August 06, 2026
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    शौर्यपथ

    शौर्यपथ

    छत्तीसगढ़ बन रहा देश का नया मॉडल राज्य
    सांसद राहुल गांधी की वर्चुअल उपस्थिति में प्रदेशवासियों को मिली कई सौगातें
    किसानों को राजीव गांधी किसान न्याय योजना की तीसरी किश्त की राशि 1500 करोड़ रूपए अंतरित
    स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल और 30 नगरीय स्लम एरिया में मोबाइल हॉस्पिटल सह लैबोरेटरी का शुभारंभ
    हमारी जनकल्याण की योजनाएं और उपलब्धियां राष्ट्रीय स्तर पर रेखांकित हुई: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

    रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के मौके पर लोकसभा सांसद राहुल गांधी की वर्चुअल उपस्थिति में आज राज्य के 19 लाख किसानों के खाते में राजीव गांधी किसान न्याय योजना की तीसरी किश्त 1500 करोड़ रूपए अंतरित किए गए। मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित राज्योत्सव कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, विधानसभा अध्यक्ष डॉ.चरणदास महंत एवं मंत्रीगणांे की विशेष मौजूदगी में स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल योजना और मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत राज्य के 30 नगरीय स्लम एरिया में मोबाइल हॉस्पिटल-सह-लैबोरेटरी का शुभारंभ भी हुआ। समारोह में नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक, सांसद पी.एल. पुनिया एवं विधायक मोहन मरकाम सहित अन्य विधायकगण, जनप्रतिनिधि एवं जिलों से अन्य लोग वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।
    सांसद राहुल गांधी ने छत्तीसगढ़ के लोगों को राज्योत्सव की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि किसान और मजदूर देश की नींव है। इनके कमजोर होने से देश कमजोर होगा। सांसद गांधी ने कहा कि देश वर्तमान समय में कोविड-19 के कारण मुश्किल दौर से गुजर रहा है। ऐसे समय में जो कमजोर हैं, उन्हें ज्यादा कठिनाई होती है। उन्होंने कहा कि देश में किसानों की हालत किसी से छुपी नही है। किसानों के आत्महत्या की खबरें लगातार आ रही हैं। हमें किसानों और मजदूरों की रक्षा करनी चाहिए, उनके साथ खड़ा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि शहर की नींव गांव है और गांव की नींव किसान और मजदूर है। यदि किसान और मजदूर कमजोर होंगेे, तो पूरा देश कमजोर हो जाएगा। किसानों और मजदूरों की रक्षा का मतलब देश की रक्षा के साथ-साथ देश की नींव को मजबूत करना और भविष्य को बेहतर बनाना है। उन्होंने कहा कि इसी तरह देश के भविष्य की नींव बच्चे और युवा हैं। युवाओं को यदि बेहतर अवसर और भविष्य नहीं मिलेगा तो इससे देश कमजोर होगा।


    सांसद राहुल गांधी ने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किसानों, मजदूरों और गरीबों की भलाई के लिए शुरू की गई राजीव गांधी किसान न्याय योजना तथा स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल एवं मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना की तारीफ करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार की ये तीनों योजनाएं नींव को मजबूत बनाने और उसकी रक्षा करने वाली है। इससे पूरे देश को मजबूती मिलेगी। श्री राहुल गांधी ने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ ने पूरे देश को रास्ता दिखाया है। चाहे वो किसानों की मदद और जमीन की रक्षा का मामला हो, उद्योग धंधों को बढ़ावा देने एवं ग्रामीण और युवाओं को स्वावलंबी बनाने का काम हो। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में मंत्रि-मंडल एवं सहयोगियों की टीम पूरे विजन के साथ काम कर रही है। उन्होंने कहा कि देश में छत्तीसगढ़ एक नया मॉडल राज्य बन रहा है। किसानों, आदिवासियों के हितों की रक्षा और बेहतर शिक्षा की व्यवस्था करके युवाओं के भविष्य को गढ़ने का काम छत्तीसगढ़ राज्य में हो रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में इंग्लिश मीडियम स्कूल शुरू करके आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के बच्चों एवं युवाओं को भी अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा सुलभ कराई है।
    सांसद राहुल गांधी ने देश में किसानों की वर्तमान स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि आज किसान परेशान है, उनके हितों की अनदेखी की जा रही है। केन्द्र सरकार द्वारा कृषि के क्षेत्र में पारित तीन नये कृषि कानूनों का उल्लेख करते हुए कहा कि कृषि उपज मंडियों और न्यूनतम समर्थन मूल्य का महत्वपूर्ण रोल है। इससे किसानों के हितों की रक्षा होती है। उन्होंने कहा कि किसी भी सिस्टम में कमियां हो सकती है। इसका ये मतलब नही है कि उसको खत्म कर दिया जाए। सिस्टम में सुधार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बिहार में 2006 में मंडियों को खत्म करने के बाद से लगातार किसानों की स्थिति कमजोर हुई है। केन्द्र सरकार के इन तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ हम लड़ाई लड़ रहे हैं। पंजाब और छत्तीसगढ़ में इसका विरोध हुआ है। उन्होंने कहा कि हमने प्रधानमंत्री से इन तीनों कृषि कानूनों पर फिर से विचार करने और मंडी सिस्टम को मजबूत बनाने का आग्रह किया है। मुझे पूरा विश्वास है कि प्रधानमंत्री इस पर पुर्नविचार जरूर करेंगे।
    सांसद राहुल गांधी ने कहा कि छत्तीसगढ़ एक यूनिक स्टेट है। यहां जल, जंगल, जमीन और प्राकृतिक सम्पदा भरपूर है। छत्तीसगढ़ गरीब नही है, जनता गरीब है। मुझे खुशी है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में हमारी सरकार ने इन विसंगतियों को दूर करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की राशि यहां के लोगों की बेहतरी और छत्तीसगढ़ को नये विजन के साथ आगे ले जाने के लिए खर्च की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य की दिशा में सरकार और उसकी पूरी टीम एक साथ मिलकर काम कर रही है।
    कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ राज्य के 21 वें स्थापना दिवस की सभी प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि हमें खुशी हैं कि पिछड़ेपन और असंतुलित विकास को दूर कर छत्तीसगढ़ के आम लोगों की भावना के अनुरूप विकास करने के छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माताओं की सोच के अनुरूप काम करने में हम सफल हुए हैं । हमने पिछले 22 महीनों में ऐसी योजनाओं का क्रियान्वयन किया हैं जिसके मूल में छत्तीसगढ़ के गरीब, किसान, वनाश्रित, अनुसूचित जाति और पिछड़े लोगों का उत्थान है। इन योजनाओं के सफल परिणाम सभी क्षेत्रों में अब साफ तौर पर दिखने भी लगे हैं। रोजगार उपलब्धता, कृषि उत्पादन, भू-जल स्तर में वृद्धि, स्वच्छता, व्यापारिक और औद्योगिक क्षेत्र, जीएसटी के आंकड़े, बिजली उत्पादन आदि में हमारी सफलता राष्ट्रीय स्तर पर रेखांकित हो रही हैं। आदिवासी क्षेत्रों में संचालित पोषण, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार की योजनाओं की सफलता की प्रशंसा नीति आयोग और अन्य नीति निर्माता संस्थाओं ने की है।


    मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि बीते एक साल में मुख्यमंत्री सुपोषण योजना की बदौलत 67 हजार कुपोषित बच्चे कुपोषण के चक्र से बाहर आ गये हैं । राज्य में कुपोषित बच्चों की संख्या में 13.79 प्रतिशत की गिरावट आयी है । उन्होंने कहा श्रीमती सोनिया गांधी एवं राहुल गांधी ने जो विजन दिया था, उस विजन को हम जमीन पर मूर्तरूप देने में कामयाब हो रहे हैं । सांसद राहुल गांधी के न्याय के विजन को हमने जिस तरह से कृषि क्षेत्र में राजीव गांधी किसान न्याय योजना के माध्यम से मूर्तरूप दिया है। इससे छत्तीसगढ़ के सम्पूर्ण कृषि क्षेत्र के साथ साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था में क्रान्तिकारी बदलाव आये है । हमारी अर्थव्यवस्था सुदृढ़ हुई है। उन्होंने कहा कि सही सोच और नीयत के साथ शुरू की गई कोई योजना लोगों के जीवन में किस तरह सकारात्मक परिवर्तन ला सकती है, राजीव गांधी किसान न्याय योजना इसका विलक्षण उदाहरण हैं ।
    गोधन न्याय योजना का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि हमने गोबर संग्राहकों से गोबर खरीद कर उन्हें अभी तक 39 करोड़ रूपये का भुगतान किया है । इससे छत्तीसगढ़ के गांवो में ग्रामीणों को रोजगार और आय का अतिरिक्त जरिया मिला हैं । उन्होंने कहा कि गोधन न्याय योजना गरीब गोपालकों के जीवन स्तर को उंचा उठाने, उन्हें रोजगार और आय के नये साधन उपलब्ध कराने के लिए बनायी गयी हैं। मुझे यह बताने में आज गर्व महसूस हो रहा हैं कि हम अपने उददेश्य में सफल हुए हैं। मैं यह भी कहना चाहंूगा कि अगर आपकी नीयत साफ हो और आपके मन में वास्तव में गरीबों का उत्थान करने की इच्छा हो, तो इस तरह की अनूठी योजना बनती है और सफल भी होती है ।
    मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि हमने केन्द्र सरकार के किसान विरोधी कानून से अपने राज्य के किसानों के साथ होने वाले अन्याय को रोकने का पुख्ता उपाय कर दिया हैं। मंडी एक्ट में संशोधन किया है अब हमारे राज्य के किसानों को कोई हानि नहीं होगी। राज्य के अधोसंरचना और औद्योगिक विकास की दिशा में भी हमने महत्वपूर्ण कदम उठाये है। हमने उद्योगों की स्थापना के लिए 25 एम.ओ.यू. किये है और 22 नवीन एम.ओ.यू. प्रस्तावित हैं। इससे राज्य में लगभग 20 हजार करोड़ का पूंजी निवेश होगा और लगभग 36 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। हमारे अथक प्रयासांे के बाद केन्द्र सरकार ने छत्तीसगढ़ को धान से इथेनाल बनाने की योजना को अनुमति प्रदान की है। इससे हमारे किसानों की आय में अतिरिक्त इजाफा होगा। राज्य में इथेनाल बनाने के उद्योग लगने पर लगभग 10 हजार करोड़ का निवेश आने की संभावना है।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में अधोसरंचना को सुदृढ़ करने का काम भी तेज गति से जारी हैं। धरसा विकास योजना के तहत गांव के कच्चे रास्तों को पक्का करने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा हैं । इससे ग्रामीणों और मवेशियों को बरसात सहित सभी मौसम में सुगम आवागमन की सुविधा मिलेगी । उन्होंने कहा कि राज्य में कुल 13 हजार 230 करोड़ रूपये की लागत से सड़क और पुल-पुलिया के निर्माण की महत्वाकांक्षी योजना पर तेजी से काम कर रहे हैं। युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए हमने ई-श्रेणी में पंजीयन आरंभ किया हैं। उच्च गुणवत्ता की विद्युत उत्पादन में छत्तीसगढ़ देश में अव्वल है। हम आज आदिवासी बहुल बस्तर के बीजापुर जिले में 132/33 के.व्ही. के उपकेन्द्र एवं 87.5 कि.मी. 132 के.व्ही. बारसूर बीजापुर लाईन का भी उदघाटन कर रहे है ।
    मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि आज सांसद राहुल गांधी अपनी वर्चुअल मौजूदगी में राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत राज्य के करीब 19 लाख से अधिक किसानों को 1500 करोड़ रूपये की राशि उनके खाते में अंतरित कर रहे हैं। इसके पहले हम 21 मई और 20 अगस्त को 1500-1500 करोड़ रूपए की दो किस्त किसानों दी थी। स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल योजना अंतर्गत हम 52 अंग्रेजी माध्यम के स्कूल शुरू कर रहे हैं। यहां शिक्षा निशुल्क होगी। इन स्कूलों में अभी तक 27 हजार 741 बच्चे प्रवेश ले चुके हैं। स्लम में रहने वाले नागरिकों के लिए एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य योजना की भी शुरूआत कर रहे है। इससे स्लम क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों और श्रमिकों को स्वस्थ्य रखने के लिए सुबह-शाम चिकित्सा संबंधी सुविधाएं उपलब्ध करायेंगे।
    राज्योत्सव के वर्चुअल कार्यक्रम का संचालन कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे एवं अंत में आभार प्रदर्शन, गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू ने किया। कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत, केबिनेट मंत्री सर्वश्री मोहम्मद अकबर, डॉ. प्रेमसाय सिंह, डॉ. शिव कुमार डहरिया, अमरजीत भगत, कवासी लखमा, श्रीमती अनिला भेंड़िया, गुरू रूद्र कुमार, उमेश पटेल, राज्यसभा सांसद श्रीमती छाया वर्मा, वरिष्ठ विधायक सत्यनारायण शर्मा, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार रूचिर गर्ग, मुख्यसचिव आर.पी. मंडल, अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

