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जांजगीर-चांपा / शौर्यपथ / राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत पशुपालकों विभिन्न योजनाओं के तहत आर्थिक रूप से समृद्ध किया जा रहा है। योजनाओं के तहत दुध उत्पादन, बकरी पालन, मुर्गी पालन, मछली पालन करने वाले किसानों को अनुदान उपलब्ध करवाया जाता है।
पशुधन विकास विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार जांजगीर-चांपा जिले के विकासखण्ड बम्हनीडीह के ग्राम करनौद निवासी श्री रामचरण पटेल बकरी पालन व्यवसाय से प्रतिवर्ष 70 हजार रूपये की आमदनी प्राप्त हुआ है। पशुधन विकास विभाग द्वारा राष्ट्रीय कृषि विकास योजना अंतर्गत श्री रामचरण पटेल को जमुनापारी नर बकरा निःशुल्क दिया गया था। उस वक्त उनके पास कुल 20 देशी बकरियां थी। जमुनापरी नस्ल का बकरा मिलने से नस्ल सुधार हुआ। इससे उन्नत नस्ल के कुल 79 बकरियां हो गयी। जिसमे से प्रजनन योग्य - 3 नर बकरे, 40 मादा बकरी है। जिसमे से - 22 बच्चे दे चुकी है तथा 38 मेमने थे। इस व्यवसाय से श्री रामचरण को एक वर्ष में लगभग 70 हजार रूपये की आमदनी हुई। पशुधन विकास विभाग के द्वारा रामचरण का मार्गदर्शन, नियमित टीकाकरण और कार्य कृमिनाशक दवापान कराया जाता है। श्री रामचरण से प्रेरित होकर ग्राम करनौद में 15 पशुपालकों द्वारा बकरी पालन का कार्य किया जा रहा है। पशुधन विकास विभाग की इस योजना से पशुपालको को प्रोत्साहन मिला है।
जांजगीर-चांपा / शौर्यपथ / नोवेल कोरोना वायरस के नए वेरिएन्ट के संक्रमण पर नियंत्रण के लिए छत्तीसगढ़ सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग ने अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों के माध्यम से यू.के. (यूनाइटेड किंगडम) से छत्तीसगढ़ आने वाले यात्रियों के लिए दिशा-निर्देश जारी किया है। आदेश में कहा गया है कि यूनाईटेड किंगडम से भारत पहुंचने वाले एवं छत्तीसगढ़ आने वाले यात्रियों के एयरपोर्ट अथवा अन्य मार्ग से राज्य में आने पर देश के एयरपोर्ट पर कराए गए आर.टी.पी.सी.आर. टेस्ट रिपोर्ट की जांच की जाए। इसके साथ ही रिपोर्ट पॉजीटिव होने पर एसओपी अनुसार संस्थागत क्वारेंटाइन, कोविड केयर सेन्टर या अस्पताल में रखा जाए। जारी निर्देश में फ्लाईट में पॉजीटिव यात्री के कान्टेक्ट हेतु निर्धारित एसओपी अनुसार कार्रवाई करने कहा गया है। रिपोर्ट निगेटिव होने पर यात्रियों को भारत सरकार द्वारा निर्धारित एसओपी अनुसार स्वयं को 14 दिवस होम आईसोलेशन में रहने की सलाह देने को कहा गया है। इसके साथ ही प्रतिदिन पालन और फॉलोअप के लिए आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए है।
जांजगीर-चांपा / शौर्यपथ / राज्य सरकार के निर्देशानुसार खरीफ विपणन वर्ष 2020 -21में समर्थन मूल्य में धान उपार्जन हेतु पीडीएस बढ़ाने का उपयोग किया जा रहा है। धान उपार्जन हेतु पीडीएस बारदाना उपलब्ध कराने संबंधित क्षेत्र के उचित मूल्य दुकान संचालकों को निर्देशित किया गया है। निर्धारित संख्या से कम बारदाना उपलब्ध कराने पर आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत नवागढ़ और बलोदा विकासखंड के विभिन्न शासकीय उचित मूल्य दुकानों का आवंटन लोकहित में निलंबित कर दिया गया है।
