August 08, 2026
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    शौर्यपथ

    शौर्यपथ

    धान के उठाव के कार्य में तेजी लाने के दिए निर्देश ,गौठान एवं बाड़ी रूरल इंडस्ट्रियल पार्क के रूप में विकसित होंगे , पलायन रोकने के लिए श्रम मूलक कार्यों को बढ़ावा दें

    राजनांदगांव / शौर्यपथ / कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा ने कहा कि जिले में धान खरीदी में तेजी आई है और 22 नये धान खरीदी केन्द्र के निर्माण होने से लोगों को सुविधा मिल रही है। छोटे किसानों का धान एक ही बार में खरीदी किया जाना है। उन्होंने कहा कि सभी संग्रहण केन्द्रों से टीओ जारी करते हुए धान का उठाव प्रारंभ करें एवं मिलर्स के लिए डीओ काटकर धान उठाव के कार्य में प्रगति लाए। बारदाने की स्थिति का भी मूल्यांकन कर लें। समितियों के द्वारा हमाल की व्यवस्था की जाएगी। उनके द्वारा व्यवस्था नहीं करने पर परिवहनकर्ता द्वारा हमाल की व्यवस्था होगी। सभी एसडीएम अंतर्राज्यीय सीमाओं पर कोचियों की खबर मिलने पर कड़ी कार्रवाई करें।
    उक्त बातें कलेक्टर वर्मा ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक के दौरान कही। उन्होंने एसडीएम से कहा कि किसानों के रकबा में संशोधन के लिए आवेदन का प्रमाण पत्र शीघ्र प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि कोविड-19 संक्रमण की सुरक्षा के लिए शासन के निर्देशानुसार क्रिसमस एवं नये वर्ष के पर्व के लिए दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करें। इस दौरान मंदिर, पर्यटन स्थल एवं अन्य स्थानों पर सोशल डिस्टेसिंग के पालन का ध्यान रखें। भारत शासन के निर्देशानुसार देश में कोरोना वैक्सीन के लिए टीकाकरण की तैयारी करने के लिए कहा गया है। इसके लिए 13 हजार 956 ऑनलाईन एन्ट्री भी की जा चुकी है। जिनका फेज -1 में टीकाकरण किया जाना है। कोरोना वैक्सीन के रख-रखाव के लिए जिले में 54 कोल्ड चेन पाइंट बनाये गये हैं। उन्होंने इसकी पूरी तैयारी रखने के लिए कहा।
    कलेक्टर वर्मा ने कहा कि गौठान में वर्मी कम्पोस्ट निर्माण के कार्य में गति लाए और महिला स्वसहायता समूहों को सेल्फ सस्टेनेबल बनाए। गौठान एवं बाड़ी को रूरल इंडस्ट्रियल पार्क के रूप में विकसित करना है। जहां समूह की सहभागिता से मल्टीएक्टीविटी को बढ़ावा देना है। गौठान निर्माण एवं गोधन न्याय योजना के अनुभव से व्यापक तरीके से इससे संबंधित अन्य बातों को समझना आसान होगा। वर्मी कम्पोस्ट निर्माण में तेजी के साथ ही इसके विक्रय पर भी ध्यान दें। वर्मी कम्पोस्ट की राशि सहकारी समिति के माध्यम से खाते में जमा होगी इसके लिए नगद राशि स्वीकार्य नहीं होगी। सभी जनपद सीईओ को वर्मी कम्पोस्ट के लिए सैम्पल लैब प्रमाणीकरण के लिए भेजने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने जिले में पलायन रोकने के लिए मनरेगा के तहत किए जाने वाले कार्यों पर विशेष ध्यान देने के लिए कहा। उन्होंने श्रम मूलक कार्यों को बढ़ावा देने के लिए सभी एसडीएम एवं जनपद सीईओ को निर्देश दिए ताकि अधिक से अधिक लोगों को रोजगार मिल सके।
