तो आवश्यक प्रोटोकाल का कड़ाई से पालन करना जरूरी है। प्रोटोकाल का उल्लंघन होने पर समाजसेवी संगठन के विरूद्ध कार्रवाई की जा सकती है। खाना पैकेट में दें, खाना लंगर में निर्धारित स्थल में पैकेट में देना चाहिए। लंगर स्थल चारों ओर से घिरा होना चाहिए। पैकेट का कचरा लंगर/भोजन वितरण स्थल में रखी पेटी में ही डाला जाय। लंगर/भोजन वितरण स्थल में पैकेट एक टेबल में रखें। जरूरत मंद व्यक्ति पैकेट उठाएंगे और वहीं खाएंगे डस्टबिन में डालेंगे तभी वहां से जाएंगे।
             डस्टबिन में सोडियम हाइपोक्लोराईट का छिड़काव स्प्रे से किया जाए। इसके लिए लंगर संचालकों को स्प्रे की व्यवस्था करनी होगी। डस्टबिन के पैकेट को डिस्पोज करने वाले व्यक्तियों को मास्क (एन-95), ग्लव्स, पीपीई किट का उपयोग करना होगा। कचरे को किसी भी स्थिति में खुले स्थान में न फेंके बल्कि गहरे गड्ढे में फेंके तथा मिट्टी से ढकें। जिस वाहन में कचरा का परिवहन किया गया है, उसे प्रत्येक चक्र के पश्चात सोडियम हाइपोक्लोराईट से सैनिटाईज करना जरूरी है। कचरे का निराकरण करने वाले कर्मियों का प्रत्येक सप्ताह रेपिड किट से जांच करें। जहां तक संभव हो सूखा खाद्य पदार्थ का वितरण ही करें। कचरे के निपटान के लिए सीएमओ या आयुक्त से संपर्क करें। रेन बसेरा राजनांदगांव का भ्रमण कर इस संबंध में जानकारी ले सकते हैं।
           प्रोटोकाल का पालन नहीं करने तथा संक्रमण फैलाने के कारण ऐपिडैमिक एक्ट आपदा प्रबंधन अधिनियम के प्रावधानों का कड़ाई से पालन नहीं करने के कारण कार्रवाई की जा सकती है। आप से अनुरोध है, जरूरतमंद की मदद करें तथा खुद को और समुदाय को भी सुरक्षित रखने में सहयोग करें।

    धमतरी शौर्यपथ

    छत्तीसगढ़ में स्वसहायता समूह की महिलाएं दिनोंदिन नया और अनोखा काम कर रही है। धमतरी जिले के विकासखंड नगरी के ग्राम पंचायत सिहावा की ओम महिला स्वसहायता समूह न केवल आर्थिक मोर्चे पर आत्मनिर्भर है बल्कि अपने कौशल, आत्मविश्वास और मेहनत के बल पर महिला सशक्तिकरण की नई कहानी गढ़ रही है। महिलाओं की कुशलता और आत्मविश्वास ने पुरूषों के समकक्ष खड़ा कर दिया है। समूह के अध्यक्ष व एफ. एल. सी. आर. पी. श्रीमती संध्या मानिकपुरी द्वारा स्वरोजगार शुरू करने से पहले समूह की सभी महिलाओं को योजना से संबंधित जानकारी दी जाती है।
    कोरोना आपदा के मद्देनजर छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी योजना की महत्वपूर्ण जानकारी नारी शक्ति संगठन भीतररास के स्वसहायता समूह की महिलाओं को दिया गया। एफ. एल. सी. आर. पी. श्रीमती संध्या मानिकपुरी ने लाॅकडाउन के दौरान कोरोना संक्रमण से निपटने शासन के गाइड लाईन अनुसार सभी महिलाओं को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने तथा फेसमास्क लगाकर कार्य करने कहा गया। स्वच्छता हेतु हैण्डवाश, सेनेटाइजर, साबुन से हाथ धोने की जानकारी दी गई। साथ ही उन महिलाओं को वित्तीय साक्षरता, बचत बैंक लिंकेज फार्म भराना, बैंक खाते में कम से कम 350 रूपये जमा रखने तथा बीमा कराने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

