August 06, 2026
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    शौर्यपथ

    शौर्यपथ

    शौर्यपथ / इन दिनों अधिकतर लोगों की पहली पसंद जींस ही है। ये एक ऐसा परिधान है जिसे हर कोई पहनना पसंद करता है। लेकिन कुछ लोग स्टाइलिश दिखने के लिए स्किन टाइट जींस
    पहनना पसंद करते है। यदि आप भी टाइट जींस पहनते है, तो आपको इससे होने वाले नुकसान के बारे में जरूर जानना चाहिए।
    सेहत को ये 4 नुकसान हो सकते हैं -
    1 टाइट जींस पहनने की वजह से महिलाओं को कमर से जुड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। अत्यधिक टाइट जींस पूरा दिन पहने रहने से कमर दर्द के अलावा धीरे-धीरे स्लिप डिस्क होने की आशंका भी बढ़ सकती है।
    2 टाइट जींस पहनने से वेरिकोज वैन (Varicose Veins) बीमारी जिसमें बढ़ी हुई नसें, जो आमतौर पर पैरों और तलवों में दिखती हैं, होने की आशंका रहती है। इसके अलावा टाइट जींस के कारण पैरों में ऐंठ की समस्या भी बढ़ सकती है।
    3 टाइट जींस पहनने से शरीर में खून का संचार बाधित हो सकता है, जिससे कई अन्य परेशानियां हो सकती है।
    4 ऐसा भी माना जाता है कि टाइट जींस पहनने से गर्भाशय का संकुचन और बांझपन का खतरा भी बढ़ सकता है। साथ ही टाइट होने की वजह से
    पेट पर काफी जोर पड़ता है जो आगे चलकर समस्या पैदा कर सकता है।

    लाइफस्टाइल / शौर्यपथ / उत्तर मध्य रेलवे के तीनो मंडलों प्रयागराज, झांसी एवं आगरा में महिला यांत्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए “ मेरी सहेली” अभियान चलाया गया है।
    आधिकारिक सूत्रों ने शनिवार को बताया कि इस अभियान के अंतर्गत प्रारंभिक स्टेशन से गंतव्य स्टेशन तक ट्रेनों से यात्रा के दौरान महिला यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाती है। रेल सुरक्षा बल उत्तर मध्य रेलवे (उमरे) की इस पहल के तहत, युवा महिला आरपीएफ कर्मियों की एक टीम द्वारा अकेले यात्रा कर रही महिला यात्रियों के साथ यात्रा के प्रारंभिक स्टेशनों पर वातार् की जाती है।
    उन्होंने बताया कि इस कार्यर्क्म के तहत 25 अक्टूबर से अबतक उमरे में संचालित होने वाली आठ प्रारंभिक ट्रेनों एवं 67 पासिंग ट्रेनों में सतत अभियान चलाया जा रहा है । इसके लिए 121 सुरक्षा कर्मियों की 27 टीमें गठित की गई हैं।गंतव्य स्टेशन पर रेल सुरक्षा बल की टीमें चिन्हित महिला यात्रियों से फीडबैक भी एकत्र करती हैं और इन प्रतिक्रियाओं का विश्लेषण किया जाता है। सूत्रों ने बताया कि इन महिला यात्रियों को यात्रा के दौरान बरती जाने वाली सभी सावधानियों के बारे में बताया जाता है और कहा जाता है कि यात्रा के दौरान सुरक्षा सम्बंधित कोई समस्या होने पर वे 182 डायल करें। रेल सुरक्षा बल टीम महिला यात्रिओं की सीट संख्या नोट करती है और उन्हें मार्ग के स्टेशनों पर मॉनिटरिंग हेतु साझा करती हैं। मार्ग के ठहरावों के दौरान प्लेटफार्म ड्यूटी पर नियुक्त रेल सुरक्षा बल कमीर् संबंधित कोच और बर्थ पर नजर रखते हैं और जरूरत पड़ने पर महिला यात्रियों से वातार् भी करते हैं।रेल सुरक्षा बल, रेल सुरक्षा विशेष बल के ऑनबोर्ड एस्कॉर्ट भी अपनी ड्यूटी अवधि के दौरान सभी चिन्हित कोच, पहचान वाले बर्थ को कवर करते हैं। उन्होंने बताया कि इन फीडबैक के विश्लेषण के आधार पर यदि कोई सुधार वांछित हो तो सुधारात्मक कार्रवाई की जाती है। इसके अतिरिक्त यदि “मेरी सहेली” पहल के तहत कवर की गई ट्रेन से कोई डिस्ट्रेस कॉल आती है, तो कॉल के निरकारण की निगरानी वरिष्ठ अधिकारियों के स्तर पर की जाती है। “मेरी सहेली” पहल को महिला यात्रियों से उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिल रही है।

    रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में राज्य में समाज के कमजोर लोगों, आदिवासियों, किसानों, श्रमिकों के कल्याण तथा उनकी आर्थिक स्थिति बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का मानना है कि छत्तीसगढ़ में किसानों को आगे बढ़ाकर, मजबूत व आर्थिक रूप से सक्षम बनाकर ही राज्य को खुशहाल बनाया जा सकता है। वे जानते हैं कि किसान विकास की पूंजी है। गांव की तरक्की में ही देश की तरक्की है। इसलिए 17 दिसंबर 2018 को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते ही किसानों से 2500 रू. प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी के अपने वायदे को पूरा किया। वर्षों से लंबित 17 लाख 82 हजार किसानों का 8 हजार 755 करोड़ रू. का कृषि ऋण और 244 करोड़ रू. का सिंचाई कर माफ किया। ग्राम सुराजी योजना के तहत नरवा, गरवा, घुरवा, बारी’ के माध्यम से गांवों की अर्थव्यवस्था और पर्यावरण को नया जीवन देने की पहल की। बस्तर के लोहंडीगुड़ा में 1700 से अधिक आदिवासी किसानों की 4200 एकड़ जमीन वापिस कर दी। तेन्दूपत्ता संग्रहण पारिश्रमिक 2500 रू. प्रति मानक बोरा से बढ़ा कर 4000 रू. प्रति मानक बोरा कर दिया।
    प्रदेश के मुख्यमंत्री बघेल ने जब प्रदेश के किसानों से 2500 रूपए प्रति क्ंिवटल में धान खरीदने में बाधा आई तो किसानों के हित में हरसंभव कदम उठाने का प्रण लिया। इस बीच अचानक कोरोना संक्रमण का खतरा और देशव्यापी लॉकडाउन से किसान भी अनेक मुसीबतों से घिर गए। इन विपरीत परिस्थितियों में मुख्यमंत्री ने किसानों से किया अपना वादा निभाया और 21 मई को राजीव गांधी जी के शहादत दिवस पर राजीव गांधी किसान न्याय योजना शुरू कर किसानों के खातों में 1500 करोड़ रूपए की प्रथम किश्त की प्रोत्साहन राशि अंतरित। लॉक डाउन अवधि में किसानों को सीधे मदद पहुचाकर मुख्यमंत्री श्री बघेल ने देश को रास्ता दिखाने का काम किया कि किस तरह हम अपने देश के अन्नदाता को मुसीबत से उबार सकते हैं और नकदी देकर अर्थव्यवस्था को भी सुधार सकते हैं।
    राजीव गांधी किसान न्याय योजना’ के माध्यम से छत्तीसगढ़ राज्य में 19 लाख से अधिक किसानों को 5750 करोड़ रू. की राशि का भुगतान 4 किस्तों में किया जा रहा है। पहली किस्त 1500 करोड़ रूपए 21 मई को किसानों की खाते में देने के बाद दूसरी किस्त 20 अगस्त को राजीव गांधी जी के जन्म दिन के अवसर पर किसानों के खाते में जमा की गई थी। आज एक नवम्बर को राज्य स्थापना दिवस के मौके पर किसानों को तीसरी किश्त के रूप में 1500 करोड़ रूपए की राशि दी जाएगी। निश्चित ही यह योजना प्रदेश के किसानों के लिए कोरोना संकट काल में एक वरदान साबित हुई है। इससे किसानों को खेती-किसानी के लिए संबल मिला है।
