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नई दिल्ली / शौर्यपथ / एक ओर पाकिस्तान ग्लोबल फाइनेंसियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) में अपनी साख बचाने में लगा है और दूसरी ओर आंतकियों की मदद के लिए सीमापार से हथियार और गोला-बारूद भेजने में जुटा है. भारतीय जवानों ने पाकिस्तानी सेना के हथियार तस्करी के नापाक मंसूबों को एक बार फिर नाकाम कर दिया है. सोमवार देर शाम को भारतीय सेना ने उत्तरी कश्मीर के तंगधार सेक्टर में पाकिस्तान सेना की ओर से पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) से तस्करी की एक और कोशिश को असफल कर दिया है और हथियारों का जखीरा पकड़ा है.
भारतीय सेना ने सोमवार शाम (12 अक्टूबर) जम्मू-कश्मीर पुलिस के साथ मिलकर एक ज्वाइंट ऑपरेशन चलाया. सुरक्षाबलों ने संयुक्त अभियान के दौरान एक बैग बरामद किया है. बैग से पांच पिस्टल, 10 मैगजीन, 138 राउंड्स एम्युनेशन और हैंडग्रेनेड समेत अन्य सामान बरामद किए गए हैं.
हाल में पाकिस्तान की ओर से हथियारों की तस्करी का यह दूसरा मामला है, जिसे भारतीय सेना ने नाकाम कर दिया है. हाल ही में उत्तरी कश्मीर के केरन सेक्टर में तैनात सेना के जवानों ने किशनगंगा नदी के रास्ते से की जी रही हथियारों की तस्करी की कोशिश को नाकाम कर दिया है. सेना ने राज्य पुलिस बल के साथ मिलकर एक ज्वाइन्ट ऑपरेशन में इसे अंजाम दिया.
सेना के जवानों की निगरानी टुकड़ी ने सर्विलांस इक्वीपमेंट के सहारे शुक्रवार (9 अक्टूबर) रात करीब 8.30 बजे नियंत्रण रेखा पर किशन गंगा नदी (केजीआर) के तट पर तस्कारी के प्लान का पता लगाया. रात के करीब 10 बजे ऑपरेशन में लगे जवानों ने 2-3 आतंकवादियों का पता लगाया, जो ट्यूब में कुछ वस्तुओं को ले जाने की कोशिश कर रहे थे, जो किशन गंगा नदी के तट से दूर एक रस्सी से बंधी थी. जवान तुरंत उस स्थान पर पहुंचे और वहां से हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद किया. बरामद हथियारों में चार एके-74 राइफल, आठ मैगजीन, 240 एके राइफल शामिल है. पाकिस्तान लगातार PoK के रास्ते आतंक का सामान सप्लाई कर कश्मीर में आंतक फैलने की फिराक में लगा रहता है.
भोपाल / शौर्यपथ / कांग्रेस के एक नेता द्वारा मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को ‘नंगे-भूखे घर' का बताने वाले बयान पर केन्द्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने मंगलवार को पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस के लोगों को ऐसी ओछी बयानबाजी से बाज आना चाहिए, नहीं तो उसका (कांग्रेस) बचा खुचा आधार भी इस चुनाव में समाप्त हो जाएगा.
मध्यप्रदेश में 28 विधानसभा सीटों के लिए तीन नवंबर को हो रहे उपचुनाव के प्रचार अभियान के दौरान मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की मौजूदगी में अशोक नगर जिले के राजपुर कस्बे में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए मध्यप्रदेश किसान कांग्रेस के नेता दिनेश गुर्जर ने रविवार को कहा था, ‘‘कमलनाथ देश के दूसरे नंबर के उद्योगपति हैं. शिवराज की तरह नंगे-भूखे घर के नहीं हैं। ये खुद को किसान नेता कहते हैं...''
गुर्जर के नंगे-भूखे बयान पर टिप्पणी करते हुए तोमर ने भोपाल में संवाददाताओं से कहा, ‘‘देखिये, जब दिमाग में कुछ मटेरियल नहीं होता तो फिर इस तरह के अंट शंट बयानबाजी करते हैं. अभी किसी कांग्रेस के नेता ने कहा कि शिवराज सिंह चौहान जी भूखे-नंगे रहते हैं. तो क्या इस देश में गरीब होना अभिशाप है? कमलनाथ जी बड़े घर के हैं तो उन्होंने मध्यप्रदेश के लिए क्या कर दिया?''
