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रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर प्रदेश में कोविड-19 के परीक्षण के लिए आरटीपीसीआर, रेपिट एंटिजन और ट्रूनाट टेस्ट की दरें काफी कम कर दी गई है। राज्य के निजी अस्पतालों और पैथालाॅजी केन्द्रों में नई दरें तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है। आज स्वास्थ्य विभाग द्वारा इस संबंध में आदेश जारी कर दिया गया है।
जारी आदेश के तहत आरटीपीसीआर टेस्ट के लिए यदि सेम्पल कलेक्शन पैथोलाजी सेन्टर में किया जाता है तो इसके लिए मरीज से 750 रूपए का शुल्क निर्धारित किया गया है। इसी प्रकार सेम्पल कलेक्शन मरीज के घर अथवा प्राइवेट अस्पताल में जाकर लिया जाता है तो उस स्थिति में मरीजों से जांच शुल्क 200 रुपए प्रति मरीज अतिरिक्त लिया जाएगा।
इसी तरह ट्रूनाॅट नेट टेस्ट के लिए यदि कोविड-19 टेस्ट का सेम्पल कलेक्शन पैथोलाजी सेन्टर में किया जाता है तो इसके लिए जांच शुल्क 1500 रूपए प्रति मरीज लिया जायगा। सेम्पल कलेक्शन मरीज के घर अथवा प्राइवेट अस्पताल में जाकर लिया जाता है तो उस स्थिति में मरीजों से जांच शुल्क 200 रुपए प्रति मरीज अतिरिक्त लिया जाएगा।
रेपिड एंटिजन टेस्ट के लिए यदि कोविड-19 टेस्ट का सेम्पल कलेक्शन पैथोलाजी सेन्टर में किया जाता है तो इसके लिए जांच शुल्क 400 रूपए प्रति मरीज लिया जायगा। इसी प्रकार सेम्पल कलेक्शन मरीज के घर अथवा प्राइवेट अस्पताल में जाकर लिया जाता है तो उस स्थिति में मरीजों से जांच शुल्क 200 रुपए प्रति मरीज अतिरक्ति लिया जाएगा। इस शुल्कों में सेम्पल कलेक्शन, ट्रांसपोर्ट शुल्क, जांच शुल्क एवं कंज्युमेबल, पीपीई किट इत्यादि का शुल्क सम्मिलित है।
दुर्ग / शौर्यपथ / महिला के घर में घुसकर छेडख़ानी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर उतई पुलिस ने कार्यवाही किया है। आरोपी डिलन साहू पिता रामरतन साहू पतोरा का रहने वाला है। महिलाओं पर हो रहे अपराध पर कार्यवाही हेतु वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देश को उतई थाना ने अमलीजामा पहनाया है। 4 दिसंबर को पतोरा निवासी डिलन साहू ने एक महिला से उसके घर में घुसकर छेडख़ानी किया। इस मामले में थाना प्रभारी नवी मोनिका पांडेय ने त्वरित कार्यवाही करते हुए आरोपी को धरदबोचा। आरोपी के खिलाफ धारा 456, 354 के तहत कार्यवाही किया गया। इस कार्यवाही में महिला प्रधान आरक्षक हेमलता वर्मा, आरक्षक ओमप्रकाश श्रीवास, कौशलेन्द्र बघेल एवं राजकुमार चंद्रा की भूमिका सराहनीय रही।
दुर्ग / शौर्यपथ / उतई थाना पुलिस ने नशे के अवैध कारोबार के विरुद्ध चलाये जा रहे अभियान के तहत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों में अरुण मिश्रा (27 वर्ष) मठपारा दुर्ग तथा गौतम चक्रवर्ती (64 वर्ष) गया नगर दुर्ग शामिल है। इनसे 15 किलो गांजा बरमद किया गया है।
