August 08, 2026
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    शौर्यपथ

    शौर्यपथ

    बिलासपुर / शौर्यपथ / राउत नाच और काक्षन सोहाई तो पूरे प्रदेश में अलग अलग जगहों में होता है लेकिन बिलासपुर में इसका भव्य आयोजन करते हुए इसे महोत्सव की तरह मनाया जाता है। बिलासपुर का राउत नाच महोत्सव प्रदेश में ही नहीं प्रदेश के बाहर भी अपनी खासियत के लिए जाना जाता है। यह महोत्सव बिलासपुर की पहचान है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज बिलासपुर में 43वें राउत नाच महोत्सव का शुभारंभ करते हुए यह बात कही।
    मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि बिलासपुर में राउत नाचा उत्सव की शुरूआत छोेटे से बाजार के रूप में हुई लेकिन पूर्व मंत्री स्व. श्री बी.आर.यादव एवं श्री कालीचरण यादव के प्रयासों से यह महोत्सव 43वें वर्ष में आ पहुंचा है। उन्होंने कहा कि भगवान कृष्ण के समय से ही गौ-पालन प्रचलित है। गौ का महत्व धार्मिक पुराणों में भी मिलता है लेकिन वर्तमान समय में देश में गायों की दुर्दशा हो रही है साथ ही चरवाहों की स्थिति भी खराब हो रही है। इनकी दुर्दशा को रोकने के लिए छ.ग.सरकार ने गोठान की व्यवस्था और चरवाहांे की व्यवस्था बनाई है। गोठान में चारा, पानी, चरवाहे की व्यवस्था के साथ साथ गोबर खरीदने की शुरूआत भी छत्तीसगढ़ में की गई। आज सरकार 2 रूपये किलो में गोबर खरीद रही है और एक रूपये किलों में चावल गरीबों को दिया जा रहा है। गोठानों में उपलब्ध गोबर को बेचकर आज चरवाहे हजारों रूपए कमा रहे हैं। यह उनके आय का स्त्रोत बन गया है। गोबर से वर्मी कम्पोस्ट बनाकर महिलाओं को भी रोजगार मिल रहा है। रासायनिक खाद के दुष्प्रभाव को रोकने के लिए वर्मी कम्पोस्ट के उपयोग से जैविक खेती की ओर बढेंगे और बीमारी से दूर होंगे। इस सोच के साथ छत्तीसगढ़ सरकार कार्य कर रही है।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि राउत नाच महोत्सव का यह 43वां वर्ष यह सतत् रूप से चलता रहे, इसके लिए हर संभव मदद की जाएगी। उन्होंने महोत्सव में भाग लेेने वाले प्रत्येक नर्तक दल को 5-5 हजार रूपए देने और पशु औषाधालय निर्माण की घोषणा की। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए लोक निर्माण मंत्री एवं जिले के प्रभारी ताम्रध्वज साहू ने अपने उद्बोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति, वेशभूषा, खाना, रीति-रीवाज को आगे बढ़ाने का कार्य छत्तीसगढ़ सरकार कर रही है। छत्तीसगढ़ के पारम्परिक पकवानों की खुशबू देश की राजधानी तक महक रही है।
    कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिव डहरिया ने कहा कि छत्तीसगढ़ में लोक कला, संस्कृति, परम्परा को जीवंत करने का कार्य छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किया जा रहा है। इस अवसर पर संसदीय सचिव एवं तखतपुर विधायक श्रीमती रश्मि सिंह, बिलासपुर विधायक शैलेष पाण्डेय, अपेक्स बैंक के अध्यक्ष बैजनाथ चंद्राकर, नगर निगम के महापौर रामशरण यादव, भिलाई के महापौर एवं विधायक देवेन्द्र यादव, अटल श्रीवास्तव ने संबोधित किया। इस अवसर पर स्वागत उद्बोधन कृष्ण कुमार यादव ने दिया। आभार प्रदर्शन राउत नाचा महोत्सव आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ. कालीचरण यादव ने किया।
    पारम्परिक वेशभूषा में राउत नाचा का आनंद लिया मुख्यमंत्री ने
    कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री को यादवों के पारम्परिक वेशभूषा से संवारा गया। मुख्यमंत्री बघेल कलगी, पागा, जैकेट, कौड़ी पहनकर लाठी लेकर नृतकों के गोल घेरे में पहुंचे और उनके साथ गड़वा बाजा और मुरली के धुन में दोहा पढ़ते हुए नृत्य का आनंद उठाया। उनके साथ नृत्य में अन्य अतिथि भी शामिल हुए।
    कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के सलाहकार प्रदीप शर्मा, विनोद वर्मा, खनिज विकास निगम के अध्यक्ष गिरीश देवांगन, जिला पंचायत अध्यक्ष अरूण सिंह चौहान सहित जनप्रतिनिधि, नागरिकगण एवं प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आये हुए राउत नर्तक दल उपस्थित थे।