    कलेक्टर ने वनमंडलाधिकारी बीपी सिंह से चलित मौसम में लघु वनोपज संग्रहण के संबंध में जानकारी ली। डीएफओ ने बताया कि इस मौसम में हर्रा, बहेरा, कालमेघ, चरोटा लघु वनोपज का संग्रहण किया जा रहा है एवं समर्थन मूल्य पर खरीदी की जा रही है। कलेक्टर ने वनधन केन्द्रों के निर्माण को शीघ्र पूरा करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप वनवासियों के हित के लिए लघु वनोपज के संग्रहण के लिए यह जरूरी है कि बिचौलियों से सुरक्षित रहते हुए संग्राहक सीधे शासन को समर्थन मूल्य में लघु वनोपज विक्रय करें। कलेक्टर ने ठंड से बचाव के लिए नगरीय निकायों में बस स्टैण्ड, रैनबसेरा, चौक-चौराहों में रिक्शा चालकों एवं गरीब तथा जरूरतमंद लोगों के लिए अलाव जलाने के निर्देश दिए। आकांक्षी जिला के संकेतक की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने कहा कि स्वास्थ्य एवं पोषण पर विशेष ध्यान देना है। गर्भवती माताओं के स्वास्थ्य के लिए स्वास्थ्य एवं महिला एवं बाल विकास विभाग समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं के एएनसी पंजीयन के बाद उनके स्वास्थ्य की निरंतर जानकारी लेते रहें एवं इस कार्य में पंचायत का भी सहयोग लें। संस्थागत प्रसव बढ़ाने की दिशा में कार्य करें। उन्होंने अवैध प्लाटिंग करने वाले कॉलोनाइजर एवं लोगों पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
    इस अवसर पर वनमंडलाधिकारी राजनांदगांव बीपी सिंह, वनमंडलाधिकारी खैरागढ़ संजय यादव, अपर कलेक्टर हरिकृष्ण शर्मा, अपर कलेक्टर सीएल मार्कण्डेय, सीईओ जिला पंचायत श्रीमती तनुजा सलाम, नगर निगम आयुक्त चंद्रकांत कौशिक, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथलेश चौधरी, एसडीएम राजनांदगांव मुकेश रावटे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए सभी एसडीएम एवं विकासखंड स्तरीय अधिकारी जुड़े रहे।

    नई दिल्ली / शौर्यपथ / हैदराबाद हैदराबाद के एक 43 साल के शख्स को अमेरिका के शिकागो में गोली मारी गई है, जिसके बाद वो गंभीर रूप से घायल है. शख्स के परिवार ने सोमवार को यह दावा किया है. मोहम्मद मुजीबुद्दीन की पत्नी ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव को एक चिट्ठी लिखकर कहा कि उनके पति को सोमवार की तड़के सुबह गोली मारी गई, जिसके बाद उन्हें बहुत गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
    मुजीबुद्दीन की पत्नी, बच्चे और मां हैदराबाद में रहते हैं. उनकी पत्नी ने बताया कि मुजीबुद्दीन के रूममेट्स ने उनको घटना की जानकारी दी है. उन्होंने चिट्ठी में लिखा कि 'मेरा पूरा परिवार सदमे में है और मेरे पति की देखभाल करने के लिए कोई नहीं है. हमारा निवेदन है कि भारतीय दूतावास और अमेरिका में भारतीय वाणिज्य दूतावास उनतक पहुंचने की कोशिश करें और उनको मेडिकल मदद दें.'
    उन्होंने मुख्यमंत्री से हैदराबाद के US कॉन्सुलेट से इस परिवार के सदस्यों को US जाने के लिए इमरजेंसी वीज़ा दिलवाने की अपील की है.
    हैदराबाद के मजलिस बचाओ तहरीक के नेता अजमद उल्ला खां ने एक ट्वीट में विदेश मंत्री एस जयशंकर से अपील की कि वो अमेरिका में भारतीय दूतावास से मुजीबुद्दीन तक पहुंचने को कहें.
    MBT नेता ने मुजीबुद्दीन के रूममेट्स से मिली जानकारी के हवाले से कहा कि दो लोगों ने मुजीबुद्दीन को निशाना बनाया. वो लोग उसकी ताक में बैठे थे और फिर उसे गनपॉइंट पर गाड़ी से बाहर निकलने को मजबूर कर दिया. खान ने बताया कि बाद में दोनों ने मुजीबुद्दीन के साथ लूटपाट की और उसपर गोली चलाकर उसकी गाड़ी से भाग निकले.