उतई थाना प्रभारी मोनिका पांडेय के मुताबिक दो युवकों के बारे में जानकारी मिली थी कि वे अपने मोटर साइकिल की डिक्की वाली जगह में लगाकर रखे बैग में गांजे की छोटी-छोटी पुडिय़ा बनाकर बेच रहे हैं। वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना देने के बाद आरोपियों को धरदबोचा गया। आरोपियों से 5 किलो गांजा, 2 मोबाइल फोन, पल्सर मोटर साइकिल एवं बिक्री के 500 रुपए जब्त किया गया। जब्क की गई सामानों की कीमत 1 लाख 70 हजार 500 रुपए आंकी गई है। इस कार्यवाही में एएसआई चन्द्रशेखर सोनी, प्रान आरक्षक अश्वनी कुमार, आरक्षक कौशलेंद्र बघेल, नारायण ठाकुर, आकाश तिवारी व रामकुमार चंद्रा की सराहनीय भूमिका रही।
रिसाली / शौर्यपथ / चेतावनी के बाद भी नाली के ऊपर स्लैब ढालने वालों से निगम प्रशासन सख्ती से पेश आ रही है। शनिवार को मार्निंग विजिट के दौरान अपर कलेक्टर प्रकाश कुमार सर्वे मस्जिद गली पहुंचे। जाम नाली को देख आयुक्त न केवल स्लैब तोडऩे निर्देश दिए, बल्कि जुर्माना वसूलने भी कहा। मार्निंग विजिट के दौरान रिसाली निगम के आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे श्रमिक बाहुल्य व निचली बस्ती का भ्रमण किया। आयुक्त साइकिल से गली-कूचो की सफाई व्यवस्था देखते हुए मस्जिद गली रूआबांधा पहुंचे। यहां पर कुछ लोगों ने घरों के सामने नाली पर स्लैब ढाल कर उस पर बैठने चबूतरा बना लिया था। इस वजह से निगम के कर्मचारी नाली सफाई नहीं कर पा रहे है। बजबजाती नाली को देख आयुक्त ने स्लैब को तत्काल तोडऩे निर्देश दिए।
राजस्व विभाग करेगा सर्वे
आयुक्त ने आम नागरिकों से कहा है कि नाली पर किए अतिक्रमण स्वत: हटा ले। उन्होंने राजस्व विभाग को निर्देश दिए है कि वे पूरे क्षेत्र का सर्वे करे और नाली पर अतिक्रमण पाए जाने पर तत्काल उसे हटाकर जुर्माना वसूल करे।
नाम बताए अथवा जुर्माना दे
भ्रमण के दौरान क्षेत्र में नालियों में कचरा फेके जाने की शिकायत अधिक मिली। इस पर आयुक्त ने निर्देश दिए कि जिस स्थान के नाली में कचरा मिला है उस क्षेत्र में पूछताछ करे कि कचरा किसने फेका है। नाम पता नहीं चलने पर उस घर से जुर्माना वसूल करे जिस घर के सामने नाली में कचरा मिला है।
आयुक्त पहुंचे स्वास्थ्य शिविर
मार्निंग विजिट के बाद निगम आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे एच. एस. सी. एल. कालोनी रूआबांधा मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना के तहत लगाए गए शिविर स्थल पहुंचे। व्यवस्थाओं का जायजा लेने के बाद श्रमिक पंजीयन करने वाले कर्मचारियों से बातचीत की। शनिवार को कुल 117 लोग स्वास्थ्य परीक्षण कराने पहुंचे। इसमें से 29 लोगों ने लैब टेस्ट कराया वहीं 102 लोगों ने दवा ली। दवा लेने वालों में मौसमी बीमारी से पीडितों की संख्या अधिक थी।
