August 05, 2026
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    शौर्यपथ

    शौर्यपथ

    राजनांदगांव / शौर्यपथ / सिविल हॉस्पिटल खैरागढ़ में डॉक्टर की टीम ने विचारपुर नवागांव निवासी कोरोना पॉजिटिव महिला का प्रसव सफलतापूर्वक कराया। बीएमओ सिविल हॉस्पिटल डॉ. विवेक ने बताया कि जच्चा एवं बच्चा दोनों स्वस्थ है। डॉक्टर की पूरी टीम ने अपना फर्ज निभाते हुए कठिन एवं चुनौतीपूर्ण कार्य को सफलतापूर्वक पूरा किया। डॉक्टर की टीम में सिविल अस्पताल खैरागढ़ में चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रीति वैष्णव, स्टाफ नर्स पूर्णिमा ठाकुर और स्टाफ नर्स धनेश्वरी कुम्हार शामिल रहे। बच्चे के टीकाकरण का कार्य स्टाफ नर्स मंजु कामड़े और स्टाफ नर्स निशा कपूर के द्वारा किया गया।

    बालोद / शौर्यपथ / कलेक्टर एंव जिला दण्डाधिकारी जनमेजय महोबे ने आदेश जारी कर कहा है कि नोवल कोरोना वायरस संक्रमण के नियंत्रण एवं रोकथाम को दृष्टिगत रखते हुए तथा वर्तमान में लगातार कोरोना पॉजिटिव प्रकरण पाए जाने के कारण कार्यालय के द्वारा 22 सितम्बर 2020 को नवरात्र पर्व के अवसर पर देवी मूर्ति की स्थापना एवं विसर्जन के संबंध में निर्देश प्रसारित किए गए थे। नवरात्र पर्व पर देवी मंदिरों में लगने वाली भीड़ एवं जिले के विभिन्न स्थानों में इस अवसर पर आयोजित होने वाले मेला आदि से कोरोना वायरस के संक्रमण के व्यापक संभाव्य को देखते हुए निम्नानुसार आदेश दिया गया है:- क्ॅवार नवरात्र 2020 के दौरान बालोद जिले अंतर्गत किसी भी धार्मिक एवं अन्य स्थलों पर मेला आदि के आयोजन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। मंदिर परिक्षेत्र में दर्शनार्थियों का प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। मंदिर प्रांगण के भीतर नियत स्थान पर ज्योत का प्रज्वलन मंदिर प्रबंधन द्वारा किया जा सकता है।
    ज्योत प्रज्वलन की जिम्मेदारी केवल मंदिर समिति प्रबंधन की होगी। श्रद्धालु ज्योत जलवा सकेंगे, लेकिन ज्योत दर्शन हेतु दर्शनार्थियों एवं अन्य व्यक्तियों का प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। धार्मिक स्थलों के आसपास किसी भी प्रकार के दुकान/ठेला-आदि /व्यवसाय संचालन की अनुमति नहीं होगी। मंदिरों में पुजारी एवं मंदिर संचालक समिति पूजा-पाठ कर सकेंगे। नवरात्र पर्व के दौरान प्रसाद वितरण भोज, भण्डारा, जगराता अथवा सांस्कृतिक कार्यक्रम की अनुमति नहीं होगी। किसी भी प्रकार के वाद्य यंत्र, ध्वनि विस्तार यंत्र, डीजे बजाने की अनुमति नहीं होगी। यथासंभव लोगों को घरों में रहकर नवरात्र पर्व के दौरान पूजा-पाठ के लिए प्रोत्साहित किए जाए। यह निर्देश तत्काल प्रभावशील होगा और कोविड-19 के रोकथाम एवं नियंत्रण हेतु भारत सरकार एवं राज्य शासन द्वारा जारी समस्त दिशा-निर्देशों का पालन अनिवार्य रूप से करना होगा और निर्देशों का उल्लंघन करना पाया जाता है तो जिम्मेदारी मंदिर प्रबंधन समिति की होगी तथा उल्लंघन करने वाले के विरूद्ध भारतीय दण्ड संहिता 1860 की धारा 188 तथा एपीडेमिक डिसीज एक्ट एवं अन्य सुसंगत विधि के अनुसार कार्यवाही की जाएगी। यह आदेश तत्काल प्रभावशील होगा।