        भिलाई नगर / शौर्यपथ / आज सुबह भिलाई नगर विधायक व महापौर  देवेंद्र यादव ने एमआईसी सदस्य नीरज पाल के साथ सेक्टर 5 स्थल निरीक्षण पर पहुंचे। जहाँ शौर्य स्मारक का तेजी से निर्माण किया जा रहा है। निर्माण कार्य की गुणवत्ता और कार्य का निरीक्षण करने के लिए महापौर सुबह 7 बजे पहुंचे। जहां महापौर श्री यादव ने पूरे निर्माण कार्य स्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। जल्द ही मुख्यमंत्री भूपेश बघेल लोकार्पण कर भिलाई की जनता को 'शौर्य स्मारक' को देश की जनता को समर्पित करेंगे। जो देश में अनूठा होगा। यहाँ शहीद भगत सिंह की सबसे बड़ी मूर्ति लगाई जाएगी। माना जा रहा है कि जो पूरे विश्व मे शाहिद भगत सिंग की सबसे बड़ी मूर्ति होगी। जिसका निर्माण कार्य भी तेजी से चल रहा है। भिलाई महापौर देवेंद्र यादव को एमआईआई मेंबर नीरज पाल ने बताया कि काम तेजी से चल रहा है और जल्द ही पूरा हो जाएगा! सिविक सेंटर के पास स्थित इस तालाब में लोग परिवार सहित घूमने आएंगे। साथ ही शहीद भगत सिंह की प्रतिमा युवाओं को प्रेरित करते रहेगी। युवाओं को देश भक्ति और शाहिदो की कुर्बानियों की याद दिलाती रहेगी। गौरतलब है कि भिलाई के युवा महापौर देवेंद्र यादव शहीद भगत सिंह के अनुयायी है, उन्हें अपना मार्गदर्शक मानते है।

        इसलिए महापौर युवाओं को उनकी कुर्बानी की याद दिलाते रहने के लिए उनकी मूर्ति स्थापित करने की मंशा थी। इसलिए ये उनकी महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक है। इस कारण महापौर श्री यादव लगातार निर्माण कार्य का निरीक्षण कर रहे हैं। इसके लिए करीब डेढ़ करोड़ की लागत से निर्माण कार्य कराया जा रहा है। महापौर ने संबंधित निगम के जोन अधिकारियों से निर्माण कार्य की जानकारी ली। तब अधिकारियों ने बताया कि 80 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है और जल्द ही बचा हुआ काम भी पूरा हो जाएगा। ऐसे में महापौर श्री यादव ने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।

    वर्तमान खरीफ मौसम में खरीदे गए धान के लिए राजीव किसान न्याय योजना
    की पहली किश्त आगामी मई में 
    मुख्यमंत्री ने जशपुर के गम्हरिया धान खरीदी केंद्र में किसानों को दी जानकारी

    किसानों से गर्मजोशी से मिले, धान खरीदी की व्यवस्था और भुगतान की ली जानकारी
    किसानों ने बताया दो दिन पहले बेचे गए धान का मिल गया है भुगतान

        रायपुर / शौर्यपथ /

    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज जशुपर जिले के ग्राम गम्हरिया के धान खरीदी केन्द्र में किसानों के साथ चर्चा में कहा कि राजीव गांधी किसान न्याय योजना की चौथी और अंतिम किस्त का भुगतान चालू वित्तीय वर्ष में ही माह मार्च में किया जाएगा। उन्होंनेे किसानों को बताया कि वर्तमान खरीफ मौसम में खरीदे जा रहे धान के लिए राजीव किसान न्याय योजना के अंतर्गत अतिरिक्त राशि की पहली किश्त आगामी मई में दी जाएगी।  