    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी गतिशील बनाने में जुटे हैं। अपनी दूरदर्शी सोच से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने नरवा, गरवा, घुरवा, बारी’ का जो उन्होंने खाका बुना था अब वह धरातल पर सफलता पूर्वक साकार होता दिखाई देने लगा है। प्रदेश में 5600 गौठान स्वीकृत होने के साथ 5454 पूर्ण हो चुके हैं। इन गौठानों में रोजगार के अवसर तो बने ही, साथ ही यहां तैयार जैविक खाद और इसकी उपयोगिता ने गोबर की महत्ता को भी बढ़ाया है। देश में एक अलग तरह की योजना गोधन न्याय योजना की शुरूआत भी इन्हीं उपयोगिताओं और महत्व का परिणाम है। किसानों से 2 रुपए प्रति किलो गोबर खरीदकर छत्तीसगढ़ सरकार ने एक नये अध्याय की शुरूआत की है। गोधन न्याय योजना ने देश भर में प्रशंसा बटोरी है। इस योजना में गोबर बेचने वाले किसानों, पशुपालकों एवं ग्रामीणों अब तक 39 करोड़ रूपए का भुगतान भी ऑनलाइन किया जा चुका है। निश्चित ही इन प्रयासों से ग्रामीण अर्थव्यवस्था संवरने के साथ पर्यावरण संतुलन को बेहतर बनाने में मदद मिली है।
    कोरोना संक्रमण काल में लॉकडाउन के दौरान भी प्रदेश के मुख्यमंत्री गरीबों के मसीहा बने। उन्होंने इस संकटकाल में राशन कार्डधारियों सहित प्रवासी मजदूर परिवारों के लिए खाद्यान्न की व्यवस्था कराई। जरूरतमंदों को निःशुल्क खाद्यान्न देने के साथ आंगनबाड़ी, स्कूल से जुड़े बच्चों को सूखा अनाज घर-घर तक देने का काम किया। मनरेगा के तहत काम और समय पर मजदूरी भुगतान, लघु वनोपज संग्रह के लिए पारिश्रमिक देने में भी छत्तीसगढ़ अव्वल रहा है।
    छत्तीसगढ़ की एक तिहाई जनसंख्या अनुसूचित जनजाति वर्ग के लोगों की है। सरकार द्वार इन वर्गों का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। अनुसूचित जनजाति और अन्य परंपरागत वन निवासी को वन अधिकार मान्यता पत्र देकर आदिवासियों के सांस्कृति एवं पारम्परिक विरासतों को सहेजने और पर्यावरण संतुलन को स्थापित रखने में भी कदम उठाया गया है। छत्तीसगढ़ राज्य सबसे अधिक वन अधिकार पत्र देने वाला राज्य भी बन गया है। प्रदेश में 12.50 लाख वन क्षेत्र के निवासी है, जो तेंदूपत्ता संग्रहण करते हैं। ऐसे संग्राहकों के लिए श्री शहीद महेन्द्र कर्मा तेंदूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा योजना लागू कर सुरक्षा लागू की गई है। छत्तीसगढ़ सरकार का समाज के सभी वर्गों के कल्याण एवं गांवों में खुशहाली लाने और लोगों को स्वावलंबी बनाने का प्रयास सराहनीय है।