    नई दिल्ली / शौर्यपथ / केंद्र की मोदी सरकार के सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट पर सवाल उठते रहे हैं. खासकर, नए संसद भवन के शिलान्यास के बाद खासकर विपक्ष कोविड के टाइम में इस प्रोजेक्ट की अनिवार्यता पर सवाल खड़े कर रहा है. 971 करोड़ में बन रही इस नई बिल्डिंग ने विपक्ष को सरकार पर हमला करने की एक और वजह दे दी है. हालांकि, केंद्र सरकार और उसके मंत्री बार-बार कह रहे हैं कि यह नई बिल्डिंग वक्त की जरूरत बन गई थी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिलान्यास के वक्त बोला था कि यह नई बिल्डिंग नए भारत की पहचान होगी.
    कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय की संसदीय समिति की ओर से इस पूरे प्रोजेक्ट का आकलन करने की मांग पर ट्वीट किया था. उन्होंने यह भी सवाल उठाया था कि सरकार ऐसे वक्त में इस प्रोजेक्ट को आगे क्यों बढ़ा रही है, जब देश इतने बड़े आर्थिक संकट से गुजर रहा है.
    इसपर केंद्रीय आवास व शहरी मामलों के मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने एक के बाद एक ट्वीट करके दिग्विजय सिंह पर हमला बोला और सरकार के इस कदम का बचाव किया. उन्होंने विपक्ष को आलसी बताते हुए कहा कि 'अगर दिग्विजय सिंह जी ने अपना होमवर्क किया होता और तथ्यों की जांच की होती तो उन्हें पता चला होता कि नए संसद भवन का प्रस्ताव तबसे है, जब केंद्र में उनकी पार्टी की सरकार थी.'
    उन्होंने कहा कि 2012 में तत्कालीन लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार के स्पेशल ऑफिसर ऑन ड्यूटी की ओर से शहरी विकास विभाग को दी गई चिट्ठी में इसे लेकर मंजूरी दी गई थी. उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस नेता और तत्कालीन ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश ने एक अखबार को दिए इंटरव्यू में कहा था कि देश को एक नए संसद भवन की जरूरत है क्योंकि वर्तमान भवन जरूरतें पूरी नहीं कर रहा और आउटडेटेड हो चुका है.
    पुरी ने एक अन्य ट्वीट में लिखा कि 'इस प्रोजेक्ट के लिए आर्किटेक्ट कंसल्टिंग फर्म को पारदर्शी तरीके से QCBS मेथड से हुए एक प्रतिस्पर्धी नीलामी प्रक्रिया के तहत चुना गया है.' उन्होंने बताया कि सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत ऑर्किटेक्चर और इंजीनियरिंग प्लानिंग के लिए CPWD ने प्रतिस्पर्धी नीलामी करवाई थी. 2 स्टेज में हुई नीलामी में योग्यता की जानकारी दी गई थी. देशभर की 6 प्रतिष्ठित फर्म ने अपनी तकनीकी और वित्तीय बोली लगाई थी, जिनमें से चार शर्तों पर खरी उतरीं. प्रस्तावों को ज्यूरी ने देखा था, जिसके बाद M/s HCP Design, Planning & Management Pvt Ltd को फिर इस प्रोजेक्ट के लिए चुना गया.
    पुरी ने कांग्रेस नेता को सलाह देते हुए कहा कि उन्हें मुद्दे पर पूरी जानकारी लेनी चाहिए. उन्होंने तर्क दिया कि ये रकम अगले छह सालों में खर्च की जानी है. इससे भविष्य में किराया, संचालन और रखरखाव का खर्च बचेगा, वहीं संसद की कार्यक्षमता बढ़ेगी.

    नई दिल्ली / शौर्यपथ / प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को Aligarh Muslim University के शताब्दी समारोह में हिस्सा लिया और इस मौके पर कोरोना काल में मदद के लिए यूनिवर्सिटी की ओर से की गई मदद के लिए सराहना की. पीएम ने कहा कि 'अभी कोरोना के इस संकट के दौरान भी AMU ने जिस तरह समाज की मदद की, वो अभूतपूर्व है. हजारों लोगों का मुफ्त टेस्ट करवाना, आइसोलेशन वार्ड बनाना, प्लाज्मा बैंक बनाना और पीएम केयर फंड में बड़ी राशि का योगदान देना, समाज के प्रति आपके दायित्वों को पूरा करने की गंभीरता को दिखाता है.' पीएम ने इस मौके पर एक विशेष डाक टिकट भी जारी किया. पांच दशक में यह पहला मौका था, जब देश के कोई प्रधानमंत्री एएमएयू के किसी समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए. मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए समारोह में हिस्सा लिया.
