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खेल / शौर्यपथ / इंडियन प्रीमियर लीगके 13वें सीजनमें दिल्ली कैपिटल्स का प्रदर्शन भले ही अबतक काफी शानदार रहा हो, लेकिन टीम को आए दिन एक के बाद एक बुरी खबर मिल रही है। अनुभवी गेंदबाज अमित मिश्रा और ईशांत शर्मा के आईपीएल से बाहर होने के बाद अब टीम के स्टार विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत आने वाले कुछ मैचों में टीम के लिए उपलब्ध नहीं होने वाले हैं। पंत को राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ खेले मुकाबले में हेमस्ट्रिंग की समस्या हुई थी।
पीटीआई को आईपीएल सूत्र से मिली जानकारी के मुताबिक, भारत के कॉन्ट्रेक्ट खिलाड़ियों की मेडिकल रिपोर्ट को बीसीसीआई को भेजना अनिवार्य होता है, उस मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली कैपटिल्स के विकेटकीपर बलेलबाज पंत को ग्रेड वन हेमस्ट्रिंग स्ट्रेन हुआ है, जिसके चलते वो अगले 7 से 10 दिन के लिए उपलब्ध नहीं होंगे। दिल्ली की टीम के लिए आने वाले मैचों के लिए पंत का टीम में ना होना काफी बड़ा झटका हो सकता है, क्योंकि पंत के ना होने से दिल्ली के टीम कॉम्बिनेशन पर भी फर्क पड़ना तय है। मुंबई के खिलाफ खेले गए पिछले मैच में पंत के ना होने के चलते टीम को हेटमायर को भी टीम से बाहर बैठाना पड़ा था। दिल्ली के साथ दिक्कत यह है कि पंत के अलावा टीम के पास कोई भारतीय विकेटकीपर मौजूद नहीं है और अगर पंत नहीं होते हैं तो टीम को एलेक्स कैरी को हर हाल में खिलाने ही पड़ेगा।
टीम अगले मुकाबले में युवा ऑल-राउंडर ललित यादव को मौका दे सकती है, जिनका प्रदर्शन सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में बढ़िया रहा था। उन्होंने भारत की घरेलू टी20 लीग में 136 से ऊपर के स्ट्राइक रेट से रन बनाए थे। दिल्ली की टीम का प्रदर्शन अबतक इस सीजन लाजवाब रहा है, टीम ने आईपीएल 2020 में खेले अपने 7 मैचों में से 5 में जीत दर्ज की है, जबकि सिर्फ दो ही मैचों में टीम को हार का सामना करना पड़ा है। टीम को टूर्नामेंट का अपना अगला मैच आज को राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ दुबई में खेलना है।
शौर्यपथ / हर कोई दो वक्त की रोटी जुटाने के लिए दिनरात मेहनत करता है। भोजन भगवान द्वारा दिया गया प्रसाद है। अन्न को देवता माना जाता है। इसलिए अन्न का पूरा सम्मान करें। वास्तु में भोजन को ग्रहण करने और भोजन को बनाने को लेकर कुछ आसान से उपाय बताए गए हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