आरआई और पटवारी अब साफ साफ कहने लगे हैं कि जो मोटी रकम देगा उसके पक्ष में होगा फैसला
भूमाफिया राजस्व निरीक्षक ओैर पटवारी से मिलकर जबरन कर रहे हैं लोगों के जमीन को कब्जा
दुर्ग / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री और गृहमंत्री के गृह जिले के पटवारी, आरआई सहित कई जमीन के मामले से जुड़े लोग भूमाफियाओं से सेटिंग कर अपनी गाढी कमाई और जिंदगी भर की जमा पूंजी से जमीन खरीदे वाले की जमीन पर कब्जा करने के मामले में पटवारी और राजस्व अमला सीधे सीधे कहने लगे है कि जिसका वजन भारी होगा उसी के पक्ष में कार्य होगा। पैसा हमको उपर तक पहुंचाना पड़ता है। अधिक वजन की बात करने वाले आर आई सतपाल जैसे लोग मुख्यमंत्री की छवि और राजस्व मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री मो. अकबर की छवि को खराब करने में ओैर विपक्ष को एक बड़ा मुद्दा देने में लगे है। इस मामले की जानकारी तब हुई जब एक पीडि़त पक्ष ने आज पत्रकार वार्ता में अपनी पीड़ा बताई कि किस प्रकार पटवारी, आरआई और स्मृति नगर पुलिस चौकी के लोग न्यायालय द्वारा पीडि़त के पक्ष में फैसला आने के बाद भी तंग किया जा रहा है।
फरीद नगर निवासी आसिफ खान ने बताया कि सन 2005 विवेकानंदर नगर कोहका प्लाट की खरीदी कृष्णा राव से बकायदा रजिस्ट्री कराकर लाखों रूपये में अपनी पत्नी श्रीमती फौजिया खान के नाम पर मौजा कोहका प.ह.नं. 19 तहसील व जिला दुर्ग में भूमि खसरा नंबर 1647 /2 खरीदा जो राजस्व अभिलेख में दर्ज है। इस भूमि के संबंध में डॉ. नौशाद अली, अतिया परवीन के आम मुख्तियार कहकर अब्दुल मोबिन के द्वारा मेरी पत्नी के नाम दर्ज भूमि खसरा नंबर 1647 को अपना खसरा नंबर 1700 सौ बताकर कब्जा कर रहा है। जबकि खसरा नंबर 17 सौ कही और है, उसको अब्दुल मोबिन और आरआई तथा पटवारी नही खोज कर मेरे जमीन अपना बता रहे है। इस जमीन पर मोबिन लोग विवाद कर स्मृति नगर चौकी में मेरे खिलाफ झूठा मामला दर्ज करवा कर परेशान कर रहे है, और मै जो उनके विरूद्ध शिकायत कर रहा हूं उसपर कोई कार्यवाही नही कर रहे है। इस मामले में वो लोग शिकायत किये जिस पर चौकी प्रभारी द्वारा इस्तगासा पेश किया गया जिसमें अनुविभागीय अधिकारी ने फौजिया के पक्ष में आदेश पारित किया। उसके बाद इसके विरूद्ध पुनरीक्षण अपर सत्र न्यायाधीश के न्यायालय में पेश किया गया जिसमें न्यायालय द्वारा भी 31 जनवरी 2018 को सोफिया के पक्ष में फैसला दिया था जिसके विरूद्ध अब्दुल मोबिन उच्च न्यायालय बिलासपुर मे याचिका दायर किया था और उसे वापस भी खुद मोबिन ने ले लिया। उसके बाद फिर यहां के न्यायालय में फिर इस