    10 बड़ी बातें
    पीएम मोदी ने एएमयू के शताब्‍दी समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि इस विश्वविद्यालय से निकले छात्र भारत की संस्कृति का प्रतिनिधित्व करते हैं. बीते 100 वर्षों में AMU ने दुनिया के कई देशों से भारत के संबंधों को सशक्त करने का भी काम किया है.
    प्रधानमंत्री मोदी ने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी को ''छोटा भारत'' बताते हुए विश्वविद्यालय की विरासत का बखान भी किया. उन्होंने कहा कि 'उर्दू, अरबी और फारसी भाषा पर यहां जो रिसर्च होती है, इस्लामिक साहित्य पर जो रिसर्च होती है, वो समूचे इस्लामिक वर्ल्ड के साथ भारत के सांस्कृतिक रिश्तों को नई ऊर्जा देती है. उन्होंने छात्रों से अपील की कि एएमयू के कैंपस में ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत' की भावना दिनोंदिन मजबूत होती रहे, इसके लिए मिलकर काम करें.'
    पीएम ने कहा कि देश आज उस मार्ग पर बढ़ रहा है जहां किसी मत, मजहब के भेद के बिना हर वर्ग तक योजनाएं पहुंच रही हैं. सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, यह मंत्र इसका मूल आधार है. देश की नियत नीतियों में यही संकल्प झलकता है.
    पीएम ने ‘सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास' को केंद्र सरकार की नीतियों का मूल आधार बताते हुए कहा कि जो देश का है, वह हर देशवासी का है और उसका लाभ हर देशवासी को मिलना चाहिए.
    कोरोना संकट में मदद के लिए आगे आए विश्वविद्यालय की सराहना करते हुए पीएम ने कहा कि 'अभी कोरोना के इस संकट के दौरान भी AMU ने जिस तरह समाज की मदद की, वो अभूतपूर्व है. हजारों लोगों का मुफ्त टेस्ट करवाना, आइसोलेशन वार्ड बनाना, प्लाज्मा बैंक बनाना और पीएम केयर फंड में बड़ी राशि का योगदान देना, समाज के प्रति आपके दायित्वों को पूरा करने की गंभीरता को दिखाता है.'
    पीएम ने अपने तीन तलाक के कानून का जिक्र करते हुए कहा कि समाज से तीन तलाक नामक कुप्रथा खत्म हो गई है. उन्होंने यह भी कहा कि मुस्लिम छात्राओं के बीच पढ़ाई छोड़ने की दर में गिरावट आई है.
    PM ने शिक्षा के क्षेत्र में किए गए कामों को गिनाते हुए कहा कि सरकार उच्च शिक्षा में एनरोलमेंट की संख्या बढ़ाने और सीटें बढ़ाने के लिए भी लगातार काम कर रही है. 'वर्ष 2014 में हमारे देश में 16 IITs थीं, आज 23 IITs हैं. वर्ष 2014 में हमारे देश में 9 IIITs थीं, आज 25 IIITs हैं. वर्ष 2014 में हमारे यहां 13 IIMs थे, आज 20 IIMs हैं. Medical education को लेकर भी बहुत काम किया गया है. 6 साल पहले तक देश में सिर्फ 7 एम्स थे, आज देश में 22 एम्स हैं.' पीएम ने कहा कि शिक्षा चाहे Online हो या फिर Offline, सभी तक पहुंचे, बराबरी से पहुंचे, सभी का जीवन बदले, हम इसी लक्ष्य के साथ काम कर रहे हैं.'
    उन्होंने कहा, ‘बिना किसी भेदभाव के 40 करोड़ से ज्यादा गरीबों के बैंक खाते खुले, दो करोड़ लोगों को घर मिले, आठ करोड़ से ज्यादा महिलाओं को गैस कनेक्शन मिला. बिना किसी भेदभाव के कोरोना वायरस संक्रमण के दौर में 80 करोड़ देशवासियों को मुफ्त अनाज सुनिश्चित किया गया.
    आयुष्मान योजना के तहत 50 करोड़ लोगों को पांच लाख रूपये तक का मुफ्त इलाज संभव हुआ.'