    रायपुर / शौर्यपथ / वनांचल के आदिवासी किसानों के लिए रेशम कीट पालन अतिरिक्त आय का जरिया बन गया है। जशपुर जिले के फरसाबहार विकासखण्ड के ग्राम जोरण्डाझरिया के लगभग 10-12 श्रमिकों ने टसर ककून का उत्पादन से रोजगार के संबंध में अपनी रुचि दिखाई। इनकी रुचि और इच्छाशक्ति को देखते हुए रेशम विभाग ने इनका एक समूह बनाया और इन्हें कुशल कीटपालन का प्रशिक्षण दिया गया। इस समूह को कृमिपालन के लिए टसर कीट के रोगमुक्त अण्डे भी निःशुल्क दिए गए। इस समूह के द्वारा वर्ष 2016-17 में पहली बार एक लाख 38 हजार 926 टसर कोकून का उत्पादन किया गया और उससे एक लाख 10 हजार 214 रुपये की आय अर्जित की गई। पहले महात्मा गांधी नरेगा से मजदूरी और उसके बाद कोसाफल उत्पादन के रुप में सहायक रोजगार ने समूह के सदस्यों को इस कार्य में उत्साही बना दिया है। समूह ने वर्ष 2016-17 से 2019-20 तक कुल 2 लाख 75 हजार 454 कोसाफलों का उत्पादन कर दो लाख 88 हजार रुपयों की आमदनी प्राप्त की है। यह आय उन्हें मजदूरी के रुप में विभाग के द्वारा स्थापित ककून बैंक के माध्यम से प्राप्त हुई।
    जशपुर जिला मुख्यालय से 125 किलोमीटर दूर फरसाबहार विकासखण्ड में ग्राम जोरण्डाझरिया में अर्जुन पौधा रोपण और संधारण कार्य में लगभग 161 लोगों को 7 हजार 143 मानव दिवस का रोजगार मिला है। मनरेगा के माध्यम से कराए जा रहे इन कार्यों में 9 लाख 68 हजार रूपए का मजदूरी भुगतान किया गया है। जोरण्डाझरिया में रेशम विभाग द्वारा 59 हेक्टेयर क्षेत्र में लगभग दो लाख 61 हजार अर्जुन के पौधे लगाए गए हैं। जो अब हरे-भरे पेड़ के रूप में हरियाली बिखेर रहे हैं। जोरण्डाझरिया गाँव में हुए इस टसर पौधरोपण ने हरियाली से विकास की एक नई दास्तां लिख दी है। इसके साथ ही गाँव का 59 हेक्टेयर क्षेत्र संरक्षित होकर अब दूर से ही हरा-भरा नजर आता है। इस गाँव में टसर खाद्य पौधरोपण एवं कोसाफल उत्पादन से आदिवासी परिवारों को रोजगार देने का काम हो रहा है। करीब एक दशक पहले इस गाँव में रेशम विभाग ने विभागीय मद से 50 हेक्टेयर क्षेत्र में 2 लाख 5 हजार अर्जुन पौधे टसर खाद्य पौधरोपण के अंतर्गत रोपे थे।

    रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा व्यवहार न्यायाधीश (मुख्य) परीक्षा 2019 के लिखित परीक्षा परिणाम घोषित कर दिए गए हैं। लिखित परीक्षा परिणाम आयोग की वेबसाइट www.psc.cg.gov.in पर अपलोड कर दिए गए हैं।
    छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के परीक्षा नियंत्रक से प्राप्त जानकारी के अनुसार विधि एवं विधायी कार्य विभाग के अंतर्गत व्यवहार न्यायाधीश (प्रवेश स्तर) के 39 पद विज्ञापित किए गए थे। व्यवहार न्यायाधीश (प्रवेश स्तर) परीक्षा 2019 का आयोजन 7 मई 2019 को किया गया। परीक्षा के परिणाम के आधार पर आयोग द्वारा कुल 427 अभ्यर्थियों का व्यवहार न्यायाधीश (मुख्य) परीक्षा 2019 के लिए प्रावधिक आधार पर चिन्हांकन किया गया था।
    आयोग द्वारा 21 सितंबर 2020 को व्यवहार न्यायाधीश (मुख्य) परीक्षा 2020 का आयोजन किया गया। इस परीक्षा के विज्ञापित पदों का तीन गुणा अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए चिन्हांकन किया जाना था, परंतु वर्गवार/उप वर्गवार चिन्हांकित अंतिम अभ्यर्थी के समान प्राप्त अंकों की पुनरावृत्ति होने के कारण कुल 127 अभ्यर्थी साक्षात्कार हेतु चिन्हांकित हुए हैं। व्यवहार न्यायाधीश परीक्षा 2019 के लिए साक्षात्कार की तिथि पृथक से घोषित की जाएगी।

    कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे की अध्यक्षा में गोधन न्याय योजना की समीक्षा
    गोधन न्याय योजना के तहत अब तक हितग्राहियों को लगभग 30 करोड़ रूपए का हो चुका है भुगतान

    रायपुर / शौर्यपथ / कृषि और पशुपालन मंत्री रविन्द्र चौबे की अध्यक्षता में आज गोधन न्याय योजना के तहत गौठान समितियों के माध्यम से खरीदे गए गोबर से जैविक खाद निर्माण सहित उसकी बहुउपयोगिता पर मंथन किया गया। बैठक में जैविक खाद निर्माण की स्थिति, पैकेजिंग और मार्केटिंग पर विस्तार से चर्चा की गई। गोबर और बायोमास से बायो सीएनजी तैयार करने पर विचार-विमर्श किया गया। श्री चौबे ने छोटी-छोटी परियोजना तैयार कर गोबर को लाभकारी बनाने पर जोर दिया।
    मंत्री ने बताया कि 20 जुलाई हरेली पर्व से प्रारंभ हुई गोधन न्याय योजना के अंतर्गत अब तक गौपालकों एवं गोबर विक्रेताओं से प्रदेश के 3247 से अधिक गौठानों में गौठान समितियों के माध्यम से शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों से पशुपालकों और गोबर संग्राहको से लागभग 30 करोड रूपए का गोबर खरीदा जा चुका है। श्री चौबे ने कहा कि गोधन न्याय योजना से जिस प्रकार पशुपालकों और गरीब ग्रामीण गोबर विक्रेताओ को मिल रहा है, इसे और व्यापक बनाते हुए खरीदे गए गोबर से जैविक खाद निर्माण सहित मल्टी उत्पाद और बहुउपयोगी बनाकर ग्रामीणों और महिलाओं को स्वरोजगार उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने सहकारिता विभाग के जरिए किसानों को आसानी से जैविक खाद उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया।
    बैठक में मंत्री चौबे ने बताया कि गौठानों में तैयार की गई वर्मी कम्पोस्ट ‘गोधन वर्मी कम्पोस्ट‘ के नाम से लॉन्च किया गया है इसका प्रचार-प्रसार किया जाए। उन्होंने योजना से अधिक से अधिक महिलाओं को रोजगार मुहैया कराने के लिए वर्मी कम्पोस्ट के पैकेजिंग का कार्य महिला स्व-सहायता समूहों को सौंपें जाने के निर्देश अधिकारियों को दिए। गोेबर से मल्टी उत्पाद तैयार करने के लिए शहरी महिलाओं की तरह ग्रामीण क्षेत्रों के महिला समूहों को भी आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराने पर बल दिया। उन्होंने नियमित रूप से गौठानों में निरीक्षण कर जैविक खाद निर्माण पैंकेजिंग और मार्केंटिंग पर विशेष ध्यान देने तथा योजनाबद्ध तरीके से काम करने के भी निर्देश दिए।
    उन्होंने कहा कि इस योजना को और अधिक लाभकारी कैसे बनाए जाए इस दिशा में क्या-क्या किया जा सकता है इस पर भी विचार किया जाए। उन्होंने कहा कि इस योजना के जरिए राज्य में 700 से 800 करोड़ रूपए की वर्मी कम्पोस्ट खाद का कारोबार महिला समूहों एवं सोसायटियों के माध्यम से होगा। इससे ग्रामीणों को रोजगार और सोसायटियों को संबल मिलेगा।
    बैठक में मुख्यमंत्री के सलाहकार प्रदीप शर्मा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के प्रमुख सचिव गौरव द्विवेदी, कृषि विभाग की सचिव डॉ. एम. गीता, नगरीय प्रशासन विभाग की सचिव श्रीमती अलरमेलमंगई डी., सहकारिता सचिव एवं प्रबंध संचालक मण्डी बोर्ड हिमशिखर गुप्ता, संचालक कृषि नीलेश क्षीरसागर, दाउ वासुदेव चन्द्राकर कामधेनु विश्वविद्यायलय के कुलपति डॉ. एन.पी. दक्षिणकर और इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एस. के. पाटिल, उद्योग विभाग के अपर संचालक प्रवीण शुक्ला, छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल अथॉरिटी के अधिकारी सहित संबंधित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