भोजन ग्रहण करने से पहले हमेशा भगवान को भोग लगाएं। अन्न देवता और अन्नपूर्णा माता का स्मरण कर उन्हें धन्यवाद करें। अगर भोजन स्वादिष्ट न लगे तो कभी भी उसका तिरस्कार न करें। भोजन ग्रहण करते समय न तो किसी से बात करें और न ही कोई अन्य कार्य। वास्तु शास्त्र में माना जाता है कि गीले पैरों के साथ भोजन करने से स्वास्थ्य अच्छा रहता है और आयु भी बढ़ती है। पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख कर भोजन करने से ईश्वर की कृपा बनी रहती है।
कभी भी दक्षिण दिशा की ओर मुख कर भोजन ग्रहण न करें। इससे स्वास्थ्य पर प्रभाव पड़ सकता है। कभी भी टूटे या गंदे बर्तन में भोजन न खाएं। कभी भी बिस्तर पर बैठकर भोजन न ग्रहण करें। थाली को हाथ में उठाकर भी खाना न खाएं। जमीन पर बैठकर भोजन ग्रहण करना सबसे उत्तम है। भोजन की थाली को हमेशा अपने बैठने के स्थान से ऊपर रखें। ऐसा करने से घर में कभी भी खाने की कमी नहीं होगी। हर रोज गाय को रोटी खिलाएं। बिना स्नान किए रसोईघर में भोजन नहीं बनाना चाहिए। घर आए मेहमानों को दक्षिण या पश्चिम दिशा में बैठाकर भोजन कराएं। भोजन बनाते समय मन को शांत रखें और परिवार के अच्छे स्वास्थ्य का विचार करें।
वास्तु शास्त्र / शौर्यपथ / कक्षों की श्रृंखला में गृह स्वामी कक्ष, ड्राइंग रूम या बैठक कक्ष के पश्चात अध्ययन कक्ष भी बहुत महत्वपूर्ण है। अध्ययन कक्ष हमारी भविष्य की पीढ़ियों के लिए बहुत महत्व रखता है। अध्ययन सदैव उत्तर-पूर्व कोने में अर्थात ईशान दिशा, पूर्व दिशा अथवा उत्तर दिशा में शुभ माना गया है। अध्ययन कक्ष हमारे बच्चों का ज्ञान का केंद्र है। वहां रहकर उसमें अध्ययन करने के लिए उनको अतिरिक्त ऊर्जा की आवश्यकता होती है और उत्तर-पूर्व दिशाएं बच्चों के लिए बहुत ही ऊर्जावान दिशा है। अध्ययन कक्ष में आंतरिक वास्तु के अनुसार कुछ महत्वपूर्ण दिशा निर्देश इस प्रकार से हैं।
-अध्ययन कक्ष की दीवारों का पेंट हल्के और मन को आकर्षक लगने वाले होनी चाहिए ताकि बालक का ध्यान और मन एकाग्र रहे।
-अध्ययन कक्ष में उत्तर-पूर्व की ओर पर्याप्त मात्रा में खिड़कियां अथवा रोशनदान होने चाहिए।
-यदि अध्ययन कक्ष बालकों का बेडरूम भी है तो उसमें दक्षिण और पश्चिम की दीवार की ओर बेड के स्थिति होनी चाहिए। जिसका सिराहना पूरब या दक्षिण में होना चाहिए ।
-उत्तर अथवा पूर्व की दीवार की ओर कुर्सी मेज रखें इस पर बैठ कर आपका बालक अध्ययन कर सकें।
-पढ़ाई करते समय बालक का मुंह हमेशा उत्तर या पूर्व में हो।
-यह ध्यान रखें बालक अपने बिस्तर पर बैठ कर ना पढे। बिस्तर पर बैठकर पढ़ने से आलस्य आता है।
-पढ़ाई करते समय बालक की टेबल पर किताबें अस्त-व्यस्त ना रहे। यदि ऐसा होता है तो बालक का मन स्थिर नहीं रहता है।
-यदि आपके मकान में पूजा घर का स्थान नहीं मिल पा रहा है तो अध्ययन कक्ष में भी पूजा घर बनाया जा सकता है।
-यदि घर में कंप्यूटर है तो ध्यान रखें कि उसके तार अस्त-व्यस्त ना फैले हों। इससे तारों से घर में नकारात्मक ऊर्जा आ जाती है।