    प्रधानमंत्री ने कहा, ‘देश की समृद्धि के लिए उसका हर स्तर पर विकास होना आवश्यक है. आज देश भी उस मार्ग पर बढ़ रहा है, जहां प्रत्येक नागरिक को बिना किसी भेदभाव के देश में हो रहे विकास का लाभ मिले. देश आज उस मार्ग पर बढ़ रहा है, जहां पर प्रत्येक नागरिक संविधान से मिले अपने अधिकारों को लेकर निश्चिंत रहें, भविष्य को लेकर निश्चिंत रहें.'
    प्रधानमंत्री ने इस मौके पर एक विशेष डाक टिकट जारी किया. पांच दशक में यह पहला मौका था, जब प्रधानमंत्री एएमएयू के किसी समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए. आखिरी बार, 1964 में बतौर प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री एएमयू के एक समारोह में शामिल हुए थे. उनसे पहले पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नहेरू ने चार बार एएमयू का दौरा किया था. नेहरू पहली बार 1948 में और इसके बाद 1955, 1960 और 1963 में एएमयू गए थे.

    नई दिल्ली / शौर्यपथ / तिरुवनंतपुरम केरल के तिरुवनंतपुरम की सीबीआई कोर्ट ने मंगलवार को 28 साल पुराने सिस्टर अभया मर्डर मामले में दो आरोपियों को दोषी ठहराया है. कोर्ट ने अपने फैसले में केरल के एक कॉन्वेंट में नन रहीं सिस्टर अभया की हत्या के लिए एक पादरी और दूसरी नन को जिम्मेदार माना है. कोट्टायम के एक कॉन्वेंट में 21 साल की सिस्टर अभया की 1992 में हत्या कर दी गई थी और फिर अपराध छिपाने के लिए उनके शव को कॉन्वेंट के परिसर में स्थित एक कुएं के अंदर फेंक दिया गया था.
    सीबीआई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि फादर थॉमस कोट्टूर और सिस्टर सेफी के खिलाफ हत्या के आरोप साबित होते हैं. फिलहाल दोनों न्यायिक हिरासत में हैं. वैसे इस मामले में एक तीसरा आरोपी फादर फूथराकयाल को दो साल पहले ही सबूतों के अभाव में बरी किया जा चुका है. इस मामले में विशेष सीबीआई अदालत के न्यायाधीश जे सनल कुमार ने इस मामले में फैसला सुनाया है. कोर्ट बुधवार को सजा की अवधि पर फैसला सुनाएगी.
    थॉमस कोट्टूर कोट्टायम के BCM कॉलेज में सिस्टर अभया को साइकोलॉजी पढ़ाता था. वो तत्कालीन बिशप का सचिव भी था. बाद में वो कोट्टायम के Catholic Diocese का चांसलर भी बना. वहीं, सिस्टर सेफी भी उसी हॉस्टल में रहती थी, जहां सिस्टर अभया रहती थीं. उसके पास हॉस्टल का प्रभार भी था. दोनों को हत्या और अपराध छिपाने के लिए सबूत मिटाने का दोषी पाया गया है. थॉमस कोट्टूर पर घर में ट्रेसपासिंग यानी बिना अनुमति के घर में घुस जाने का दोष भी है.
    सिस्टर अभया को न्याय दिलाने की लड़ाई लड़ रहे पैनल में अकेले जीवित बचे सदस्य मानवाधिकार कार्यकर्ता जोमोन पुथेनपुराकल ने कहा कि 'सिस्टर अभया के केस को आखिरकार न्याय मिल गया है, अब उनकी आत्मा को शांति मिलेगी. यह इस बात का ज्वलंत उदाहरण है कि किसी को यह नहीं सोचना चाहिए कि अगर आपके पास पैसा और बाहुबल है तो आप न्याय से खिलवाड़ कर लेंगे.'
    जांच में क्या तथ्य निकले?
    CBI के अनुसार, सिस्टर अभया ने 27 मार्च, 1992 की तड़के सुबह लगभग 4.15 बजे अपने हॉस्टल रूम से किचन में जाने के दोरान कोट्टूर, होज़े फूथराकयाल और सेफी के बीच अनैतिक गतिविधियों को देख लिया था, जिसके बाद आरोपियों ने कथित रूप से सिस्टर अभया के सिर पर किसी भोथरी चीज से वार किया था और फिर अपराध छिपाने के लिए उनका शव कुएं में फेंक दिया था.