    रायपुर / शौर्यपथ / राज्य के कोरिया जिले के एनआरएलएम बिहान के अंतर्गत स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा आगामी पर्वों को ध्यान में रख गोबर से आकर्षक दीये बनाये जा रहे हैं। रंग-बिरंगे ये दीये सुंदर एवं किफायती एव मन मोह लेने वाले हैं। समूह द्वारा नवीन तकनीक के माध्यम से बनाये गये इन दीये आय का एक अतिरिक्त साधन प्रदान कर रहे हैै।
    दीया निर्माण के इस कार्य में कोरिया जिले के सोनहत विकासखण्ड की सरस्वती महिला समूह, तथा बैकुण्ठपुर विकासखण्ड की उन्नती महिला संकुल संगठन ने गोबर का सदुपयोग एक रोचक एवं मनमोहक कलाकृति बनाने के लिए किया है। ये समूह अपने नोडल अधिकारियों के मार्गदर्शन में गोबर से सुंदर-सुंदर दीये बना रहीं है।
    क्रय करने के इच्छुक इन समूहों से दीये खरीदने के लिए जिला नोडल अधिकारी से मोबाइल नंबर 9340932924 अथवा सोनहत विकासखण्ड की सरस्वती महिला समूह की नोडल अधिकारी सुश्री शिल्पी रानी भट्टाचार्य मोबाइल नंबर 6260281126 तथा बैकुण्ठपुर विकासखण्ड की उन्नती महिला संकुल संगठन की नोडल अधिकारी सुश्री कल्पना देवांगन मोबाइल नंबर 9755824288 से संपर्क कर सकते हैं।