-अध्ययन कक्ष को कभी भी स्टोर रूम न बनाएं। ऐसा करने से उस कक्ष की ऊर्जा का संतुलन बिगड़ जाता है। बच्चा अपेक्षित परिणाम प्राप्त नहीं कर पाता।
-पढ़ने वाले छात्रों को यह ध्यान रखना चाहिए अपनी सब पुस्तकें पश्चिमी अथवा दक्षिणी दीवार की अलमारी में रखें।
-जो विषय हमें पढ़ना है उसी विषय की पुस्तक आदि पढ़ने की मेज पर रखें। बाकी सब पुस्तकें अलग रखें ।
-अध्ययन कक्ष में प्रातःकाल पूजा के बाद धूपबत्ती,कपूर या मोमबत्ती थोड़ी देर के लिए जला दें। ऐसा करने से वहां की नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होकर अपेक्षित परिणाम मिलेंगे।
मनोरंजन / शौर्यपथ / एक्ट्रेस पूनम पांडे इन दिनों सैम बॉम्बे के साथ शादी को लेकर चर्चा में हैं। वह पति के साथ अक्सर अपने वीडियो शेयर करती रहती हैं। हाल ही पूनम ने अपना एक नया वीडियो शेयर किया है, जो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। वीडियो में वह पॉप सिंगर जस्टिन बीबर के सॉन्ग यमी पर डासं करती हुई नजर आ रही हैं।
वीडियो में पूनम अपनी कातिल अदाओं से फैन्स को दीवाना बना रही हैं। इस वीडियो को जमकर लाइक और शेयर किया जा रहा है। फैन्स पूनम के वीडियो पर हार्ट और फायर इमोजी शेयर कर रहे हैं। एक्ट्रेस ने वीडियो को इंस्टाग्राम पर पोस्ट करते हुए कैप्शन में लिखा- यमी।
इससे पहले पूनम ने पति सैम बॉम्बे के साथ अपना एक वीडियो शेयर किया था जिसमें दोनों अंदाज में नजर आए। वीडियो को पोस्ट करते हुए पूनम ने कैप्शन में लिखा, 'मिस्टर एंड मिसेज बॉम्बे।' वीडियो में सैम, पूनम से पूछते हैं कि तुम्हारा सिर इतना छोटा कैसे दिखता है, जिसपर पूनम उन्हें प्यार से जवाब देते हुए कहती हैं- क्योंकि तुम्हारा सिर बड़ा है। वीडियो में दोनों की अच्छी बॉन्डिंग नजर आई।
बताते चलें कि शादी के बाद पूनम ने कैनाकोना, गोवा में पति सैम के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। पूनम ने सैम के खिलाफ शारीरिक उत्पीड़न, धमकी देने और मारपीट करने के आरोप लगाए थे। हालांकि अब दोनों के बीच सबकुछ ठीक हो गया है। हाल ही में ई-टाइम्स से बातचीत में पूनम ने बताया था कि उनके बीच अब सब ठीक है। पूनम ने कहा, 'हम अपने बीच के विवादों को खत्म करने की कोशिश करते हैं।' इसी बीच सैम बोल पड़े, 'अब हमारे बीच सब ठीक हो गया है।' इस पर सहमति जताते हुए पूनम ने कहा, 'हम एक बार फिर साथ में हैं।'
मनोरंजन / शौर्यपथ / सिंगर अनूप जलोटा और बिग बॉस कंटेस्टेंट जसलीन मथारू की लेटेस्ट फोटोज सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। नई तस्वीरों में जसलीन और अनूप ग्लैमरस आउटफिट्स में नजर आ रहे हैं। दोनों ने अपनी अपकमिंग फिल्म की शूटिंग खत्म करने के बाद एक-दूसरे के साथ पोज दिया। अनूप जलोटा ने जसलीन संग इन तस्वीरों को अपने इंस्टाग्राम हैंडल से शेयर किया है। इन तस्वीरों को देखने के बाद फैन्स भी अपना रिएक्शन दे रहे हैं।