उन्होंने कहा, ‘‘इसके विपरीत शिवराज सिंह चौहान गरीब घर में पैदा हुए, सरकारी स्कूल में पढ़े और उन्होंने अपने परिश्रम से यह मुकाम प्राप्त किया. इसलिए तो मध्यप्रदेश उनके 13 साल के शासनकाल में आगे बढ़ा. इसीलिए अधोसंरचना बढ़ा, मध्यप्रदेश का विकास हुआ, मध्यप्रदेश में कृषि का विकास देश में सबसे ज्यादा हुआ. शिवराज सिंह जी का मूल्यांकन काम के आधार पर होगा या कांग्रेस के नेताओं के बयानबाजी के आधार पर.''
तोमर ने कहा, ‘‘मैं कांग्रेस के लोगों को आपके माध्यम से कहना चाहता हूं कि उनको ओछी बयानबाजी से बाज आना चाहिए, नहीं तो कांग्रेस का बचा खुचा जो आधार है, वह भी इस चुनाव में समाप्त हो जाएगा.''
मध्यप्रदेश में 28 विधानसभा सीटों के लिए तीन नवंबर को हो रहे उपचुनाव पर पार्टी की स्थिति के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा, ‘‘उपचुनाव में भाजपा की स्थिति मजबूत है, क्योंकि मतदाताओं ने इनका (कांग्रेस) 15 महीने का शासन देखा है और 15 महीने में जनता हाय तौबा करने लगी थी. कांग्रेस ने वादाखिलाफी की, भ्रष्टाचार भी चरम पर था, प्रदेश में अराजकता की स्थिति पैदा हो गई थी। सब जगह श्यामला हिल्स (मुख्यमंत्री निवास) से लेकर नीचे तक लूटमार की स्थिति पैदा हो गई थी.''
कृषि सुधार बिलों का जिक्र करते हुए तोमर ने कहा कि कृषि सुधार बिल किसानों के जीवन में अभूतपूर्व बदलाव लाने वाला है. इससे पहले भी संप्रग सरकार इस बात का प्रयत्न करती रही कि वह इस दिशा में काम करे. लेकिन कुछ लोगों के दबाव में संप्रग सरकार हिम्मत नहीं कर पाई. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार किसान हितैषी है.
बेंगलुरु / शौर्यपथ / बेंगलुरु में अगस्त के महीने में हुई हिंसा को लेकर सेंट्रल क्राइम ब्रांच ने चार्जशीट दायर कर दी है. इसमें 60 लोगों को आरोपी बनाया गया है, जिसमें कांग्रेस के दो कॉरपोरेटर का नाम भी है. इसे लेकर राजनीतिक खींचतान शुरू हो गई. हालांकि अब तक इससे जुड़े दो मामले हैं, जिनकी जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी कर रही है, उनमें चार्जशीट फिलहाल दाखिल नहीं की गई है.
बता दें कि बेंगलुरु में 11 अगस्त को हुई हिंसा में जिन 60 लोगों को क्राइम ब्रांच ने आरोपी बनाया है, उनमें कांग्रेस के दो कॉरपोरेटर शामिल है. इनमें से एक संपत राज हाल ही में शहर के मेयर थे. कांग्रेस ने इसे बदले की राजनीति और जानबूझकर उठाया गया कदम बताया है. कर्नाटक कांग्रेस के अध्यक्ष डी के शिवकुमार ने कहा कि 'कांग्रेस का इस मामले से कोई लेना देना नहीं है. चुनाव सामने हैं. इस वजह से जानबूझकर राजनीतिक दुर्भावना से हमारी पार्टी का नाम घसीटा जा रहा है हम कानूनी तौर पर इसका सामना करेंगे.'
कर्नाटक के उप-मुख्यमंत्री डॉ आश्वत नारायण ने उलटे कांग्रेस पर हमला बोला है. उन्होंने कहा, 'चार्जशीट में जिनका नाम आया है वह भी कांग्रेस से हैं और इस दंगे से जो प्रभावित हैं वह भी कांग्रेस से हैं और इसी वजह से कांग्रेस ऐसे बयान दे रही है. जांच से ही सच्चाई सामने आएगी.'