       मुख्यमंत्री  बघेल आज अपने जशपुर प्रवास के दूसरे दिन जिले के ग्राम गम्हरिया स्थित धान खरीदी केंद्र पहुंचे। उन्होंने वहां 10 गांवों के 15 किसानों से चर्चा कर धान खरीदी की व्यवस्था और भुगतान की जानकारी ली। किसानों ने धान खरीदी की व्यवस्था को दुरूस्त बताते हुए मुख्यमंत्री को जानकारी दी कि उनके द्वारा गम्हरिया धान खरीदी केंद्र में दो दिन पहले बेचे गए धान का भुगतान हो गया है। वहां मौजूद ग्राम साईटांगरटोली के किसान श्री खैरूद्दीन ने बताया कि उन्हें दो-तीन दिन पहले चालू खरीफ मौसम के बेचे गए धान के लिए एक लाख 20 हजार रूपए का भुगतान प्राप्त हुआ है। गम्हरिया धान खरीदी केन्द्र के अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष धान खरीदी के शुरुआती चार दिनों में ही वहां 21 किसानों से 974 क्विंटल धान की खरीदी कर ली गई है।
        मुख्यमंत्री बघेल को धान खरीदी केन्द्र गम्हरिया में उपस्थित जशपुर जिले के किनकेला, पुत्रीचौरा, लुईकोना, सारुडीह, पथराटोली, साईटांगरटोली, पोड़ी, गलोंडा, पैकू और टिकैतगंज गांव के किसानों ने बताया कि उन्हें राजीव किसान न्याय योजना के तहत सरकार द्वारा दी गई राशि की तीन किस्तें मिल चुकी हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इसकी चौथी और अंतिम किश्त का भुगतान चालू वित्तीय वर्ष में ही मार्च में किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने किसानों को बताया कि वर्तमान खरीफ मौसम में खरीदे जा रहे धान के लिए राजीव किसान न्याय योजना के अंतर्गत अतिरिक्त राशि की पहली किश्त मई में दी जाएगी।  
        मुख्यमंत्री जशपुर के कृषि उपज मंडी समिति कार्यालय के प्रांगण में स्थित गम्हरिया धान खरीदी केंद्र में किसानों से गर्मजोशी से मिले। उन्होंने किसानों से खेती-किसानी के साथ ही उनके घर-परिवार के बारे में भी बात की। श्री बघेल ने किसानों के आग्रह पर उनके साथ सामूहिक फोटो भी खिंचवाया। खाद्य मंत्री अमरजीत भगत, संसदीय सचिव  चिंतामणि महराज, छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष  गिरीश देवांगन, मुख्यमंत्री के सलाहकार  विनोद वर्मा, विधायक विनय भगत, सरगुजा संभाग की आयुक्त सुश्री जिनेविवा किंडो और जशपुर के कलेक्टर  महादेव कावरे भी इस दौरान मौजूद थे।

    खाना खजाना / शौर्यपथ / चाइनीज भेल मुंबई की एक लोकप्रिय स्ट्रीट फूड रेसिपी है। जिसे लोग अक्सर शाम के नाश्ते में बनाकर खाना पसंद करते हैं। अगर आप भी घर आए मेहमानों को शाम के नाश्ते में कुछ अलग परोसकर खिलाना चाहते हैं तो ट्राई करें ये क्रंची चाइनीज भेल रेसिपी। यकीन मानिए सेहत के साथ स्वाद भी हो जाएगा दोगुना।

    चाइनीज भेल बनाने के लिए सामग्री-
    -नूडल्स
    -सब्जियां- पत्तागोभी, गाजर, लाल बेल पेपर, शिमला मिर्च, पीली शिमला मिर्च, -प्याज और टमाटर
    -1/2 टेबल स्पून मिर्च का पेस्ट
    -लेब्जेल्टर गुप्त मसाले
    -स्वादानुसार नमक
    -1/2 टेबल स्पून सिरका
    -5 बूंदें सोया सॉस