    रायपुर / शौर्यपथ / कोरोना संक्रमण से बचने के लिए मास्क लगाना जरूरी है, यह बात कुछ समझदार लोग जान गए हैं। लेकिन जो समझ कर भी नही समझ रहें , उनके लिए अब एक ही उपाय है कि उन्हे याद दिलाया जाए, घर के लोगों द्वारा ,परिजनों द्वारा, बच्चों द्वारा ,अजनबियों द्वारा। यह याद दिलाना टोकने जैसा होना चाहिए ताकि व्यक्ति को अपनी गलती समझ में आए और वह मास्क लगाने की आदत डाल लें, मजबूरी में ही सही। चिकित्सक भी लगातार यही कह रहंे कि मास्क ही फिलहाल वैक्सीन का काम करेगा और कर भी रहा है।
    मेकाहारा के कम्यूनिटी मेडीसीन विभाग ने इस संबंध में रायपुर शहर में सर्वे कराया कि आखिर लोग मास्क क्यूं नही पहनते हंै। सर्वे के अनुसार 32 प्रतिशत व्यक्ति कहते हैं कि वे गरीब है और मास्क खरीद नही सकते। जबकि वैज्ञानिक यह कहते हैं कि कपड़े के मास्क भी असरदार होते हैं। कुछ प्रतिशत व्यक्ति यह भी कहते हुए पाए गए कि मास्क से बीमारी नही रूकती, कुछ ने कहा कि गुटखा खाने के बाद थूकने में दिक्कत होती है, कुछ ने कहा संास लेने मे कठिनाई आदि- आदि । जितने मुंह ,उतनी बातें।
    लेकिन अभी सबसे जरूरी यह बात याद रखना है कि मास्क ही फिलहाल हमारा हथियार है ,कोरोना से जंग में और यह जंग जीतनी ही होगी हमें ।

    रायपुर / शौर्यपथ /  वन मंत्री मोहम्मद अकबर ने मल्टी यूटीलिटी सेन्टर राजानावगांव के लोकार्पण में गौरी कृपा महिला स्व-सहायता समूह की महिलाओं को प्रिटिंग प्रेस स्थापित करने पांच लाख रुपये का चेक देकर शुभकानाएं दी। उन्होंने महिलाओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि भोरमदेव आजीविका केन्द्र के द्वारा ग्रामीण महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर होंगी तथा अपने कार्यों से नई पहचान बनयेगी।

    रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए रायपुर जिले के अंतर्गत आदर्श ग्राम टेमरी में लगभग 70 लाख रूपए की राशि से नवनिर्मित बिहान कैफैटोरिया और बिहान बाजार परिसर तथा ग्राम सेरीखेड़ी में कल्पतरू मल्टीयूटिलिटी सेंटर का ई-लोकार्पण किया। उन्होंने यहां अपने निवास कार्यालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इनका शुभारंभ करते हुए कहा कि ये केन्द्र महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने सहित आत्मसम्मान के साथ जीवन-यापन के अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण साबित होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री टी.एस.सिंहदेव ने की।
    मुख्यमंत्री बघेल ने इस अवसर पर सम्बोधित करते हुए कहा कि समाज की आधी आबादी महिलाओं के उत्थान से ही समाज का समन्वित विकास होगा। इसे ध्यान में रखते हुए हमारी सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ में महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराने सहित आत्मनिर्भर बनाने के लिए हरसंभव पहल की जा रही है। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि महिलाओं को सक्षम बनाने के उन्हें विभिन्न गतिविधियों और उद्यमों से लगातार जोड़ा जा रहा है। आज टेमरी तथा सेरीखेड़ी में महिलाओं को उद्यमों से जोड़ने के लिए दो केन्द्र खोले गए हैं। ऐसे ही केन्द्रों को अधिक से अधिक संख्या में खोलकर इसका विस्तार राज्य के गांव-गांव तक किया जाएगा, जिससे हर गांव में महिलाएं व्यावसायिक गतिविधियों से जुड़कर आर्थिक रूप से सक्षम बन सकें। मुख्यमंत्री बघेल ने इस दौरान ग्राम टेमरी तथा सेरीखेड़ी के केन्द्रों की महिलाओं से बातचीत भी की और उन्हें सक्षम बन आत्मसम्मान के साथ जीवन-यापन करने के लिए प्रोत्साहित किया।