    धमतरी/नगरी शौर्यपथ
    नगरी के वार्ड क्रमांक 14 निवासी पिता गंगाराम वौदे, की पुत्री दिव्या वैदे ने आज सुबह अपने घर में अज्ञात कारणो से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली

    धमतरी/नगरी शौर्यपथ

    नगर के दुर्गा स्थापना स्थल के चौड़ी निर्माण पर न्यायालय तहसीलदार नगरी द्वारा जारी गत 2 वर्ष पूर्व जारी स्थगन आदेश पूर्ण जांच उपरांत खारिज कर दी गई है।
    विस्तृत जानकारी के अनुसार नगर के हृदय स्थल राजा बड़ा में वर्षों से ग्राम व्यवस्था समिति द्वारा नव आनंद कला मंदिर का गठन कर नगर में एक ही स्थान पर दुर्गा उत्सव के समय दुर्गा प्रतिमा का पूजा एवं दुर्गा उत्सव मनाया जाता है।
    उक्त स्थल पर 65 वर्ष पूर्व एक झोपड़ी नुमा मंदिर था ।जो कि जर्जर होने से तत्कालीन अध्यक्ष स्वर्गीय संपत लाल जी छाजेड़ के नेतृत्व में आनंद कला मंदिर के पदाधिकारियों ने गत 2007 में जीर्णोद्धार करते हुए निर्माण कार्य प्रारंभ किया था।
    जो कि तत्कालीन तहसीलदार नगरी ने जांच उपरांत सही पाया था ।
    किंतु इस बीच नगरी के एक महिला द्वारा इस बाबत व्यवहार न्यायालय में वाद पेश किए जाने से उच्च न्यायालय से स्थगन प्राप्त कर लिया था । फल स्वरुप निर्माण कार्य रोका गया था। उक्त व्यवहार न्यायालय नगरी पूर्ण सुनवाई उपरांत राजस्व अधिकारियों के जांच प्रतिवेदन से संतुष्ट होते हुए मामला खारिज कर दिया गया एवं इसकी अपील अति जिला न्यायधीश धमतरी में भी की गई जो खारिज हो गई ।उक्त व्यवहार वाद खारिज किए जाने पर पुनः निर्माण कार्य में बुधवारी बाजार दुर्गा उत्सव विजयदशमी सेवा समिति नगरी जो कि ग्राम व्यवस्था समिति के अंतर्गत पंजीयन कराकर पुनः प्रारंभ दिनांक को किया गया निर्माण के अंतर्गत दुर्गा स्थापना हेतु पूर्व निर्मित स्थल गर्भ गृह के ऊपर चौड़ी का निर्माण कार्य किया जा चुका है तथा उस पर पिलर खड़े किए जा चुके थे इसी बीच तहसीलदार नगरी ने उसे अतिक्रमण मानते हुए रोक दिनांक 19 फरवरी 2018 को स्थगन जारी कर