    इस घटना को शुरुआत में पुलिस और क्राइम ब्रांच ने 'खुदकुशी से हुई मौत' बताया था, लेकिन बहुत विरोध-प्रदर्शन और याचिकाओं के बाद यह केस सीबीआई को दे दिया गया था. कोर्ट ने सीबीआई के पहले तीन फाइनल रिपोर्ट को खारिज कर दिया था, कोर्ट ने उन्हें और भी गहरी जांच करने को कहा था. कोर्ट ने रिपोर्ट में कई गड़बड़ियों का हवाला दिया था, जैसे कि उस रात कुत्तों ने नहीं भौंका था या फिर यह तथ्य कि किचन का दरवाजा बाहर से बंद था या फिर सिस्टर अभया के कुएं में 'कूदने' की आवाज कॉन्वेंट के लोगों को कैसे नहीं सुनाई दी.

    शौर्यपथ /सर्दियों में हमें अपने खानपान का खास ख्याल रखना जरूरी है। लेकिन कुछ ऐसे फायदेमंद फूड्स हैं जिनका सर्दियों में सेवन नुकसानदेह हो सकता है। ऐसा ही एक फूड है विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट का भंडार आंवला। आंवले के फायदों को तो हम सभी जानते हैं, लेकिन वैज्ञानिकों ने पाया है कि सर्दियों में आंवले का अधिक सेवन हमारे स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
    गुणों का भंडार आंवला सीमित मात्रा में ही फायदा करता है
    इम्यूनिटी बनाए रखने के लिए जरूरी विटामिन सी का खजाना है आंवला। इसके अलावा इसमें विटामिन ए, विटामिन बी कॉम्लेक्स, कैल्शियम, पोटेशियम, मैग्नीशियम, आयरन, फाइबर और डाययूरेटिक एसिड भी पाया जाता है। जर्नल 'आयु' के अनुसार इसमें मौजूद एंटी ऑक्सीाडेंट फ्री रेडिकल्स को खत्म करने का काम करते हैं। आपके बाल, त्वचा, आंखें और ब्लड शुगर लेवल सभी के लिए आंवले का सेवन बहुत फायदेमंद होता है।
    लेकिन अगर आप सर्दी में इसका अधिक सेवन करती हैं तो इसके फायदों से ज्यादा नुकसान हो सकते हैं।
    ये हैं सर्दियों में आंवले के अधिक सेवन के नुकसान
    1. सर्दी जुखाम बढ़ा सकता है आंवला
    अगर आपको सर्दी जुखाम है या अक्सर रहता है, तो सर्दियों में आंवले के सेवन से बचें। आंवले का खट्टापन गले के लिए नुकसानदेह हो सकता है और खांसी, खराश जैसी समस्याओं को बढ़ा सकता है। इसलिये अगर आपको फ्लू की समस्या है, तो आंवले का सेवन न करें।
    2. तासीर में ठंडा होता है आंवला
    आंवले की तासीर ठंडी होती है यानी ये शरीर को ठंडक पहुंचाता है। यही कारण है कि सर्दियों में इसके अधिक सेवन के लिए मना किया जाता है। अगर आप नियमित कच्चा आंवला खाती हैं या जूस पीती हैं तो इसके साथ काली मिर्च लें। ये ठंडक को खत्म करेगी और गले मे समस्या भी नहीं होगी।
    3. डायरिया भी हो सकता है आंवला का एक साइड इफेक्ट
    अगर आप अत्यधिक आंवला खाती हैं, तो डायरिया की समस्या भी हो सकती है। जैसा कि आप जानती ही हैं, आंवले में फाइबर भरपूर मात्रा में होता है। ऐसे में अगर आप ज्यादा फाइबर का सेवन कर लेती हैं तो डायरिया और अन्य पेट सम्बंधी समस्याओं की संभावना बढ़ जाती हैं।
    4. एसिडिटी के लिए भी है जिम्मेदार
    अधिक आंवला खाना आपके पाचन को प्रभावित कर सकता है। आंवला का अधिक सेवन एसिडिटी का कारण बन सकता है क्योंकि आंवला भी एसिडिक होता है। खट्टेपन के कारण आंवला एसिडिटी को ट्रिगर कर सकता है। इसलिए अत्यधिक आंवला खाने से बचें।
    तो लेडीज, भले ही आंवला रोज खाना एक अच्छी आदत है, लेकिन सर्दियों में इसके अधिक सेवन से बचें।