केस को ओपन करवा रहा है। वह सारे जगह इस मामले में हार रहा है उसके बाद भी बार बार न्यायालय में इस मामले को दायर करवा कर और केस को उलझा कर हम लोगों को 2008 से परेशान कर रहा है। अब्दुल मोबिन जमीन दलाल पप्पू उर्फ हफीजुद्दीन से मिलकर हल्का पटवारी एवं राजस्व निरीक्षण सतपाल यादव से मिलकर पुन: सीमांकन का आवेदन देकर मुझे व मेरी पत्नी फौजिया खान को लगातार परेशान कर रहे हैं। इस साल 30 नवंबर 2020 को सीमांकन का नोटिस प्रेषित किया गया हल्का पटवारी के समक्ष आपत्ति किया हूं, लेकिन मेरे आपत्ति को लेने से हल्का पटवारी और राजस्क निरीक्षक ने लेने से साफ इंकार कर दिया वह सिर्फ जमीन दलाल पप्पू बोलता है वैसे ही पटवारी और राजस्व निरीक्षक करते हैं। मेरे आपत्ति के पश्चात राजस्व निरीक्षक मुझे धमकाते हुए कहता है कि हमें ऊपर तक रकम पहुंचाना पड़ता है, जो मोटी रकम देगा हम उसी का काम करेंगे। ऐसे में जमीन दलालों से मिलीभगत कर मेरे जमीन को इन लोगों द्वारा हड़पने का पूरा का पूरा षडयंत्र किया जा रहा है। शासकीय अवकाश के दिन भी मुझे और मेरी पत्नी को आफिस बुलाकर खाली बिठाकर परेशान किया जा रहा है, मेरी जमीन को जबर्दस्ती नाप जोख करवा कर मुझे परेशान करवा रहे है। मैं दस सालों से परेशान हूंं। यहां जो भी पटवारी और राजस्व निरीक्षक आते है, उनसे दलाल पप्पु अपने पक्ष में कर लेता हैं। मैं इस मामले को लेकर प्रभारी मंत्री मोहम्मद अकबर, डीजीपी डीएम अवस्थी, आईजी विवेकानंद सिन्हा एवं एसपी प्रशांत ठाकुर से भी भेंटकर न्याय की गुहार लगाऊंगा।
पीडि़त फौजिया खान ने बताया कि इस मामले को लेकर मैं पहले भी कई बार कलेक्टर, अनुविभागीय अधिकारी और अतिरिक्त तहसीलदार भिलाई से मिल चुकी हूं। अभी एक सप्ताह पहले भी कलेक्टर भूरे से भी मिला तो मेरी इस समस्या को सूने और उसके बाद एसडीएम ज्येातिपटेल के पास मुझे भेजा जब एसडीएम पटेल से हम लोग मिले तो उन्होंने कहा कि आप अपना आवेदन तहसीलदार को दे दो। मैं सिर्फ आवेदन दे रहा हूं लेकिन मेरी सुनवाई कही भी नही हो रही हैं। आखिर कब तक मैं इधर इधर दौड़ लगाते रहूंगा।
दुर्ग / शौर्यपथ / समाज में हो रहे बारीक से बारीक खामियों पर पैनी नजर रखने वाले मोदी आर्मी के प्रदेश अध्यक्ष वरुण जोशी समाज के अनछुए पहलुओ पर भी अपनी बात रखने के लिए जाने जाते है आज वरुण जोशी द्वारा एक ऐसे उत्सव की घोषणा की गयी और ऐसी बात की जानकारी आम जनता को पहुंचाई वो शायद दुर्ग के निवासियों में से कई लोगो को पता भी नहीं होगा . दुर्ग की जवान देनी नदी शिवनाथ नदी वर्षो से लीज पर चल रही थी मतलब की वो नदी जो आम जनता के लिए जल की देवी के रूप में आस्था का केंद्र है अब लीज मुक्त हुई और इसी की ख़ुशी में एक भव्य आयोजन का आगाज किया है मोदी आर्मी के वरुण जोशी ने .
