September 28, 2026
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    धमतरी/नगरी/शौर्यपथ

    सिहावा थाने से मिली जानकारी के अनुसार नाबालिग बालिका के अपहरण व दुष्कर्म के आरोप में मोदी निवासी छन्नूलाल कश्यप साकीन ग्राम मोदे, अपराध क्रमांक 51/2020, धारा 363 ,376 भादवि,के तहत गिरफ्तार किया गया।

        दुर्ग / शौर्यपथ / अमृत मिशन योजना के नाम पर वार्ड 53 पोटिया कला वार्ड में तीन व्यक्तियों के द्वारा कुछ घरों में जाकर पैसे की मांग मिले । इसकी जानकारी वार्ड के पार्षद नेता प्रतिपक्ष अजय वर्मा को होने के उपरांत उन्होंने उन तीनों व्यक्तियों को वार्ड निवासियों के साथ घेराबंदी कर पकड़ा। और उनसे पूछताछ की उन्होंने इसकी जानकारी निगम आयुक्त इंद्रजीत बर्मन को दिए । आयुक्त के निर्देश पर अमृत मिशन योजना के अधिकारियों ने तत्काल उन व्यक्तियों की पतासाजी की है पता चला की वे तीनों पुलगांव में अमृत मिशन योजना के तहत कार्य कर रहे हैं ऐसा बता रहे थे । और इस वार्ड में भी बहुत जल्द कार्य चालू हो रहा है अत: हम लोगों को भोजन आदि के लिए पैसे देवें ।
    अमृत मिशन के अधिकारियों ने बताया मिशन में काम करने वाले ऐसे किसी भी व्यक्ति को कहीं से भी जाकर पैसा लेने के निर्देश नहीं दिए गए हैं जिनके द्वारा भी अमृत मिशन के नाम से पैसे की मांग की जा रही है वह बिल्कुल गलत है । उन्होंने शहर के समस्त आम जनता से अनुरोध कर कहा है कि पूरे शहर के वार्डो में अमृत मिशन योजना के तहत पाइप लाइन विस्तार और नया पाइप लाइन में कनेक्शन का काम निरंतर किया जा रहा है योजना में काम करने वाले श्रमिकों के लिए लाक डाउन के दौरान फंसे लोगों के लिए हमारी ओर से व्यवस्था की गई है यदि अमृत मिशन का कोई भी कर्मचारी, श्रमिक खाना या भोजन के नाम से पैसे की मांग करते हैं तो बिल्कुल भी ना दें।
    अमृत मिशन कार्य के नाम से पैसा मांगने वाले तीनों व्यक्तियों को पार्षद नेता प्रतिपक्ष अजय वर्मा के नेतृत्व में पकड़ा गया तथा आयुक्त के निर्देश पर उन्हें पदमनाभपुर स्थित थाना को सौंप दिया गया जहां से उन तीनों को जेल भेज दिया गया । बताया गया कि तीनों व्यक्ति शराब के नशे में धुत थे ।

       दुर्ग / शौर्यपथ / एमजीएम सीनियर सेकंडरी स्कूल भिलाई संकट काल के दौरान उत्तपन्न होने वाली पर्कृतिक आपदाओं और महामारी के विरुद्ध लड़ने में हमेशा से ही एक उत्साही सेनानी की तरह कार्य करता रहा है . यह उल्लेखनीय है कि एमजीएम स्कूल भिलाई इस कठिन समय में अपना योगदान देकर महामारी व प्रक्रितक आपदाओ के दौरान जरुरतमंदो के लिए आवश्यक मदद पहुचाने में हमेशा संवेदनशील रहा है .
    परम्परानुसार एमजीएम बिरादरी ने covid - 19 के खिलाफ लड़ाई में हिस्सा लेते हुए मुख्यमंत्री सहायता कोष में योगदान दिया है और इसे जिला कलेक्टर दुर्ग को सौप दिया गया . स्कूल से सीधे योगदान के अलावा एमजीएमस्टाफ ने भी स्वेक्षा से इस विपरीत परिस्थिति में अपना एक दिन का वेतन दान किया . प्रबंधक bishop of the school his Grace josheph Mar Dionysius ,एमजीएम स्कूल के उपाध्यक्ष Very Rev. Thomas Ramban, एमजीएम चर्च के सहायक विकार Father Shinu Cherian , Mr. Prince MA Hon..Correspondent of the school ,Mr.Viji Candy , Mr. K.P. Santosh ,Mr. Shabu Jhon माननीय कमिटी मेम्बर्स व एमजीएम स्कूल के प्राचार्य Prof. Dr. B.D Thakaran , Mr. Shaji Chacko फेकल्टी मेम्बर्स की उपस्थिति में जिला कलेक्टर को चेक सौपा .
    यहाँ उल्लेख करना आवश्यक है कि एमजीएम सीनियर सेकेंडरी स्कूल समाज में हो रही प्राकृतिक आपदाओ के प्रति हमेशा संवेदनशील रहा है और समय समय पर स्थितियों की मांग के अनुसार उचित योगदान दिया है .