दिया था उक्त रोक का आदेश ललित शर्मा को दिया गया था जिन्होंने तहसीलदार नगरी के न्यायालय में उपस्थित होकर जवाब तथा दस्तावेज बनाने एवं पैरवी हेतु नगर के वकील से सहयोग मांगा तो नगरी के लगभग सभी वकील कुशाल चंद जैन ,तेज बहादुर अग्रवाल ,मारुत कुमार गंजीर, मुकेश साहू ,सुरेश साहू, चित्रभानु तेजस ,सुरेश प्रजापति, फारुख खान लोहानी ,सुरेश साहू बलभद्र, राजेंद्र मिश्रा मुकेश सेमरी धीरेंद्र सुरेश दुष्यंत कौशल ,तुलसी साहू ,पुष्पेंद्र साहू ने सभी ने अपने पावर पेश कर प्रखंड की पैरवी कर तहसीलदार नगरी को संतुष्ट किया उक्त भूमि राजा महाराजा के समय से दुर्गा उत्सव के लिए उपयोग में आ रही है तथा बाद में इसे बुधवारी बाजार भी लगाया जाता है इसी वजह से उक्त भूमि के राजस्व रिकॉर्ड से छत्तीसगढ़ शासन ने दुर्गा उत्सव एवं बुधवारी बाजार के लिए आरक्षित किया है जो कि वर्तमान में मिसल रिकॉर्ड में दर्ज है मौके पर ललित शर्मा द्वारा व्यक्तिगत निर्माण नहीं किया जा रहा है बल्कि दुर्गा विजया दशमी सेवा समिति नगरी जो अपने शासन द्वारा पंजीकृत संस्था है उसके द्वारा किया जा रहा है ।न्यायालय तहसीलदार नगरी द्वारा इस संबंध में मौका का जांच पटवारी राजस्व निरीक्षक से बुलाया और सभी एकमत यह प्रतिवेदन दिया कि उक्त निर्माण कार्य से किसी के विस्तार में कोई बाधा नहीं हो रही है तथा जो निर्माण किया जा रहा है वह पूर्व से राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज है किसी प्रकार का अतिक्रमण होना नहीं पाया गया है ।
    बुधवारी बाजार एवं दुर्गा उत्सव के लिए सार्वजनिक हित में सुरक्षित है मौके पर दुर्गा प्रतिमा रखने के लिए चौडी का निर्माण, किसी भी निस्तार में अड़चन नहीं होने से अतिक्रमण प्रकरण चलाए जाने की आवश्यकता नहीं है। मौके पर जो निर्माण कार्य से तहसीलदार नगरी के न्यायालय ने जो स्थगन जारी किया था उसे निरस्त करते हुए प्रकरण समाप्त कर दिया गया है ।
    उक्त फैसला हो जाने पर नगर व्यवस्था समिति में हर्ष व्याप्त है।