हमारे दुर्ग की शान शिवनाथ नदी प्रदेश की ही नहीं अपितु शायद देश के पहली नदी होगी जो निजी हाथों में एक करार तहत दो दशक से अधिक समय तक गुलाम रही,22 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद इसी वर्ष यह नदी लीज मुक्त हुई है जो कि हर्ष का विषय है और इसी को ध्यान में रखते हुए दुर्ग शहर के युवाओं ने एक जनवरी को नए वर्ष के आगमन पर शिवनाथ महोत्सव मनाने का निर्णय लिया है,यह भव्य आयोजन को विशाल रूप से मनाने की घोषणा मोदी आर्मी के प्रदेश अध्यक्ष वरुण जोशी ने की है,वरुण जोशी ने कहा यह हमारे लिए हर्ष का विषय है,क्योंकि निजी हांथो से मुक्त कराने हेतु देश भर में लंबे संघर्षों और आंदोलनों का असर इस पावन नदी पर नहीं हुआ इसका सबसे प्रमुख कारण था अनुबंध का सटीक रूप से मजूबत करार होना,मध्यप्रदेश के कांग्रेस शासनकाल में दिग्विजय सिंह के नेतृत्व में हुए इस करार का दंश बहुत लंबा चला जबकि नए प्रदेश के रूप में हमें छत्तीसगढ़ भी मिल चुका था, बावजूद नेताओं और उद्योगपतियों द्वारा रचे इस षडयंत्र को 26 किलोमीटर तक बसे नदी के आसपास के लोगों को अपनी नदी रूपी मां से दूर ही रहना पड़ा,न पानी सिंचाई के लिए दिया गया,ना ही मछुवारों को और न ही जनजीवन के लिए,किन्तु अब यह पावन नदी लीज मुक्त हो चुकी है और हम उस दौर के संघर्षों में भले ही शामिल न हो पाएं हो मगर अब इसकी खुशियां मनाने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे,वरुण जोशी ने कहा 2020 सभी के लिए बुरा दौर था किन्तु नए वर्ष की शुरुवात हम शिवनाथ नदी पर विशाल महोत्सव का आयोजन कर भविष्य में सभी का जीवन सुखमय व्यतीत हो इसी मंशा के साथ पावन पवित्र नदी मैय्या से कामना करते हुए नए वर्ष की शुरुवात करेंगे,इस कड़ी में महामरा तट पर 21000 दीप दान किया जाएंगे,21 महादीपों द्वारा संध्या महाआरती की जाएगी,तट को मेले का स्वरूप देकर सजाया जाएगा,जहां डीजे ढोल और नगाड़ों से नववर्ष के प्रथम दिवस जश्न मनाया जायेगा,साथ ही बहनों के लिए रंगोली सहित श्रेष्ठ आरती थाली की प्रतियोगिता रखी जाएगी,छत्तीसगढ़ के प्रमुख जशगीत कलाकारों को भी आमंत्रित करने की योजना पर विचार किया जा रहा है,वरुण जोशी ने कहा सभी शहर वासियों तथा नदी के निकट बसे ग्रामीणों को इस दिन महोत्सव को विशाल बनाने हेतु आमन्त्रित किया जाएगा!
भिलाई / शौर्यपथ / नगर के औद्योगिक क्षेत्र जाने वाले नंदिनी रोड पर शराब दुकान के सामने आज लगभग सुबह 10 बजे तेज गति से आ रहे मोटर साइकिल सवार ने चर्च से आ रहे एक 14 वर्षीय किशोर को ठोकर मार दिया जिससे यह बालक गंभीर रूप से घायल हो गया। इस घटना हो लेकर स्थानीय लोगों ने आक्रोशित होकर यहां से शराब दुकान हटाने की मांग करते हुए सड़क पर बैठकर प्रदर्शन किया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार नंदिनी रोड स्थित देशी शराब दुकान के पास 14 वर्षीय क्रिस पिता जय जोसफ को नजदीक के चर्च से प्रार्थना के बाद लौटते समय मोटर साइकिल सवार ने जबरदस्त ठोकर मार दिया। घटना में बालक क्रिस को गंभीर चोटे आई है और उसे इलाज के लिए चंदूलाल चंद्राकर हास्पिटल में