    खेल / शौर्यपथ /क्रिकेट के बाइबल कहे जाने वाले विजडन ने इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) की ऑलटाइम बेस्ट रैंकिंग के आधार पर सर्वश्रेष्ठ वनडे इलेवन चुनी है जिसमें एकमात्र भारतीय खिलाड़ी के रूप में वर्ल्डकप विजेता कप्तान कपिल देव को जगह मिली है जिन्हें इस टीम का कप्तान भी बनाया गया है। विजडन ने आईसीसी की ऑलटाइम रैंकिंग को आधार बनाते हुए सर्वश्रेष्ठ वनडे टीम का चयन किया है।
    इस टीम में खिलाड़ियों को ऑलटाइम सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग के आधार पर जगह दी गई है। इस रैंकिंग में वनडे क्रिकेट में सर्वाधिक मैच खेलने वाले, सर्वाधिक रन बनाने वाले और सर्वाधिक शतक बनाने वाले लीजेंड बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर को जगह नहीं मिली है। इस प्लेइंग इलेवन में एकमात्र भारतीय भारत के पहले वर्ल्डकप विजेता कप्तान कपिल हैं जिन्हें इस टीम का कप्तान भी बनाया गया है।
    कपिल देव ऑलराउंडर रैंकिंग में 631 रेटिंग प्वॉइंट्स के साथ 22 मार्च 1985 को नंबर एक स्थान पर रहे थे। भारत ने 1983 में कपिल की कप्तानी में ऐतिहासिक लॉर्ड्स मैदान पर दो बार के विश्व चैंपियन शक्तिशाली वेस्टइंडीज को हराकर पहली बार वर्ल्ड कप जीता था। विजडन की ऑलटाइम वनडे इलेवन के अन्य खिलाड़ियों में वेस्टइंडीज के विवियन रिचर्ड्स, ऑस्ट्रेलिया के डीन जोन्स, पाकिस्तान के जहीर अब्बास, ऑस्ट्रेलिया के ग्रैग चैपल, इंग्लैंड के डेविड गावर, दक्षिण अफ्रीका के एबी डीविलियर्स, दक्षिण अफ्रीका के शॉन पोलाक, न्यूजीलैंड के रिचर्ड हैडली, वेस्टइंडीज के जोएल गार्नर और श्रीलंका के मुथैया मुरलीधरन शामिल हैं।
    विजडन की ऑलटाइम वनडे इलेवन- कपिल देव(कप्तान), विवियन रिचर्ड्स, डीन जोन्स, जहीर अब्बास, ग्रैग चैपल, डेविड गावर, एबी डिविलियर्स, शॉन पोलाक, रिचर्ड हैडली, जोएल गार्नर, मुथैया मुरलीधरन।

    मनोरंजन / शौर्यपथ / अक्टूबर, 2020 में एक्ट्रेस सना खान ने शोबिज को अलविदा कहने का फैसला सुनाया था। सोशल मीडिया पर लंबी-चौड़ी पोस्ट लिखकर फैन्स को यह जानकारी दी थी। उनका कहना था कि अब वह अल्लाह के बताए नक्शे-कदम पर चलना चाहती हैं। इसके बाद सना खान ने अचानक सूरत बेस्ड मुफ्ती अनस सईद संग शादी कर सभी को चौंका दिया। सोशल मीडिया पर उनके कई वीडियोज और फोटोज वायरल हुए।
    इसके बाद सना खान ने हनीमून पीरियड के दौरान भी काफी सुर्खियां बटोरीं। हालांकि, अफवाह थी कि सना खान को पति अनस सईद ने फिल्म इंडस्ट्री छोड़ने के लिए कहा था। अब अनस सईद ने इस पर रिएक्शन दिया है। बता दें कि सना खान लगातार सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए बता रही हैं कि अनस संग निकाह करने का उनका फैसला बेस्ट रहा है। अनस भी सना संग निकाह के बारे में यही कहते आ रहे हैं। अनस सईद भी सना खान के फिल्म इंडस्ट्री को अलविदा कहने की बात को लेकर शॉक में आ गए थे।