    चाइनीज भेल बनाने का तरीका-
    चाइनीज भेल बनाने के लिए सबसे पहले थोड़ी नूडल्स लें और एक पैन में थोड़ा सा तेल डालकर उन्हें फ्राई कर लें। अब पत्तागोभी, गाजर, लाल शिमला मिर्च, शिमला मिर्च, पीली शिमला मिर्च, प्याज और टमाटर को जूलियन काटकर सभी सब्जियों और नूडल्स को एक साथ मिला लें। इसमें चिली पेस्ट के साथ लेब्जेल्टर मसालों को भी डाल दें। अब इसमें नमक, सिरका और सोया सॉस डालें। अच्छी तरह से मिलाएं और सर्व करें।

    सेहत /शौर्यपथ / अगर आप भी उन लोगों में शामिल हैं जिन्हें सुबह उठने में आलस आता है या फिर बिस्तर छोड़ने के बाद भी पूरा दिन सुस्ती बनी रहती है तो आपको अपनी डाइट में कुछ बदलाव करने की जरूरत है। जी हां ब्रेकफास्ट में किए गए कुछ आसान बदलाव आपको पूरा दिन फ्रेश रखने में आपकी मदद कर सकते हैं। आइए जानते हैं कैसे सिर्फ अपने नाश्ते में ये 5 चीजे शामिल करके आप दिनभर रह सकते हैं एकदम फ्रेश।
    हनी टोस्ट-
    अगर आप एक्सरसाइज करने के बाद भी दिन भर सुस्त बने रहते हैं तो अपनी सुबह की शुरुआत कॉफी से बिल्कुल न करें। हो सकता है कॉफी में मौजूद कैफीन आपको सूट नहीं कर रहा हो। अपने दिन की शुरुआत गर्म पानी में शहद डालकर पीने से करें। इसके अलावा आप शहद को टोस्‍ट या ओट्स में डालकर भी अपने ब्रेकफास्ट में शामिल कर सकते हैं। ऐसा करने से आपका पेट लंबे समय तक भरा रहेगा और शरीर को काम करने के लिए पर्याप्त एनर्जी भी मिलेगी।
    ओट्स
    ओट्स आपको दिनभर चुस्त बनाए रखने के लिए काफी होते हैं। आप अपनी सुबह की शुरुआत ओट्स खाकर कर सकते हैं। सुबह किए गए इस नाश्ते से आपका पेट दिनभर भरा रहेगा और शरीर का मैटाबॉलिज्‍म भी बढ़ने में मदद मिलेगी।
    चॉकलेट मिल्‍क-
    अगर आप सुबह की शुरूआत करने के लिए कॉफी का विकल्प तलाश रहे हैं तो आप सुबह दूध में चॉकलेट पाउडर मिला कर पी सकते हैं। चॉकलेट मिल्‍क में मौजूद प्रोटीन ब्रेन को बूस्ट करके आपको एनर्जेटिक बनाए रखने में मदद करता है। इसके अलावा चॉकलेट में मौजूद कोको पाउडर में प्राकृतिक कैफीन पाया जाता है जो ब्‍लड शुगर मेंटेन करने में मदद करता है।
    अंडे-
    अंडों में मौजूद प्रोटीन और कैल्शियम आपकी बॉडी को पूरा दिन चार्ज रखने में मदद कर सकते हैं। इसके लिए आप रोजाना सुबह नाश्ते में दो अंडें और ब्रेड को शामिल कर सकते हैं।
    स्पाइसी नाश्ता-
    हालांकि कई लोग सुबह नाश्ते में मिर्च-मसाले वाला खाना खाने से परहेज करते हैं। लेकिन ऐसा करने की पूर्ण तौर पर मनाही भी नहीं होती है। आप दिनभर चुस्त बने रहने के लिए ब्रेकफास्‍ट में कुछ मसालेदार भी शामिल कर सकते हैं। सुबह ब्रेकफास्ट में शामिल किया गया मसालेदार चीज आपका मैटाबॉलिज्‍म बढ़ाकर आपको दिनभर चुस्‍त-दुरूस्‍त बनाने में आपकी मदद करेगा।