बेंगलुरु में हुई हिंसा को लेकर 65 मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें से दो मामलों की जांच एनआईए कर रही है. एजेंसी ने अभी तक कोई चार्जशीट दायर नहीं किया है क्योंकि उसने हाल ही में जांच शुरू की है. ये दो मामले विधायक के घर और पुलिस स्टेशन पर हुई आगजनी के हैं. हिंसा के बाद जो गिरफ्तारियां हुई थीं, उसमें शुरुआत में राजनीतिक संगठन SDPI और PFI के कार्यकर्ता शामिल होने की बात है. हालांकि SDPI से जुड़े मुज़म्मिल पाशा गिरफ्तारी से पहले पुलिस के पब्लिक एड्रेस सिस्टम से लोगों को शांत करते नजर आए थे.
SDPI के कर्नाटक प्रदेश अध्यक्ष इलियास तुंबे ने कहा, 'हम पहले से कह रहे थे कि बेवजह हमारा नाम घसीटा जा रहा है. नवीन जैसे अपराधी का इस्तेमाल कर बीजेपी ने साजिश रची. कांग्रेस ने अपने कॉरपोरेटर के जरिए इसको अमलीजामा पहनाया. अब चार्जशीट के बाद सब कुछ साफ हो गया है.'
इस हिंसा की जांच दो एजेंसियां कर रही हैं- एनआईए और कर्नाटक पुलिस की सेंट्रल क्राइम ब्रांच. फिलहाल एनआईए की चार्जशीट अभी आनी बाकी है लेकिन कर्नाटक में राजनीति शुरू हो गई है.
नई दिल्ली / शौर्यपथ / बिहार में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन में शामिल मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जद(यू) ने मंगलवार को पार्टी विरोधी कार्य करने वाले 15 नेताओं को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित करते हुये छह वर्ष के लिए दल से निष्कासित कर दिया. इससे पहले पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए भाजपा ने कई नेताओं को निष्कासित किया था. जनता दल (यू) के प्रदेश अध्यक्ष सह सांसद वशिष्ठ नारायण सिंह ने पार्टी विरोधी कार्य करने वाले 15 नेताओं को निष्कासित कर दिया है . जद(यू) ने पार्टी के जिन नेताओं को निलंबित और निष्कासित किया है उनमें डुमरंव के वर्तमान विधायक ददन सिंह यादव, पूर्व मंत्री रामेश्वर पासवान :सिकन्दरा: एवं भगवान सिंह कुशवाहा :जगदीशपुर:, पूर्व विधायक रणविजय सिंह एवं सुमित कुमार सिंह :चकाई:, पार्टी महिला प्रकोष्ठ की पूर्व प्रदेश अध्यक्ष कंचन कुमारी गुप्ता :मुंगेर:, अतिपिछड़ा वर्ग आयोग के पूर्व सदस्य प्रमोद सिंह चन्द्रवंशी :ओबरा:, युवा जद(यू) के पूर्व कोषाध्यक्ष अरूण कुमार :बेलागंज:, औरंगाबाद जिला जद(यू) के पूर्व संयोजक तजम्मुल खाँ :रफीगंज:, पार्टी के रोहतास पूर्व जिलाध्यक्ष अमरेश चौधरी :निर्दलीय प्रत्याशी, नोखा:, पार्टी के पूर्व जमुई जिलाध्यक्ष शिवशंकर चौधरी :सिकन्दरा, 2015 के बिहार विधानसभा चुनाव में पार्टी के पूर्व प्रत्याशी सिंधु पासवान :सिकन्दरा:, पार्टी कार्यकर्ता करतार सिंह यादव :डुमरॉँव:, बरबीघा विधानसभा क्षेत्र के पार्टी प्रभारी राकेश रंजन और पार्टी कार्यकर्ता मुंगेरी पासवान :चेनारी: के नाम शामिल हैं.
उल्लेखनीय है कि राजग उम्मीदवारों के खिलाफ बिहार विधानसभा चुनाव लड़ने पर जद(यू) की सहयोगी पार्टी भाजपा ने सोमवार को अपने नौ बागी नेताओं को पार्टी से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया था .
चेन्नई / शौर्यपथ / कांग्रेस को छोड़कर बुधवार को ही भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हुई पूर्व अभिनेत्री खुशबू सुंदर ने अपनी पूर्व पार्टी पर जमकर निशाना साधा है. खुशबू ने कहा, 'कांग्रेस को बुद्धिमान महिलाओं की जरूरत नहीं और पार्टी में सच बोलने की आजादी नहीं है.' कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता के तौर पर सक्रिय रही इस एक्ट्रेस ने आरोप लगाया था कि इस पार्टी में कुछ नेता उन पर अपनी शर्ते थोपने का प्रयास कर रहे थे. खुशबू के बीजेपी होने पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस ने कहा था कि उनके 'जाने' से अगले वर्ष तमिलनाडु में होने वाले विधानसभा चुनाव में कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा.