रैपर अंदाज में पोज देते हुए अनूप जलोटा ने तस्वीरों के साथ कैप्शन लिखा- 'मेरी अपकमिंग फिल्म वो मेरी स्टूडेंट है का शूट एक रैप सॉन्ग के साथ खत्म हुआ। अब मेरे साथ डांस करने के लिए तैयार हो जाएं। जल्द रिलीज हो रही है।'
अनूप की इस पोस्ट पर रिएक्ट करते हुए एक फैन ने लिखा- ओएमजी, भजन सम्राट से एक शास्त्रीय रैप सम्राट का सफर, यो ब्रो, कूल। वहीं एक अन्य फैन ने लिखा- मुझे आपके आउटफिट पसंद आएं, क्या नया स्टाइटल है? एक यूजर ने लिखा-सर आपसे तो क्लासेस लेनी पड़ेंगी।
दुल्हा-दुल्हन के अवतार में वायरल हुई थीं तस्वीरें
कुछ दिन पहले जसलीन मथारू और अनूप जलोटा की दुल्हा-दुल्हन के अवतार में फोटोज सोशल मीडिया पर वायरल हुई थीं। तस्वीरों में जसलीन मथारू डार्क पिंक सिल्क सलवार कमीज में नजर आ रही थीं। इसके अलावा उन्होंने चूड़ा (शादीशुदा महिलाएं द्वारा पहना जाता है) पहना हुआ थीं। शेरवानी और पगड़ी में नजर आ रहे अनूप जलोटा के बगल में जैसलीन बैठी हुई थीं।
इन तस्वीरों पर अनूप जलोटा की सफाई-
इंडिया टुडे से बातचीत में अनूप ने कहा, "ऐसा बिल्कुल भी नहीं है, जैसा दिख रहा है। यह हमारी अपकमिंग फिल्म 'वो मेरी स्टूडेंट है' के एक सीन का हिस्सा है। यह एक ड्रीम सीक्वेंस है जहां जसलीन की शादी हो रही है और मैं उसका पिता हूं। कई शादियों में, यहां तक कि पिता पगड़ी पहनते हैं और बाराती भी। तस्वीर फेक नहीं है, यह फिल्म के सेट की है।"
दुर्ग / शौर्यपथ / कहते है इस दुनिया में जब तक बेवकूफ है होशियार लोग भूखे नहीं मर सकते . धोखाधड़ी ,जालबाजी के नित नए किस्से अखबारों के माध्यम से सामने आते ही रहते है जिसमे कई मामले ऐसे होते है जिसमे जो पहले आरोपी नजर आता है वही बाद में पीडि़त साबित होता है . चेहरों से आदमी की पहचान इस कलयुग में तो लगभग असंभव है . आज ऐसे ही एक मामले की बात करते है जिसमे एक व्यक्ति द्वारा दुसरे व्यक्ति से जालसाजी कर 21 लाख का गबन का मामला सामने आया है .
मामला है उरला निवासी देवेन्द्र सिंह और सूर्या विहार कालोनी निवासी सुखदेव सिंह का . सुखदेव सिंह द्वारा पिछले माह मोहन नगर थाना में एक एफआईआर दर्ज कराई गयी जिसमे उरला निवासी देवेन्द्र सिंह द्वारा 21 लाख के गबन का मामला है . एफआईआर में कहा गया कि देवेन्द्र द्वारा अपनी जमीन का सौदा करना चाहता है और बैंक के ब्याज से परेशान होकर बैंक में पैसे पटा कर दस्तावेज को बंदक मुक्त करने की बात कही गयी और इसी भरोसे 31 लाख के सौदे में 21 लाख 3 माह के अंतराल में दिसम्बर 2017 व फरवरी 2018 को दो भागो में ( 6 लाख व 15 लाख दे दिए ) चुकी सारी रकम आरटीजीएस हुई इसलिए कोई दो मत नहीं की पैसे ट्रांसफर हुए . किसी भी व्यक्ति को इतने पैसे अगर डूबता हुए दिखे तो उसका चिंतित होना स्वाभाविक है .