    सेहत / शौर्यपथ /औषधीय गुणों से भरपूर अजावाइन हर भारतीय रसोई में जरूर पाई जाती है। इसका सेवन करने से सिर्फ बदन और पेट दर्द ही नहीं बल्कि मोटापे से भी मुक्ति मिलती है। मोटापा ना सिर्फ आपकी पर्सनैलिटी खराब करता है बल्कि स्वास्थ्य के लिहाज से भी बहुत नुकसानदेह होता है। तो ऐसे में आइए जान लेते हैं आखिर कैसे अजवाइन का इस्तेमाल करके आप इस परेशानी से मुक्ति पा सकते हैं।
    मोटापा कम करने के लिए ऐसे करें अजवाइन का इस्तेमाल-
    -पचास ग्राम अजवायन लेकर 1 गिलास पानी में रातभर के लिए भिगोकर छोड़ दें। रातभर भिंगोने के बाद सुबह इस पानी को छान कर पीएं।
    मोटापा ही नहीं अजवायन से सेहत को होते हैं ये लाभ-
    - अजवायन के छने हुए पानी में आधा चम्मच नींबू निचोड़ कर डाल लीजिए साथ ही इसमें 1 चम्‍मच शहद भी मिक्स करें त्वचा पर लगाएं। त्वचा संबंधी बीमार दूर होगी।
    - खाली पेट अजवाइन का पानी पीने से कब्ज और गैस से राहत मिलती है।
    -अजवाइन खाने से भूख भी लगती है तथा पाचन क्रिया ठीक से काम करती है।
    -अजवायन का पानी पीने से शरीर का मेटाबॉलिज्‍म बढ़ता है जिसकी वजह से कार्ब तथा फैट बर्न होने की प्रक्रिया शुरु हो जाती है।

    खेल /शौर्यपथ / भारत और आस्ट्रेलिया के बीच टेस्ट सीरीज का पहला मैच 17 दिसंबर को खेला जाएगा। लेकिन उससे पहले दोनों देशों के बीच दो अभ्यास मैच होंगे। इंडिया ए और आस्ट्रेलिया ए के बीच होने वाले तीन दिवसीय अभ्यास मैच से पहले आस्ट्रेलियाई बल्लेबाज ट्रेविस हेड ने भारतीय बोलिंग लाइन की तारीफ की। ट्रेविस हेड आस्ट्रेलिया ए टीम के कप्तान है। पहला मैच रविवार को खेला जाएगा।
    प्रेस कांफ्रेंस को सम्बोधित करते हुए 26 वर्षीय बल्लेबाज ने कहा,'भारतीय गेंदबाजी आक्रामण काफी शानदार है। सभी गेंदबाज एक दूसरे का बखूबी साथ निभाते हैं। आपका सामान मोहम्मद समी जैसे गेंदबाजों से होगा। जिनके खिलाफ आप ढिलाई नहीं कर सकते। आपको हर एक भारतीय गेंदबाज के सामने सतर्क रहना होगा। उनके खिलाफ आपको हमेशा 100 प्रतिशत देना होगा।'
    ट्रेविस हेड 2018 में भारत के खिलाफ खेली गई सीरीज़ का हिस्सा थे। तब ट्रेविस हेड ने दो अर्द्धशतक लगाए थे। ट्रेविस ने कहा, 'इन अभ्यास मैचों का फायद आस्ट्रेलिया ए टीम को मिलेगा। खिलाड़ियों के लिए यह शानदार मौका है। और वह पूरी तरह से तैयार हैं। पिछले 12 से 18 महीने हमारे लिए काफी शानदार रहे हैं। खिलाड़ी काफी उत्साहित हैं हम पहले दिन से ही दबाव बनाने की कोशिश करेंगे।'
    पिछली भारत और आस्ट्रेलिया सीरीज़ का हिस्सा रहे ट्रेविस कहते हैं, 'उस सीरीज की यादें काफी अच्छी थी। उसका फायदा हमें मिलेगा। तब से अब तक मेरे खेल में भी काफी सुधार आया है।' इंडिया ए और आस्ट्रेलिया ए के बीच पहला तीन दिवसीय अभ्यास मैच रविवार को रेड बाल से खेला जाएगा जबकि दूसरा मैच 11 दिसंबर से पिंक बाल से खेला जाना है। वहीं पहला टेस्ट मैच 17 दिसंबर से शुरु होगा। वन-डे सीरीज गंवाने के बाद भारत ने पहला टी-ट्वेंटी मैच जीत लिया है।