चेन्नई एयरपोर्ट पर पहुंचने के बाद खुशबू ने राज्य कांग्रेस के कुछ नेताओं के बयान का जिक्र करते हुए कांग्रेस को 'मानसिक रूप से मंदबुद्धि' करार दिया. बाद में बीजेपी ऑफिस से प्रेस से बातचीत में उन्होंने कहा, 'मैं कांग्रेस के प्रति वफादार थी लेकिन कांग्रेस ने मेरा अनादर किया...वे (कांग्रेस) बुद्धिमान महिला को नहीं चाहते. यह कहना कि वे मुझे केवल एक एक्ट्रेस के रूप में देखते हैं, कांग्रेस की ओछी मानसिकता को दर्शाता है.' खुद को 'पेरियारिस्ट' बताते हुए उन्होंने कहा, 'कोई पार्टी जो सच बोलने की आजादी नहीं देती, आखिरकार किस तरह अच्छी हो सकती है.'
खुशबू ने कहा कि द्रविड़ आंदोलन के संस्थापक, समाजसेवी पेरियार ईवी रामास्वामी ने भी महिलाओं के खिलाफ अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाई थी. कांग्रेस में रहते हुए बीजेपी की मुखर आलोचक रहीं खुशबू ने कहा, 'विपक्षी पार्टी का सदस्य होने के नाते मैंने बीजेपी का विरोध किया.' हालांकि वे यह कहने से भी नहीं चूकीं कि उनकी आलोचना केवल विरोध के लिए नहीं थी. उन्होंने कहा कि मैंने कुछ मुद्दों पर पीएम मोदी की प्रशंसा भी की थी. ऐसा ही एक मौका इस वर्ष अगस्त में आया था जब उन्होंने पीएम मोदी की नई शिक्षा नीति को सराहा था और अपने इन विचारों के लिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी से माफी मांगी थी.
सेहत / शौर्यपथ / लाल मिर्च सिर्फ आपके भोजन में तीखा स्वाद ही नहीं लाती बल्कि यह सेहत से जुड़ी कुछ आपातकालीन स्थितियों में भी बेहद प्रभावकारी है। लाल मिर्च के यह बेमिसाल फायदे, आपके कभी भी काम आ सकते हैं, जरूर जानिए -
1 लाल मिर्च का एक बड़ा फायदा यह है कि त्वचा पर कोई चोट, घाव या फिर अन्य कारण से खून का बहना नहीं रुक रहा हो, तो बस एक चुटकी लाल मिर्च लगाने से खून बहना बंद हो जाता है। लाल मिर्च के हीलिंग पावर के कारण ऐसा होता है। हालांकि ऐसा करने पर आपको जलन या तकलीफ हो सकती है, लेकिन बहते खून को रोकने के लिए यह एक अच्छा विकल्प है।
2 शरीर के अंदरुनी हिस्से में चोट, आघात या रक्त का बहाव होने पर लाल मिर्च का प्रयोग किया जा सकता है। जरा-सी लाल मिर्च को पानी में घोलकर पीने पर यह काफी फायदेमंद साबित होगा। गर्दन की अकड़न में भी यह फायदेमंद है।
3 मांसपेशियों में सूजन, किसी प्रकार की जलन, कमर या पीठ दर्द या फिर शरीर के किसी भी भाग में होने वाला दर्द लाल मिर्च के प्रयोग से ठीक किया जा सकता है। इसमें मौजूद विटामिन सी, फ्लेवेनॉइड्स, पोटेशियम और मैंगनीज लाभदायक है।