    धमतरी /नगरी /शौर्यपथ

    सिहावा विधान सभा विधायक डॉक्टर लक्ष्मी ध्रुव एवं उपाध्यक्ष मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के अनुशंसा से विधान सभा सिहावा में विभिन्न निर्माण कार्य स्वीकृत हुआ! जिसमें प्रधानमंत्री सडक योजना में सडक निर्माण - पी डब्ल्यू डी मेन रोड से सिंगपुर 12.40 किमी. , मेन रोड रानीगांव से मल्हारी सिरसिदा से सिहावा तक 6.94 किमी. , डोगरडूला मेन रोड से राजपुर परसापानी बटनहर्रा घोटगांव केजीबी तक 14.25 किमी. , सिहावा से चर्रा मेन रोड से गढडोगरी रोड तक 7.80 किमी स्वीकृत ! इसी तरह स्कूलो के समग्र विकास हेतु स्कुलो में पुस्तकालय भवन निर्माण शास. उ. मा. वि. भोथीडीह. गढ़डोंगरी. घठुला. सलोनी. दुगली. घुटकेल प्रत्येक कार्य 834115 लाख रु . , प्रयोगशाला भवन निर्माण शास. उ. मा. वि. बोरसी,मोहंदी,भोथीडीह, तुमडीबहार, गढडोगरी,घठुला, सलोनी,दुगली,घुटकेल प्रत्येक कार्य 683480 लाख रु. ! कला सांस्कृतिक भवन निर्माण शास. उ. मा. वि. घुटकेल, दुगली, सलोनी, घठुला, गढडोगरी. ,भोथीडीह प्रत्येक कार्य 634309 लाख रु. इसी तरह स्कूलो में अतिरिक्त कमरा निर्माण शास. उ. मा. वि. घठुला 2733920 लाख रु., गढ़डोंगरी 1366960 लाख रु., कसपुर 683480 लाख रु. , फरसिया 2733920 लाख रु. स्वीकृत किया ! इसी तरह नवीन ग्राम पंचायतो में पंचायत भवन निर्माण मोदे ,फरसगांव,गिधावा, सम्बलपुर प्रत्येक 14.42 लाख रुपए तथा धान संग्रहण चबुतरा निर्माण कार्य सांकरा,घठुला, सलोनी,फरसिया,उमरगांव, कसपुर,बेलरबाहरा, सेमरा प्रत्येक कार्य 5.69 लाख स्वीकृति मिलने से आम जनताओं में खुशी का लहर देखने को मिला .विधायक डॉक्टर लक्ष्मी ध्रुव के प्रति लोगों ने आभार व्यक्त किये ब्लाक कांग्रेस कमेटी नगरी अध्यक्ष राजेन्द्र सोनी. बेलरगांव कैलाशनाथ प्रजापति. कुकरेल करण चन्द्राकर. मगरलोड राजेश साहू. नगर अध्यक्ष नगरी कृष्णा कुमार कश्यप .विधायक प्रतिनिधि नगरी रुद्रप्रताप नाग. अख्तर खां बेलरगांव .कुकरेल श्याम सुन्दर सिन्हा. मगरलोड सुरेन्द्र धनंजय .मिडिया प्रभारी भरत निर्मलकर. आदित्य ठाकुर एवं समस्त कार्यकर्ता विधान सभा सिहावा द्वारा विधायक डॉक्टर लक्ष्मी ध्रुव के प्रति आभार व्यक्त किये!