डिप्टी कलेक्टर श्रीमती मेनका प्रधान ने प्रेस नोट जारी कर बताया कि संबंधित क्षेत्र के लोग उचित मूल्य दुकान संचालकों को चालू खरीफ विपणन वर्ष में धान उपार्जन हेतु बारदाना उपलब्ध कराने के लिए निर्देशित किया गया था। निर्धारित मात्रा से कम बारदाना उपलब्ध करवाने पर उचित मूल्य दुकानों का संचालन लोकहित में निलंबित किया गया है। इनमें नवागढ़ विकासखंड के ग्राम कामता, भैंसदा, बेल्हा, घुठिया, बलौदा विकासखण्ड के ग्राम पंतोरा व नवापारा ख के शासकीय उचित मूल्य को निलंबित कर दिया गया है।
औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहित करने तथा प्रक्रियाओं को सरल एवं प्रभावी बनाने पर चर्चा , नवीन औद्योगिक नीति के संदर्भ में उद्योगों को प्रदान किए जाने वाले अनुदान सुविधाओं की दी गई जानकारी
राजनांदगांव / शौर्यपथ / औद्योगिक विकास को प्रोत्साहित करने के लिए लीज होल्ड भूमि से फ्री होल्ड भूमि करने के लिए आज निजी होटल में औद्योगिक सेमीनार का आयोजन किया गया। कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा ने सेमीनार को संबोधित करते हुए कहा कि कोविड-19 संक्रमण के समय में लगातार उत्पादन कर उद्योगों ने राज्य की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाए रखा और यहां देशव्यापी आर्थिक मंदी का असर नहीं पड़ा। उन्होंने कहा कि जिला व्यापार उद्योग केन्द्र द्वारा निरंतर उद्यमियों को सहयोग प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने उद्योगपतियों से यहां के स्थानीय निवासियों को रोजगार देने पर जोर दिया। उन्होंने बड़ी संख्या में उद्योगपतियों के इस सेमीनार में शामिल होने पर प्रसन्नता जाहिर की।
उद्योग संचालनालय रायपुर से आए संयुक्त संचालक उद्योग संजय सिन्हा ने नवीन औद्योगिक नीति के अंतर्गत विस्तृत जानकारी दी। स्थायी पूंजी निवेश, अनुदान, ब्याज अनुदान, वनांचल पैकेज के बारे में उन्होंने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि औद्योगिक क्षेत्र में लीज होल्ड भूमि को फ्री होल्ड भूमि में परिवर्तित किया गया है। जिसमें शासन के नियमानुसार उद्योग विभाग की भूमि जो उद्योगपतियों को लीज पर 99 वर्ष के लिए दी जाती थी। अब नियम में परिवर्तन के बाद उद्योगपति को संपत्ति का मालिकाना हक मिल जाएगा। उद्योगपतियों ने सेमीनार के दौरान अपनी जिज्ञासाओं का समाधान किया।
जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र के महाप्रबंधक एसके सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ औद्योगिक भूमि एवं भवन प्रबंधन नियम 2015 के अंतर्गत पट्टे पर औद्योगिक क्षेत्रों, पार्कों अथवा अन्य नामों से स्थापित एवं संस्थानों के नियंत्रण में संचालित औद्योगिक क्षेत्रों में जो कि शासन की अधिसूचना 31 अक्टूबर 2019 के द्वारा निर्धारित प्रावधानों के अनुसार विभाग द्वारा पट्टा अभिलेख द्वारा किए