    कार्यक्रम में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री टी.एस..सिंहदेव ने संबोधित करते हुए कहा कि ग्राम टेमरी तथा सेरीखेड़ी में संचालित गतिविधियों की सराहना की और इसे महिलाओं की आमदनी बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण बताया। इस दौरान विधायक श्री सत्यनारायण शर्मा, विधायक श्री अनिता शर्मा तथा जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती डोमेश्वरी वर्मा ने भी संबोधित किया। उल्लेखनीय है कि बिहान आदर्श ग्राम टेमरी में बिहान कैफेटोरिया का संचालन जागृति महिला स्व-सहायता समूह द्वारा किया जाएगा। इसके साथ-साथ बिहान बजार में बिहान फ्रेश दुकान में गौठान से आने वाले ताजे फलों एवं सब्जियों के विक्रय की व्यवस्था की जा रही है। इससे गौठानों के उत्पादों के विक्रय से जहां अन्य ग्रामों की महिलाओं को लाभ मिलेगा वहीं टेमरी के महिला समूह की महिलाओं को भी इससे फायदा होगा।
    इसी तरह कल्पतरू मल्टीयूटीलिटी सेंटर सेरीखेड़ी से महिलाओं को विभिन्न व्यावसायिक गतिविधियों के संचालन की सुविधा होगी। इस सेंटर में कार्य करने वाली गरीब तथा जरूरतमंद महिलाओं को 60 लाख रूपये से अधिक राशि का भुगतान किया जा चुका है। पिछले 11 माह में मल्टीयूटीलिटी सेंटर का टर्नओव्हर दो करोड़ रूपए का रहा है। इसमें महिलाओं द्वारा अगरबत्ती, मोमबत्ती, साबुन, पेंसिल, चप्पल, सेनेटाइजर, मास्क, एलईडी बल्ब, मशरूम, गोबर गमला, सीमेंट पोल, बेकरी, हर्बल टी. नर्सरी तथा अन्य आय अर्जन गतिविधियों का सुचारू संचालन किया जा रहा है। बढ़ती मांग के कारण इस सेंटर के ‘‘बिहरा’’ ब्रांड के मास्क एवं अन्य उत्पाद की अपनी अलग पहचान है।

    नई दिल्ली / शौर्यपथ / दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने प्रदूषण के मामले में केंद्र सरकार पर निशाना साधा है. उन्‍होंने कहा है कि प्रदूषण को लेकर केंद्र सरकार की निष्क्रियता का नुकसान पूरे उत्तर भारत को हो रहा है. सिसोदिया ने कहा कि मैं एनवायर्नमेंट पॉल्‍युशन प्रिवेंशन एंड कंट्रोल अथॉरिटी से भी अपील करना चाहता हूं कि वो भी इस बात को देखें.उन्‍होंने सवाल किया कि क्या EPCA जैसी संस्था भी केंद्र और राज्य सरकारों से काम करवाने में भी फेल रही है?
    उप मुख्‍यमंत्री सिसोदिया ने कहा कि प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिये दिल्ली सरकार कई प्रयास कर रही है. आखिरी के तीन महीने होते हैं तब सबकी चिंता बढ़ती है. उन्‍होंने कहा कि दिल्ली सरकार लगातार काम कर रही है कि दिल्ली के प्रदूषण को कैसे कम किया जाए. प्रदूषण और पराली सिर्फ दिल्ली की समस्या नहीं है ये पूरे उत्तर भारत की समस्या है. अफसोस की बात है कि केंद्र सरकार ने पूरे साल इस समस्या को लेकर कोई काम नहीं किया और हाथ पर हाथ धरे बैठी रही. केंद्र सरकार की इस निष्क्रियता का नुकसान पूरे देश को प्रभावित कर रहा है. जहां पराली जल रही है उस जगह जो किसान रह रहा है उसे भी दिक्कत का सामना करना पड़ता है.

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