    रायपुर / शौर्यपथ /मुख्यमंत्री भूपेश बघेल राज्योत्सव पर एक नवम्बर को प्रदेश में स्वामी आत्मानंद शासकीय इंग्लिश मीडियम स्कूल योजना का शुभारंभ करेंगे। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा बच्चों को अंग्रेजी माध्यम में बेहतर शिक्षा दिलाने के लिए इस योजना के तहत अंग्रेजी माध्यम स्कूल प्रारंभ किए जा रहे हैं। प्रथम चरण में राज्य में 52 इंग्लिश मीडियम स्कूल शुरू किए जा रहे हैं। उत्कृष्ट शिक्षा का संकल्प लिए अंग्रेजी माध्यम के इन स्कूलों में अध्ययन-अध्यापन की सुविधा का विशेष ध्यान रखा गया है। इन स्कूलों में अत्याधुनिक लाइब्रेरी एवं लैब, कम्प्यूटर और साइंस लैब के साथ ही ऑनलाईन शिक्षा की भी पूरी सुविधा उपलब्ध है। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा इन स्कूलों को विकसित करने हेतु 130 करोड़ रूपए प्रदान किए गए हैं।
    शिक्षा हर समाज और देश की प्रगति का प्रतिबिम्ब है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सकारात्मक सोच से छत्तीसगढ़ सरकार ने उन परिवारों के सपनों को साकार करने का बीड़ा उठाया है जो कमजोर आर्थिक स्थिति की वजह से अपने बच्चों को महंगे अंग्रेजी निजी स्कूलों में शिक्षा दिलाने में समर्थ नहीं थे। छत्तीसगढ़ शासन ने गरीब परिवारों के प्रतिभाशाली बच्चों के बेहतर शिक्षा के प्रबंध में एक और कड़ी को शामिल कर लिया है। यह कड़ी अंग्रेजी मीडियम के सरकारी स्कूल हैं, जहां बच्चों को मुफ्त में राष्ट्रीय स्तर की शिक्षा अंग्रेजी माध्यम से दिए जाने की पहल शुरू कर दी गई है। छत्तीसगढ़ जैसे हिन्दी भाषी राज्य के छात्रों की प्रतिभा को निखारने और उन्हें राष्ट्रीय स्तर की सभी प्रकार की प्रतियोगिताओं के काबिल बनाने के उद्देश्य से अंग्रेजी मीडियम में अध्ययन-अध्यापन को बढ़ावा देने के लिए स्वामी आत्मानंद के नाम से इंग्लिश मीडियम के स्कूल की शुरूआत की गई है। प्रथम चरण राज्य में 52 इंग्लिश मीडियम स्कूल राज्य में शुरू किए जा रहे हैं। आगामी शिक्षा सत्र से 100 और नये इंग्लिश मीडियम स्कूल ब्लॉक मुख्यालयों में खोले जाएंगे।
    यहां यह उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले में जन्मे स्वामी आत्मानंद की स्मृति को अक्षुण्य बनाए रखने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ सरकार ने उनके नाम से इंग्लिश मीडियम में राज्य के बच्चों को सहजता से शिक्षा उपलब्ध कराने की सराहनीय पहल की है। स्वामी आत्मानंद जी ने अपनी प्रतिभा एवं शिक्षा की बदौलत आईएएस के रूप में चयनित होकर छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया था। स्वामी आत्मानंद आजीवन जनकल्याण के कार्यों में लगे रहे और पीड़ित मानवता की सेवा का संदेश दिया। उनके सपनों को साकार करने छत्तीसगढ़ सरकार ने गुणवत्ता युक्त शिक्षा की अलख जगाकर ‘नवा छत्तीसगढ़’ गढ़ने स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल योजना के माध्यम से प्रदेश के 52 शासकीय विद्यालयों को सर्व सुविधायुक्त अंग्रेजी स्कूलों में उन्नत किया है।
    वर्तमान शैक्षणिक सत्र से अंग्रेजी स्कूलों में दाखिला लेने वाले बच्चों और उनके पालकों के चेहरों पर मुस्कान है। अब उनकी आर्थिक मजबूरियां शिक्षा में अवरोध नहीं बनेगी, यह आत्मविश्वास और सुकून उन्हें है। इन स्कूलों की गुणवत्ता और उपलब्ध सुविधाओं की वजह से निम्न आय वर्ग के साथ ही चिकित्सक, शासकीय सेवाओं में संलग्न अधिकारी-कर्मचारी, शिक्षक, व्यवसायी सभी अपने बच्चों का भविष्य संवारने इन स्कूलों में दाखिला करवा रहे हैं।
    बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए उच्च शैक्षणिक वातावरण में खेल एवं कलात्मक गतिविधियों से बच्चों में उनकी रचनात्मकता-भौतिकता को नया आयाम देने सुविधायुक्त खेल मैदान, एम्फीथिएटर जैसी व्यवस्थाएं की गई हैं। खूबसूरत डिजाइन में तैयार विद्यालय भवन भी बच्चों को प्रेरित कर आत्म सम्मान का भाव विकसित करे, इसके लिए भवन की डिजाइन भी आकर्षक है। ऐसे प्राचार्यों का चयन किया है जो न केवल पढ़ाई और प्रबंधन में विशेष योग्यता हासिल किए है बल्कि उनमें अपनी संस्था को सर्वोत्तम बनाने का जज्बा भी है।
    इन उत्कृष्ट स्कूलों में गुणवत्ता हेतु जिलों को स्वायत्तता प्रदान की गई है जिससे स्कूल के प्रबंधन और शिक्षकों का चयन सावधानी पूर्वक किया जा सके। उन्हें ऑनलाईन उत्कृष्ट प्रशिक्षण भी प्रदान किया जा रहा है। कोविड-19 के चलते जहां शासन द्वारा सभी स्कूल बंद है। वहीं इन स्कूलों में ऑनलाईन कक्षाओं के साथ ही खेल, कला, सांस्कृतिक सहित अन्य गतिविधियां भी संचालित की जा रही है। गुणवत्तायुक्त अध्ययन और स्कूल प्रबंधन को अनुशासित स्वरूप देने उत्कृष्ट शिक्षक चयनित किए गए हैं। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रारंभ किए गए इन उत्कृष्ट विद्यालयों के बारे में पालकों, शिक्षकों और बच्चों की राय है कि छत्तीसगढ़ सरकार के इस महत्वपूर्ण कदम से अब समाज का हर वर्ग, पूर्ण समानता के साथ अपने सपनों को साकार करेगा और बच्चों का भविष्य स्वर्णिम होगा।