    धमतरी/नगरी शौर्यपथ

    नगर के दुर्गा स्थापना स्थल के चौड़ी निर्माण पर न्यायालय तहसीलदार नगरी द्वारा जारी गत 2 वर्ष पूर्व जारी स्थगन आदेश पूर्ण जांच उपरांत खारिज कर दी गई है।
    विस्तृत जानकारी के अनुसार नगर के हृदय स्थल राजा बड़ा में वर्षों से ग्राम व्यवस्था समिति द्वारा नव आनंद कला मंदिर का गठन कर नगर में एक ही स्थान पर दुर्गा उत्सव के समय दुर्गा प्रतिमा का पूजा एवं दुर्गा उत्सव मनाया जाता है।
    उक्त स्थल पर 65 वर्ष पूर्व एक झोपड़ी नुमा मंदिर था ।जो कि जर्जर होने से तत्कालीन अध्यक्ष स्वर्गीय संपत लाल जी छाजेड़ के नेतृत्व में आनंद कला मंदिर के पदाधिकारियों ने गत 2007 में जीर्णोद्धार करते हुए निर्माण कार्य प्रारंभ किया था।
    जो कि तत्कालीन तहसीलदार नगरी ने जांच उपरांत सही पाया था ।
    किंतु इस बीच नगरी के एक महिला द्वारा इस बाबत व्यवहार न्यायालय में वाद पेश किए जाने से उच्च न्यायालय से स्थगन प्राप्त कर लिया था । फल स्वरुप निर्माण कार्य रोका गया था। उक्त व्यवहार न्यायालय नगरी पूर्ण सुनवाई उपरांत राजस्व अधिकारियों के जांच प्रतिवेदन से संतुष्ट होते हुए मामला खारिज कर दिया गया एवं इसकी अपील अति जिला न्यायधीश धमतरी में भी की गई जो खारिज हो गई ।उक्त व्यवहार वाद खारिज किए जाने पर पुनः निर्माण कार्य में बुधवारी बाजार दुर्गा उत्सव विजयदशमी सेवा समिति नगरी जो कि ग्राम व्यवस्था समिति के अंतर्गत पंजीयन कराकर पुनः प्रारंभ दिनांक को किया गया निर्माण के अंतर्गत दुर्गा स्थापना हेतु पूर्व निर्मित स्थल गर्भ गृह के ऊपर चौड़ी का निर्माण कार्य किया जा चुका है तथा उस पर पिलर खड़े किए जा चुके थे इसी बीच तहसीलदार नगरी ने उसे अतिक्रमण मानते हुए रोक दिनांक 19 फरवरी 2018 को स्थगन जारी कर दिया था उक्त रोक का आदेश ललित शर्मा को दिया गया था जिन्होंने तहसीलदार नगरी के न्यायालय में उपस्थित होकर जवाब तथा दस्तावेज बनाने एवं पैरवी हेतु नगर के वकील से सहयोग मांगा तो नगरी के लगभग सभी वकील कुशाल चंद जैन ,तेज बहादुर अग्रवाल ,मारुत कुमार गंजीर, मुकेश साहू ,सुरेश साहू, चित्रभानु तेजस ,सुरेश प्रजापति, फारुख खान लोहानी ,सुरेश साहू बलभद्र, राजेंद्र मिश्रा मुकेश सेमरी धीरेंद्र सुरेश दुष्यंत कौशल ,तुलसी साहू ,पुष्पेंद्र साहू ने सभी ने अपने पावर पेश कर प्रखंड की पैरवी कर तहसीलदार नगरी को संतुष्ट किया उक्त भूमि राजा महाराजा के समय से दुर्गा उत्सव के लिए उपयोग में आ रही है तथा बाद में इसे बुधवारी बाजार भी लगाया जाता है इसी वजह से उक्त भूमि के राजस्व रिकॉर्ड से छत्तीसगढ़ शासन ने दुर्गा उत्सव एवं बुधवारी बाजार के लिए आरक्षित किया है जो कि वर्तमान में मिसल रिकॉर्ड में दर्ज है मौके पर ललित शर्मा द्वारा व्यक्तिगत निर्माण नहीं किया जा रहा है बल्कि दुर्गा विजया दशमी सेवा समिति नगरी जो अपने शासन द्वारा पंजीकृत संस्था है उसके द्वारा किया जा रहा है ।न्यायालय तहसीलदार नगरी द्वारा इस संबंध में मौका का जांच पटवारी राजस्व निरीक्षक से बुलाया और सभी एकमत यह प्रतिवेदन दिया कि उक्त निर्माण कार्य से किसी के विस्तार में कोई बाधा नहीं हो रही है तथा जो निर्माण किया जा रहा है वह पूर्व से राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज है किसी प्रकार का अतिक्रमण होना नहीं पाया गया है ।
    बुधवारी बाजार एवं दुर्गा उत्सव के लिए सार्वजनिक हित में सुरक्षित है मौके पर दुर्गा प्रतिमा रखने के लिए चौडी का निर्माण, किसी भी निस्तार में अड़चन नहीं होने से अतिक्रमण प्रकरण चलाए जाने की आवश्यकता नहीं है। मौके पर जो निर्माण कार्य से तहसीलदार नगरी के न्यायालय ने जो स्थगन जारी किया था उसे निरस्त करते हुए प्रकरण समाप्त कर दिया गया है ।
    उक्त फैसला हो जाने पर नगर व्यवस्था समिति में हर्ष व्याप्त है।

