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नई दिल्ली / शौर्यपथ / केन्द्र के तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ सिंघू बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे किसानों के लिए लगाए गए चिकित्सा शिविरों में अब आसपास के गांवों के लोग भी मुफ्त में इलाज कराने के लिए आ रह हैं. कोंडली गांव की बबली भी यहां अपने दो बच्चों के साथ पहुंची. उन्होंने कहा, ‘‘ मेरी बड़ी बेटी (12) को जुखाम और खांसी है और दूसरी बेटी साक्षी (8) बहुत कमजोर है. मेरे पड़ोसी ने मुझे यहां आने की सलाह दी थी.'' उसके गांव के कई लोग पिछले कुछ दिनों में प्रदर्शन स्थल पर मुफ्त इलाज कराने के लिए आए हैं. बबली ने कहा, ‘‘ डॉक्टर ने हमें खांसी की दवाई (कफ सिरप) और कुछ अन्य दवाइयां दी. उन्होंने मेरी छोटी बेटी की जांच भी की और उसके लिए ‘आयरन' और ‘कैल्शियम' की गोलियां दी हैं.''
अलीपुर के भीम सिंह अपने बुजुर्ग पिता मंगत सिंह के साथ यहां पहुंचे, जिनके घुटने में काफी दर्द था. भीम सिंह ने कहा, ‘‘ मेरे पिता के घुटने में काफी दर्द है और सर्दियों में उनके पैरों में सूजन भी आ जाती है. हमने किसी से मुफ्त चिकित्सा शिविर के बारे में सुना और यहां आ गए. हम महंगे इलाज का खर्चा नहीं उठा सकते.'' कोलकाता के एक गैर सरकारी संगठन ‘मेडिकल सर्विस सेंटर' के डॉ. अंशुमन मित्रा के अनुसार सिंघू बॉर्डर पर ऐसे 12 चिकित्सा शिविर हैं, जो चौबीसों घंटे काम करते हैं. डॉ. मित्रा ने बताया, कि उनके शिविर के डॉक्टर, नर्स और अन्य चिकित्सा-सहायक कर्मी रोजाना करीब 200 मरीजों को देखते हैं. उनमें से 30 प्रतिशत लोग करीबी गांवों के गरीब परिवारों से होते हैं.
डॉक्टर मृदुल सरकार ने कहा, ‘‘ ज्यादात्तर लोग खांसी, जुकाम, पेट दर्द, त्वचा और आंख के संक्रमण, ‘एलर्जी' और शरीर में कमजोरी की शिकायतें लेकर आते हैं.'' वहीं, किसानों को यहां डटे आज मंगलवार को 13 दिन हो गए. उन्होंने आज ‘भारत बंद' का आह्वान भी किया है. प्रदर्शन कर रहे किसानों ने पूर्वाह्र 11 बजे से अपराह्न तीन बजे के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग और ‘टोल प्लाजा' जाम करने की चेतावनी दी है. इस दौरान आपातकालीन सेवाओं को छूट दी जाएगी.
नई दिल्ली / शौर्यपथ / उत्तराखंड हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी की ओर से दाखिल याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी किया है. सुप्रीम कोर्ट ने अवमानना कार्यवाही पर भी रोक लगाई. मामला कोश्यारी को देहरादून में मिले बंगले को खाली करने से जुड़ा है. इस पर इसी तरह की मानव संसाधन विकास मंत्री मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक की याचिका के साथ सुनवाई होगी. उत्तराखंड में पूर्व मुख्यमंत्री के तौर पर कोश्यारी को अलॉट बंगले को हाईकोर्ट ने अवैध करार दिया था और मार्केट रेट पर किराया वसूलने का आदेश दिया था. कोश्यारी ने उत्तराखंड HC के फैसले को चुनौती दी है. याचिका में कहा गया है कि हाईकोर्ट का फैसला सही नहीं है और ये प्राकृतिक न्याय के खिलाफ है क्योंकि उनका पक्ष नहीं सुना गया. इसके अलावा राज्यपाल होने के कारण उन्हें संविधान द्वारा अदालती कार्रवाई से सरंक्षण दिया गया है.