    शौर्यपथ /कहते हैं कि सोते समय सिर दक्षिण में और पैर उत्तर दिशा की ओर होने चाहिए क्योंकि साधारण चुंबक शरीर से बांधने पर वह हमारे शरीर के ऊत्तकों पर विपरीत प्रभाव डालता है। इसी सिद्धांत पर यह निष्कर्ष भी निकाला गया कि अगर साधारण चुंबक हमारे शरीर पर विपरीत प्रभाव डाल सकता है तो उत्तरी पोल पर प्राकृतिक चुम्बक भी हमारे मन, मस्तिष्क व संपूर्ण शरीर पर विपरीत असर डालता है लेकिन मृतक का सिर हमेशा उत्तर दिशा की ओर रखा जाता है।
    हमारे यहां मृत्यु से जुड़ी अनेक परंपराए हैं। इन्हीं परंपराओं में से एक परंपरा है मौत के बाद मृतक का सिर उत्तर दिशा की ओर रखने की। इस परंपरा को निभाते तो अधिकांश लोग हैं लेकिन बहुत कम लोग ये जानते हैं कि मृतक का सिर उत्तर दिशा की ओर ही क्यों रखना चाहिए? दरअसल आत्मा नश्वर है और शरीर नष्ट होने वाला है। जिस प्रकार हम कपड़े बदलते हैं उसी प्रकार आत्मा शरीर बदलती है।
    शरीर का अंत मृत्यु के साथ ही हो जाता है। मृतक का सिर उत्तर की ओर करके इसलिए रखते हैं कि प्राणों का उत्सर्ग दशम द्वार से हो। चुम्बकीय विद्युत प्रवाह की दिशा दक्षिण से उत्तर की ओर होती है। कहते हैं मरने के बाद भी कुछ क्षणों तक प्राण मस्तिष्क में रहते हैं। अत: उत्तर दिशा में सिर करने से ध्रुवाकर्षण के कारण प्राण शीघ्र निकल जाते हैं। जीव के प्राण शीघ्र ही मुक्त हो जाते हैं। इसलिए मृतक को हमेशा उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए।
    शास्त्रों के अनुसार मरणासन्न व्यक्ति का सिर उत्तर की तरफ रखना चाहिए और मृत्यु के बाद अंत्येष्ठी-संस्कार के समय उसका सिर दक्षिण की तरफ रखना चाहिए। मरणासन्न में यानि कि मृत्यु जब करीब हो, जब यह निश्चित हो जाए कि मृत्यु आने ही वाली है किंतु प्राण निकलने में कष्ट अधिक हो रहा हो तो मृत्यु को प्राप्त करने वाले व्यक्ति का सिर उत्तर दिशा की ओर कर देना चाहिए।
    ऐसा माना जाता है कि व्यक्ति के प्राण मस्तिष्क के मार्ग से जल्दी निकल जाते हैं और मरने से ठीक पहले यदि मस्तिष्क को उत्तर दिशा की ओर रख दिया जाए तो ध्रुवाकर्षण के कारण प्राण शीघ्र और कम कष्ट से निकल जाते हैं।
    मृत्यु के बाद जब शव का दाह संस्कार किया जाता है उस समय शव के सिर को दक्षिण दिशा की ओर रखना चाहिए। शास्त्रों के अनुसार दक्षिण की दिशा मृत्यु के देवता यमराज की मानी गई है। इस दिशा में शव का सिर रख हम उसे मृत्यु के देवता को समर्पित कर देते हैं।