4 अगर आपकी नाक बंद हो गई है या फिर सर्दी के कारण नाक अधिक बह रही है, तो लाल मिर्च आपके लिए फायदेमंद हो सकती है। जरा सी लाल मिर्च पानी के साथ घोलकर पीने से आपकी बंद नाक खुल सकती है और बहती नाक भी बंद हो सकती है।
5 पिसी हुई लाल मिर्च का रक्तवाहियों में रक्त के थक्के बनने से रोकाता है और सेवन हार्ट अटैक की संभावना को कम करता है। इसके अलावा अवांछित तत्वों को बाहर निकालने के साथ ही आंतों की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाता है।
आस्था / शौर्यपथ /अधिकतर लोगों को यह प्रश्न कठिन या धार्मिक लग सकते हैं क्योंकि उन्होंने वेद, उपनिषद या गीता को नहीं पढ़ा है। उसमें शाश्वत प्रश्नों के शाश्वत उत्तर है।जैसे कोई पूछ सकता है कि जन्म किया है? हो सकता है कि आपके पास उत्तर हो कि किसी आत्मा का किसी शरीर में प्रवेश करना जन्म है, लेकिन यह सही उत्तर नहीं है।
आत्मा का भी सूक्ष्म शरीर होता है। इसीलिए कहते हैं कि आत्मा का सूक्ष्म शरीर को लेकर स्थूल शरीर से संबंध स्थापित हो जाना ही जन्म है। अब सवाल यह उठता है कि यह संबंध कैसे स्थापित होता है? दरअसल, प्राणों के द्वारा यह संबंध स्थापित होता है। सूक्ष्म शरीर और स्थूल शरीर के बीच प्राण प्राण सेतु की तरह या रस्सी के बंधन की तरह है। जन्म को जाति भी कहा जाता है। जैसे उदाहरणार्थ.: वनस्पति जाति, पशु जाति, पक्षी जाति और मनुष्य जाति। न्म को जाति कहते हैं। कर्मों के अनुसार जीवात्मा जिस शरीर को प्राप्त होता है वह उसकी जाति कहलाती है। शरीर को योगासनों से सेहतमंद बनाए रखा जा सकता है।
जन्म के बाद मृत्यु क्या है?
इसका उत्तर जन्म के उत्तर में ही छिपा हुआ है। दरअसल, सूक्ष्म शरीर और स्थूल शरीर के बीच जो प्राणों का संबंध स्थापित है उसका संबंध टूट जाना ही मृत्यु है। प्रश्न यह भी है कि प्राण क्या है? आपके भीतर जो वायु का आवागमन हो रहा है वह प्राण है। प्राण को प्राणायाम से सेहतमंद बनाए रखा जा सकता है। प्राण के निकल जाने से व्यक्ति को मृत घोषित किया जाता है। यदि प्राणायाम द्वारा प्राण को शुद्ध और दीर्घ किया जा सके तो व्यक्ति की आयु भी दीर्घ हो जाती है।
जिस तरह हमारे शरीर के बाहर कई तरह की वायु विचरण कर रही है उसी तरह हमारे शरीर में भी कई तरह की वायु विचरण कर रही है। वायु है तो ही प्राण है। अत: वायु को प्राण भी कहा जाता है। वैदिक ऋषि विज्ञान के अनुसार कुल 28 तरह के प्राण होते हैं। प्रत्येक लोक में 7-7 प्राण होते हैं। जिस तरह ब्राह्माण में कई लोकों की स्थिति है जैसे स्वर्ग लोक (सूर्य या आदित्य लोक), अंतरिक्ष लोक (चंद्र या वायु लोक), पृथिवि (अग्नि लोक) लोक आदि, उसी तरह शरीर में भी कई लोकों की स्थिति है।
मृत्यु के बाद पुनर्जन्म क्या है?