    धमतरी /नगरी  /शौर्य पथ

    नगरी धमतरी मार्ग में  स्थित राजेश पेट्रोल पंप के पास हरदी भाटा मोड में पाइप से भरे हुए ट्रक पलटी

        दुर्ग / शौर्यपथ खास खबर / दुर्ग जिला मुख्यालय के मध्य स्थिति इंदिरा मार्किट शहर का मुख्य व्यावसायिक केंद्र है . इस बाज़ार की स्थापना सालो पहले से हुई है . इंदिरा मार्केट में निगम प्रशासन द्वारा सालो पहले दुकानों का निर्माण कर व्यापारियों को सशर्त लीज पर दिया गया और यही मंशा के साथ कि शहर का गौरव इंदिरा मार्केट सहसर की शान बने . किन्तु इंदिरा मार्केट की निगम अधीन इमारतो की हालत कई स्थानों से जर्जर हो गयी है , प्रेस काम्प्लेक्स की इमारत , मछली बाज़ार की ईमारत सहित सब्जी मार्केट की इमारतो की हालत भी खस्ता हाल है और कारण है कई व्यापारियों की मनमानी .
    बिना अनुमति किया गया बदलाव
        इंदिरा मार्केट में निगम द्वारा तय नियमो और मानको के आधार पर शापिंग काम्प्लेक्स का निर्माण हुआ और व्यापारियों को आबंटित हुआ किन्तु कुछ व्यापारियों की गलती या लालच की प्रवित्ति कह ले आज काम्प्लेक्स की इमारत जर्जर अवस्था में हो गयी . निगम प्रशासन द्वारा आबंटन के समय लीज धारक व्यापारियों को इस शर्त पर दुकाने आबंटित की गयी थी कि कोई भी व्यापारी दुकानों के मूल रूप में परिवर्तन करने से पहले निगम प्रशासन की अनुमति ले किन्तु दुकानदारों द्वारा ऐसा नहीं किया गया कई दुकानदारों द्वारा दुकानों के मूल स्वरुप में बदली की गयी अधिकतर बदलाव भूतल पर संचालित दुकानों में की गयी . भूतल में बदलाव और बिना अनुमति व बिना विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में हुए निर्माण के कारण दो माले भवन में उपरी माला कही कही से कमजोर हो गया .
    लालम यह है कि मचली बाज़ार से लगी हुई इमारत तो इतनी जर्जर हो गयी कि ऊपर जाने की सीढी भी नेस्तनाबूद हो गयी . प्रेस काम्प्लेक्स भवन के छज्जा गिरने की घटना कई बार हो चुकी है . निगम पिछले कई सालो से भवन के संधारण के नाम पर लाखो खर्च कर चुका है किन्तु किसी भी निगम इंजिनियर ने शायद ये रिपोर्ट नहीं दी होगी कि संधारण से इमारत की स्थिति में कोई सार्थक सुधार होगा और इस तरह निगम के लाखो रूपये बर्बाद होने के बाद स्थिति जस की तस है .
    बाज़ार विभाग की गलती का खामियाजा भुगत रही है जनता
        निगम प्रशासन में बाज़ार की व्यवस्थाओ पर और अव्यवस्था पर निगाह रखने के लिए निगम प्रशासन में बाज़ार विभाग नाम की एक शाखा है . इस विभाग की जिम्मेदारी है कि बाज़ार में निगम की संपत्ति पर कोई गैर क़ानूनी कार्य ना करे , निर्धारित जगह से ज्यादा स्थान पर अतिक्रमण ना करे , दुकानों के मूल स्वरुप में बिना अनूमति बदलाव ना करे , बाज़ार शासन के नियमो के अनुसार चले और इसके लिए विभाग के कर्मचारियों को शासन द्वारा लाखो रूपये मानदेय के रूप में दिया जाता है किन्तु शायद निगम का बाज़ार विभाग अपने कार्यो के निर्वहन करने में असफल रहा और निगम प्रशासन को लगातार दिग्भ्रमित करता रहा . ऐसा नहीं कि कि बाज़ार विभाग के कर्मचारी 2-4 साल में स्थानांतरित होते हो और नए कर्मचारी आते हो जिसके कारण व्यापारियों द्वारा इसका लाभ लेकर अवैध तरीके से निर्माण कर लिया जाता हो और मूल रूप में परिवर्तन किया जाता हो . प्राप्त जानकारी के अनुसार बाज़ार मुहर्रिर , कर्मचारी व बाबू ऐसे लोग नियुक्त है जिनकी सालो से नियुक्ति हुई है और सालो से ही बाज़ार विभाग का कार्य कर रहे है शायद ही बाज़ार का कोई व्यापारी हो जो इन अधिकारियों कर्मचारियों को जानता नहीं हो . फिर भी बाज़ार के कई संस्थानों द्वारा बिना अनुमति निर्माण के बाद भी बाज़ार विभाग का मौन रहना किसी तरह की कोई दंडात्मक कार्यवाही का ना होना दर्शाता है कि निगम का बाज़ार विभाग किस तरह की कार्यप्रणाली के तहत कार्य कर रहा है .
    लाइसेंस विभाग की मिलीभगत का अंदेशा?
        व्यापार के लिए प्रत्येक व्यापारिक संसथान को निगम से अनुज्ञप्ति प्रमाण पत्र की आवश्यकता होती है अनुज्ञा प्रमाणपत्र के नवीनीकरण के समय लैसेंक विभाग दूकान की स्थित का आंकलन करने के बाद ही व्यापार संचालित करने के प्रमाण पत्र ज़ारी करता है किन्तु शायद ही ऐसा कोई मामला सामने आया हो जिसकी अनुज्ञा प्रमाण्पत्र निरस्त हुई हो निगम अधीन दुकानों के मूल रूप परिवर्तन के कारण . साफ प्रतीत होता है कि लाइसेंस विभाग सिर्फ दस्तावेजो के आधार पर ही नवीनीकरण करता रहा अगर स्थल निरिक्षण किया जाता तो वर्तमान की स्थिति निर्मित ही नहीं होती .
    बड़े बड़े व्यापारियों द्वारा किया गया अतिक्रमण पर निगम प्रशासन रहता है मौन
    इंदिरा मार्केट में निगम द्वारा बनाए गए व्यावसायिक परिसर की एक श्रंखला है जो सब्जी मार्केट के चारो तरफ है वही प्रेस काम्प्लेक्स ए ,बी , सी की श्रृंखला है इन काम्प्लेक्स में भी कई दुकानों द्वारा मूल स्वरुप बदला गया मूल स्वरुप बदलने के लिए किसने अनुमति ली किसने नहीं इसकी जानकारी भी बाज़ार विभाग से प्राप्त नहीं हो सकी . कुछ दिनों पहले ही प्रेस काम्प्लेक्स से छज्जा का कुछ हिस्सा टूट कर गिरने की घटना हुई थी जिसके बाद इसे संध्रण के लिए दुर्ग विधायक द्वारा निर्देशित किया गया था .