    धमतरी/नगरी शौर्यपथ

    नगर के दुर्गा स्थापना स्थल के चौड़ी निर्माण पर न्यायालय तहसीलदार नगरी द्वारा जारी गत 2 वर्ष पूर्व जारी स्थगन आदेश पूर्ण जांच उपरांत खारिज कर दी गई है।
    विस्तृत जानकारी के अनुसार नगर के हृदय स्थल राजा बड़ा में वर्षों से ग्राम व्यवस्था समिति द्वारा नव आनंद कला मंदिर का गठन कर नगर में एक ही स्थान पर दुर्गा उत्सव के समय दुर्गा प्रतिमा का पूजा एवं दुर्गा उत्सव मनाया जाता है।
    उक्त स्थल पर 65 वर्ष पूर्व एक झोपड़ी नुमा मंदिर था ।जो कि जर्जर होने से तत्कालीन अध्यक्ष स्वर्गीय संपत लाल जी छाजेड़ के नेतृत्व में आनंद कला मंदिर के पदाधिकारियों ने गत 2007 में जीर्णोद्धार करते हुए निर्माण कार्य प्रारंभ किया था।
    जो कि तत्कालीन तहसीलदार नगरी ने जांच उपरांत सही पाया था ।
    किंतु इस बीच नगरी के एक महिला द्वारा इस बाबत व्यवहार न्यायालय में वाद पेश किए जाने से उच्च न्यायालय से स्थगन प्राप्त कर लिया था । फल स्वरुप निर्माण कार्य रोका गया था। उक्त व्यवहार न्यायालय नगरी पूर्ण सुनवाई उपरांत राजस्व अधिकारियों के जांच प्रतिवेदन से संतुष्ट होते हुए मामला खारिज कर दिया गया एवं इसकी अपील अति जिला न्यायधीश धमतरी में भी की गई जो खारिज हो गई ।उक्त व्यवहार वाद खारिज किए जाने पर पुनः निर्माण कार्य में बुधवारी बाजार दुर्गा उत्सव विजयदशमी सेवा समिति नगरी जो कि ग्राम व्यवस्था समिति के अंतर्गत पंजीयन कराकर पुनः प्रारंभ दिनांक को किया गया निर्माण के अंतर्गत दुर्गा स्थापना हेतु पूर्व निर्मित स्थल गर्भ गृह के ऊपर चौड़ी का निर्माण कार्य किया जा चुका है तथा उस पर पिलर खड़े किए जा चुके थे इसी बीच तहसीलदार नगरी ने उसे अतिक्रमण मानते हुए रोक दिनांक 19 फरवरी 2018 को स्थगन जारी कर दिया था उक्त रोक का आदेश ललित शर्मा को दिया गया था जिन्होंने तहसीलदार नगरी के न्यायालय में उपस्थित होकर जवाब तथा दस्तावेज बनाने एवं पैरवी हेतु नगर के वकील से सहयोग मांगा तो नगरी के लगभग सभी वकील कुशाल चंद जैन ,तेज बहादुर अग्रवाल ,मारुत कुमार गंजीर, मुकेश साहू ,सुरेश साहू, चित्रभानु तेजस ,सुरेश प्रजापति, फारुख खान लोहानी ,सुरेश साहू बलभद्र, राजेंद्र मिश्रा मुकेश सेमरी धीरेंद्र सुरेश दुष्यंत कौशल ,तुलसी साहू ,पुष्पेंद्र साहू ने सभी ने अपने पावर पेश कर प्रखंड की पैरवी कर तहसीलदार नगरी को संतुष्ट किया उक्त भूमि राजा महाराजा के समय से दुर्गा उत्सव के लिए उपयोग में आ रही है तथा बाद में इसे बुधवारी बाजार भी लगाया जाता है इसी वजह से उक्त भूमि के राजस्व रिकॉर्ड से छत्तीसगढ़ शासन ने दुर्गा उत्सव एवं बुधवारी बाजार के लिए आरक्षित किया है जो कि वर्तमान में मिसल रिकॉर्ड में दर्ज है मौके पर ललित शर्मा द्वारा व्यक्तिगत निर्माण नहीं किया जा रहा है बल्कि दुर्गा विजया दशमी सेवा समिति नगरी जो अपने शासन द्वारा पंजीकृत संस्था है उसके द्वारा किया जा रहा है ।न्यायालय तहसीलदार नगरी द्वारा इस संबंध में मौका का जांच पटवारी राजस्व निरीक्षक से बुलाया और सभी एकमत यह प्रतिवेदन दिया कि उक्त निर्माण कार्य से किसी के विस्तार में कोई बाधा नहीं हो रही है तथा जो निर्माण किया जा रहा है वह पूर्व से राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज है किसी प्रकार का अतिक्रमण होना नहीं पाया गया है ।
    बुधवारी बाजार एवं दुर्गा उत्सव के लिए सार्वजनिक हित में सुरक्षित है मौके पर दुर्गा प्रतिमा रखने के लिए चौडी का निर्माण, किसी भी निस्तार में अड़चन नहीं होने से अतिक्रमण प्रकरण चलाए जाने की आवश्यकता नहीं है। मौके पर जो निर्माण कार्य से तहसीलदार नगरी के न्यायालय ने जो स्थगन जारी किया था उसे निरस्त करते हुए प्रकरण समाप्त कर दिया गया है ।
    उक्त फैसला हो जाने पर नगर व्यवस्था समिति में हर्ष व्याप्त है।