गए भूमि आबंटन रकबा 4 हेक्टेयर या 10 एकड़ तक की एकचक भूमि के प्रकरणों पर प्रभावशील होंगे। इकाईयों को आबंटित 4 हेक्टेयर या 10 एकड़ तक की एकचक भूमि या इससे कम पट्टा अभिलेख पर आबंटित भूमि इस प्रावधान के अंतर्गत फ्री होल्ड की जाएगी। इकाईयों को पट्टा अभिलेख में उल्लेखीत मूल प्रयोजन हेतु इकाईयों द्वारा प्रथम उत्पादन दिनांक से 10 वर्षों अथवा उससे अधिक अवधि से उद्योग उत्पादन प्रारंभ किया हो, उन इकाईयों को फ्री होल्ड पर भूमि प्राप्त करने की प्राथमिकता होगी। इकाई को फ्री होल्ड किए जाने की सहमति संबंधित भू-खंड पर लिए गए ऋण अग्रिम आदि के भार से मुक्त हो सकने की स्पष्ट स्थिति पर दी जाएगी। यदि किए इकाई द्वारा आबंटित भूमि अतिरिक्त अन्य भूमि पर अतिक्रमण, अवैध आधिपत्य पाया जाता है, तो ऐसी इकाईयों को फ्री होल्ड की पात्रता नहीं होगी। उन्होंने लीज होल्ड से फ्री होल्ड की प्रक्रिया की जानकारी दी।
सेमीनार में औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहित करने तथा प्रक्रियाओं को सरल एवं प्रभावी बनाने की दिशा में चर्चा की गई, ताकि उद्योगपतियों को होने वाली कठिनाईयां कम हो सके। नवीन औद्योगिक नीति के संदर्भ में उद्योगों को प्रदान किए जाने वाले अनुदान सुविधाओं, छत्तीसगढ़ औद्योगिक भूमि आबंटन नियम के सरलीकरण एवं औद्योगिक क्षेत्र में लीज होल्ड भूमि को फ्री होल्ड भूमि में परिवर्तित करने पर चर्चा की गई। इस अवसर पर राजनांदगांव इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष संतोष जैन, लघु उद्योग भारती के अध्यक्ष आकाश गुप्ता, टेड़ेसरा औद्योगिक संघ के अध्यक्ष अजय गुप्ता, राईस मिल एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज अग्रवाल एवं औद्योगिक संघो के प्रमुख एवं जिले के उद्योगपति उपस्थित थे। कार्यक्रम के अंत में सहायक संचालक उद्योग गोपाल राव ने आभार प्रदर्शन किया।
नवागढ़ / शौर्यपथ / मिश्रा पारा नवागढ़ वार्ड 7 में मिश्रा परिवार द्वारा कराई जा रही श्री रामकथा का मंगलवार को पंचम व अंतिम दिवस रहा। कथावाचक पंडित कालेश्वर प्रसाद तिवारी ने अत्यंत ही रोचक तरीके से इस संगीतबद्ध कथा को प्रस्तुत किया। पं. तिवारी ने श्रीराम कथा के माध्यम से भगवान श्रीराम के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए बहुत ही रोचक ढंग से ज्ञान बांटने का काम किया।
कथाव्यास ने इस कथा को उसके मर्म के साथ प्रस्तुत किया। अंतिम दिवस में सुंदरकाण्ड का वर्णन करते हुए उन्होंने लंका दर्शन आदि घटनाओं का विस्तृत वर्णन किया। इसके साथ ही उन्होंने भगवान श्री राम द्वारा रावण वध एवं प्रभु श्रीराम के अयोध्या के राजसिंहासन पर आरूढ़ होने का सुंदर वर्णन किया। कथा के रहस्य को व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि सुंदरकांड मानस का सुंदर भाग है। आज समाज में सुंदरकांड के पाठ का प्रचलन है,किसी ग्रंथ के किसी विशेष भाग के पठन को परंपरा बनाने का अर्थ है कि हम उस भाग को बार-बार पढ़ें और अपने आचरण में उतार लें। मात्र पढऩे से कल्याण नहीं हो सकता। जैसे एक रोगी डॉक्टर से दवा लेकर आए, डॉक्टर दवा का पर्चा लिखकर दे दे, रोगी उस पर्चे को घर लेकर आए और उसे आदर से बार-बार पढ़े,तो उसका कल्याण नहीं हो सकता,स्वास्थ्य के लिए पर्चे पर लिखी दवा का सेवन करना आवश्यक है।