    महापौर और विधायक को कार्यवाही के समय रहना चाहिए सामने ?
    निगम प्रशासन की सत्ता 20 सालो से भाजपा के अधीन थी इन 20 सालो में बाज़ार की व्यवस्था पूरी तरह बिगड़ गयी अब जबकी 20 साल बाद दुर्ग निगम में कांग्रेस की सत्ता है , विधान सभा क्षेत्र में जहाँ कांग्रेस के विधायक है और प्रदेश में कांग्रेस की सरकार है ऐसे में दुर्ग के दो जनप्रतिनिधि जिनकी छवि भ्रष्टाचार से मुक्त है ऐसे दोनों जनप्रतिनिधि महापौर बाकलीवाल और विधायक अरुण वोरा ही बाज़ार के व्यापारियों निगम के कार्यो में सहयोग के लिए अपील कर सकते है समझाईश दे सकते है ताकि दुर्ग इंदिरा मार्केट के व्यापारी और जनता को किसी प्रकार की क्षति ना हो . बाज़ार के जर्जर भवन का पूर्ण संधारण ही एवं नियमो सहित सञ्चालन ही एक मात्र रास्ता है सुव्यवस्थित और सुरक्षित बाज़ार का ...

    अतिक्रमण व मूल स्वरुप बदलने वालो पर क्या निगम प्रशासन करेगी कार्यवाही या फिर किसी बड़े हादसे का है इंतज़ार
    निगम प्रशासन द्वारा बनाया गया व्यावसायिक परिसर शासन के मापदंडो को पूर्ण करके बनाया गया था . किन्तु कई व्यापारियों द्वारा बरामदे सही सड़क तक सामन फैला कर व्यापार किया जा रहा कई व्यापारी तो सड़क पर भी व्यापार कर रहे है किन्तु बाज़ार विभाग का मौन विभाग की कार्यप्रणाली से कई तरह के भ्रष्टाचार का संदेह पैदा करता है . अब निगम प्रशासन के मुखिया की जिम्मेदारी बनती है कि इंदिरा मार्केट के ऐसे व्यापारी जो बरामदे व सड़क तक सामान फैला कर व्यापार कर रहे है उस पर कड़ी कार्यवाही करे , जो व्यापारी दुकानों के मूल स्वरुप में परिवर्तना कर दिए है बिना अनुमति के उन पर कार्यवाही करे और आम जनता को अपने इस कार्य से सन्देश दे कि निगम प्रशासन व्यापारियों के दबाव में नहीं शासन के नियमो के तहत कार्य करता है .

    0 क्वारेंटाईन सेंटर में समुचित व्यवस्था बनाए रखें : वर्मा
    0 प्रवासी श्रमिकों का मनरेगा जॉब कार्ड बनाने के दिए निर्देश
    0 बारिश की आपदा से बचाव के लिए एक्शन प्लान तैयार रखें

        राजनांदगांव / शौर्यपथ / कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा ने वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से सभी एसडीएम, सीएमओ, सीईओ जनपद और राजस्व अधिकारियों से क्वारेंटाईन सेंटर की व्यवस्था, प्रवासी श्रमिकों के रोजगार तथा विभिन्न योजनाओं के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि क्वारेंटाईन सेंटर में श्रमिकों के लिए शुद्ध भोजन, पेयजल, बिजली और साफ-सफाई की पूरी व्यवस्था होनी चाहिए। क्वारेंटाईन सेंटर में स्वास्थ्य विभाग की टीम प्रोटोकॉल का पालन करते हुए सभी श्रमिकों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण करें। सर्दी, खांसी, बुखार वाले श्रमिकों का सेंपल लेकर जांच कराएं। वहां ड्यूटी करने वाले कर्मचारी श्रमिकों को सोशल डिस्टेसिंग का पालन करने के लिए प्रेरित करें। मास्क लगाना और समय-समय पर साबुन से हाथ धोने की जानकारी भी दें। नोडल अधिकारी नियमित रूप से क्वारेंटाईन सेंटर का निरीक्षण करें।