    नई दिल्ली / शौर्यपथ / बल्लभगढ़ राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से सटे फरीदाबाद के बल्लभगढ़ में एक लड़की के अपहरण में नाकाम आरोपियों ने उसकी गोली मारकर हत्या कर दी थी. लड़की का नाम निकिता तोमर था. वारदात का सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ था. इंटरनेट से लेकर जमीन तक, इंसाफ की मांग को लेकर लड़ाई जारी है. अब खबर मिल रही है कि बल्लभगढ़ में निकिता हत्याकांड मामले को लेकर पुलिस पर जबरदस्त पथराव किया गया है. हाईवे पर पुलिस भागती हुई नजर आई.
    निकिता तोमर की हत्या मामले में इंसाफ की मांग तेज होती जा रही है. इस केस को लेकर एक तरफ जहां बल्लभगढ़ में पंचायत हुई, तो दूसरी तरफ इंसाफ की मांग कर रहे लोगों ने दिल्ली-आगरा हाईवे जाम कर दिया. मौके पर पुलिस मौजूद है. पुलिस ने वहां से लोगों को हटाने की कोशिश की. फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है. वहीं बल्लभगढ़ में प्रदर्शनकारियों के एक धड़े ने पुलिस पर पथराव कर दिया. पथराव के चलते पुलिसकर्मी हाईवे पर भागते हुए नजर आए.
    बता दें कि निकिता तोमर मामले को लेकर आज जो पंचायत हुई वह बेनतीजा रही है. आपस में ही कई लोगों ने झगड़ा कर लिया. कुछ लोग पथराव में शामिल हो गए. अब 8 नवंबर को फिर मीटिंग होगी, उसके बाद आगे की रणनीति तय होगी. कुछ देर पहले पुलिस ने दोबारा लाठीचार्ज किया. कई उपद्रवी जो हाईवे दोबारा जाम करने की कोशिश कर रहे थे, उन्हें हिरासत में लिया गया है.
    हरियाणा के डीसीपी सुमेर सिंह ने कहा, 'बल्लभगढ़ में कुछ शरारती तत्वों को कानून-व्यवस्था भंग करने के आरोप में हिरासत में लिया गया है. इन लोगों को नेशनल हाईवे 2 से हिरासत में लिया गया है. निकिता मामले को लेकर जो महापंचायत हो रही थी, उसकी परमिशन हमसे नहीं ली गई थी. हम आयोजकों के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं.'
    गौरतलब है कि फरीदाबाद के बल्लभगढ़ में बीते सोमवार की शाम निकिता तोमर पेपर देकर कॉलेज से निकल रही थी. इसी दौरान, दो युवकों ने बंदूक की नोक पर उसका अपहरण करने की कोशिश की. निकिता के विरोध करने पर एक आरोपी ने उसे गोली मार दी. गोली लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई. वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी कार से फरार हो गए. सीसीटीवी में कत्ल की यह वारदात कैद हो गई थी. पुलिस ने दोनों आरोपी तौसीफ और रेहान को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी पुलिस रिमांड पर हैं.