इसी तरह ग्रंथों का पूर्ण लाभ लेने के लिए उन्हें जीवन में उतारना आवश्यक है। कथा में वर्णित राम राज्य के संदर्भ को स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि रामराज्य एक आदर्श राज्य है। रामराज्य में कहीं चोरी, भ्रष्टाचार, झूठ एवं घृणा नहीं है, अपितु चारों तरफ प्रेम भाईचारा, सौहार्दय और सद्भावना दृष्टिगोचर होती है। आज भी इन्हीं सब गुणों की आवश्यकता है। यह रामराज्य जीवन में आ जाये,इसके लिए आवश्यक है। राम को जान लेना, पूर्ण गुरू की कृपा से ही जीव अपने अंत: करण में श्रीराम का दर्शन करता है। तभी श्री राम के गुण जीवन में आते हैं और सभी रामराज्य की स्थापना जीवन में हो सकती है।
कथा श्रवण करने नगर प्रधान विकास धर दीवान, सीईओ एनएल साहू, प्रवीर दत्त दुबे, राजेंद्र मिश्रा, किसुन प्रसाद मिश्रा, महेश मिश्रा, हरदेव मिश्रा, मनभर मिश्रा, रामावतार मिश्रा, दारा मिश्रा, संतोष मिश्रा, दिनेश मिश्रा, सन्तु मिश्रा, बीरबल मिश्रा, भरत मिश्रा, विनोद मिश्रा, कृष्ण कुमार मिश्रा, बबला मिश्रा, शिवकुमार दुबे, मुकेश, सोनू, मोना, शुभम, ओमप्रकाश, राहुल,गोलू, पिंटू, कुंदन,सोन्टू , मोंटू, उत्तम, ओम, वासु, हर्ष, तुलसीराम चौहान, कलीराम यादव, खेलन यादव, दुर्गेश यादव, राकेश पाल, गोलू साहू सहित श्रद्धालु उपस्थित रहे।
धमतरी / शौर्यपथ / गोधन न्याय योजना की जिला स्तरीय समीक्षा बैठक आज नगरपालिक निगम धमतरी के सामुदायिक भवन में सुबह 11 बजे से आहूत की गई। कलेक्टर जय प्रकाश मौर्य ने बैठक में मौजूद कृषि एवं संबंधित विभाग तथा पंचायत विभाग के अधिकारियों को कहा कि गोधन न्याय योजना शासन की महत्ती योजना है, अतः इसका सुचारू संचालन जिले में किया जाना चाहिए। उन्होंने गौठानों में गुणवत्तापूर्ण वर्मी खाद तैयार करने पर जोर दिया, जिससे उसकी बिक्री संभव हो। कलेक्टर ने इस अवसर पर कहा कि हालांकि अभी तक वर्मी खाद की गुणवत्ता संतोषजनक पाई गई है। उन्होंने आगे निर्देशित किया कि हर गौठान के लिए नियुक्त नोडल अधिकारी हर सप्ताह सम्बन्धित गौठान का दौरा कर रिपोर्टिंग करना सुनिश्चित करेंगे। बैठक में कलेक्टर ने निर्देशित किया कि कृषि विभाग का अमला रबी और खरीफ मौसम में गांव में वर्मी तथा कच्चे गोबर की मांग, उसकी कीमत क्या होनी चाहिए? इसका घर-घर जाकर सर्वे कर पंद्रह दिनों में रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