भर्ती कराया गया है। इधर घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों के साथ मोहल्ले के लोगों ने सड़क पर प्रदर्शन करते हुए आवाजाही ठप कर दी। छावनी थाना पुलिस सहित महकमे के वरिष्ठ अधिकारियों के पहुंचने पर प्रदर्शनकारियों ने शराब दुकान के चलते सड़क यातायात बाधित होने का हवाला देकर उसे अन्यत्र हटाये जाने की मांग रखी। पुलिस अधिकारियो ने जिम्मेदार विभाग तक जनभावना को पहुंचाने का आश्वासन दिया तब जाकर लगभग घंटे भर बाद नंदिनी रोड से प्रदर्शनकारियों के हटने पर यातायात सामान्य हो सका।
दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्ग पुलिस द्वारा समय समय मानवता का परिचय दिया जाता है। ऐसी ही नेक पहल दुर्ग के एसपी प्रशांत ठाकुर द्वारा की गई। दुर्ग एसपी की पहल पर वृद्धाश्रम दुर्ग की एक वृद्धा को बीएम शाह हॉस्पिटल में नया जीवन मिला। वृद्धा पूरी तरह से स्वस्थ्य होकर डिस्चार्ज कर दी गई। बीएम शाह हॉस्पिटल की मेडिकल टीम ने समय पर बेहतर इलाज देकर वृद्धा के चेहरे की मुस्कान लौटाई।
दरअसल दुर्ग वृद्धाश्रम में रहने वाली 70 वर्षीय पुष्पा साहू छाती में दर्द की तकलीफ से परेशान थी। उसे पुलगांव वृद्ध आश्रम से पहले शहर के बड़े प्राइवेट अस्पताल में ले जाया गया जहां डॉक्टर का ना होना बताकर मरीज को रेफर किया गया। इसकी जानकारी मिलने पर एसपी दुर्ग प्रशांत ठाकुर ने वृद्धा को दुर्ग पुलिस के सहयोग से बीएम शाह अस्पताल में भर्ती कराया। एसपी ने स्वयं इसकी मॉनिटरिंग भी की। दुर्ग पुलिस की पहल समर्पण के द्वारा मरीज को वृद्ध आश्रम से बीएम शाह चैरिटेबल हॉस्पिटल पहुंचाया गया जहां मरीज का इलाज पूर्णत: नि: शुल्क किया गया।
बीएम शाह हॉस्पिटल के मेडिकल डायरेक्टर डॉ रूपेश अग्रवाल ने बताया कि समय रहते पुलिस प्रशासन की तत्परता और बीएमशाह अस्पताल की चिकित्सीय देखरेख में महिला का इलाज किया गया। दुर्ग पुलिस ने अपने स्लोगन सदैव आपके साथ और बीएम शाह हॉस्पिटल अपने स्लोगन इलाज इंसानियत से को चरितार्थ किया। बीएम शाह हॉस्पिटल की मेडिकल टीम के बेहतर इलाज से महिला सकुशल डिस्चार्ज हुई ,और जाते-जाते पुलिस विभाग एवं बीएम शाह हॉस्पिटल के डॉक्टरों का आभार जताया।
दुर्ग । शौर्यपथ । दुर्ग नगर पालिक निगम और विधानसभा क्षेत्र लगभग बराबर ही है इस नाते दुर्ग में विकास कार्यो के श्रेय लेने की होड़ हमेशा से विधायक , महापौर , सांसद और राज्यसभा सांसद के बीच लगी रहती है । पूर्व में दुर्ग निगम में राज्यसभा सांसद डॉ सरोज पाण्डेय , राज्यसभा सांसद मोतीलाल वोरा लोकसभा सांसद ताम्रध्वज साहू , विधायक अरुण वोरा और महापौर चंद्रिका चंद्राकर सभी का योगदान दुर्ग के विकास के लिए नव निर्माण के लिए अपनी अपनी निधि से राशि मुहैय्या कराई जाती रही किन्तु पिछले विधानसभा व लोकसभा चुनाव एवम निगम चुनाव के परिणाम आने के बाद स्थिति बदल गई जहां पूर्व लोकसभा सांसद वर्तमान में प्रदेश के गृह मंत्री है वही भाजपा के 20 सालो के सत्ता पर विजय प्राप्त करते हुए कांग्रेस के महापौर आसीन है तो राज्यसभा की सदस्यता समाप्त होने के बाद मोतीलाल वोरा की सांसद निधि की राशि भी अब दुर्ग में नही आ रही अब सिर्फ विधायक निधि की राशि ही दुर्ग निगम क्षेत्र में विकास के लिए खर्च हो रही ।