    नई दिल्ली / शौर्यपथ / नालंदा चुनाव प्रचार के अंतिम दिन रविवार को राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव ने नालंदा में दो चुनावी सभाओं को संबोधित किया. चुनावी सभा में वे कुछ अलग अंदाज में दिखे. वे भीड़ से लगातार बात करते रहे. वे लोगों से सवाल पूछते रहे और भीड़ उनके जवाब देती रही. उन्होंने भीड़ से कारखाना लगाने, रोजगार देने आदि के बारे में सवाल पूछा तो भीड़ ने ना, ना कहकर अपना जवाब दिया. तेजस्वी ने कहा कि सत्ता में आने का एक मौका दीजिए, उम्मीदों को पूरा कर देंगे. दस तारीख को नीतीश कुमार की विदाई तय है.
    तेजस्वी यादव ने कहा कि एनडीए के 15 वर्षों के शासन में गरीबी और बेरोजगारी बढ़ी है. जो व्यक्ति 15 सालों में भी रोजगार नहीं दे सका, कारखाना नहीं लगा सका, भ्रष्टाचार नहीं रोक सका, वह अगले 15 सालों में भी कुछ नहीं कर सकता.अगर यहां सुविधा मिलती तो यहां के लोग पढ़ने के लिए कोटा व मजदूरी करने के लिए दूसरे राज्यों में नहीं जाते. हमारी सरकार बनी तो प्रतियोगी परीक्षा की सभी फीस माफ की जाएगी. परीक्षा देने जाने वाले अभ्यर्थियों का किराया भी माफ होगा. जीविका, आंगनबाड़ी, विकास मित्र, आशा व अनुबंध पर कार्यरत अन्य कर्मियों के मानदेय में चार हजार रुपये तक की बढ़ोतरी होगी.
    महागठबंधन के सीएम पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव ने कहा कि महागठबंधन की सरकार बनी तो पहली कैबिनेट की बैठक में दस लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दे देंगे. सरकार बनते ही एक माह के भीतर नौकरी मिलनी शुरू हो जाएगी. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार कहते हैं कि लालटेन का जमाना समाप्त हो गया. तो अब तीर का भी जमाना समाप्त हो गया. अब मिसाइल का जमाना आ गया है.
    तेजस्वी यादव को सुनने के लिए भारी संख्या में लोग पहुंचे थे. भीड़ ऐसी थी कि पुलिस को संभालना मुश्किल हो गया था. लोग बेरीकेटिंग तोड़कर मंच के समीप पहुंच गए. तेजस्वी के जाते ही भीड़ बेकाबू हो गई और लोग एक दूसरे पर गिर गए जिससे कई कुर्सियां टूट गईं. हालांकि प्रशासन द्वारा सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे.

    मुंबई / शौर्यपथ / 100 से अधिक प्रमुख हस्तियों ने फ्रांस पर हमले की निंदा करते हुए इसे नृशंस हत्या करार दिया. इसके साथ इन हस्तियों ने कहा कि कोई भी धर्म या उसका संत या पैगंबर इंसान की हत्या को उचित ठहराए जाने की सीख नहीं देता है. इन 100 प्रमुख हस्तियों में अभिनेता नसीरुद्दीन शाह, गीतकार जावेद अख्तर, वकील और सामाजिक कार्यकर्ता प्रशांत भूषण, नृत्यांगना-कोरियोग्राफर मल्लिका साराभाई और प्रतिष्ठित पूर्व पुलिस अधिकारी जूलियो रिबेरो शामिल हैं. इन सभी ने एक संयुक्त बयान जारी कर फ्रांस में हालिया आतंकी हमलों और मुस्लिम धार्मिक और राजनीतिक नेताओं के "घृणत" बयानों की निंदा की है.
    जारी किए बयान पर विभिन्न धर्मों, पृष्ठभूमि और व्यवसायों के लोगों ने हस्ताक्षर किए और भारतीय मुसलमानों के स्वयंभू अभिभावकों...पर इस नृशंस हत्या का समर्थन करने के लिए निशाना साधा और कहा, 'कोई भगवान, कोई देवता, पैगंबर और संत साथी इंसानों की हत्या को उचित ठहराने का आह्वान कर सकता है? '
    बयान में कहा गया है, "हम अधोहस्ताक्षरी विश्वास के नाम पर दो कट्टरपंथियों द्वारा फ्रांस में हाल ही में की गई हत्याओं की असमान रूप से और बिना शर्त निंदा करते हैं. हम भारतीय मुसलमानों के कुछ स्वयंभू अभिभावकों के रूढ़िवादी तर्क से परेशान हैं, जो नृशंस हत्या को तर्कसंगत बता रहे हैं और कुछ नेताओं की अपमानजनक टिप्पणी को खारिज करते हैं."
    बयान में आगे जोड़ा गया, "दूसरों द्वारा किए गए समान अपराधों की तुलना करके अपराधों को तर्कसंगत बनाना एक तर्कहीन और बेतुका तर्क है, क्योंकि दो गलतियां एक अधिकार नहीं बनाती हैं. हम धर्म, किसी भी धर्म के नाम पर जघन्य अपराधों के औचित्य में किसी भी इफ और बट को अस्वीकार करते हैं. किसी भी देवता, देवी, देवता, पैगम्बर या संत को हत्या और / या साथी मनुष्यों को आतंकित करने का औचित्य साबित करने के लिए नहीं बुलाया जा सकता है.
    आगे लिखा है, 'यह बयान फ्रांस में मुसलमानों को "पीड़ितों और प्रियजनों के साथ शोक और एकजुटता के संकेत के रूप में पैगंबर के जन्मदिन के उत्सव को रद्द करने" का आह्वान करता है.'
    बयान पर हस्ताक्षर करने वाले अन्य लोगों में अभिनेता और पूर्व राज्यसभा सांसद शबाना आजमी, फिल्म निर्देशक कबीर खान, नर्मदा बचाओ आंदोलन की कार्यकर्ता मेधा पाटकर, अभिनेता-कार्यकर्ता स्वरा भास्कर और कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ शामिल हैं.गुरुवार को चाकू से हमला करने वाले एक हमलावर ने "अल्लाहु अकबर" चिल्लाया और फ्रांसीसी शहर नीस के एक चर्च में तीन लोगों की हत्या कर दी. इससे पहले पेरिस में एक स्कूल शिक्षक को दिन के उजाले में गला काट दिया गया था क्योंकि अभिव्यक्ति की आजादी के एक पाठ के लिए अपने छात्रों को पैगंबर मोहम्मद के कार्टून दिखाया था.