इससे पहले केंद्रीय मंत्री और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली थी. सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड HC द्वारा किराया नहीं देने पर पूर्व सीएम के खिलाफ अवमानना कार्रवाई पर रोक लगाई थी. उत्तराखंड सरकार को नोटिस जारी किया गया था. सुप्रीम कोर्ट ने इसे मामले को अन्य समान याचिकाओं के साथ टैग किया था. सरकारी बंगलों के किराए का भुगतान करने के लिए उत्तराखंड हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ निशंक सुप्रीम कोर्ट पहुंचे हैं. हाईकोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्रियों के सरकारी बंगलों का बाजार का किराया न देने पर अवमानना का नोटिस जारी किया था, उसने पूर्व मुख्यमंत्रियों को आवास और अन्य सुविधाओं का बकाया 6 माह के भीतर जमा करने के निर्देश दिया था.
नई दिल्ली / शौर्यपथ / उत्तरी आयरलैंड की 90 साल की एक महिला कोविड-19 से बचाव के लिए फाइजर/बायोनटेक द्वारा निर्मित टीका लगवाने वाली दुनिया की पहली व्यक्ति बन गई हैं. मार्गरेट कीनान टीका लगाए जाने के साथ ही ब्रिटेन के सामूहिक टीकाकरण कार्यक्रम की शुरुआत भी हो गई.
एनिस्किलेन की रहने वाली कीनान ने टीका लगवाने के बाद कहा कि उन्हें ‘‘बहुत खास'' महसूस हो रहा है. उन्हें कोवेंट्री के यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल में टीका लगाया गया है.
बीबीसी की खबर के मुताबिक, कीनान दुनिया की ऐसी पहली व्यक्ति हैं जिन्हें ट्रायल से इतर फाइजर/बायोनटेक कोविड-19 का टीका लगाया गया है. ब्रिटेन की ‘दवा एवं स्वास्थ्य देखभाल उत्पादन नियामक एजेंसी' (एमएचआरए) ने पिछले हफ्ते इस टीके को मंजूर दी.
नई दिल्ली / शौर्यपथ / कृषि कानून के विरोध में किसानों के आंदोलन को ट्रेड यूनियनों और विपक्षी पार्टियों के समर्थन के बीच कल यानी मंगलवार को 'भारत बंद' के दौरान दिल्ली में फल, सब्जियों सहित कल प्रमुख सेवाओं की सप्लाई प्रभावित होने की आशंका है. गौरतलब है कि देश की राजधानी इस समय किसानों के आंदोलन का केंदबिंदु बनी हुई है और यहां हजारों की संख्या में किसान डेरा डाले हुए हैं. केंद्र के नए कृषि कानूनों के खिलाफ हजारों किसान पिछले 11 दिन से आंदोलन कर रहे हैं. किसानों के अनुसार, शांतिपूर्ण भारत बंद सुबह 10 बजे से दोपहर तीन बजे तक होगा.
आंदोलन से जुड़ी 10 बातें
भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा, 'विरोध करते हम यह दिखाना चाहते हैं कि हम सरकार की कुछ नीतियों को समर्थन नहीं करते हैं.' यूनियन ने कहा है कि उनका विरोध शांतिपूर्ण है और इसी तरह जारी रहेगा.भारतीय किसान यूनियन के महासचिव हरिंदर संह लखोवाल ने इससे पहले कहा था कि किसान यूनियनों के सदस्य नेशनल हाईवे को ब्लॉक करेंगे और टो प्लाजा पर 'कब्जा' करेंगे.
सीमा पर किसान नेताओं ने कई राजनीतिक दलों द्वारा उनके आंदोलन को लेकर व्यक्त किये गये समर्थन का स्वागत किया और अन्य सभी से आगे आने एवं मंगलवार के ‘भारत बंद' का समर्थन करने का आह्वान किया.स्वराज इंडिया के अध्यक्ष योगेंद्र यादव के अनुसार, मंगलवार के भारत बंद में इमरजेंसी सेवाएं, शादी, एम्बुलेंस पर कोई रोक नहीं होगी. दूध, फल, सब्ज़ी आदि जैसी ज़रूरी चीजों को किसान अपनी तरफ़ से सप्लाई नहीं करेंगे, लेकिन यदि कोई ले जाना चाहेगा तो कोई रोक नहीं होगी.