    कलेक्टर वर्मा ने कहा कि सीमा पर आने वाले श्रमिकों के लिए बस की सुविधा के साथ पेयजल और भोजन की पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए। श्रमिकों के आवास और शौचालय की व्यवस्था होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों से आने वाले बहुत से श्रमिकों की क्वारेंटाईन अवधि पूरी हो गई है। इस स्थिति में मजदूरों को प्राथमिकता से रोजगार उपलब्ध कराने के लिए कार्य करें। जिन मजदूरों का जॉब कार्ड नहीं बना है उनका जॉब कार्ड बनाकर मनरेगा में काम दिलाए। कलेक्टर वर्मा ने निर्देश देते हुए कहा कि अन्य राज्यों से आने वाले श्रमिकों और क्वारेंटाईन सेंटर में रूके श्रमिकों का डेटा तैयार कर विस्तृत जानकारी रखें। ग्राम पंचायतों में मनरेगा में पर्याप्त मात्रा में कार्य स्वीकृत हों। इसमें काम करने वाले श्रमिकों को समय पर राशि का भुगतान करें। इसमें किसी भी प्रकार की शिकायत नहीं होनी चाहिए।
    कलेक्टर वर्मा ने कहा कि नगरीय निकाय क्षेत्रों में स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें। बाजार में सोशल डिस्टेसिंग का पालन, मास्क लगाना अनिवार्य रूप से लागू करें। फिल्ड में काम करने वाले कर्मचारी, बाजारों का नियमित भ्रमण कर व्यवस्था बनाएं। शहरी क्षेत्र में आने वाले प्रवासी श्रमिक होम आईसोलेशन का कड़ाई से पालन करें। कलेक्टर श्री वर्मा ने कहा कि कोरोना के साथ ही सामान्य बीमारियों के इलाज का भी ध्यान रखें। एएनसी चेकअप, टीकाकरण, 102 महतारी एक्सप्रेस और 108 संजीवनी एक्सप्रेस की गाडिय़ों का संचालन समय पर लगातार होना चाहिए। बैंकों में भीड़ कम करने के लिए बैंक सखी के माध्यम से राशि का अंतरण करने प्रेरित करें।
    कलेक्टर वर्मा ने कहा कि मानसून के मद्देनजर नाली और बड़े नालों की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दें। ताकि बरसात का पानी जमा न हो सके। बरसात के समय आपदा से बचाव के लिए एक्शन प्लान बनाकर तैयार रखें। खरीफ मौसम के लिए बीज का उठाव, खाद भण्डारण की व्यवस्था पहले से ही तैयार कर लिया जाए। श्री वर्मा ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए कि रेत खदानों का निरीक्षण करें। खनन होने वाले क्षेत्रों का मार्किंग भी करें। अवैध रेत खनन करने वाले पर सख्त कार्रवाई करें। उन्होंने राशन का वितरण, वन अधिकार पट्टा, नजूल भूमि का फ्रीहोल्ड, डायर्वसन, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना जैसे योजनाओं को समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर अपर कलेक्टर हरिकृष्ण शर्मा, सहायक कलेक्टर ललितादित्य नीलम, जिला पंचायत की सीईओ श्रीमती तनुजा सलाम, एसडीएम राजनांदगांव मुकेश रावटे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