    नई दिल्ली / शौर्यपथ / जम्मू कश्मीर की राजधानी श्रीनगर में रविवार को भारतीय सुरक्षाबलों के हाथों बड़ी कामयाबी लगी. जम्मू कश्मीर पुलिस के मुताबिक श्रीनगर में हुई मुठभेड़ में कश्मीर में हिज्बुल मुजाहिदीन के चीफ कमांडर डॉ सैफुल्लाह को भारतीय सुरक्षाबलों ने ढ़ेर कर दिया गया. श्रीनगर के रंगरेथ इलाके में पुलिस को आतंकवादियों के छिपे होने की सूचना मिली. इसके तुरंत बाद पुलिस और सुरक्षाबलों ने संयुक्त आपरेशन चलाते हुए आतंकवादियों के छिपे हुए ठिकाने को घेरने का प्रयास किया.
    सुरक्षाबलों से घिरा देख आतंकवादियों ने फायरिंग करना शुरू कर दी. सुरक्षाबलों ने पहले छिपे आतंकवादियों को सरेंडर करने को कहा, इसके बाद भी बार-बार आतंकवादियों को आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी गई लेकिन आतंकवादियों ने इसे अनसुना कर सुरक्षाबलों पर फायरिंग शुरू कर दी. जवाबी कार्रवाई में सुरक्षाबलों ने हिज्बुल मुजाहिदीन के चीफ कमांडर को मार गिराया. हालांकि पहले सुरक्षाबलों को सैफुल्लाह के बारे में खबर नही थी बाद में जाकर इसके मारे जाने की पुष्टि हुई .
    इस साल मई महीने में हिज्बुल मुजाहिदीन के चीफ कमांडर रियाज नाइकू की मौत के बाद डॉ सैफुल्लाह को हिजबुल ने अपना कमांडर बनाया था. तब से यह सुरक्षाबलों के लिए सिरदर्द इसलिए बना हुआ था.
    हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि जिस आतंकी को जिन्दा पकड़ा गया है वह आतंकवादी स्थानीय हैं या फिर विदेशी. हालांकि पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह का कहना था कि पकड़ा गया संदिग्ध है और उससे पूछताछ जारी है.

     

     

    चंडीगढ़ / शौर्यपथ / दीवाली का त्योहार आने वाला है. ऐसे में एक बार फिर से पर्यावरण को लेकर चिंताएं बढ़ने लगी है. हर साल जगह-जगह पर दीवाली के बाद प्रदूषण की समस्या का सामना करना पड़ता है. भारत में गाय के गोबर को धार्मिक रूप से पवित्र माना जाता है. पंजाब के मोहाली में एक गैर सरकारी संगठन गौरी शंकर सेवा दल की तरफ से दीवाली से पहले, गोबर से मूर्तियां और मिट्टी के दीपक बनाए जा रहे हैं. इसके निदेशक, रमेश शर्मा का कहना है कि अन्य प्रकार की मूर्तियों के विपरीत, ये विसर्जन के दौरान बेकार नहीं जाएंगे. पानी के साथ, वे खाद के रूप में कार्य कर सकते हैं.
    साथ ही रमेश शर्मा का कहना है कि चंडीगढ़ और मोहाली में हमारी गौशालाओं में 1000 गाय हैं. हमने गाय के गोबर का उपयोग करने का फैसला किया और लाठी और फूलों के बर्तन बनाने के लिए इस्तेमाल किया।. इन मूर्तियों को बेचने का हमारा कोई इरादा नहीं है. लोग हमारे पास आते हैं और उन्हें ले जाते हैं. यदि वे भुगतान करना चाहते हैं तो हम उन्हें राशि के साथ गायों को खिलाने के लिए कहते हैं.
    गौरतलब है कि हाल के दिनों में गाय के गोबर के कई तरह के उपयोग कर उसके महत्व को समझा जा रहा है. राष्ट्रीय कामधेनु आयोग ने सोमवार को गाय के गोबर से बना एक चिप (Cow Dung Chip) लॉन्च किया है और कहा है कि इससे मोबाइल हैंडसेट्स का रेडिएशन काफी हद तक कम हो जाता है. आयोग के अध्यक्ष वल्लभ भाई कथीरिया ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि 'हमने देखा है कि मोबाइल के साथ रखते हैं तो रेडिएशन काफी हद तक कम हो जाता है. बीमारी से बचना है तो आगे आने वाले वक्त में यह भी काम आने वाला है.' इसके साथ ही कामधेनु आयोग ने गाय के गोबर से बने कई दूसरे प्रॉडक्ट भी लॉन्च किए, जिनका लक्ष्य इस दीवाली पर प्रदूषण कम करने का है.

    नई दिल्ली / शौर्यपथ / दवा निर्माता कंपनी भारत बायोटेक अगले साल की दूसरी तिमाही में कोरोना की वैक्सीन बाजार में पेश करने की तैयारी कर रही है. कंपनी के कार्यकारी निदेशक साई प्रसाद ने उम्मीद जताई कि टीके के लिए सभी नियामकीय मंजूरी उचित समय पर मिल जाएगी. हालांकि टीके कोवैक्सीन की कीमत अभी तय नहीं की गई है.
    भारत बायोटेक फिलहाल देश के विभिन्न स्थानों पर वैक्सीन के तीसरे चरण के परीक्षण कर रही है. भारत बायोटेक इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (एनआईवी) के सहयोग से टीके कोवैक्सीन का विकास कर रही है. साई प्रसाद ने रविवार को कहा कि अगर हम परीक्षण के अपने अंतिम चरण में सुरक्षा, टीके के प्रभाव के डेटा और मानकों का ध्यान रखते हुए सभी मंजूरी हासिल करते हैं तो 2021 की दूसरी तिमाही में इसे पेश किया जा सकता है.
    तीसरे चरण के लिए परीक्षण स्थलों का चयन
    कंपनी ने ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डीसीजीआई) से तीसरे चरण के परीक्षण के लिए अनुमोदन प्राप्त करने के बाद ट्रायल के स्थानों पर जरूरी तैयारी शुरू की गई है. 13-14 राज्यों में 25 से 30 स्थलों पर इस चरण के परीक्षण में वैक्सीन और प्लेसबो प्राप्तकर्ताओं को दो खुराक दी जाएंगी. एक अस्पताल में लगभग 2,000 लोगों को पंजीकृत किया जा सकता है.
    400 करोड़ रुपये का निवेश का लक्ष्य
    भारत बायोटेक के कार्यकारी निदेशक ने कहा कि वैक्सीन के विकास और विनिर्माण सुविधाओं के लिए करीब 350-400 करोड़ रुपये के निवेश की जरूरत है. इसमें अगले तीन महीनों में चरण परीक्षण के संचालन के लिए आवश्यक निवेश शामिल है. भारत बायोटेक ने कहा कि वह सरकारी और निजी दोनों के लिए टीके की आपूर्ति करना चाहती है. प्रसाद ने स्पष्ट किया कि वैक्सीन की कीमत अभी निर्धारित नहीं की गई है, क्योंकि कंपनी अभी भी उत्पाद विकास की लागत देख रही है। अभी कंपनी का ध्यान तीसरे चरण के परीक्षण को सफलतापूर्वक पूरा करना है.