उपनिषदों के अनुसार एक क्षण के कई भाग कर दीजिए उससे भी कम समय में आत्मा एक शरीर छोड़ तुरंत दूसरे शरीर को धारण कर लेता है।
यह सबसे कम समयावधि है। सबसे ज्यादा समायावधि है 30 सेकंड। सूक्ष्म शरीर को धारण किए हुए आत्मा का स्थूल शरीर के साथ बार-बार संबंध टूटने और बनने को पुनर्जन्म कहते हैं।
कर्म और पुनर्जन्म एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। कर्मों के फल के भोग के लिए ही पुनर्जन्म होता है तथा पुनर्जन्म के कारण फिर नए कर्म संग्रहीत होते हैं। इस प्रकार पुनर्जन्म के दो उद्देश्य हैं- पहला, यह कि मनुष्य अपने जन्मों के कर्मों के फल का भोग करता है जिससे वह उनसे मुक्त हो जाता है। दूसरा, यह कि इन भोगों से अनुभव प्राप्त करके नए जीवन में इनके सुधार का उपाय करता है जिससे बार-बार जन्म लेकर जीवात्मा विकास की ओर निरंतर बढ़ती जाती है तथा अंत में अपने संपूर्ण कर्मों द्वारा जीवन का क्षय करके मुक्तावस्था को प्राप्त होती है।
सेहत / शौर्यपथ /दिनभर अगर काम करते-करते आप थकान महसूस करते हैं या पैर के पंजों में दर्द बना रहता है तो हम आपको बता रहे हैं कुछ आसान-सी 5 एक्सरसाइज जिन्हें अपनाकर आप दिनभर की थकान से छुटकारा पा सकते हैं। आइए जानते हैं-
टांगें सीधी करके बैठें और बाजू शरीर को सहारा देते हुए पीठ के पीछे रहेंगे। अंगुलियां पीछे की ओर खुली होंगी।
सामान्य श्वास लेते हुए पंजों को ऊपर की ओर करें और बारी-बारी से पंजों को अंदर की ओर मोड़ें व बाहर की ओर फैलाएं।
सामान्य श्वास लेते हुए पंजों को शरीर की तरफ लचीला व ढीला करें और फिर उनको बाहर की ओर फैलाएं, यह क्रिया आहिस्ता और सचेत रहते करें। जहां तक संभव हो, पैरों को दोनों दिशाओं में घुमाएं।
सामान्य श्वास लेते हुए दोनों पैरों के साथ 5 बार दाईं ओर से बाईं ओर तथा 5 बार बाईं ओर से दाईं ओर घुमाने की क्रिया करें।
बायां पैर मोड़ें और बाएं पैर को दाईं जांघ के ऊपर रखें। बाएं हाथ से बाईं टांग को टखने के ऊपर से पकड़ लें और बाएं पैर की अंगुलियों को दाएं हाथ से पकड़ लें। सामान्य श्वास लेते हुए टखने को दोनों दिशाओं में 5 बार घुमाएं। टांग बदल लें और इसी व्यायाम को दोहराएं।
खेल /शौर्यपथ / रॉयल चैलेंजर्स बेंगलोर के कप्तान विराट कोहली ने कोलकाता नाइटराइडर्स पर यहां मिली 82 रन की शानदार जीत का श्रेय एबी डिविलियर्स की 33 गेंद में 73 रन की ताबड़तोड़ पारी और गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन को दिया। ‘मैन ऑफ द मैच’ डिविलियर्स र्स ने इस पारी के दौरान पांच चौके और छह छक्के जड़े।
कोहली ने मैच के बाद कहा, यह बहुत मजबूत टीम के खिलाफ शानदार जीत है। अब हमारे लिए यह सप्ताह काफी व्यस्त होगा, इसकी शुरुआत अच्छी तरह करना अहम था। क्रिस मॉरिश के आने से गेंदबाजी इकाई अब ज्यादा घातक दिख रही है।
उन्होंने कहा, हम इस स्कोर से खुश थे। पिच सूखी थी और दिन अच्छा था तो हमने सोचा ओस नहीं होगी। लेकिन एक ‘सुपर ह्यूमन’ (डिविलियर्स) को छोड़कर हर बल्लेबाज को पिच पर परेशानी हुई। कोहली ने कहा कि टीम 165 रन के करीब स्कोर बनाने की सोच रही थी लेकिन, डिविलियर्स की बल्लेबाजी के कारण हम 195 रन का लक्ष्य दे सके। यह (डिविलियर्स की पारी) अविश्वसनीय थी। मुझे लगा कि मैंने कुछ ही गेंद खेली है और मैं भी शायद स्ट्राइक करना शुरू कर दूंगा।