गौठान को मल्टी एक्टिविटी केन्द्र के रूप में विकसित करने की योजना है, जिससे विभिन्न आजीविका गतिविधियां वहां संचालित करके वर्मी खाद बनाने में लगे समूह की महिलाओं की आय के स्रोत बढ़ाए जा सकें। इसमें उद्यानिकी फसल, सब्जी उत्पादन के लिए किट, मुर्गी, बकरी पालन शेड, दोना-पत्तल की इकाई, पेपर बैग बनाने की इकाई, बुक बाईंडिंग, बांस शिल्प, टेरा कोटा, सिलाई सम्बन्धी इत्यादि कार्यों को लिया जा सकता है। जिससे कि विलेज इंडस्ट्रियल पार्क बनाया जा सके। इसके लिए 20 गौठान का चयन करने पर कलेक्टर ने जोर दिया। इसमें विभागीय अभिसरण से मल्टी एक्टिविटी के कार्य किए जाने की योजना है। इसके लिए हर गौठान की पूरी कार्ययोजना होनी चाहिए। मल्टी एक्टिविटी के लिए जिन गतिविधियों को शामिल किया जा सकता है, इस संबंध में बैठक में उपस्थित वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी, पंचायत सचिव से इस सम्बन्ध में सलाह भी ली गई।
बैठक में समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में 323 पंचायत में 349 गौठान मनरेगा से स्वीकृत किए गए हैं। गौठानों में दो हजार 190 वर्मी टैंक स्वीकृत किया गया है। अब तक एक हजार 678 टैंक बन गए, 294 प्रगतिरत हैं। इसी तरह स्वीकृत एक हजार पांच नाडेप टैंक में से 692 पूर्ण तथा 138 प्रगतिरत हैं। बताया गया कि गोधन न्याय योजना की शुरुवात से अब तक 160 गौठानों में छः हजार 321 हितग्राहियों से 281 लाख रुपए की 14 हजार क्विंटल गोबर खरीदी की गई है। बैठक में उपस्थित जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती नम्रता गांधी ने कहा कि नवंबर माह तक गोबर खरीदी का भुगतान समितियों को कर दिया गया है, अगर किसी कारणवश किसी समिति में हितग्राहियों को भुगतान नहीं हुआ है तो, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत, सचिव से हर 15 दिनों में इसकी जानकारी लेकर भुगतान सुनिश्चित करें। बैठक में बताया गया कि इन गौठानों में अब तक आठ हजार 611 क्विंटल वर्मी खाद तैयार किया गया है। इसमें से 400 क्विंटल वर्मी खाद बेचा गया है, जिसमें 150 क्विंटल अकेले उद्यानिकी विभाग ने खरीदा है। खरीफ सीजन के हिसाब से जिले में हर गौठान में 225 टन पैरा की आवश्यकता होगी। इसके हिसाब से गौठानों में प्राथमिक तौर पर 40 टन पैरा संग्रहण किया जाना है। इसके मद्देनजर सभी गौठानों में पैरा दान को 40 टन करना है। बताया गया कि 15 नवंबर से अब तक 189 गौठानों में कुल एक हजार 526 टन पैरा दान हितग्राहियों द्वारा किया गया है।
बैठक में निर्देशित किया गया कि हर ब्लॉक में ऐसे तीन-तीन गौठान चयनित करना है जहां केंचुआ की गुणवत्ता अच्छी है, ताकि वहां केचुआ उत्पादन किया जा सके। इसके लिए सोमवार तक की समय सीमा कृषि विभाग के अमले को दी गई है। इसके जरिए गौठानों में आजीविका के स्रोत बढ़ाने की योजना है। बैठक के अंत में सभी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत से ब्लॉकवार स्वीकृत, निर्मित गौठान, वर्मी टैंक निर्माण की प्रगति की जानकारी ली गई। इस अवसर पर कृषि, पशु चिकित्सा सेवा, पशुपालन, आयुक्त नगरपालिक निगम धमतरी सहित सभी मुख्य नगरपालिका अधिकारी और पंचायत सचिव मौजूद रहे ।
जांजगीर-चांपा / शौर्यपथ / नाबार्ड द्वारा कृषि अवसंरचना निधि योजना एवं नवीन कृषि विपणन अवसंरचना योजना पर कार्यशाला का आयोजन विगत दिनों रायपुर में किया गया। इस दोनों योजनाओं पर किसान लाभार्थियों को उपलब्ध ब्याज सहायता एवं सब्सिडी की जानकारी साझा की गई। कार्यशाला में राज्य शासन के कृषि, पशुपालन, उद्यानिकी, विभाग एवं विभिन्न बैंकों के अधिकारियों ने भाग लिया।