    धर्म संसार / शौर्यपथ / श्रीकृष्ण पहले ही बता चुके थे कि जयद्रथ को उसके पिता द्वारा वरदान मिला है कि जो भी उसका वध करेगा और जैसे ही उसका सिर भूमि पर गिरेगा तो वध करने वाले के सिर के 100 टुकड़े हो जाएंगे। तब श्रीकृष्ण अर्जुन को एक नई युक्ति बताते हैं उसी युक्ति और नीति के अनुसार अगले दिन का युद्ध प्रारंभ हो जाता है। चारों ओर शंख ध्वनि बजने लगती है। अर्जुन युद्ध भूमि पर तबाही मचा देता है। सभी कौरव सिंधु नरेश जयद्रथ की सुरक्षा की शपथ ले चुके होते हैं।
    अर्जुन के रोद्र रूप को देखकर सिंधु नरेश जयद्रथ घबरा जाता है। कृपाचार्य कहते हैं कि तुम निश्चिंत हो जाओ तुम्हें कुछ नहीं होगा। शकुनि कहता है कि सिंधु नरेश क्या आप हम पर भरोसा नहीं करते हैं? यह सुनकर वह कहता है कि करता हूं परंतु आपसे ज्यादा मुझे अर्जुन के शौर्य और पराक्रम पर भरोसा है। अर्जुन अपनी प्रतिज्ञा अवश्य पूरी करेगा और उसकी प्रतिज्ञा पूरी होने का अर्थ है मेरा अस्तित्व ही मिट जाना। लगता है कि सूर्य को भी अस्त होने की कोई जल्दी नहीं है। इस तरह सिंधु नरेश बहुत ही घबरा जाता है।
    उधर, श्रीकृष्ण कहते हैं कि सूर्य सर पर आ गया है। आधा दिन हाथ से निकल गया है और अब तक जयद्रथ हमें दिखाई नहीं दिया है। यह सुनकर अर्जुन कहता है कि कब तक, कब तक छिपेगा अपनी मृत्यु से? आज में उसे जीवित नहीं छोड़ूंगा। इस पर श्रीकृष्‍ण कहते हैं कि पार्थ! ये तुम्हारी भावना बोल रही है। इस समय तुम भावनावश सच्चाई को भूल रहे हो। यह सुनकर अर्जुन पूछता है- कौनसी सचाई। तब श्रीकृष्ण कहते हैं कि यही की द्रोणाचार्य ने कुशलतापूर्वक व्यूह के अंदर व्यूह की रचना की है। तुम कौरवों का जो व्यूह ध्वस्त करके जयद्रथ तक पहुंचना चाहता हो वह द्रोणाचार्य का रचा हुआ केवल बाहरी व्यूह है और उन्होंने जो आंतरिक व्यूह बनाया है उसमें जयद्रथ सुरक्षित है और इस व्यूह के मुख पर स्वयं द्रोणाचार्य खड़े हैं। अब तक हम इस बाहरी व्यूह का भेदन भी नहीं कर सके हैं जबकि हमें चाहिए कि हम इस बाहरी व्यूह को तोड़कर हम आगे बढ़ें और द्रोणाचार्य से युद्ध करके उन्हें पराजित करें। इसके बाद ही हम आंतरिक व्यूह में प्रवेश कर सकेंगे। जयद्रथ तक पहुंचना बहुत ही दुष्कर कार्य है। क्योंकि हमारे पास केवल सूर्यास्त तक का समय है और समय है कि हमारे हाथों से निकला जा रहा है।
    यह सुनकर अर्जुन कहता है कि धन्यवाद केशव जो तुमने मुझे गुरु द्रोणाचार्य की चाल समझा दी। अब चलो गुरु द्रोणाचार्य और उस आंतरिक व्यूह की ओर चलो। यह देखकर दुर्योधन सेना को आदेश देता है कि अर्जुन को रोको और उसे आगे मत बढ़ने दो, उसे चारों ओर से घेर लो। परंतु अर्जुन अपने तीरों से कोहराम मचा देता है। अर्जुन को रोकने के लिए कर्ण आता है परंतु भीम बीच में ही कूदकर कहता है कि अर्जुन तुम जाओ, इस सूत पुत्र से तो मैं निपटता हूं।
    उधर यह घटना संजय धृतराष्ट्र को बताते हैं कि अर्जुन को रोकने के लिए कौरववीर एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं परंतु उसे रोकने में असफल हैं। महाराज अर्जुन ने मानो आज साक्षात यमराज का अवतार धारण कर लिया है। उसके सामने जो भी कोई आता है ढेर हो जाता है। यह सुनकर धृतराष्ट्र कहते हैं कि संजय यह तो बताओ कि सिंधु नरेश जयद्रथ तो सुरक्षित है ना? इस पर संजय कहता है कि हां महाराज परंतु वो अपना आत्मविश्वास खो चुके हैं। तब धृतराष्ट्र कहते हैं कि तुम सबकुछ बता रहे हो संजय परंतु दिन कितना चढ़ चुका है ये नहीं बता रहे हो। तब संजय बताता है कि ऐसा लगता है कि सूर्य कुरुक्षेत्र के आकाश में ठहरकर अर्जुन का पराक्रम देख रहा है।
    उधर अर्जुन लाशों के ढेर लगा देता है। श्रीकृष्ण कहते हैं कि वाह अर्जुन वाह। आड़े आने वाली हर बाधाओं को इसी प्रकार दूर करते जाओ। यह देखकर दुर्योधन अर्जुन को रोकने का प्रयास करता है परंतु अर्जुन के पराक्रम के आगे उसे हार मानना पड़ती है। श्रीकृष्ण कहते हैं- दुर्योधन पहले गुरु द्रोण से धनुर्विद्या की शिक्षा लेकर आना फिर अर्जुन से युद्ध करना। फिर अर्जुन कहता है कि चलो केशव, रथ द्रोणाचार्य के सामने ले चलो।
    अर्जुन का द्रोणाचार्य से भयंकर युद्ध होता है। इस बीच सिंधु नरेश घबराता रहता है। कृपाचार्य और अश्वत्थामा उसे सांत्वना देते हैं परंतु सिंधु नरेश कहता है कि अरे! अर्जुन कर्ण और दुर्योधन सहित सभी सेना को परास्त करके यहां तक पहुंच गया है। अब मुझे कोई नहीं बचा सकता। तुम मानो या ना मानो मेरी रक्षा का वचन देकर कर्ण, दुर्योधन, शकुनि और तुम लोग अपने ही प्राणों की रक्षा करते रहे इसलिए अर्जुन यहां तक आ पहुंचा, नहीं तो वह यहां सूर्यास्त तो क्या प्रलय तक भी नहीं पहुंच सकता था। बस अब मुझे लगता है कि मेरा अंत किसी भी क्षण आ जाएगा।