    दुर्ग / शौर्यपथ / जिले के कलेक्टर डाक्टर सर्वेश्वर नरेंद्र भूरे ने शनिवार सभी जिलास्तरीय अधिकारियों की ओरिएंटेशन मीटिंग ली। हर अधिकारी को आधे घंटे का स्पेल दिया गया था। पूर्व में सभी से विभागीय गतिविधियों एवं प्रस्तावित नवाचारों के संबंध में फोल्डर मंगवा लिए गए थे। आज इन पर चर्चा हुई। बैठक में कलेक्टर ने पूछा कि विभागीय लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए किस तरह की योजना बनाई है। क्या इसमें किसी तरह की बाधा आ रही है। यदि शासन के स्तर पर किसी तरह का प्रस्ताव भेजना है तो उसे बताएं। जिन विभागों की महत्वाकांक्षी योजनाएं चल रही हैं। उनके क्रियान्वयन के संबंध में वस्तुस्थिति की कलेक्टर ने जानकारी ली।
    उन्होंने सभी से ओरिएंटेशन बैठक में कहा कि विभागीय लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए मासिक टारगेट रखें, इससे वार्षिक लक्ष्य प्राप्त करने में आसानी जाएगी। सभी ब्लाक लेवल के आफिसर्स की समीक्षा नियमित रूप से करें। जहां अच्छा कार्य हो रहा हो, उनके द्वारा अपनाई जा रही तकनीक को अन्य ब्लाक में भी फालो किया जाए। नियमित मानिटरिंग बहुत जरूरी है और साथ में यह भी कि निचले अमले द्वारा किसी तरह का फीडबैक आ रहा है तो उस पर तुरंत कार्रवाई की जाए।
    स्थिति जानी और दिये सुझाव- बैठक में शिक्षा, कृषि, ग्रामीण विकास एवं निर्माण एजेंसियों सहित सभी से जिले में चल रही वर्तमान गतिविधि की जानकारी ली। उदाहरण के लिए शिक्षा विभाग से मीटिंग की शुरूआत हुई और कलेक्टर ने शासन द्वारा चलाए जाने वाले अंग्रेजी माध्यम स्कूलों के संबंध में जानकारी ली। लाकडाउन के दौरान आनलाइन शिक्षा के बारे में भी जानकारी ली। कृषि में उन्होंने खाद-बीज की स्थिति के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि लगातार किसानों से मिलकर उनसे फीडबैक लें। उन्होंने कहा कि जमीनी स्थिति से जितने ज्यादा वाकिफ होंगे, उतना ही बेहतर परिणाम हमें मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि ब्लाक लेवल के अधिकारियों को भी लगातार इस बारे में मोटिवेट करें।
    इस तरह रखा गया था शेड्यूल- कलेक्टर ने साढ़े दस बजे से ओरिएंटेशन मीटिंग रखी। यह सात बजे तक निर्धारित रखी गई। बीच में एक घंटे का समय कलेक्टर ने शंकराचार्य हास्पिटल के दौरे के लिए रखा। उन्होंने सबसे पहले साढ़ेे दस बजे एजुकेशन डिपार्टमेंट को समय दिया। फिर 11 बजे ट्राइबल, फिर साढ़े ग्यारह बजे तक फूड, फिर 12 बजे कृषि एवं बीज निगम, साढ़ेबारह बजे से हार्टिकल्चर, एक बजे से वेटरनरी, फिशरीज और सेरीकल्चर, डेढ़ बजे से सोशल वेलफेयर, 2 बजे से एक्साइज, सवा दो बजे माइनिंग का ओरिएंटेशन मीटिंग रखा गया। इसके बाद चार बजे से जिला पंचायत, पांच बजे से पीडब्ल्यूडी, साढ़े पांच बजे से डब्ल्यूआरडी, छह बजे से पीएचई और साढ़े छह बजे से पीएमजीएसवाय एवं एमएमजीएसवाय का ओरिएंटेशन रखा गया।