कार्यशाला में किसानों को ऋण उपलब्ध कराने हेतु बैंकों को प्रोत्साहित किया गया। भारत सरकार की कृषि अवसंरचना निधि के अंतर्गत 3 प्रतिशत प्रतिवर्ष की ब्याज सहायता उपलब्ध है। साथ ही भारत सरकार ने इस निधि के अंतर्गत ऋण की दर अधिकतम 9 प्रतिशत प्रति वर्ष तक निर्धारित की है। योजना के अंतर्गत लाभार्थी द्वारा ऋण प्रकरण को भारत सरकार के पोर्टल पर अपलोड करना होता है। नवीन कृषि विपणन अवसंरचना योजना के अंतर्गत पात्र गतिविधियों जैसे वेयरहाउस, गोदाम, कोल्ड स्टोरेज, धर्म कांटा आदि के निर्माण हेतु 25 से 33.33 प्रतिशत की अनुदान सहायता उपलब्ध है, जो नाबार्ड और विपणन एवं निरीक्षण निदेशालय द्वारा संयुक्त रूप से दी जाती है।
जांजगीर-चांपा / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल लोकवाणी में इस बार युवाओं से बातचीत करेंगे। इस संबंध में कोई भी व्यक्ति आकाशवाणी रायपुर के दूरभाष नंबर 0771-2430501, 2430502, 2430503 पर 28, 29 एवं 30 दिसंबर को अपरान्ह 3 से 4 बजे के बीच फोन करके अपने सवाल रिकाॅर्ड करा सकते हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मासिक रेडियो वार्ता लोकवाणी की 14 वीं कड़ी का प्रसारण 10 जनवरी 2021 को होगा। लोकवाणी का प्रसारण छत्तीसगढ़ स्थित आकाशवाणी के सभी केंद्रों,एफएम रेडियो और क्षेत्रीय समाचार चैनलों से सुबह 10.30 से 11 बजे तक होगा I
पारम्परिक व्यवसाय को पुनर्जीवित करने मल्टी युटिलिटी सेंटर में मिल रहा माटीकला शिल्प का उत्कृष्ट प्रशिक्षण
धमतरी / शौर्यपथ / आधुनिकता और वैज्ञानिकता के दौर में पुरातन परम्परा और संस्कृति को बचाकर अक्षुण्ण रखना आज बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया है। ऐसे में अपने पुश्तैनी व्यवसाय से जुड़े लोगों को इसे जारी रखने के लिए काफी जद्दोजहद करनी पड़ रही है। मिट्टी के काम से जुड़े लोग भी उनमें से एक है जो जीवन निर्वाह के अपने पारम्परिक व्यवसाय को तिलांजलि देने विवश हैं। कुरूद विकासखण्ड के ग्राम नारी में महिलाओं को समूह में गठित कर वहां नवनिर्मित मल्टी युटिलिटी सेंटर में माटीकला का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इससे मिट्टी के कलात्मक बर्तन, उपकरण बनाने का उत्कृष्ट प्रशिक्षण मिल रहा है, वहीं इस दौरान काम सीखने के एवज में पैसे भी मिल रहे हैं।
प्राचीन काल में कुम्हारों के द्वारा तैयार किए गए मिट्टी के बरतनों का ही उपयोग किया जाता था जो उनके जीविकोपार्जन का सशक्त माध्यम था। पिछले कुछ दशकों से मशीनीकरण के दौर मंे श्रमसाध्य कामों व संस्कृति, कला व शिल्प का अधोपतन हुआ है, जिसके चलते जीवन निर्वाह के लिए उन्हें पूर्वजों का व्यवसाय छोड़कर अन्य तरह का व्यवसाय व काम अपनाना पड़ रहा है। इन्हीं शिल्प कलाओं को पुनर्जीवित करने तथा पारम्परिक हुनर को और अधिक कारगर बनाने छत्तीसगढ़ माटीकला बोर्ड द्वारा समूह की महिलाओं को मृदा शिल्प का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जिला