पूर्व में जहां करोड़ो की राशि आने के बाद भी दुर्ग निगम विकास से काफी दूर रहा वही अब मात्र डेढ़ करोड़ की विधायक निधि का ही कमाल है कि दुर्ग विकास की नई नई ऊंचाइयों को छू रहा है जगह जगह विधायक महोदय के फोटो लग रहे है जगह जगह ये दर्शाया जा रहा कि फंला कार्य की अनुशंसा विधायक वोरा के द्वारा की गई फलां कार्य का निर्देश विधायक ने दिया है । किंतु दुर्ग के विकास की ये गाथा सिर्फ पोस्टर पर और बयानों पर ही नज़र आ रही जमीनी स्तर पर आज भी दुर्ग काफी पिछड़ा हुआ है जो निर्माण हुए है वो बदहाल है जनता के टैक्स के लाखों करोड़ों रुपये सिर्फ बर्बाद हो रहे । ऐसा नही है कि इसकी जिम्मेदार पूर्व की निगम की सरकार ( भाजपा) ही है वर्तमान की निगम की सरकार ( कांग्रेस) भी अपनी जिम्मेदारियों से भाग रही । जब तक भाजपा की सरकार थी महापौर के रूप में डॉ शिव तमेर व चंद्रिका चंद्राकर को रबर स्टाम्प महापौर कहने वाले दुर्ग विधायक वोरा अब स्वयं उसी राह पर तेजी से चल रहे है निगम के हर कार्य पर निर्देश एवम श्रेय लेने का कार्य बदस्तूर जारी है । खैर जनता को इससे मतलब नही की कौन श्रेय ले कौन नही जानता कि सिर्फ एक ही आशा है सुव्यवस्थित बाजार , साफ सुथरा माहौल , सुशासन और उपलब्ध सुविधाओ की समुचित देखभाल किन्तु प्रदेश में कांग्रेस की सरकार होने के बाद भी दुर्ग निगम विकास के मामले में अभी भी पिछड़ा है वही भेदभाव की कार्यवाही सर्वोच्च स्तर पर है ।
स्तरहीन प्रतिक्षालय की भरमार जनता के लाखों रुपये बर्बाद
दुर्ग निगम में फ़ोटो लगाने की जैसे होड़ लग गई और उसका सबसे बड़ा उदाहरण शहर में बन रहे यात्री प्रतीक्षालय है जिसमे से अधिकतर यात्री प्रतीक्षालय किसी काम के नही किन्तु विधायक निधि से बने इन प्रतीक्षालय पर बड़े बड़े फ़ोटो ये संदेश दे रहे है कि इन स्तरहीन प्रतीक्षालयों में जनता के पैसों की कैसी बंदरबाट हुई क्योकि विधायक निधि का पैसा विधायक का निजी नही जानता का पैसा है जो विकास के कार्य के लिए है किंतु शहर को प्रतीक्षालय से ज्यादा आवश्यकता , सुव्यवस्थित बाजार की है , स्वास्थ्य की है , शिक्षा की है , रोजगार की है किंतु इस तरफ आखिर विधायक दुर्ग का ध्यान क्यो नही जाता ये समझ से परे है ..
लोककला मार्ग विधायक वोरा के सौजन्य से कैसे ..
2 दिसम्बर को साई द्वार चौक से राजेन्द्र पार्क चौक तक लगभग 60 लाख की लागत से सौंदर्यीकरण का कार्य हुआ जिसका लोकार्पण मुख्यमंत्री बघेल द्वारा किया गया जिसमें मात्र 18 लाख विधायक निधि से खर्च हुए किन्तु जगह जगह ऐसा प्रचार किया जा रहा जैसे पूरे मार्ग का सौंदर्यीकरण का श्रेय विधायक द्वारा हुआ हो जबकि इस मार्ग के लिये अधिकतर कार्य निगम द्वारा किया गया और कार्य का श्रेय प्रोटोकाल के तहत निगम महापौर को जाना चाहिए किन्तु यहां भी कार्य छोटे और दर्शन बड़े का खेल चलने लगा ।
अब क्यो नही हो रही अवैध तरीके से लगाये पोस्टर पर कार्यवाही क्या अब शहर को सुंदर बनाने की मुहिम बन्द हो गई ..