    कुल 16 हजार 278 शिक्षक (पंचायत और नगरीय निकाय) का होगा संविलयन
    शिक्षक और सहायक शिक्षकों का जिला और संभाग स्तर से संविलयन का आदेश होगा जारी

    रायपुर / शौर्यपथ / प्रदेश के शिक्षा कर्मियों को छत्तीसगढ़ राज्योत्सव पर खुशियों की सौगात मिली है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की घोषणा के अनुरूप लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा 8 हजार 226 व्याख्याताओं (पंचायत एवं नगरीय निकाय) के एक नवम्बर 2020 से स्कूल शिक्षा विभाग में संविलियन का आदेश आज जारी कर दिया गया है। प्रदेश में दो वर्ष की सेवा अवधि पूर्ण करने वाले कुल 16 हजार 278 शिक्षक (पंचायत और नगरीय निकाय) के संविलयन का आदेश जारी किया जा रहा है। व्याख्याताओं के आदेश राज्य स्तर पर जारी कर दिए गए है, शेष शिक्षकों के आदेश जिला और संभाग स्तर पर एक दो दिन में जारी किए जाएंगे।
    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की घोषणा अनुसार दो वर्ष पूर्ण करने वाले 16 हजार 278 शिक्षक (पंचायत और नगरीय निकाय) संवर्ग का शिक्षा विभाग में संविलयन किया जाना था। शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम के प्रयास से पंचायत एवं नगरीय निकाय विभागों द्वारा नियुक्त शिक्षक (पंचायत और नगरीय निकाय) संवर्ग का जिन्होंने एक नवम्बर 2020 को दो वर्ष की सेवा पूर्ण कर लिए है। उनमें व्याख्याताओं का स्कूल शिक्षा विभाग में संविलयन किए जाने हेतु आदेश जारी कर दिया गया है।
    आज ई-संवर्ग अंतर्गत 4 हजार 565 तथा टी-संवर्ग अंतर्गत 3 हजार 661 इस प्रकार कुल 8 हजार 226 व्याख्याता (पंचायत और नगरीय निकाय) का शिक्षा विभाग में संविलयन आदेश संचालक, लोक शिक्षण द्वारा जारी किया गया। इस संविलयन आदेश के बाद प्रदेश में पंचायत विभाग एवं नगरीय निकाय विभाग के कोई भी व्याख्याता (पंचायत और नगरीय निकाय) शेष नहीं रहेंगे। अब इन पर स्कूल शिक्षा विभाग का पूर्ण प्रशासनिक नियंत्रण होगा। संविलयन हो रहे शिक्षकों को उनके वेतन में न्यूनतम 7 हजार रूपए से 25 हजार रूपए तक का लाभ मिलेगा।

    प्रथम चरण में सांसद राहुल गांधी और दूसरे चरण में राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके वर्चुअल रूप से होंगे शामिल
    प्रथम चरण में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल किसानों के खातों में करेंगे राजीव गांधी किसान
    न्याय योजना की तीसरी किश्त का अंतरण
    स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल योजना और 30 नगरीय स्लम एरिया में
    मोबाइल हॉस्पिटल सह लैबोरेटरी का होगा शुभारंभ
    द्वितीय चरण में राज्यपाल के मुख्य आतिथ्य में आयोजित होगा ’राज्य अलंकरण सम्मान समारोह’
    विधानसभा अध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष, मंत्रीमंडल के सदस्य भी होंगे शामिल
    फोर्टिफाईड राईस वितरण योजना का होगा शुभारंभ
    टूरिज्म रिसार्ट का लोकार्पण तथा राम वन गमन पथ टूरिज्म सर्किट का होगा शिलान्यास
    बूढ़ातालाब के सौंदर्यीकरण कार्य, बीजापुर में 132/33 के.व्ही. विद्युत उपकेन्द्र और 87.5 किलोमीटर 132 के.व्ही. बारसूर-बीजापुर विद्युत लाईन का होगा लोकार्पण
    जनसंपर्क विभाग द्वारा प्रकाशित ‘छत्तीसगढ़ विचार माला‘ का होगा विमोचन

       रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर एक नवम्बर को राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में राज्योत्सव का कार्यक्रम दो चरणों में आयोजित किया जाएगा। प्रथम चरण के कार्यक्रम में लोकसभा सांसद राहुल गांधी और द्वितीय चरण के कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ की राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके वर्चुअल रूप से शामिल होंगे। दोपहर 12 बजे से आयोजित राज्योत्सव के प्रथम चरण के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल प्रदेश के 18.38 लाख किसानों के खाते में राजीव गांधी किसान न्याय योजना की तीसरी किश्त का अंतरण करेंगे। इस कार्यक्रम में स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल योजना और मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत राज्य के 30 नगरीय स्लम एरिया में मोबाइल हॉस्पिटल सह लैबोरेटरी का शुभारंभ भी किया जाएगा।
    राज्योत्सव कार्यक्रम के द्वितीय चरण में दोपहर 1.30 बजे से राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके के मुख्य आतिथ्य में ’राज्य अलंकरण सम्मान समारोह’ आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके वर्चुअल रूप से शामिल होंगी। छत्तीसगढ़ राजगीत से राज्य अलंकरण सम्मान समारोह की शुरूआत होगी।
    विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत, नेता प्रतिपक्ष श्री धरमलाल कौशिक, मंत्रीगण, संसदीय सचिव और विधायकगण कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस कार्यक्रम में जनसम्पर्क विभाग द्वारा प्रकाशित ’छत्तीसगढ़ विचार माला’ के विमोचन के साथ ही टूरिज्म रिसार्ट का लोकार्पण तथा राम वन गमन पथ टूरिज्म सर्किट का शिलान्यास किया जाएगा। इस अवसर पर फोर्टिफाईड राईस वितरण योजना का शुभारंभ और राजधानी रायपुर के ऐतिहासिक बूढ़ातालाब के सौंदर्यीकरण कार्य सहित बीजापुर में 132/33 के.व्ही. विद्युत उपकेन्द्र तथा 87.5 किलोमीटर 132 के.व्ही. बारसूर-बीजापुर विद्युत लाईन का लोकार्पण भी होगा।

    दुर्ग / शौर्यपथ / ठगड़ा बांध सौंदर्यीकरण के लिए अतिक्रमण हटाने पहुंचे जिला प्रशासन निगम प्रशासन और पुलिस बल के अधिकारियों को निवासियों ने दीपावली तक यहां रहने की सहमति मांगी । निगम आयुक्त इंदजीत बर्मन ने छठ पूजा को ध्यान में रखते हुये मानवीय संवेदनाओं को देखते हुये निवासियों से लिखित में मांग पत्र लिए कि वे हर हाल में दीपावली त्यौहार के बाद लगभग 20 /21 तारीख तक जगह खाली कर देंगे । निवासियों ने आयुक्त के निर्देशानुसार लिखित में आवेदन दिए जिसके आधार पर जिला प्रशासन और निगम प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को आज रोक दिया ।
    उल्लेखनीय है कि राज्य शासन के निर्देशानुसार एवं स्वीकृति के तहत सौंदर्यीकरण कार्य के लिए ठगड़ा बांध बस्ती के 270 निवासियों को बोरसी स्थित गैलेक्सी प्रधानमंत्री आवास में आवास आवंटित करने के बाद आज ठगड़ा बांध बस्ती खाली करने जिला प्रशासन निगम प्रशासन पद्मनाभपुर पुलिस चौकी के अधिकारी ठगड़ाबांध पहुंचे थे । निगम का तोड़ूदस्ता द्वारा केवल दो अतिक्रमण ही तोड़ पाया था कि उपस्थित निवासियों ने दीपावली तक यहां रहने की मांग किये । निगमायुक्त ने लिखित आवेदन लेकर उन्हें दीपावली के बाद 20 तारीख तक जगह खाली करने के निर्देश दिए हैं इस संबंध में आयुक्त श्री बर्मन ने बताया कि राज्य शासन के द्वारा ठगड़ा बांध सौंदर्यीकरणकरण की स्वीकृति प्रदान की गई है विकास कार्य और सौंदर्यीकरणकरण के लिए राशि भी दी जा चुकी है ठगड़ा बांध सौंदर्यीकरण के लिए बांध में निवास करने वाले लगभग 300 परिवारों में से 270 परिवारों को बोरसी स्थित प्रधानमंत्री आवास आवंटन किया जा चुका है ।
    चूंकि दीपावली का त्यौहार अगले माह में मनाया जाएगा इसके बाद छठ पूजा मनाया जाता है निवासियों की मांग है कि छठ पूजा के बाद वे स्वतः कब्जा खाली कर हम प्रधानमंत्री आवास में चले जाएगें । आयुक्त महोदय ने हितग्राहियों को 22 नवंबर तक का समय जगह खाली करने दिया है । यदि कब्जा खाली नहीं किया जाएगा तो 23 नवंबर से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी । बेदखली कार्यवाही के बाद किसी भी हितग्राही के द्वारा मकान का दावा करने पर नगर निगम ने आवाज देने बाद नहीं रहेगा । उन्होंने बताया ठगड़ा बांध क्षेत्र में 235 झोपड़िया है जहां 348 परिवार निवासरत जिसमें से 270 परिवारों को आवास का आवंटन किया जा चुका है । अब यदि ठगड़ा बांध के हितग्राही छठ पूजा के बाद 22 तारीख तक जगह खाली नहीं करते हैं तो 23 नवंबर से बेदखली की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। । उन्होंने बताया ठगड़ा बांध के लगभग 81 हितग्राहियों ने अब तक आवास के लिए आवेदन जमा नहीं किया है । बेदखली की कार्रवाई सभी के खिलाफ चलेगा ।
    कार्यवाही के दौरान तहसीलदार पार्वती पटेल, कार्यपालन अभियंता राजेश पांडेय, सहायक अभियंता जितेंद्र सुमैया, भवन अधिकारी प्रकाशचंद भवानी सहायक भवन अधिकारी गिरीश दीवान उप अभियंता राजकिशोर पा लिया विनोद मांझी आरके जैन ब्रेन ठाकुर शिव शर्मा के अलावा पदमनाभपुर पुलिस थाना केे प्रभारी उपस्थित थे ।