    धमतरी/नगरी शौर्यपथ

    नगर के दुर्गा स्थापना स्थल के चौड़ी निर्माण पर न्यायालय तहसीलदार नगरी द्वारा जारी गत 2 वर्ष पूर्व जारी स्थगन आदेश पूर्ण जांच उपरांत खारिज कर दी गई है।
    विस्तृत जानकारी के अनुसार नगर के हृदय स्थल राजा बड़ा में वर्षों से ग्राम व्यवस्था समिति द्वारा नव आनंद कला मंदिर का गठन कर नगर में एक ही स्थान पर दुर्गा उत्सव के समय दुर्गा प्रतिमा का पूजा एवं दुर्गा उत्सव मनाया जाता है।
    उक्त स्थल पर 65 वर्ष पूर्व एक झोपड़ी नुमा मंदिर था ।जो कि जर्जर होने से तत्कालीन अध्यक्ष स्वर्गीय संपत लाल जी छाजेड़ के नेतृत्व में आनंद कला मंदिर के पदाधिकारियों ने गत 2007 में जीर्णोद्धार करते हुए निर्माण कार्य प्रारंभ किया था।
    जो कि तत्कालीन तहसीलदार नगरी ने जांच उपरांत सही पाया था ।
    किंतु इस बीच नगरी के एक महिला द्वारा इस बाबत व्यवहार न्यायालय में वाद पेश किए जाने से उच्च न्यायालय से स्थगन प्राप्त कर लिया था । फल स्वरुप निर्माण कार्य रोका गया था। उक्त व्यवहार न्यायालय नगरी पूर्ण सुनवाई उपरांत राजस्व अधिकारियों के जांच प्रतिवेदन से संतुष्ट होते हुए मामला खारिज कर दिया गया एवं इसकी अपील अति जिला न्यायधीश धमतरी में भी की गई जो खारिज हो गई ।उक्त व्यवहार वाद खारिज किए जाने पर पुनः निर्माण कार्य में बुधवारी बाजार दुर्गा उत्सव विजयदशमी सेवा समिति नगरी जो कि ग्राम व्यवस्था समिति के अंतर्गत पंजीयन कराकर पुनः प्रारंभ दिनांक को किया गया निर्माण के अंतर्गत दुर्गा स्थापना हेतु पूर्व निर्मित स्थल गर्भ गृह के ऊपर चौड़ी का निर्माण कार्य किया जा चुका है तथा उस पर पिलर खड़े किए जा चुके थे इसी बीच तहसीलदार नगरी ने उसे अतिक्रमण मानते हुए रोक दिनांक 19 फरवरी 2018 को स्थगन जारी कर दिया था उक्त रोक का आदेश ललित शर्मा को दिया गया था जिन्होंने तहसीलदार नगरी के न्यायालय में उपस्थित होकर जवाब तथा दस्तावेज बनाने एवं पैरवी हेतु नगर के वकील से सहयोग मांगा तो नगरी के लगभग सभी वकील कुशाल चंद जैन ,तेज बहादुर अग्रवाल ,मारुत कुमार गंजीर, मुकेश साहू ,सुरेश साहू, चित्रभानु तेजस ,सुरेश प्रजापति, फारुख खान लोहानी ,सुरेश साहू बलभद्र, राजेंद्र मिश्रा मुकेश सेमरी धीरेंद्र सुरेश दुष्यंत