केंद्र के नए कृषि कानूनों का विरोध कर रहे हजारों किसान हरियाणा और उत्तर प्रदेश से लगती दिल्ली की सीमाओं पर डेरा डाले हुए हैं. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार उनकी मांगें नहीं मानती है तो वे आंदोलन तेज करेंगे और दिल्ली पहुंचने वाली और सड़कें बंद कर देंगे. उन्होंने कहा है कि सरकार को तीनों कृषि कानूनों को वापस लेना चाहिए.
स्वराज इंडिया के अध्यक्ष योगेंद्र यादव ने कहा, ‘‘ हम अपने रुख पर सदैव अडिग हैं. हमने हमेशा मांग की है कि सरकार तीनों कृषि कानूनों को वापस ले. हमने अपना रुख नहीं बदला है, हम उस पर दृढ़ हैं.''
किसान नेता बलदेव सिंह यादव ने रविवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा था,‘‘यह आंदोलन केवल पंजाब के किसानों का नहीं बल्कि पूरे देश का है. हम अपने आंदोलन को मजबूत बनाने जा रहे हैं और यह पहले ही पूरे देश में फैल चुका है.चूंकि, सरकार हमसे उपयुक्त ढंग से नहीं निपटने में समर्थ नहीं रही है इसलिए हमने भारत बंद का आह्वान किया है. ''
आंदोलनकारी किसानों और सरकार के बीच अब तक पांच दौर की बात हो चुकी है, लेकिन अब कोई सर्वसम्मत समाधान नहीं निकल पाया है.
केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि सरकार बैठक में मौजूद 40 कृषक नेताओं से उनकी प्रमुख चिंताओं पर ठोस सुझाव चाहती थी. उन्होंने उम्मीद जताई कि उनके सहयोग से समाधान निकाला जाएगा.
पांचवें दौरे की शनिवार को हुई बैठक में कृषि मंत्री तोमर ने किसान नेताओं से बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को प्रदर्शन स्थलों से घर वापस भेजने की अपील की थी. तोमर ने सरकार की ओर से वार्ता की अगुवाई की. इसमें रेल, वाणिज्य और खाद्य मंत्री पीयूष गोयल तथा वाणिज्य राज्य मंत्री सोम प्रकाश ने भी भाग लिया.
बैठक के बाद कृषि मंत्री ने कहा कि सरकार ने किसानों को आश्वासन दिया है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद जारी रहेगी और मंडियों को मजबूत किया जाएगा. तोमर ने कहा, ‘‘हम कुछ प्रमुख मुद्दों पर किसान नेताओं से ठोस सुझाव चाहते थे, लेकिन आज की बैठक में ऐसा नहीं हुआ. हम नौ दिसंबर को एक बार फिर मिलेंगे.
सिंघु बॉर्डर पर इकट्ठा हुए किसान यहीं अपना खाना-पीना-रहना कर रहे हैं. न्यूज एजेंसी ANI से एक किसान ने कहा, 'सरकार को हमारी समस्याएं सुनने और कानून में कमियां देखने में सात महीने लग गए.' ये किसान पिछले हफ्ते बुधवार से यहां बैठे हुए हैं और वो कृषि कानून वापस लिए जाने तक यहां बैठने को तैयार हैं.
दुर्ग / शौर्यपथ / प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनने के बाद कुछ निगम मंडलों में अध्यक्ष सहित खाली पदों पर नियुक्ति हो गई है लेकिन अधिकांतर निगम मंडलों में नियुक्ति अभी बाकी है। जिसकी कुर्सी हथियाने के लिए दुर्ग भिलाई के कई कांग्रेसी एड़ी चोटी का जोर लगाये हुए है। खबर जोरो पर है इसके लिए नगर के एक कांग्रेस के प्रसिद्ध अल्पसंख्यक नेता सहित कई कांग्रेसी मलाईदार विभाग की कुर्सी पाने के लिए फायनेंसर ढूंढ रहे हैं।
सूत्रों से जानकारी मिली है कि नेता मलाईदार आयोग के अध्यक्ष (राज्यमंत्री का दर्जा प्राप्त) कुर्सी पाने के लिए यहां से लेकर दिल्ली तक दौड़ लगा रहे है, इसके लिए सीए सहित कई रसूखदार लोग जो इसके लिए पैसा लगा सकते हैं उनसे भी नेता संपर्क साध रहे हैं। जानकारी मिली है उपर चढावा देने की बात भी हो गई लेकन उपर से चढावा की डिमांड थोड़ी अधिक हो रही है जो करोड़ में है। लाखो में यदि होता तो बात अलग होती किन्तु मामला करोड़ का होना परेशानी का सबब बन गया है . खैर मामला जो भी हो किन्तु बचे हुए आयोग के अध्यक्ष पद के लिए सभी एडी चोटी का जोर लगा रहे है ताकि बचे हुए ३ साल के कार्यकाल में इस पद पर काबिज रहे किन्तु वही यह भी एक तथ्य है कि वर्तमान की कांग्रेस सरकार के मुखिया द्वारा जमीनी कार्यकर्ताओ को प्राथमिकता दिया जा रहा है और ये कोशिश की जा रही है कि राज्य मंत्री का दर्ज उन्हें ही मिले जो वर्षो से कांग्रेस में कार्य कर रहे है अब इंतज़ार है तो सूचि के जारी होने का जो कभी भी जारी हो सकती है कयास यह लगाया जा रहा है कि सप्ताह के अंत तक सूचि जारी हो सकती है .