    दुर्ग / शौर्यपथ / जिले का आबकारी विभाग अब अपने कुंभकरणी नींद से जागा है, इसका जीता जागता उदाहरण आज देखने को मिला कि आबकारी विभाग ने दो स्थानों पर छापामारकर 49.14 लीटर शराब जब्त किया। वह भी आबकारी विभाग तब जागा जब लगातार यह समाचार का समाचार पत्र से लेकर सोशल मीउिया में जमकर वायरल होने लगा कि आबकारी विभाग कुंभकरणीय नींद में सोया हुआ है, इसलिए जिले में प्रतिदिन जगह जगह धड़ल्लसे अवेैध शराब की बिक्री हो रही है, और आबकारी विभाग का कार्य पुलिस कर रही है और लगातार छापामारकर एवं चेकिंग कर बड़ी मात्रा में अवैध शराब बिक्री करने वालों को पकड़़ रही है, इसलिए शासन प्रशासन को आबकारी विभाग का बंद कर देना चाहिए या उनको पुलिस विभाग में मर्ज कर देना चाहिए। इसके बाद अब आकारी विभाग खानापूर्ति के लिए काम करना शुरू कर दिया है।
    मिली जानकारी के मुताबिक आबकारी उप निरीक्षक शस्वाति चौरसिया, दीपक कुमार ठाकुर,नीलम स्वर्णकार, मनराखन नेताम, आबकारी मुख्य आरक्षक दयालाल साहू, लोकनाथ साहू,आबकारी आरक्षक देवीलाल तिवारी, सरजूराम रजवा?े, रमेश तिवारी,गणेश शंकर उपाध्याय, प्रहलाद सिंह राजपूत सहित वाहन चालक दुर्गेश कुर्रे एवं वासू साहू ने छापा मारकर आरोपी रमेश बघेल आ. कृष्णा राम बघेल, उम्र-31 वर्ष, साकिन-निकुम वार्ड 05, थाना-अण्डा, जिला दुर्ग के रिहायशी मकान से 106 नग गोवा स्पेशल व्हिस्की विदेशी मदिरा एवं 54 नग देशी मदिरा प्लेन कुल मात्रा 28.80 ब.ली. मदिरा तथा आरोपी थानू सिन्हा, निवासी- ग्राम केसरा, थाना रानीतराई, जिला-दुर्ग के रिहायशी मकान से 113 नग सुपर 555 विदेशी मदिरा कुल मात्रा 20.34 ब.ली. जप्त किया गया है। इस प्रकार छ.ग. आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 34(2), 59 (क) के तहत 02 प्रकरण कायम कर कुल 49.14 बल्क लीटर मदिरा जप्त कर उक्त दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

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