    उधर धृतराष्ट्र पूछता है कि संजय सूर्यास्त हुआ या नहीं? तब संजय कहता है कि सूर्यास्त होने में अभी समय है महाराज। यह सुनकर धृतराष्ट्र कहता है कि क्या यह सूर्य भी पांडवों का पक्षपाती बन गया है। शीघ्र बताओ संजय कि अर्जुन अब कहां तक पहुंच गया है। यह सुनकर संजय कहता है कि अर्जुन अब द्रोणाचार्य के रचे दूसरे व्यूह के पास पहुंच गया है।
    अर्जुन और द्रोणाचार्य में भयंकर युद्ध चल रहा होता है। तभी श्रीकृष्ण सूर्य को देखकर कहते हैं कि पार्थ सूर्य पश्चिम दिशा की ओर झुक गया है पर हम व्यूह में अब तक प्रवेश भी नहीं कर सके। हमें व्यूह में शीघ्र ही प्रवेश करना चाहिए। यह सुनकर अर्जुन कहता है कि परंतु द्रोणाचार्य को परास्त किए बिना इस व्यूह में प्रवेश नहीं कर सकते। इस पर श्रीकृष्ण कहते हैं कि और द्रोणाचार्य के हाथों में जब तक शस्त्र है उन्हें कोई भी परास्त नहीं कर सकता। चाहे वह कितना ही वीर क्यों ना हो। यदि तुम्हें जयद्रथ का वध करना है तो द्रोणाचार्य को टालकर व्यूह में प्रवेश करना होगा और वह भी अतिशीघ्र क्योंकि अब हमारे पास समय नहीं है। यह सुनकर अर्जुन अपने तीर से माया रचता है, द्रोणाचार्य को एक नहीं रथ पर बैठे कई अर्जुन और कृष्ण नजर आने लगते हैं। यह देखकर सभी घबरा जाते हैं।
    उधर, धृतराष्ट्र कहते हैं कि क्या कह रहे हो तुम संजय, कुरुक्षेत्र में कई अर्जुन प्रकट हो गए हैं? इस पर संजय कहता है कि हां महाराज दुर्योधन और अन्य कौरव भ्रम में पड़ गए हैं। तब धृतराष्ट्र कहते हैं कि ये अर्जुन मायावी कब से बन गया? कहीं ये कृष्ण की माया तो नहीं?
    फिर द्रोणाचार्य बताते हैं कि अर्जुन ने गांधर्वास्त्र फेंककर हमें भ्रमित कर दिया है। फिर दुर्योधन के कहने पर द्रोणाचार्य गांधर्वास्त का प्रत्युतर देते हैं और अर्जुन की माया को समाप्त कर देते हैं परंतु जब माया समाप्त होती है तो शकुनि कहता है आचार्य ये असली अर्जुन और कृष्ण कहां चले गए? दिखाई नहीं दे रहे। यह सुनकर सभी घबरा जाते हैं तभी दुर्योधन कहता है वो देखो आचार्य अर्जुन व्यूह में प्रवेश कर गया है। आचार्य अब क्या होगा? उधर, भीम के साथ युधिष्ठिर भी कहता है कि इसी व्यूह में जयद्रथ को छुपाया है।
    द्रोणाचार्य कहते हैं कि तुम चिंता मत करो अर्जुन जयद्रथ के पास पहुंच ही नहीं पाएगा क्योंकि अर्जुन के पास उतना समय ही नहीं है। वो देखिये सूर्यास्त होने का समय आ चुका है। सभी सूर्य की ओर देखते हैं। सूर्य बस डूबने ही वाला रहता है। यह देखकर सभी खुश हो जाते हैं। उधर, धृतराष्ट्र भी यह सुनकर खुश हो जाता है।
    उधर, अर्जुन व्यूह को तोड़ता हुआ आगे बढ़ता जाता है और इधर युधिष्‍ठिर सहित सभी पांडव सूर्य को देखकर चिंतित हो जाते हैं और खुद को कोसते रहते हैं।
    दूसरी ओर सिंधु नरेश अश्‍वत्थामा और कृपाचार्य से कहता है कि इन धमाकों का अर्थ यह है कि अर्जुन ने ना केवल व्यूह में प्रवेश कर लिया है बल्कि वह मेरे निकट भी आ पहुंचा है। बस कुछ ही क्षणों में वह मेरे सर तक भी पहुंच जाएगा। तब अश्वत्‍थामा कहता है कि घबराइये नहीं सिंधु नरेश इसकी कोई संभावन दिखाई नहीं देती क्योंकि एक व्यहू को ध्वस्त करने के बाद इस दूसरे व्यूह को ध्वस्त करने में अर्जुन को सारा दिन लग जाएगा। परंतु इतना समय लाएगा कहां से वह?
    तभी श्रीकृष्ण अपनी माया से सूर्य को अस्त कर देते हैं। सभी कौरव पक्ष में हर्ष व्याप्त हो जाता है। अर्जुन अपनी प्रतिज्ञा अनुसार अग्नि में प्रवेश करने के लिए चिता तैयार करता है और चिता में अग्नि प्रज्वलित कर देता है। यह देखने के लिए सभी कौरव एकत्रित हो जाते हैं। उनके साथ जयद्रथ भी हंसता हुआ वहां आ खड़ा होता है। तभी श्रीकृष्ण अपनी माया दिखाते हैं और सूर्य फिर से निकल आता है।
    तब श्रीकृष्ण कहते हैं कि अभी सूर्यास्त कहां हुआ है पार्थ, वो देखो। सभी आसमान में देखने लगते हैं। यह देखकर जयद्रथ घबराकर कहता है कि ये कैसे हो गया? फिर श्रीकृष्ण कहते हैं कि और जब सूर्यास्त नहीं हुआ है तो तुम्हें अग्नि में प्रवेश करने के बदले अपनी प्रतिज्ञा पूरी करनी चाहिए। पार्थ! वो देखो सूर्य और वो रहा जयद्रथ, तुम्हारा शत्रु। यह देख और सुनकर अर्जुन हर्षित हो जाता है और जयद्रथ कहता है बचाओ। परंतु तब तक अर्जुन अपने धनुष पर बाण का संधान करके छोड़ चुका होता है।
    जयद्रथ का सिर कटकर धनुष पर सवार होकर आसमान में दूर निकल जाता है और सीधा जाकर उसके पिता की गोद में गिर जाता है। तपस्या कर रहे जयद्रथ के पिता चौंक जाते हैं और वह उसका सिर उठाकर भूमि पर रख देते हैं तभी उनके सिर के 100 टुकड़े हो जाते हैं। यह देखकर अर्जुन और श्रीकृष्ण प्रसन्न हो जाते हैं तभी आसमान में सूर्यास्त हो जाता है। जय श्रीकृष्णा।