    किसानों को धोखा देने वाले रमन सिंह वनवास में आगे मोदी की बारी-कांग्रेस
    15 साल तक रमन-राजेश भाजपा ने किसानों को धोखा दिया -कांग्रेस
    किसानों को पूंजीपतियों का गुलाम बनाने की सोच रखने वाली भाजपा के प्रवक्ता राजेश मूणत के मुंह से किसानों के चिंता दिखावटी
    सरकार में चाहे मोदी की हो या रमन की दोनों से किसानों को धोखा ही मिला -कांग्रेस

    रायपुर / शौर्यपथ / पूर्व मंत्री एवं भाजपा प्रवक्ता राजेश मूणत के बयान पर कांग्रेस ने प्रतिक्रिया व्यक्त की। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने पूर्व मंत्री राजेश मूणत पर तंज कसते हुए कहा कि किसानों को धोखा देने वालो को छत्तीसगढ़ की जनता ने 15 सीट में समेट कर वनवास में भेज दिया और जिसने किसान की पीड़ा व्यथा को समझा सदन से लेकर सड़क तक किसानों की हक की लड़ाई लड़ी। किसानों को उनका अधिकार दिलाने जेल यात्रा की उस कांग्रेस 69 सीट देकर सिर पर ताज दिया है। पूर्व मंत्री राजेश मूणत को किसानों के कर्ज माफ करने वाली, किसानों की धान को 2500 रुपया क्विंटल के दाम में खरीदने वाली, सबसे ज्यादा किसानों से धान खरीदने वाली कांग्रेस सरकार पर किसानों के साथ वादाखि़लाफ़ी का आरोप लगाने के पहले अपने गिरेबान में झांकना चाहिए। मूणत को एक बार भाजपा के 2013 के घोषणापत्र को पढ़ना चाहिए और रमन सिंह के 2013 से 2018 तक के पांच साल के कार्यकाल का आत्मावलोकन करना चाहिए। किस प्रकार उस दौरान किसानों के साथ धोखा छल हुआ था, अत्याचार, शोषण हुआ, शर्मसार कर देने वाली देश को झंकझोर देने वाली किसानों की आत्महत्या की घटनाएं हुयी, खेत के लिए जलाशय से पानी मांगने वाले किसानो के ऊपर लाठी बरसाई गई थी। किसानों के ऊपर रमन भाजपा सरकार ने बेइंतिहा जुल्म किया था। भाजपा ने ही तो किसानों को धान का कीमत 2100 रू. प्रति क्विंटल और 300 रु प्रति क्विंटल बोनस देने का वादा किया था। रमन सिंह ने वादा पूरा क्यों नही किया? 15 साल के रमन भाजपा शासनकाल में छत्तीसगढ़ के किसानों को धोखा के अलावा कुछ नहीं मिला। रमन भाजपा के शासन काल का 2 साल का बोनस का बकाया है जिसे कांग्रेस किस्तों में देने का वादा किया है।
    प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा का चरित्र ही किसान विरोधी है। चुनाव में किए वादा को भाजपा के नेता चुनावी जुमला बताकर जनता का उपहास उड़ाते हैं। बीते 7 साल से मोदी की सरकार और 15 साल तक रमन सिंह की सरकार ने छत्तीसगढ़ के किसानों के साथ धोखा, छल किया, वादाखि़लाफ़ी की। किसानों को रमन सिंह ने धान का समर्थन मूल्य 2100 रू. क्विंटल और 300 रू. प्रति क्विंटल बोनस नही दिया, वैसे ही मोदी सरकार भी देशभर के किसानों को स्वामीनाथन कमेटी के सिफारिश के अनुसार लागत मूल्य का डेढ़ गुना समर्थन मूल्य, सस्ते दर पर डीजल, सस्ते दर पर रसायनिक खाद देने का वादा को अब तक पूरा नही किया है।