वही जब इस आरोप के बारे में देवेन्द्र पाल सिंह लूथरा की धर्मपत्नी से जानकारी चाही गयी तो उनका कथन कुछ और ही कहानी बया कर रहा है . श्रीमती लूथरा के अनुसार देवेन्द्र पाल और सुखदेव की कभी मुलाक़ात ही नहीं हुई मुलाक़ात की बात तो दूर जिस समय इस रकम के लेन देन का मामला था उस समय भी मिलना तो दूर कभी एक दुसरे से फोन पर भी बात नहीं हुई ये रकम देवेन्द्र पाल के खाते में आयी ज़रूर है किन्तु देवेन्द्र पाल ने इस रकम को अपने किसी परिचित से ली थी जो की उसने यह रकम आरटीजीएस करवा देने की बात की और जिस परिचित से ये रकम ली गयी उसे इस रकम को नगद रूप में किस्तों में वापस कर दिया गया एवं जिस जमीन के सौदे की बात और बंधक की बात कही गयी है उस जमीन का क्रय ही 2017 के मध्य में हुआ एवं प्रमाणीकरण 8-9 माह में हुई . ऐसे में जमीन बैंक में बंधक रखने का सवाल ही नहीं उठता .
आखिर क्या खेल चल रहा है सुखदेव , देवेन्द्र और एक अज्ञात व्यक्ति के बीच
इस मामले में कुछ ऐसे प्रश्न है जो कई तरह की शंका पैदा करते है है . देवेन्द्र का कहना है कि उसकी सुखदेव से कभी बात नहीं हुई किन्तु पैसा सुखदेव के खाते से देवेन्द्र के खाते में आये . वही सुखदेव सिंह का कहना है कि देवेन्द्र उनके ऑफिस जमीन के कागज़ लेकर आया और जमीन को बंधक मुक्त करने के लिए जमीन का सौदा किया एवं सौदा 31 लाख में तय होने के बाद एडवास की रकम 21 लाख दिसम्बर 2017 में व फरवरी 2018 में दी गयी किन्तु दो साल तक जब रकम या जमीन नहीं मिलती दिखी तब पुलिस की शरण में जाना पडा किन्तु इन दो सालो में एक बार भी देवेन्द्र और सुखदेव के बीच कोई मुलाकात क्यों नहीं हुई कभी फोन पर बात क्यों नहीं हुई मुलाक़ात हुई ना हुई ये जांच का विषय है उसी तरह फोन पर एक बार भी इतने बड़े लेन दें करने वालो के बीइच बात ना होना आश्चर्य की बात है वही जब पहली मुलाक़ात जमीन के सौदे में हुई तो सुखदेव ने आखिर देवेन्द्र के खाते में 5 लाख की रकम 9 माह 2017 में क्यों ट्रांसफर किये और किसके कहने पर ट्रांसफर किये वो भी तब जब दोनों एक दुसरे को जानते तक नहीं थे फिर इस रकम का जिक्र क्यों नहीं . हर सवाल में एक तीसरा व्यक्ति है आखिर वो तीसरा व्यक्ति कौन है क्या पुलिस प्रशासन मामले की गहराई से छानबीन करेगी क्योकि कई ऐसे तथ्य है जो मामले में किसी बड़ी साजिश की ओर इशारा कर रहे है ...
नई दिल्ली / शौर्यपथ / जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती को रिहा करने के आदेश जारी कर दिया गया है. जम्मू कश्मीर सरकार के प्रवक्ता रोहित कंसल ने यह जानकारी दी है कि पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती को रिहा किया जा रहा है. महबूबा मुफ्ती को पिछले साल 4 अगस्त को उस समय नजरबंद कर दिया गया था, जब केंद्र सरकार ने जम्मू कश्मीर राज्य को दो भागों में बांटने के साथ ही उसका विशेष दर्जा छीन लिया था.
बताते चले कि पिछले महीने के अंत में महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा मुफ्ती की जन सुरक्षा अधिनियम (PSA) के तहत अपनी मां को बंदी बनाए जाने के खिलाफ दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई थी. जिसपर सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर प्रशासन से पूछा था कि महबूबा को कब तक हिरासत में रखा जा सकता है? कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर प्रशासन से अपने रुख की जानकारी देने के लिए कहा था.
विशेष दर्जे की लड़ाई के लिए दशकों पुरानी दुश्मनी भूल एकजुट हुए जम्मू-कश्मीर के राजनीतिक दल
पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और उनके पिता फारूक अब्दुल्ला, जो पिछले साल अगस्त से नजरबंद थे, पहले ही रिहा हो चुके हैं. मुफ्ती को उनके घर पर हिरासत में लिया गया था, जिसे सरकार द्वारा "सहायक जेल" घोषित किया गया था. पब्लिक सेफ्टी एक्ट या पीएसए के तहत किसी व्यक्ति को बिना किसी मुकदमे के कई बार हिरासत में रखा जा सकता है.