उन्होंने कहा, लेकिन वे आए और तीसरी गेंद से ही रन जुटाना शुरू कर दिया और उन्होंने कहा कि उन्हें अच्छा लगा। मैंने कहा कि आप भले ही अन्य मैचों में कई लोगों को अच्छी पारियां खेलते देखोगे लेकिन एबी ही हैं जो ऐसा कर सकते हैं जो उन्होंने किया। यह लाजवाब पारी थी। मैं खुश था कि हम इतनी अच्छी साझेदारी (नाबाद 100) बना सके और मैं उनकी पारी को देखने के लिए सबसे अच्छी जगह पर था।
डिविलियर्स ने कहा, अपने प्रदर्शन से बहुत खुश हूं। मैं सिर्फ इतना ही कह सकता हूं। मैं पिछले मैच में शून्य पर आउट हो गया था, वह बहुत खराब अहसास था। मैं योगदान करके खुश हूं। ईमानदारी से कहूं तो मैं भी खुद से हैरान था। हम 140-150 की ओर बढ़ रहे थे और मुझे लगा 160-165 तक की कोशिश कर सकता हूं लेकिन 195 रन पर पहुंचकर हैरानी हुई।
कोलकाता नाइटराइडर्स के कप्तान दिनेश कार्तिक ने भी डिविलियर्स की तारीफों के पुल बांधते हुए कहा, एबी बेहतरीन खिलाड़ी हैं। उन्हें रोकना मुश्किल है। उन्होंने ही दोनों टीमों के बीच अंतर पैदा किया। हमने सब कुछ करने की कोशिश की। सिर्फ इनस्विंग होती यार्कर ही उन्हें रोक पा रही थी वरना सभी गेंद बाहर जा रही थीं।
खाना खजाना / शौर्यपथ / चावल की खीर
सामग्री :
2 लीटर गाढ़ा दूध, 50 ग्राम मावा, दो मुट्ठी बासमती चावल, पाव कटोरी मेवे की कतरन, चार बड़े चम्मच शक्कर, आधा चम्मच पिसी इलायची और 3-4 लच्छे केसर, चुटकी-भर मीठा पीला रंग।
विधि :
सबसे पहले खीर बनाने से एक-दो घंटे पूर्व चावल धोकर पानी में गला दें। अब दूध को मोटे तले वाले बर्तन में लेकर गरम करके 10-15 उबाल लेकर पका लें। अब चावल का पूरा पानी निथार कर दूध में डाल दें। बीच-बीच में चलाती रहें।
चावल पकने के बाद शक्कर डाल दें और शक्कर गलने तक दूध को लगातार चलाती रहें। बीच में छोड़े नहीं। अब मावे को किसनी से कद्दूकर कर लें और खीर में मिला दें। जब खीर अच्छी तरह गाढ़ी हो जाए तब उसमें मेवे की कतरन, इलायची डालें। एक अलग कटोरी में थोड़ा-सा गरम दूध लेकर केसर 5-10 मिनट के लिए उसमें गला दें। तत्पश्चात केसर घोंटें और उबलती खीर में डाल दें।
अगर खीर केसरिया रंग की ना दिख रही हो तो उसमें चुटकी-भर मीठा पीला रंग घोलकर डाल दें। अब तैयार हो रही खीर की 5-7 उबाली लेकर आंच बंद कर दें।
रसगुल्ले
सामग्री :
500 ग्राम छेना (कपड़े में बांधकर पानी निकाल दें), 1 चुटकी केसर, 1 चम्मच दूध, 350 ग्राम शक्कर, 5 कप पानी।
विधि :
सर्वप्रथम पानी निकले छेने को हथेली से खूब मसल लें। अब दूध में केसर को घिसकर छेने में मिलाएं और अच्छी तरह मिक्स कर लें। जब यह एकसार और चिकना हो जाए तो इसकी 14-15 गोली बनाएं।
अब एक बर्तन में शक्कर-पानी मिलाकर मध्यम आंच पर 5-10 मिनट उबालें। इसमें छेने की गोली डालें और आधा घंटा तक उबालें। इस दौरान उबलते पानी को चम्मच से रसगुल्लों पर डालती रहे ताकि चाशनी गाढ़ी न होने पाएं। रसगुल्ले जब चाशनी वाले पानी में पूरी तरह ऊपर आ जाए तब आंच बंद कर दें। ठंडे होने पर फ्रिज में रखें। बाउल में सजाएं और पेश करें।
पूरनपोली
सामग्री :
200 ग्राम चने की दाल, 300 ग्राम आटा, 300 ग्राम शकर, 300 ग्राम शुद्ध घी, 6-7 पिसी हुई इलायची, 2 ग्राम जायफल, 8-10 केसर के लच्छे।
विधि : > > सबसे पहले एक प्रेशर कुकर में चने की दाल को अच्छी तरह से धोकर, दाल से डबल पानी लेकर कम आंच पर 30 से 35 मिनट पकने दें। 2-3 सीटी लेने के बाद गैस बंद कर दें।