    मनोरंजन / शौर्यपथ / नेहा कक्कड़ और रोहनप्रीत सिंह अपनी मैरिड लाइफ एंजॉय कर रहे हैं। इसी बीच रोहनप्रीत ने अपने अपकमिंग सॉन्ग की अनाउंसमेंट की है जिसका नाम है एक्स कॉलिंग। रोहनप्रीत ने गाने का पोस्टर शेयर किया है जिसमें उनके साथ अवनीत कौर हैं। नेहा ने भी पोस्टर शेयर किया है। नेहा ने पोस्टर शेयर करते हुए लिखा, 'रोहनप्रीत एक्स कॉलिंग'। इस कैप्शन के साथ नेहा ने गुस्से वाले इमोजी भी शेयर किया है।
    नेहा के इस पोस्ट पर रोहनप्रीत ने कमेंट किया, नेहा कसम से मैंने कुछ नहीं किया।
    इससे पहले शेयर की थी संगीत सेरेमनी की फोटोज
    नेहा ने अपनी संगीत सेरेमनी की फोटोज शेयर की थी। इन फोटोज को शेयर कर नेहा ने बताया कि संगीत सेरेमनी में उन्होंने डिजाइनर अनीता डोंगरे के आउटफिट्स पहने थे। साथ ही एक फोटो नेहा ने शेयर की है उसमें वह रोहनप्रीत को लिपलॉक करती नजर आ रही हैं।
    नेहा ने इन फोटोज को शेयर करते हुए लिखा, 'थैंक्यू सो मच अनीता डोंगरे मैम। नेहूप्रीत आपके आउटफिट्स के लिए हमेशा आपके आभारी रहेंगे।'
    ससुराल वालों ने दिया शानदार रिसेप्शन
    नेहा ने रिसेप्शन की फोटोज शेयर की हैं जिसमें वह रोहनप्रीत के साथ मिलकर केक कट कर रही हैं। साथ ही उनके ससुराल के लोग उनके साथ नजर आ रहे हैं। इन फोटोज को शेयर कर नेहा ने लिखा, रोहनप्रीत और उनके परिवार ने शानदार रिसेप्शन दिया। आप सभी को दिल से शुक्रिया।

    धर्म संसार / शौर्यपथ / शरद पूर्णिमा के बाद से कार्तिक का महीना लग जाता है। इस बार 1 नवंबर से कार्तिक का महीना लग रहा है। इस महीने में भगवान विष्णु जल में निवास करते हैं, इसलिए इस माह में सुबह सवेरे स्नान करने बहुत फल मिलता है। कार्तिक महीने में तुलसी पूजा का विशेष महत्व है। इस पूरे महीने में माता तुलसी के सामने दीपक जलाया जाता है।
    यह कहा जाता है कि माता तुलसी की पूजा करने से बहुत फल मिलता है। चांद-तारों की मौजूदगी में सूर्योदय से पूर्व ही पुण्य प्राप्ति के लिए स्नान करना जरूरी होता है। इस महीने में तुलसी विवाह का आयोजन भी किया जाता है। कहते हैं कि तुलसी विवाह करने से पुण्यफल की प्राप्ति होती है। तुलसी विवाह से घर में सुख-समृद्धि आती है। इस दिन तुलसी के पौधे का गमला सजाकर उसके चारों ओर ईख का मण्डप बनाकर उसके ऊपर ओढ़नी या सुहाग प्रतीक चुनरी ओढ़ाते हैं। तुलसी पूजन से पहले तुलसी पूजा के नियमों को भी जान लेना चाहिए।

    इस बात का ध्यान रखें कि तुलसी पत्र को बिना स्नान किए नहीं तोड़ना चाहिए।

    कभी भी शाम को तुलसी के पत्तों को शाम के समय तोड़ना नहीं चाहिए। पूर्णिमा, अमावस्या, द्वादशी, रविवार व संक्रान्ति के दिन दोपहर दोनों संध्या कालों के बीच में तथा रात्रि में तुलसी नहीं तोड़ना चाहिए।

    किसी के जन्म के समय और मुत्यु के समय घर में सूतक लग जाते हैं, ऐसे में तुलसी को नहीं ग्रहण करें। क्योंकि तुलसी श्री हरि के स्वरूप वाली ही हैं।

    तुलसी को दांतों से चबाकर नहीं खाना चाहिए।

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