भिलाई नगर / शौर्यपथ / नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्र अंतर्गत गंगाजली एजुकेशन सोसायटी जुनवानी एवं हुडको सेक्टर भिलाई में मेडिकल कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज, विद्यालय, हॉस्पिटल बिल्डिंग, हॉस्टल बिल्डिंग तथा अन्य भवनों के निर्माण को लेकर शिकायत प्राप्त होने पर इसकी जांच निगमायुक्त ऋतुराज रघुवंशी के निर्देश पर जोन आयुक्त सुनील अग्रहरि एवं उनकी टीम कर रही है! शिकायतकर्ता ने शिकायत की है कि गंगाजली एजुकेशन सोसाइटी द्वारा भवन पूर्णता प्रमाण पत्र प्राप्त किए बिना भवन का उपयोग, प्रदत्त अनुज्ञा से विचलन कर तथा बिना अनुमति निर्माण कार्य किया जा रहा है! जोन आयुक्त सुनील अग्रहरी ने इसके लिए 6 सदस्य टीम गठित कर भवनों का नाप जोख प्रारंभ कर दिया है!
जोन आयुक्त ने टीम में सहायक अभियंता सुनील दुबे, भवन निर्माण अधिकारी हिमांशु देशमुख, उप अभियंता दौलत चंद्राकर, उप अभियंता सिद्धार्थ साहू, सर्वेयर जगमोहन वर्मा एवं राजेश कुमार जांगड़े को सम्मिलित किया है! टीम आज जोन आयुक्त की उपस्थिति में शंकराचार्य इंजीनियरिंग कॉलेज पहुंची और सर्वप्रथम प्रशासनिक भवन का नाप जोख प्रारंभ किया! भवन को नापने के दौरान प्रारंभिक तौर पर बिना अनुमति के अतिरिक्त निर्माण किया जाना प्रतीत हो रहा है! निरीक्षण के दौरान कुछ निर्माणाधीन इंफ्रास्ट्रक्चर दिखे और कुछ नवीन कंट्रक्शन भी दिखाई दिए, नक्शा के आधार पर इसकी भी जांच की जा रही है! जोन आयुक्त अग्रहरी ने बताया कि गंगाजली एजुकेशन सोसाइटी के मेडिकल कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज, विद्यालय, हॉस्पिटल बिल्डिंग, हॉस्टल बिल्डिंग, स्विमिंग पूल एवं स्पोर्ट्स कॉन्प्लेक्स तथा अन्य भवनों की जांच की जाएगी! जिसकी शुरुआत प्रशासनिक भवन से आज की गई है! जांच की कार्रवाई के बाद यह पता चल सकेगा कि संपत्तिकर के स्व विवरणी में अंतर है या नहीं, अंतर है तो कितने का अंतर है यह सब भी जांच के बाद स्पष्ट हो पाएगा! आज नाप जोख की कार्रवाई में सहायक अभियंता सुनील दुबे, उप अभियंता सिद्धार्थ साहू, दौलत चंद्राकर तथा उमेश साहू सहित अन्य अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित रहे!