कुछ दिनों पहले प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का जन्मदिन था तो दुर्ग के कांग्रेसियों द्वारा प्रदेश के मुखिया को जन्मदिन की बधाई देने के लिए जगह जगह पोस्टर लगाए गए जिसे दुर्ग निगम प्रशासन द्वारा मुख्यमंत्री के जन्मदिन के दूसरे दिन 24 अगस्त को ही उतार लिए गए किन्तु वही अब 22 नवम्बर को विधायक वोरा के जन्मदिन पर एक बार फिर दुर्ग के कांग्रेसी कार्यकर्ताओं द्वारा बधाई संदेश के पोस्टरों से पूरे शहर को पाट दिया गया । विधायक वोरा के राजनीति में आने के बाद शायद ये उनका पहला जन्मदिन था जिसमे पोस्टरों की भरमार हो गई जहाँ जगह मिल वहाँ पोस्टर लग गए नियमो को ताक में रख दिया गया । इतने पोस्टर लगने के बाद ये चर्चा का भी विषय रहा कि महापौर बाकलीवाल की इसमे अहम भूमिका रही कारण जो भी हो किन्तु आज 2 हफ्ते बाद भी शहर में पोस्टरों की भरमार है और अब निगम प्रशासन मौन है ये वही निगम प्रशासन है जो दो माह पहले प्रदेश के मुखिया जो कांग्रेस सरकार के है के जन्मदिन के पोस्टर को सिर्फ इसलिए हटा दिए क्योकि शहर की सुंदरता बिगड़ रही थी तो क्या अब शहर की सुंदरता बढ़ रही है या निगम के प्रशासनिक अधिकारी भी प्रदेश के मुखिया को नकार रहे क्या ऐसे ही दुर्ग का निर्माण होगा ..
राजनांदगांव / शौर्यपथ / सभी प्राचार्य शासकीय-अशासकीय-अनुदान प्राप्त, गैर अनुदान प्राप्त अशासकीय शालाओं के कक्षा 1 से 10 तक के हिन्दी एवं अंग्रेजी माध्यम में अध्ययनरत सभी विद्यार्थियों को स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा नि:शुल्क पाठ्यपुस्तक उपलब्ध कराया जाता है। मुद्रित कागज के पुर्नपयोग, आर्थिक मितव्ययिता, वन एवं पर्यावरण संरक्षण के संदर्भ में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल नई दिल्ली द्वारा दिए गए सुझाव तथा सत्र के प्रांरभ में नि:शुल्क पाठ्यपुस्तकों के समय कृत्रिम अभाव तथा पाठ्यपुस्तकों के उपलब्ध नहीं होने के शिकायत को ध्यान में रखते हुए सत्र 2021-22 में जिले के सभी शालाओं में कक्षा 6वीं से 10 वीं तक (कक्षा 1 से 5 को छोड़कर) के विद्यार्थियों को पूर्व में वितरित एवं वर्तमान में पठन-पाठन योग्य पाठ्यपुस्तकें संत्रात में आवश्यक रूप से वापस प्राप्त करेंगे एवं उन्हें आगामी सत्र प्रांरभ होने के समय विद्यार्थियों में वितरण सुनिश्चित करेंगे।
इन पाठ्यपुस्तकों का कुल 3 सत्रों तक सुरक्षित रखा जाकर उनका पुर्नवितरण किया जा सके तथा बुक बैंक के अंतर्गत पुनर्वितरण योग्य विद्यार्थियों से प्राप्त पुस्तकों की कक्षावार जानकारी संलग्न प्रपत्र में 5 मई 2021 तक कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी में उपलब्ध कराने के लिए सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारी एवं प्राचार्य, शासकीय-अशासकीय अनुदान प्राप्त, गैर अनुदान प्राप्त अशासकीय शाला को निर्देशित किया गया है।
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