जांजगीर-चांपा / शौर्यपथ / विधानसभा अध्यक्ष डॉ चरणदास महंत, सांसद गुहाराम अजगल्ले और जिले के विधायकों ने विधानसभा निर्वाचन विकास योजना एवं स्थानीय क्षेत्र विकास योजना के तहत कोविड उपचार के लिए कुल 95.5 लाख रूपये की अनुशंसा की है।
जिला योजना एवं सांख्यिकी अधिकारी से जारी प्रेस नोट के अनुसार विधानसभा अध्यक्ष डॉ महंत ने विधानसभा निर्वाचन विकास योजना के तहत टाटा एंबुलेंस, पोर्टेबल एक्सरे मशीन, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर के लिए कुल 30 लाख रूपये की अनुशंसा की है। इसी प्रकार जांजगीर-चांपा लोकसभा क्षेत्र के सांसद श्री अजगल्ले ने स्थानीय क्षेत्र विकास योजना के तहत पीपीई कीट, एन 95 मास्क, ट्रिपल लेयर मास्क, सैनिटाइजर के लिए कुल 5 लाख रूपये की स्वीकृति दी है।
पामगढ़ विधायक श्रीमती इंदू बंजारे ने एंबुलेंस के लिए 18.5 लाख रुपए की अनुशंसा की है। चंद्रपुर विधायक श्री राम कुमार यादव ने एंबुलेंस, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर के लिए 10 लाख रुपए, जांजगीर-चांपा विधायक श्री नारायण प्रसाद चंदेल ने पीपीई कीट व्हीटीएम कीट, स्ट्रेराईल स्वाब सहित सर्जिकल मास्क, सैनिटाइजर, थर्मल स्कैनर एवं सर्जिकल ग्लब्स के लिए 11 लाख रूपये, अकलतरा विधायक श्री सौरभ सिंह ने पीपीई कीट, एड 95 मास्क, ट्रिपल लेयर मास्क, पल्स ऑक्सीमीटर और थर्मल स्कैनर के लिए 11 लाख रूपये, जैजैपुर विधायक श्री केशव प्रसाद चन्द्रा ने ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, स्ट्रेचर, ट्राली, ऑक्सीजन सिलेंडर, नेबुलाइजर, नेबुलाइजर मास्क, आईव्ही स्टैंड, ऑक्सीजन ट्रॉली, फ्लो मीटर और ऑक्सीजन मास्क के लिए कुल 10 लाख रूपये की अनुशंसा की है। जनप्रतिनिधियों द्वारा राशि की अनुसंशा से जिले में कोरोना संक्रमित लोगों के बेहतर उपचार में सहायता मिलेगी।
दंतेवाड़ा / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ राज्य राज्य की माननीया राज्यपाल सुश्री अनुसुइया उइके ने ट्विटर के माध्यम से कहा कि जिले के आदिवासी बहुल क्षेत्र के जिला प्रशासन की यह पहल सराहनीय है इस तरह वे पर्यावरण को प्रदूषित होने से बचा रहे हैं तथा लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा भी कर रहे हैं ऐसे कार्यों को बढ़ावा देने के लिए वह जिला प्रशासन तथा किसानों को शुभकामनाएं दे रही हैं इन से प्रेरणा लेते हुए जिले के अन्य किसानों द्वारा जैविक खेती से अधिक से अधिक उपयोग को बढ़ावा देना चाहिए। जिले के किसानों के द्वारा रसायनिक खाद का उपयोग किए बगैर जैविक पद्धति से खेती की जा रही है। जिसके फलस्वरूप अब दंतेवाड़ा जिले में कृषि करने के लिए जैविक फसलों का उत्पादन हो रहा है। अब रासायनिक खादों जहरीले कीटनाशकों के उपयोग के स्थान पर जैविक खादों एवं दवाइयों का उपयोग कर अधिक से अधिक उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं। दन्तेवाड़ा के कलेक्टर श्री दीपक सोनी के द्वारा जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए कार्य योजना बनायी गयी है। जिसे क्रियान्वित कर यहां कि जैविक फसलों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी। जिससे भूमि जल एवं वातावरण शुद्ध रहेगा और मनुष्य एवं प्रत्येक जीवधारी स्वस्थ रहेंगे जिले के किसानों ने जैविक खाद का उपयोग कर तरह-तरह के सब्जियों की खेती कर रहे हैं जिससे उनकी अर्थव्यवस्था सुधरने लगी है वर्मी कंपोस्ट खाद का उपयोग करके किसानों ने पैदावार अधिक से अधिक करके अपनी रोजमर्रा के जीवन को एक नया आयाम दिया है संपूर्ण विश्व में बढ़ती हुई जनसंख्या एक गंभीर समस्या है बढ़ती हुई जनसंख्या के साथ भोजन की आपूर्ति के लिए मानव द्वारा खाद की होड़ में अधिक से अधिक उत्पादन प्राप्त करने के लिए तरह-तरह की रासायनिक खादों, जहरीले कीटनाशकों का उपयोग, प्रकृति के जैविक और अजैविक पदार्थों के बीच आदान-प्रदान के चक्र को( इकोलॉजी सिस्टम) प्रभावित करता है। जिससे भूमि की उर्वरा शक्ति खराब हो जाती है साथ ही वातावरण प्रदूषित होता है तथा मनुष्य के स्वास्थ्य में गिरावट आती है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार कृषि है और कृषकों की आय का साधन खेती है।
दंतेवाड़ा / शौर्यपथ / दंतेवाड़ा के स्थानीय निवासी के द्वारा जे.एम.डी.गरम मसाला एवं मिर्च में मिलावट तथा खराब गुणवत्ता की शिकायत की गई थी। जिस पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी सुष्मित देवांगन ने त्वरित कार्यवाही की। शिकायत में कहा गया है कि मैंने बस स्टैंड दंतेवाड़ा की दुकान से जे.एम.डी. ब्रांड का मिर्च और गरम मसाला खरीदा था जिसमें मिर्च का रंग सामान्य मिर्च से फीका था और डल्ला बना हुआ था और गरम मसाला का स्वाद भी अलग आ रहा था और सफेद दाने भी दिख रहे थे। जिसकी शिकायत दुकान से करने पर बोला कि वह कंपनी की गलती है हम नहीं बनाते। इस शिकायत के आधार पर दंतेवाड़ा नगर के विभिन्न किराना दुकानों में निरीक्षण एवं नमूना संकलन की कार्यवाही की गई इस दौरान सभी किराना दुकानों से पुराने जे.एम.डी. गरम मसाला तथा मिर्च में पुराने स्टॉक की संबंध में जानकारी दी गई बिल वाउचर की जांच के उपरांत पुराने स्टॉक के संबंध में जानकारी ली गई, बिल वाउचर के जांच के उपरांत पुराने स्टाफ को सीज कर उनसे लैब टेस्ट हेतु नमूना का संकलन भी कराया गयाद्य कार्यवाही के दौरान पुराने स्टॉक को सीलबंद कर व्यापारियों को निर्देश दिया गया है कि सैंपल कि रिपोर्ट आने तक सील बंद स्टॉक से छेड़छाड़ ना करें एवं सीलबंद स्टॉक को व्यापारियों की अभिरक्षा में में छोड़ा गया है। इस दौरान सभी किराना दुकानों में लगभग एक लाख मूल्य के गरम मसालों और मिर्च को सील बंद कर व्यापारियों की अभिरक्षा मैं उनके पास यह सैंपल रिपोर्ट आने तक छोड़ा गया है। रिपोर्ट के आधार पर यदि सैंपल फेल होता है तो नियमानुसार वैधानिक कार्यवाही की जावेगी।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