पंचायत के प्रयासों से बोर्ड के साथ अनुबंध कर कुरूद विकासखण्ड की ग्राम पंचायत नारी के मल्टी युटिलिटी सेंटर में महिलाओं का समूह तैयार कर उन्हें विभिन्न प्रकार के मृदा हस्तशिल्प का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिसमें मिट्टी के कुल्हड़, कप, गिलास, केतली, दाल-कटोरा, रोटी-कटोरी, पानी बोतल, बिरयानी हण्डी, पेन स्टैण्ड, गमला आदि शामिल हैं। सेंटर के प्रशिक्षक श्री पुरूषोत्तम साहू ने बताया कि गांव में सर्वे कराकर यहां पर 08 स्वसहायता समूह गठित करके इच्छुक 23 महिलाओं को मिट्टी से निर्मित बरतन व उपकरण तैयार करने का प्रशिक्षण पिछले दो माह से दिया जा रहा है।
समूह में ज्यादातर कुम्हार महिलाएं जुड़ी हैं जो पहले परम्परागत रूप से मटका, खपरैल, दीया, हण्डी आदि बनाने का काम करती थीं। चूंकि मिट्टी के पारम्परिक कार्य में वे पूर्व से पारंगत हैं, इसलिए उन्होंने सहजता से कुल्हड़, पानी बोतल, कप, बिरयानी हण्डी, केतली आदि बनाने में सिद्धहस्त हो गईं। प्रशिक्षण के लिए माटीकला बोर्ड से मिले इलेक्ट्राॅनिक चाक से उनका काम और भी आसान हो गया। श्री साहू ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को प्रोत्साहन के तौर पर प्रतिदिन मजदूरी भी दी जाती है जिससे उन्हें जीविकोपार्जन में किसी तरह की दिक्कत ना हो। यहां पर तैयार किए गए उत्पादों को बोर्ड द्वारा परिवहन कर मंगाया जाता है। साथ ही इसे जल्द ही जिला कार्यालयों में उपयोग करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा कार्ययोजना तैयार की जा रही है। इसके लिए बड़े पैमाने पर मिट्टी के बरतन व सामग्री तैयार की जा रही है।
ग्राम पंचायत नारी के सरपंच जगतपाल साहू ने बताया कि मल्टी युटिलिटी सेंटर में गांव की महिलाएं मृदाशिल्प का प्रशिक्षण लेकर बेहतर कार्य कर रही हैं। इससे स्वरोजगार के साथ-साथ अपने काम को बेहतर बनाकर स्वावलम्बन की ओर अग्रसर हो रही हैं। सेंटर में गीली मिट्टी से कुल्हड़ तैयार कर रहीं श्रीमती खेमिन चक्रधारी ने बताया कि पहले वे सिर्फ मिट्टी के कवेलू (खपरैल), दीये तथा मटके तैयार करने में अपने पति के कामों में मदद करती थीं, वह भी कुछ ही सीजन में मांग के आधार पर। अब वह माटीकला बोर्ड से जुड़कर आजीवन जारी रखने की इच्छा रखती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि प्लास्टिक के डिस्पोजेबल प्लास्टिक कप, कटोरी, गिलास, प्लेट के आ जाने से उनके पुश्तैनी कारोबार पर प्रतिकूल असर पड़ा है। अगर मिट्टी शिल्प का काम आगे भी चला तो उन्हें दूसरे प्रकार का रोजगार अपनाने की जरूरत ही नहीं पडे़गी। श्रीमती ईश्वरी चक्रधारी ने बताया कि मिट्टी में नई डिजाइन उकेरने का काम बेहद पसंद आया। उन्होंने उम्मीद जाहिर करते हुए कहा कि यदि लोगों में इसकी उपयोगिता और महत्व की जानकारी हो तो आगे बेहतर प्रतिसाद मिलेगा, वहीं वे पारम्परिक व्यवसाय से भी जुड़े रहकर इसे आगे बढ़ा सकती हैं। श्रीमती नीरा, पुनिया, बसंती ने कहा कि उन्हें उनके गांव में ही ऐसे हुनर सीखने को मिल रहा है, जिससे पुराने व पारम्परिक धंधे को पुनर्जीवन मिल सके।