कुकर ठंडा होने के बाद चना दाल को स्टील की छन्नी में निकाल लें ताकि उसका सारा पानी निकल जाए। दाल जब ठंडी हो जाए, तब उसमें 300 ग्राम शकर में से 150 ग्राम शकर मिलाकर मिक्सी में पीस लें। पीसी हुई दाल के मिश्रण को एक कड़ाही में निकालकर उसमें बची हुई 150 ग्राम शकर भी मिला दें। इस प्रकार पूरी 300 ग्राम शकर भी मिला दें।
अब इस मिश्रण को कम आंच पर औटाएं यानी तब तक पकाएं, जब तक पूरन की गोली न बनने लगे। जब पूरन बन जाए तब आंच से उतार लें और ठंडा करें। ऊपर से जायफल, इलायची, केसर डालकर मिश्रण के आवश्यकतानुसार 10-12 गोले बना लें।
पूरनपोली बनाने के लिए : एक थाली में मैदे की छन्नी से छना आटा लें। उसमें 1 बड़ा चम्मच शुद्ध घी का मोयन डालकर रोटी के आटे जैसा गूंथ लें। इसकी छोटी-छोटी लोइयां बनाकर 1-1 लोई में 1-1 पूरन का गोला रखकर आटा लगाकर मोटी रोटी की तरह बेल लें।
अब गरम तवे पर धीमी आंच पर शुद्ध घी लगाकर दोनों तरफ गुलाबी सेंक लें। इस प्रकार सभी पूरन पोली बना लें। पूरन पोली अब अच्छी ज्यादा मात्रा में घी लगाकर कढ़ी या आमटी के साथ परोसें।
मालपुए
सामग्री :
5 बड़े चम्मच मैदा, 5 बड़े चम्मच मिल्क पावडर, 4 चम्मच रवा, 5 हरी इलायची, 250 ग्राम चीनी, 2 कप दूध, तलने के लिए घी।
विधि :
सर्वप्रथम चीनी के अलावा बाकी सारी सामग्री को दूध के साथ मिलाकर गाढ़ा घोल बना लें। इसे 3-4 घंटे तक रखे रहें। एक कड़ाही में घी गर्म करके एक बड़ा चम्मच घोल डालकर मंदी आंच पर बादामी रंग होने तक तलें।
चीनी की चाशनी बना लें और तला हुआ मालपुआ चाशनी में डाल दें। इस तरह से सभी मालपुए तलकर चाशनी में डालते जाएं। ऊपर से सूखे मेवे व वर्क की कतरन डालकर शाही मालपुए सर्व करें।
मेवे की शाही खीर
सामग्री :
एक लीटर दूध, दो कटोरी मखाने, चार चम्मच शकर, दो चम्मच घी, बादाम-काजू की कतरन, किशमिश, पाव कटोरी बूरा (सूखा नारियल का), इलायची पावडर आधा चम्मच और 5-6 केसर के लच्छे, दूध में भिगोएं हुए।
विधि :
सबसे पहले एक कड़ाही में घी गरम करके मखानों को भून लें। तत्पश्चात भूनें मखानों को प्लेट में निकाल कर ठंडे होने दें, फिर उसे कूट लें।
अब दूध को उबलने दें, जब दूध उबल जाए तो उसमें कूटे मखाने डालकर पकाएं और शकर डाल दें। इसे गाढ़ा होने तक पकाएं। अब इसमें काजू-बादाम की कतरन, नारियल का बूरा, किशमिश, इलायची और केसर को घोंट कर डालें और डालकर सर्व करें।
रसमलाई
सामग्री :
कवर के लिए आटा 250 ग्राम, घी 1 बड़ा चम्मच, पिसी शक्कर 50 ग्राम, इलायची पावडर 1 छोटा चम्मच। भरावन के लिए : बारीक कटी मेवा 1 छोटी कटोरी। रबड़ी के लिए : फूल क्रीम दूध 2 लीटर, शक्कर 2 टेबल स्पून, केसर के धागे 3, सजाने के लिए पिस्ता कतरन 1 चम्मच, बादाम 8-10।
विधि :
सबसे पहले आटे को घी में गुलाबी भूनकर शक्कर और 1 गिलास पानी डालकर गाढ़ा हलवा तैयार करें। दूध को शक्कर और केसर के धागे डालकर आधा रहने तक उबालें। इसे ठंडा होने दें। एक बड़ा चम्मच हलवा लेकर हथेली पर फैलाएं और इसके अंदर एक चम्मच मेवा रखकर चारों ओर से बंद करके हाथ से हल्का-सा चपटा करें।
गरम तवे पर एक चम्मच घी लगाकर दोनों ओर सुनहरा होने तक सेकें। इन्हें गरम-गरम ही तैयार रबड़ी में डालें। ऊपर से मेवे की कतरन से सजाकर पेश करें।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