दुर्ग / शौर्यपथ / नगर पालिक निगम दुर्ग द्वारा सौंदर्यीकरण की दिशा में पूर्व में निर्मित मानस वाटिका की साफ-सफाई करायी जा रही है। मानस वाटिका में बड़ी-बड़ी जंगली झाड़ियाॅ उग आई है तथा मानस वाटिका का संधारण का क्षेत्र को सुन्दर बनाया जाएगा । इसके लिए आयुक्त इंद्रजीत बर्मन के निर्देश पर आज मानस वाटिका के अंदर झाड़ियों और निकासी नालियों की साफ-सफाई प्रथम चरण में किया गया ।
उल्लेखनीय है कि महापौर धीरज बाकलीवाल की मंशा के अनुरुप शहर का सौंदर्यीकरण कार्य निरंतर किया जा रहा है। इस दिशा में स्टेडियम के पास मानस भवन के किनारे निगम द्वारा मानव वाटिका बनाया गया था जो काफी जर्जर हो गया है। जिसका सौंदर्यीकरण के लिए प्रथमचरण के तहत् अभी झाड़ियों को काटकर साफ-सफाई करायी जा रही है।
दुर्ग / शौर्यपथ / बोरसी वार्ड 50 के निवासी जी. शशीकुमार, शैलजा मित्रा, कौशिक मित्रा ने आज बोरसी मंे स्थापित मुख्यमंत्री वार्ड कार्यालय का लाभ उठाया। उन लोगों ने वार्ड कार्यालय में जाकर अपना-अपना टैक्स जमा कराये। मुख्यमंत्री वार्ड कार्यालय में तीन करदाताओं ने कुल राशि 11982/- रु0 संपत्तिकर जमा कराये। इस दौरान सहा0 अभियंता जितेन्द्र समैया, उपअभियंता विनोद मांझी, सहा0 राजस्व अधिकारी प्रकाशधर दीवान, कर्मशाला अधीक्षक बिरेन्द्र ठाकुर, सहित अन्य विभागीय कर्मचारी उपस्थित थे।
बोरसी के मुख्यमंत्री वार्ड कार्यालय में आज बोरसी एलआईजी 162 निवासी भारती अत्रे ने खुली जमीन पर अतिक्रमण कर गंदगी कर परेशान करने की शिकायत दर्ज करायी है । अतिक्रमणकारी द्वारा बाड़ी बनाकर गंदगी करता है। इसी प्रकार एचआईजी आई 103 ए.के. नंदी ने अमृत मिशन के तहत् उनके घर के सामने खुदाई कर छोड़ दिये जाने, तथा नल का पाइप लाईन नहीं डाले जाने की शिकायत की गई है। इसी तरह है से बोरसी र्वाउ 51 निवासी नील सिंग द्वारा सड़क नं0 2 में नाली सफाई नहीं किये जाने की शिकायत की गई है। जिसे मुख्यमंत्री वार्ड कार्यालय में उपस्थित अधिकारियों ने पंजीकृत कर अग्रिम कार्यवाही के लिए प्रस्तुत किया गया है।
जिले में 16 दिसंबर को राम वन गमन पथ के पर्यटन स्थलों पर बाइकर्स रिले रेस में होंगे शामिल
कलेक्टर जय प्रकाश मौर्य ने अधिकारियों के साथ राम वन गमन पथ में प्रस्तावित बाइकर्स रैली के विभिन्न प्वाईंट्स का किया निरीक्षण , विराट बाइक रैली के लिए आवश्यक व्यवस्था करने दिए निर्देश
धमतरी / शौर्यपथ / प्रदेश की भूपेश बघेल सरकार की मंशा अनुरूप राज्य के जिले जहां राम वन गमन पथ हैं, उनके पर्यटन स्थलों पर पर्यटन रथ यात्रा और विराट बाइक रैली का आयोजन 14 दिसंबर से किया जा रहा है। प्रदेश के उत्तर में कोरिया जिले के सीतामढ़ी हरचैका और दक्षिण में सुकमा के रामा राम, दोनों छोरों से बाईक रैली शुरू हो रही है। आगामी 16 दिसंबर को दक्षिण से निकलकर कांकेर से आ रही है वह बाईक रैली धमतरी जिला पहुंचेगी। विराट बाइकर्स रैली के आयोजन की विस्तृत रूप-रेखा और व्यवस्थाओं का जायजा लेने कलेक्टर श्री जय प्रकाश मौर्य ने आज अधिकारियों के साथ राम वन गमन पथ में प्रस्तावित बाइकर्स रैली के विभिन्न प्वाईंट्स का निरीक्षण किया।