     शौर्यपथ /सामग्री : 1 किलो कद्दूकस की हुई लौकी, 50 ग्राम ताजा मावा (खोया), 2 बड़े चम्मच घी, 150 ग्राम शकर, पाव चम्मच इलायची पावडर और 2-3 केसर के लच्छे।
    विधि :
    सबसे पहले एक कड़ाही में घी डालकर किसी हुई लौकी को हल्का भूनकर अलग रख लें। अब कड़ाही में थोड़ा-सा पानी डालें, फिर चीनी डालें। जब शकर पूरी तरह घुल जाए, तब इसमें भूनी हुई लौकी डालकर चलाएं।
    जब शकर का पानी पूरी तरह खत्म हो जाए और चाशनी जैसा गाढ़ा दिखाई देने लगे, तब इसमें मावा डालकर हिलाएं। फिर इलायची पावडर डालें और अच्छी तरह चलाकर 2-3 मिनट तक चलाएं। अब केसर को हाथ से मसलकर ऊपर से बुरकाएं।
    लीजिए आपके लिए तैयार है लौकी और खोया का जायकेदार हलवा। व्रत के दिनों में लाभदायी ये हलवा सेहत की दृष्‍टि से बहुत फायदेमंद है।

    खाना खजाना / शौर्यपथ / 1/2-1/2 कटोरी उड़द मोगर-मूंग मोगर, मैदा 500 ग्राम, चुटकी भर हींग, 2 चम्मच दरदरी सौंफ, 2 चम्मच धनिया पावडर, 1 कटोरी दही, गरम मसाला 1/2 चम्मच, लाल मिर्च 1 चम्मच, तेल तलने के लिए।
    विधि :
    दोनों दालों को कचोरी बनाने के 3-4 घंटे पूर्व भिगो दें। कुछ दाल छोड़ कर बाकी को दरदरा पीस लें। अब कड़ाही में थोड़ा-सा तेल लेकर सौंफ का बघार व हींग डालें, दाल दरदरी एवं खड़ी दोनों को भूनें व सभी मसाले मिलाकर ठंडा कर लें।
    मैदे में 1/2 टी स्पून नमक मिलाकर छान लें। डेढ़ बड़ा चम्मच मोयन डालकर रोटी जैसा गूंध लें, छोटी-छोटी लोई बना लें, हथेली को चिकना करके लोई फैलाएं, किनारे पतले करके मसाला भरें व बंद करके कचौरियां तैयार कर लें। तेल गर्म करें फिर गुनगुने तेल में कचौरियां डालें।
    धीमी आंच पर कचौरियां सुनहरी होने तक तल लें। गर्मा-गर्म कचौरियों को रायते या हरी चटनी के साथ सर्व करें और पर्व का आनंद उठाएं।

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