    मनोरंजन /शौर्यपथ / आदित्य नारायण और श्वेता अग्रवाल अपनी मैरिड लाइफ एंजॉय कर रहे हैं। 1 दिसंबर को दोनों ने परिवार वालों के बीच शादी की। अब श्वेता का एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें वह शादी के बाद की रस्में निभा रही हैं। वीडियो में आप देखेंगे कि श्वेता अपनी सास दीपा नारायण के साथ कुछ बना रही हैं।
    आदित्य इस मौके पर श्वेता के साथ मजाक करते हैं और कहते हैं, टेस्ट में कोई कसर नहीं छूटनी चाहिए वरना जाओ अपने ससुराल वालों के पास। फिर जब सब उन्हें ठीक करते हैं कि ससुराल नहीं मायके वालों के पास तो आदित्य कहते हैं हां मायके वालों के पास। आदित्य की बात सुनकर श्वेता भी अपनी हंसी नहीं रोक पातीं।
    बताते चलें कि सिंगर आदित्य नारायण ने 1 दिसंबर को मंगेतर श्वेता अग्रवाल से मंदिर में शादी की। श्वेता के साथ सात फेरे लेने के बाद आदित्य बेहद खुश हैं। उनका कहना है कि श्वेता से शादी से करना सपना सच होने जैसा है। आदित्य ने शादी से पहले श्वेता को 11 साल तक डेट किया है।

    हाल ही में बॉम्बे टाइम्स से बातचीत में आदित्य ने कहा, 'श्वेता और मै शादीशुदा है यह ख्वाब जैसा महसूस होता है। यह एक सपने जैसा है, जो सच हो गया। मैं श्वेता के सिवाय किसी और के साथ अपनी लाइफ बिताने के बार में सोच भी नहीं सकता हूं। उन्होंने मुझे एक अच्छा इंसान बनने में मदद की है। श्वेता वह शख्स है जिनके साथ में मैं वह होता हूं जो कि मैं हूं।'
    आदित्य का फट गया था पजामा
    शादी के दौरान आदित्य नारायण का पजामा फट गया था तो ऐसे में उन्हें अपने एक दोस्त की मदद लेनी पड़ी। स्पॉटबॉय के साथ इंटरव्यू के दौरान आदित्य से पूछा गया शादी के दौरान आपका सबसे यादगार पल कौन-सा रहा? इसके जवाब में उन्होंने कहा, 'मुझे मेरे दोस्त का पजामा पहनना पड़ा था। जब श्ववेता को वरमाला पहनाने के लिए मुझे उठाया गया तो मेरा पजामा फट गया था। ऐसे में फेरों के लिए मुझे दोस्त से उनका पजामा मांगना पड़ा। शुक्र है कि मेरी और मेरे दोस्त की कद-काठी एक जैसी है।'

    दुर्ग । शौर्यपथ । अपनी बात को बेबाकी से रखने वाले भिलाई निगम के महापौर एवं भिलाई नगर के विधायक देवेन्द्र यादव ने 8 दिसम्बर को किसानों के आंदोलन का समर्थन करते हुए किसानों द्वारा भारत बन्द के आव्हान का समर्थन करते हुए किसानों की पीड़ा और समाज मे किसानों के महत्त्व की बात का जोर देते हुए सोशल मीडिया में किसानों के लिए अपनी बात रखी । विधायक ने कहा कि हरियाणा, दिल्ली की इस सर्द मौसम में खुले आसमान के नीचे जल रहा यह चूल्हा, भारत का वो अक्षय पात्र है जिसमें अन्न कभी खत्म नहीं होने वाला, यह लड़ाई किसी किसान की नहीं है, यह लड़ाई हर बच्चे-बूढ़े-नौजवान की है, जहाँ हर घर का चूल्हा 'किसान' पर निर्भर है। हमारा किसान केवल अपनी फसल के दाम के लिए नहीं लड़ रहा, इस लड़ाई में हर घर की रसोई का बढ़ता खर्च भी शामिल है जो इन कानूनों के कारण हाथ से बाहर हो जाएगी। जिनके लिए हम कानून बनाते हैं, यदि वो ही खुश न हो तो ऐसे नियम, कानून और बेतुकी न्याय की बातें बेमानी है। मैं देवेंन्द्र यादव, 8 दिसम्बर को किसानों द्वारा बुलाए गए 'भारत बंद' का पुरजोर समर्थन करता हूँ और देश के तमाम आंदोलनरत किसान भाइयों-माताओं के कुशलक्षेम की कामना करता हूँ जय जवान-जय किसान

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