गौरतलब है कि रिले रेस की तर्ज पर आयोजित होने वाली इस बाइक रैली में बाइकर्स अपने जिले की सीमा तक ही हिस्सा लेंगे। इसके बाद पर्यटन रथ यात्रा के प्रतीक चिह्न को बाइकिंग समूह दूसरे जिले के बाइकिंग समूह को सौंप देगा। सूर्योदय से सूर्यास्त तक आयोजित होने वाली बाइक रैली जहां पहुंचेगी वहां राम पाठ का आयोजन भी किया जायेगा। जिले में कांकेर से आनेवाली बाइकर्स रैली और पर्यटन रथ यात्रा का स्वागत जिले के नगरी स्थित बांसपानी में किया जाएगा। यहां से जिले के बाइकर्स रिले रेस में हिस्सा लेंगे। कलेक्टर ने लोक निर्माण विभाग को स्वागत द्वार को सुसज्जित करने के निर्देश दिए हैं। यहां पर्यटन रथ को जिले के बाइकर्स को सौंप कर कांकेर के बाइकर्स वापस रवाना हो जाएंगे। धमतरी जिले में बाइकर्स की विराट रैली 148 किलोमीटर का सफर तय करते हुए गरियाबंद के नवापारा तक जाएगी।
विराट बाइक रैली नगरी के बांसपानी से होते हुए टांगापनी, बिरगुड़ी, सिहावा की ओर चलेगी। इस दौरान कर्क ऋषि आश्रम की तपोभूमि से पर्यटन रथ यात्रा में मिट्टी सौंपने का काम ठेमलीपारा में मुख्य मार्ग पर किया जाएगा। बिरगुडी में तिराहा में बाइकर्स रैली का स्वागत होगा। फिर सेमरा से होते हुए सिहावा और फिर देवपुर में रैली तय रूट पर चलेगी, यहां कर्णेश्वर धाम समिति द्वारा बाइकर्स समूह को पवित्र पर्यटन स्थल की मिट्टी सौंपी जाएगी। नगरी स्थित बस स्टैंड में बाइकर्स का स्वागत किया जाएगा।
यह रैली दुग्ली, केरेगांव, भोयना से होते हुए रुद्री पहुंचेगी। यहां। स्थित रुद्रेश्वर धाम के निकट स्टेडियम में बाइकर्स की लंच व्यवस्था की जाएगी। कलेक्टर ने अधिकारियों को भोजन के लिए जरूरी तैयारी करने के निर्देश मौके पर दिए। सुबह 9.30 बजे से अधिकारियों के साथ दौरा करते हुए वे रुद्री के बाद वापस भोयना से होते हुए अरौद, नगरी के छुही, साल्हेभाट होते हुए मगरलोड के बोरसी, पाहंदा, सोनेवारा, मोहंदी, मगरलोड, परसवानी, मधुबन में राम वन गमन पथ में प्रस्तावित बाइकर्स रैली का रूट देखते हुए मधुबन से नवापारा के लोमेश ऋषि आश्रम तक पहुंचे। ज्ञात हो कि रांकाडीह स्थित मधुबन धाम में बाइकर्स रैली की थोड़ी देर रूकने की व्यवस्था रहेगी। यहां लोक निर्माण विभाग को टेंट लगाकर व्यवस्था करने के निर्देश कलेक्टर ने दिए हैं। लोमश ऋषि जिले के बाइकर्स का अंतिम पड़ाव होगा। इसके बाद बाइकर्स पर्यटन रथ यात्रा को गरियाबंद जिले के बाइकर्स के जिम्मे सौंपेंगे।
कलेक्टर ने सभी प्वाईंट्स में बाइकर्स रैली के लिए टेंट, मेडिकल टीम, स्टॉल के जरिए बाइकर्स के लिए नींबू पानी, स्वयंसेवियों के सहयोग से इंतजाम करने पर जोर दिया। गौरतलब है कि इस चार दिवसीय विराट बाइक रैली और पर्यटन रथ यात्रा का 17 दिसंबर को राजधानी रायपुर के चंद्रखुरी में भव्य कार्यक्रम के साथ समापन होगा। इस दौरान हर जिले के राम वन गमन पथ पर पर्यटन रथ और बाइक रैली गुजरी है, वहां के पर्यटन स्थलों की मिट्टी संकलित कर रथ में रख चंद्रखुरी तक लाई जायेगी और उस मिट्टी से वृक्षारोपण भी किया जाएगा। आज कलेक्टर के साथ भ्रमण के दौरान पुलिस अधीक्षक बी.