    बातचीत में अनस सईद ने कहा, “सना हमेशा से ही खुद को इस इंडस्ट्री से दूर करना चाहती थीं। मैं उन्हें थोड़ा वक्त देना चाहता था, लेकिन शायद वह इस इंडस्ट्री को छोड़ने का मन बना चुकी थीं। बल्कि मैं खुद सना के इस निर्णय से शॉक हो गया था। मैंने अल्लाह से प्रार्थना की कि सना खान मेरी हो जाएं और हम दोनों निकाह कर लें। उन्होंने मेरी दुआ सुनी। मुझे नहीं लगता कि किसी और से शादी होने के बाद मैं इतना खुश हो पाता। मैं हमेशा से एक ऐसी लड़की चाहता था जो मुझे पूरा करे। लोग मेरे से अभी भी यह सवाल पूछते हैं कि मैंने एक एक्ट्रेस से निकाह कैसे कर लिया, पर ये छोटी सोच के लोग हैं।”
    बता दें कि सना खान ने मुफ्ती अनस संग निकाह के बाद सोशल मीडिया पर नाम बदलकर सईद सना खान कर लिया है।

    धर्म संसार / शौर्यपथ / गीता केवल एक धर्म ग्रंथ ही नहीं, बल्कि यह एक जीवन ग्रंथ भी है, जो हमें पुरुषार्थ की ओर अग्रसर होने की प्रेरणा देती है। शायद इसी कारण से हजारों साल बाद आज भी यह हमारे बीच प्रासंगिक है। मान्यता है कि द्वापर युग में त्रियोग के प्रवर्तक श्रीकृष्ण ने मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष एकादशी के दिन कुरुक्षेत्र में अर्जुन को गीता ज्ञान दिया था, जो मोक्षदायक है। इसी कारण इस एकादशी का एक प्रचलित नाम मोक्षदा एकादशी भी है।
    यह दिन ‘गीता जयंती’ के रूप में भी प्रचलित है। धर्मज्ञों की राय में धार्मिक व आध्यात्मिक सिद्धांतों का प्रतिपादन ही गीता का मूल उद्देश्य है।
    कर्म और धर्म के महाकोष गीता में कुल 18 अध्याय और 700 श्लोक हैं। गीता त्रियोग, रजोगुण संपन्न ब्रह्मा से भक्ति योग, सतोगुण संपन्न विष्णु से कर्म योग और तमोगुण संपन्न शंकर से ज्ञान योग का ऐसा प्रकाश है, जिसकी आभा हर एक जीवात्मा को प्रकाशमान करती है। महाभारत अर्थात् ‘जय संहिता’ के 18 पर्व में भीष्म पर्व का अभिन्न अंग गीता है, जिसमें त्रियोग का सुंदर समन्वय
    मिलता है।
    गीता की गणना उपनिषदों में की जाती है। इस कारण इसे ‘गीतोपनिषद्’ भी कहा गया है, जो जीने की कला का महान ग्रंथ है। कहा जाता है कि सनातन धर्म की स्थापना और अधर्म के विनाश से संबद्ध गीता का प्रथम ज्ञान जगत के अलौकिक तेज से सूर्य देव को प्राप्त हुआ। उन्होंने पहले वैवस्वत मनु को, और उसके उपरांत मनु ने राजा इक्ष्वाकु को यह ज्ञान प्रदान किया, जिसे श्रीकृष्ण ने अर्जुन को सविस्तार बताया। इसके साथ ही धृतराष्ट्र और उनके प्रिय संजय ने भी इसका प्रत्यक्ष श्रवण किया।
    धर्म के विभिन्न मार्गों का समन्वय और निष्काम कर्म- ये गीता की दो प्रमुख विशेषताएं हैं। महाभारत में वेदव्यास जी गीता के बारे में कहते हैं कि गीता सुगीता करने योग्य है, जो स्वयं पद्मनाभ भगवान विष्णु के मुखार्रंवद से निकली हुई है। भारतीय नदियों में गंगा, पशुधन में गऊ, तीर्थों में गया, देवियों में गायत्री और धार्मिक ग्रंथों में गीता का अति विशेष मान है और ये पांचों ‘ग’कार हैं, जो मोक्षदायक और परम पवित्र भी है। कई अर्थों में गीता भारत और भारतीयता का जीवंत प्रकाश स्तम्भ है, जिसमें भूत, भविष्य और वर्तमान तीनों सन्निहित हैं। गीता का पठन-पाठन, मननर्-ंचतन व श्रवण हमें ज्ञानवान बनाता है। इसके हर एक श्लोक में जीवन पथ से संबंधित कोई-न-कोई तार अवश्य जुड़े हैं। जीवनशैली के मर्म का जैसा वर्णन इसमें हुआ है, वैसा कहीं और नहीं मिलता।

    धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।

    क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

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