कौशल ,तुलसी साहू ,पुष्पेंद्र साहू ने सभी ने अपने पावर पेश कर प्रखंड की पैरवी कर तहसीलदार नगरी को संतुष्ट किया उक्त भूमि राजा महाराजा के समय से दुर्गा उत्सव के लिए उपयोग में आ रही है तथा बाद में इसे बुधवारी बाजार भी लगाया जाता है इसी वजह से उक्त भूमि के राजस्व रिकॉर्ड से छत्तीसगढ़ शासन ने दुर्गा उत्सव एवं बुधवारी बाजार के लिए आरक्षित किया है जो कि वर्तमान में मिसल रिकॉर्ड में दर्ज है मौके पर ललित शर्मा द्वारा व्यक्तिगत निर्माण नहीं किया जा रहा है बल्कि दुर्गा विजया दशमी सेवा समिति नगरी जो अपने शासन द्वारा पंजीकृत संस्था है उसके द्वारा किया जा रहा है ।न्यायालय तहसीलदार नगरी द्वारा इस संबंध में मौका का जांच पटवारी राजस्व निरीक्षक से बुलाया और सभी एकमत यह प्रतिवेदन दिया कि उक्त निर्माण कार्य से किसी के विस्तार में कोई बाधा नहीं हो रही है तथा जो निर्माण किया जा रहा है वह पूर्व से राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज है किसी प्रकार का अतिक्रमण होना नहीं पाया गया है ।
    बुधवारी बाजार एवं दुर्गा उत्सव के लिए सार्वजनिक हित में सुरक्षित है मौके पर दुर्गा प्रतिमा रखने के लिए चौडी का निर्माण, किसी भी निस्तार में अड़चन नहीं होने से अतिक्रमण प्रकरण चलाए जाने की आवश्यकता नहीं है। मौके पर जो निर्माण कार्य से तहसीलदार नगरी के न्यायालय ने जो स्थगन जारी किया था उसे निरस्त करते हुए प्रकरण समाप्त कर दिया गया है ।
    उक्त फैसला हो जाने पर नगर व्यवस्था समिति में हर्ष व्याप्त है।

    रायपुर/राजिम शौर्यपथ

    अजय देवांगन

    मिली जानकारी के अनुसार राजिम की एक छात्रा कोरोना संक्रमित पाई गई है, छात्रा कुछ दिन पहले ही कोटा से वापस लौटी थी, जानकारी मिली है कि छात्रा को पहले कवर्धा में आइसोलेट किया गया था, 6 दिन तक कवर्धा क्वॉरेंटाइन में रहने के बाद 5 तारीख को छात्रा राजिम आई थी, उसके बाद से छात्रा को घर पर ही क्वॉरेंटाइन में रखा गया है,

    फिलहाल छात्रा को शिफ्ट करने की तैयारी की जा रही है, जिले के आला अधिकारी कलेक्टर श्याम धावडे जिला पंचायत सीईओ विनय कुमार लंगेह एसपी भोजराम पटेल राजिम पहुंच चुके हैं।

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