पी.राजभानु, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती नम्रता गांधी, वनमण्डलाधिकारी श्री अमिताभ बाजपेयी, उप पुलिस अधीक्षक श्रीमती मनीषा ठाकुर रावटे, अपर कलेक्टर दिलीप अग्रवाल सहित संबंधित अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत एवं जिला स्तरीय अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ शासन की विभिन्न रोजगारमूलक योजनाओं से जुड़कर दूरस्थ अनुसूचित जनजाति क्षेत्रों की महिलाएं भी अब शासन की योजनाओं का फायदा उठाकर आर्थिक उन्नति कर रही हैं। दंतेवाड़ा जिले के कुआकोंडा गांव की 10 महिलाओं के गायत्री स्व-सहायता समूह ने कृषि विभाग के ‘आत्मा‘ योजना से प्रेरित होकर हल्दी एवं अदरक की खेती करना प्रारम्भ किया है। जिससे उन्हें 25 हजार रूपए प्रति फसल मुनाफा हो रहा है। परंपरागत उत्पादन से उबरने में प्रयासरत 10 महिलाओं के कृषक समूह जिसका नाम गायत्री स्वयं सहायता समूह है के पास कुआकोंडा ग्राम में 20 एकड़ जमीन है, जिनमें मरहान, टिकरा, माल और गभार भूमि है। जिससे यह सभी अपनी मुख्य फसल देशी धान लगाते थे। जो सिर्फ उनके भरण-पोषण के लिए होती है, बाकी जरूरत के लिए अन्य कार्य या कृषि कार्य किए जाते हैं। जिले के कृषि विभाग के अधिकारियों ने गायत्री स्व-सहायता समूह की महिलाओं से संपर्क कर कृषि विभाग में संचालित आत्मा योजना अंतर्गत फसल प्रदर्शन की जानकारी दी और विभाग के अधिकारियों द्वारा निःशुल्क बीज खाद दवाई एवं प्रशिक्षण दिया गया। फसलों की नई तकनीकी ज्ञान हेतु शैक्षणिक भ्रमण भी करवाया गया ताकि खेती करना भी सीख सकें।
कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा गायत्री स्व-सहायता समूह को हल्दी अदरक की फसल लगाने हेतु प्रेरित किया गया। हल्दी एवं अदरक ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र में आसानी से बिक जाने वाली फसल है एवं उन के सही दाम तत्काल मिल भी जाते हैं। अधिकारियों द्वारा संबंधी प्रशिक्षण दिए गए जिससे फसल संबंधी जानकारी मिलती रहे। कृषि विभाग द्वारा गायत्री स्व-सहायता समूह के प्रत्येक महिला कृषक को 10 डीएम प्रदर्शन की दर से 5 कृषक को 40 किलोग्राम प्रदर्शन अदरक एव 5 कृषक को 40 किलोग्राम प्रदर्शन हल्दी लगाने हेतु बीज एव 10 किलोग्राम प्रति प्रदर्शन खाद उपलब्ध कराई गई एवं कीटांे के प्रकोप से बचाने हेतु जैविक कीटनाशक भी उपलब्ध कराया गया। गायत्री स्व-सहायता समूह द्वारा लगातार हल्दी एंव अदरक की फसल देखरेख एवं बढ़वार को देखते हुये प्रति प्रदर्शन 5 कृषक पैदावार मिलने की संभावना है, जिसे बाजार में बेचकर लगभग 20 से 25 हजार रूपए तक का मुनाफा प्रत्येक किसान आमदनी में इजाफा कर सकते है। गायत्री स्व-सहायता समूह के उन्नत खेती प्रबंध के लिए अपने गांव में ख्याति अर्जित कर चुकी है एव अन्य कृषकों को अन्य फसल लगाने एव कृषि विभाग क मार्गदर्शन लेने हेतु लोगों में रूचि पैदा करने में मिसाल कायम की हैद्य इस समूह के द्वारा ग्राम की अन्य महिला एव पुरुष कृषकों जैविक खेती के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