उल्लेखनीय है कि जिला प्रशासन की विशेष पहल पर बिहान के तहत गठित महिला समूहों को मृदा शिल्प का प्रशिक्षण छत्तीसगढ़ माटीकला बोर्ड के सहयोग से ग्राम नारी में दिया जा रहा है। यह प्रदेश का तीसरा केन्द्र है जहां पर मिट्टी से बरतन, उपकरण, साज-सज्जा के सामान तथा अन्य उपयोगी सामान तैयार किए जा रहे हैं। प्रशिक्षण के दौरान महिलाएं मिट्टी से बने उत्पादों को ‘टच-फिनिशिंग‘ के साथ तैयार सुगढ़ व मनभावन आकार दे रही हैं। इस तरह मल्टी युटिलिटी सेंटर में इलेक्ट्राॅनिक चाक चलाकर महिलाएं जहां एक ओर लुप्तप्राय हो चुके अपने पारम्परिक पेशे को कायम रखने में कामयाब हो रही हैं, वहीं आने वाले समय में आमदनी का बेहतर और सशक्त माध्यम साबित होगा।
धमतरी / शौर्यपथ / कलेक्टर जय प्रकाश मौर्य के निर्देशानुसार जिले के प्रत्येक अनुभाग में ग्राम पंचायत स्तर पर शासन की विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन की गुणवत्ता एवं हितग्राहियों की समस्याओं के निराकरण के लिए जनचैपाल शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। धमतरी अनुभाग में 23 जनवरी से 22 मई 2021 तक कुल नौ शिविर आयोजित किए जाएंगे। अनुविभागीय अधिकारी राजस्व धमतरी श्री मनीष मिश्रा ने बताया कि पहला शिविर 23 जनवरी 2021 को अरौद डूबान आयोजित किया जाएगा। इसमें ग्राम उरपुटी, पटेलगुड़ा, सिलतरा, कलारबाहरा और बरबांधा के ग्रामीण शामिल होंगे।
इसी तरह 30 जनवरी को ग्राम लिमतरा में आयोजित जनचैपाल शिविर में ग्राम पुरी, गोपालपुरी, संबलपुर, सांकरा, धौराभाठा के ग्रामीण सम्मिलित होंगे। ग्राम अकलाडोंगरी में 06 फरवरी को आयोजित शिविर में कोड़ेगांव, दरगहन, चिखली तथा 27 फरवरी को ग्राम कलारतराई में आयोजित जनचैपाल शिविर में ग्राम सेहराडबरी, बोड़रा, बलियारा और हरफतराई के ग्रामीण शामिल होंगे। ग्राम मरादेव में 06 मार्च को आयोजित जनचैपाल शिविर में ग्राम बेंद्रानवागांव, मुड़पार, बरारी, गंगरेल, शकरवारा के ग्रामीण तथा 27 मार्च को ग्राम सारंगपुरी में आयोजित शिविर में ग्राम देवपुर, ढिमरटिकुर, खरेंगा और दर्री के ग्रामीण सम्मिलित होंगे। इसी प्रकार 03 अप्रैल को ग्राम मोंगरागहन में आयोजित जनचैपाल शिविर में ग्राम कोड़ेगांव, भिड़ावर, बारगरी, सिधोला-डू, पंडरीपानी के ग्रामीण तथा 24 अप्रैल को ग्राम झिरिया में आयोजित शिविर में ग्राम गागरा, उड़ेना, देवरी, बोदाछापर, पीपरछेड़ी और 22 मई को ग्राम आमली में आयोजित जनचैपाल शिविर में ग्राम भानपुरी, परसतराई, पोटियाडीह, मुजगहन और ग्राम खपरी के ग्रामीण शामिल होंगे।
कलेक्टर ने शिविर में राजस्व, शिक्षा, खाद्य, स्वास्थ्य, कृषि, पशु चिकित्सा, महिला एवं बाल विकास, वन, सिंचाई, खनिज, विद्युत, सहकारिता, क्रेडा, श्रम विभाग, जनपद पंचायत, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग को अपने-अपने विभाग से संबंधित जानकारी ग्राम पंचायत क्लस्टर अनुसार नस्ती तैयार कर शिविर स्थल पर अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
